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	<title>SADAR HOSPITAL &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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	<title>SADAR HOSPITAL &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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		<title>उमस भरी गर्मी से बच्चों में बढ़ सकता है डायरिया का खतरा</title>
		<link>https://www.patnanow.com/umas-bhari-garmi-badha-sakti-hai-dayariya-ka-khatara/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 14 May 2022 06:17:15 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[We Care]]></category>
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					<description><![CDATA[कुशल प्रबंधन नहीं हो तो डायरिया हो सकता है जानलेवा डायरिया के लक्षणों को जानकर एवं सही समय पर उचित प्रबंधन बेहद जरूरी आरा,14 मई. जिले के लोगों को हीट वेव से राहत तो मिल गई है, लेकिन अब बारिश के बाद तल्ख धूप के कारण उमस भरी गर्मी सताने लगी है. जिसके कारण लोगों का जीना दुभर हो गया है. ऐसे मौसम में जरा सी लापरवाही बीमारियों को न्योता दे सकती है. ऐसी स्थिति में लोगों और सावधान रहने की जरूरत है विशेष रूप से शिशुओं और छोटे बच्चों को. क्योंकि बदलते मौसम और उमस भरी गर्मी के दौरान बच्चों में डायरिया की शिकायत बढ़ जाती है. डायरिया के कारण बच्चों में अत्यधिक निर्जलीकरण (डिहाइड्रेशन) होने से समस्याएं काफी हद तक बढ़ जाती हैं. यहां तक कि इस दौरान कुशल प्रबंधन नहीं होने से यह जानलेवा भी हो जाता है. स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण आंकड़े भी इसे शिशु मृत्यु के प्रमुख कारणों में से एक मानते हैं. सही समय पर डायरिया के लक्षणों को जानने के बाद यदि सही समय पर उचित प्रबंधन कर लिया जाय तो बच्चों को इस गंभीर रोग से आसानी से सुरक्षित किया जा सकता है. बच्चों को डायरिया से बचाया जा सकता हैअपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. केएन सिन्हा ने बताया, डायरिया के शुरुआती लक्षणों का ध्यान रख माताएं इसकी आसानी से पहचान कर सकती हैं. इससे केवल नवजातों को ही नहीं, बल्कि बड़े बच्चों को भी डायरिया से बचाया जा सकता है. लगातार पतले दस्त आना, बार-बार दस्त के साथ उल्टी का होना, प्यास [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>कुशल प्रबंधन नहीं हो तो डायरिया हो सकता है जानलेवा</strong></p>



<p><strong>डायरिया के लक्षणों को जानकर एवं सही समय पर उचित प्रबंधन बेहद जरूरी</strong></p>



<p>आरा,14 मई. जिले के लोगों को हीट वेव से राहत तो मिल गई है, लेकिन अब बारिश के बाद तल्ख धूप के कारण उमस भरी गर्मी सताने लगी है. जिसके कारण लोगों का जीना दुभर हो गया है. ऐसे मौसम में जरा सी लापरवाही बीमारियों को न्योता दे सकती है. ऐसी स्थिति में लोगों और सावधान रहने की जरूरत है विशेष रूप से शिशुओं और छोटे बच्चों को. क्योंकि बदलते मौसम और उमस भरी गर्मी के दौरान बच्चों में डायरिया की शिकायत बढ़ जाती है.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="500" height="334" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/05/IMG-20220513-WA0031.jpg" alt="" class="wp-image-62264" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/05/IMG-20220513-WA0031.jpg 500w, https://www.patnanow.com/assets/2022/05/IMG-20220513-WA0031-350x234.jpg 350w" sizes="(max-width: 500px) 100vw, 500px" /></figure>



<p><strong>डायरिया के कारण बच्चों में अत्यधिक निर्जलीकरण </strong>(डिहाइड्रेशन) होने से समस्याएं काफी हद तक बढ़ जाती हैं. यहां तक कि इस दौरान कुशल प्रबंधन नहीं होने से यह जानलेवा भी हो जाता है. स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण आंकड़े भी इसे शिशु मृत्यु के प्रमुख कारणों में से एक मानते हैं. सही समय पर डायरिया के लक्षणों को जानने के बाद यदि सही समय पर उचित प्रबंधन कर लिया जाय तो बच्चों को इस गंभीर रोग से आसानी से सुरक्षित किया जा सकता है.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img decoding="async" width="608" height="505" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/05/IMG-20220513-WA0030.jpg" alt="" class="wp-image-62265" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/05/IMG-20220513-WA0030.jpg 608w, https://www.patnanow.com/assets/2022/05/IMG-20220513-WA0030-350x291.jpg 350w" sizes="(max-width: 608px) 100vw, 608px" /></figure>



