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	<title>SAHARSA &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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		<title>&#8221;भारत एआई मिशन&#8221; के लिए सरकार की पंचवर्षीय योजना से युवाओं को मिलेगा लाभ</title>
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		<dc:creator><![CDATA[pnc]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 12 Mar 2024 07:48:22 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[युवा बढ़ती टेक्नोलॉजी और एआई तकनीक का इस्तेमाल कर नई-नई काम की चीजें बनाने की कोशिश करना चाहते हैं 50 से अधिक मंत्रालयों में एआई क्यूरेशन यूनिट्स भी बनाया जायेगा आलोक रंजन भारत सरकार द्वारा एआई यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को बढ़ावा देने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है. &#8220;इंडिया एआई मिशन&#8221; के तहत आने वाले पांच सालों में 10 हजार 372 करोड़ रुपये खर्च करने की मंजूरी दे दी गई है. भारत सरकार निजी कंपनियों को सब्सिडी देकर देश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंप्यूटिंग क्षमता बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करने का काम करेगी, जिससे एआई रिसर्च और विकास कार्य में तेजी आयेगी. इसके साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस स्टार्ट-अप्स की मदद करने के लिए उन्हें शुरुआत में ही फंडिंग दे दी जाएगी. इससे इन कंपनियों में तरक्की होने के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर भी खुलेंगे. इतना ही नहीं सरकार द्वारा एक ऐसा ढांचा तैयार किया जाएगा जिसके तहत नॉन-पर्सनल डेटा को एकत्र करके उपयोग में लाने का काम किया जा सके. क्या है एआई मिशन वर्तमान समय तक एआई से जुड़े बड़े सिस्टम और सॉफ्टवेयर विदेशों से मंगवाए जाते है, लेकिन अब इंडिया एआई मिशन के तहत भारत में ही ऐसे सिस्टम को बनाने का काम किया जाएगा जिसके माध्यम से भारतीय साइंटिस्ट और कंपनियों को नई चीजें सीखने-समझने में काफी सहायता मिलेगी. आजकल के युवा बढ़ती टेक्नोलॉजी और एआई तकनीक का इस्तेमाल कर नई-नई काम की चीजें बनाने की कोशिश करना चाहते हैं. इस मिशन में सरकार ऐसे युवाओं को फंडिग देकर उनकी मदद करेगी. रोजमर्रा के [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>युवा बढ़ती टेक्नोलॉजी और एआई तकनीक का इस्तेमाल कर नई-नई काम की चीजें बनाने की कोशिश करना चाहते हैं</strong></p>



<p><strong>50 से अधिक मंत्रालयों में एआई क्यूरेशन यूनिट्स भी बनाया जायेगा</strong></p>



<p><strong>आलोक रंजन</strong></p>



<p>भारत सरकार द्वारा एआई यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को बढ़ावा देने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है. &#8220;इंडिया एआई मिशन&#8221; के तहत आने वाले पांच सालों में 10 हजार 372 करोड़ रुपये खर्च करने की मंजूरी दे दी गई है. भारत सरकार निजी कंपनियों को सब्सिडी देकर देश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंप्यूटिंग क्षमता बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करने का काम करेगी, जिससे एआई रिसर्च और विकास कार्य में तेजी आयेगी. इसके साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस स्टार्ट-अप्स की मदद करने के लिए उन्हें शुरुआत में ही फंडिंग दे दी जाएगी. इससे इन कंपनियों में तरक्की होने के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर भी खुलेंगे. इतना ही नहीं सरकार द्वारा एक ऐसा ढांचा तैयार किया जाएगा जिसके तहत नॉन-पर्सनल डेटा को एकत्र करके उपयोग में लाने का काम किया जा सके.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="650" height="376" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/03/alok-ranjan.jpeg" alt="" class="wp-image-83062"/></figure>



