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		<title>सिंगल यूज प्लास्टिक पर बैन के बावजूद धड़ल्ले से जारी है उपयोग, मंत्री ने दिया सख्ती का निर्देश</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 10 Apr 2026 13:27:06 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[CITY/OFFICE]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[bihar news]]></category>
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					<description><![CDATA[अरण्य भवन में हुई महत्वपूर्ण बैठक सिंगल यूज प्लास्टिक के प्रबंधन पर चर्चा पटना।। बिहार में सिंगल यूज प्लास्टिक पर पूरी तरह प्रतिबंध है. यह प्रतिबंध लंबे समय से लागू है लेकिन शायद ही ऐसा कोई दिन हो जब पटना समेत पूरे बिहार में इसका धड़ल्ले से उपयोग ना हो रहा हो. यहां तक की प्रशासन और नगर निगम की नाक के नीचे दुकानदार और आम लोग इसका जमकर उपयोग कर रहे हैं. शहर की नालियों में प्लास्टिक के जमा होने से आज भी नालियां ब्लॉक हो रही हैं. लेकिन सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध अब तक लागू नहीं हो पाया है. कभी-कभी सरकार और प्रशासन की ओर से अभियान चलाकर छापेमारी करके खानापूर्ति कर ली जाती है लेकिन इस पर पूरी तरह कंट्रोल अभी सरकार का नहीं हो पाया है और ही वजह है कि इन मुद्दों पर चर्चा के लिए आज पटना के अरण्भय भवन में वन पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के साथ कई दलों के विधानसभा और विधान परिषद सदस्य जुटे और इस पर प्रभावित नियंत्रण के लिए चर्चा की. बैठक में बिहार विधान सभा के सदस्यगण- नचिकेता, छोटी कुमारी एवं बिहार विधान परिषद् के सदस्यगण डाॅ समीर कुमार सिंह एवं सर्वेश कुमार उपस्थित थे.बैठक में पर्यावरण मंत्री प्रमोद कुमार और बिहार विधानमंडल के सदस्यगण, अपर मुख्य सचिव, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, बिहार सरकार एवं अन्य प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद् के अध्यक्ष डाॅ डी.के.शुक्ला ने कहा कि पर्यावरण, मानव स्वास्थ्य एवं सभी जीव-जन्तुओं के हित में प्लास्टिक अपशिष्टों [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>अरण्य भवन में हुई महत्वपूर्ण बैठक </strong></p>



<p><strong>सिंगल यूज प्लास्टिक के प्रबंधन पर चर्चा </strong></p>



<p><br>पटना।। बिहार में सिंगल यूज प्लास्टिक पर पूरी तरह प्रतिबंध है. यह प्रतिबंध लंबे समय से लागू है लेकिन शायद ही ऐसा कोई दिन हो जब पटना समेत पूरे बिहार में इसका धड़ल्ले से उपयोग ना हो रहा हो. यहां तक की प्रशासन और नगर निगम की नाक के नीचे दुकानदार और आम लोग इसका जमकर उपयोग कर रहे हैं. </p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="640" height="360" src="https://www.patnanow.com/assets/2021/12/plastic-ban_pnc.jpg" alt="" class="wp-image-57779" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2021/12/plastic-ban_pnc.jpg 640w, https://www.patnanow.com/assets/2021/12/plastic-ban_pnc-350x197.jpg 350w" sizes="(max-width: 640px) 100vw, 640px" /></figure>



