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	<title>Shyam sundar &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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	<title>Shyam sundar &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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		<title>संवैधानिक मूल्यों की शपथ लेने वाला पुलिस महकमा है बदनाम : श्याम सुन्दर</title>
		<link>https://www.patnanow.com/the-police-department-which-takes-oath-on-constitutional-values-is-infamous-shyam-sundar/</link>
		
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		<pubDate>Fri, 01 Dec 2023 14:06:43 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[पत्रकार श्याम किशोर की कलम से जब मैं मुंह खोलता हूं तो सामंती चरित्र के जुल्मी लोग के साथ ही पुलिस मुझमे नक्सल नेटवर्क ढूंढ़ना शुरू कर देती है. मेरे खिलाफ साजिश शुरू हो जाती है. वर्ष 2015 से अबतक के सियासी सफर में 10 झूठे मुकदमे झेल रहा हूं. तीन बार की जेल यात्रा के बावजूद ना तो डरा हूं. ना झूका हूं. परिस्थितिवश मौन जरूर था. अन्याय के खिलाफ लड़ने की ताकत गोहवासियों ने मुझे दिया है. इसे बरकरार रखूंगा. &#160;मेरे दोस्त, राजनीतिक सत्ता बदलने के बाद भी अगर प्रशासनिक व्यवस्था जनविरोधी ही बनी रहे तो फिर राजनीतिक परिवर्तन का कोई मतलब नहीं रह जाता. बहरहाल, मैं जो फोटो शेयर कर रहा हूं वह गोह थानाक्षेत्र के इब्राहिमपुर गांव निवासी 30 वर्षीय रवींद्र यादव का है. 30 नवंबर की देर शाम करीब आठ बजे गोह स्थित ब्लाॅक परिसर से पूरब अपने किराये के मकान में रवींद्र यादव सपरिवार बैठे है. शाम के करीब आठ बजे गोह पुलिस आई. खिड़की तोड़ते हुए मकान में प्रवेश की. खटिया पर बैठी नन्हमुंही बच्ची तो बाल-बाल बच गई. लेकिन रवींद्र यादव को देखते ही पुलिस लाठियों से पीटना शुरू कर दिया. लाठी की मार के जख्म (निशान) रवींद्र के शरीर पर देखा जा सकता है. एक 15 वर्षीय बच्ची पर भी पुलिस ने हाथ छोड़ा है. यह कहां का कानून है? पुलिस की मार की ये दरिंदगी क्या मानवता को शर्मसार नहीं करती? ऐसे पुलिसकर्मी से क्या संवैधानिक मूल्यों की शपथ लेने वाला पुलिस महकता बदनाम नहीं होता? क्या ऐसे जुर्म के [&#8230;]]]></description>
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<p></p>



<p></p>



<p><strong>पत्रकार श्याम किशोर की कलम से </strong></p>



<p class="has-medium-font-size">जब मैं मुंह खोलता हूं तो सामंती चरित्र के जुल्मी लोग के साथ ही पुलिस मुझमे नक्सल नेटवर्क ढूंढ़ना शुरू कर देती है. मेरे खिलाफ साजिश शुरू हो जाती है. वर्ष 2015 से अबतक के सियासी सफर में 10 झूठे मुकदमे झेल रहा हूं. तीन बार की जेल यात्रा के बावजूद ना तो डरा हूं. ना झूका हूं. परिस्थितिवश मौन जरूर था. अन्याय के खिलाफ लड़ने की ताकत गोहवासियों ने मुझे दिया है. इसे बरकरार रखूंगा. &nbsp;मेरे दोस्त, राजनीतिक सत्ता बदलने के बाद भी अगर प्रशासनिक व्यवस्था जनविरोधी ही बनी रहे तो फिर राजनीतिक परिवर्तन का कोई मतलब नहीं रह जाता. </p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="295" height="396" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/12/s-1-1.png" alt="" class="wp-image-80622" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/12/s-1-1.png 295w, https://www.patnanow.com/assets/2023/12/s-1-1-261x350.png 261w" sizes="(max-width: 295px) 100vw, 295px" /></figure>



