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	<title>ravishankar prasad &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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		<title>जियो ने संचार मंत्री को भेजा पत्र &#124; लिखा, इससे बुरी मिसाल होगी कायम</title>
		<link>https://www.patnanow.com/jio-writes-letter-to-communication-minister/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Nikhil]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 03 Nov 2019 15:31:04 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
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		<category><![CDATA[संचार मंत्री रविशंकर प्रसाद]]></category>
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					<description><![CDATA[नई दिल्ली (ब्यूरो रिपोर्ट) &#124; रिलायंस जियो ने दूरसंचार क्षेत्र में एक समान स्तरीय प्रतिस्पर्धा का माहौल बनाए रखने के लिए अपनी लड़ाई जारी रखा है. जियो ने दूरसंचार मंत्री रविशंकर प्रसाद को पत्र लिखा है. इस पत्र में भारती एयरटेल और वोडाफोन-आइडिया के लिए वैधानिक तौर पर बीते 14 सालों से बकाया राशि का भुगतान ना करने को लेकर दंडात्मक कार्रवाई को अमल में ना लाए जाने के कदम को जियो ने अनुचित ‘वित्तीय लाभ’ दिए जाना करार दिया है. जियो के अनुसार इस कदम से ना सिर्फ उच्चतम न्यायालय के हाल के फैसले का उल्लंघन किया जा रहा है बल्कि इससे कंपनियों के लिए गलत मिसाल भी कायम हो रही है. जियो ने कहा है कि इसके 2016 में लॉन्च होने के बाद से मोबाइल फोन पर मुफ्त कॉल और बेहद सस्ते डेटा की पेशकश ने भारत को दुनिया में सबसे कम दूरसंचार दरों वाला देश बनाने में मदद की है. जियो ने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने 24 अक्टूबर के आदेश में स्पष्ट रूप से इस आधार पर मामले का निपटान किया है कि दूरसंचार लाइसेंस शुल्क और स्पेक्ट्रम उपयोग शुल्क जैसे लेवी का भुगतान करना होगा और पिछले 14 वर्षों की देय राशि पर ब्याज और जुर्माना माफ करना फैसले का उल्लंघन होगा. जियो के 1 नवंबर को लिखे गए पत्र के अनुसार ‘‘निर्णय दूरसंचार विभाग (डीओटी) की ओर से इस आशय की रिपोर्ट दर्ज करता है कि पार्टियों के बीच अनुबंध के अनुसार ब्याज और जुर्माना सख्ती से लगाया जा रहा है और इसमें निहित [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>नई दिल्ली (ब्यूरो रिपोर्ट) </strong>| रिलायंस जियो ने दूरसंचार क्षेत्र में एक समान स्तरीय प्रतिस्पर्धा का माहौल बनाए रखने के लिए अपनी लड़ाई जारी रखा है. जियो ने दूरसंचार मंत्री रविशंकर प्रसाद को पत्र लिखा है. इस पत्र में भारती एयरटेल और वोडाफोन-आइडिया के लिए वैधानिक तौर पर बीते 14 सालों से बकाया राशि का भुगतान ना करने को लेकर दंडात्मक कार्रवाई को अमल में ना लाए जाने के कदम को जियो ने अनुचित ‘वित्तीय लाभ’ दिए जाना करार दिया है. जियो के अनुसार इस कदम से ना सिर्फ उच्चतम न्यायालय के हाल के फैसले का उल्लंघन किया जा रहा है बल्कि इससे कंपनियों के लिए गलत मिसाल भी कायम हो रही है. <br>जियो ने कहा है कि इसके 2016 में लॉन्च होने के बाद से मोबाइल फोन पर मुफ्त कॉल और बेहद सस्ते डेटा की पेशकश ने भारत को दुनिया में सबसे कम दूरसंचार दरों वाला देश बनाने में मदद की है. जियो ने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने 24 अक्टूबर के आदेश में स्पष्ट रूप से इस आधार पर मामले का निपटान किया है कि दूरसंचार लाइसेंस शुल्क और स्पेक्ट्रम उपयोग शुल्क जैसे लेवी का भुगतान करना होगा और पिछले 14 वर्षों की देय राशि पर ब्याज और जुर्माना माफ करना फैसले का उल्लंघन होगा. <br>जियो के 1 नवंबर को लिखे गए पत्र के अनुसार ‘‘निर्णय दूरसंचार विभाग (डीओटी) की ओर से इस आशय की रिपोर्ट दर्ज करता है कि पार्टियों के बीच अनुबंध के अनुसार ब्याज और जुर्माना सख्ती से लगाया जा रहा है और इसमें निहित ब्याज और जुर्माना प्रावधानों में कोई कमी, संशोधन या परिवर्तन किया गया है. लाइसेंस समझौते पर समझौते को फिर से लिखने की क्षमता होगी. इस विवाद को माननीय न्यायालय ने स्वीकार किया है.’’