<p>शहर की नालियों में प्लास्टिक के जमा होने से आज भी नालियां ब्लॉक हो रही हैं. लेकिन सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध अब तक लागू नहीं हो पाया है. कभी-कभी सरकार और प्रशासन की ओर से अभियान चलाकर छापेमारी करके खानापूर्ति कर ली जाती है लेकिन इस पर पूरी तरह कंट्रोल अभी सरकार का नहीं हो पाया है और ही वजह है कि इन मुद्दों पर चर्चा के लिए आज पटना के अरण्भय भवन में वन पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के साथ कई दलों के विधानसभा और विधान परिषद सदस्य जुटे और इस पर प्रभावित नियंत्रण के लिए चर्चा की.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="1024" height="768" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/04/1000849477-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-96191" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/04/1000849477-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/04/1000849477-650x488.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/04/1000849477-1536x1152.jpg 1536w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>बैठक में बिहार विधान सभा के सदस्यगण- नचिकेता, छोटी कुमारी एवं बिहार विधान परिषद् के सदस्यगण डाॅ समीर कुमार सिंह एवं सर्वेश कुमार उपस्थित थे.<br>बैठक में पर्यावरण मंत्री प्रमोद कुमार और बिहार विधानमंडल के सदस्यगण, अपर मुख्य सचिव, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, बिहार सरकार एवं अन्य प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद् के अध्यक्ष डाॅ डी.के.शुक्ला ने कहा कि पर्यावरण, मानव स्वास्थ्य एवं सभी जीव-जन्तुओं के हित में प्लास्टिक अपशिष्टों का समुचित प्रबंधन अति आवश्यक है. इस संबंध में उन्होंने प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली के प्रावधानों की चर्चा की तथा चिन्हित एकल उपयोग प्लास्टिक उत्पादों के उपयोग पर लगाये गये प्रतिबंध के प्रभावी रोकथाम पर बल दिया. उन्होंने बताया कि राज्य में किसी भी मुटाई और आकार के प्लास्टिक कैरी बैग का विनिर्माण, क्रय-विक्रय एवं उपयोग प्रतिबंधित है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="792" height="512" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/04/1000849498.jpg" alt="" class="wp-image-96193" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/04/1000849498.jpg 792w, https://www.patnanow.com/assets/2026/04/1000849498-650x420.jpg 650w" sizes="(max-width: 792px) 100vw, 792px" /></figure>



<p>कार्यक्रम के प्रारंभ में पर्षद् के सदस्य-सचिव नीरज नारायण, भा.व.से. द्वारा पावर प्वाइंट प्रस्तुतीकरण के माध्यम से प्रतिबंधित एकल उपयोग प्लास्टिक से संबंधित नियमावली एवं राज्य में इस दिशा में उठाए गए उत्कृष्ट पहल से अवगत कराया गया. मंत्री, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन, बिहार डाॅ. प्रमोद कुमार ने पर्यावरण एवं मानव स्वास्थ्य के हित में राज्य में चिन्हित उत्पादों पर लगाए गए प्रतिबंध का सख्ती से पालन किए जाने का निदेश दिया. उन्होंने एकल उपयोग वाले प्लास्टिक के वैकल्पिक उत्पादों के उपयोग का आमजनों को बीच प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर बल दिया एवं इस हेतु सभी हितधारकों के सहयोग की अपेक्षा की. उन्होंने आमजनों के बीच इस विषय पर व्यापक जन-जागरूकता अभियान शुरू करने एवं इस अभियान में जन-सहभागिता सुनिश्चित करने की आवश्यकता बताई. उन्होंने कहा कि आज राज्य के शहरों के अतिरिक्त ग्रामीण क्षेत्रों में भी प्लास्टिक के उपयोग में वृद्वि हुई है, इस लिए इन क्षेत्रों में भी जन-जागरूकता के साथ प्लास्टिक अपशिष्ट के बेहतर प्रबंधन की आवश्यकता है.<br>बैठक में सदस्य, बिहार विधान परिषद् सर्वेश कुमार ने एकल उपयोग प्लास्टिक के वैकल्पिक उत्पादों के उत्पादनकर्ता को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर बल दिया.<br>माननीय सदस्य, बिहार विधान सभा नचिकेता ने प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन से संबंधित नियमों के प्रभावी प्रवर्तन हेतु सुझाव दिया. समीर कुमार सिंह, सदस्य, बिहार विधान परिषद् ने भी प्रतिबंधित एकल उपयोग प्लास्टिक के संबंध में व्यापक जन-भागीदारी की आवश्यकता बताई. छोटी कुमारी,  सदस्य, बिहार विधान सभा ने जन-सामान्य के बीच एकल उपयोग प्लास्टिक के वैकल्पिक उत्पादों जैसे कागज का थैला आदि को कम कीमत पर बाजार में सुलभता से उपलब्ध कराने हेतु आवश्यक कदम उठाने का सुझाव दिया.<br>पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, बिहार सरकार के अपर मुख्य सचिव आनंद किशोर ने बताया कि प्लास्टिक अपशिष्टों का उपयोग सड़क निर्माण में प्रायोगिक तौर पर किया गया है, जिसका आकलन किया जायेगा. उन्होंने कहा कि ग्रामीण कार्य विभाग, पंचायती राज विभाग, उद्योग विभाग एवं नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा एकल उपयोग प्लास्टिक पर प्रभावी रोक लगाने तथा वैकल्पिक उत्पादों को प्रोत्साहित करने हेतु एक नीतिगत निर्णय लेने की आवश्यकता है.<br>उन्होंने बैठक में उपस्थित मंत्री समेत सभी  सदस्यों एवं अन्य उपस्थित प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापन किया.<br>बैठक में नगर आयुक्त, पटना नगर निगम,  यशपाल मीणा, भा.प्र.से., संबंधित विभाग के पदाधिकारीगण एवं एकल उपयोग प्लास्टिक के वैकल्पिक उत्पादों के विनिर्माणकर्ता, पुनःचक्रणकर्ता, प्रसंस्करणकर्ता के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>



