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	<title>Sangeet natak acadmy &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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		<title>बिहार की झोली में 13 संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार</title>
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		<pubDate>Sat, 26 Nov 2022 05:59:44 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[संगीत नाटक अकादमी अवार्ड में हृषिकेश सुलभ, सुमन झा, रंजना कुमारी झा, मैथिली ठाकुर और सुदीपा घोष प्रमुख दिसंबर में  राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों ये पुरस्कार दिल्ली में दिए जाएंगे विशेष अलंकरण समारोह: छत्तीसगढ़ की तीजन बाई व ममता चंद्राकर को संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार, राष्ट्रपति करेंगी सम्मानित संगीत, नाटक और नृत्य के क्षेत्र में पिछलेतीन साल के लिए घोषित संगीत नाटक अकादमी अवार्ड में बिहार के 13 कलाकारों का चयन हुआ है. इनमें चर्चित नाटककार और रंगकर्मी हृषीकेश सुलभ, ठुमरी गायिका कुमुद झा दीवान, लोकगायिका रंजना झा और मैथिली ठाकुर भी शामिल हैं. संगीत नाटक अकादमी (दिल्ली) के सचिव अनीश पी राजन ने शुक्रवार शाम साल 2019, 2020 और 2021 के अवार्ड की अधिसूचना जारी की. हृषीकेश सुलभ को नाट्य लेखन, नीलेश्वर मिश्र को अभिनय, मिथिलेश राय को निर्देशन के लिए अकादमी अवार्ड मिलेगा. 13 कलाकारों में पांच बेटियां हैं. वरीय पुरस्कारों में कुमुद झा दीवान और रंजना झा और बिस्मिल्लाह खान युवा पुरस्कार की सूची में भरतनाट्यम की कलाकार सुदीपा घोष, लोकनृत्य के सुपरिचित नाम जितेन्द्र चौरसिया, मैथिली ठाकुर व अभिनेत्री रूबी खातून शामिल हैं. 90 वर्षीय अभिनेता, निर्देशक गणेश प्रसाद सिन्हा, 75 वर्षके अभिनेता-निर्देशक सुमन कुमार, लोकगीतों के जाने-मानेनाम भरत सिंह भारती और ध्रुपद गायक रघुवीर मलिक का चयन अमृत अवार्ड के लिए किया गया है. युवा पुरस्कार के लिए 25 हजार जबकि संगीत नाटक अकादमी और अमृत अवार्ड धारियों को एक-एक लाख रुपये, ताम्र पत्र और अंगवस्त्र दिए जाएंगे. संगीत नाटक अकादमी ने 86 कलाकारों के लिए भारत की आजादी के [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>संगीत नाटक अकादमी अवार्ड में हृषिकेश सुलभ, सुमन झा, रंजना कुमारी झा, मैथिली ठाकुर और सुदीपा घोष</strong> <strong>प्रमुख</strong> </p>



<p><strong>दिसंबर में  राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों ये पुरस्कार दिल्ली में दिए जाएंगे</strong></p>



<p><strong>विशेष अलंकरण समारोह: छत्तीसगढ़ की तीजन बाई व ममता चंद्राकर को संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार, राष्ट्रपति करेंगी सम्मानित</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="428" height="600" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/11/109_hrishikesh_novel.jpg" alt="" class="wp-image-69119" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/11/109_hrishikesh_novel.jpg 428w, https://www.patnanow.com/assets/2022/11/109_hrishikesh_novel-250x350.jpg 250w" sizes="(max-width: 428px) 100vw, 428px" /><figcaption><strong> हृषीकेश सुलभ</strong></figcaption></figure>