<br>विदित है, सर्वोच्च न्यायालय ने 24 अक्टूबर डीओटी के इस फैसले को बरकरार रखा था कि गैर-दूरसंचार राजस्व वार्षिक समायोजित सकल राजस्व (एजीआर) का हिस्सा होना चाहिए &#8211; जिसका एक प्रतिशत सरकार को सांविधिक देय के रूप में भुगतान किया जाता है.<br>1.4 लाख करोड़ रुपये की अनुमानित देनदारियों के साथ, एयरटेल और वोडाफोन-आइडिया, दूरसंचार क्षेत्र की एसोसिएशन सीओएआई के माध्यम से, विलंबित भुगतानों पर कम से कम जुर्माना और ब्याज की माफी की मांग कर रहे हैं, जो कि कुल छूट का लगभग आधे हिस्सा बनता है. ये एक तरह से अतीत की सभी देनदारियों की पूरी तरह से माफी या छूट है. <br>जियो ने कहा कि अपनी स्थिति को दोहराते हुए कि टेलीकॉम कंपनियों के पास देयता को पूरा करने के लिए पर्याप्त संसाधन हैं. पत्र में जियो ने कहा कि भारती एयरटेल और वोडाफोन-आइडिया जैसी कंपनियों ने एक बड़ा बोनान्जा तब प्राप्त किया था जब वे लगभग दो दशक पहले सांविधिक देय राशि का भुगतान करने के लिए एक राजस्व शेयर पद्धति में चले गए थे और ऐसे में बिना किसी प्रावधान के अतीत के किसी भी बकाए को अब ऐसे ही माफ नहीं किया जाना चाहिए. <br>जियो ने कहा है कि ‘‘ब्याज और जुर्माना लगाने से संबंधित मुद्दे पर विचार करते समय, निर्णय विस्तृत तर्क से संबंधित होता है जो कुछ कारणों के लिए समय-समय पर विभिन्न मंचों में दूरसंचार सेवा प्रदाताओं (टीएसपी) के उदाहरण पर उठाए गए कई कार्यवाहियों की पेंडेंसी को कवर करता है और निष्कर्ष निकालता है.<br>यह कहते हुए कि सर्वोच्च न्यायालय ने बार-बार कहा है कि स्पेक्ट्रम एक परिमित और कीमती प्राकृतिक संसाधन है, जियो ने कहा कि ‘‘भारत सरकार की ओर से किसी भी कार्रवाई को अनपेक्षित बकाए पर ब्याज और दंड से संबंधित संविदात्मक प्रावधानों को संशोधित करने या माफ करने के लिए कानूनी रूप से देय नहीं होगा.’’ विशेष रूप से जब सर्वोच्च न्यायालय के फैसले में विशेष रूप से निपटा गया है. <br>अदालत ने कहा कि ‘‘न्यायालय के फैसले से उत्पन्न होने वाले लाइसेंसधारियों की वित्तीय देयता में कोई भी कमी, उनके उचित बकाए के भुगतान में देरी के लिए तुच्छ और जबरदस्त कार्यवाही शुरू करने में उनके आचरण के लिए उन्हें पुरस्कृत करेगी. छूट के किसी भी प्रस्ताव को सरकारी खजाने को नुकसान और माननीय सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के विपरीत माना जाएगा.’’ <br>जियो के इस पत्र में कहा गया है कि ‘‘मामले की पृष्ठभूमि को देखते हुए, हमारा मानना है कि सरकार के पास सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ जाने का विकल्प नहीं है और सीओएआई द्वारा मांगी गई किसी भी राहत को कानूनी तथ्यों के सादा पढ़ने के बाद भी प्रदान ना किए जाने का आधार प्रदान करता है.’’</p>
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		<title>पटना में क्या किया रविशंकर प्रसाद ने</title>
		<link>https://www.patnanow.com/central-minister-ravi-shankar-prasad-visited-patna-ravi-shankar-prasad-ne-patna-bhraman-kiya/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Nikhil]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 30 Sep 2019 16:29:17 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[काम की ख़बर]]></category>
