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	<title>Ravi prakash suraj &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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		<title>भिखारी ठाकुर लोकोत्सव 2024 में हुआ भोजपुरी संयुक्त संघर्ष मोर्चा का गठन</title>
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		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 18 Dec 2024 23:49:26 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[सांसद सुदामा प्रसाद को भिखारी ठाकुर स्मृति सम्मान आरा, 19 दिसम्बर. भिखारी ठाकुर सांस्कृतिक मंच पर विगत तीन दिनों से चल रहे भिखारी ठाकुर लोकोत्सव के 24वें संस्करण का भव्य समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि मातृभाषा भोजपुरी के सम्मान और संवर्धन के उद्देश्य से निर्णायक लड़ाई लड़ी जाएगी. इसके लिए भोजपुरी संयुक्त संघर्ष मोर्चा का गठन किया गया जिसकी कोर कमिटी में विभिन्न क्षेत्रों के भोजपुरीसेवियों को शामिल किया गया. जिनमें रांची से नवीन सिंह, डॉ अजय ओझा, गोरखपुर से नंदलाल मणि त्रिपाठी, देवरिया से जनार्दन सिंह, छपरा से उमाशंकर साहू, बक्सर से राजेश कुमार, रोहतास से स्यंदन सुमन, आरा से पत्रकार नरेंद्र सिंह, सोहित सिन्हा, पप्पू सिंह प्रमुख हैं. समापन दिवस के उद्घाटन सत्र की शुरुआत महापौर इंदु देवी, साहित्यकार एवं संस्कृतिकर्मियों नवीन सिंह, प्रीति सिंह, जनार्दन मिश्र, अंकिता पंडित, देवीदयाल राम, श्याम नारायण शर्मा, प्रो किरण कुमारी, वाल्मीकि शर्मा कयामुद्दीन अंसारी तथा सांसद प्रतिनिधि दिलराज प्रीतम एवं अन्य द्वारा दीप जलाकर हुई. भोजपुरी की संवैधानिक मान्यता के सवाल पर अतिथियों ने विचार रखे. सांसद प्रतिनिधि ने सांसद सुदामा प्रसाद का शुभकामना संदेश पढ़ा तथा संसद के सत्र में भोजपुरी से जुड़े मुद्दों पर आवाज उठाने के लिए प्रतिबद्धता व्यक्त की. अध्यक्ष नरेंद्र सिंह के आग्रह पर दिलराज प्रीतम ने कहा कि भोजपुरी में पत्र व्यवहार करने के लिए राजधानी दिल्ली में एक बॉक्स लगाया जाएगा. भिखारी ठाकुर सामाजिक शोध संस्थान का भिखारी ठाकुर स्मृति सम्मान सांसद सुदामा प्रसाद को भोजपुरी के लिए किए जा रहे संकल्प के लिए दिया गया. अन्य वार्षिक सम्मानों में भिखारी ठाकुर [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>सांसद सुदामा प्रसाद को भिखारी ठाकुर स्मृति सम्मान</strong></p>



