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	<title>sanajy mishra &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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		<title>दरभंगा में दिखा जेडीयू में अंदरूनी कलह का क्लाइमैक्स</title>
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		<pubDate>Sun, 14 May 2023 06:34:02 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह के सामने पार्टी के दो गुटों ने किया जोरदार हंगामा नाराज ललन सिंह मंच से उतरे और कार्यकर्त्ताओं के बीच जा बैठे ललन ने कहा कर्नाटक में विपक्ष को जीत देकर जनता ने पेश की नजीर शनिवार 13 मई 2023 का दिन इंडिया के विपक्ष के लिए भाग्यशाली साबित हुआ जब बीजेपी की कर्नाटक विधानसभा चुनाव में हार हुई. विपक्ष को एकजुट करने का बीड़ा उठाने वाले नीतीश की पार्टी जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह के लिए वही दिन खुशनुमा होने के बदले घोर कसैला साबित हुआ. दरभंगा में आयोजित जेडीयू के कार्यकर्त्ता सम्मिलन में शिरकत करने आए ललन सिंह के सामने ही अली अशरफ फातमी गुट और संजय झा गुट के नेताओं ने अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष और वहां मौजूद आम कार्यकर्त्ताओं का लोक लिहाज छोड़ शक्ति प्रदर्शन किया. हंगामा, नारेबाजी और मर्यादाओं की तिलांजलि के कारण काफी देर तक अफरातफरी का आलम रहा. दिनों से चल रहे आपसी खटपट का विद्रूप क्लाइमैक्स देख ललन सिंह हैरान रह गए. उनकी नाराजगी इतनी बढ़ गई कि वे मंच से नीचे उतर आए और कार्यकर्ताओं के बीच जाकर एक कुर्सी पर बैठ गए. असल में पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री अली अशरफ फातमी का ये शो ऑफ स्ट्रेंथ था. उनके करीबी समर्थक फातमी के जयकारे वाले नारे ही नहीं लगा रहे थे बल्कि उनने तख्तियां भी लहराईं. इसे देख बिहार सरकार में वरिष्ठ मंत्री संजय झा के समर्थकों ने भी नारे लगाए. कई कार्यकर्त्ता कहते सुने गए कि फातमी ने 7 मई को सर्किट हाउस में पार्टी की [&#8230;]]]></description>
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<p></p>



<p><strong> राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह के सामने पार्टी के दो गुटों ने किया जोरदार हंगामा</strong></p>



<p><strong>नाराज ललन सिंह मंच से उतरे और कार्यकर्त्ताओं के बीच जा बैठे</strong></p>



<p><strong>ललन ने कहा कर्नाटक में विपक्ष को जीत देकर जनता ने पेश की नजीर</strong></p>



<p></p>



<p>शनिवार 13 मई 2023 का दिन इंडिया के विपक्ष के लिए भाग्यशाली साबित हुआ जब बीजेपी की कर्नाटक विधानसभा चुनाव में हार हुई. विपक्ष को एकजुट करने का बीड़ा उठाने वाले नीतीश की पार्टी जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह के लिए वही दिन खुशनुमा होने के बदले घोर कसैला साबित हुआ.</p>



<p>दरभंगा में आयोजित जेडीयू के कार्यकर्त्ता सम्मिलन में शिरकत करने आए ललन सिंह के सामने ही अली अशरफ फातमी गुट और संजय झा गुट के नेताओं ने अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष और वहां मौजूद आम कार्यकर्त्ताओं का लोक लिहाज छोड़ शक्ति प्रदर्शन किया. हंगामा, नारेबाजी और मर्यादाओं की तिलांजलि के कारण काफी देर तक अफरातफरी का आलम रहा. दिनों से चल रहे आपसी खटपट का विद्रूप क्लाइमैक्स देख ललन सिंह हैरान रह गए. उनकी नाराजगी इतनी बढ़ गई कि वे मंच से नीचे उतर आए और कार्यकर्ताओं के बीच जाकर एक कुर्सी पर बैठ गए.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="650" height="350" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/05/WhatsApp-Image-2023-05-14-at-08.41.36.jpeg" alt="" class="wp-image-74335" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/05/WhatsApp-Image-2023-05-14-at-08.41.36.jpeg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/05/WhatsApp-Image-2023-05-14-at-08.41.36-350x188.jpeg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>असल में पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री अली अशरफ फातमी का ये शो ऑफ स्ट्रेंथ था. उनके करीबी समर्थक फातमी के जयकारे वाले नारे ही नहीं लगा रहे थे बल्कि उनने तख्तियां भी लहराईं. इसे देख बिहार सरकार में वरिष्ठ मंत्री संजय झा के समर्थकों ने भी नारे लगाए. कई कार्यकर्त्ता कहते सुने गए कि फातमी ने 7 मई को सर्किट हाउस में पार्टी की हुई जिला कार्यकारिणी की बैठक में मिले अपमान का बदला ले लिया.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img decoding="async" width="650" height="351" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/05/WhatsApp-Image-2023-05-14-at-08.41.37-650x351.jpeg" alt="" class="wp-image-74336" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/05/WhatsApp-Image-2023-05-14-at-08.41.37-650x351.jpeg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/05/WhatsApp-Image-2023-05-14-at-08.41.37-350x189.jpeg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2023/05/WhatsApp-Image-2023-05-14-at-08.41.37.jpeg 702w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>दरअसल विवाद की वजह दरभंगा लोकसभा सीट के लिए दावेदारी की है. फातमी और संजय झा जेडीयू की तरफ से दरभंगा से चुनाव लड़ना चाहते हैं. काफी समय से संजय झा विभिन्न सरकारी विकास योजनाओं को पूरा करने के लिए सक्रिय हैं. सरकारी अमलों से उन्हें मिलने वाली अहमियत और खास प्रोटोकॉल से आम जनों में संकेत जा रहा है कि जेडीयू उन्हें बड़ा पॉलिटिकल जिम्मेदारी देना चाहती है. 7 मई को हुई बैठक में जब वे शामिल होने पहुंचे तो पार्टी समर्थकों के एक तबके ने &#8212; दरभंगा का सांसद कैसा हो.. संजय झा जैसा हो &#8212; के नारे लगाए. इस पर बैठक में मौजूद फातमी उबल पड़े और नारेबाजी का विरोध किया.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="650" height="293" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/05/WhatsApp-Image-2023-05-14-at-08.41.38.jpeg" alt="" class="wp-image-74337" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/05/WhatsApp-Image-2023-05-14-at-08.41.38.jpeg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/05/WhatsApp-Image-2023-05-14-at-08.41.38-350x158.jpeg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>थोड़थाम हुई लेकिन 11 और 12 मई को पोस्टरबाजी ने साफ कर दिया कि मामला आगे बढ़ चला है जिसकी परिणति 13 मई को ललन सिंह के सामने घटित हुई. पोलो ग्राउंड में हुए इस सम्मिलन के दौरान जब ललन सिंह गुस्से में मंच से नीचे आकर बैठ गए तो मंच पर खड़े फातमी और संजय झा सहित अन्य नेताओं ने नारेबाजी रोकने की अपील की.. व्यवस्था बहाल करने की कार्यकर्त्ताओं से गुहार लगाई. ललन सिंह को मनाने की कोशिश की गई. लेकिन जब वे नहीं माने तो संजय झा मंच से उतर कर राष्ट्रीय अध्यक्ष के बगल में जाकर बैठ गए. ये दृश्य देख फातमी ने अपने बेटे फराज फातमी को झटपट ललन सिंह के पास बैठने को भेज दिया. अन्य नेता भी नीचे आकर बैठ गए. काफी मान मन्नौवल के बाद ललन सिंह मंच पर गए और कार्यकर्त्ताओं को संबोधित किया.</p>