<p><strong>बच्चों को डायरिया से बचाया जा सकता है</strong><br>अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. केएन सिन्हा ने बताया, डायरिया के शुरुआती लक्षणों का ध्यान रख माताएं इसकी आसानी से पहचान कर सकती हैं. इससे केवल नवजातों को ही नहीं, बल्कि बड़े बच्चों को भी डायरिया से बचाया जा सकता है. लगातार पतले दस्त आना, बार-बार दस्त के साथ उल्टी का होना, प्यास बढ़ जाना, भूख का कम जाना या खाना नहीं खाना, दस्त के साथ हल्के बुखार का आना और कभी- कभी स्थिति गंभीर हो जाने पर दस्त में खून भी आने लगता है. यहां तक की गंभीर डायरिया बच्चों या वयस्कों को जान का भी खतरा होने की संभावना रहती है.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img decoding="async" width="450" height="250" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/05/IMG-20220513-WA0029.jpg" alt="" class="wp-image-62266" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/05/IMG-20220513-WA0029.jpg 450w, https://www.patnanow.com/assets/2022/05/IMG-20220513-WA0029-350x194.jpg 350w" sizes="(max-width: 450px) 100vw, 450px" /></figure>



<p><strong>सेविका या आशा दीदी से करें संपर्क</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="426" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/05/IMG-20220513-WA0032-650x426.jpg" alt="" class="wp-image-62267" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/05/IMG-20220513-WA0032-650x426.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/05/IMG-20220513-WA0032-350x229.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2022/05/IMG-20220513-WA0032.jpg 684w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>डॉ. केएन सिन्हा ने बताया कि बार-बार डायरिया या दस्त होने से शरीर में डिहाइड्रेशन हो जाता है. जिसको दूर करने के लिए शिशुओं और बड़े बच्चों को ओरल रीहाइड्रेशन सोल्यूशन (ORS) का घोल पिलाएं. इससे दस्त के कारण पानी के साथ शरीर से निकले जरूरी एल्क्ट्रोलाइट्स (सोडियम, पोटैशियम, क्लोराइड एवं बाईकार्बोनेट) की कमी को दूर किया जा सकता है. माताएं अपने नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्र की सेविका या अपने इलाके की आशा दीदी से संपर्क कर इस बात की जानकारी ले सकती हैं. साथ ही, उनसे ORS का घोल बनाने की विधि और किस उम्र के बच्चे को इसकी कितनी मात्रा व कितने बार दिया जाना है ये भी जान सकती हैं.</p>



<p>आरा से <strong>ओ पी पांडेय</strong> की रिपोर्ट</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>स्वस्थ हुए भोजपुर में 3 कोरोना संक्रमित मरीज</title>
		<link>https://www.patnanow.com/3-corona-marijo-ki-ghar-huyi-wapasi/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 25 Apr 2021 13:53:23 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[We Care]]></category>
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					<description><![CDATA[आरा,25. कोरोना संक्रमण के बढ़ते दौड़ में आज सुखद बात सामने आयी. भोजपुर जिला में डेडीकेटेड कोविड वार्ड में भर्ती तीन कोविड मरीजों को सम्मान पूर्वक उनके घर विदा किया गया, जो पिछले कई दिनों से संक्रमण के कारण सदर अस्पताल में भर्ती थे. इस बात की सूचना भोजपुर DM ने ट्वीट कर भी सोशल मीडिया पर साझा किया है. कोरोना से जंग जीतने वाले इन योद्धाओं को अस्पताल प्रशासन ने माला पहनाकर स्वागत किया और उन्हें उनके घर भेजा. तीनों कोरोना योद्धा को अस्पताल प्रशासन ने अगले 14 दिन के लिए घर में रहने की सलाह दी है. आरा से ओ पी पांडेय की रिपोर्ट]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<figure class="wp-block-image size-large is-style-default"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="484" src="https://www.patnanow.com/assets/2021/04/IMG_20210425_192114.jpg" alt="" class="wp-image-51908" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2021/04/IMG_20210425_192114.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2021/04/IMG_20210425_192114-350x261.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>आरा,25. कोरोना संक्रमण के बढ़ते दौड़ में आज सुखद बात सामने आयी. भोजपुर जिला में डेडीकेटेड कोविड वार्ड में भर्ती तीन कोविड मरीजों को सम्मान पूर्वक उनके घर विदा किया गया, जो पिछले कई दिनों से संक्रमण के कारण सदर अस्पताल में भर्ती थे. </p>