<p>संगीत, नाटक और नृत्य के क्षेत्र में पिछलेतीन साल के लिए घोषित संगीत नाटक अकादमी अवार्ड में बिहार के 13 कलाकारों का चयन हुआ है. इनमें चर्चित नाटककार और रंगकर्मी हृषीकेश सुलभ, ठुमरी गायिका कुमुद झा दीवान, लोकगायिका रंजना झा और मैथिली ठाकुर भी शामिल हैं. संगीत नाटक अकादमी (दिल्ली) के सचिव अनीश पी राजन ने शुक्रवार शाम साल 2019, 2020 और 2021 के अवार्ड की अधिसूचना जारी की. हृषीकेश सुलभ को नाट्य लेखन, नीलेश्वर मिश्र को अभिनय, मिथिलेश राय को निर्देशन के लिए अकादमी अवार्ड मिलेगा. 13 कलाकारों में पांच बेटियां हैं. वरीय पुरस्कारों में कुमुद झा दीवान और रंजना झा और बिस्मिल्लाह खान युवा पुरस्कार की सूची में भरतनाट्यम की कलाकार सुदीपा घोष, लोकनृत्य के सुपरिचित नाम जितेन्द्र चौरसिया, मैथिली ठाकुर व अभिनेत्री रूबी खातून शामिल हैं. 90 वर्षीय अभिनेता, निर्देशक गणेश प्रसाद सिन्हा, 75 वर्षके अभिनेता-निर्देशक सुमन कुमार, लोकगीतों के जाने-मानेनाम भरत सिंह भारती और ध्रुपद गायक रघुवीर मलिक का चयन अमृत अवार्ड के लिए किया गया है. युवा पुरस्कार के लिए 25 हजार जबकि संगीत नाटक अकादमी और अमृत अवार्ड धारियों को एक-एक लाख रुपये, ताम्र पत्र और अंगवस्त्र दिए जाएंगे.</p>



<figure class="wp-block-image size-full is-resized"><img decoding="async" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/11/AALOK.jpg" alt="" class="wp-image-69120" width="494" height="494"/><figcaption><strong>आलोक चटर्जी </strong></figcaption></figure>



<p>संगीत नाटक अकादमी ने 86 कलाकारों के लिए भारत की आजादी के 75 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आजादी का अमृत महोत्सव के तहत एक बार के संगीत नाटक अकादमी अमृत पुरस्कार की घोषणा की है. संगीत नाटक अकादमी, राष्ट्रीय संगीत, नृत्य और नाटक अकादमी, नई दिल्ली की सामान्य परिषद ने नई दिल्ली में 6-8 नवंबर 2022 को आयोजित अपनी बैठक में सर्वसम्मति से इस एक बार के पुरस्कार के लिए 86 कलाकारों का चयन किया है. इनमें ऐसे कलाकार शामिल हैं जिनकी उम्र 75 वर्ष से अधिक है और जिन्हें भारत के प्रदर्शन कला के क्षेत्र से अब तक अपने करियर में कोई राष्ट्रीय सम्मान नहीं मिला है. संगीत नाटक अकादमी ने आजादी का अमृत महोत्सव के तहत एक बार के संगीत नाटक अकादमी अमृत पुरस्कार की घोषणा की. भारत के प्रदर्शन कला के क्षेत्र से 86 कलाकारों को इस पुरस्कार के लिए चुना गया है. संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार भारत के राष्ट्रपति द्वारा एक विशेष अलंकरण समारोह में प्रदान किए जाएंगे.</p>



<p><strong>2019 के अकादमी पुरस्कार के लिए 11 संगीतकार</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-full is-resized"><img decoding="async" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/11/sangeet1.png" alt="" class="wp-image-69121" width="593" height="453" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/11/sangeet1.png 471w, https://www.patnanow.com/assets/2022/11/sangeet1-350x268.png 350w" sizes="(max-width: 593px) 100vw, 593px" /></figure>



<p>विनायक तोरवी, प्रेम कुमार मल्लिक, चेतन कुमार जोशी और मंजू नंदन मेहता सहित 11 कलाकारों को संगीत के क्षेत्र में पुरस्कार के लिए चुना गया है. वसुंधरा दोरास्वामी, राघव राज भट्ट, मंगला भट्ट, कोट्टक्कल नंदकुमारन नायर, मंजू बरगवी और सुतापा तालुकदार सहित 9 कलाकारों को नृत्य के क्षेत्र में पुरस्कृत किया जाएगा. हृषिकेश सुलभ (नाटक लेखन), भारती शर्मा, कुमार सोहोनी, अविनाश शर्मा, आलोक चटर्जी और प्रांजल सैकिया सहित 9 लोगों को नाटक के क्षेत्र में सम्मानित किया जाएगा.इसी तरह अकादमी ने तीनों वर्षों में विभिन्न श्रेणियों में 128 कलाकारों को सम्मानित करने के लिए चयनित किया है. इन कलाकारों को राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित किया जाएगा.वर्ष 2010 के संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार के लिए प्रसिद्ध भजन गायक अनूप जलोटा सहित 11 कलाकारों को संगीत के क्षेत्र में सम्मानित किया जाएगा.</p>