<p>देर तक वे उन्हें नसीहत देते रहे कि अब से पार्टी की बैठकों में सिर्फ नीतीश कुमार के समर्थन में नारे लगेंगे.. और किसी नेता के पक्ष में नारा नहीं लगेगा. उन्होंने याद दिलाया कि ये चुनाव का वक्त नहीं है जबकि पार्टी को मजबूत करने की कवायद है. लिहाजा नीतीश के अलावा जेडीयू जिंदाबाद के नारे लगाए जाएं.</p>



<p>आखिर में बतौर जेडीयू राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने पीएम मोदी पर निशाना साधा. कर्नाटक में विपक्ष की जीत को लोकतंत्र के लिए शुभ संकेत करार दिया. साल 2024 के आम चुनाव में बीजेपी को धूल चटाने के लिए कमर कस लेने को कहा. उन्होंने कहा कि बीते एक दशक में बीजेपी सिर्फ बात करती आई है.. काम नहीं करती. मूल समस्याओं के समाधान की ओर उसका ध्यान नहीं है.</p>



<p><strong>संजय मिश्र,दरभंगा</strong></p>
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		<title>राष्ट्रीय अध्यक्ष के दौरे से पहले छिड़ा दरभंगा में पोस्टर वॉर</title>
		<link>https://www.patnanow.com/poster-war-broke-out-in-darbhanga-before-the-visit-of-the-national-president/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[pnc]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 12 May 2023 14:20:53 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[PATNA]]></category>
		<category><![CDATA[Politics]]></category>
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		<category><![CDATA[JDU NITISH]]></category>
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					<description><![CDATA[जेडीयू के दो नेताओं की महत्वाकांक्षा के कारण पोस्टर वॉर दरभंगा लोकसभा सीट के लिए नेताओं में मचा है घमासान दरभंगा के सियासी अखाड़े में नया मोड़ आया है. लोकसभा चुनाव में यहां की सीट की दावेदारी को लेकर सत्ताधारी दल जेडीयू के दो नेताओं की महत्वाकांक्षा के कारण पोस्टर वॉर छिड़ गया है. 7 मई को जो स्क्रिप्ट लिखी गई उसकी प्रतिध्वनि लगातार सुनाई दे रही है. राजनीति की समझ रखने वाले मानते हैं कि पार्टी को ये कसैला स्वाद आने वाले समय में पीते रहना पड़ेगा. इस विवाद के दो पात्र हैं बिहार सरकार के मौजूदा मंत्री संजय झा और पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री अली अशरफ फातमी. शनिवार 13 मई को दरभंगा के पोलो ग्राउंड में जेडीयू का कार्यकर्त्ता सम्मिलन आयोजित है और इससे पहले ही इन दोनो कद्दावर नेताओं के समर्थकों ने पोस्टर वॉर के जरिए शक्ति प्रदर्शन की कोशिश की है. किसी पोस्टर में संजय झा की तस्वीर गायब है तो किसी पोस्टर में फातमी की. किसी में दोनों हैं तो एक की बड़ी तो दूसरे की छोटी तस्वीर डिस्प्ले की गई है. असल में विवाद 7 मई को सर्किट हाउस में हुए जिला कार्यकारिणी की बैठक में हुई जब संजय झा के बैठक में आने पर उनके समर्थकों ने &#8212; दरभंगा का सांसद कैसा हो.. संजय झा जैसा हो &#8212; के नारे लगाए. उस वक्त बैठक में अली अशरफ फातमी मौजूद थे. उन्होंने इस नारेबाजी पर कड़ा प्रतिवाद किया. यहां तक इशारा कर दिया कि दरभंगा सीट के लिए वे प्रबल दावेदार हैं. उस समय [&#8230;]]]></description>
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<p><strong> जेडीयू के दो नेताओं की महत्वाकांक्षा के कारण पोस्टर वॉर </strong></p>



<p><strong>दरभंगा लोकसभा सीट के लिए नेताओं में मचा है घमासान</strong></p>



<p></p>



<p>दरभंगा के सियासी अखाड़े में नया मोड़ आया है. लोकसभा चुनाव में यहां की सीट की दावेदारी को लेकर सत्ताधारी दल जेडीयू के दो नेताओं की महत्वाकांक्षा के कारण पोस्टर वॉर छिड़ गया है. 7 मई को जो स्क्रिप्ट लिखी गई उसकी प्रतिध्वनि लगातार सुनाई दे रही है. राजनीति की समझ रखने वाले मानते हैं कि पार्टी को ये कसैला स्वाद आने वाले समय में पीते रहना पड़ेगा. इस विवाद के दो पात्र हैं बिहार सरकार के मौजूदा मंत्री संजय झा और पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री अली अशरफ फातमी.</p>



<p>शनिवार 13 मई को दरभंगा के पोलो ग्राउंड में जेडीयू का कार्यकर्त्ता सम्मिलन आयोजित है और इससे पहले ही इन दोनो कद्दावर नेताओं के समर्थकों ने पोस्टर वॉर के जरिए शक्ति प्रदर्शन की कोशिश की है. किसी पोस्टर में संजय झा की तस्वीर गायब है तो किसी पोस्टर में फातमी की. किसी में दोनों हैं तो एक की बड़ी तो दूसरे की छोटी तस्वीर डिस्प्ले की गई है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="293" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/05/WhatsApp-Image-2023-05-12-at-16.42.55.jpeg" alt="" class="wp-image-74204" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/05/WhatsApp-Image-2023-05-12-at-16.42.55.jpeg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/05/WhatsApp-Image-2023-05-12-at-16.42.55-350x158.jpeg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>असल में विवाद 7 मई को सर्किट हाउस में हुए जिला कार्यकारिणी की बैठक में हुई जब संजय झा के बैठक में आने पर उनके समर्थकों ने &#8212; दरभंगा का सांसद कैसा हो.. संजय झा जैसा हो &#8212; के नारे लगाए. उस वक्त बैठक में अली अशरफ फातमी मौजूद थे. उन्होंने इस नारेबाजी पर कड़ा प्रतिवाद किया. यहां तक इशारा कर दिया कि दरभंगा सीट के लिए वे प्रबल दावेदार हैं. उस समय जैसे तैसे गर्मी को शांत किया गया. लेकिन ये विवाद रह रह कर उठ रहा है. संजय झा को नीतीश का बायां हाथ माना जाता है. जबकि फातमी पूर्व में आरजेडी में रह चुके हैं. इस बीच विपक्षी दलों को एकजुट करने के लिए नीतीश चले गए ओडिशा. उनके साथ जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह और मंत्री संजय झा भी गए. ओडिशा के सीएम नवीन पटनायक ने ललन और संजय को नजर अंदाज किया.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="270" height="600" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/05/WhatsApp-Image-2023-05-12-at-16.40.57.jpeg" alt="" class="wp-image-74203" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/05/WhatsApp-Image-2023-05-12-at-16.40.57.jpeg 270w, https://www.patnanow.com/assets/2023/05/WhatsApp-Image-2023-05-12-at-16.40.57-158x350.jpeg 158w" sizes="(max-width: 270px) 100vw, 270px" /></figure>



<p>जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह और बिहार सरकार के वरिष्ठ मंत्री संजय झा की उड़ीसा में बड़ी किरकिरी हुई. वहां के सीएम नवीन पटनायक ने उन्हें एक किनारे बैठा दिया और खुद नीतीश को दूसरे किनारे ले जाकर बातें की. भोजन कराने के समय भी ललन और संजय के साथ ऐसा ही व्यवहार हुआ.</p>