<figure class="wp-block-embed is-type-rich is-provider-twitter wp-block-embed-twitter"><div class="wp-block-embed__wrapper">
<blockquote class="twitter-tweet" data-width="550" data-dnt="true"><p lang="hi" dir="ltr">आज डेडीकेटेड कोविड हेल्थ सेंटर आरा से 3 मरीजों को सम्मान पूर्वक डिस्चार्ज किया गया ।सभी मरीज corona संक्रमित थे एवं स्वस्थ होकर सदर अस्पताल से वापस जा रहे हैं।  सभी को कम से कम 10 से 14 दिनों तक होम आइसोलेशन में रहने के निर्देश दिए गए| <a href="https://twitter.com/hashtag/%E0%A4%B9%E0%A4%AE_%E0%A4%9C%E0%A5%80%E0%A4%A4%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%87_%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%A8%E0%A4%BE_%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%97%E0%A4%BE?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#हम_जीतेंगे_कोरोना_हारेगा</a> <a href="https://twitter.com/hashtag/togetherwewin?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#togetherwewin</a> <a href="https://t.co/CqekbLNtkM">pic.twitter.com/CqekbLNtkM</a></p>&mdash; Roshan Kushwaha (@roshankush_ias) <a href="https://twitter.com/roshankush_ias/status/1386309555030683648?ref_src=twsrc%5Etfw">April 25, 2021</a></blockquote><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script>
</div></figure>



<p>इस बात की सूचना भोजपुर DM ने ट्वीट कर भी सोशल मीडिया पर साझा किया है. कोरोना से जंग जीतने वाले इन योद्धाओं को अस्पताल प्रशासन ने माला पहनाकर स्वागत किया और उन्हें उनके घर भेजा. तीनों कोरोना योद्धा को अस्पताल प्रशासन ने अगले 14 दिन के लिए घर में रहने की सलाह दी है.</p>