<p><strong>अमृत पुरस्कार में 1 लाख रुपए मिलेंगे</strong></p>



<p>इस प्रकार चुने गए पुरस्कार विजेता पूरे देश का प्रतिनिधित्व करते हैं, और विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से संबंधित हैं. इसके अलावा, ये कलाकार भारत की प्रदर्शन कलाओं की विभिन्न शैलियों को कवर करते हैं. संगीत नाटक अकादमी अमृत पुरस्कार में 1,00,000/- (रुपये एक लाख) रुपये की राशि दी जाती है. एक ताम्रपत्र और अंगवस्त्रम दिया जाता है.</p>



<p><strong>अकादमी फेलो के सम्मान में 3 लाख रुपए मिलेंगे</strong></p>



<p>संगीत नाटक अकादमी, राष्ट्रीय संगीत, नृत्य और नाटक अकादमी, नई दिल्ली की सामान्य परिषद ने 6-8 नवंबर 2022 को नई दिल्ली में हुई अपनी बैठक में सर्वसम्मति से प्रदर्शन कला के क्षेत्र में दस (10) प्रतिष्ठित हस्तियों को अकादमी के रूप में चुना शोध छात्रों. अकादमी की फैलोशिप एक सबसे प्रतिष्ठित और दुर्लभ सम्मान है, जो किसी भी समय 40 तक सीमित है. दस (10) अध्येताओं के चुनाव के साथ, वर्तमान में संगीत नाटक अकादमी के (39) अध्येता हैं. अकादमी फेलो के सम्मान में 3,00,000/- रुपये (तीन लाख रुपये) की पुरस्कार राशि दी जाती है, जबकि अकादमी पुरस्कार में एक ताम्रपत्र और अंगवस्त्रम के अलावा 1,00,000/- रुपये (एक लाख रुपये) की नकद राशि दी जाती है.</p>



<p><strong>संगीत नाटक के लिए 128 कलाकार चयनित</strong></p>



<p>सामान्य परिषद ने संगीत नाटक के लिए संगीत, नृत्य, रंगमंच, पारंपरिक/लोक/जनजातीय संगीत/नृत्य/रंगमंच, कठपुतली कला के क्षेत्र से 128 कलाकारों का चयन किया. प्रदर्शन कला में समग्र योगदान/छात्रवृत्ति वर्ष 2019, 2020 और 2021 के लिए अकादमी पुरस्कार. इन कलाकारों में तीन संयुक्त पुरस्कार शामिल हैं.</p>



<p>प्रख्यात कलाकार प्रदर्शन कला के संपूर्ण सरगम ​​​​को कवर करते हैं जैसे कि मुखर संगीत, हिंदुस्तानी और कर्नाटक दोनों; वाद्य संगीत, बांसुरी, सितार और मृदंगम सहित हिंदुस्तानी और कर्नाटक दोनों; सुगम संगीत और साथ ही हरिकथा; भारतीय नृत्य के प्रमुख रूप जैसे भरतनाट्यम, कथक, कथकली, कुचिपुड़ी, ओडिसी, सत्त्रिया, मोहिनीअट्टम और समकालीन नृत्य; नाटक लेखन, निर्देशन, अभिनय, श्रृंगार, प्रकाश व्यवस्था, मंच डिजाइन जैसे रंगमंच की विभिन्न विशेषज्ञताए; इसाई नाटकम जैसे रंगमंच की अन्य प्रमुख परंपराएँ; लोक और आदिवासी कलाओं के साथ-साथ कठपुतली और वाद्य यंत्र बनाने की कलाएँ.</p>