<p>जेडीयू के युवा पीढ़ी के सशक्त नेता अल्लन खान ने कहा कि साल 2024 के आम चुनाव की तैयारी का आगाज देश की तमाम पार्टियां कर चुकी हैं. बिहार के गठबंधन सरकार में शामिल और सीएम नीतीश की पार्टी जेडीयू भी अपने वर्कर में ऊर्जा भरने खातिर 13 मई 2023 को पोलो ग्राउंड में कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित करने जा रही है. पार्टी के कद्दावर नेताओं के बीच कही जा रही किसी खींचतान में ज्यादा कुछ पढ़ने की जरूरत नहीं है. हम वर्कर हैं और ऐसी किसी चर्चा का हमारे लिए कोई महत्व नहीं. महागठबंधन की तरफ से जिस दल के नेता को भी मैदान में उतारा जाएगा हम उन्हें जिताने के लिए मिहनत करेंगे. किसी नेता में महत्वाकांक्षा होना कोई बुरी बात नहीं.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="293" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/05/WhatsApp-Image-2023-05-12-at-16.42.55-1.jpeg" alt="" class="wp-image-74205" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/05/WhatsApp-Image-2023-05-12-at-16.42.55-1.jpeg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/05/WhatsApp-Image-2023-05-12-at-16.42.55-1-350x158.jpeg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>कोई भी पॉलिटिकल वर्कर ऐसा ही कहेगा. लेकिन खटास की बात तो जगजाहिर है. इस सम्मेलन के जरिए एक गुट ओडिशा में अनदेखा किए जाने और उस झेंप को मिटाने की पूरी कोशिश करेगा वहीं दूसरे गुट को वहां के वाकए से तसल्ली मिली है और उनका मनोबल बढ़ा होगा.उधर, सियासी गलियारों में चर्चा है कि कीर्ति आजाद भी दावेदारी में हैं. ममता बनर्जी बिहार में एक सीट मांग रही हैं. आरजेडी नेता ललित यादव भी नजर गड़ाए हुए हैं.</p>



<p><strong>संजय मिश्र, दरभंगा</strong></p>
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		<title>मिथिला महोत्सव शुरू, ग्यारह विभूतियों को दिया गया मिथिला सेवा सम्मान</title>
		<link>https://www.patnanow.com/mithila-festival-begins-mithila-seva-samman-given-to-eleven-personalities/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[pnc]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 23 Apr 2023 04:49:51 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[एंटरटेनमेंट]]></category>
		<category><![CDATA[कला और साहित्य]]></category>
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		<category><![CDATA[sanajy mishra]]></category>
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					<description><![CDATA[दो दिनों तक चलेगा मिथिला और मैथिली के विकास पर मंथन संस्कृतिकर्मी, विद्वतजन, आंदोलनी और जनप्रतिनिधियों का रहेगा जुटान मैथिली लोक संस्कृति मंच के तत्वावधान में दो दिवसीय मिथिला महोत्सव शनिवार को शुरू हो गया. इस अहम वार्षिक उत्सव का आयोजन लहेरियासराय के बलभद्रपुर स्थित मौनी बाबा मठ के राम जानकी मंदिर परिसर में हो रहा है. मिथिला के विकास और मैथिली आंदोलन के भविष्य की रूप रेखा पर विमर्श चल रहा है. बैद्यनाथ चौधरी बैजू की अध्यक्षता में पहले दिन उद्घाटन सत्र में कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति शशि नाथ झा, दरभंगा सांसद गोपालजी ठाकुर, नगर विधायक संजय सरावगी, जयशंकर झा, मौनी बाबा और कार्यक्रम के स्वागताध्यक्ष श्रीशंकर झा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित किया. इस अवसर पर मिथिला के विभिन्न क्षेत्रों में अपने उत्कृष्ट योगदान के लिए 11 विभूतियों को मिथिला सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया. इस अवसर पर मैथिली सेनानी स्व चुनचुन मिश्र प्रतिनिधि, नेपाल के जनकपुर के अयोध्या नाथ चौधरी, मुश्ताक अहमद कुलसचिव ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, उषा चौधरी, अनुपमा मिश्र, चंद्रनाथ मिश्र, पारस पंकज, राजकुमार झा, चंद्रशेखर झा, अजय जालान, मृदुल शुक्ला को मंच पर उपस्थित अतिथियों ने पाग, चादर, माला एवं सम्मान पत्र से सम्मानित किया. मैथिली लोक संस्कृति मंच के महासचिव उदय शंकर मिश्र ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया. कार्यक्रम के आरंभ में सोमेश्वर नाथ झा दधीचि ने वैदिक मंगलाचरण, ममता ठाकुर ने &#8220;जय जय भैरवि&#8221; गान एवं सुषमा झा ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया. आगत अतिथियों का स्वागत श्रीशंकर झा ने किया एवं संचालन अमलेन्दु शेखर पाठक ने [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>दो दिनों तक चलेगा मिथिला और मैथिली के विकास पर मंथन</strong></p>



<p><strong>संस्कृतिकर्मी, विद्वतजन, आंदोलनी और जनप्रतिनिधियों का रहेगा जुटान</strong></p>



<p></p>



<p>मैथिली लोक संस्कृति मंच के तत्वावधान में दो दिवसीय मिथिला महोत्सव शनिवार को शुरू हो गया. इस अहम वार्षिक उत्सव का आयोजन लहेरियासराय के बलभद्रपुर स्थित मौनी बाबा मठ के राम जानकी मंदिर परिसर में हो रहा है. मिथिला के विकास और मैथिली आंदोलन के भविष्य की रूप रेखा पर विमर्श चल रहा है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="320" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/04/e78592bd-1653-4a02-8abb-d3d64ea0c794.jpg" alt="" class="wp-image-73669" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/04/e78592bd-1653-4a02-8abb-d3d64ea0c794.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/04/e78592bd-1653-4a02-8abb-d3d64ea0c794-350x172.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>बैद्यनाथ चौधरी बैजू की अध्यक्षता में पहले दिन उद्घाटन सत्र में कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति शशि नाथ झा, दरभंगा सांसद गोपालजी ठाकुर, नगर विधायक संजय सरावगी, जयशंकर झा, मौनी बाबा और कार्यक्रम के स्वागताध्यक्ष श्रीशंकर झा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित किया. इस अवसर पर मिथिला के विभिन्न क्षेत्रों में अपने उत्कृष्ट योगदान के लिए 11 विभूतियों को मिथिला सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया.</p>



<p>इस अवसर पर मैथिली सेनानी स्व चुनचुन मिश्र प्रतिनिधि, नेपाल के जनकपुर के अयोध्या नाथ चौधरी, मुश्ताक अहमद कुलसचिव ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, उषा चौधरी, अनुपमा मिश्र, चंद्रनाथ मिश्र, पारस पंकज, राजकुमार झा, चंद्रशेखर झा, अजय जालान, मृदुल शुक्ला को मंच पर उपस्थित अतिथियों ने पाग, चादर, माला एवं सम्मान पत्र से सम्मानित किया. मैथिली लोक संस्कृति मंच के महासचिव उदय शंकर मिश्र ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया. कार्यक्रम के आरंभ में सोमेश्वर नाथ झा दधीचि ने वैदिक मंगलाचरण, ममता ठाकुर ने &#8220;जय जय भैरवि&#8221; गान एवं सुषमा झा ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया. आगत अतिथियों का स्वागत श्रीशंकर झा ने किया एवं संचालन अमलेन्दु शेखर पाठक ने किया.</p>



