सेवा शर्त पर पहली मीटिंग में पुराने ड्राफ्ट पर हुई चर्चा

बिहार में नियोजित शिक्षकों के सेवा शर्त तय करने के लिए पुनर्गठित हाई लेवल कमिटी की पहली बैठक सोमवार को हुई. बैठक में अपर मुख्य सचिव आमिर सुबहानी, शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव आरके महाजन, पंचायती राज विभाग के प्रमुख सचिव, वित्त विभाग के प्रधान सचिव और नगर विकास विभाग के सचिव के साथ एक अपर महाधिवक्ता भी शामिल थे. सूत्रों के मुताबिक सरकार जल्द से जल्द नियोजित शिक्षकों की सेवा शर्त लागू करने के पक्ष में है. चुनावी साल में नीतीश कुमार कोई रिस्क नहीं लेना चाहते. शिक्षक भी कई बार नाराजगी जता चुके हैं. ऐसे में हाई लेवल कमिटी भी जल्द से जल्द अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप सकती है. पहली बैठक में 3 साल पहले से तैयार किए गए सेवा शर्त ड्राफ्ट पर चर्चा हुई. हालांकि सेवा शर्तों को लेकर कोई सहमति पहली बैठक में नहीं बन पाई है. जानकारी के अनुसार, आगे कुछ और बैठकें होंगी और उसके बाद कमेटी अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप सकती है. पीएनसी

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कब लागू होगी सेवा शर्त नियमावली!

बिहार में एक बड़ा मसला है नियोजित शिक्षकों की सेवा शर्त. नीतीश सरकार ने वर्ष 2015 में सेवा शर्त निर्धारण के लिए गृह सचिव की अध्यक्षता में एक कमिटी बनाई थी जिसके तीन महीने में अपनी रिपोर्ट सौंपनी थी. सेवा शर्त में मुख्य रुप से वेतन, प्रमोशन, ट्रांसफर को लेकर सरकार को नियमावली बनानी है. लेकिन आज तक इसपर सरकार कोई फैसला नहीं कर पाई. नियोजित शिक्षक लगातार इसके लिए मांग कर रहे हैं. इसी मुद्दे पर patnanow टीम ने बात की माध्यमिक शिक्षक संघ के महासचिव केदार पांडे से. उन्होंने कहा कि शिक्षकों का सरकार से संघर्ष का मामला कोई नया नहीं है. लेकिन बिहार में 3.5 लाख नियोजित शिक्षको़ं और लाइब्रेरियन की सेवा शर्त के मामले को सरकार ने लटका कर रखा है. उन्होंने सरकार से मांग की है जल्द-से-जल्द इसे लागू किया जाए. patnanow पर लगातार खबर दिखाए जाने के बाद टीचर्स डे पर सीएम नीतीश कुमार ने जल्द ही नियोजित शिक्षकों की सेवा शर्त तय करने की घोषणा की है. अब देखना है कि सरकार कबतक इसे लागू करती है और सेवा शर्त नियमावली में शिक्षकों की कितनी मांगें मानी जाती हैं. केदार पांडे ने साफ कहा कि शिक्षकों को एक तो कम वेतन मिलता है और वो भी समय पर नहीं मिलता. वे जल्द ही शिक्षा मंत्री से मिलकर इसे उनके सामने रखेंगे. क्या कहा केदार पांडे ने, सुनिए- ये भी पढ़ें- इसी महीने लागू होगी सेवा शर्त!

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इसी महीने लागू होगी सेवा शर्त!

बिहार में नियोजित शिक्षकों के लिए अच्छी खबर है. सरकार ने आज सभी संघों को वार्ता के लिए बुलाया है. इसमें शिक्षकों संघों के प्रतिनिधि अपनी मांगें सरकार के सामने रख रहे हैं. इसके बाद सेवा शर्त पर बनी कमिटी फैसला लेगी और इसी महीने इसे लागू किया जा सकता है. वार्ता के लिए पहुंचे शिक्षक नेता वार्ता में शामिल संघों के नेताओं ने कहा कि पिछले 2 साल से ये मामला लंबित है जब सरकार ने सेवा शर्त लागू करने के लिए एक कमिटी का गठन किया था. क्या हैं नियोजित शिक्षकों और पुस्तकालयाध्क्षों की मुख्य मांगें- समान काम के लिए समान वेतन सहायक शिक्षक का दर्जा सेवा काल में कम-से-कम एक बार अंतर प्रमंडलीय ट्रांसफर की सुविधा आज कमिटी से सभी 12 संघों के प्रतिनिधियों ने मुलाकात की और उनके समक्ष अपनी मांगें लिखित रुप में रखीं. इनमें से एक बिहार नियोजित शिक्षक महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष शिव नारायण पाल ने बताया कि गृह सचिव आमिर सुबहानी और शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव आर के महाजन के सामने उनलोगों ने अपनी मांगें रखी हैं और इसे जल्द से जल्द लागू करने की मांग की है. सूत्रों के मुताबिक, सरकार द्वारा बनाई (वर्ष 2015 में ) गई ये कमिटी जल्द ही अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी और इस महीने ही इसे लागू किया जा सकता है.

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