<p>आरा, 19 दिसम्बर. भिखारी ठाकुर सांस्कृतिक मंच पर विगत तीन दिनों से चल रहे भिखारी ठाकुर लोकोत्सव के 24वें संस्करण का भव्य समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि मातृभाषा भोजपुरी के सम्मान और संवर्धन के उद्देश्य से निर्णायक लड़ाई लड़ी जाएगी. इसके लिए भोजपुरी संयुक्त संघर्ष मोर्चा का गठन किया गया जिसकी कोर कमिटी में विभिन्न क्षेत्रों के भोजपुरीसेवियों को शामिल किया गया. जिनमें रांची से नवीन सिंह, डॉ अजय ओझा, गोरखपुर से नंदलाल मणि त्रिपाठी, देवरिया से जनार्दन सिंह, छपरा से उमाशंकर साहू, बक्सर से राजेश कुमार, रोहतास से स्यंदन सुमन, आरा से पत्रकार नरेंद्र सिंह, सोहित सिन्हा, पप्पू सिंह प्रमुख हैं.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="1024" height="768" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/12/1001074569-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-88204" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/12/1001074569-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2024/12/1001074569-650x488.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2024/12/1001074569-1536x1152.jpg 1536w, https://www.patnanow.com/assets/2024/12/1001074569-2048x1536.jpg 2048w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>समापन दिवस के उद्घाटन सत्र की शुरुआत महापौर इंदु देवी, साहित्यकार एवं संस्कृतिकर्मियों नवीन सिंह, प्रीति सिंह, जनार्दन मिश्र, अंकिता पंडित, देवीदयाल राम, श्याम नारायण शर्मा, प्रो किरण कुमारी, वाल्मीकि शर्मा कयामुद्दीन अंसारी तथा सांसद प्रतिनिधि दिलराज प्रीतम एवं अन्य द्वारा दीप जलाकर हुई. भोजपुरी की संवैधानिक मान्यता के सवाल पर अतिथियों ने विचार रखे. सांसद प्रतिनिधि ने सांसद सुदामा प्रसाद का शुभकामना संदेश पढ़ा तथा संसद के सत्र में भोजपुरी से जुड़े मुद्दों पर आवाज उठाने के लिए प्रतिबद्धता व्यक्त की.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="1024" height="768" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/12/1001074575-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-88205" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/12/1001074575-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2024/12/1001074575-650x488.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2024/12/1001074575-1536x1152.jpg 1536w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>अध्यक्ष नरेंद्र सिंह के आग्रह पर दिलराज प्रीतम ने कहा कि भोजपुरी में पत्र व्यवहार करने के लिए राजधानी दिल्ली में एक बॉक्स लगाया जाएगा. भिखारी ठाकुर सामाजिक शोध संस्थान का भिखारी ठाकुर स्मृति सम्मान सांसद सुदामा प्रसाद को भोजपुरी के लिए किए जा रहे संकल्प के लिए दिया गया. अन्य वार्षिक सम्मानों में भिखारी ठाकुर सांस्कृतिक मंच का विशेष सम्मान गोरखपुर की लोकगायिका अंकिता पंडित को, रंगकर्मी शशिनाथ त्रिवेदी सम्मान रंगकर्मी अंबुज कुमार को, समकालीन तापमान पत्रकारिता सम्मान युवा पत्रकार बंटी भारद्वाज को, साहित्यकार मधुकर सिंह स्मृति सम्मान कवि जनार्दन मिश्र को, पद्मश्री उस्ताद बिस्मिल्ला खां स्मृति सम्मान नवीन सिंह को , कवयित्री उर्मिला कौल स्मृति सम्मान डॉ रेणु मिश्र को, बाबू शत्रुंजय प्रसाद सिंह स्मृति सम्मान डॉ जया जैन को तथा, भोजपुरी सेवक सम्मान गीतकार कवि राज कवि, रंगकर्मी रंजन यादव, समाजसेवी कृष्ण प्रताप सिंह, फिल्म अभिनेता रामेश्वर, भोजपुरी शोधछात्र सोहित सिन्हा तथा व्यास कमलेश व्यास और उनकी टीम को दिया गया.</p>



<p><strong>अंकिता पंडित के शिव भजन और कमलेश व्यास के भिखारी ठाकुर गीत पर झूमे लोग</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="1024" height="419" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/12/1001074580-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-88216" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/12/1001074580-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2024/12/1001074580-650x266.jpg 650w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



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<p>बुधवार के सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भोजपुरी लोकगायकी के सत्र में गोरखपुर से आई अंकिता पंडित ने शिव भजन और अलचारी सुनाया तथा कमलेश व्यास ने भिखारी ठाकुर रचित गीत और देवी पचरा गाकर सुनाया। दर्शकों और आगंतुक अतिथियों की विशेष फरमाइश पर भी कलाकारों ने भावविभोर करने वाले गीत प्रस्तुत किए.</p>



<p><strong>अगले साल लोकोत्सव की रजत जयंती, कवि शैलेन्द्र स्मारक के लिए मिला आश्वासन</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="576" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/12/1001074571-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-88207" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/12/1001074571-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2024/12/1001074571-650x366.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2024/12/1001074571-1536x864.jpg 1536w, https://www.patnanow.com/assets/2024/12/1001074571-2048x1152.jpg 2048w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>कार्यक्रम के अंत आयोजन सचिव रवि कुमार सूरज ने कहा कि अगले साल लोकोत्सव का 25 वां रजत जयंती भव्य तरीके से होगा जिसमें विदेशों से भी अतिथि आयेंगे, इसके अलावा स्मारिका का पुनर्प्रकाशन भी होगा. मंच से सांसद प्रतिनिधि दिलराज प्रीतम ने अध्यक्ष नरेंद्र सिंह के आग्रह पर कवि शैलेन्द्र की स्मृति में स्मारक के लिए सांसद द्वारा हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया जिसके लिए भिखारी ठाकुर सामाजिक शोध संस्थान प्रस्ताव भेजेगा. युवा पत्रकार बंटी भारद्वाज ने अपने पिताजी और लोककलाकार मुक्तेश्वर उपाध्याय की स्मृति में स्थानीय बस पड़ाव पर भिखारी ठाकुर स्मृति द्वार बनवाने की घोषणा की.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="768" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/12/1001074573-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-88208" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/12/1001074573-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2024/12/1001074573-650x488.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2024/12/1001074573-1536x1152.jpg 1536w, https://www.patnanow.com/assets/2024/12/1001074573-2048x1536.jpg 2048w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>अंत में आरा नगर निगम में भिखारी ठाकुर की भव्य पेंटिंग लगवाने के लिए महापौर इंदु देवी को धन्यवाद देते हुए सम्मानित किया गया. धन्यवाद ज्ञापन अध्यक्ष वरिष्ठ पत्रकार नरेंद्र सिंह ने किया.</p>