<p><strong>PNCDESK</strong></p>
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		<title>मातृ भाषा को हर स्तर पर उचित सम्मान दिया जाना चाहिए-उप उपराष्ट्रपति</title>
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		<dc:creator><![CDATA[pnc]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 09 Apr 2022 19:02:40 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[PATNA]]></category>
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					<description><![CDATA[आजादी के लिए कई गुमनाम नायकों ने बलिदान दिया उन्हें भी याद करने की जरुरत संगीत नाटक पुरस्कार और प्रतिष्ठित कलाकारों को ललित कला अकादमी के राष्ट्रीय पुरस्कार ललित कला अकादमी ने तीन उत्कृष्ट कलाकारों हिम्मत शाह, ज्योति भट्ट और श्याम शर्मा को प्रतिष्ठित फेलोशिप से सम्मानित तबला वादक जाकिर हुसैन, जतिन गोस्वामी, डॉ सोनल मानसिंह और थिरुविदैमरुदुर कुप्पिया कल्याणसुंदरम को संगीत नाटक अकादमी फेलोशिप उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने आज नई दिल्ली में आयोजित एक विशेष समारोह में वर्ष 2018 के लिए संगीत नाटक अकादमी फेलोशिप, संगीत नाटक पुरस्कार और प्रतिष्ठित कलाकारों को ललित कला अकादमी के राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किए. चार कलाकारों को संगीत नाटक अकादमी फेलोशिप दी गई जबकि 40 अन्य को संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया. ललित कला अकादमी पुरस्कार 23 हस्तियों को दिए गए. राजधानी दिल्ली में स्थित संगीत नाटक अकादमी और ललित कला अकादमी के पुरस्कार समारोह में उप राष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू शामिल हुए. इस मौके पर संबोधित करते हुए उप राष्ट्रपति ने मातृ भाषा पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि मातृ भाषा को हर स्तर पर उचित सम्मान दिया जाना चाहिए. चाहे सरकारी कामकाज का क्षेत्र हो या शिक्षा हो या फिर अदालत सभी जगह मातृ भाषा का सम्मान और उसका प्रयोग किया जाना चाहिए. इस दौरान उप-राष्ट्रपति नायडूने कहा कि आजादी के गुमनाम नायकों को मान्यता देना हमारा कर्तव्य है. शनिवार को देश की राजधानी में आयोजित इस कार्यक्रम में उप राष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने देश की आजादी के गुमनाम नायकों को मान्यता देने की वकालत की. [&#8230;]]]></description>
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<p></p>



<p><strong>आजादी के लिए कई गुमनाम नायकों ने बलिदान दिया उन्हें भी याद करने की जरुरत </strong></p>



<p><strong>संगीत नाटक पुरस्कार और प्रतिष्ठित कलाकारों को ललित कला अकादमी के राष्ट्रीय पुरस्कार</strong></p>



<p><strong>ललित कला अकादमी ने तीन उत्कृष्ट कलाकारों हिम्मत शाह, ज्योति भट्ट और श्याम शर्मा को प्रतिष्ठित फेलोशिप से सम्मानित</strong></p>



<p><strong>तबला वादक जाकिर हुसैन, जतिन गोस्वामी, डॉ सोनल मानसिंह और थिरुविदैमरुदुर कुप्पिया कल्याणसुंदरम को संगीत नाटक अकादमी फेलोशिप</strong></p>



<p>उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने आज नई दिल्ली में आयोजित एक विशेष समारोह में वर्ष 2018 के लिए संगीत नाटक अकादमी फेलोशिप, संगीत नाटक पुरस्कार और प्रतिष्ठित कलाकारों को ललित कला अकादमी के राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किए. चार कलाकारों को संगीत नाटक अकादमी फेलोशिप दी गई जबकि 40 अन्य को संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया. ललित कला अकादमी पुरस्कार 23 हस्तियों को दिए गए.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="437" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/04/278189473_5612958832064464_6820710934466302658_n-1.jpg" alt="" class="wp-image-60674" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/04/278189473_5612958832064464_6820710934466302658_n-1.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/04/278189473_5612958832064464_6820710934466302658_n-1-350x235.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>राजधानी दिल्ली में स्थित संगीत नाटक अकादमी और ललित कला अकादमी के पुरस्कार समारोह में उप राष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू शामिल हुए. इस मौके पर संबोधित करते हुए उप राष्ट्रपति ने मातृ भाषा पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि मातृ भाषा को हर स्तर पर उचित सम्मान दिया जाना चाहिए. चाहे सरकारी कामकाज का क्षेत्र हो या शिक्षा हो या फिर अदालत सभी जगह मातृ भाषा का सम्मान और उसका प्रयोग किया जाना चाहिए. इस दौरान उप-राष्ट्रपति नायडूने कहा कि आजादी के गुमनाम नायकों को मान्यता देना हमारा कर्तव्य है.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="538" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/04/malini.jpg" alt="" class="wp-image-60675" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/04/malini.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/04/malini-350x290.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /><figcaption><strong>लोक गायिका मालिनी अवस्थी उप राष्ट्रपति के हाथों सम्मान लेते </strong></figcaption></figure>