<p><strong>क्या है एआई मिशन</strong></p>



<p>वर्तमान समय तक एआई से जुड़े बड़े सिस्टम और सॉफ्टवेयर विदेशों से मंगवाए जाते है, लेकिन अब इंडिया एआई मिशन के तहत भारत में ही ऐसे सिस्टम को बनाने का काम किया जाएगा जिसके माध्यम से भारतीय साइंटिस्ट और कंपनियों को नई चीजें सीखने-समझने में काफी सहायता मिलेगी. आजकल के युवा बढ़ती टेक्नोलॉजी और एआई तकनीक का इस्तेमाल कर नई-नई काम की चीजें बनाने की कोशिश करना चाहते हैं. इस मिशन में सरकार ऐसे युवाओं को फंडिग देकर उनकी मदद करेगी. रोजमर्रा के जीवन में हम कई चीजों का इस्तेमाल करते है, जिससे कुछ न कुछ जानकारी जरूर इकट्ठा हो जाती है, एआई मिशन में ऐसी ही जानकारी को इकट्ठा कर उसे सही तरीके से प्रयोग करने का प्रयास किया जाएगा.</p>



<p>मिशन से किसानों की फसलें सही होने के साथ-साथ डॉक्टर मरीजों का इलाज बेहतर तरीके से कर सकेंगे, इतना ही नहीं बच्चों के लिए पढ़ाई करना भी आसान हो सकेगा. 50 से अधिक मंत्रालयों में एआई क्यूरेशन यूनिट्स भी बनाया जायेगा. एक एआई मार्केटप्लेस भी बनाया जायेगा जहां एआई सर्विस और प्री-ट्रेंड मॉडल्स आसनी से मौजूद होंगे. सरकार द्वारा अलग-अलग विभागों के लिए खास एआई कमरा बनाया जायेगा. इन्हीं कमरों में कर्मचारी एआई का इस्तेमाल कर अपने कार्य को आसान बनाने का काम सीखेंगे.&nbsp;</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="650" height="379" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/03/6440f9477c2a321f0dd6ab61_How-Artificial-Intelligence-AI-Is-Used-In-Biometrics.jpg" alt="" class="wp-image-83061"/></figure>



<p><strong>5 साल की सरकारी योजना</strong></p>



<p>केंद्र सरकार ने नई टेक्नोलॉजी से आम लोगों को जोड़ने का काम किया है. इसके लिए एक डिजिटल इंडिया मिशन की भी शुरुआत की गई थी. दिसंबर 2023 में ग्लोबल एआई समिट में पीएम मोदी द्वारा Making AI In India में सबसे पहले बात की गई थी. इंडिया एआई मिशन में सरकार 10 हजार से अधिक जीपीयू (Graphics Processing Unit) लगाने की योजना बना रही है. Graphics Processing Unit एक तरह के खास कंप्यूटर है जो कि एआई को चलाने में सहायता करेंगे. इतना ही नहीं सरकार हिंदी और अन्य भारतीय भाषाओं पर आधारित डेटाडेट्स के साथ 100 अरब से अधिक पैरामीटर्स वाले फाउंडेशनल मॉडल्स भी वकसित किया जाएगा. इन मॉडल्स का इस्तेमाल कृषि और गवर्नेंस जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में इस्तेमाल किया जाएगा.</p>