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		<title>प्लास्टिक पर से प्रतिबंध हटा: अब 1 जुलाई तक बिहार में प्लास्टिक और थर्माकोल के उपयोग पर नहीं लगेगा जुर्माना</title>
		<link>https://www.patnanow.com/plastic-ban-update/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 16 Dec 2021 10:47:31 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[काम की ख़बर]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[Plastic ban update]]></category>
		<category><![CDATA[single use plastic]]></category>
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					<description><![CDATA[बिहार में प्लास्टिक और थर्मोकोल व्यवसाय से जुड़े लोगों के लिए राहत वाली खबर आई है. सरकार ने बिहार में प्लास्टिक और थर्मोकल पर 15 दिसंबर से लगा प्रतिबंध हटा लिया है. सरकार ने इससे जुड़ी महत्वपूर्ण अधिसूचना जारी कर दी है. अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि जिस दिन केंद्र सरकार यह प्रतिबंध लागू करेगी यानी 1 जुलाई 2022, उसी दिन से बिहार में सिंगल यूज प्लास्टिक और थर्माकोल से बने सामानों पर प्रतिबंध लग जाएगा. पर्यावरण विभाग की अधिसूचना के मुताबिक 1 जुलाई 2022 से बिहार में 100 माइक्रोन से कम मोटाई वाले प्लास्टिक के सामान और थर्माकोल से बने सजावटी सामान के अलावा थर्माकोल के कप प्लेट चम्मच और अन्य कटलरी सामान पर पूरी तरह प्रतिबंध लग जाएगा. इसके अलावा इयरबड्स में लगने वाले प्लास्टिक, मिठाई और सिगरेट की डिब्बे के चारों तरफ लपेटे जाने वाले प्लास्टिक और आइसक्रीम या बैलून में इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक पर भी बैन लग जाएगा. हालांकि उस प्लास्टिक को प्रतिबंध की सीमा से बाहर रखा गया है जो बायोडिग्रेडेबल है. pncb]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>बिहार में प्लास्टिक और थर्मोकोल व्यवसाय से जुड़े लोगों के लिए राहत वाली खबर आई है. सरकार ने बिहार में प्लास्टिक और थर्मोकल पर 15 दिसंबर से लगा प्रतिबंध हटा लिया है. सरकार ने इससे जुड़ी महत्वपूर्ण अधिसूचना जारी कर दी है. अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि जिस दिन केंद्र सरकार यह प्रतिबंध लागू करेगी यानी 1 जुलाई 2022, उसी दिन से बिहार में सिंगल यूज प्लास्टिक और थर्माकोल से बने सामानों पर प्रतिबंध लग जाएगा.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="640" height="360" src="https://www.patnanow.com/assets/2021/12/plastic-ban_pnc.jpg" alt="" class="wp-image-57779" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2021/12/plastic-ban_pnc.jpg 640w, https://www.patnanow.com/assets/2021/12/plastic-ban_pnc-350x197.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 640px) 100vw, 640px" /></figure>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="439" src="https://www.patnanow.com/assets/2021/12/thermocol_pncdesk.jpeg" alt="" class="wp-image-57630" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2021/12/thermocol_pncdesk.jpeg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2021/12/thermocol_pncdesk-350x236.jpeg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /><figcaption><strong>Thermocol items</strong></figcaption></figure>