<p>शनिवार को देश की राजधानी में आयोजित इस कार्यक्रम में उप राष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने देश की आजादी के गुमनाम नायकों को मान्यता देने की वकालत की. उन्होंने कहा कि गुमनाम नायकों के बलिदानों को रेखांकित करने के लिए कला के रूपों जैसे सिनेमा और संगीत का इस्तेमाल किया जाना चाहिए. इस दौरान उप राष्ट्रपति ने अफसोस जताया कि लोग राबर्ट क्लाइव के बारे में तो जानते हैं, लेकिन कोमाराम भीम और अल्लूरी सीताराम राजू जैसे स्वतंत्रता सेनानियों के बारे में उनको कोई जानकारी ही नहीं हैं. नायडू ने कहा कि आजादी के लिए कई गुमनाम नायकों ने बलिदान दिया है, लेकिन उनकी कहानी के बारे में आम जनता को काफी हद तक जानकारी ही नहीं है, लोग उनसे अनभिज्ञ हैं, क्योंकि इनके बारे में इतिहास की किताबों में पढ़ाया ही नहीं गया है. वैंकैया नायडू ने कहा कि ऐसे गुमनाम नायकों को मान्यता देना हमारा कर्तव्य है. संबोधित करते हुए उप राष्ट्रपति नायडू ने कहा कि इन विकृतियों को ठीक करना चाहिए. उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान कम ज्ञात नायकों के योगदान को रेखांकित करने की आवश्यकता पर जोर दिया. उन्होंने &#8216;आजादी का अमृत महोत्सव&#8217; को लेकर सरकार की प्रशंसा भी की.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="600" height="333" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/04/277584591_3293972727502383_1846464026492333976_n.jpg" alt="" class="wp-image-60677" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/04/277584591_3293972727502383_1846464026492333976_n.jpg 600w, https://www.patnanow.com/assets/2022/04/277584591_3293972727502383_1846464026492333976_n-350x194.jpg 350w" sizes="(max-width: 600px) 100vw, 600px" /><figcaption><strong>पद्मश्री श्याम  शर्मा उप राष्ट्रपति के हाथों सम्मान लेते</strong></figcaption></figure>



<p>तबला वादक जाकिर हुसैन, जतिन गोस्वामी, डॉ सोनल मानसिंह और थिरुविदैमरुदुर कुप्पिया कल्याणसुंदरम को संगीत नाटक अकादमी फेलोशिप से सम्मानित किया गया. उन्हें कला के क्षेत्र में उनके विशिष्&#x200d;ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया. ललित कला अकादमी ने तीन उत्कृष्ट कलाकारों हिम्मत शाह, ज्योति भट्ट और श्याम शर्मा को प्रतिष्ठित फेलोशिप से सम्मानित किया.नाटक के लिए संगीत अकादमी का सम्मान बिहार के नाट्य निर्देशक संजय उपाध्याय को मिला. इस अवसर पर केंद्रीय संस्कृति मंत्री जी. किशन रेड्डी भी मौजूद थे. इस अवसर पर उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने कहा कि देश के कलाकारों ने अपने समृद्ध अतीत को वर्तमान और भविष्य के सूत्र में पिरोए रखा है. श्री नायडू ने कहा कि देश की भव्य सांस्कृतिक परंपराओं और विभिन्न कला संस्&#x200d;कृतियों को संरक्षित रखना और उसे बढ़ावा देना हम सबका कर्तव्य है.</p>