<p><strong>AI से युवाओं को किया जायेगा तैयार</strong></p>



<p>भारत  एआई मिशन का एक उद्देश्य यह भी है कि इसके माध्यम से अधिक-से-अधिक लोगों को एआई का इस्तेमाल सिखाना है. इसके लिए सरकार द्वारा दो खास कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे. पहला कार्यक्रम &#8220;इंडिया एआई फ्यूचरस्किल्स प्रोग्राम&#8221;, इस कार्यक्रम में सरकार ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन की डीग्री वाले एआई कोर्स पर ध्यान केंद्रित करने का प्रयास करेगी. इससे यह साफ है कि ये कोर्स केवल बड़े शहरों में ही नहीं बल्कि छोटे शहरों के साथ-साथ कस्बों में भी कराया जा सकेगा. दूसरा कार्यक्रम लगभग सभी जगह पर डेटा और एआई लैब्स को स्थापित करना है. लैब्स को देशभर में खोला जाएगा, जिससे अधिक-से-अधिक लोगों को शुरुआती स्तर का डेटा और एआई का कोर्स करने का अवसर मिल सकेगा. इंडिया मिशन के तहत स्किल डेवलपमेंट पर भी ध्यान केंद्रित किया जाएगा. अंडर ग्रैजुएट से पीएचडी लेवल तक के प्रोग्राम डेवलप किए जा रहें है. टियर 2 और टियर 3 शहरों में डेटा और एआई लैब्स का निर्माण किया जायेगा, जिससे वहां फाउंडेशन कोर्स उपलब्ध कराया जा सकें. इस मिशन के तहत स्टार्टअप्स को अर्ली स्टेज फाइनैंसिंग भी इस मिशन के जरिए मिल सकेगी. इस मिशन के तहत एआई को जिम्मेदार तरीके से विकसित करने और अपनाने पर बल दिया जायेगा.</p>



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		<title>लक्ष्मी झा टर्की के माउंट अरारत की चोटी पर तिरंगा लहराने वाली पहली भारतीय बेटी</title>
		<link>https://www.patnanow.com/laxmi-jha-first-indian-daughter-to-hoist-tricolor-on-top-of-turkeys-mount-ararat/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[pnc]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 26 Aug 2023 07:39:51 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[PATNA]]></category>
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					<description><![CDATA[टर्की के माउंट अरारत की पूरी चढ़ाई 41 घंटे में पूरी की हड्डी गला देने वाली -15 डिग्री का टेंपरेचर भी उन्हें नहीं टिका पाया राष्ट्रीय ध्वज को देखकर मिलती थी शक्ति,साथ ही आरके सिन्हा का आशीर्वाद था साथ पटना ,बिहार के सहरसा जिले के बनगांव की रहने वाली लक्ष्मी झा 12 अगस्त 2023 को आर के सिन्हा भाजपा  के पूर्व सांसद एसआईएस कंपनी के संस्थापक से  फ्लैग ऑफ लेकर टर्की के सबसे ऊंची चोटी (16854 फीट) अरारत पर अपने देश के तिरंगा को फराने के लिए दिल्ली से इस्तांमबुल से दोगुबेयाजित सिटी पहुंची. वहां पहुंचते ही लक्ष्मी झा को पता चला की अरारत चोटी पर मौसम खराब बर्फबारी तेज तूफान हो रहे हैं. इसलिए 15 अगस्त समिट करने का प्लान कैंसिल करना पड़ा 18 को पता चला मौसम सही है, फिर लक्ष्मी झा ने 18 को ही निकल पड़ी समिट के लिए 6 घंटे चढ़ाई करने के बाद पहले पहले बेस कैंप पहुंची. जिसकी ऊंचाई 3000 मीटर है .अगले दिन 3 घंटे की चढ़ाई करके बेस कैंप 4200 मीटर की ऊंचाई पर पहुंची लक्ष्मी को इस मिशन को कम से कम टाइम में पूरी करनी थी. बेस कैंप के ऊपर केवल बादल ही दिखाई दे रहे थे . मौसम काफी खराब था लक्ष्मी अन्तत: समिट के लिए 21 तारीख के रात को 1:00 बजे निकली . कठिन  व खरीद चढ़ाई पर समिट करने में परेशानी हो रही थी. पूरा का पूरा पत्थरों से भरा हुआ रास्ता था जहां पर एक दो बार पत्थर ऊपर से भी आए और एक [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>टर्की के माउंट अरारत की पूरी चढ़ाई 41 घंटे में पूरी की</strong></p>



