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	<title>SAHYOG HOSPITAL &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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	<title>SAHYOG HOSPITAL &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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		<title>सहयोग हॉस्पिटल की लापरवाही से प्रसव के बाद पीड़िता की मौत</title>
		<link>https://www.patnanow.com/patient-dies-after-delivery-at-sahyog-hospital/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Nikhil]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 12 Apr 2019 14:05:34 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
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					<description><![CDATA[पटना (ब्यूरो रिपोर्ट) &#124; पटना के पाटलिपुत्र कॉलोनी स्थित एक प्राइवेट हॉस्पिटल, सहयोग अस्पताल में प्रसव के बाद एक महिला की मृत्यु हो गई. मरीज की मौत पर परिजनों ने ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया तथा स्थानीय सड़क जाम कर दी. घटनास्थल पर पहुंची थाना पुलिस ने लोगों को समझाया, तब जाकर हालात पर काबू पाया जा सका.बैंककर्मी व महेशनगर निवासी प्रशांत कुमार सिन्हा की पत्&#x200d;‌नी स्निग्धा को सोमवार को सहयोग हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था. अस्पताल में स्निग्धा का इलाज डॉ. स्वर्णलता कर रही थीं. गुरुवार को स्निग्धा ने एक पुत्री को जन्म दिया. परिजनों का कहना है कि लड़की का जन्म ऑपरेशन से हुआ. उनके अनुसार, ऑपरेशन के दौरान ही महिला की कोई नस कट गई और आंतरिक रक्तश्राव शुरू हो गया. काफी रक्तश्राव होने पर महिला के शरीर में खून की कमी होने लगी तो डॉक्टरों ने परिजनों से खून की मांग की. परिजनों ने बताया कि अस्पताल प्रशासन को पांच यूनिट ब्लड मुहैया कराया, इसके बावजूद भी महिला की जान नहीं बचाई जा सकी. परिजनों का आरोप है कि गुरुवार की दोपहर उन्हें बताया गया कि स्निग्धा की किडनी फेल हो गई और डायलिसिस के दौरान हॉर्ट फेल होने से उसकी मौत हो गई. इस दौरान दो बार स्निग्धा का ऑपरेशन भी किया गया था. परिजनों ने बताया कि हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने स्निग्धा के क्रिएटिनिन का लेबल भी नहीं जांचा. उन्होंने बताया कि उन्हें पूरी आशंका है कि पहले ऑपरेशन के दौरान ही नस कटने से इंटर्नल ब्लिडिंग होने से [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>पटना (ब्यूरो रिपोर्ट)</strong> | पटना के पाटलिपुत्र कॉलोनी स्थित एक प्राइवेट हॉस्पिटल, सहयोग अस्पताल में प्रसव के बाद एक महिला की मृत्यु हो गई. मरीज की मौत पर परिजनों ने ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया तथा स्थानीय सड़क जाम कर दी. घटनास्थल पर पहुंची थाना पुलिस ने लोगों को समझाया, तब जाकर हालात पर काबू पाया जा सका.बैंककर्मी व महेशनगर निवासी प्रशांत कुमार सिन्हा की पत्&#x200d;‌नी स्निग्धा को सोमवार को सहयोग हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था. अस्पताल में स्निग्धा का इलाज डॉ. स्वर्णलता कर रही थीं. गुरुवार को स्निग्धा ने एक पुत्री को जन्म दिया. परिजनों का कहना है कि लड़की का जन्म ऑपरेशन से हुआ. उनके अनुसार, ऑपरेशन के दौरान ही महिला की कोई नस कट गई और आंतरिक रक्तश्राव शुरू हो गया. काफी रक्तश्राव होने पर महिला के शरीर में खून की कमी होने लगी तो डॉक्टरों ने परिजनों से खून की मांग की. परिजनों ने बताया कि अस्पताल प्रशासन को पांच यूनिट ब्लड मुहैया कराया, इसके बावजूद भी महिला की जान नहीं बचाई जा सकी. परिजनों का आरोप है कि गुरुवार की दोपहर उन्हें बताया गया कि स्निग्धा की किडनी फेल हो गई और डायलिसिस के दौरान हॉर्ट फेल होने से उसकी मौत हो गई. इस दौरान दो बार स्निग्धा का ऑपरेशन भी किया गया था. परिजनों ने बताया कि हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने स्निग्धा के क्रिएटिनिन का लेबल भी नहीं जांचा. उन्होंने बताया कि उन्हें पूरी आशंका है कि पहले ऑपरेशन के दौरान ही नस कटने से इंटर्नल ब्लिडिंग होने से मौत हुई. मृतका के पति के बड़े भाई, डॉ संजय कुमार सिन्हा जो शहर के एक जाने-माने दंत चिकित्सक हैं, ने बताया कि सहयोग हॉस्पिटल में भर्ती होने के पहले स्निग्धा को कोई बीमारी नहीं थी. उन्होंने बताया कि 8 अप्रैल को एक बच्ची को जन्म देने के बाद स्निग्धा की हालत खराब होने लगी. बाद में उसे सेप्टीसीमिया भी हो गया. फिर भी हॉस्पिटल के लोगों व डॉक्टर ने परिजनों को भ्रम में रखा. </p>



<p>बताते चलें कि महज डेढ़ साल पहले ही प्रशांत एवं स्निग्धा की शादी हुई थी. प्रशांत बैंक में कार्यरत हैं.इधर अस्पताल ने दावा किया कि मरीज की मौत हार्ट फेल होने से हुई.  सहयोग अस्पताल के प्रबंधक शिवानंद दुबे ने बताया कि स्निग्धा को डिलीवरी के लिए भर्ती कराया गया था. किडनी की समस्या पाए जाने पर डायलिसिस कराया गया. इसके बाद 10 मिनट के लिए वह होश में आई थी. इस दौरान उसने घरवालों से बात भी की. लेकिन बाद में हार्ट फेल होने से उसकी मौत हो गई. परिजनों के खिलाफ तोड़फोड़ और मारपीट की शिकायत दर्ज कराई गई है.वहीं, पाटलिपुत्र थाना के थानाध्यक्ष चेतनानंद झा का कहना है कि स्निग्धा के परिजनों की ओर से शिकायत मिली है. पोस्टमॉर्टम के बाद ही मौत का कारण स्पष्ट हो पाएगा. मामले की छानबीन चल रही है.</p>



<figure class="wp-block-image"><img decoding="async" width="326" height="245" src="https://www.patnanow.com/assets/2019/04/sahyog-326x245-1.jpg" alt="" class="wp-image-38975"/></figure>



<p>गौरतलब है कि पाटलिपुत्र स्थित इस अस्पताल में पहले भी अक्सर ऐसी घटनाएं होती रही हैं और मीडिया में उठती रही हैं. पहले भी यहां कई मरीजों की मौत पर हंगामा होता रहा है जिसमें अस्पताल पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगता रहा है. आखिर ऐसा क्या होता है कि इस अस्पताल में लगातार ऐसी घटनाएं घट जाती है? क्या अस्पताल का मैनेजमेंट इसपर सीरियस नहीं है या सिर्फ पैसे कमाने के चक्कर में मरीजों का ख्याल नहीं रखा जाता है?&nbsp;<br></p>
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		<title>बिहार की इन बड़ी औद्योगिक इकाइयों को नोटिस</title>
		<link>https://www.patnanow.com/pollution-control-board-notice/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[dnv md]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 26 Apr 2018 14:21:40 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
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					<description><![CDATA[बिहार में बायो मेडिकल वेस्ट का सही ढंग से प्रबंधन नहीं करने के कारण अबतक 2038 HCF (Health Care Facility) को नोटिस जारी किया गया है। साथ ही पटना के सहयोग अस्पताल को इसी कारण से Proposed Closure Direction जारी किया गया है। बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्राण पर्षद् द्वारा माह अप्रैल के दौरान अब तक ऐसी 177 इकाईयों को ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी किया गया है। जिसकी सुनवाई प्रक्रिया में है। इसमें ब्रिक क्लिन की 163 इकाई, राइस मिल की 8 के अतिरिक्त टोबैको इकाई,  हॉट मिक्स प्लान्ट एवं तेल मिल की एक-एक इकाई आदि हैं। इसी तरह गत दिनों बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्राण पर्षद् द्वारा कुल 8 इकाईयों को ‘‘Proposed Closure Direction” जारी किया गया है जिनमें 2 चीनी मिलें, 2 बॉयो-फ्यूल इकाइयां, चावल मिल, फूड ऑयल की एक-एक इकाई इत्यादि हैं। चीनी मिलों में रीगा सुगर मिल, रीगा, सीतामढ़ी को मनुष्मारा नदी में बहिःस्राव करने के कारण जल प्रदूषण निवारण एवं नियंत्राणद्ध अधिनियम, 1974 की धरा 33ए के तहत निर्देश जारी करते हुए राज्य पर्षद् द्वारा इस मामले में रू 20 लाख की बैंक गारंटी जमा