<p><strong>संजय मिश्र,दरभंगा</strong></p>
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		<title>संजय मिश्र जैसे अभिनेता संघर्ष, लक्ष्य और कामयाबी की मिसाल</title>
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		<dc:creator><![CDATA[pnc]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 16 Mar 2023 04:19:19 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[एंटरटेनमेंट]]></category>
		<category><![CDATA[कला और साहित्य]]></category>
		<category><![CDATA[काम की ख़बर]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[actor]]></category>
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		<category><![CDATA[sanajy mishra]]></category>
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					<description><![CDATA[ओह डार्लिंग ये है इंडिया.. जिंदगी के सफर में बिखरने का नहीं.. संघर्ष के बीच आनंद के पल चुराएं फिर तो ऑल द बेस्ट है संजय मिश्रा अभिनीत फिल्मों का आंकड़ा 150 के पार … का बे मिश्रा.. एके जिला जबार आ सहर के हो .. तब हू नहीं लिखा बे.. साधारण से दिखने वाले और अपनी कला से आम आदमी के मन के उहापोह की जीवंत पैन इंडिया छवि गढ़ने वाले शख्सियत के इस ट्रेडमार्क डायलॉग की कोमल झिड़की के बाद कागज के पन्ने पर पेन वैसे ही फिसलने लगे ..नोट्स आकार लेने लगे.. जैसे सामने वाले के मुख से निकलते एक एक वचन.. कभी निर्झर होते तो कभी चुप्पी को चीर निकलते एक आध शब्द.. आलम गंभीर हुआ नहीं कि हल्की ठिठोली से सराबोर होते पल. मानो जीवन यात्रा की गाथा दिव्य बहाव के संग कानों में गूंजती. कभी तो इतना रम गए कि पॉइंट्स नोट करना भूल जाते. अब.. ये बॉस कोई आदि गुदी तो नहीं.. संघर्ष.. लक्ष्य और कामयाबी की मिसाल हैं. आप ही के सांस्कृतिक नगरी दरिभंगा के हैं. एक फिल्म की सूटिंग के सेट पर बिलमते हुए अनौपचारिक बातचीत का मौका दिया. कहा.. गुरु सफलता ही सब कुछ नहीं.. जीवन यात्रा में संघर्ष के साथ आनंद के पल चुराएं. नहीं तो अधूरापन सताएगा. तड़पने को मजबूर होना पड़ेगा.अब हम आपको तरसाएंगे नहीं. खुलकर बता देते हैं. इस नाचीज़ संजय मिश्र की.. मशहूर फिल्म कलाकार संजय मिश्रा से बात हो रही थी. जी हां! वही संजय मिश्रा जिनका हर किरदार इंडिया के मामूली जमीनी आदमी [&#8230;]]]></description>
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<p class="has-vivid-red-color has-text-color"><strong>ओह डार्लिंग ये है इंडिया.. जिंदगी के सफर में बिखरने का नहीं.. संघर्ष के बीच आनंद के पल चुराएं फिर तो ऑल द बेस्ट है</strong></p>



<p class="has-vivid-purple-color has-text-color"><strong>संजय मिश्रा अभिनीत फिल्मों का आंकड़ा 150 के पार</strong></p>



<p class="has-vivid-cyan-blue-color has-text-color">… का बे मिश्रा.. एके जिला जबार आ सहर के हो .. तब हू नहीं लिखा बे..</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="473" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/b036f776-0c29-11ec-9f5a-6ec3df6f49ec_1630771833453.jpg" alt="" class="wp-image-72327" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/b036f776-0c29-11ec-9f5a-6ec3df6f49ec_1630771833453.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/03/b036f776-0c29-11ec-9f5a-6ec3df6f49ec_1630771833453-350x255.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>साधारण से दिखने वाले और अपनी कला से आम आदमी के मन के उहापोह की जीवंत पैन इंडिया छवि गढ़ने वाले शख्सियत के इस ट्रेडमार्क डायलॉग की कोमल झिड़की के बाद कागज के पन्ने पर पेन वैसे ही फिसलने लगे ..नोट्स आकार लेने लगे.. जैसे सामने वाले के मुख से निकलते एक एक वचन.. कभी निर्झर होते तो कभी चुप्पी को चीर निकलते एक आध शब्द.. आलम गंभीर हुआ नहीं कि हल्की ठिठोली से सराबोर होते पल. मानो जीवन यात्रा की गाथा दिव्य बहाव के संग कानों में गूंजती. कभी तो इतना रम गए कि पॉइंट्स नोट करना भूल जाते.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="531" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/1317118801493511.jpg" alt="" class="wp-image-72328" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/1317118801493511.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/03/1317118801493511-350x286.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>अब.. ये बॉस कोई आदि गुदी तो नहीं.. संघर्ष.. लक्ष्य और कामयाबी की मिसाल हैं. आप ही के सांस्कृतिक नगरी दरिभंगा के हैं. एक फिल्म की सूटिंग के सेट पर बिलमते हुए अनौपचारिक बातचीत का मौका दिया. कहा.. गुरु सफलता ही सब कुछ नहीं.. जीवन यात्रा में संघर्ष के साथ आनंद के पल चुराएं. नहीं तो अधूरापन सताएगा. तड़पने को मजबूर होना पड़ेगा.अब हम आपको तरसाएंगे नहीं. खुलकर बता देते हैं. इस नाचीज़ संजय मिश्र की.. मशहूर फिल्म कलाकार संजय मिश्रा से बात हो रही थी.</p>



<figure class="wp-block-image size-full is-resized"><img loading="lazy" decoding="async" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/download-1.jpg" alt="" class="wp-image-72329" width="417" height="417"/></figure>



<p>जी हां! वही संजय मिश्रा जिनका हर किरदार इंडिया के मामूली जमीनी आदमी के समस्त मनोभाव को अभिव्यक्त करता. सतही का लेस नहीं.. फूहड़पन नहीं.. हां मनोरंजन के पुट का साथ. समझ आने वाले लब्ज़. ऐसा लगता उसकी जिंदगी आपके सामने जीवंत हो चल रही है. ऐसा लगेगा चरित्र के मन के उथल पुथल को संजय मिश्रा ने अनुभूत हो अंगीकार किया है और अभिव्यक्त कर उड़ेल दिया है. निःसृत होता चला जा रहा है.आपकी तंद्रा तब टूटती जब पात्र गहरे संकट में आता. आम इंसान मुसीबतें झेलते कभी टूट जाता है. यकीन करेंगे.. अदना से व्यक्ति की तरह उसकी आवाज बनने वाले संजय मिश्रा के जीवन में ऐसा मोड़ आया जब हालातों से तंग आकर वे एक ढाबे पर काम करने लगे थे.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="366" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/sanjay-mishra.jpg" alt="" class="wp-image-72330" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/sanjay-mishra.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/03/sanjay-mishra-350x197.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>अचानक सेट पर हलचल सी हुई. अभिनेता संजय मिश्रा ने उस ओर देखा कुछ इशारा किया और फिर सामान्य हो बात करने लगे. ढाबे वाली बात कुरेदने पर वो यादों में खो गए. कुछ पलों बाद कहा हां ये कड़वी हकीकत है..तब तक हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में मेरी धमक सुनाई दे चुकी थी. साल 1991 में एनएसडी में दाखिला लिया. उसके बाद एक्टिंग की शुरुआत धारावाहिकों से की. फिल्मों में छोटे छोटे रोल मिलने लगे. कुछ समय बाद अमिताभ बच्चन के साथ एक विज्ञापन में भी काम किया. यह पहला अवसर था जब किसी बड़े एक्टर के साथ पर्दे पर अभिनय किया.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="640" height="480" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/2017_10image_19_13_3621400001006930-sanjaymishraco.jpg" alt="" class="wp-image-72331" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/2017_10image_19_13_3621400001006930-sanjaymishraco.jpg 640w, https://www.patnanow.com/assets/2023/03/2017_10image_19_13_3621400001006930-sanjaymishraco-350x263.jpg 350w" sizes="(max-width: 640px) 100vw, 640px" /></figure>



<p>बकौल संजय मिश्रा उनकी पहली फिल्&#x200d;म ‘ओह डार्लिंग ये है इंडिया’ रही, जिसमें उन्&#x200d;होंने हारमोनियम बजाने वाले की छोटी सी भूमिका अदा की. इसके बाद संजय ने ‘सत्&#x200d;या’ और ‘दिल से’ जैसी फिल्&#x200d;मों में काम किया. कई फिल्मों में काम करने के बाद भी उन्हें वह मुकाम हासिल नहीं हो रहा था जिसकी चाहत थी.</p>