<p><strong>हड्डी गला देने वाली -15 डिग्री का टेंपरेचर भी उन्हें नहीं टिका पाया</strong></p>



<p><strong>राष्ट्रीय ध्वज को देखकर मिलती थी शक्ति,साथ ही आरके सिन्हा का आशीर्वाद था साथ</strong></p>



<p></p>



<p>पटना ,बिहार के सहरसा जिले के बनगांव की रहने वाली लक्ष्मी झा 12 अगस्त 2023 को आर के सिन्हा भाजपा  के पूर्व सांसद एसआईएस कंपनी के संस्थापक से  फ्लैग ऑफ लेकर टर्की के सबसे ऊंची चोटी (16854 फीट) अरारत पर अपने देश के तिरंगा को फराने के लिए दिल्ली से इस्तांमबुल से दोगुबेयाजित सिटी पहुंची. वहां पहुंचते ही लक्ष्मी झा को पता चला की अरारत चोटी पर मौसम खराब बर्फबारी तेज तूफान हो रहे हैं. इसलिए 15 अगस्त समिट करने का प्लान कैंसिल करना पड़ा 18 को पता चला मौसम सही है, फिर लक्ष्मी झा ने 18 को ही निकल पड़ी समिट के लिए 6 घंटे चढ़ाई करने के बाद पहले पहले बेस कैंप पहुंची. जिसकी ऊंचाई 3000 मीटर है .अगले दिन 3 घंटे की चढ़ाई करके बेस कैंप 4200 मीटर की ऊंचाई पर पहुंची लक्ष्मी को इस मिशन को कम से कम टाइम में पूरी करनी थी. बेस कैंप के ऊपर केवल बादल ही दिखाई दे रहे थे .</p>



<figure class="wp-block-image size-large is-resized"><img decoding="async" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/08/92f53074-7f2c-4e7f-87a5-3e511d02847e-292x650.jpg" alt="" class="wp-image-77556" width="548" height="1220" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/08/92f53074-7f2c-4e7f-87a5-3e511d02847e-292x650.jpg 292w, https://www.patnanow.com/assets/2023/08/92f53074-7f2c-4e7f-87a5-3e511d02847e-157x350.jpg 157w, https://www.patnanow.com/assets/2023/08/92f53074-7f2c-4e7f-87a5-3e511d02847e-690x1536.jpg 690w, https://www.patnanow.com/assets/2023/08/92f53074-7f2c-4e7f-87a5-3e511d02847e.jpg 719w" sizes="(max-width: 548px) 100vw, 548px" /></figure>



<p>मौसम काफी खराब था लक्ष्मी अन्तत: समिट के लिए 21 तारीख के रात को 1:00 बजे निकली . कठिन  व खरीद चढ़ाई पर समिट करने में परेशानी हो रही थी. पूरा का पूरा पत्थरों से भरा हुआ रास्ता था जहां पर एक दो बार पत्थर ऊपर से भी आए और एक दो बार खिसक के नीचे भी गिरे  बहुत डर भी लग रही थी. ऊपर से हड्डी गला देने वाली -15 डिग्री का टेंपरेचर थी. हिम्मत भी टूट रही थी लेकिन लक्ष्य को पूरा करनी थी. इसी बीच में मेरे गाइड भी मेरे साथ छोड़ दिया. वो बोल रहे थे चलो नीचे चलते हैं. मौसम खराब हो रहा है. लेकिन लक्ष्मी ने पीछे मुड़कर नहीं देखा, लक्ष्मी ने बताया कि कभी-कभी चलते-चलते हिम्मत भी टूट रही थी लेकिन लक्ष्य को पूरा करनी थी. राष्ट्रीय ध्वज को देखकर शक्ति मिलती थी कुछ घंटे चलने के बाद जब सवेरा हुआ मंजिल सामने दिखाई दिया तो हौसला और बुलंद हुआ की नहीं अब तो फतेह करके ही जिंदा वापस जाना है. 6 घंटे चलने के बाद भारत का गौरवशाली तिरंगा माउंट अरारत पर फहराया. माउंट अरारत की पूरी चढ़ाई 41 घंटे में पूरी की लक्ष्मी माउंट अरारत की चढ़ाई करने वाली पहली भारतीय बेटी है. जिसने तुर्की देश के सबसे ऊंचे पर्वत माउंट अरारत पर भारत का तिरंगा लहराया.</p>



