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	<title>Sewa shart &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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	<title>Sewa shart &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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		<title>व्यावसायिक बैंकों की तरह हो सकती हैं ग्रामीण बैंककर्मियों की सेवा शर्तें</title>
		<link>https://www.patnanow.com/gramin-bank-service-condition/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 30 Oct 2025 17:37:57 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[MONEY MATTERS]]></category>
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					<description><![CDATA[ग्रामीण बैंक कर्मियों के लिए अच्छी खबर नाबार्ड की पहल, सेवाशर्तों में सुधार के लिए विचार पटना।। ग्रामीण बैंकों की सेवाशर्तों को व्यावसायिक बैंकों के समान करने की पहल शुरू कर दी गई है. इससे बिहार के हजारों ग्रामीण बैंककर्मियों समेत देशभर के ग्रामीण बैंककर्मियों को बड़ी राहत मिलेगी. मुंबई स्थित राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के प्रधान कार्यालय में संयुक्त परामर्श समिति की बैठक में इस पर विचार किया गया. नाबार्ड के चेयरमैन केवी शाजी की अध्यक्षता में हुई बैठक में प्रायोजक बैंककर्मियों की सेवाशर्त की तर्ज पर ग्रामीण बैंक की सेवाशर्त में संशोधन की पहल हुई. ग्रामीण बैंक कर्मियों की सेवाशर्त के तहत प्रोन्नति, तबादला एवं अन्य सुविधाओं को समान करने पर विचार किया गया. बैठक में भारतीय स्टेट बैंक और पंजाब नेशनल बैंक के महाप्रबंधक के साथ ही उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु ग्रामीण बैंक के चेयरमैन भी शामिल थे. इस बैठक में प्रोन्नति, तबादला और अन्य सुविधाओं को समान करने पर विचार किया गया. दरअसल, सेवाशर्त में अंतर के कारण ग्रामीण बैंक को छोड़ कर्मचारी अन्य कॉमर्शियल बैंक ज्वाइन कर रहे हैं. बिहार में बिहार ग्रामीण बैंक की 21 सौ शाखाएं हैं. यह राज्य में भारतीय स्टेट बैंक से भी बड़ा बैंक है. ग्रामीण बैंक में राज्य में करीब दस हजार से अधिक कर्मी कार्यरत हैं. सेवाशर्त में सुधार किए जाने से इन सभी कर्मियों को बड़ी राहत मिलेगी. बैठक में वित्त मंत्रालय के प्रतिनिधि, ग्रामीण बैंक अधिकारियों और कर्मियों के संगठन के प्रतिनिधि भी थे. बैठक से लौटने के बाद ऑल इंडिया ग्रामीण बैंक [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>ग्रामीण बैंक कर्मियों के लिए अच्छी खबर </strong></p>



<p><strong>नाबार्ड की पहल, सेवाशर्तों में सुधार के लिए विचार</strong></p>



<p>पटना।। ग्रामीण बैंकों की सेवाशर्तों को व्यावसायिक बैंकों के समान करने की पहल शुरू कर दी गई है. इससे बिहार के हजारों ग्रामीण बैंककर्मियों समेत देशभर के ग्रामीण बैंककर्मियों को बड़ी राहत मिलेगी. </p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="1024" height="648" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/10/1000492285-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-92660" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/10/1000492285-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/10/1000492285-650x411.jpg 650w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>मुंबई स्थित राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के प्रधान कार्यालय में संयुक्त परामर्श समिति की बैठक में इस पर विचार किया गया. नाबार्ड के चेयरमैन केवी शाजी की अध्यक्षता में हुई बैठक में प्रायोजक बैंककर्मियों की सेवाशर्त की तर्ज पर ग्रामीण बैंक की सेवाशर्त में संशोधन की पहल हुई. ग्रामीण बैंक कर्मियों की सेवाशर्त के तहत प्रोन्नति, तबादला एवं अन्य सुविधाओं को समान करने पर विचार किया गया. बैठक में भारतीय स्टेट बैंक और पंजाब नेशनल बैंक के महाप्रबंधक के साथ ही उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु ग्रामीण बैंक के चेयरमैन भी शामिल थे. इस बैठक में प्रोन्नति, तबादला और अन्य सुविधाओं को समान करने पर विचार किया गया. दरअसल, सेवाशर्त में अंतर के कारण ग्रामीण बैंक को छोड़ कर्मचारी अन्य कॉमर्शियल बैंक ज्वाइन कर रहे हैं. बिहार में बिहार ग्रामीण बैंक की 21 सौ शाखाएं हैं. यह राज्य में भारतीय स्टेट बैंक से भी बड़ा बैंक है. ग्रामीण बैंक में राज्य में करीब दस हजार से अधिक कर्मी कार्यरत हैं. सेवाशर्त में सुधार किए जाने से इन सभी कर्मियों को बड़ी राहत मिलेगी. बैठक में वित्त मंत्रालय के प्रतिनिधि, ग्रामीण बैंक अधिकारियों और कर्मियों के संगठन के प्रतिनिधि भी थे. बैठक से लौटने के बाद ऑल इंडिया ग्रामीण बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन के राष्ट्रीय महासचिव डीएन त्रिवेदी ने बताया कि ग्रामीण बैंक के शीर्ष संगठन ने ग्रामीण बैंक और प्रायोजक व्यावसायिक बैंक की कार्यप्रणाली में कोई व्यापक अंतर नहीं होने के कारण ग्रामीण बैंक के कर्मियों और अधिकारियों की सेवाशर्तें समरूप करने का तर्क पेश किया गया है. ग्रामीण और व्यावसायिक बैंककर्मियों के वेतन-भत्ते, पेंशन और अन्य आर्थिक लाभ समरूप हैं, लेकिन अन्य सेवाशर्तों में काफी अंतर है. इसके कारण ग्रामीण बैंक में नियुक्त कर्मी मौका मिलते ही इस्तीफा देकर व्यावसायिक बैंक में योगदान कर लेते हैं.</p>