<figure class="wp-block-image size-full is-resized"><img loading="lazy" decoding="async" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/images-1.jpg" alt="" class="wp-image-72332" width="559" height="372"/></figure>



<p>संजय मिश्रा को अपने पिता से बहुत लगाव था. लेकिन जब उनके पिता का देहांत हुआ तो वे भीतर से टूट गए और उन्होंने फिल्मों में काम करना छोड़ दिया. फिल्मों की दुनिया छोड़ वे ऋषिकेश चले गए और वहां एक ढाबे में काम करना शुरू कर दिया. संजय मिश्रा वहां सब्जियां काटते, खाना बनाते और लोगों को खिलाते. उनका समय धीरे-धीरे सामान्य होने लगा और वे फिल्मों से काफी दूर हो चुके थे. जिंदगी से निराश. दरअसल संजय मिश्रा ने निश्चय कर लिया था कि बाकि जिंदगी उसी ढाबे पर बिता देंगे.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="506" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/sanjay.png" alt="" class="wp-image-72333" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/sanjay.png 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/03/sanjay-350x272.png 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था. संयोग से जाने माने निर्देशक रोहित शेट्टी एक दिन अचानक उस ढाबे पर जा पहुंचे. संजय ने रोहित शेट्टी की फिल्म ‘गोलमाल’ में काम किया था और इसलिए उन्होंने संजय मिश्रा को पहचान लिया. उस समय रोहित शेट्टी ‘आल द बेस्ट’ फिल्म पर काम कर रहे थे. रोहित ने संजय को अपनी फिल्म में काम करने के लिए मना लिया.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="400" height="600" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/IMG_1325.jpg" alt="" class="wp-image-72334" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/IMG_1325.jpg 400w, https://www.patnanow.com/assets/2023/03/IMG_1325-233x350.jpg 233w" sizes="(max-width: 400px) 100vw, 400px" /></figure>



<p>फिल्म हिट हुई और संजय मिश्रा की एक्टिंग की तारीफ हुई. फिर तो सफल फिल्मों का सिलसिला शुरू हो गया. वे फिल्म इंडस्ट्री की शान बन गए. संजय मिश्रा अभिनीत फिल्मों का आंकड़ा 150 के पार जा चुका है. संजय मिश्रा ने साल 2006 में लगातार एक के बाद एक कई सुपरहिट फिल्मों में काम किया. जिनमें गोलमाल: फन अनलिमिटेड और धमाल जैसे नाम शामिल है. इसके साथ ही एक्टर ने साल 2015 में हिट फिल्म ‘प्रेम रतन धन पायो’ में काम किया. इसके बाद उन्होंने ‘बादशाहों’ और ‘गोलमाल अगेन’ में काम किया. संजय मिश्रा को ‘आँखों-देखी’ फिल्म के लिए फिल्मफेयर का बेस्ट एक्टर अवार्ड भी मिल चुका है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="414" height="232" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/sanjaymishra.png" alt="" class="wp-image-72335" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/sanjaymishra.png 414w, https://www.patnanow.com/assets/2023/03/sanjaymishra-350x196.png 350w" sizes="(max-width: 414px) 100vw, 414px" /></figure>



<p>फिल्म इंडस्ट्री के चुनिंदा एक्टर्स में वे शुमार हैं जिन्होंने अपने अभिनय के दम पर अपनी अलग पहचान कायम की है. संजय मिश्रा जब किसी किरदार को पर्दे पर निभाते हैं तो लोगों को इस बात को सोचने में वक्त लग जाता है कि वे उस किरदार को निभा रहे हैं या फिर उस किरदार में सजीव हो जी रहे हैं. उनकी एक्टिंग में ऐसा आकर्षण है कि जो भी उन्हें एक बार पर्दे पर देख लेता है, उनकी एक्टिंग का दीवाना हो जाता है. खूबसूरत चेहरे को अहमियत देने वाली इंडस्टी में संजय मिश्रा ने जो मुकाम हासिल किया है और जो छाप छोड़ी है वह पाना काफी लोगों का सपना होता है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="388" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/Sanjay-Mishra-Net-Worth.jpeg" alt="" class="wp-image-72336" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/Sanjay-Mishra-Net-Worth.jpeg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/03/Sanjay-Mishra-Net-Worth-350x209.jpeg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>सहज और निर्बोध व्यवहार वाले इस अदाकार से विदा लेने का समय हो रहा था. सेट फाइनल कर चुके कई अनजान लोगों की आंखें हमारी तरफ निहार रही थीं. एक सीधे.. सरल इनसान के कहे आवाज की कानों में अनुगुंज और आंखों में बीते पल के दृश्यों को मुश्किल से समेटते हम निकल आए. ये सोचते कि संजय मिश्रा फिर किसी किरदार के उद्वेग को जेहन में उतार चुके होंगे.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="366" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/Sikandar-Official-Song-Har-Kisse-Ke-Hisse-Kaamyaab-Sanjay-Mishra.jpg" alt="" class="wp-image-72337" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/Sikandar-Official-Song-Har-Kisse-Ke-Hisse-Kaamyaab-Sanjay-Mishra.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/03/Sikandar-Official-Song-Har-Kisse-Ke-Hisse-Kaamyaab-Sanjay-Mishra-350x197.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>आपको बता दें कि संजय मिश्रा का जन्म 6 अक्टूबर 1963 को बिहार के दरभंगा में हुआ था. उनकी पढ़ाई वाराणसी के बीएचयू कैम्पस स्थित केंद्रीय विद्यालय से हुई. उनके पिता का नाम शम्भुनाथ मिश्रा है. पेशे से वे पत्रकार थे. संजय मिश्रा की पत्नी का नाम किरण मिश्रा है. संजय और किरण की शादी 28 सितम्बर 2009 को हुई थी. इस कपल के दो बेटियां हैं जिनके नाम पल मिश्रा और लम्हा मिश्रा हैं. अक्सर ही संजय मिश्रा अपने बच्चों के बारे में बात करते नजर आते हैं. संजय मिश्रा की उम्र महज 9 साल थी जब उनका परिवार रहने के लिए दरभंगा से वाराणसी शिफ्ट हो गया.</p>



<p><strong>संजय मिश्र,शूटिंग के सेट से</strong></p>
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		<title>ठीकेदार के बेटे ने कनीय अभियंता को दी जान से मारने की धमकी</title>
		<link>https://www.patnanow.com/the-son-of-the-contractor-threatened-to-kill-the-junior-engineer/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[pnc]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 26 Feb 2023 04:54:26 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[Crime]]></category>
		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[aalok kumar]]></category>
		<category><![CDATA[joheb khan]]></category>
		<category><![CDATA[sanajy mishra]]></category>
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					<description><![CDATA[बिहार में जंगल राज का दिखा उदाहरण विद्युत कार्य प्रमंडल दफ्तर में मचाया उत्पात लहेरियासराय थाने में एफआईआर दर्ज दरभंगा जिले के संवेदक अपनी करतूत के लिए चर्चा में बने हुए हैं. भवन निर्माण विभाग के कई संवेदकों की ओर से विभाग के अधिकारियों को कार्यालय में बंद कर देने का मामला शांत हुआ नहीं कि नया बखेरा फिर से सामने आ गया. इस दफा निशाने पर आया है दरभंगा स्थित विद्युत कार्य प्रमंडल दफ्तर. संवेदक के बदले उसके बेटे ने इस दफ्तर में उत्पात मचाया और वहां मौजूद कनीय अभियंता के साथ बदसलूकी कर दी और जान से मारने की धमकी दे दी. खौफजदा अभियंता आलोक कुमार ने लहेरियासराय थाने को आवेदन देकर आपबीती बताई. एक दिन बाद यानि 24 फरवरी 2023 को एफआईआर दर्ज किया गया. घटना 23 फरवरी देर शाम की है. जब संवेदक अतिकुल्लाह खान के पुत्र जोहैब खान दफ्तर में घुसा और अभियंता से पिता के बिल भुगतान करने का दवाब बनाया. अभियंता ने संवाददाता से बताया कि जोहेब को जब विभागीय अड़चन की बात बताई गई तो वो गुस्से में आक्रामक हो गया और गाली गलौज करने लगा.  आलोक कुमार ने कहा कि जोहेब ने दफ्तर बंद करने को कहा. और जान से मारने की धमकी दी. कार्यालय के कर्मी और कुछ संवेदक ने उनकी जान बचाई. अभियंता ने बताया कि वे बेहद डर गए थे और दरभंगा डीएम को स्थिति से अवगत कराया. डीएम के कहने पर आलोक कुमार ने थाने में आवेदन दिया. लहेरियासराय थाने में दर्ज प्राथमिकी 90 / 23 में [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>बिहार में जंगल राज का दिखा उदाहरण</strong></p>