<p><strong>दूसरा दिन</strong></p>



<p><strong>पारंपरिक धोबिया नाच और नाटक के मंचन में जुटे हजारों दर्शक</strong></p>



<p><strong>स्कूली बच्चों की प्रस्तुति में भोजपुरी की वर्तमान दशा पर हुई चर्चा</strong></p>



<p>भिखारी ठाकुर सामाजिक शोध संस्थान द्वारा आयोजित त्रिदिवसीय भिखारी ठाकुर लोकोत्सव के दूसरे दिन देर शाम तक हजारों दर्शक जुटे रहे. जिसके उदघाट्न सत्र की शुरुआत चिकित्सकों डॉ पी सिंह, डॉ प्रतीक, डॉ जया जैन, राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षक डॉ योगेन्द्र सिंह, अधिवक्ता एवं पू शिक्षक देवीदयाल राम नंदलाल मणि त्रिपाठी, जनार्दन सिंह, जनार्दन मिश्र, प्रो किरण कुमारी, दुखन पासवान, जमीरा कोठी की लीला सिंह, पत्रकार अजय ओझा द्वारा दीप प्रज्वलित तथा संक्षिप्त संबोधन के साथ हुई.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="419" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/12/1001072895-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-88209" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/12/1001072895-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2024/12/1001072895-650x266.jpg 650w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>उदघाटन के बाद संभावना उच्च विद्यालय की छात्राओं शिक्षक धर्मेंद्र जी के नेतृत्व में स्वागत गीत और कौशल जी के भिखारी ठाकुर रचित गीतों के गायन के साथ हुई. भोजपुरी की वर्तमान दशा विषय पर संभावना विद्यालय के आदित्य, आराध्या, अनुष्का, कृति, जैन बाला विश्राम की अंजलि, शिवानी, उर्सुला इन विद्यालय के निखिल, आर्यन तथा क्षत्रिय स्कूल के अमरजीत ने भाषण प्रतियोगिता में भाग लिया जिन्हें अतिथियों ने पुरस्कृत किया. आर एन एस डी पी एस स्कूल की छात्राओं ने शिक्षक अमित शंकर के मार्गदर्शन में पारंपरिक कजरी गीत पर नृत्य प्रस्तुत किया. दूसरे दिन के सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरुआत बक्शी विकास के नेतृत्व में स्नेहा पांडेय और टीम द्वारा भिखारी ठाकुर कृत बिदेसिया पर शास्त्रीय कथक नृत्य प्रस्तुति के साथ हुई. इस अनूठी प्रस्तुति को दर्शकों की वाहवाही मिली. कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण गाजीपुर से आए सल्टू राम और उनकी टीम द्वारा पारंपरिक धोबिया गीत और कठघोड़वा नृत्य रहा. स्थानीय पटेल बस पड़ाव के प्रांगण में इस अदभुत और विलुप्त हो रही कला के प्रदर्शन पर तालियां बजती रही. देर शाम तक सुरेश जी की टीम द्वारा भिखारी ठाकुर रचित पुत्र वध उर्फ सौतेली मां नाटक का मंचन हो रहा था और दर्शक लगातार जमे हुए थे.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="576" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/12/1001075202-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-88210" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/12/1001075202-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2024/12/1001075202-650x366.jpg 650w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>वार्षिक सम्मानों में कवि अजब दयाल सिंह भोजपुरिया सम्मान गोरखपुर के नंदलाल मणि त्रिपाठी और शारदा प्रसाद सिंह स्मृति संभावना सम्मान देवरिया के साहित्यकार जनार्दन सिंह को दिया गया. कार्यक्रम के मंच संचालन तथा व्यवस्था में अध्यक्ष नरेंद्र सिंह, कोषाध्यक्ष रामजी यादव, रंगकर्मी रंजन यादव, अमरदीप कुमार जय, पप्पू सिंह, कवि राज कवि, राजू रंजन, चंद्रभूषण पांडेय, सोहित सिन्हा, डॉ बीरेंद्र कुमार शर्मा, बंटी भारद्वाज, रवि प्रकाश सूरज का योगदान रहा.</p>