<p>पर्यावरण विभाग की अधिसूचना के मुताबिक 1 जुलाई 2022 से बिहार में 100 माइक्रोन से कम मोटाई वाले प्लास्टिक के सामान और थर्माकोल से बने सजावटी सामान के अलावा थर्माकोल के कप प्लेट चम्मच और अन्य कटलरी सामान पर पूरी तरह प्रतिबंध लग जाएगा. इसके अलावा इयरबड्स में लगने वाले प्लास्टिक, मिठाई और सिगरेट की डिब्बे के चारों तरफ लपेटे जाने वाले प्लास्टिक और आइसक्रीम या बैलून में इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक पर भी बैन लग जाएगा. हालांकि उस प्लास्टिक को प्रतिबंध की सीमा से बाहर रखा गया है जो बायोडिग्रेडेबल है.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="428" height="600" src="https://www.patnanow.com/assets/2021/12/PNC-plastic-ban-update.jpg" alt="" class="wp-image-57883" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2021/12/PNC-plastic-ban-update.jpg 428w, https://www.patnanow.com/assets/2021/12/PNC-plastic-ban-update-250x350.jpg 250w" sizes="auto, (max-width: 428px) 100vw, 428px" /></figure>



<p><em>pncb</em></p>
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		<item>
		<title>बिहार में सिंगल यूज प्लास्टिक पर पूर्ण प्रतिबंध</title>
		<link>https://www.patnanow.com/single-use-plastic-ban-in-bihar-15-dec21/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 14 Dec 2021 17:30:05 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[single use plastic]]></category>
		<category><![CDATA[single use plastic ban in bihar 15 dec21]]></category>
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					<description><![CDATA[थर्मोकोल से बने उत्पादों पर भी लग चुका बैनअब बोयो डिग्रेडेबल प्लास्टिक का होगा उपयोगप्रतिदिन 60 टन से ज्यादा होता है उत्पादन20 बड़ी उत्पादन इकाइयां हैं निबंधितव्यवसायी कर्ज में डूब जायेंगे,समय बढ़ाने की मांग बिहार में कल यानी 15 दिसंबर से सिंगल यूज प्लास्टिक का प्रचलन प्रतिबंधित हो जाएगा. इसके बाद राज्य में सिंगल यूज प्लास्टिक की बिक्री, परिवहन और उपयोग पर कार्रवाई हो सकती है. हालांकि इसके लिए विकल्प तैयार किया जा जाएगा. सिंगल यूज प्लास्टिक की जगह बोयो डिग्रेडेबल प्लास्टिक का उपयोग किया जाएगा. बिहार में इसका उत्पादन 2022 से शुरू होने की संभावना है. इसके लिए राज्य के प्लास्टिक उत्पादों ने बायो डिग्रेडेबल दाना को सिपेट चेन्नई में टेस्टिंग के लिए भेजा है. इसमें छह से सात महीने का समय लगेगा. ऐसे में प्रतिबंध लगने के बाद सूबे के लोगों को ज्यादा जेब ढीली करनी पड़ेगी. बिहार प्लास्टिक इंडस्ट्री एसोसिएशन के प्रेम कुमार कहते हैं कि राज्य के बाहर से आने वाला बायोडिग्रेडेबल प्लास्टिक के लिए लोगों को छह से सात गुना ज्यादा देना पड़ेगा।. 25 पैसा के प्लास्टिक बैग के लिए डेढ़ रुपये तक चुकाना पड़ेगा. बता दें कि बिहार में प्रतिदिन 60 टन से ज्यादा एकल उपयोग वाले प्लास्टिक का उत्पादन होता है. इसके लिए लगभग 20 बड़ी उत्पादन इकाइयां निबंधित हैं. इसके अलावा बड़ी संख्या में छोटी-छोटी सैकड़ों उत्पादन इकाइयां हैं.