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	<title>Reservation &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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	<title>Reservation &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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		<title>पटना हाईकोर्ट ने रद्द किया बिहार का जाति आधारित आरक्षण</title>
		<link>https://www.patnanow.com/patna-highcourt-big-decision/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 20 Jun 2024 17:07:04 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[Politics]]></category>
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		<category><![CDATA[Caste based reservation]]></category>
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					<description><![CDATA[पटना।। पटना हाईकोर्ट ने बिहार में 65 प्रतिशत जाति आधारित आरक्षण को रद्द कर दिया है. इसके तहत राज्य सरकार द्वारा शिक्षण संस्थानों और सरकारी नौकरियों में 65 फीसदी आरक्षण देने का कानून लाया गया था. बता दें कि 9 नवंबर 2023 को बिहार विधानसभा में आरक्षण संशोधन विधेयक पारित हुआ था. इसमें जातिगत आरक्षण का दायरा बढ़ाकर 65% कर दिया गया. अगर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग यानी EWS के 10% कोटे को मिला लिया जाए तो बिहार में कुल रिजर्वेशन 75% हो गया. ये आरक्षण के लिए तय अधिकतम सीमा, यानी 50% से काफी ज्यादा था. इसे चुनौती देने वाली याचिकायों को स्वीकार करते हुए राज्य सरकार के द्वारा लाये गये कानून को रद्द करते हुए बड़ा झटका दिया गया है. इस मामलें में गौरव कुमार व अन्य द्वारा दायर याचिकाओं पर सुनवाई पूरी कर फैसला 11मार्च, 2024 को सुरक्षित रख लिया था, जिसे आज सुनाया गया,चीफ जस्टिस के वी चंद्रन की खंडपीठ गौरव कुमार व अन्य याचिकाओं पर लंबी सुनवाई की थी. pncb]]></description>
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<p>पटना।। पटना हाईकोर्ट ने बिहार में 65 प्रतिशत जाति आधारित आरक्षण को रद्द कर दिया है. इसके तहत राज्य सरकार द्वारा शिक्षण संस्थानों और सरकारी नौकरियों में 65 फीसदी आरक्षण देने का कानून लाया गया था. बता दें कि 9 नवंबर 2023 को बिहार विधानसभा में आरक्षण संशोधन विधेयक पारित हुआ था. इसमें जातिगत आरक्षण का दायरा बढ़ाकर 65% कर दिया गया. अगर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग यानी EWS के 10% कोटे को मिला लिया जाए तो बिहार में कुल रिजर्वेशन 75% हो गया. ये आरक्षण के लिए तय अधिकतम सीमा, यानी 50% से काफी ज्यादा था.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="650" height="366" src="https://www.patnanow.com/assets/2019/02/PNC-PATNA-HIGH-COURT.png" alt="" class="wp-image-38512" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2019/02/PNC-PATNA-HIGH-COURT.png 650w, https://www.patnanow.com/assets/2019/02/PNC-PATNA-HIGH-COURT-350x197.png 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>इसे चुनौती देने वाली याचिकायों को स्वीकार करते हुए राज्य सरकार के द्वारा लाये गये कानून को रद्द करते हुए बड़ा झटका दिया गया है. इस मामलें में गौरव कुमार व अन्य द्वारा दायर याचिकाओं पर सुनवाई पूरी कर फैसला 11मार्च, 2024 को सुरक्षित रख लिया था, जिसे आज सुनाया गया,चीफ जस्टिस के वी चंद्रन की खंडपीठ गौरव कुमार व अन्य याचिकाओं पर लंबी सुनवाई की थी.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
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		<title>जब तक समाज में भेदभाव रहेगा, आरक्षण रहना चाहिए: भागवत</title>
		<link>https://www.patnanow.com/as-long-as-there-is-discrimination-in-the-society-reservation-should-remain-bhagwat/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[pnc]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 08 Sep 2023 03:17:14 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[mohan bhagvat]]></category>
		<category><![CDATA[nagpur]]></category>
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		<category><![CDATA[RSS]]></category>
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					<description><![CDATA[कहा- आज के युवा बूढ़े होने से पहले अखंड भारत का सपना सच होते देखेंगेभारत में फैमिली सिस्टम सुरक्षित, क्योंकि इसकी नींव में है सचनागपुर, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि हमारे समाज में आज भी भेदभाव मौजूद है. जब तक ये असमानता बनी रहेगी, तब तक आरक्षण भी जारी रहना चाहिए. हम संविधान में दिए गए आरक्षण को पूरा समर्थन देते हैं.भागवत ने यह भी कहा कि अखंड भारत या अविभाजित भारत का सपना आज के युवाओं के बूढ़े होने से पहले सच हो जाएगा, क्योंकि 1947 में भारत से अलग होने वाले लोग अब महसूस कर रहे हैं कि उन्होंने गलती की. भागवत का बयान ऐसे समय आया है जब महाराष्ट्र में आरक्षण के लिए मराठा समुदाय का आंदोलन एक बार फिर तेज हो गया है. हमने साथी मनुष्यों को सामाजिक व्यवस्था के तहत पीछे रखा. उनकी जिंदगी जानवरों जैसी हो गई, फिर भी उनकी परवाह नहीं की. ये सब 2000 साल तक जारी रहा. जब तक हम उन्हें समानता प्रदान नहीं करते, तब तक कुछ विशेष उपाय करने होंगे और आरक्षण उनमें से एक है. इसलिए हम संविधान में दिए गए आरक्षण को पूरा समर्थन देते हैं. समाज में भेदभाव मौजूद है, भले ही हम इसे देख न सकें. समाज के जो वर्ग 2000 साल तक भेदभाव से पीड़ित रहे, उन्हें समानता का अधिकार दिलाने के लिए हम जैसे लोगों को अगले 200 साल तक कुछ परेशानी क्यों नहीं झेलनी चाहिए. अगर युवा अखंड भारत के सपने के लिए काम करते रहेंगे, तो बूढ़े [&#8230;]]]></description>
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<p><br></p>