<p><strong>विद्युत कार्य प्रमंडल दफ्तर में मचाया उत्पात</strong></p>



<p><strong>लहेरियासराय थाने में एफआईआर दर्ज</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="309" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/02/b2ec78b7-dd13-4e78-822e-b06fee44b345.jpg" alt="" class="wp-image-71844" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/02/b2ec78b7-dd13-4e78-822e-b06fee44b345.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/02/b2ec78b7-dd13-4e78-822e-b06fee44b345-350x166.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>दरभंगा जिले के संवेदक अपनी करतूत के लिए चर्चा में बने हुए हैं. भवन निर्माण विभाग के कई संवेदकों की ओर से विभाग के अधिकारियों को कार्यालय में बंद कर देने का मामला शांत हुआ नहीं कि नया बखेरा फिर से सामने आ गया. इस दफा निशाने पर आया है दरभंगा स्थित विद्युत कार्य प्रमंडल दफ्तर. संवेदक के बदले उसके बेटे ने इस दफ्तर में उत्पात मचाया और वहां मौजूद कनीय अभियंता के साथ बदसलूकी कर दी और जान से मारने की धमकी दे दी. खौफजदा अभियंता आलोक कुमार ने लहेरियासराय थाने को आवेदन देकर आपबीती बताई. एक दिन बाद यानि 24 फरवरी 2023 को एफआईआर दर्ज किया गया. घटना 23 फरवरी देर शाम की है. जब संवेदक अतिकुल्लाह खान के पुत्र जोहैब खान दफ्तर में घुसा और अभियंता से पिता के बिल भुगतान करने का दवाब बनाया. </p>



<p>अभियंता ने संवाददाता से बताया कि जोहेब को जब विभागीय अड़चन की बात बताई गई तो वो गुस्से में आक्रामक हो गया और गाली गलौज करने लगा.  आलोक कुमार ने कहा कि जोहेब ने दफ्तर बंद करने को कहा. और जान से मारने की धमकी दी. कार्यालय के कर्मी और कुछ संवेदक ने उनकी जान बचाई. अभियंता ने बताया कि वे बेहद डर गए थे और दरभंगा डीएम को स्थिति से अवगत कराया. डीएम के कहने पर आलोक कुमार ने थाने में आवेदन दिया.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="463" height="600" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/02/fir.jpg" alt="" class="wp-image-71845" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/02/fir.jpg 463w, https://www.patnanow.com/assets/2023/02/fir-270x350.jpg 270w" sizes="(max-width: 463px) 100vw, 463px" /></figure>



<p>लहेरियासराय थाने में दर्ज प्राथमिकी 90 / 23 में कहा गया है कि संवेदक पुत्र ने अभियंता के कार्यालय में जाकर सरकारी कार्य में बाधा डाली और उन्हें जान से मारने की धमकी दी. मामले में संवेदक अतिकुल्लाह खान और उसके पुत्र जोहेब खान को नामजद अभियुक्त बनाया गया है.  प्राथमिकी में बताया गया है कि संवेदक पुत्र जोहेब खान का आपराधिक इतिहास है. भवन निर्माण विभाग के संरचना प्रमंडल दफ्तर में कुछ महीने पहले उसने चाकूबाजी की घटना को अंजाम दिया था. उस मामले में वो जेल भेजा गया था.जानकारी के मुताबिक जोहेब अपने पिता का काम काज देखता है. फिलहाल उसने दरभंगा राज हाई स्कूल में पिता को मिले बिजली से जुड़े ठेके का काम पूरा किया था. इसी के भुगतान के लिए वह कनीय अभियंता पर दबाव बना रहा था. लेकिन राशि नहीं आने के कारण उसका भुगतान नहीं हुआ है.इस संदर्भ में प्राथमिकी की पुष्टि करते हुए लहेरियासराय थाना के प्रभारी थाना अध्यक्ष कमलेश ठाकुर ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है.</p>



<p><strong>संजय मिश्र ,दरभंगा </strong></p>
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			</item>
		<item>
		<title>दोषियों पर न कार्रवाई हुई और न ही सरकारी राशि जमा हुई</title>
		<link>https://www.patnanow.com/neither-action-was-taken-against-the-culprits-nor-the-government-amount-was-deposited/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[pnc]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 18 Nov 2022 05:36:34 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Politics]]></category>
		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[गांव -शहर]]></category>
		<category><![CDATA[darbhanga]]></category>
		<category><![CDATA[pm house]]></category>
		<category><![CDATA[rbharti]]></category>
		<category><![CDATA[sanajy mishra]]></category>
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					<description><![CDATA[मामले पर डीएम से हस्तक्षेप की गुहार भी बेकार पीएम आवास अलॉट किया बल्कि राशि के भुगतान में तत्परता दिखाई पीएम आवास देने में अनियमितता से जुड़ा है मामला सिस्टम की कार्यप्रणाली से व्यथित होकर एक पीड़ित ने फिर से डीएम का दरवाजा खटखटाया है. लोक शिकायत निवारण की द्वितीय अपील की सुनवाई में दिए गए फैसले पर अमल नहीं होने की तरफ डीएम का ध्यान दिलाया गया है.मामला पीएम आवास देने में अनियमितता से जुड़ा है. आर्थिक रूप से सक्षम फिरोजा खातून नामक महिला को पीएम आवास दिया गया. उनके पति के पास चारपहिया वाहन है. ये बात डीटीओ की जांच में साबित हो चुका है. इस पहलू को ध्यान में रख कर द्वितीय अपील की सुनवाई के बाद आदेश पारित हुआ. महिला और उनके खिलाफ शिकायत करने वाले कलाम भी दरभंगा जिले के सिंहवाड़ा थाना क्षेत्र के पनसल्ला ग्राम के निवासी हैं. कलाम का कहना है कि संबंधित सरकारी अमले ने हकीकत जानते हुए भी बड़ी दरियादिली से संपन्न व्यक्ति को न सिर्फ पीएम आवास अलॉट किया बल्कि राशि के भुगतान में तत्परता दिखाई. द्वितीय अपील के आदेश में दोषी पदाधिकारी, कर्मी, मुखिया और अन्य लोगों पर कार्रवाई की बात कही गई. कलाम बताते हैं कि 31 अगस्त को आदेश दिया गया लेकिन अभी तक कार्रवाई नहीं हुई है. यहां तक कि भुगतान हुए सरकारी राशि की वसूली भी नहीं हुई है. दरभंगा, संवाददाता]]></description>
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<p><strong>मामले पर डीएम से हस्तक्षेप की गुहार भी बेकार</strong></p>



<p><strong>पीएम आवास अलॉट किया बल्कि राशि के भुगतान में तत्परता दिखाई</strong></p>