<p>आरा से <strong>ओ पी पांडेय</strong> की रिपोर्ट</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>यहां इलाज कराना हो तो बैंडेज-पट्टी साथ लेकर आएं</title>
		<link>https://www.patnanow.com/sadar-hospital-ka-haal-behaal/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Amit Verma]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 30 Jun 2017 16:39:10 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[SADAR HOSPITAL]]></category>
		<category><![CDATA[इमरजेंसी]]></category>
		<category><![CDATA[बक्सर]]></category>
		<category><![CDATA[सदर अस्पताल]]></category>
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					<description><![CDATA[इमरजेंसी में भी नहीं मिलती हैं दवाएं इलाज कराना हो तो दवा, सूई और बैंडेज-पट्टी खरीदकर ले जाएं बक्सर सदर अस्पताल के वार्डों में भर्ती मरीजों को इन दिनों दवाइयां नहीं मिल पा रही हैं. अस्पताल प्रबंधन का दावा है कि उनके पास पर्याप्त मात्रा में दवा का स्टॉक है, लेकिन ग्राउंड रियलिटी कुछ और ही है. यहां वैसे मरीजों को काफी फजीहत झेलनी पड़ती है जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं और सदर अस्पताल इलाज कराने पहुंचते हैं. गुरुवार की रात ऐसा ही मामला सदर अस्पताल में सामने आया. जब कोरानसराय थाना के कमधरपुर गांव में एक शख्स को अज्ञात अपराधियों ने गोलियों से भून दिया. उसके शरीर में पांच गोलियां लगी थी. किसी तरह परिजन उसे इलाज के लिए सदर अस्पताल लेकर आये थे. लेकिन, सदर अस्पताल के इमरजेंसी में ना तो बैंडेज था ना ही पट्टी. इसके लिए ड्यूटी पर तैनात डॉ अमलेश कुमार व स्टाफ ने परिजनों को बाहर से बैंडेज लाने के लिए कहा. इस दौरान घायल दर्द से तड़पता रहा. सदर अस्पताल के कई वार्डों में दर्जनों ऐसे मरीज भर्ती हैं, जिनका इलाज तो सदर अस्पताल में हो रहा है लेकिन सिर्फ कागज पर. उन्हें सुविधा के नाम पर केवल सुबह-शाम डॉक्टर के दर्शन होते हैं. दवा उन्हें बाहर से ही लाना पड़ता है. सूई धागा खरीदकर मरीज पहुंचते हैं इमरजेंसी वार्ड गुरुवार की रात कुछ ऐसे भी वार्ड थे जहां एक भी दवा उपलब्ध नहीं थी. संक्रमण वार्ड में तो सिर्फ पानी ही मिला. सरकार की तरफ से मिलने वाले भोजन में भी [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>इमरजेंसी में भी नहीं मिलती हैं दवाएं</strong></p>
<p><strong>इलाज कराना हो तो दवा, सूई और बैंडेज-पट्टी खरीदकर ले जाएं</strong></p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-large wp-image-16352" src="http://www.patnanow.com/assets/2017/04/PNC-BUXAR-SADAR-HOSPITAL-650x362.jpg" alt="" width="650" height="362" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2017/04/PNC-BUXAR-SADAR-HOSPITAL.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2017/04/PNC-BUXAR-SADAR-HOSPITAL-350x195.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></p>
<p>बक्सर सदर अस्पताल के वार्डों में भर्ती मरीजों को इन दिनों दवाइयां नहीं मिल पा रही हैं. अस्पताल प्रबंधन का दावा है कि उनके पास पर्याप्त मात्रा में दवा का स्टॉक है, लेकिन ग्राउंड रियलिटी कुछ और ही है. यहां वैसे मरीजों को काफी फजीहत झेलनी पड़ती है जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं और सदर अस्पताल इलाज कराने पहुंचते हैं. गुरुवार की रात ऐसा ही मामला सदर अस्पताल में सामने आया. जब कोरानसराय थाना के कमधरपुर गांव में एक शख्स को अज्ञात अपराधियों ने गोलियों से भून दिया. उसके शरीर में पांच गोलियां लगी थी. किसी तरह परिजन उसे इलाज के लिए सदर अस्पताल लेकर आये थे. लेकिन, सदर अस्पताल के इमरजेंसी में ना तो बैंडेज था ना ही पट्टी. इसके लिए ड्यूटी पर तैनात डॉ अमलेश कुमार व स्टाफ ने परिजनों को बाहर से बैंडेज लाने के लिए कहा. इस दौरान घायल दर्द से तड़पता रहा. सदर अस्पताल के कई वार्डों में दर्जनों ऐसे मरीज भर्ती हैं, जिनका इलाज तो सदर अस्पताल में हो रहा है लेकिन सिर्फ कागज पर. उन्हें सुविधा के नाम पर केवल सुबह-शाम डॉक्टर के दर्शन होते हैं. दवा उन्हें बाहर से ही लाना पड़ता है.</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-large wp-image-19884" src="http://www.patnanow.com/assets/2017/06/PNC-BUXAR-HOSPITAL-650x366.jpg" alt="" width="650" height="366" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2017/06/PNC-BUXAR-HOSPITAL.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2017/06/PNC-BUXAR-HOSPITAL-350x197.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></p>
<p><strong>सूई धागा खरीदकर मरीज पहुंचते हैं इमरजेंसी वार्ड</strong></p>
<p>गुरुवार की रात कुछ ऐसे भी वार्ड थे जहां एक भी दवा उपलब्ध नहीं थी. संक्रमण वार्ड में तो सिर्फ पानी ही मिला. सरकार की तरफ से मिलने वाले भोजन में भी किसी -किसी दिन कटौती हो जाती है. पूछने पर कहा जाता है कि भूल से कैंटिन के लोग इस वार्ड में नहीं पाए हैं. लेकिन इन सब बातों की निगरानी का जिम्मा जिन्हें दिया गया है उन्हें कुछ मालूम ही नहीं हो पाता है. दवा का आलम यह है कि जो मरीज सड़क हादसे में इमरजेंसी वार्ड में पहुंचते हैं उन्हें पहले सूई और धागा बाहर से खरीद कर लाना पड़ता है. उसके बाद ही उनका इलाज हो पाता है. इमरजेंसी वार्ड में ड्यूटी पर तैनात स्टाफ भी इस बात को स्वीकारते हैं कि पहले घायल का इलाज होना जरूरी है, लेकिन वे लोग अपनी मजबूरी का हवाला देकर मरीज के परिजन को धागा अन्य दवा के लिए बाहर भेज देते हैं.</p>
<p><strong>दवा खत्म हो गई होगी, मामला मेरे संज्ञान में नहीं है</strong></p>
<blockquote><p>जिले के सरकारी अस्पतालों में यहां से ही दवा की आपूर्ति की जाती है. हो सकता है कुछ दवा खत्म हो गई होगी. इस तरह का कोई मामला मेरे संज्ञान में नहीं है, पता कर दवा उपलब्ध करवाई जाएगी.- डॉ.बीके, सिविल सर्जन, बक्सर</p></blockquote>
<p>&nbsp;</p>
<p>बक्सर से ऋतुराज</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
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