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<p><strong>कहा- आज के युवा बूढ़े होने से पहले अखंड भारत का सपना सच होते देखेंगे<br>भारत में फैमिली सिस्टम सुरक्षित, क्योंकि इसकी नींव में है सच<br></strong>नागपुर, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने  कहा कि हमारे समाज में आज भी भेदभाव मौजूद है. जब तक ये असमानता बनी रहेगी, तब तक आरक्षण भी जारी रहना चाहिए. हम संविधान में दिए गए आरक्षण को पूरा समर्थन देते हैं.भागवत ने यह भी कहा कि अखंड भारत या अविभाजित भारत का सपना आज के युवाओं के बूढ़े होने से पहले सच हो जाएगा, क्योंकि 1947 में भारत से अलग होने वाले लोग अब महसूस कर रहे हैं कि उन्होंने गलती की. भागवत का बयान ऐसे समय आया है जब महाराष्ट्र में आरक्षण के लिए मराठा समुदाय का आंदोलन एक बार फिर तेज हो गया है.</p>



<p><br>हमने साथी मनुष्यों को सामाजिक व्यवस्था के तहत पीछे रखा. उनकी जिंदगी जानवरों जैसी हो गई, फिर भी उनकी परवाह नहीं की. ये सब 2000 साल तक जारी रहा. जब तक हम उन्हें समानता प्रदान नहीं करते, तब तक कुछ विशेष उपाय करने होंगे और आरक्षण उनमें से एक है. इसलिए हम संविधान में दिए गए आरक्षण को पूरा समर्थन देते हैं. समाज में भेदभाव मौजूद है, भले ही हम इसे देख न सकें. समाज के जो वर्ग 2000 साल तक भेदभाव से पीड़ित रहे, उन्हें समानता का अधिकार दिलाने के लिए हम जैसे लोगों को अगले 200 साल तक कुछ परेशानी क्यों नहीं झेलनी चाहिए.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="600" height="460" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/09/मोहन-bhagvat.jpg" alt="" class="wp-image-77930" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/09/मोहन-bhagvat.jpg 600w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/मोहन-bhagvat-350x268.jpg 350w" sizes="(max-width: 600px) 100vw, 600px" /></figure>