<p class="has-medium-font-size">बहरहाल, मैं जो फोटो शेयर कर रहा हूं वह गोह थानाक्षेत्र के इब्राहिमपुर गांव निवासी 30 वर्षीय रवींद्र यादव का है. 30 नवंबर की देर शाम करीब आठ बजे गोह स्थित ब्लाॅक परिसर से पूरब अपने किराये के मकान में रवींद्र यादव सपरिवार बैठे है. शाम के करीब आठ बजे गोह पुलिस आई. खिड़की तोड़ते हुए मकान में प्रवेश की. खटिया पर बैठी नन्हमुंही बच्ची तो बाल-बाल बच गई. लेकिन रवींद्र यादव को देखते ही पुलिस लाठियों से पीटना शुरू कर दिया. लाठी की मार के जख्म (निशान) रवींद्र के शरीर पर देखा जा सकता है. </p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img decoding="async" width="555" height="650" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/12/s12-555x650.jpg" alt="" class="wp-image-80623" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/12/s12-555x650.jpg 555w, https://www.patnanow.com/assets/2023/12/s12-299x350.jpg 299w, https://www.patnanow.com/assets/2023/12/s12.jpg 577w" sizes="(max-width: 555px) 100vw, 555px" /></figure>



<p class="has-medium-font-size">एक 15 वर्षीय बच्ची पर भी पुलिस ने हाथ छोड़ा है. यह कहां का कानून है? पुलिस की मार की ये दरिंदगी क्या मानवता को शर्मसार नहीं करती? ऐसे पुलिसकर्मी से क्या संवैधानिक मूल्यों की शपथ लेने वाला पुलिस महकता बदनाम नहीं होता? क्या ऐसे जुर्म के खिलाफ भी मौन रहा जा सकता है? जिस नन्हमुंही बच्ची के सामने पिता को पुलिस डंडों से मारे, उस बच्ची की मनोदशा क्या होगी? इस बाबत जल्द ही जिले के वरीय पुलिस अधिकारियों से मिलूंगा और हालात से अवगत कराऊंगा. मानवता को शर्मसार करने वाले ऐसे पुलिसकर्मियों पर विधि-सम्मत कार्रवाई होनी चाहिये.</p>



<p><strong>PNCDESK </strong></p>
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		<title>जेलों में बंद 60 फीसदी लोग बेकसूर -पूर्व डीजीपी</title>
		<link>https://www.patnanow.com/in-jail-60-percent-of-people-are-innocent/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[pnc]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 27 Aug 2021 04:02:54 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Politics]]></category>
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		<category><![CDATA[Shyam sundar]]></category>
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					<description><![CDATA[भगवान राम और कृष्ण को भी लोगों ने जातीय आधार पर बांट लिया मन ही दूषित हो गया है बिहार में आदमी देखकर देश का कानून काम करता है अब सिस्टम आम लोगों के लिए नहीं रह गया है बिहार में औरंगाबाद: बिहार के डीजीपी रहे कथावाचक गुप्तेश्वर पांडेय औरंगाबाद के देवकुंड मठ में कई सामाजिक-वैचारिक और पारिवारिक मुद्दों पर लोगों से बातें की । उन्होंने कहा कि सिस्टम आमलोगों के लिए अब नहीं रह गया है। आदमी देखकर देश का कानून काम करता है। जेलों में 60 फीसदी से अधिक निर्दोष लोग बंद हैं उनके मुकदमें आज भी चल रहे हैं। पूर्व डीजीपी ने कहा कि एक थानाक्षेत्र में 10 ईमानदार सामाजिक कार्यकर्ता पूरी हुकूमत को झुका सकता है। यह देश ना तो हिंदुओं का है और ना मुसलमानों समेत अन्य पंथों का। भारत की सनातन संस्कृति वसुधैव कुटुम्बकम की है। आश्चर्य है कि आज भगवान राम और कृष्ण को भी लोगों ने जातीय आधार पर बांट लिया है।अब कौन से देवता को कौन पूजेगा ये परम्परा जो शुरू हुई है उससे सामाजिक वैमनस्य पैदा हो रहा है और साथ ही लोगों में कटुता की भावना बढ़ गई है।उन्होंने कहा कि चेतना का स्तर लगातार गिरता जा रहा है। बीमार मन का इलाज अध्यात्म में ही संभव है। कोरोना काल में तड़प कर जो मौतें हो रही थी या जिस लेबल पर भ्रटाचार की जड़ें गहरी हो गई है उससे क्या लगता है कि किसका दोष है सारा दोष सिस्टम और सरकार का है। मन ही बीमार है तो [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>भगवान राम और कृष्ण को भी लोगों ने जातीय आधार पर बांट लिया</strong></p>



