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		<title>रिलायंस जियो अधिकारियों ने सीखे &#8220;आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन”के गुर</title>
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		<pubDate>Thu, 29 Aug 2024 12:30:01 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[एक दिवसीय संवेदीकरण सह प्रशिक्षण का आयोजन पटना: 29 अगस्त 2024 बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, पटना की ओर से रिलायंस जिओ अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण सत्र का आयोजन पटना में किया गया. जिसका उद्देश्य प्रतिभागियों के कौशल को बढ़ाना और बिहार के संदर्भ में विभिन्न आपदा स्थितियों जैसे भूकंप, बाढ़, बिजली, डूबने आदि के लिए उनकी तत्परता को बढ़ाना प्रमुख था. इसके अलावा सभी अधिकारियों को व्यावहारिक मॉक ड्रिल की ट्रेनिंग भी दी गई. इस कार्यक्रम में रिलायंस जियो, पटना टीम के श्री प्रवीण माइकल लाल- राज्य मानव संसाधन प्रमुख, श्री कुमार धीरज और श्री राकेश कुमार, राज्य एसएलपी प्रमुखों ने बीएसडीएमए, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के संसाधन व्यक्तियों का स्वागत किया. वहीँ डॉ जीवन कुमार ने पूरे दिन के प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए संदर्भ निर्धारित करते हुए आपदा प्रबंधन रणनीतियों पर चर्चा की. इस अवसर पर बीएसडीएमए फिल्म की प्रस्तुति भी हुई जिसमें विभिन्न पहल/गतिविधियाँ शामिल हैं. प्राधिकरण के श्री बिनय कुमार ने आपातकालीन नियोजन, जोखिम प्रबंधन, आपदा की अवधारणा, आपदा के प्रकार और विभिन्न स्तरों पर आपदा प्रबंधन की संरचना के बारे में बात की. उन्होंने बाढ़ और बिजली सुरक्षा के बारे में भी जानकारी दी. डॉ. आनंद बिजेता ने बिहार की आपदा प्रोफ़ाइल और डीआरआर रोडमैप,&#160; आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन पर बहुमूल्य जानकारी साझा की, जिसमें भूकंप और बाढ़ पर विशेष ध्यान दिया गया. सुश्री सुम्बुल अफ़रोज़ ने बिहार राज्य आपदा संसाधन नेटवर्क के महत्व और इसके अनुप्रयोग के बारे में जानकारी दी. डॉ. अजीत कुमार सिंह ने बिहार पर विशेष ध्यान देने के साथ जलवायु [&#8230;]]]></description>
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<p></p>



<p><strong>एक दिवसीय संवेदीकरण सह प्रशिक्षण का आयोजन</strong></p>



<p><strong>पटना: 29 अगस्त 2024</strong></p>



<p>बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, पटना की ओर से रिलायंस जिओ अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण सत्र का आयोजन पटना में किया गया. जिसका उद्देश्य प्रतिभागियों के कौशल को बढ़ाना और बिहार के संदर्भ में विभिन्न आपदा स्थितियों जैसे भूकंप, बाढ़, बिजली, डूबने आदि के लिए उनकी तत्परता को बढ़ाना प्रमुख था. इसके अलावा सभी अधिकारियों को व्यावहारिक मॉक ड्रिल की ट्रेनिंग भी दी गई.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="1024" height="473" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/08/457527174_3881163445448064_2962723415604804755_n-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-86563" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/08/457527174_3881163445448064_2962723415604804755_n-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2024/08/457527174_3881163445448064_2962723415604804755_n-650x300.jpg 650w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