<p>इस समस्या का समाधान करने के लिए, ग्रामीण बैंकों की सेवाशर्तों को व्यावसायिक बैंकों के समान बनाने का प्रयास किया जा रहा है. इससे ग्रामीण बैंक के कर्मियों को भी समान अवसर और सुविधाएं मिल सकेंगी.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>



<p></p>
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		<item>
		<title>शिक्षकों की नाराजगी के बीच मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री ने दिए बड़े बयान</title>
		<link>https://www.patnanow.com/cm-and-em-on-teacher/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 14 Apr 2023 12:10:32 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[Politics]]></category>
		<category><![CDATA[एजुकेशन]]></category>
		<category><![CDATA[काम की ख़बर]]></category>
		<category><![CDATA[जॉब/करियर]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[BIHAR TEACHER]]></category>
		<category><![CDATA[CM NITISH]]></category>
		<category><![CDATA[Sewa shart]]></category>
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					<description><![CDATA[बिहार में नई शिक्षक नियुक्ति एवं सेवा शर्त नियमावली 2023 को लेकर शिक्षकों की नाराजगी के बीच एक तरफ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार तो दूसरी तरफ शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर ने बयान देकर उनकी नाराजगी दूर करने की कोशिश की है. अंबेडकर जयंती के मौके पर जदयू कार्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि अब बिहार में शिक्षकों की सरकारी बहाली की जायेगी. इसी वर्ष बड़े पैमाने पर जल्द ही शिक्षकों की बहाली की जायेगी. अब शिक्षक सरकारी नौकरी में आयेंगे. उन्होंने कहा कि कुछ लोग सरकारी शिक्षक की बहाली पर अनाप-शनाप बोलने में लगे हुए हैं. पहले से जो शिक्षक हैं उनकी भी आमदनी बढ़ाई जायेगी. इधर शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर ने मीडिया से बातचीत में कहा है कि जो शिक्षक लगातार बच्चों को पढ़ा रहे हैं उसी पढ़ाई के सिलेबस से अगर कुछ सवाल के जवाब देकर वे राज्यकर्मी का दर्जा पा सकते हैं तो इसमें परेशानी की बात कहां है. उन्होंने कहा कि महागठबंधन सरकार ने तो बहुत बड़ा काम कर दिया है कि अब शिक्षकों को सरकारी कर्मी का दर्जा मिलेगा और जो पहले से काम कर रहे हैं उनके लिए भी मौका है कि परीक्षा पास कर वह भी राज्यकर्मी का दर्जा पा सकते हैं. दूसरी तरफ राज्य भर में 15 अप्रैल से शुरू होने वाली जातीय गणना का बहिष्कार करने की घोषणा कर चुके शिक्षकों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक सरकार उनकी मांगे नहीं मानती तब तक वे जातीय गणना का बहिष्कार जारी रखेंगे. ऐसे ही एक तस्वीर सीतामढ़ी [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>बिहार में नई शिक्षक नियुक्ति एवं सेवा शर्त नियमावली 2023 को लेकर शिक्षकों की नाराजगी के बीच एक तरफ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार तो दूसरी तरफ शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर ने बयान देकर उनकी नाराजगी दूर करने की कोशिश की है. </p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="596" height="376" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/04/pnc-cm-nitish.jpg" alt="" class="wp-image-73463" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/04/pnc-cm-nitish.jpg 596w, https://www.patnanow.com/assets/2023/04/pnc-cm-nitish-350x221.jpg 350w" sizes="(max-width: 596px) 100vw, 596px" /></figure>