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					<description><![CDATA[पटना (ब्यूरो रिपोर्ट) &#124; केन्द्रीय मंत्री और पाटलिपुत्र के एमपी रविशंकर प्रसाद सोमवार को पटना में बारिश रुकने के बाद अचानक पहुंचे. पटना में कथित रूप से उत्पन्न बाढ़ की स्थिति को जानने के लिए उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों का भ्रमण किया, अधिकारियों से बात की और जल निकासी की व्यवस्था का मुआयना किया. पटना आने के बाद वे नागेश्वर कॉलोनी स्थित अपने निवास स्थान पर पत्रकारों से बात की. उन्होंने बताया कि आज उन्होंने जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से बात करके फरक्का बाँध के सारे गेट को खोलने पर बात की. इसपर मंत्री शेखावत ने उन्हें बताया कि फरक्का बांध के सारे गेट खोल दिए गए हैं ताकि गंगा नदी का जल स्तर कम हो. रविशंकर ने आगे बताया कि वे पटना में सभी सम्बन्धित अधिकारियों से बात की है और उन्हें बताया गया है कि किसी भी स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन तैयार है. बिजली की समस्या पर उन्होंने बताया कि शार्ट सर्किट या एलेक्ट्रोक्युशन से लोगों को बचाने के लिए बिजली काट दी गई है. सुनिए उन्होंने पत्रकारों से और क्या क्या कहा.]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<figure class="wp-block-image"><img decoding="async" width="650" height="287" src="https://www.patnanow.com/assets/2019/10/pnc-ravi-shankar-prasad-in-patna-650x287.png" alt="" class="wp-image-41474" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2019/10/pnc-ravi-shankar-prasad-in-patna.png 650w, https://www.patnanow.com/assets/2019/10/pnc-ravi-shankar-prasad-in-patna-350x155.png 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p><strong>पटना (ब्यूरो रिपोर्ट) </strong>| केन्द्रीय मंत्री और पाटलिपुत्र के एमपी रविशंकर प्रसाद सोमवार को पटना में बारिश रुकने के बाद अचानक पहुंचे. पटना में कथित रूप से उत्पन्न बाढ़ की स्थिति को जानने के लिए उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों का भ्रमण किया, अधिकारियों से बात की और जल निकासी की व्यवस्था का मुआयना किया. </p>



<figure class="wp-block-image"><img decoding="async" width="650" height="287" src="https://www.patnanow.com/assets/2019/09/pnc-ravi-shankar-prasad1-650x287.png" alt="" class="wp-image-41472" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2019/09/pnc-ravi-shankar-prasad1.png 650w, https://www.patnanow.com/assets/2019/09/pnc-ravi-shankar-prasad1-350x155.png 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>पटना आने के बाद वे नागेश्वर कॉलोनी स्थित अपने निवास स्थान पर पत्रकारों से बात की. उन्होंने बताया कि आज उन्होंने जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से बात करके फरक्का बाँध के सारे गेट को खोलने पर बात की. इसपर मंत्री शेखावत ने उन्हें बताया कि फरक्का बांध के सारे गेट खोल दिए गए हैं ताकि गंगा नदी का जल स्तर कम हो. रविशंकर ने आगे बताया कि वे पटना में सभी सम्बन्धित अधिकारियों से बात की है और उन्हें बताया गया है कि किसी भी स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन तैयार है. बिजली की समस्या पर उन्होंने बताया कि शार्ट सर्किट या एलेक्ट्रोक्युशन से लोगों को बचाने के लिए बिजली काट दी गई है. सुनिए उन्होंने पत्रकारों से और क्या क्या कहा. </p>



<figure class="wp-block-embed-youtube wp-block-embed is-type-video is-provider-youtube wp-embed-aspect-16-9 wp-has-aspect-ratio"><div class="wp-block-embed__wrapper">
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		<title>&#8220;50-60 करोड़ से क्या होगा, देना है तो उदारता दिखाइये&#8230;&#8221;</title>