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<p>इस कार्यक्रम में रिलायंस जियो, पटना टीम के श्री प्रवीण माइकल लाल- राज्य मानव संसाधन प्रमुख, श्री कुमार धीरज और श्री राकेश कुमार, राज्य एसएलपी प्रमुखों ने बीएसडीएमए, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के संसाधन व्यक्तियों का स्वागत किया. वहीँ डॉ जीवन कुमार ने पूरे दिन के प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए संदर्भ निर्धारित करते हुए आपदा प्रबंधन रणनीतियों पर चर्चा की. इस अवसर पर बीएसडीएमए फिल्म की प्रस्तुति भी हुई जिसमें विभिन्न पहल/गतिविधियाँ शामिल हैं.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="1024" height="768" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/08/a5932ce0-4865-4018-9b9b-d469e84b42e8-scaled.jpeg" alt="" class="wp-image-86560" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/08/a5932ce0-4865-4018-9b9b-d469e84b42e8-scaled.jpeg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2024/08/a5932ce0-4865-4018-9b9b-d469e84b42e8-650x488.jpeg 650w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>प्राधिकरण के श्री बिनय कुमार ने आपातकालीन नियोजन, जोखिम प्रबंधन, आपदा की अवधारणा, आपदा के प्रकार और विभिन्न स्तरों पर आपदा प्रबंधन की संरचना के बारे में बात की. उन्होंने बाढ़ और बिजली सुरक्षा के बारे में भी जानकारी दी. डॉ. आनंद बिजेता ने बिहार की आपदा प्रोफ़ाइल और डीआरआर रोडमैप,&nbsp; आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन पर बहुमूल्य जानकारी साझा की, जिसमें भूकंप और बाढ़ पर विशेष ध्यान दिया गया. सुश्री सुम्बुल अफ़रोज़ ने बिहार राज्य आपदा संसाधन नेटवर्क के महत्व और इसके अनुप्रयोग के बारे में जानकारी दी. डॉ. अजीत कुमार सिंह ने बिहार पर विशेष ध्यान देने के साथ जलवायु परिदृश्य में बदलाव पर केंद्रित प्रस्तुति की. अस्पताल अग्नि सुरक्षा पर वीडियो प्रस्तुति, (जो सभी नए भवनों के लिए आवश्यक) प्रतिभागियों को दिखाई गई.</p>



<figure class="wp-block-image size-full is-resized"><img loading="lazy" decoding="async" width="576" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/08/5b6de321-2f27-4cb3-aff2-70a761cc6769-scaled.jpeg" alt="" class="wp-image-86561" style="width:525px;height:auto" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/08/5b6de321-2f27-4cb3-aff2-70a761cc6769-scaled.jpeg 576w, https://www.patnanow.com/assets/2024/08/5b6de321-2f27-4cb3-aff2-70a761cc6769-366x650.jpeg 366w, https://www.patnanow.com/assets/2024/08/5b6de321-2f27-4cb3-aff2-70a761cc6769-864x1536.jpeg 864w" sizes="(max-width: 576px) 100vw, 576px" /></figure>



<p>डॉ. जीवन कुमार ने मानव प्रेरित आपदाओं सड़क दुर्घटनाओं, डूबने की रोकथाम और नाव सुरक्षा के बारे में प्रस्तुति दी और व्यावहारिक अनुभव साझा किए. श्री संतोष कुमार, सहायक कमांडेंट की देखरेख में एनडीआरएफ टीम ने बिहार के संदर्भ में रासायनिक आपदाओं पर प्रस्तुति और प्रदर्शन किया जिसमें अधिकारियों की भागेदारी दिखी. श्री रमेश ठाकुर की देखरेख में एसडीआरएफ टीम ने भूकंप और बाढ़ सुरक्षा पर इंटरैक्टिव मॉक ड्रिल का आयोजन किया. समापन समारोह से पहले आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन पर प्रश्नोत्तरी आयोजित की गई. और प्रतिभागियों से फीडबैक लिया गया.</p>



<p><strong>PNCDESK</strong></p>
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		<title>WiFi पर वॉयस और वीडियो Calling की सुविधा शुरू &#124; Jio</title>
		<link>https://www.patnanow.com/reliance-jio-launches-wifi-voice-and-video-calling-service/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Nikhil]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 08 Jan 2020 18:28:41 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[काम की ख़बर]]></category>