<p>अंबेडकर जयंती के मौके पर जदयू कार्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि अब बिहार में शिक्षकों की सरकारी बहाली की जायेगी. इसी वर्ष बड़े पैमाने पर जल्द ही शिक्षकों की बहाली की जायेगी. अब शिक्षक सरकारी नौकरी में आयेंगे. उन्होंने कहा कि कुछ लोग सरकारी शिक्षक की बहाली पर अनाप-शनाप बोलने में लगे हुए हैं. पहले से जो शिक्षक हैं उनकी भी आमदनी बढ़ाई जायेगी.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="650" height="319" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/04/pnc-education-minister-chandrashekhar-1.jpg" alt="" class="wp-image-73465" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/04/pnc-education-minister-chandrashekhar-1.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/04/pnc-education-minister-chandrashekhar-1-350x172.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>इधर शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर ने मीडिया से बातचीत में कहा है कि जो शिक्षक लगातार बच्चों को पढ़ा रहे हैं उसी पढ़ाई के सिलेबस से अगर कुछ सवाल के जवाब देकर वे राज्यकर्मी का दर्जा पा सकते हैं तो इसमें परेशानी की बात कहां है. उन्होंने कहा कि महागठबंधन सरकार ने तो बहुत बड़ा काम कर दिया है कि अब शिक्षकों को सरकारी कर्मी का दर्जा मिलेगा और जो पहले से काम कर रहे हैं उनके लिए भी मौका है कि परीक्षा पास कर वह भी राज्यकर्मी का दर्जा पा सकते हैं.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="488" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/04/pnc-sitamarhi-runnisaidpur-bdo-ko-gyapan.jpg" alt="" class="wp-image-73467" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/04/pnc-sitamarhi-runnisaidpur-bdo-ko-gyapan.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/04/pnc-sitamarhi-runnisaidpur-bdo-ko-gyapan-350x263.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /><figcaption>रून्नीसैदपुर </figcaption></figure>



<p>दूसरी तरफ राज्य भर में 15 अप्रैल से शुरू होने वाली जातीय गणना का बहिष्कार करने की घोषणा कर चुके शिक्षकों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक सरकार उनकी मांगे नहीं मानती तब तक वे जातीय गणना का बहिष्कार जारी रखेंगे. ऐसे ही एक तस्वीर सीतामढ़ी के रुनीसैदपुर से आई है जहां शिक्षकों ने प्रखंड विकास पदाधिकारी को जाति गणना का बहिष्कार संबंधी पत्र सौंप दिया है.</p>



<p></p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>नयी नियमावली पर आर-पार के मूड में शिक्षक, एकजुट होकर करेंगे विरोध</title>
		<link>https://www.patnanow.com/nios-virodh-pradarshan/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 11 Apr 2023 10:51:40 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Politics]]></category>
		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
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					<description><![CDATA[कल (10 अप्रैल 2023) का दिन बिहार के शिक्षकों के लिए काला दिन था. हम शिक्षक स्थानांतरण, राज्यकर्मी का दर्जा अच्छी तनख्वाह के लिए लगातार मांग कर रहे थे हमें आश्वासन मिला था. तेजस्वी यादव उप मुख्यमंत्री द्वारा वादा किया गया था शिक्षकों का भविष्य बेहतर करेंगे, लेकिन कल जो नियमावाली 2023 सामने आया है, उसमें पूरे शिक्षक को बेइज्जत करने का काम किया गया है. यह कहना है एनआईओएस डीएलएड संघ के अध्यक्ष पप्पू कुमार यादव का. उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव ने सरकार में आने के पहले कहा था सरकार में आएंगे तो शिक्षकों का समान वेतन देंगे राज्यकर्मी का दर्जा देंगे, लेकिन सारी बातों को उन्होंने भुला दिया और शिक्षकों के साथ छलावा किया. पप्पू कुमार ने बताया कि शिक्षक मजबूर हैं सड़क पर आने के लिए इसकी सारी जिम्मेवारी सरकार की होगी. काला नियमावाली 2023 के विरोध में आज मुजफ्फरपुर साहेबगंज बीआरसी में मुख्यमंत्री उपमुख्यमंत्री शिक्षा मंत्री का पुतला फूंका गया हैउन्होंने कहा कि सभी संगठनों से मिलकर आगे हम लोग बैठक करने जा रहे हैं. मुजफ्फरपुर में परिवर्तनकारी प्रारंभिक शिक्षक संघ ने भी व्यापक रूप से नई नियमावली के विरोध में प्रदर्शन किया और पुतला दहन किया. pncb]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>कल (10 अप्रैल 2023) का दिन बिहार के शिक्षकों के लिए काला दिन था. हम शिक्षक स्थानांतरण, राज्यकर्मी का दर्जा अच्छी तनख्वाह के लिए लगातार मांग कर रहे थे हमें आश्वासन मिला था. तेजस्वी यादव उप मुख्यमंत्री द्वारा वादा किया गया था शिक्षकों का भविष्य बेहतर करेंगे, लेकिन कल जो नियमावाली 2023 सामने आया है, उसमें पूरे शिक्षक को बेइज्जत करने का काम किया गया है. यह कहना है एनआईओएस डीएलएड संघ के अध्यक्ष पप्पू कुमार यादव का. </p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="641" height="600" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/04/pnc-nios-virodh-pradarshan.jpg" alt="" class="wp-image-73286" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/04/pnc-nios-virodh-pradarshan.jpg 641w, https://www.patnanow.com/assets/2023/04/pnc-nios-virodh-pradarshan-350x328.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 641px) 100vw, 641px" /></figure>