<p><strong>पीएम आवास देने में अनियमितता से जुड़ा है मामला</strong></p>



<p>सिस्टम की कार्यप्रणाली से व्यथित होकर एक पीड़ित ने फिर से डीएम का दरवाजा खटखटाया है. लोक शिकायत निवारण की द्वितीय अपील की सुनवाई में दिए गए फैसले पर अमल नहीं होने की तरफ डीएम का ध्यान दिलाया गया है.मामला पीएम आवास देने में अनियमितता से जुड़ा है. आर्थिक रूप से सक्षम फिरोजा खातून नामक महिला को पीएम आवास दिया गया. उनके पति के पास चारपहिया वाहन है. ये बात डीटीओ की जांच में साबित हो चुका है. इस पहलू को ध्यान में रख कर द्वितीय अपील की सुनवाई के बाद आदेश पारित हुआ.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="640" height="360" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/11/darbhanga.png" alt="" class="wp-image-68789" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/11/darbhanga.png 640w, https://www.patnanow.com/assets/2022/11/darbhanga-350x197.png 350w" sizes="(max-width: 640px) 100vw, 640px" /></figure>



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<p>महिला और उनके खिलाफ शिकायत करने वाले कलाम भी दरभंगा जिले के सिंहवाड़ा थाना क्षेत्र के पनसल्ला ग्राम के निवासी हैं. कलाम का कहना है कि संबंधित सरकारी अमले ने हकीकत जानते हुए भी बड़ी दरियादिली से संपन्न व्यक्ति को न सिर्फ पीएम आवास अलॉट किया बल्कि राशि के भुगतान में तत्परता दिखाई. द्वितीय अपील के आदेश में दोषी पदाधिकारी, कर्मी, मुखिया और अन्य लोगों पर कार्रवाई की बात कही गई. कलाम बताते हैं कि 31 अगस्त को आदेश दिया गया लेकिन अभी तक कार्रवाई नहीं हुई है. यहां तक कि भुगतान हुए सरकारी राशि की वसूली भी नहीं हुई है.</p>



<p><strong>दरभंगा, संवाददाता</strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>आचार्य सोमदेव को विश्वविद्यालय के मैथिली विभाग में दी गई श्रद्धांजलि</title>
		<link>https://www.patnanow.com/tribute-paid-to-acharya-somdev-in-the-maithili-department-of-the-university/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[pnc]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 16 Nov 2022 05:30:17 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[कला और साहित्य]]></category>
		<category><![CDATA[गांव -शहर]]></category>
		<category><![CDATA[aacharya somdev.darbhanga]]></category>
		<category><![CDATA[maithili dept]]></category>
		<category><![CDATA[sanajy mishra]]></category>
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					<description><![CDATA[सोमदेव मैथिली एवं हिन्दी भाषा के थे अच्छे विद्वान गुरु आचार्य सोमदेव का जाना शून्य पैदा कर गया विश्वविद्यालय मैथिली विभाग के द्वारा प्रो रमेश झा की अध्यक्षता में आचार्य सोमदेव के निधन के अवसर पर एक शोक सभा का आयोजन किया गया, जिसमें सभी शिक्षक, शोधार्थी एवं छात्र छात्राओं ने हिस्सा लिया. आरम्भ में आचार्य सोमदेव के व्यक्तित्व एवं कृतित्व की चर्चा करते हुए प्रो रमेश झा ने कहा की सोमदेव मैथिली एवं हिन्दी भाषा के अच्छे विद्वान थे. उन्होंने महारानी कल्याणी महाविद्यालय, लहेरियासराय में कई दशकों तक विद्यार्थियों को हिन्दी के यसस्वी प्राध्यापक के रूप में भी अपनी परिचिति बनाये हुए थे. प्रो दमन कुमार झा ने कहा कि वे मेरे गुरु थे. वर्ग मे पढ़ाने &#160;के साथ साथ बहुत सारी संस्मरण सुनाते रहते थे. कभी पोथी लेखन प्रसंग, कभी कवि सम्मलेन प्रसंग,तो कभी जीवन दर्शन प्रसंग. उनसे बहुत सारी बातें मुझे सीखने को मिली. कई बार उनके निवास पर भी जाने का अवसर मिला. हरबार पुत्रवत स्नेह प्राप्त हुआ. दरभंगा अध्ययन क्रम में मैंने जिन जिन व्यक्तित्व से शिक्षा पाई उनमें अब तक बचे गुरु आचार्य सोमदेव का जाना मेरे लिए शून्य पैदा कर गया. प्रो अशोक कुमार मेहता ने उन्हें मैथिली के रचनाकार के रूप में याद किया. उन्होंने कहा की वे सहजतावाद के प्रणेता थे. उनकी कविता, कथा एवं उपन्यास सदैव नई पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक रहेगी. मंचीयकवि के रूप में वे हमेशा आकर्षण के केंद्र में रहे. काव्य प्रस्तुति में उनकी आंगिक और वाचिक समन्वय मनोहरी रहता था. उनका जाना मैथिली साहित्य के लिए [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>सोमदेव मैथिली एवं हिन्दी भाषा के थे अच्छे विद्वान</strong></p>



<p><strong>गुरु आचार्य सोमदेव का जाना शून्य पैदा कर गया</strong></p>



<p>विश्वविद्यालय मैथिली विभाग के द्वारा प्रो रमेश झा की अध्यक्षता में आचार्य सोमदेव के निधन के अवसर पर एक शोक सभा का आयोजन किया गया, जिसमें सभी शिक्षक, शोधार्थी एवं छात्र छात्राओं ने हिस्सा लिया. आरम्भ में आचार्य सोमदेव के व्यक्तित्व एवं कृतित्व की चर्चा करते हुए प्रो रमेश झा ने कहा की सोमदेव मैथिली एवं हिन्दी भाषा के अच्छे विद्वान थे. उन्होंने महारानी कल्याणी महाविद्यालय, लहेरियासराय में कई दशकों तक विद्यार्थियों को हिन्दी के यसस्वी प्राध्यापक के रूप में भी अपनी परिचिति बनाये हुए थे.</p>



<figure class="wp-block-image size-full is-resized"><img loading="lazy" decoding="async" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/11/cf6e83c4-be4f-4754-9163-3e21f4c85dcf.jpg" alt="" class="wp-image-68739" width="544" height="738" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/11/cf6e83c4-be4f-4754-9163-3e21f4c85dcf.jpg 442w, https://www.patnanow.com/assets/2022/11/cf6e83c4-be4f-4754-9163-3e21f4c85dcf-258x350.jpg 258w" sizes="(max-width: 544px) 100vw, 544px" /></figure>



<p>प्रो दमन कुमार झा ने कहा कि वे मेरे गुरु थे. वर्ग मे पढ़ाने &nbsp;के साथ साथ बहुत सारी संस्मरण सुनाते रहते थे. कभी पोथी लेखन प्रसंग, कभी कवि सम्मलेन प्रसंग,तो कभी जीवन दर्शन प्रसंग. उनसे बहुत सारी बातें मुझे सीखने को मिली. कई बार उनके निवास पर भी जाने का अवसर मिला. हरबार पुत्रवत स्नेह प्राप्त हुआ. दरभंगा अध्ययन क्रम में मैंने जिन जिन व्यक्तित्व से शिक्षा पाई उनमें अब तक बचे गुरु आचार्य सोमदेव का जाना मेरे लिए शून्य पैदा कर गया.</p>