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					<description><![CDATA[नई दिल्ली (ब्युरो रिपोर्ट) &#124; मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस जियो ने बुधवार को अपने उपभोक्ताओं के लिए वाई-फाई पर चलने वाली वॉयस और वीडियो कॉलिंग लॉन्च की. लॉन्च के समय हर ग्राहक को एक बेहतरीन अनुभव देने के लिए पिछले कुछ महीनों से इस सेवा का परीक्षण जियो द्वारा किया जा रहा था. Jio Wi-Fi कॉलिंग के लिए ग्राहक किसी भी वाई-फाई नेटवर्क का उपयोग कर सकते हैं. इसमें वॉयस तथा वीडियो कॉल निर्बाध रूप से VoLTE और वाई-फाई के बीच स्विच-ओवर कर सकेंगी जिससे ग्राहकों के लिए कॉलिंग के अनुभवों में सुधार होगा. जियो के ग्राहक वाई-फाई कॉल पर भी वीडियो कॉलिंग भी कर सकेंगे जिसके लिए उन्हें कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं देना पड़ेगा. इस सर्विस को लॉन्च करते हुए कंपनी के निदेशक आकाश अंबानी ने कहा कि Jio अपने ग्राहकों के अनुभव को बढ़ाने या उनकी समस्याओं को हल करने के लिए लगातार नए प्रयोग कर रहा है. उन्होंने बताया कि Jio उपभोक्ता हर महीने औसतन 900 मिनट से अधिक वॉयस कॉल करता है तथा जियो के उपभोक्ताओं की संख्या भी लगातार बढ़ रही है. ऐसे में Jio वाई-फाई कॉलिंग की शुरूआत हर Jio उपभोक्ता की वॉयस-कॉलिंग अनुभव को और अधिक बढ़ाएगी. उनके अनुसार Jio वाई-फाई कॉलिंग भारत में पहले VoLTE नेटवर्क के साथ पहले ही उद्योग जगत के लिए एक बेंचमार्क है।”. कंपनी के एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, Jio ग्राहक को Wi-Fi कॉलिंग को अपने हैंडसेट में एक्टिवेट करने के लिए jio.com/wificalling पर विजिट करना होगा जहां पर उन्हें एक्टिवेशन गाइड मिलेगा. इस गाइड के [&#8230;]]]></description>
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<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="285" src="https://www.patnanow.com/assets/2020/01/patna-now-jio-wifi-started.png" alt="" class="wp-image-42905" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2020/01/patna-now-jio-wifi-started.png 650w, https://www.patnanow.com/assets/2020/01/patna-now-jio-wifi-started-350x153.png 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p><strong>नई दिल्ली (ब्युरो रिपोर्ट) </strong>| मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस जियो ने बुधवार को अपने उपभोक्ताओं के लिए वाई-फाई पर चलने वाली वॉयस और वीडियो कॉलिंग लॉन्च की. लॉन्च के समय हर ग्राहक को एक बेहतरीन अनुभव देने के लिए पिछले कुछ महीनों से इस सेवा का परीक्षण जियो द्वारा किया जा रहा था.<br> Jio Wi-Fi कॉलिंग के लिए ग्राहक किसी भी वाई-फाई नेटवर्क का उपयोग कर सकते हैं. इसमें वॉयस तथा वीडियो कॉल निर्बाध रूप से VoLTE और वाई-फाई के बीच स्विच-ओवर कर सकेंगी जिससे ग्राहकों के लिए कॉलिंग के अनुभवों में सुधार होगा. जियो के  ग्राहक वाई-फाई कॉल पर भी वीडियो कॉलिंग भी कर सकेंगे जिसके लिए उन्हें कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं देना पड़ेगा.<br> इस सर्विस को लॉन्च करते हुए कंपनी के निदेशक आकाश अंबानी ने कहा कि Jio अपने ग्राहकों के अनुभव को बढ़ाने या उनकी समस्याओं को हल करने के लिए लगातार नए प्रयोग कर रहा है. उन्होंने बताया कि Jio उपभोक्ता हर महीने औसतन 900 मिनट से अधिक वॉयस कॉल करता है तथा जियो के उपभोक्ताओं की संख्या भी लगातार बढ़ रही है. ऐसे में Jio वाई-फाई कॉलिंग की शुरूआत हर Jio उपभोक्ता की वॉयस-कॉलिंग अनुभव को और अधिक बढ़ाएगी. उनके अनुसार Jio वाई-फाई कॉलिंग भारत में पहले VoLTE नेटवर्क के साथ पहले ही उद्योग जगत के लिए एक बेंचमार्क है।”.<br> कंपनी के एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, Jio ग्राहक को Wi-Fi कॉलिंग को अपने हैंडसेट में एक्टिवेट करने के लिए jio.com/wificalling पर विजिट करना होगा जहां पर उन्हें एक्टिवेशन गाइड मिलेगा. इस गाइड के अनुसार वे इस सर्विस को एक्टिवेट कर सकते हैं. विज्ञप्ति के अनुसार, कंपनी द्वारा Jio वाई-फाई कॉलिंग को जनवरी माह के 7 से 16 तारीख के बीच समूचे देश में एक्टिवेट कर देने की योजना है.</p>



<p>जियो #WiFiVoiceCalling #RelianceJio #VideoCalling</p>
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		<item>