<figure class="wp-block-image size-large is-resized"><img loading="lazy" decoding="async" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/08/389f3393-dd2b-475e-8e69-3388a37654c9-292x650.jpg" alt="" class="wp-image-77557" width="506" height="1126" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/08/389f3393-dd2b-475e-8e69-3388a37654c9-292x650.jpg 292w, https://www.patnanow.com/assets/2023/08/389f3393-dd2b-475e-8e69-3388a37654c9-157x350.jpg 157w, https://www.patnanow.com/assets/2023/08/389f3393-dd2b-475e-8e69-3388a37654c9-690x1536.jpg 690w, https://www.patnanow.com/assets/2023/08/389f3393-dd2b-475e-8e69-3388a37654c9.jpg 719w" sizes="(max-width: 506px) 100vw, 506px" /></figure>



<p><strong>एवरेस्ट बेस कैंप पहुंचने वाली बनी है पहली बेटी</strong></p>



<p>लक्ष्मी झा एवरेस्ट बेस कैंप तक पहुंचने वाली बिहार की पहली बेटी बनी है. उन्हें ये सफलता बहुत संघर्ष के बाद मिली है. जिसमें उनकी मां सरिता देवी का काफी सहयोग रहा है. लक्ष्मी झा के इस उपलब्धि को लेकर परिवार में खुशी का माहौल है. बता दें कि लक्ष्मी झा सहरसा जिले के बनगांव की रहने वाली है और इनके पिता का नाम स्व. बिनोद झा है. जिनकी 17 वर्ष पहले ही मौत हो चुकी है. लक्ष्मी झा 4 भाई बहन में सबसे छोटी है. पिता की मौत के बाद रोजी रोटी का कोई सहारा नहीं होने के कारण उनकी मां काफी मेहनत से अपने चार बच्चों का लालन पालन करती रही और सभी बच्चों को पढ़ाई भी करवाई.</p>



<p><strong>दक्षिण अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी माउंट किलिमंजारो पर भारत का झंडा लहराया</strong></p>



<p>लक्ष्मी झा ने अपने अनुभव को बताते हुए कहा कि भारत की ओर से&nbsp; सबसे पहली महिला है जिसने कम से कम समय में किलिमअंजारो पर्वत की चढ़ाई&nbsp; की है . उन्हें शिखर पर चढ़ने में भी सिर्फ 36 घंटे लगे जबकि अभी तक अन्य लोगो ने 6 से 8 दिन का समय लगाया है. विश्व की सबसे कठिन चढ़ाई में एक चढ़ाई किलिमअंजारो पर्वत को भी माना गया है . इसकी ऊंचाई 58.95मीटर है जबकि एवरेस्ट की ऊंचाई 88.48 मीटर है.</p>