<p>केंद्रीय संस्कृति मंत्री जी. किशन रेड्डी ने कहा कि कला और संस्&#x200d;कृति भारत की आत्&#x200d;मा हैं और इनका संरक्षण आवश्&#x200d;यक है. लोक गायक और संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार विजेता मालिनी अवस्थी ने युवाओं से देश की समृद्ध परंपराओं और संस्कृति को संरक्षित और बढ़ावा देने की अपील की. संगीत नाटक अकादमी ने आज से पर्फोरमिंग आटर्स उत्सव का आयोजन किया है जो इस महीने की 19 तारीख तक नई दिल्ली के कमानी सभागार और मेघदूत परिसर तथा रवींद्र भवन में आयोजित किया जा रहा है.</p>



<p><strong>बिहार के संजय उपाध्याय को मिला संगीत नाटक अकादमी अवार्ड </strong></p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="474" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/04/278204698_2202141406619959_4424839314323000707_n-650x474.jpg" alt="" class="wp-image-60673" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/04/278204698_2202141406619959_4424839314323000707_n-650x474.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/04/278204698_2202141406619959_4424839314323000707_n-350x255.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2022/04/278204698_2202141406619959_4424839314323000707_n.jpg 720w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /><figcaption>नाट्य निर्देशक संजय उपाध्याय उप राष्ट्रपति के हाथों सम्मान लेते</figcaption></figure>



<p>निर्देशन के क्षेत्र में उनके असाधारण योगदान के लिए संजय उपाध्याय को 2018 का संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार प्रदान किया गया है. उन्हें यह पुरस्कार भारत के माननीय उपराष्ट्रपति द्वारा 9 अप्रैल, 2022 को विज्ञान भवन, नई दिल्ली में प्रदान किया गया.</p>



<p>&#8220;12 जनवरी 1965 को जन्मे, बहुआयामी संजय उपाध्याय समकालीन भारतीय रंगमंच के सबसे प्रमुख निर्देशकों और थिएटर प्रैक्टिशनरों में से एक हैं. उन्होंने रंगमंच संगीत के क्षेत्र में भी अपनी नवीन शैली और तकनीकों के माध्यम से अपनी खुद की जगह बनाई है. संजय उपाध्याय संगीत और ध्वनि-स्कोर की समृद्धि के साथ शैलीकरण के एक प्रमुख व्यवसायी हैं, जिसे उन्होंने अपनी कई प्रस्तुतियों में लगातार शामिल किया है. और वे कुछ ऐसे निर्देशकों में से हैं, जो समकालीनता की नवीन भावना के साथ पारंपरिक थिएटर मुहावरों को नियोजित करते हैं. यह विशिष्टता श्री संजय उपाध्याय को एक विशिष्ट निर्देशक बनाती है जो समकालीन शहरी और ग्रामीण दर्शकों को समान रूप से संबोधित करते हुए पारंपरिक थिएटर टूल्स (जैसे संगीत, कोरियोग्राफी, शैलीकरण और पारंपरिक थिएटर डिवाइस) का उपयोग करते हैं.</p>