		<title>जियो ने संचार मंत्री को भेजा पत्र &#124; लिखा, इससे बुरी मिसाल होगी कायम</title>
		<link>https://www.patnanow.com/jio-writes-letter-to-communication-minister/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Nikhil]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 03 Nov 2019 15:31:04 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[communication minister]]></category>
		<category><![CDATA[Jio]]></category>
		<category><![CDATA[Ravi Shankar Prasad]]></category>
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		<category><![CDATA[reliance jio]]></category>
		<category><![CDATA[संचार मंत्री रविशंकर प्रसाद]]></category>
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					<description><![CDATA[नई दिल्ली (ब्यूरो रिपोर्ट) &#124; रिलायंस जियो ने दूरसंचार क्षेत्र में एक समान स्तरीय प्रतिस्पर्धा का माहौल बनाए रखने के लिए अपनी लड़ाई जारी रखा है. जियो ने दूरसंचार मंत्री रविशंकर प्रसाद को पत्र लिखा है. इस पत्र में भारती एयरटेल और वोडाफोन-आइडिया के लिए वैधानिक तौर पर बीते 14 सालों से बकाया राशि का भुगतान ना करने को लेकर दंडात्मक कार्रवाई को अमल में ना लाए जाने के कदम को जियो ने अनुचित ‘वित्तीय लाभ’ दिए जाना करार दिया है. जियो के अनुसार इस कदम से ना सिर्फ उच्चतम न्यायालय के हाल के फैसले का उल्लंघन किया जा रहा है बल्कि इससे कंपनियों के लिए गलत मिसाल भी कायम हो रही है. जियो ने कहा है कि इसके 2016 में लॉन्च होने के बाद से मोबाइल फोन पर मुफ्त कॉल और बेहद सस्ते डेटा की पेशकश ने भारत को दुनिया में सबसे कम दूरसंचार दरों वाला देश बनाने में मदद की है. जियो ने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने 24 अक्टूबर के आदेश में स्पष्ट रूप से इस आधार पर मामले का निपटान किया है कि दूरसंचार लाइसेंस शुल्क और स्पेक्ट्रम उपयोग शुल्क जैसे लेवी का भुगतान करना होगा और पिछले 14 वर्षों की देय राशि पर ब्याज और जुर्माना माफ करना फैसले का उल्लंघन होगा. जियो के 1 नवंबर को लिखे गए पत्र के अनुसार ‘‘निर्णय दूरसंचार विभाग (डीओटी) की ओर से इस आशय की रिपोर्ट दर्ज करता है कि पार्टियों के बीच अनुबंध के अनुसार ब्याज और जुर्माना सख्ती से लगाया जा रहा है और इसमें निहित [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<figure class="wp-block-image"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="366" src="https://www.patnanow.com/assets/2019/09/pnc-jio-4g-speed-better-650x366.png" alt="" class="wp-image-41181" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2019/09/pnc-jio-4g-speed-better.png 650w, https://www.patnanow.com/assets/2019/09/pnc-jio-4g-speed-better-350x197.png 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p><strong>नई दिल्ली (ब्यूरो रिपोर्ट) </strong>| रिलायंस जियो ने दूरसंचार क्षेत्र में एक समान स्तरीय प्रतिस्पर्धा का माहौल बनाए रखने के लिए अपनी लड़ाई जारी रखा है. जियो ने दूरसंचार मंत्री रविशंकर प्रसाद को पत्र लिखा है. इस पत्र में भारती एयरटेल और वोडाफोन-आइडिया के लिए वैधानिक तौर पर बीते 14 सालों से बकाया राशि का भुगतान ना करने को लेकर दंडात्मक कार्रवाई को अमल में ना लाए जाने के कदम को जियो ने अनुचित ‘वित्तीय लाभ’ दिए जाना करार दिया है. जियो के अनुसार इस कदम से ना सिर्फ उच्चतम न्यायालय के हाल के फैसले का उल्लंघन किया जा रहा है बल्कि इससे कंपनियों के लिए गलत मिसाल भी कायम हो रही है. <br>जियो ने कहा है कि इसके 2016 में लॉन्च होने के बाद से मोबाइल फोन पर मुफ्त कॉल और बेहद सस्ते डेटा की पेशकश ने भारत को दुनिया में सबसे कम दूरसंचार दरों वाला देश बनाने में मदद की है. जियो ने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने 24 अक्टूबर के आदेश में स्पष्ट रूप से इस आधार पर मामले का निपटान किया है कि दूरसंचार लाइसेंस शुल्क और