<p><strong>क्या कहते हैं पूर्व सांसद आर के सिन्हा  </strong></p>



<p>मुझसे कई लोग आकर मिलते है जिनके सपने अधूरे होते हैं और वो चाहते हैं कि उनके सपने पूरे हो.एक दिन पर्वतारोही बिहार की बिटिया लक्ष्मी झा मुझसे मिली और उन्होंने अपनी इच्छा बताई , तब मैंने इन्हे उतर काशी के एनआईएएम इंस्टीट्यूट में पर्वतरोही का प्रशिक्षण करवाया जिसका नतीजा है कि सुश्री लक्ष्मी झा ने तुर्की  के माउंट अरारत की चोटी पर तिरंगा फहराने वाली पहली भारतीय बेटी बनी .इससे पहले वो दक्षिण अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी माउंट किलिमंजारो पर भारत का झंडा लहरा कर बिहार के साथ साथ पूरे देश का नाम रौशन करने का काम किया है हम सभी को बिहार की बेटी लक्ष्मी झा पर गर्व है. आर के सिन्हा ने कहा कि बिहार में प्रतिभाओं की कमी नहीं है हर क्षेत्र में बिहार के लोग अव्वल है बस जरूरत है उन्हे सही मार्गदर्शन और सुविधा प्रदान करने की.  बिहार सरकर के उदासीनता के कारण बिहार के ये प्रतिभावान खिलाड़ी / पर्वतारोही आगे नही बढ़ पा रहे है. पूर्व सांसद ने कहा की बिहार के छोटे से गांव से आने वाली इस बिहार की बेटी ने पूर्व में काला पत्थर चोटी और माउंट एवरेस्ट बेस कैंप में तिरंगा लहराया है . आर के  सिन्हा ने आश्वासन दिया की वे पर्वतारोही लक्ष्मी झा को हर संभव मदद करेंगे जिससे वे आगे भी इसी प्रकार बिहार का नाम पूरी दुनिया में रौशन करते रहें.</p>