<p><strong>पहला दिन</strong></p>



<p><strong>भिखारी ठाकुर लोकोत्सव की पारंपरिक शुरुआत</strong></p>



<p><strong>आठवीं अनुसूची के मुद्दे पर निर्णायक शंखनाद का आह्वान</strong></p>



<p><strong>गोंड नाच की प्रस्तुति ने दर्शकों का मन मोहा</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="769" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/12/1001075205-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-88212" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/12/1001075205-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2024/12/1001075205-650x488.jpg 650w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>भिखारी ठाकुर सामाजिक शोध संस्थान के बैनर तले तीन दिवसीय भिखारी ठाकुर लोकोत्सव की शुरुआत पारंपरिक ढंग से हुई. पहले दिन जनप्रतिनिधियों, साहित्यकारों, पत्रकारों और संस्कृतिकर्मियों द्वारा भिखारी ठाकुर,बाबू ललन सिंह तथा उस्ताद बिस्मिल्लाह खान की प्रतिमा पर माल्यार्पण तथा दीप प्रज्वलित कर हुई. उदघाटन सत्र को प्रो. डॉ धर्मेंद्र तिवारी, पूर्व कुलपति, इंदु देवी,महापौर,आरा नगर निगम, डॉ जया जैन, प्रो किरण कुमारी, मधु मिश्रा,धीरेन्द्र सिंह सीनियर सिटीजन वेलफेयर एसोसिएशन, साहित्यकार जनार्दन मिश्रा, प्रो रेणु मिश्र, बी डी सिंह,जीएम होटल मौर्य, प्रो दिनेश प्रसाद सिन्हा तथा अन्य साहित्यकारों ने संबोधित किया.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="419" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/12/1001075219-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-88211" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/12/1001075219-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2024/12/1001075219-650x266.jpg 650w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>कमलेश व्यास द्वारा भिखारी रचित गंगा स्नान और अन्य गीतों की मधुर प्रस्तुति हुई. इसके बाद भोजपुरी की संवैधानिक मान्यता तथा अस्मिता की पहचान के सवाल विषय पर परिचर्चा आयोजित हुई. परिचर्चा में अन्य लोगों के अलावा डॉ रंजन विकास, रंजन प्रकाश, गोरखपुर के नन्दमणि लाल त्रिपाठी, मीडिया विशेषज्ञ डॉ अजय ओझा, देवरिया के जनार्दन सिंह, वीर कुंवर सिंह विवि भोजपुरी विभागाध्यक्ष प्रो दिवाकर पांडेय, डॉ कुमार शीलभद्र, डॉ बीरेंद्र कुमार शर्मा, आचार्य धर्मेंद्र तिवारी ने भाग लिया तथा भोजपुरी की संवैधानिक मान्यता के लिए भोजपुरी जनता को जागरूक होने तथा जनप्रतिनिधियों का ध्यान इस ओर आकर्षित करने का आह्वान किया.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="768" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/12/1001075208-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-88213" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/12/1001075208-scaled.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2024/12/1001075208-488x650.jpg 488w" sizes="(max-width: 768px) 100vw, 768px" /></figure>