स्पेक्ट्रम उपयोग शुल्क जैसे लेवी का भुगतान करना होगा और पिछले 14 वर्षों की देय राशि पर ब्याज और जुर्माना माफ करना फैसले का उल्लंघन होगा. <br>जियो के 1 नवंबर को लिखे गए पत्र के अनुसार ‘‘निर्णय दूरसंचार विभाग (डीओटी) की ओर से इस आशय की रिपोर्ट दर्ज करता है कि पार्टियों के बीच अनुबंध के अनुसार ब्याज और जुर्माना सख्ती से लगाया जा रहा है और इसमें निहित ब्याज और जुर्माना प्रावधानों में कोई कमी, संशोधन या परिवर्तन किया गया है. लाइसेंस समझौते पर समझौते को फिर से लिखने की क्षमता होगी. इस विवाद को माननीय न्यायालय ने स्वीकार किया है.’’<br>विदित है, सर्वोच्च न्यायालय ने 24 अक्टूबर डीओटी के इस फैसले को बरकरार रखा था कि गैर-दूरसंचार राजस्व वार्षिक समायोजित सकल राजस्व (एजीआर) का हिस्सा होना चाहिए &#8211; जिसका एक प्रतिशत सरकार को सांविधिक देय के रूप में भुगतान किया जाता है.<br>1.4 लाख करोड़ रुपये की अनुमानित देनदारियों के साथ, एयरटेल और वोडाफोन-आइडिया, दूरसंचार क्षेत्र की एसोसिएशन सीओएआई के माध्यम से, विलंबित भुगतानों पर कम से कम जुर्माना और ब्याज की माफी की मांग कर रहे हैं, जो कि कुल छूट का लगभग आधे हिस्सा बनता है. ये एक तरह से अतीत की सभी देनदारियों की पूरी तरह से माफी या छूट है. <br>जियो ने कहा कि अपनी स्थिति को दोहराते हुए कि टेलीकॉम कंपनियों के पास देयता को पूरा करने के लिए पर्याप्त संसाधन हैं. पत्र में जियो ने कहा कि भारती एयरटेल और वोडाफोन-आइडिया जैसी कंपनियों ने एक बड़ा बोनान्जा तब प्राप्त किया था जब वे लगभग दो दशक पहले सांविधिक देय राशि का भुगतान करने के लिए एक राजस्व शेयर पद्धति में चले गए थे और ऐसे में बिना किसी प्रावधान के अतीत के किसी भी बकाए को अब ऐसे ही माफ नहीं किया जाना चाहिए. <br>जियो ने कहा है कि ‘‘ब्याज और जुर्माना लगाने से संबंधित मुद्दे पर विचार करते समय, निर्णय विस्तृत तर्क से संबंधित होता है जो कुछ कारणों के लिए समय-समय पर विभिन्न मंचों में दूरसंचार सेवा प्रदाताओं (टीएसपी) के उदाहरण पर उठाए गए कई कार्यवाहियों की पेंडेंसी को कवर करता है और निष्कर्ष निकालता है.<br>यह कहते हुए कि सर्वोच्च न्यायालय ने बार-बार कहा है कि स्पेक्ट्रम एक परिमित और कीमती प्राकृतिक संसाधन है, जियो ने कहा कि ‘‘भारत सरकार की ओर से किसी भी कार्रवाई को अनपेक्षित बकाए पर ब्याज और दंड से संबंधित संविदात्मक प्रावधानों को संशोधित करने या माफ करने के लिए कानूनी रूप से देय नहीं होगा.’’ विशेष रूप से जब सर्वोच्च न्यायालय के फैसले में विशेष रूप से निपटा गया है. <br>अदालत ने कहा कि ‘‘न्यायालय के फैसले से उत्पन्न होने वाले लाइसेंसधारियों की वित्तीय देयता में कोई भी कमी, उनके उचित बकाए के भुगतान में देरी के लिए तुच्छ और जबरदस्त कार्यवाही शुरू करने में उनके आचरण के लिए उन्हें पुरस्कृत करेगी. छूट के किसी भी प्रस्ताव को सरकारी खजाने को नुकसान और माननीय सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के विपरीत माना जाएगा.’’ <br>जियो के इस पत्र में कहा गया है कि ‘‘मामले की पृष्ठभूमि को देखते हुए, हमारा मानना है कि सरकार के पास सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ जाने का विकल्प नहीं है और सीओएआई द्वारा मांगी गई किसी भी राहत को कानूनी तथ्यों के सादा पढ़ने के बाद भी प्रदान ना किए जाने का आधार प्रदान करता है.’’</p>
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		<title>दुनिया का पहला नेटिव वीडियो कॉल असिस्टेंट (बॉट) &#124; Reliance Jio</title>