<figure class="wp-block-image size-full is-resized"><img loading="lazy" decoding="async" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/04/pnc-putla-dahan-in-Muzaffarpur.jpg" alt="" class="wp-image-73284" width="378" height="244" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/04/pnc-putla-dahan-in-Muzaffarpur.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/04/pnc-putla-dahan-in-Muzaffarpur-350x226.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 378px) 100vw, 378px" /></figure>



<p>उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव ने सरकार में आने के पहले कहा था सरकार में आएंगे तो शिक्षकों का समान वेतन देंगे राज्यकर्मी का दर्जा देंगे, लेकिन सारी बातों को उन्होंने भुला दिया और शिक्षकों के साथ छलावा किया. पप्पू कुमार ने बताया कि शिक्षक मजबूर हैं सड़क पर आने के लिए इसकी सारी जिम्मेवारी सरकार की होगी. काला नियमावाली 2023 के विरोध में आज मुजफ्फरपुर साहेबगंज बीआरसी में मुख्यमंत्री उपमुख्यमंत्री शिक्षा मंत्री का पुतला फूंका गया है<br>उन्होंने कहा कि सभी संगठनों से मिलकर आगे हम लोग बैठक करने जा रहे हैं.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="300" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/04/pnc-parivartan-kari-shikshak-sangh-virodh-1.jpg" alt="" class="wp-image-73291" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/04/pnc-parivartan-kari-shikshak-sangh-virodh-1.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/04/pnc-parivartan-kari-shikshak-sangh-virodh-1-350x162.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>मुजफ्फरपुर में परिवर्तनकारी प्रारंभिक शिक्षक संघ ने भी व्यापक रूप से नई नियमावली के विरोध में प्रदर्शन किया और पुतला दहन किया.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>