<p>वक्ताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि अब निर्णायक संघर्ष का समय है, सभी आंदोलनरत संगठनों को एक बैनर के नीचे आने की जरूरत है जिसका आगाज़ भिखारी ठाकुर लोकोत्सव के इसी मंच से होगा. संस्थान के अध्यक्ष तथा वरिष्ठ पत्रकार नरेंद्र सिंह ने एक कमिटी गठित करने का प्रस्ताव दिया जिसमें सभी संगठनों के लोग सहभागी होंगे. इसके बाद जोगीबीर के दरोगा गोंड, टुनटुन गोंड और उनकी टीम द्वारा गोंड नाच की भव्य प्रस्तुति हुई जिसे दर्शक एकटक देखकर भावविभोर हो गए.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="540" height="313" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/12/1001075213.jpg" alt="" class="wp-image-88215" /></figure>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="462" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/12/1001075216-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-88214" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/12/1001075216-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2024/12/1001075216-650x293.jpg 650w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>अंत में संस्थान की स्मारिका के आवरण पेज की मुंहदिखाई हुई. भिखारी ठाकुर और भोजपुरी लोकसंस्कृति पर केंद्रित स्मारिका का प्रकाशन फरवरी तक किया जाएगा. आज के कार्यक्रम का संचालन नरेंद्र सिंह, रवि प्रकाश सूरज, बंटी भारद्वाज ने किया. कार्यक्रम में चंद्रभूषण पांडेय, कवि राज कवि, रंजन यादव, सोहित सिन्हा, रंगकर्मी राजू रंजन, आदित्य, रवि कुमार, शंकर जी आदि सदस्यों की भूमिका महत्वपूर्ण रही.</p>



<p><strong>PNCB</strong></p>



<p></p>
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		<title>छात्रों व शिक्षकों के अधिकार हुए फुस्स</title>
		<link>https://www.patnanow.com/chhatron-v-shikshko-ke-adhikar-huye-fuss/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 04 Nov 2024 14:49:12 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[मानवाधिकार हनन पर कार्रवाई तय पी यू सी एल ने जारी की बिहार के छात्रों शिक्षकों के मानवाधिकार हनन संबंधी रिपोर्ट Patna now special reportपटना,4 नवम्बर(ओ पी पांडेय). अभिवंचित समाज के मानवाधिकार की रक्षा के प्रति समर्पित संस्था पीयूसीएल के द्वारा छात्रों-शिक्षकों के मानवाधिकार हनन पर स्वतः संज्ञान जाँच रिपोर्ट जारी करने का निर्णय लिया गया. पीयूसीएल ,बिहार राज्य इकाई की बैठक में समाचार माध्यमों से मिली जानकारी के आधार पर बिहार सरकार के प्राथमिक से लेकर माध्यमिक स्तर तक के विद्यालयों में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं का नामांकन रद्द किए जाने को असंवैधानिक और शिक्षा अधिकार के हनन के रूप में देखा गया. इसके साथ ही ग्रीष्मावकाश रद्द किए जाने को भी अशैक्षिक कार्रवाई के रूप में देखा गया एवं न्यायिक फ़ैसलों के विरूद्ध भी माना गया। ग्रीष्मावकाश में कक्षा-संचालन के कारण सैकड़ों छात्र-छात्राओं और शिक्षकों के बीमार पड़ने तथा दर्जनों की मृत्यु की खबरों को नौकरशाही के अमानवीय और आपराधिक कृत्य के रूप में देखा गया. इन मामलों को मानवाधिकार की दृष्टि से गंभीर माना गया. अत: बिहार सरकार के शिक्षा विभाग के द्वारा संचालित प्राथमिक से लेकर उच्च माध्यमिक राजकीयकृत विद्यालयों के 2 करोड़ 80 लाख से ज्यादा शिक्षार्थियों व 6 लाख 37 हजार शिक्षकों के मानवाधिकार हनन के मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए पीयूसीएल, बिहार राज्य इकाई के द्वारा उपर्युक्त मामलों के अध्ययन, तथ्य-संग्रह, निष्कर्ष और अनुमोदन के लिए डॉ. अनिल कुमार राय और श्री पुष्पराज की दो सदस्यीय समिति गठित की गई. इस द्वि सदस्यी जाँच रिपोर्ट के अनुसार शिक्षा का अधिकार, शिक्षकों के [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>मानवाधिकार हनन पर कार्रवाई तय</strong></p>



<p><strong>पी यू सी एल ने जारी की बिहार के छात्रों शिक्षकों के मानवाधिकार हनन संबंधी रिपोर्ट</strong></p>