		<link>https://www.patnanow.com/jio-unveils-worlds-first-native-video-call-assistant-imc-2019/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Nikhil]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 14 Oct 2019 17:09:53 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[आईएमसी 2019 में दुनिया के पहले नेटिव वीडियो कॉल असिस्टेंट (बॉट) को प्रस्तुत किया जियो का पेटेंट फाइल्ड एआई आधारित ग्राहक सहभागिता प्लेटफॉर्म हेल्प-लाइन पर असंख्य कॉल्स को संभाल सकता है, लंबे इंतजार से मिलेगी मुक्ति जियो बॉट मेकर टूल अपने स्वयं के वीडियो कॉल असिस्टेंट बनाने के लिए छोटे व्यवसायों को सक्षम करके अधिक अवसर प्रदान करेगानई दिल्ली (ब्यूरो रिपोर्ट) &#124; इंडिया मोबाइल कांग्रेस (आईएमसी) 2019 में, रिलायंस जियो इंफोकॉम लिमिटेड (जियो) ने अपने पेटेंट-फाइल इनोवेशन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित वीडियो कॉल असिस्टेंट (बॉट) को प्रस्तुत किया. इस बॉट को किसी अन्य एप्लीकेशन को इंस्टाल किए बिना एक 4जी फोन कॉल से एक्सेस किया जा सकता है.जियो ने प्रेस विज्ञप्ति के हवाले से बताया कि वीडियो कॉल असिस्टेंट में ग्राहक सहायता और ग्राहक संचार उपयोग मामलों में एक बड़ा बदलाव लाने की क्षमता है. इसके साथ, मौजूदा ग्राहक की सबसे बड़ी मुश्किल अंतहीन समय तक कॉल होल्ड म्यूजिक को सुनना या कभी खत्म ना होने वाला आईवीआर इंतजार, अब अतीत की चीजें बन सकती हैं.जियो के अबुसार, इनोवेटिव ग्राहक सहभागिता वीडियो असिस्टेंट सॉल्यूशन को जियो द्वारा अमेरिका स्थित रेडिसिस, रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की सहायक कंपनी और दुनिया भर में सेवा प्रदाताओं को खुले दूरसंचार समाधान प्रदान करने के लिए एक लीडर कंपनी के साथ मिलकर विकसित किया गया है. एआई आधारित जियो वीडियो कॉल असिस्टेंट बिजनेसेज और अन्य उपयोगकर्ताओं को अपने ग्राहकों से दोहराए गए प्रश्नों के त्वरित और सरल समाधान के साथ सशक्त बनाता है, जिससे उनका फ्रंटएंड कम्युनिकेशन सहज हो जाता है. यह ब्रांडों को एक कुशल [&#8230;]]]></description>
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<figure class="wp-block-image"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="285" src="https://www.patnanow.com/assets/2019/10/pnc-jio-BOT-650x285.jpg" alt="" class="wp-image-41670" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2019/10/pnc-jio-BOT.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2019/10/pnc-jio-BOT-350x153.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p><strong><em>आईएमसी 2019 में दुनिया के पहले नेटिव वीडियो कॉल असिस्टेंट (बॉट) को प्रस्तुत किया <br>जियो का पेटेंट फाइल्ड एआई आधारित ग्राहक सहभागिता प्लेटफॉर्म हेल्प-लाइन पर असंख्य कॉल्स को संभाल सकता है, लंबे इंतजार से मिलेगी मुक्ति <br>जियो बॉट मेकर टूल अपने स्वयं के वीडियो कॉल असिस्टेंट बनाने के लिए छोटे व्यवसायों को सक्षम करके अधिक अवसर प्रदान करेगा</em></strong><br><strong>नई दिल्ली (ब्यूरो रिपोर्ट) </strong>| इंडिया मोबाइल कांग्रेस (आईएमसी) 2019 में, रिलायंस जियो इंफोकॉम लिमिटेड (जियो) ने अपने पेटेंट-फाइल इनोवेशन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित वीडियो कॉल असिस्टेंट (बॉट) को प्रस्तुत किया. इस बॉट को किसी अन्य एप्लीकेशन को इंस्टाल किए बिना एक 4जी फोन कॉल से एक्सेस किया जा सकता है.<br>जियो ने प्रेस विज्ञप्ति के हवाले से बताया कि वीडियो कॉल असिस्टेंट में ग्राहक सहायता और ग्राहक संचार उपयोग मामलों में एक बड़ा बदलाव लाने की क्षमता है. इसके साथ, मौजूदा ग्राहक की सबसे बड़ी मुश्किल अंतहीन समय तक कॉल होल्ड म्यूजिक को सुनना या कभी खत्म ना होने वाला आईवीआर इंतजार, अब अतीत की चीजें बन सकती हैं.<br>जियो के अबुसार, इनोवेटिव ग्राहक सहभागिता वीडियो असिस्टेंट सॉल्यूशन को जियो द्वारा अमेरिका स्थित रेडिसिस, रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की सहायक कंपनी और दुनिया भर में सेवा प्रदाताओं को खुले दूरसंचार समाधान प्रदान करने के लिए एक लीडर कंपनी के साथ मिलकर विकसित किया गया है. एआई आधारित जियो वीडियो कॉल असिस्टेंट बिजनेसेज और अन्य उपयोगकर्ताओं को अपने ग्राहकों से दोहराए गए प्रश्नों के त्वरित और सरल समाधान के साथ सशक्त बनाता है, जिससे उनका फ्रंटएंड कम्युनिकेशन सहज हो जाता है. यह ब्रांडों को एक कुशल और सरल उच्च गुणवत्ता वाले ग्राहक जुड़ाव अनुभव प्रदान करने में भी मदद करता है.