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	<title>Sarkari bhumi &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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		<title>सरकारी भूमि के दाखिल-खारिज में घोर लापरवाही,  सख्त निर्देश जारी</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 18 Jan 2026 15:12:32 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[सरकारी भूमि का औसत निष्पादन मात्र 22.86%, कई अंचलों में एक भी मामला नहीं निपटाया गया पटना : राज्य में सरकारी भूमि के दाखिल-खारिज एवं जमाबंदी सृजन की प्रक्रिया में गंभीर शिथिलता सामने आ रही है. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह ने इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए सभी जिला समाहर्ताओं को सरकारी भूमि से संबंधित वादों के त्वरित निष्पादन का स्पष्ट निर्देश देते हुए पत्र जारी किया है. सचिव द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि विभिन्न प्रक्रियाओं से अंतरित, अर्जित एवं अधिसूचित सरकारी भूमि की जमाबंदी सृजन के लिए विभाग द्वारा पूर्व में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए जा चुके हैं तथा इसके लिए “सरकारी भूमि दाखिल-खारिज पोर्टल” भी विकसित किया गया है. इसके बावजूद राज्य स्तर पर सरकारी भूमि के दाखिल-खारिज वादों का औसत निष्पादन मात्र 22.86 प्रतिशत पाया गया है. यह अत्यंत चिंताजनक है.पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि राज्य के कई अंचलों में सरकारी भूमि के दाखिल-खारिज का एक भी मामला निष्पादित नहीं किया गया है. इससे यह स्पष्ट होता है कि अंचल स्तर पर इस कार्य के प्रति अपेक्षित गंभीरता एवं अभिरुचि नहीं ली जा रही है.सचिव ने स्पष्ट किया है कि सरकारी भूमि का समयबद्ध दाखिल-खारिज सरकारी हितों की सुरक्षा, राजस्व संरक्षण और अभिलेखों की शुद्धता के लिए अत्यंत आवश्यक है. लंबित मामलों का जिलावार एवं अंचलवार विवरण पत्र के साथ संलग्न किया गया है, ताकि संबंधित अधिकारी वास्तविक स्थिति से अवगत हो सकें.उन्होंने सभी समाहर्ताओं से अनुरोध किया है कि वे संबंधित अंचल अधिकारियों को [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>सरकारी भूमि का औसत निष्पादन मात्र 22.86%, कई अंचलों में एक भी मामला नहीं निपटाया गया </strong></p>



<p>पटना : राज्य में सरकारी भूमि के दाखिल-खारिज एवं जमाबंदी सृजन की प्रक्रिया में गंभीर शिथिलता सामने आ रही है. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह ने इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए सभी जिला समाहर्ताओं को सरकारी भूमि से संबंधित वादों के त्वरित निष्पादन का स्पष्ट निर्देश देते हुए पत्र जारी किया है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="850" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/06/PNC-revenue-and-land-reforms-Bihar-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-84650" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/06/PNC-revenue-and-land-reforms-Bihar-scaled.jpg 850w, https://www.patnanow.com/assets/2024/06/PNC-revenue-and-land-reforms-Bihar-540x650.jpg 540w" sizes="(max-width: 850px) 100vw, 850px" /></figure>



<p><br>सचिव द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि विभिन्न प्रक्रियाओं से अंतरित, अर्जित एवं अधिसूचित सरकारी भूमि की जमाबंदी सृजन के लिए विभाग द्वारा पूर्व में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए जा चुके हैं तथा इसके लिए “सरकारी भूमि दाखिल-खारिज पोर्टल” भी विकसित किया गया है. इसके बावजूद राज्य स्तर पर सरकारी भूमि के दाखिल-खारिज वादों का औसत निष्पादन मात्र 22.86 प्रतिशत पाया गया है. यह अत्यंत चिंताजनक है.<br>पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि राज्य के कई अंचलों में सरकारी भूमि के दाखिल-खारिज का एक भी मामला निष्पादित नहीं किया गया है. इससे यह स्पष्ट होता है कि अंचल स्तर पर इस कार्य के प्रति अपेक्षित गंभीरता एवं अभिरुचि नहीं ली जा रही है.<br>सचिव ने स्पष्ट किया है कि सरकारी भूमि का समयबद्ध दाखिल-खारिज सरकारी हितों की सुरक्षा, राजस्व संरक्षण और अभिलेखों की शुद्धता के लिए अत्यंत आवश्यक है. लंबित मामलों का जिलावार एवं अंचलवार विवरण पत्र के साथ संलग्न किया गया है, ताकि संबंधित अधिकारी वास्तविक स्थिति से अवगत हो सकें.<br>उन्होंने सभी समाहर्ताओं से अनुरोध किया है कि वे संबंधित अंचल अधिकारियों को निर्देशित करें कि सरकारी भूमि के दाखिल-खारिज से जुड़े सभी लंबित वादों का त्वरित एवं प्राथमिकता के आधार पर निष्पादन सुनिश्चित किया जाए.<br>यह निर्देश सभी अपर समाहर्ताओं, अनुमंडल पदाधिकारियों, भूमि सुधार उप समाहर्ताओं एवं अंचल अधिकारियों को भी सूचनार्थ प्रेषित किया गया है, ताकि विभागीय स्तर पर समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित हो सके.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="1008" height="704" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/01/pnc-vijay-sinha-revenue-minister-with-ck-anil.jpg" alt="" class="wp-image-94052" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/01/pnc-vijay-sinha-revenue-minister-with-ck-anil.jpg 1008w, https://www.patnanow.com/assets/2026/01/pnc-vijay-sinha-revenue-minister-with-ck-anil-650x454.jpg 650w" sizes="(max-width: 1008px) 100vw, 1008px" /></figure>



<p><strong>किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं</strong></p>



<p>उपमुख्यमंत्री सह मंत्री, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग विजय कुमार सिन्हा ने कहा है कि सरकारी भूमि का समयबद्ध दाखिल-खारिज अत्यंत आवश्यक है, ताकि किसी भी स्थिति में सरकारी भूमि का निजी नाम पर दर्ज होना रोका जा सके. इस दिशा में उठाए गए सख्त कदम सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा और पारदर्शी राजस्व व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए हैं.<br>उन्होंने कहा कि सरकारी भूमि अभिलेखों की शुद्धता राज्य के औद्योगिकरण और विकास से सीधे जुड़ी है. समय पर दाखिल-खारिज होने से औद्योगिक परियोजनाओं को गति मिलेगी, निवेश बढ़ेगा और राज्य का तेज एवं सतत विकास संभव होगा. उपमुख्यमंत्री ने सभी जिम्मेदार अधिकारियों को निर्देश दिया कि सरकारी भूमि के दाखिल-खारिज से जुड़े लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करें. इस कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
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