<p><br>अगर युवा अखंड भारत के सपने के लिए काम करते रहेंगे, तो बूढ़े होने से पहले इसे साकार होता हुआ देखेंगे. हालात ऐसे बन रहे हैं कि जो देश भारत से अलग हो गए, उन्हें लगता है कि उन्होंने गलती की है.भारत से अलग होने वाले देशों को लगता है कि हमें फिर से भारत बनना चाहिए था. वे सोचते हैं कि भारत बनने के लिए उन्हें मानचित्र पर रेखाओं को मिटाने की आवश्यकता है. लेकिन ऐसा नहीं है. भारत बनना भारत की प्रकृति या स्वभाव को स्वीकार करना है. वो स्वभाव हमें मंजूर नहीं था, इसलिए विखंडन हुआ.<br>हमें अपने जीवन से, अपने आचरण से सब पड़ोसी देशों को ये सिखाना पड़ेगा. ये काम हम कर रहे हैं. मालदीव को पानी, श्रीलंका को पैसा, नेपाल में भूचाल के दौरान मदद और बांग्लादेश को मदद पहुंचाते हैं. और ये सबको बताकर कर रहे हैं. एक दिन पहले नागपुर में ही भागवत ने कहा था कि दुनिया भर में परिवार व्यवस्था खत्म हो रही है, लेकिन भारत इस संकट से बच गया है क्योंकि सच्चाई इसकी नींव है. वे सीनियर सिटिजन्स के एक कार्यक्रम में बोल रहे थे. भागवत ने कहा कि हमारी संस्कृति की जड़ें सच पर आधारित हैं, हालांकि इस संस्कृति को उखाड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं.</p>
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		<title>&#8216;आरक्षण की सीमा की बाध्यता खत्म हो&#8217;</title>
		<link>https://www.patnanow.com/cm-comments-on-reservation/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[pnc]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 08 Nov 2022 13:39:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[Politics]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[Ews]]></category>
		<category><![CDATA[nitish kumar]]></category>
		<category><![CDATA[Reservation]]></category>
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					<description><![CDATA[सीएम नीतीश ने की आरक्षण की सीमा खत्म करने की मांग पटना,अजीत।। सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग (EWS) के लिए दस प्रतिशत आरक्षण की वैधानिकता पर जैसे ही मुहर लगाई वैसे ही देश की सियासत में हलचल तेज हो गई है. खास तौर पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 50% आरक्षण की सीमा को बढ़ाने की मांग कर इस मुद्दे को गर्मा दिया है. इसके साथ ही जातीय जनगणना के बाद बिहार में आरक्षण की सीमा बढ़ाने के संकेत भी दे दिए हैं. यहां यह बताना जरूरी है कि सुप्रीम कोर्ट ने ईडब्ल्यूएस मामले में फैसला सुनाने के बाद यह भी टिप्पणी की है कि रिजर्वेशन हमेशा के लिए नहीं होना चाहिए. पटना के अधिवेशन भवन में आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के स्थापना दिवस समारोह के मौके पर जब मीडियाकर्मियों ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया जाननी चाही तो बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने फैसले का स्वागत तो किया, लेकिन इसके साथ ही आरक्षण की वर्तमान 50 प्रतिशत सीमा को बढ़ाने की मांग कर एक बड़ी मांग कर नई राजनीतिक बहस तेज कर दी है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि EWS पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला सही है. इसका तो हमलोगों ने पहले भी स्वागत किया था. ये तो ठीक है लेकिन, इसके साथ ही आरक्षण की 50% की सीमा भी बढ़नी चाहिए. सीएम नीतीश ने कहा, हमने शुरू से इसीलिए कहा था और इस दिशा में काम भी कर रहे हैं. देश में जल्द से जल्द [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>सीएम नीतीश ने की आरक्षण की सीमा खत्म करने की मांग </strong></p>



<p>पटना,अजीत।। सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग (EWS) के लिए दस प्रतिशत आरक्षण की वैधानिकता पर जैसे ही मुहर लगाई वैसे ही देश की सियासत में हलचल तेज हो गई है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="650" height="491" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/11/pnc-cm-nitish-kumar-on-reservation.jpg" alt="" class="wp-image-68506" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/11/pnc-cm-nitish-kumar-on-reservation.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/11/pnc-cm-nitish-kumar-on-reservation-350x264.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>खास तौर पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 50% आरक्षण की सीमा को बढ़ाने की मांग कर इस मुद्दे को गर्मा दिया है. इसके साथ ही जातीय जनगणना के बाद बिहार में आरक्षण की सीमा बढ़ाने के संकेत भी दे दिए हैं. यहां यह बताना जरूरी है कि सुप्रीम कोर्ट ने ईडब्ल्यूएस मामले में फैसला सुनाने के बाद यह भी टिप्पणी की है कि रिजर्वेशन हमेशा के लिए नहीं होना चाहिए.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="278" src="https://www.patnanow.com/assets/2021/11/Delhi-SupremeCourt-pnc.jpeg" alt="" class="wp-image-57142" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2021/11/Delhi-SupremeCourt-pnc.jpeg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2021/11/Delhi-SupremeCourt-pnc-350x150.jpeg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>पटना के अधिवेशन भवन में आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के स्थापना दिवस समारोह के मौके पर जब मीडियाकर्मियों ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया जाननी चाही तो बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने फैसले का स्वागत तो किया, लेकिन इसके साथ ही आरक्षण की वर्तमान 50 प्रतिशत सीमा को बढ़ाने की मांग कर एक बड़ी मांग कर नई राजनीतिक बहस तेज कर दी है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="486" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/11/pnc-cm-nitish-on-ews-reservation.jpg" alt="" class="wp-image-68507" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/11/pnc-cm-nitish-on-ews-reservation.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/11/pnc-cm-nitish-on-ews-reservation-350x262.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि EWS पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला सही है. इसका तो हमलोगों ने पहले भी स्वागत किया था. ये तो ठीक है लेकिन, इसके साथ ही आरक्षण की 50% की सीमा भी बढ़नी चाहिए. <br>सीएम नीतीश ने कहा, हमने शुरू से इसीलिए कहा था और इस दिशा में काम भी कर रहे हैं. देश में जल्द से जल्द जातिगत जनगणना कराई जाए, लेकिन इस पर काम नहीं हो रहा है, हमने फैसला कर लिया था कोई कराए या नहीं कराए, हम बिहार में करा रहे हैं. बहुत जल्द बिहार में जातिगत जनगणना हो जाएगी. जाहिर तौर पर मुख्यमंत्री ने इस बात के संकेत दे दिए हैं कि जातीय जनगणना के बाद सरकार इसके नतीजे के आधार पर आरक्षण की सीमा को लेकर कोई बड़ा फैसला कर सकती है.</p>



<p><strong><em>अजीत</em></strong></p>
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