<br>जियो वीडियो बॉट ग्राहकों के सवालों को सुनने और उनके लिए सबसे उपयुक्त तरीके से जवाब देने के लिए एक पॉवरफुल एआई आधारित प्लेटफॉर्म का उपयोग करता है. इसके अलावा, प्लेटफॉर्म में एक अद्वितीय ऑटो-लर्निंग सुविधा है जो उत्तर देने की सटीकता में सुधार करने में मदद करती है.<br>जियो बॉट मेकर, एक ऐसा टूल है, जिसका उद्देश्य जियो बॉट प्लेटफॉर्म के साथ आने वाले  छोटे व्यवसायों को सक्षम बनाने के लिए सिस्टम को अधिक लोकतांत्रिक बनाना है. इससे वे ऐसे एआई आधारित बॉट का उपयोग कर सकेंगे, जिसमें नो-कोडिंग है और इसमें अधिक प्रयास भी नहीं करना पड़ता है.<br>वीडियो बॉट को ह्यूमन जैसी सहभागिता प्रदान करते हुए विभिन्न ग्राहक जुड़ाव आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए अत्यधिक कस्टमाइज किया जा सकता है.<br>वीडियो कॉल बॉट को एक अनोखा अवतार प्रदान करने के लिए ब्रांड्स द्वारा कस्टमाइज किया जा सकता है. ये अवतार पारंपरिक कस्टमर केयर एग्जीक्यूटिव, सीईओ, ब्रांड एंबेसडर या किसी अन्य व्यक्ति या ब्रांड द्वारा चुने गए कैरेक्टर का हो सकता है.<br>जियो विज्ञप्ति के हवाले से बताया गया है कि इस एआई आधारित कस्टमर केयर अवतार को यूजर्स द्वारा केवल एक वीडियो कॉल सक्षम हेल्पलाइन डायल करके प्राप्त किया जा सकता है. एआई वीडियो कॉल बॉट बहुभाषी क्षमताओं के साथ आएगा, जिससे ब्रांड अपनी पसंद की भाषा में ग्राहकों के साथ संवाद कर सकेंगे.<br>मैथ्यू ओमन, प्रेसिडेंट, रिलायंस जियो इन्फोकॉम लिमिटेड ने कहा कि ‘‘जियो अपने संचालन को और अधिक कुशलता से संचालित करने के लिए बिजनेसेज को सक्षम और सशक्त बनाने के लिए इनोवेटिव और प्रासंगिक डिजिटल समाधान लाने के लिए प्रतिबद्ध है और वीडियो कॉल असिस्टेंट भारत में लाखों व्यवसायों के लिए वास्तव में अभिनव और आकर्षक उत्पाद लाने का एक ऐसा उदाहरण है. रेडिसिसा हमें हर किसी के लिए एआई को सुलभ बनाने में मदद कर रही है, ताकि व्यवसाय- छोटे या बड़े, नई और उभरती टेक्नोलॉजीज के लाभों को प्राप्त कर सकें. रेडिसिस के इनोवेशन लगातार 5जी और आईओटी और ओपन सोर्स आर्किटेक्चर एडह्वॉप्शन में जियो के ग्लोबल इनोवेशन और टेक्नोलॉजी लीडरशिप में तेजी लाने में मदद करता है.’’<br>जियो के अनुसार, एआई आधारित वीडियो कॉल बॉट सभी व्यवसायों-बड़े या छोटे को अत्यधिक लाभ पहुंचा सकता है. सभी इंडस्ट्रीज के लिए, ये सॉल्यूशन ब्रांड्स, बड़े या छोटे, अपने ग्राहकों के साथ पूरी तरह से डिसरप्टिव और मैत्रीपूर्ण तरीके से बातचीत करने में मदद करेगा.</p>
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		<title>बुरी खबर : 9 अक्टूबर से Jio से अन्य पर किए गए कॉल पर IUC का करना होगा भुगतान</title>
		<link>https://www.patnanow.com/iuc-to-be-charged-by-jio-for-making-calls-to-other-network/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Nikhil]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 09 Oct 2019 11:44:50 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
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					<description><![CDATA[ग्राहक को मिलेगा IUC टॉप-अप वाउचर के मूल्य के बराबर का डेटा फ्रीJIO उपभोक्ताओं के लिए टैरिफ में कोई वृद्धि नहींटर्मिनेशन शुल्क खत्म करने के फैसले पर ट्राई द्वारा पुनर्विचार करने के बाद Jio शुल्क लेने को बाध्यIUC के जीरो होने तक ही टॉप-अप वाउचर के माध्यम से टर्मिनेशन शुल्क लिया जाएगापिछले तीन वर्षों में Jio ने अन्य ऑपरेटरों को IUC शुल्क के रूप में लगभग 13,500 करोड़ रुपये का किया भुगतानमुंबई (ब्यूरो रिपोर्ट) &#124; जियो का नेटवर्क इस्तेमाल करने वालों के लिए एक बुरी खबर है. जियो अपने नेटवर्क से दूसरे नेटवर्क पर किये गए कॉल पर 6 पैसा प्रति मिनट IUC (इंटरकनेक्ट यूसेज चार्ज) लेगा. इंटरकनेक्ट यूसेज चार्ज या IUC एक मोबाइल टेलिकॉम ऑपरेटर द्वारा दूसरे को भुगतान की जाने वाली रकम है. जब एक टेलीकॉम ऑपरेटर के ग्राहक दूसरे ऑपरेटर के ग्राहकों को आउटगोइंग मोबाइल कॉल करते हैं तब IUC का भुगतान कॉल करने वाले ऑपरेटर को करना पड़ता है. दो अलग-अलग नेटवर्क के बीच ये कॉल मोबाइल ऑफ-नेट कॉल के रूप में जानी जाती हैं. भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) द्वारा IUC शुल्क निर्धारित किए जाते हैं और वर्तमान में यह 6 पैसे प्रति मिनट हैं.