<p>40 से अधिक वर्षों से रंगमंच के रचनात्मक अनुशासन में सक्रिय संजय उपाध्याय देश के बहुत कम निर्देशकों और डिजाइनरों में से एक हैं, जिन्होंने अपने अभिनव प्रयोग से अपनी शैली और व्यक्तिगत पहचान बनाई है. उन्होंने रंगमंच संगीत के क्षेत्र में भी अपनी अनूठी शैली और तकनीकों के माध्यम से अपनी खुद की जगह बनाई है. उपाध्याय का रंगमंच केवल अपने कलात्मक मूल्य के लिए ही नहीं बल्कि अपनी काव्य भव्यता के लिए भी पहचाना जाता है. दूसरे शब्दों में, वे शायद हिंदी रंगमंच के केवल रंगमंच निर्देशक और डिजाइनर हैं, जिनके रंगमंच में रंगमंच की शैली में संगीत का एक महत्वपूर्ण रंगमंच भाषा उपकरण के रूप में उपयोग करने की सभी अच्छाई हैं. </p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="350" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/04/278167497_2005278196347176_6039476622966745235_n.jpg" alt="" class="wp-image-60676" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/04/278167497_2005278196347176_6039476622966745235_n.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/04/278167497_2005278196347176_6039476622966745235_n-350x188.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>बहुआयामी संजय उपाध्याय समकालीन भारतीय रंगमंच के सबसे प्रमुख निर्देशकों और चिकित्सकों में से एक हैं. वह बिहार के शैलीकरण और नृत्य और संगीत-उन्मुख ग्रामीण रंगमंच की विरासत के साथ आगे बढ़ रहे हैं, लेकिन अपने रंगमंच प्रस्तुतियों की कल्पना करते हुए एक समझदार आधुनिक दृष्टिकोण रखते हैं. उन्हें रंगमंच निर्देशन, रंगमंच संगीत और डिजाइन के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए मान्यता मिली होगी. संगीत नाटक अवार्ड्स जैसे प्रतिष्ठा और सम्मान के साथ उन्हें प्रदान करने के लिए उनके पास पर्याप्त से अधिक साख है.निर्देशक परवेज अख्तर ने कहा कि मुझे खुशी है कि 80 के दशक में संजय के साथ कई सालों तक काम करने के कई मौके मिले, वह भी उतने ही अच्छे अभिनेता है  संजय उपाध्याय को इस विशिष्ट उपलब्धि के लिए बहुत-बहुत बधाई और भविष्य में कई उच्च उपलब्धियों के लिए शुभकामनाएं!!</p>



<p>PNCDESK</p>
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		<title>बालिका वधू की दादी सा ने कहा अलविदा</title>
		<link>https://www.patnanow.com/balika-vadhu-ki-dadi-sa-ne-kiya-alvida/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 16 Jul 2021 05:28:37 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
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					<description><![CDATA[मुंबई,16 जुलाई. अपने अभिनय के बदौलत सपोर्टिंग कैरेक्टर के लिए 3 बार नेशनल अवार्ड जीतने वाली टेलीविजन और फ़िल्म अभिनेत्री सुरेखा सीकरी का मुंबई में निधन शुक्रवार की सुबह दिल का दौरा पड़ने से हो गया. वे काफी समय से बीमार चल रही थीं. 2020 में सुरेखा, ब्रेन स्ट्रोक की शिकार हो गई थीं. वे दूसरे ब्रेन स्ट्रोक की वजह से हुए कॉम्पलीकेशन्स से जूझ रही थीं. बालिका वधू सीरियल की दादी सा(कल्याणी देवी) के रूप में अपने अभिनय से उन्होंने लोगों के दिलो पर राज किया था. उनका अभिनय आने वाले समय तक लोगों के लिए अविष्मरणीय रहेगा. सुरेखा ने 1971 में नेशनल स्कूल और ड्रामा से अभिनय में ग्रेजुएशन किया था और संगीत नाटक अकादमी से 1989 का अवार्ड भी जीता. PNCB]]></description>
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<p>मुंबई,16 जुलाई. अपने अभिनय के बदौलत सपोर्टिंग कैरेक्टर के लिए 3 बार नेशनल अवार्ड जीतने वाली टेलीविजन और फ़िल्म अभिनेत्री सुरेखा सीकरी का मुंबई में निधन शुक्रवार की सुबह दिल का दौरा पड़ने से हो गया. वे काफी समय से बीमार चल रही थीं. </p>



<figure class="wp-block-image size-large is-style-default"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="433" src="https://www.patnanow.com/assets/2021/07/PNC_Surekha-Sikri.jpg" alt="" class="wp-image-54238" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2021/07/PNC_Surekha-Sikri.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2021/07/PNC_Surekha-Sikri-350x233.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>2020 में सुरेखा, ब्रेन स्ट्रोक की शिकार हो गई थीं. वे दूसरे ब्रेन स्ट्रोक की वजह से हुए कॉम्पलीकेशन्स से जूझ रही थीं. बालिका वधू सीरियल की दादी सा(कल्याणी देवी) के रूप में अपने अभिनय से उन्होंने लोगों के दिलो पर राज किया था. उनका अभिनय आने वाले समय तक लोगों के लिए अविष्मरणीय रहेगा. सुरेखा ने 1971 में नेशनल स्कूल और ड्रामा से अभिनय में ग्रेजुएशन किया था और संगीत नाटक अकादमी से 1989 का अवार्ड भी जीता.</p>



<p>PNCB</p>
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