<p></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>आखिरकार सेवा शर्त नियमावली पर लग गई मुहर</title>
		<link>https://www.patnanow.com/bihar-cabinet-decision-3/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 10 Apr 2023 10:37:51 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[Politics]]></category>
		<category><![CDATA[काम की ख़बर]]></category>
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		<category><![CDATA[Bihar cabinet]]></category>
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		<category><![CDATA[Teacher bahali]]></category>
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					<description><![CDATA[बिहार राज्य विद्यालय अध्यापक नियुक्ति स्थानांतरण अनुशासनिक कार्रवाई एवं सेवा शर्त नियमावली 2023 को आखिरकार बिहार कैबिनेट की स्वीकृति मिल गई है. इसका इंतजार लंबे समय से ना सिर्फ बिहार के लाखों शिक्षकों बल्कि शिक्षक बहाली का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों को भी था. इसके साथ ही अब बिहार में सातवें चरण की बहाली का रास्ता साफ हो गया है इसके साथ ही लाखों शिक्षक जो प्रमोशन और ट्रांसफर का इंतजार कर रहे थे उनके लिए भी आगे का रास्ता तैयार हो गया है. इस बारे में शिक्षा मंत्री चन्द्रशेखर ने बताया कि शिक्षकों का बड़ा फायदा होगा. नयी बहाली वाले शिक्षकों को राज्यकर्मी का दर्जा दिया जाएगा. जो पुराने नियोजित शिक्षक है वे भी आयोग द्वारा आयोजित परीक्षा में पास करने के बाद राज्यकर्मी का दर्जा प्राप्त कर सकेंगे. उन्होंने ये भी कहा कि लगभग सवा दो लाख शिक्षकों की बहाली आयोग के माध्यम से होगी. शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर ने यह भी कहा है कि स्कूलों में गैर शैक्षणिक पदों को भी भरा जाएगा जिसके तहत 40 हजार से ज्यादा बहालियां होंगी. इस बारे में शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि जो पुराने शिक्षक संवर्ग हैं और जो नियोजन इकाई हैं फिलहाल उनका अस्तित्व बना रहेगा. लेकिन जो नई बहालियां होंगी वह जिला संवर्ग के तहत होंगी और जो शिक्षक नए बहाल होंगे वह राज्य कर्मी दर्जा प्राप्त होंगे. जो पुराने शिक्षक हैं अगर वे जिला संवर्ग में आना चाहते हैं तो उन्हें सरकार द्वारा निर्धारित एक परीक्षा पास करनी होगी और उसके बाद वह भी जिला संवर्ग [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="621" height="414" src="https://www.patnanow.com/assets/2017/04/pnc-nitish-cabinet.jpg" alt="" class="wp-image-17454" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2017/04/pnc-nitish-cabinet.jpg 621w, https://www.patnanow.com/assets/2017/04/pnc-nitish-cabinet-225x150.jpg 225w, https://www.patnanow.com/assets/2017/04/pnc-nitish-cabinet-350x233.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 621px) 100vw, 621px" /></figure>



<p>बिहार राज्य विद्यालय अध्यापक नियुक्ति स्थानांतरण अनुशासनिक कार्रवाई एवं सेवा शर्त नियमावली 2023 को आखिरकार बिहार कैबिनेट की स्वीकृति मिल गई है. इसका इंतजार लंबे समय से ना सिर्फ बिहार के लाखों शिक्षकों बल्कि शिक्षक बहाली का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों को भी था.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="321" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/04/IMG-20230410-WA0048.jpg" alt="" class="wp-image-73246" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/04/IMG-20230410-WA0048.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/04/IMG-20230410-WA0048-350x173.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>इसके साथ ही अब बिहार में सातवें चरण की बहाली का रास्ता साफ हो गया है इसके साथ ही लाखों शिक्षक जो प्रमोशन और ट्रांसफर का इंतजार कर रहे थे उनके लिए भी आगे का रास्ता तैयार हो गया है. इस बारे में शिक्षा मंत्री चन्द्रशेखर ने बताया कि शिक्षकों का बड़ा फायदा होगा. नयी बहाली वाले शिक्षकों को राज्यकर्मी का दर्जा दिया जाएगा. जो पुराने नियोजित शिक्षक है वे भी आयोग द्वारा आयोजित परीक्षा में पास करने के बाद राज्यकर्मी का दर्जा प्राप्त कर सकेंगे. उन्होंने ये भी कहा कि लगभग सवा दो लाख शिक्षकों की बहाली आयोग के माध्यम से होगी. शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर ने यह भी कहा है कि स्कूलों में गैर शैक्षणिक पदों को भी भरा जाएगा जिसके तहत 40 हजार से ज्यादा बहालियां होंगी. इस बारे में शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि जो पुराने शिक्षक संवर्ग हैं और जो नियोजन इकाई हैं फिलहाल उनका अस्तित्व बना रहेगा. लेकिन जो नई बहालियां होंगी वह जिला संवर्ग के तहत होंगी और जो शिक्षक नए बहाल होंगे वह राज्य कर्मी दर्जा प्राप्त होंगे. जो पुराने शिक्षक हैं अगर वे जिला संवर्ग में आना चाहते हैं तो उन्हें सरकार द्वारा निर्धारित एक परीक्षा पास करनी होगी और उसके बाद वह भी जिला संवर्ग में आ जाएंगे और उन्हें भी राज्य कर्मी का दर्जा प्राप्त हो जाएगा.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="583" height="446" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/04/pnc-chandrashekhar-education-minister.jpg" alt="" class="wp-image-73251" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/04/pnc-chandrashekhar-education-minister.jpg 583w, https://www.patnanow.com/assets/2023/04/pnc-chandrashekhar-education-minister-350x268.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 583px) 100vw, 583px" /></figure>