<p><strong>रवीन्द्र भारती </strong></p>
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			</item>
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		<title>प्रियंका के रिजल्ट मामले में हाईकोर्ट में अपील करेगा बिहार बोर्ड</title>
		<link>https://www.patnanow.com/bseb-to-appeal-in-high-court/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Amit Verma]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 20 Oct 2017 14:01:36 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[एजुकेशन]]></category>
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		<category><![CDATA[SAHARSA]]></category>
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					<description><![CDATA[पिछले कुछ दिनों से एक मैट्रिक परीक्षार्थी सहरसा की प्रियंका का मामला काफी चर्चा में है. सोशल मीडिया पर वायरल हुए इस मामले को लेकर BSEB ने सफाई दी है. बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने इस मामले को गलत बताते हुए कहा कि मीडिया में बिहार बोर्ड द्वारा छात्रा को पांच लाख हर्जाना देने की खबर गलत है. माध्यमिक परीक्षा 2017 में सहरसा जिले से सम्मिलित छात्रा प्रियंका सिंह के दो विषयों संस्कृत एवं विज्ञान की उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन में उसे पहले कम अंक मिले थे लेकिन पुनः मूल्यांकन के बाद ज्यादा अंक मिले. खबरों के मुताबिक बारकोडिंग में गलती की बात बिल्कुल भ्रामक हैं. BSEB ने कहा कि इस मामले में सहरसा जिले में किसी कर्मी द्वारा प्रियंका सिंह से संभवतः व्यक्तिगत दुश्मनी और उसे नुकसान पहुंचाने के लिए उसकी इन दो विषयों की कॉपी पर सटा हुआ बारकोड के आधे भाग को, जो फ्लाइंग स्लिप पर सटा था, फाड़कर उखाड़ दिया तथा उसके स्थान पर किसी दूसरे छात्र का बारकोड का आधा भाग फाड़कर उसकी जगह साट दिया. मामले की जांच करने पर इन दोनो कॉपियों के मूल्यांकन के अंक में पुनर्मूल्यांकन में कोई वृद्धि नहीं हुई है. बल्कि समिति द्वारा करायी गई उच्च स्तरीय जांच में यह बात प्रमाणित हुई तथा इस छात्रा को प्राप्त वास्तविक अंक जांचोपरांत प्रदान किया गया, जिससे उसके अंक में वृद्धि हुई. इस मामले में बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने सहरसा जिले के किसी कर्मी पर फर्जीवाड़ा करने का आरोप लगाते हुए 5 अक्टूबर को सहरसा थाने में FIR दर्ज कराई है. और जल्द ही फर्जीवाड़ा करने वाले उस कर्मी को चिन्हित कर गिरफ्तार किया जायेगा तथा [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>पिछले कुछ दिनों से एक मैट्रिक परीक्षार्थी सहरसा की प्रियंका का मामला काफी चर्चा में है. सोशल मीडिया पर वायरल हुए इस मामले को लेकर BSEB ने सफाई दी है. बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने इस मामले को गलत बताते हुए कहा कि मीडिया में बिहार बोर्ड द्वारा छात्रा को पांच लाख हर्जाना देने की खबर गलत है. माध्यमिक परीक्षा 2017 में सहरसा जिले से सम्मिलित छात्रा प्रियंका सिंह के दो विषयों संस्कृत एवं विज्ञान की उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन में उसे पहले कम अंक मिले थे लेकिन पुनः मूल्यांकन के बाद ज्यादा अंक मिले. खबरों के मुताबिक बारकोडिंग में गलती की बात बिल्कुल भ्रामक हैं.</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="size-full wp-image-2192 alignleft" src="http://www.patnanow.com/assets/2016/09/bseb.jpg" alt="" width="576" height="106" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2016/09/bseb.jpg 576w, https://www.patnanow.com/assets/2016/09/bseb-350x64.jpg 350w" sizes="(max-width: 576px) 100vw, 576px" /></p>
<p>BSEB ने कहा कि इस मामले में सहरसा जिले में किसी कर्मी द्वारा प्रियंका सिंह से संभवतः व्यक्तिगत दुश्मनी और उसे नुकसान पहुंचाने के लिए उसकी इन दो विषयों की कॉपी पर सटा हुआ बारकोड के आधे भाग को, जो फ्लाइंग स्लिप पर सटा था, फाड़कर उखाड़ दिया तथा उसके स्थान पर किसी दूसरे छात्र का बारकोड का आधा भाग फाड़कर उसकी जगह साट दिया.</p>
<p>मामले की जांच करने पर इन दोनो कॉपियों के मूल्यांकन के अंक में पुनर्मूल्यांकन में कोई वृद्धि नहीं हुई है. बल्कि समिति द्वारा करायी गई उच्च<br />
स्तरीय जांच में यह बात प्रमाणित हुई तथा इस छात्रा को प्राप्त वास्तविक अंक जांचोपरांत प्रदान किया गया, जिससे उसके अंक में वृद्धि<br />
हुई.</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-large wp-image-18822" src="http://www.patnanow.com/assets/2017/06/PNC-BSEB-OFFICE-PATNA-650x366.jpg" alt="" width="650" height="366" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2017/06/PNC-BSEB-OFFICE-PATNA.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2017/06/PNC-BSEB-OFFICE-PATNA-350x197.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></p>
<p>इस मामले में बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने सहरसा जिले के किसी कर्मी पर फर्जीवाड़ा करने का आरोप लगाते हुए 5 अक्टूबर को सहरसा थाने में FIR दर्ज कराई है. और जल्द ही फर्जीवाड़ा करने वाले उस कर्मी को चिन्हित कर गिरफ्तार किया जायेगा तथा उसके विरूद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जायेगी.<br />
BSEB ने एक बार फिर से स्पष्ट किया है कि बारकोडिंग का कार्य करने की प्रक्रिया के क्रम में कोई गलती नहीं हुई है और इसमें समिति की कोई गलती<br />
नहीं है, बल्कि सहरसा जिले के किसी कर्मी द्वारा इस परीक्षार्थी छात्रा प्रियंका सिंह से व्यक्तिगत द्वेष के कारण ऐसा किया गया. इसलिए इस फैसले के विरूद्ध बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने पटना हाईकोर्ट में याचिका दायर करने का निर्णय लिया है.</p>
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