<p class="has-black-color has-text-color has-link-color wp-elements-f5b107cff8674df218428a5366c12358"><strong>Patna now special report</strong><br>पटना,4 नवम्बर(ओ पी पांडेय). अभिवंचित समाज के मानवाधिकार की रक्षा के प्रति समर्पित संस्था पीयूसीएल के द्वारा छात्रों-शिक्षकों के मानवाधिकार हनन पर स्वतः संज्ञान जाँच रिपोर्ट जारी करने का निर्णय लिया गया. पीयूसीएल ,बिहार राज्य इकाई की बैठक में समाचार माध्यमों से मिली जानकारी के आधार पर बिहार सरकार के प्राथमिक से लेकर माध्यमिक स्तर तक के विद्यालयों में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं का नामांकन रद्द किए जाने को असंवैधानिक और शिक्षा अधिकार के हनन के रूप में देखा गया. इसके साथ ही ग्रीष्मावकाश रद्द किए जाने को भी अशैक्षिक कार्रवाई के रूप में देखा गया एवं न्यायिक फ़ैसलों के विरूद्ध भी माना गया। ग्रीष्मावकाश में कक्षा-संचालन के कारण सैकड़ों छात्र-छात्राओं और शिक्षकों के बीमार पड़ने तथा दर्जनों की मृत्यु की खबरों को नौकरशाही के अमानवीय और आपराधिक कृत्य के रूप में देखा गया. इन मामलों को मानवाधिकार की दृष्टि से गंभीर माना गया.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="433" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/12/pnc-medha-diwas-students-performance.jpg" alt="" class="wp-image-69325" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/12/pnc-medha-diwas-students-performance.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/12/pnc-medha-diwas-students-performance-350x233.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>अत: बिहार सरकार के शिक्षा विभाग के द्वारा संचालित प्राथमिक से लेकर उच्च माध्यमिक राजकीयकृत विद्यालयों के 2 करोड़ 80 लाख से ज्यादा शिक्षार्थियों व 6 लाख 37 हजार शिक्षकों के मानवाधिकार हनन के मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए पीयूसीएल, बिहार राज्य इकाई के द्वारा उपर्युक्त मामलों के अध्ययन, तथ्य-संग्रह, निष्कर्ष और अनुमोदन के लिए डॉ. अनिल कुमार राय और श्री पुष्पराज की दो सदस्यीय समिति गठित की गई.</p>



<p>इस द्वि सदस्यी जाँच रिपोर्ट के अनुसार शिक्षा का अधिकार, शिक्षकों के संघ-निर्माण और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को जान-बूझकर कुचला गया है संविधान और मानवाधिकार की दृष्टि से आपराधिक कृत्य है. यह आपराधिक कृत्य पूर्व अपर मुख्य सचिव के. के. पाठक पर कार्रवाई सुनिश्चित हो,उनके प्रतारणात्मक रवैये के कारण कई शिक्षकों और छात्रों की जानें गयीं.</p>



<p>उच्च अधिकारियों को यह अनुदेश दिया जाना चाहिए कि वे अपने कनिष्ठ अधिकारियों एवं कर्मियों से भी शिष्टाचारपूर्वक एवं सदाशयता से पेश आएँ. ग्रीष्मावकाश के दौरान कार्यपालन करते हुए मृत शिक्षकों को ड्यूटी पर मरनेवाले कर्मचारियों की श्रेणी में परिगणित किया जाये और उनके परिजनों को उसी तरह मुआवज़ा, आश्रित को अनुकंपा के आधार पर नौकरी एवं अन्य सुविधाएँ प्रदान की जायें. यदि शिक्षक नियोजित हैं तो भी. ग्रीष्मावकाश के दौरान कक्षा संचालन के क्रूर आदेश के कारण जो शिक्षक, कर्मी और छात्र बीमार हुए, उन्हें भी मुआवज़ा दिया जाये.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="347" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/12/pnc-mid-day-meal-students.jpg" alt="" class="wp-image-69331" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/12/pnc-mid-day-meal-students.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/12/pnc-mid-day-meal-students-350x187.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>के. के. पाठक के कार्यकाल में जिन शिक्षकों पर बोलने, विरोध करने, सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देने आदि का अभियोग लगाकर वेतन बंद करने, निलंबित करने या बर्खास्त करने की कार्रवाई हुई है, उसे अविलंब वापस लिया जाये.अपनी भूल को स्वीकार करते हुए विभाग शिक्षकों से माफ़ी माँगे. शिक्षा विभाग के अनुचित आदेश के कारण लाखों बच्चे स्कूल से बाहर हुए और ग्रीष्मावकाश में स्कूल खोले जाने के कारण अनेक बच्चे बीमार हुए और मृत्यु को प्राप्त हुए. शिक्षा विभाग अपने इस अपराध को स्वीकार करते हुए अभिभावकों से माफ़ी माँगे.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="768" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/05/PNC-teachers-virodh-with-Kali-patti-1-1-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-84453" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/05/PNC-teachers-virodh-with-Kali-patti-1-1-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2024/05/PNC-teachers-virodh-with-Kali-patti-1-1-650x488.jpg 650w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>के. के. पाठक के आदेश के कारण जिन बच्चों का नाम स्कूल से काट दिया गया, उनकी सूची से पुनर्नामांकित बच्चों की सूची का मिलान किया जाये और जो बच्चे पुनर्नामांकन से वंचित रह गये हैं, उन्हें बिना शर्त यथाशीघ्र विद्यालय में प्रवेश दिया जाए. ऐसे बच्चों के लिए विशेष कक्ष का संचालन करके शैक्षिक क्षतिपूर्ति की जाये. शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव के पद पर रहते हुए के. के. पाठक के द्वारा स्वयं या उनके निर्देश पर अनेक असंगत और न्याय-विरोधी आदेश पारित किए गए थे. इसलिए उनके कार्यकाल के आदेशों-निर्देशों की पुनर्समीक्षा की जाये और असंगत एवं न्याय-विरोधी आदेशों को निरस्त किया जाए.</p>