<p>आपको बता दें कि बिहार कैबिनेट की आज की बैठक में 6 प्रस्तावों को स्वीकृति मिली है इसमें शिक्षक नियोजन नियमावली की स्वीकृति के अलावा बिहार के कर्मचारियों का महंगाई भत्ता भी 4% बढ़ाने पर स्वीकृति मिली है. अब बिहार के कर्मचारियों को 42 फ़ीसदी महंगाई भत्ता मिलेगा. यह वेतन वृद्धि 1 जनवरी 2023 की तिथि से होगी.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>सरकार के फैसले पर भड़के शिक्षक</title>
		<link>https://www.patnanow.com/sewa-shart-se-naraj-shikshak/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 18 Aug 2020 18:52:05 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[एजुकेशन]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[Sewa shart]]></category>
		<category><![CDATA[बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ]]></category>
		<category><![CDATA[सेवा शर्त]]></category>
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					<description><![CDATA[लंबे अरसे से सेवा शर्त का इंतजार कर रहे बिहार के नियोजित शिक्षक अब अपने आप को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं. बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रवक्ता अभिषेक कुमार ने राज्य मंत्रिमंडल के द्वारा नियोजित शिक्षकों के लिए सेवा शर्त और वेतन बढ़ोतरी के निर्णय पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इससे राज्य के नियोजित शिक्षक अपने आप को ठगा महसूस कर रहे हैं, क्योंकि राज्य के मुख्यमंत्री ने विधानमंडल के अंदर और सार्वजनिक रूप से घोषणा की थी कि नियोजित शिक्षकों को सातवें वेतन आयोग की अनुशंसा के आलोक में वेतनमान दिया जाएगा. साथ ही साथ पंचायती राज व्यवस्था से नियोजित शिक्षकों को बाहर निकाला जाएगा, जिसके लिए शिक्षा विभाग ने शॉर्ट टर्म, मीड टर्म एवं लांग टर्म प्लान बना कर भी पंचायतीराज व्यवस्था से एक वर्ष के अंदर निकालने का निर्देश था. उन्होंने कहा कि शिक्षकों को लम्बे समय से आस थी कि उन्हें पंचायती राज व्यवस्था से मुक्ति मिलेगी, लेकिन राज्य सरकार ने निराश किया. संघ के प्रवक्ता अभिषेक ने कहा कि नियोजित शिक्षकों की पिछले दिनों चली ढाई महीने की लंबी हड़ताल जिसमें 75 से अधिक शिक्षकों ने अपनी प्राणों की आहुति दी थी. माननीय मुख्यमंत्री के पहल और अनुरोध पर समाप्त हुई थी. आश्वासन दिया गया था कि आप सबों की मांगों पर विचार कर उसे लागू किया जाएगा मगर उन सभी मांगों को दरकिनार कर मात्र पूर्व के ही मिल रहे लाभ को नए ढंग से घोषित कर दिया गया है. उन्होंने कहा कि जहां तक वेतन बढ़ोतरी की बात है राज्य [&#8230;]]]></description>
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<p>लंबे अरसे से सेवा शर्त का इंतजार कर रहे बिहार के नियोजित शिक्षक अब अपने आप को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं. बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रवक्ता अभिषेक कुमार ने राज्य मंत्रिमंडल के द्वारा नियोजित शिक्षकों के लिए <strong>सेवा शर्त </strong>और वेतन बढ़ोतरी के निर्णय पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इससे राज्य के नियोजित शिक्षक अपने आप को ठगा महसूस कर रहे हैं, क्योंकि राज्य के मुख्यमंत्री ने विधानमंडल के अंदर और सार्वजनिक रूप से घोषणा की थी कि नियोजित शिक्षकों को सातवें वेतन आयोग की अनुशंसा के आलोक में वेतनमान दिया जाएगा. साथ ही साथ पंचायती राज व्यवस्था से नियोजित शिक्षकों को बाहर निकाला जाएगा, जिसके लिए शिक्षा विभाग ने शॉर्ट टर्म, मीड टर्म एवं लांग टर्म प्लान बना कर भी पंचायतीराज व्यवस्था से एक वर्ष के अंदर निकालने का निर्देश था.</p>





<p>उन्होंने कहा कि शिक्षकों को लम्बे समय से आस थी कि उन्हें पंचायती राज व्यवस्था से मुक्ति मिलेगी, लेकिन राज्य सरकार ने निराश किया.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="433" src="https://www.patnanow.com/assets/2020/08/pnc-bmss-pravakta-abhishek-shikshak-sangh.jpg" alt="" class="wp-image-48919" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2020/08/pnc-bmss-pravakta-abhishek-shikshak-sangh.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2020/08/pnc-bmss-pravakta-abhishek-shikshak-sangh-350x233.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /><figcaption><strong>Abhishek Kumar</strong></figcaption></figure>



