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		<title>शिक्षकों को मिलनी चाहिए सबसे ज्यादा सैलरी, क्योंकि&#8230;</title>
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		<pubDate>Thu, 02 Aug 2018 13:42:58 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[&#160; समान काम के लिए समान वेतन की मांग कर रहे शिक्षकों को फिर एक नई तारीख मिल गई है. हालांकि उनकी उम्मीदों को हर दिन नए पंख लग रहे हैं. गुरुवार 2 अगस्त को लगातार तीसरे दिन इस मामले की पूरे दिन सुनवाई हुई. इस दौरान एक बार फिर सरकार का पक्ष सुप्रीम कोर्ट की दो सदस्यीय पीठ ने सुना. इस दौरान एक बार फिर सरकारी वकील वही पुराना राग अलापते नजर आए. इस पर कोर्ट ने तल्ख टिप्पणी भी की. सरकार का पक्ष रखते कहा कि एक ही बात को बार-बार कहने का क्या मतलब. मामले की अगली सुनवाई 7 अगस्त को होगी. जब पैसे नहीं तो बंद क्यों नहीं कर देते सरकारी स्कूल! समान काम के लिए समान वेतन के मामले में गुरुवार को सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस यूयू ललित ने बिहार सरकार के वकील से पूछा कि वर्तमान सिस्टम सुधारने और नियोजन को खत्म करने में आपको कितने दिन लगेंगे. कोर्ट ने वकील से पूछा कि आप IAS ऑफिसर को ज्यादा सैलरी देते हैं, इंजीनियर को ज्यादा सैलरी देते हैं, पर शिक्षक राष्ट्र निर्माता हैं. इन्हें सबसे ज्यादा सैलरी मिलनी चाहिए, जिससे शिक्षक निश्चिंत होकर बेहतर राष्ट्र का निर्माण कर सकें. सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को भी राज्य सरकार पर तल्ख टिप्पणी की थी. कोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा था कि वेतन निर्धारण और नियमावली का आदेश कौन देता है, सरकार या पंचायत. साथ ही कोर्ट ने कहा था कि अगर राज्य सरकार के पास पैसे नहीं हैं, तो स्कूल को बंद कर [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>&nbsp;</p>
<p><img fetchpriority="high" decoding="async" class="size-full wp-image-22534 aligncenter" src="http://www.patnanow.com/assets/2017/08/PNC-SUPREME-COURT-OF-INDIA-SC.jpg" alt="" width="650" height="353" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2017/08/PNC-SUPREME-COURT-OF-INDIA-SC.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2017/08/PNC-SUPREME-COURT-OF-INDIA-SC-350x190.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" />समान काम के लिए समान वेतन की मांग कर रहे शिक्षकों को फिर एक नई तारीख मिल गई है. हालांकि उनकी उम्मीदों को हर दिन नए पंख लग रहे हैं. गुरुवार 2 अगस्त को लगातार तीसरे दिन इस मामले की पूरे दिन सुनवाई हुई. इस दौरान एक बार फिर सरकार का पक्ष सुप्रीम कोर्ट की दो सदस्यीय पीठ ने सुना. इस दौरान एक बार फिर सरकारी वकील वही पुराना राग अलापते नजर आए. इस पर कोर्ट ने तल्ख टिप्पणी भी की. सरकार का पक्ष रखते कहा कि एक ही बात को बार-बार कहने का क्या मतलब. मामले की अगली सुनवाई 7 अगस्त को होगी.</p>
<p><strong>जब पैसे नहीं तो बंद क्यों नहीं कर देते सरकारी स्कूल!</strong></p>
<p>समान काम के लिए समान वेतन के मामले में गुरुवार को सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस यूयू ललित ने बिहार सरकार के वकील से पूछा कि वर्तमान सिस्टम सुधारने और नियोजन को खत्म करने में आपको कितने दिन लगेंगे. कोर्ट ने वकील से पूछा कि आप IAS ऑफिसर को ज्यादा सैलरी देते हैं, इंजीनियर को ज्यादा सैलरी देते हैं, पर शिक्षक राष्ट्र निर्माता हैं. इन्हें सबसे ज्यादा सैलरी मिलनी चाहिए, जिससे शिक्षक निश्चिंत होकर बेहतर राष्ट्र का निर्माण कर सकें. सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को भी राज्य सरकार पर तल्ख टिप्पणी की थी. कोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा था कि वेतन निर्धारण और नियमावली का आदेश कौन देता है, सरकार या पंचायत. साथ ही कोर्ट ने कहा था कि अगर राज्य सरकार के पास पैसे नहीं हैं, तो स्कूल को बंद कर देना ही बेहतर होगा.</p>
<p><img decoding="async" class="alignnone wp-image-25609 size-full" src="http://www.patnanow.com/assets/2017/11/pnc-niyojit-teacher-meeting-patna1.jpg" alt="" width="650" height="488" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2017/11/pnc-niyojit-teacher-meeting-patna1.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2017/11/pnc-niyojit-teacher-meeting-patna1-350x263.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></p>
<p>FILE PIC</p>
<p>बता दें कि बिहार के करीब 4 लाख नियोजित शिक्षक समान काम के लिए समान वेतन की मांग कर रहे हैं. पटना हाईकोर्ट ने इस मामले में 31 अक्टूबर 2017 को शिक्षकों के पक्ष में फैसला सुना चुका है. हाईकोर्ट ने बिहार सरकार को आदेश दिया था कि नियोजित शिक्षकों को ना सिर्फ समान काम के लिए समान वेतन मिले बल्कि वर्ष 2003 से उनका एरियर भी उन्हें दिया जाए. इसके बाद बिहार सरकार ने वित्तीय हालात का रोना रोते हुए सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर की थी. इधर शिक्षकों ने भी कैवियट दायर करके सरकार की एसएलपी का विरोध दर्ज किया था. इसी को लेकर जनवरी से ये सुनवाई चल रही है.</p>
<p>ब्यूरो रिपोर्ट</p>
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