<p>राइट टू एजुकेशन फोरम भोजपुर के संयोजक रवि प्रकाश सूरज ने रिपोर्ट जारी करते हुए कहा कि इस जाँच रिपोर्ट का अवलोकन किया जाए और प्रकाशन सुनिश्चित हो ताकि मृत शिक्षकों एवं पीड़ितों को समुचित न्याय प्राप्त हो सके.</p>
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		<item>
		<title>मिल गया भकुस्टा को कार्यालय के लिए जगह</title>
		<link>https://www.patnanow.com/bhulaya-get-place-for-office/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 12 Mar 2024 13:53:27 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Politics]]></category>
		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[एजुकेशन]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
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		<category><![CDATA[Bhukusta]]></category>
		<category><![CDATA[Journalist O P Pandey]]></category>
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					<description><![CDATA[भकुस्टा के नये कार्यालय का हुआ उद्घाटन आरा,12 मार्च. आज वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय सेवा शिक्षक संघ के नये कार्यालय का उद्घाटन हर्षोल्लास के माहौल में संपन्न हुआ. विश्वविद्यालय परिसर स्थित फ्लैट नंबर पांच में भकुस्टा का नया कार्यालय खोला गया जिसका उद्घाटन भकुस्टा-अध्यक्ष डा.दिवाकर पाण्डेय और महासचिव डा.जमील अख्तर ने फीता काटकर संयुक्त रूप से किया.भकुस्टा के सदस्यों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि भकुस्टा का नया कार्यालय हर तरह से सुसज्जित कर इसे उपयोगी बनाया जाएगा. अब दूर दराज से आनेवाले शिक्षक को आश्रय पाने के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा. वे आराम से उसमें विश्राम कर सकेंगे और विशेष परिस्थिति में दो चार दिन ठहर भी सकेंगे. साथ ही साथ समय-समय पर यहां बौद्धिक विमर्श भी होता रहेगा. भकुस्टा-अध्यक्ष डा दिवाकर पाण्डेय ने कहा कि आज एक नयी परम्परा की शुरुआत हुई। अब आपसी विचार-विमर्श के लिए एक स्थायी स्थान उपलब्ध हो गया. इतना ही नहीं दूर दराज से आए शिक्षकों को अपना विश्राम स्थल भी प्राप्त हो गया. इसके लिए भकुस्टा माननीय कुलपति के प्रति आभार प्रकट करता है. इस कार्य में भकुस्टा उपाध्यक्ष डा.अरविंद कुमार की महती भूमिका रही. उद्घाटन समारोह में जैन काॅलेज के कॉमर्स विभागाध्यक्ष डा जितेंद्र कुमार,राधागोविंद सिंह,डा नीरज कुमार वर्मा,पूनम शुक्ला, लक्ष्मी कुमारी,मालविका तिवारी,माधवी कुमारी,प्रशांत कुमार,कुमार निर्भय,अंकुर त्रिपाठी,पी जी शिक्षक संघ के अध्यक्ष अमित कुमार,डा दूधनाथ चौधरी,अल्ताफ मल्लिक,संजय कुमार चौबे आदि शिक्षक उपस्थित थे. सभी ने जगह उपलब्ध कराने के लिए कुलपति के प्रति ह्रदय से आभार प्रकट किया. आरा से रवि प्रकाश सूरज की रिपोर्ट PNCB]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>भकुस्टा के नये कार्यालय का हुआ उद्घाटन</strong></p>