<p>संघ के प्रवक्ता अभिषेक ने कहा कि नियोजित शिक्षकों की पिछले दिनों चली ढाई महीने की लंबी हड़ताल जिसमें 75 से अधिक शिक्षकों ने अपनी प्राणों की आहुति दी थी. माननीय मुख्यमंत्री के पहल और अनुरोध पर समाप्त हुई थी. आश्वासन दिया गया था कि आप सबों की मांगों पर विचार कर उसे लागू किया जाएगा मगर उन सभी मांगों को दरकिनार कर मात्र पूर्व के ही मिल रहे लाभ को नए ढंग से घोषित कर दिया गया है. उन्होंने कहा कि जहां तक वेतन बढ़ोतरी की बात है राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दिए गए अपने ही हलफनामा से वादाखिलाफी की है. नई सेवा शर्त में पुरुष शिक्षकों के स्थानांतरण का जो प्रावधान किया गया है वो काफी<br>जटिल और अनुपालन करना संभव नहीं है जबकि पुरुष शिक्षक भी अपने परिवार से दूर अन्य जिलों में पदस्थापित हैं.<br>उन्होंने कहा कि जहां तक ईपीए का लाभ देने की बात है तो राज्य सरकार ने प्रोसपेक्टिव इफेक्ट (भावी प्रभाव) से देने की बात कही है जो सरकार के द्वारा बनाए गए ईपीएफ एक्ट, 1953 का उल्लंघन है. नई सेवाशर्त में अन्य सेवाशर्तों की तरह वित्तीय उन्नयन/एसीपी (एश्योरड कैरियर प्रमोशन) का कोई प्रावधान नहीं किया गया है.</p>



<p><strong></strong></p>



<p><strong><em>PNCB</em></strong></p>
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		<title>बड़ी खबर: शिक्षकों की सेवा शर्त पर लग गई कैबिनेट की मुहर</title>
		<link>https://www.patnanow.com/sewa-shart-ki-ghoshna/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 18 Aug 2020 15:06:21 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[एजुकेशन]]></category>
		<category><![CDATA[काम की ख़बर]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[Sewa shart]]></category>
		<category><![CDATA[सेवा शर्त]]></category>
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					<description><![CDATA[बिहार के शिक्षकों की बहुप्रतीक्षित मांग आज बिहार कैबिनेट की बैठक में सेवा शर्त पर मुहर लगने के साथ पूरी होती दिख रही है. सरकार ने शिक्षकों की अधिकांश मांगों को मान लिया है. हालांकि आर्थिक मामलों को लेकर शिक्षकों की नाराजगी सरकार को झेलनी पड़ सकती है. सरकार ने शिक्षकों के आगे से नियोजित शब्द को विलोपित कर दिया है. नई नियमावली में नियोजित शब्द का कहीं प्रयोग नहीं होगा. इसके साथ ही शिक्षकों को 15 फ़ीसदी वेतन वृद्धि का लाभ देने की घोषणा की गई है जो 1 अप्रैल 2021 से लागू होगी. हालांकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इससे पहले सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के आधार पर शिक्षकों का वेतन देने की घोषणा की थी और शिक्षकों को पंचायती राज व्यवस्था से अलग करने का ऐलान भी मुख्यमंत्री ने पहले किया था. लेकिन इन दोनों मामलों में सरकार पीछे हटते नजर आई है. इसे लेकर बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ ने कड़ी नाराजगी जताई है और कहा है कि हम शिक्षक ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं. सेवा शर्त की खास बातें # सेवा काल में एक बार अंतर जिला ट्रांसफर की सुविधा # दूसरे नियोजन इकाई या वर्तमान नियोजन इकाई में उच्च वेतनमान या उच्च कोटि के पद पर नियोजन होने की स्थिति में सेवा निरंतरता का लाभ मिलेगा # मातृत्व अवकाश को 135 दिनों से बढ़ाकर 180 दिन के लिए कर दिया गया है जो प्रथम दो संतानों के लिए मान्य होगा # पितृत्व अवकाश की सुविधा भी अब शिक्षक और पुस्तकालयाध्यक्षों को मिलेगी जो 15 [&#8230;]]]></description>
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<p>बिहार के शिक्षकों की बहुप्रतीक्षित मांग आज बिहार कैबिनेट की बैठक में सेवा शर्त पर मुहर लगने के साथ पूरी होती दिख रही है. सरकार ने शिक्षकों की अधिकांश मांगों को मान लिया है. हालांकि आर्थिक मामलों को लेकर शिक्षकों की नाराजगी सरकार को झेलनी पड़ सकती है. सरकार ने शिक्षकों के आगे से नियोजित शब्द को विलोपित कर दिया है. नई नियमावली में नियोजित शब्द का कहीं प्रयोग नहीं होगा. इसके साथ ही शिक्षकों को 15 फ़ीसदी वेतन वृद्धि का लाभ देने की घोषणा की गई है जो 1 अप्रैल 2021 से लागू होगी. हालांकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इससे पहले सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के आधार पर शिक्षकों का वेतन देने की घोषणा की थी और शिक्षकों को पंचायती राज व्यवस्था से अलग करने का ऐलान भी मुख्यमंत्री ने पहले किया था. लेकिन इन दोनों मामलों में सरकार पीछे हटते नजर आई है. इसे लेकर बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ ने कड़ी नाराजगी जताई है और कहा है कि हम शिक्षक ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="456" height="344" src="https://www.patnanow.com/assets/2020/05/pnc-rk-mahajan-ias.jpg" alt="" class="wp-image-47133" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2020/05/pnc-rk-mahajan-ias.jpg 456w, https://www.patnanow.com/assets/2020/05/pnc-rk-mahajan-ias-350x264.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 456px) 100vw, 456px" /><figcaption><strong>RK Mahajan</strong></figcaption></figure>