करायी गयी है ताकि भविष्य में पुनः जल प्रदूषण करते पाये जाने पर उक्त जमा राशि को जब्त की जा सके। मझौलिया चीनी मिल, मझौलिया, पश्चिमी चम्पारण एवं न्यू स्वदेशी चीनी मिल, नरकटियागंज, पश्चिमी चम्पारण को क्रमश: ‘कोहरा’ एवं ‘हरबोरा’ नदी को प्रदूषण करते पाये जाने के कारण उक्त अधिनियम के तहत ‘‘Proposed Closure Direction”  निर्गत करते हुए दोनों इकाईयों को रू 20 लाख की बैंक गारंटी जमा करने हेतु निर्देश जारी किया गया [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>बिहार में <strong>बायो मेडिकल वेस्ट</strong> का सही ढंग से प्रबंधन नहीं करने के कारण अबतक 2038 HCF (Health Care Facility) को नोटिस जारी किया गया है। साथ ही पटना के सहयोग अस्पताल को इसी कारण से Proposed Closure Direction जारी किया गया है। बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्राण पर्षद् द्वारा माह अप्रैल के दौरान अब तक ऐसी 177 इकाईयों को ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी किया गया है। जिसकी सुनवाई प्रक्रिया में है। इसमें ब्रिक क्लिन की 163 इकाई, राइस मिल की 8 के अतिरिक्त टोबैको इकाई,  हॉट मिक्स प्लान्ट एवं तेल मिल की एक-एक इकाई आदि हैं। इसी तरह गत दिनों बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्राण पर्षद् द्वारा कुल 8 इकाईयों को ‘‘Proposed Closure Direction” जारी किया गया है जिनमें 2 चीनी मिलें, 2 बॉयो-फ्यूल इकाइयां, चावल मिल, फूड ऑयल की एक-एक इकाई इत्यादि हैं।</p>
<p><img decoding="async" class="size-medium wp-image-3889 alignright" src="http://www.patnanow.com/assets/2016/10/07bhrpollutioncontrol_195858-350x317.jpg" alt="" width="350" height="317" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2016/10/07bhrpollutioncontrol_195858-350x317.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2016/10/07bhrpollutioncontrol_195858.jpg 494w" sizes="(max-width: 350px) 100vw, 350px" /></p>
<p>चीनी मिलों में रीगा सुगर मिल, रीगा, सीतामढ़ी को मनुष्मारा नदी में बहिःस्राव करने के कारण जल प्रदूषण निवारण एवं नियंत्राणद्ध अधिनियम, 1974 की धरा 33ए के तहत निर्देश जारी करते हुए राज्य पर्षद् द्वारा इस मामले में रू 20 लाख की बैंक गारंटी जमा करायी गयी है ताकि भविष्य में पुनः जल प्रदूषण करते पाये जाने पर उक्त जमा राशि को जब्त की जा सके। मझौलिया चीनी मिल, मझौलिया, पश्चिमी चम्पारण एवं न्यू स्वदेशी चीनी मिल, नरकटियागंज, पश्चिमी चम्पारण को क्रमश: ‘कोहरा’ एवं ‘हरबोरा’ नदी को प्रदूषण करते पाये जाने के कारण उक्त अधिनियम के तहत ‘‘Proposed Closure Direction”  निर्गत करते हुए दोनों इकाईयों को रू 20 लाख की बैंक गारंटी जमा करने हेतु निर्देश जारी किया गया है।</p>
<p>इसी प्रकार राज्य की दो बॉयो-फ्यूल इकाईयों क्रमश: HPCL, सुगौली, पूर्वी चम्पारण एवं HPCL लौरिया, पश्चिमी चम्पारण को भी ‘‘Proposed Closure Direction” जारी किया गया है। इसके अतिरिक्त कुल 6 इकाईयों को बन्द करने करने हेतु निदेश ‘‘Closure Direction” जारी किया गया है। इसमें एक स्टोन क्रशर इकाई पवन स्टोन वर्क्स, टेहटा, जहानाबाद, दो अल्युमिनियम की इकाई क्रमश: अशोक मेटल एवं  लोहानी मेटल स्टोर, पटना सिटी को वायु अधिनियम की धारा 31ए के तहत इकाई को बन्द करने हेतु निदेश जारी किया गया है।</p>
<p>आपको बता दें कि बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्राण पर्षद् पर्यावरणीय अधिनियमों/नियमों की अवहेलना कर चलाये जा रहे उद्योगों पर कार्रवाई करता है। ऐसी कार्रवाई राज्य पर्षद् से सहमति प्राप्त किये बिना अवैध् रूप से संचालित इकाईयो पर की जाती है तथा उन इकाईयों पर भी की जाती है जो राज्य पर्षद् से सहमति प्राप्त कर संचालित होने के बावजूद प्रदूषण नियंत्राण के निर्धरित मापदंडो का अनुपालन नहीं करते हैं।</p>
<p>&nbsp;</p>
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