प्लास्टिक इंडस्ट्री में लगभग सौ करोड़ रुपये की पूंजी लगी हुई है. बताया जा रहा है कि सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगने से इस धंधे में लगे उद्यमियों की पूंजी टूट जाएगी और कई [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>थर्मोकोल से बने उत्पादों पर भी लग चुका बैन<br>अब बोयो डिग्रेडेबल प्लास्टिक का होगा उपयोग<br>प्रतिदिन 60 टन से ज्यादा होता है उत्पादन<br>20 बड़ी उत्पादन इकाइयां हैं निबंधित<br>व्यवसायी कर्ज में डूब जायेंगे,समय बढ़ाने की मांग</strong><br><strong> बिहार</strong> में कल यानी 15 दिसंबर से सिंगल यूज प्लास्टिक का प्रचलन प्रतिबंधित हो जाएगा. इसके बाद राज्य में सिंगल यूज प्लास्टिक की बिक्री, परिवहन और उपयोग पर कार्रवाई हो सकती है. हालांकि इसके लिए विकल्प तैयार किया जा जाएगा. सिंगल यूज प्लास्टिक की जगह बोयो डिग्रेडेबल प्लास्टिक का उपयोग किया जाएगा. बिहार में इसका उत्पादन 2022 से शुरू होने की संभावना है. इसके लिए राज्य के प्लास्टिक उत्पादों ने बायो डिग्रेडेबल दाना को सिपेट चेन्नई में टेस्टिंग के लिए भेजा है. इसमें छह से सात महीने का समय लगेगा. ऐसे में प्रतिबंध लगने के बाद सूबे के लोगों को ज्यादा जेब ढीली करनी पड़ेगी. बिहार प्लास्टिक इंडस्ट्री एसोसिएशन के प्रेम कुमार कहते हैं कि राज्य के बाहर से आने वाला बायोडिग्रेडेबल प्लास्टिक के लिए लोगों को छह से सात गुना ज्यादा देना पड़ेगा।. 25 पैसा के प्लास्टिक बैग के लिए डेढ़ रुपये तक चुकाना पड़ेगा.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="434" src="https://www.patnanow.com/assets/2021/12/plastic-pnc.jpg" alt="" class="wp-image-57778" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2021/12/plastic-pnc.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2021/12/plastic-pnc-350x234.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="640" height="360" src="https://www.patnanow.com/assets/2021/12/plastic-ban_pnc.jpg" alt="" class="wp-image-57779" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2021/12/plastic-ban_pnc.jpg 640w, https://www.patnanow.com/assets/2021/12/plastic-ban_pnc-350x197.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 640px) 100vw, 640px" /></figure>



<p><br>बता दें कि बिहार में प्रतिदिन 60 टन से ज्यादा एकल उपयोग वाले प्लास्टिक का उत्पादन होता है. इसके लिए लगभग 20 बड़ी उत्पादन इकाइयां निबंधित हैं. इसके अलावा बड़ी संख्या में छोटी-छोटी सैकड़ों उत्पादन इकाइयां हैं.प्लास्टिक इंडस्ट्री में <strong>लगभग सौ करोड़ रुपये की पूंजी लगी </strong>हुई है. बताया जा रहा है कि सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगने से इस धंधे में लगे उद्यमियों की पूंजी टूट जाएगी और कई उद्यमी कर्ज में फंस जायेंगे.<br>कैट के बिहार चेयरमैन कमल नोपानी ने एकल उपयोग वाले प्लास्टिक पर लगने वाले प्रतिबंध की समय सीमा बढ़ाने की मांग की है. उन्होंने आग्रह किया है कि पूरे देश में 1 जुलाई 2022 से एकल उपयोग वाले प्लास्टिक पर प्रतिबंध लागू किया जा रहा है. राज्य में भी इस प्रतिबंध को देश के साथ ही लागू किया जाए। प्लास्टिक उत्पादक व्यापारियों ने कहा कि बीते 26 अक्टूबर को वन, पर्यावरण व जलवायु परिवर्तन विभाग के प्रधान सचिव से मिलकर उद्यमियों ने अपनी समस्याओं को रखा है.</p>



<p><strong>PNC DESK </strong></p>
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