<p><strong>सेवा शर्त की खास बातें</strong></p>



<p># सेवा काल में एक बार अंतर जिला ट्रांसफर की सुविधा </p>



<p># दूसरे नियोजन इकाई या वर्तमान नियोजन इकाई में उच्च वेतनमान या उच्च कोटि के पद पर नियोजन होने की स्थिति में सेवा निरंतरता का लाभ मिलेगा</p>



<p># मातृत्व अवकाश को 135 दिनों से बढ़ाकर 180 दिन के लिए कर दिया गया है जो प्रथम दो संतानों के लिए मान्य होगा </p>



<p># पितृत्व अवकाश की सुविधा भी अब शिक्षक और पुस्तकालयाध्यक्षों को मिलेगी जो 15 दिनों के लिए होगी और यह पहली दो संस्थानों के लिए मान्य होगी </p>



<p># शिक्षकों को अध्ययन अवकाश मिलेगा जो वर्तमान में 7 साल की सेवा के बाद अधिकतम 3 साल के लिए अवैतनिक है उसे अब योगदान के 3 साल की न्यूनतम सेवा के बाद दिया जाएगा </p>



<p># शिक्षकों को अब 2 साल की सेवा के बाद हर साल 11 दिनों का अर्जित अवकाश भी मिलेगा जो अधिकतम 120 दिनों का संचित होगा. </p>



<p># सेवाकाल में मृत्यु होने पर शिक्षक और शिक्षकेतर कर्मियों के परिजन को अनुकंपा पर नौकरी मिलेगी </p>



<p># जहां तक प्रोन्नति का सवाल है तो उच्च माध्यमिक शिक्षक के 50% पद सीधी भर्ती से भरे जाएंगे जबकि बाकी 50 फ़ीसदी पदों को माध्यमिक शिक्षक जो अपेक्षित योग्यता और कालावधी पूरी करते हैं उन्हें दिया जाएगा. जबकि प्रधानाध्यापक के वेतनमान का निर्धारण वित्त विभाग की सहमति से करते हुए प्रधानाध्यापक का पद सृजित करते हुए इस पर माध्यमिक शिक्षक और उच्च माध्यमिक शिक्षकों को प्रोन्नति दी जाएगी. प्रारंभिक शिक्षकों के मामले में देसी ग्रेड में 50 फ़ीसदी पदों पर प्रोन्नति का प्रावधान और वेतनमान दोनों निर्धारित है स्नातक ग्रेड की प्रधान पद पर प्रोन्नति के प्रावधान हैं लेकिन प्रधानाध्यापक का वेतनमान निर्धारित नहीं है इसे वित्त विभाग से विस्तृत दिशा निर्देश मिलने के बाद अलग से जारी किया जाएगा.</p>



<p>#  शिक्षकों को 15 फ़ीसदी वेतन वृद्धि का लाभ 1 अप्रैल 2021 से मिलेगा.</p>



<p># ईपीएफ की सुविधा मिलेगी जिसमें 12-12 फीसदी का अंशदान होगा. 12 फीसदी सरकार अपने हिस्से से देगी.</p>



<p><strong><em>राजेश तिवारी</em></strong></p>
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