<p><strong>मन ही दूषित हो गया है बिहार में </strong></p>



<p><strong>आदमी देखकर देश का कानून काम करता है</strong></p>



<p><strong>अब सिस्टम आम लोगों के लिए नहीं रह गया है बिहार में </strong></p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img decoding="async" width="650" height="488" src="https://www.patnanow.com/assets/2021/08/pnc-ex-dgp-bihar-with-shyam-sundar.jpg" alt="" class="wp-image-55088" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2021/08/pnc-ex-dgp-bihar-with-shyam-sundar.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2021/08/pnc-ex-dgp-bihar-with-shyam-sundar-350x263.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /><figcaption><strong>पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय के साथ अन्य लोग </strong></figcaption></figure>



<p>औरंगाबाद: बिहार के डीजीपी रहे कथावाचक गुप्तेश्वर पांडेय औरंगाबाद के देवकुंड मठ में कई सामाजिक-वैचारिक और पारिवारिक मुद्दों पर लोगों से बातें की । उन्होंने कहा कि सिस्टम आमलोगों के लिए अब नहीं रह गया है। आदमी देखकर देश का कानून काम करता है। जेलों में 60 फीसदी से अधिक निर्दोष लोग बंद हैं उनके मुकदमें आज भी चल रहे हैं। </p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="366" src="https://www.patnanow.com/assets/2021/08/pnc-ex-dgp-bihar.jpg" alt="" class="wp-image-55087" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2021/08/pnc-ex-dgp-bihar.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2021/08/pnc-ex-dgp-bihar-350x197.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /><figcaption><strong>औरंगाबाद में पत्रकार श्याम सुंदर और पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय </strong></figcaption></figure>



<p>पूर्व डीजीपी ने कहा कि एक थानाक्षेत्र में 10 ईमानदार सामाजिक कार्यकर्ता पूरी हुकूमत को झुका सकता है। यह देश ना तो हिंदुओं का है और ना मुसलमानों समेत अन्य पंथों का। भारत की सनातन संस्कृति वसुधैव कुटुम्बकम की है। </p>



<p>आश्चर्य है कि आज भगवान राम और कृष्ण को भी लोगों ने जातीय आधार पर बांट लिया है।अब कौन से देवता को कौन पूजेगा ये परम्परा जो शुरू हुई है उससे सामाजिक वैमनस्य पैदा हो रहा है और साथ ही लोगों में कटुता की भावना बढ़ गई है।उन्होंने कहा कि चेतना का स्तर लगातार गिरता जा रहा है। बीमार मन का इलाज अध्यात्म में ही संभव है। कोरोना काल में तड़प कर जो मौतें हो रही थी या जिस लेबल पर भ्रटाचार की जड़ें गहरी हो गई है उससे क्या लगता है कि किसका दोष है सारा दोष सिस्टम और सरकार का है। मन ही बीमार है तो इलाज मन का करना पड़ेगा और मन का इलाज तो सिर्फ आध्यात्म में ही है । पूर्व पत्रकार और जाप के वरिष्ठ नेता श्याम सुंदर ने कहा कि पूर्व डीजीपी ने जो बातें कही है वो बिहार क्या देश के सामने भी यही संकट है इस पर कोई कुछ नहीं बोल रहा है लोग जातीय उन्माद और आपसी वैमनस्य फैलाने में ज्यादा ध्यान लगा रहे हैं।</p>
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