<p>प्रो अशोक कुमार मेहता ने उन्हें मैथिली के रचनाकार के रूप में याद किया. उन्होंने कहा की वे सहजतावाद के प्रणेता थे. उनकी कविता, कथा एवं उपन्यास सदैव नई पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक रहेगी. मंचीयकवि के रूप में वे हमेशा आकर्षण के केंद्र में रहे. काव्य प्रस्तुति में उनकी आंगिक और वाचिक समन्वय मनोहरी रहता था. उनका जाना मैथिली साहित्य के लिए अपूर्णीय क्षति है.डॉ सुनीता कुमारी ने कहा कि मुझे यह सौभाग्य मिला कि मैं उस महाविद्यालय में सर्वप्रथम योगदान किया जहाँ आचार्य सोमदेव कभी प्रोफेसर थे. उनके सम्बन्ध में कई तरह के संस्मरण महाविद्यालय में सुनने को मिलते रहते थे. आज वे नहीं हैं ऐसा प्रतीत नहीं होता है.इस अवसर पर  वन्दना कुमारी , दीपेश कुमार , दीपक कुमार , हरेराम पंडित , नीतू कुमारी , राज्यश्री कुमारी और शालिनी कुमारी , भाग्यनारायण झा और नृपति नारायण झा आदि उपस्थित थे . अंत में दो मिनट का मौन धारण कर उनके प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की गई.</p>



<p><strong>संजय मिश्र ,दरभंगा </strong></p>
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		<title>वर्ल्ड हैंड वाशिंग डे अधिकारियों ने पढ़ाया हाथ धोने का पाठ</title>
		<link>https://www.patnanow.com/world-hand-washing-day-officials-taught-hand-washing-lessons/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[pnc]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 16 Oct 2022 06:14:53 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[CITY/OFFICE]]></category>
		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[गांव -शहर]]></category>
		<category><![CDATA[सुख समृद्धि]]></category>
		<category><![CDATA[durabhanga]]></category>
		<category><![CDATA[rajiv roshan dm]]></category>
		<category><![CDATA[sanajy mishra]]></category>
		<category><![CDATA[world hand wash day]]></category>
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					<description><![CDATA[वर्ल्ड हैंड वाशिंग डे पर डीएम और डीडीसी ने दिया साफ सफाई का संदेश डीएम राजीव रौशन ने इस अवसर पर मानव जीवन में हाथ की साफ-सफाई के महत्व को रेखांकित किया बोले -सभी परिवारों में ये आहट सुनाई दे दरभंगा समाहरणालय परिसर में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण)/लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान की ओर से विश्व हाथ धुलाई दिवस का आयोजन किया गया.जिला जल एवं स्वच्छता समिति के इस कार्यक्रम में जिला समन्वयक श्याम कुमार सिंह ने कहा कि इस अभियान का मकसद हाथ को स्वच्छ रखने के लिए लोगों को जागरूक बनाना है. अभियान में हाथ को साबुन से अच्छी तरीके से धोने की विधि बताई जा रही है. उन्होंने कहा कि हाथ धोने के लिए हैंडवाश/साबुन लगाकर पहले दोनों हाथों को रगड़े फिर हथेलियों को पलट कर रगड़े, उसके बाद उंगलियों के बीच में रगड़े फिर उंगलियों के सतह के पीछे साफ करें, अंगूठे की सतह को रगड़े एवं नाखूनों को साफ करें. इस प्रक्रिया में कम से कम 20 सेकंड तक हाथ पर हैंडवाश/साबुन का झाग रहना चाहिए, इसके बाद पानी से अच्छी तरह हाथ को धोएं. कार्यक्रम में शरीक हुए डीएम राजीव रौशन ने इस अवसर पर मानव जीवन में हाथ की साफ-सफाई के महत्व को रेखांकित किया. उन्होंने कहा कि वर्ल्ड हैंड वाशिंग डे (विश्व हाथ धुलाई दिवस) केवल एक दिवस नहीं बल्कि सही प्रकार से सही जीवन जीने की कला को दोहराने का समय है. डीएम ने जोर दिया कि ये सरकारी कार्यक्रम बन कर न रह जाए. बल्कि सभी परिवारों में ये आहट सुनाई [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>वर्ल्ड हैंड वाशिंग डे पर डीएम और डीडीसी ने दिया साफ सफाई का संदेश</strong></p>



<p><strong>डीएम राजीव रौशन ने इस अवसर पर मानव जीवन में हाथ की साफ-सफाई के महत्व को रेखांकित किया</strong></p>



<p><strong>बोले -सभी परिवारों में ये आहट सुनाई दे</strong></p>



<p>दरभंगा समाहरणालय परिसर में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण)/लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान की ओर से विश्व हाथ धुलाई दिवस का आयोजन किया गया.जिला जल एवं स्वच्छता समिति के इस कार्यक्रम में जिला समन्वयक श्याम कुमार सिंह ने कहा कि इस अभियान का मकसद हाथ को स्वच्छ रखने के लिए लोगों को जागरूक बनाना है. अभियान में हाथ को साबुन से अच्छी तरीके से धोने की विधि बताई जा रही है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="365" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/10/e90ff9f6-9f62-4234-a823-4383bbc17e4b.jpg" alt="" class="wp-image-67659" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/10/e90ff9f6-9f62-4234-a823-4383bbc17e4b.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/10/e90ff9f6-9f62-4234-a823-4383bbc17e4b-350x197.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>उन्होंने कहा कि हाथ धोने के लिए हैंडवाश/साबुन लगाकर पहले दोनों हाथों को रगड़े फिर हथेलियों को पलट कर रगड़े, उसके बाद उंगलियों के बीच में रगड़े फिर उंगलियों के सतह के पीछे साफ करें, अंगूठे की सतह को रगड़े एवं नाखूनों को साफ करें. इस प्रक्रिया में कम से कम 20 सेकंड तक हाथ पर हैंडवाश/साबुन का झाग रहना चाहिए, इसके बाद पानी से अच्छी तरह हाथ को धोएं. कार्यक्रम में शरीक हुए डीएम राजीव रौशन ने इस अवसर पर मानव जीवन में हाथ की साफ-सफाई के महत्व को रेखांकित किया. उन्होंने कहा कि वर्ल्ड हैंड वाशिंग डे (विश्व हाथ धुलाई दिवस) केवल एक दिवस नहीं बल्कि सही प्रकार से सही जीवन जीने की कला को दोहराने का समय है. डीएम ने जोर दिया कि ये सरकारी कार्यक्रम बन कर न रह जाए. बल्कि सभी परिवारों में ये आहट सुनाई दे.</p>



<p> डीएम ने कहा कि विद्यालय/ऑंगनबाड़ी केंद्र की इसमें बड़ी भूमिका होगी. पंचायती राज संस्थान और इस तरह के जितने भी संस्थान है, वे अभियान को गति दें. यह कार्यक्रम देखने में बहुत छोटा लगता है, लेकिन इसके परिणाम दूरगामी होंगे और इसका प्रभाव व्यापक होगा. डीएम ने याद दिलाया कि कोविड-19 वायरस के आक्रमण के समय सबसे ज्यादा जोर हाथ धोने पर दिया गया और उस समय जब इस वायरस का कोई इलाज नहीं था, तब ये कारगर साबित हुआ.उन्होंने कहा कि यदि हम सही तरीके से साबुन से 20 सेकंड तक हाथ धोते हैं, सैनिटाइजर,जिसमें 70 प्रतिशत से अधिक अल्कोहल रहता है, का इस्तेमाल करते हैं तो हम उस वायरस के प्रभाव को रोक सकते हैं. एक तरह से यह सही जीवन जीने की आदत है, जिसका संदेश देना जरूरी है.</p>



<p> मौके पर संकल्प लिया गया कि कीटाणुओं के संचार को रोकने एवं खुद को स्वस्थ रखने के लिए अपने हाथों को नियमित रूप से साबुन और पानी से साफ रखेंगे. इस अवसर पर उप विकास आयुक्त अमृषा बैंस, उप निदेशक जन संपर्क नागेंद्र कुमार गुप्ता, डीआरडीए निदेशक गणेश कुमार, जिला पंचायती राज पदाधिकारी आलोक राज, वरीय पदाधिकारी ललित राही एवं सभी पदाधिकारी और कर्मी उपस्थित थे.</p>



<p><strong>संजय मिश्र ,दरभंगा </strong></p>
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