कंपनी ने बयान में कहा कि जब तक किसी कंपनी को अपने उपभोक्ताओं द्वारा किसी अन्य नेटवर्क पर फोन करने के एवज में भुगतान करना होगा, तब तक उपभोक्ताओं से यह शुल्क लिया जाएगा. कंपनी ने कहा कि जियो के फोन या लैंडलाइन पर कॉल करने पर शुल्क नहीं लिया जाएगा. इसके साथ ही व्हाट्सऐप और फेसटाइम समेत इस तरह के [&#8230;]]]></description>
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<figure class="wp-block-image"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="255" src="https://www.patnanow.com/assets/2019/10/pnc-Jio-to-charge-iuc-650x255.png" alt="" class="wp-image-41601" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2019/10/pnc-Jio-to-charge-iuc.png 650w, https://www.patnanow.com/assets/2019/10/pnc-Jio-to-charge-iuc-350x137.png 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p><em><strong>ग्राहक को मिलेगा IUC टॉप-अप वाउचर के मूल्य के बराबर का डेटा फ्री<br>JIO उपभोक्ताओं के लिए टैरिफ में कोई वृद्धि नहीं<br>टर्मिनेशन शुल्क खत्म करने के फैसले पर ट्राई द्वारा पुनर्विचार करने के बाद Jio शुल्क लेने को बाध्य<br>IUC के जीरो होने तक ही टॉप-अप वाउचर के माध्यम से टर्मिनेशन शुल्क लिया जाएगा<br>पिछले तीन वर्षों में Jio ने अन्य ऑपरेटरों को IUC शुल्क के रूप में लगभग 13,500 करोड़ रुपये का किया भुगतान</strong></em><br><strong>मुंबई (ब्यूरो रिपोर्ट) </strong>| जियो का नेटवर्क इस्तेमाल करने वालों के लिए एक बुरी खबर है. जियो अपने नेटवर्क से दूसरे नेटवर्क पर किये गए कॉल पर 6 पैसा प्रति मिनट IUC (इंटरकनेक्ट यूसेज चार्ज) लेगा. इंटरकनेक्ट यूसेज चार्ज या IUC एक मोबाइल टेलिकॉम ऑपरेटर द्वारा दूसरे को भुगतान की जाने वाली रकम है. जब एक टेलीकॉम ऑपरेटर के ग्राहक दूसरे ऑपरेटर के ग्राहकों को आउटगोइंग मोबाइल कॉल करते हैं तब  IUC का भुगतान कॉल करने वाले ऑपरेटर को करना पड़ता है. दो अलग-अलग नेटवर्क के बीच ये कॉल मोबाइल ऑफ-नेट कॉल के रूप में जानी जाती हैं. भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) द्वारा IUC शुल्क निर्धारित किए जाते हैं और वर्तमान में यह 6 पैसे प्रति मिनट हैं.<br>कंपनी ने बयान में कहा कि जब तक किसी कंपनी को अपने उपभोक्ताओं द्वारा किसी अन्य नेटवर्क पर फोन करने के एवज में भुगतान करना होगा, तब तक उपभोक्ताओं से यह शुल्क लिया जाएगा.<br> कंपनी ने कहा कि जियो के फोन या लैंडलाइन पर कॉल करने पर शुल्क नहीं लिया जाएगा. इसके साथ ही व्हाट्सऐप और फेसटाइम समेत इस तरह के अन्य मंचों से किये गये फोन कॉल पर भी शुल्क नहीं लगेगा.<br>जियो नेटवर्क की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) ने 2011 से बार-बार यह कहा है कि IUC शुल्क शून्य किया जाना चाहिए. ट्राई ने कहा था कि जनवरी, 2020 तक इसे समाप्त कर दिया जाएगा. लेकिन अब ट्राई ने इस बारे में परामर्श पत्र जारी किया है. इस परामर्श पत्र ने अनिश्चितता पैदा कर दी है और Jio को मजबूर कर दिया है कि अपनी अनिच्छा के बावजूद वह सभी ऑफ-नेट मोबाइल वॉयस कॉल के लिए 6 पैसे प्रति मिनट के इस नियामक शुल्क को वसूले। यह वसूली खासकर तब तक, जब तक IUC शुल्क मौजूद हैं. इस कारण जियो पहली बार अपने उपभोक्ताओं से कॉल का शुल्क लेने वाली है. अभी तक जियो के उपभोक्ताओं को सिर्फ डेटा का शुल्क देना होता था.</p>



<p>If you want the IUC to go to zero …sign the petition …#ZEROIUC<br>
http://chng.it/8qSLr6wK</p>
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