		<link>https://www.patnanow.com/cm-nitish-to-ravishankar-prrasad-at-tele-law-yojna/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Amit Verma]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 06 Aug 2017 20:01:43 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Politics]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[CM NITISH]]></category>
		<category><![CDATA[ravishankar prasad]]></category>
		<category><![CDATA[tele law program]]></category>
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					<description><![CDATA[बिहार में नए राजनीतिक घटनाक्रम के बाद पहली बार सार्वजनिक मंच पर मिले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और केन्द्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद की ट्यूनिंग देखने लायक थी. बिहार के लिए टेली लॉ मुख्य सेवा केंद्र के जरिए कानूनी सहायता केंद्र योजना शुरू करने के उद्घाटन समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने खुलकर अपनी डिमांड केन्द्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद से कर दी. सीएम ने कहा कि बिहार में मुकदमेदारों को त्वरित न्याय प्रदान करने तथा राज्य के अधीनस्थ नयायपालिका को मजबूत करने के लिए उदारता से धन आवंटित करें. अब बीजेपी और जदयू एक साथ आ गये हैं. सीएम ने कहा कि केंद्र और राज्य दोनों जगह एक ही गठबंधन की सरकार है. ऐसे में धन के आवंटन में यह प्रभाव दिखना चाहिए. इससे पहले केन्द्रीय आईटी और लॉ मिनिस्टर रविशंकर प्रसाद ने अपने भाषण में कहा था कि उनके विभाग ने बिहार को 50 करोड़ रुपये दिए हैं. इस साल 60 करोड़ रुपये देने की तैयारी है. इसी बात पर नीतीश ने अपनी बारी आने पर कहा कि 50-60 करोड़ से क्या होगा? इतना बड़ा प्रदेश है बिहार. देना है तो उदारता से दीजिए.]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>बिहार में नए राजनीतिक घटनाक्रम के बाद पहली बार सार्वजनिक मंच पर मिले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और केन्द्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद की ट्यूनिंग देखने लायक थी. बिहार के लिए टेली लॉ मुख्य सेवा केंद्र के जरिए कानूनी सहायता केंद्र योजना शुरू करने के उद्घाटन समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने खुलकर अपनी डिमांड केन्द्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद से कर दी.</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-large wp-image-21534" src="http://www.patnanow.com/assets/2017/08/PNC-tele-law-YOJNA-LAUNCH-PATNA-SKM-650x433.jpg" alt="" width="650" height="433" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2017/08/PNC-tele-law-YOJNA-LAUNCH-PATNA-SKM.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2017/08/PNC-tele-law-YOJNA-LAUNCH-PATNA-SKM-225x150.jpg 225w, https://www.patnanow.com/assets/2017/08/PNC-tele-law-YOJNA-LAUNCH-PATNA-SKM-350x233.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></p>
<p>सीएम ने कहा कि बिहार में मुकदमेदारों को त्वरित न्याय प्रदान करने तथा राज्य के अधीनस्थ नयायपालिका को मजबूत करने के लिए उदारता से धन आवंटित करें. अब बीजेपी और जदयू एक साथ आ गये हैं. सीएम ने कहा कि केंद्र और राज्य दोनों जगह एक ही गठबंधन की सरकार है. ऐसे में धन के आवंटन में यह प्रभाव दिखना चाहिए.</p>
<p>इससे पहले केन्द्रीय आईटी और लॉ मिनिस्टर रविशंकर प्रसाद ने अपने भाषण में कहा था कि उनके विभाग ने बिहार को 50 करोड़ रुपये दिए हैं. इस साल 60 करोड़ रुपये देने की तैयारी है. इसी बात पर नीतीश ने अपनी बारी आने पर कहा कि 50-60 करोड़ से क्या होगा? इतना बड़ा प्रदेश है बिहार. देना है तो उदारता से दीजिए.</p>
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