<p>आरा,12 मार्च. आज वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय सेवा शिक्षक संघ के नये कार्यालय का उद्घाटन हर्षोल्लास के माहौल में संपन्न हुआ. विश्वविद्यालय परिसर स्थित फ्लैट नंबर पांच में भकुस्टा का नया कार्यालय खोला गया जिसका उद्घाटन भकुस्टा-अध्यक्ष डा.दिवाकर पाण्डेय और महासचिव डा.जमील अख्तर ने फीता काटकर संयुक्त रूप से किया.<br>भकुस्टा के सदस्यों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि भकुस्टा का नया कार्यालय हर तरह से सुसज्जित कर इसे उपयोगी बनाया जाएगा. अब दूर दराज से आनेवाले शिक्षक को आश्रय पाने के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा. वे आराम से उसमें विश्राम कर सकेंगे और विशेष परिस्थिति में दो चार दिन ठहर भी सकेंगे. साथ ही साथ समय-समय पर यहां बौद्धिक विमर्श भी होता रहेगा.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="488" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/03/1000502791.jpg" alt="" class="wp-image-83064" /></figure>



<p>भकुस्टा-अध्यक्ष डा दिवाकर पाण्डेय ने कहा कि आज एक नयी परम्परा की शुरुआत हुई। अब आपसी विचार-विमर्श के लिए एक स्थायी स्थान उपलब्ध हो गया. इतना ही नहीं दूर दराज से आए शिक्षकों को अपना विश्राम स्थल भी प्राप्त हो गया. इसके लिए भकुस्टा माननीय कुलपति के प्रति आभार प्रकट करता है. इस कार्य में भकुस्टा उपाध्यक्ष डा.अरविंद कुमार की महती भूमिका रही.</p>



<p>उद्घाटन समारोह में जैन काॅलेज के कॉमर्स विभागाध्यक्ष डा जितेंद्र कुमार,राधागोविंद सिंह,डा नीरज कुमार वर्मा,पूनम शुक्ला, लक्ष्मी कुमारी,मालविका तिवारी,माधवी कुमारी,प्रशांत कुमार,कुमार निर्भय,अंकुर त्रिपाठी,पी जी शिक्षक संघ के अध्यक्ष अमित कुमार,डा दूधनाथ चौधरी,अल्ताफ मल्लिक,संजय कुमार चौबे आदि शिक्षक उपस्थित थे. सभी ने जगह उपलब्ध कराने के लिए कुलपति के प्रति ह्रदय से आभार प्रकट किया.</p>



<p>आरा से <strong>रवि प्रकाश सूरज</strong> की रिपोर्ट</p>



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<p><strong>PNCB</strong></p>
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		<item>
		<title>देश की राजधानी में बढ़ाया भोजपुरी का मान</title>
		<link>https://www.patnanow.com/desh-ki-rajdhani-me-badhaa-bhojpuri-ka-man/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 24 Feb 2024 23:33:30 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[We Care]]></category>
		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[एजुकेशन]]></category>
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		<category><![CDATA[Journalist O P Pandey]]></category>
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		<category><![CDATA[PATNA NOW]]></category>
		<category><![CDATA[Ravi prakash suraj]]></category>
		<category><![CDATA[Research submitted in Bhojpuri]]></category>
		<category><![CDATA[VKSU ARA]]></category>
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					<description><![CDATA[JNU के अंतर्राष्ट्रीय सेमिनार में भोजपुरी भाषा मे शामिल किया अपना शोध पत्र आरा,25 फरवरी(ओ पी पांडेय). अक्सर ऐसा देखा जाता है कि भोजपुरी भाषी लोग अपनी मातृभाषा को बोलने या लिखने में शर्माते या हिचकिचाहते हैं. घर और गाँव तक तो उनकी खूब फर्राटेदार भोजपुरी चलती है लेकिन बाहर निकलते हैं उनकी मातृभाषा हिंदी या कोई और भाषा बन जाती है. लगभग 30 करोड़ की आबादी में बोली जाने वाली भोजपुरी की यही सच्चाई है. लेकिन इन हिचकिचाहट के बीच भोजपुर मुख्यालय आरा के VKSU के भोजपुरी विभाग के ही एक छात्र ने भोजपुरी भाषा में JNU जैसे प्रसिद्ध शिक्षण संस्थान में भोजपुरी भाषा में ही शोध पत्र प्रस्तुत कर अपनी मातृभाषा ही नही बल्कि 30 करोड़ भोजपुरिया का मान गर्व से ऊंचा किया है. भारतीय सामाजिक अनुसंधान परिषद और मैथिली भोजपुरी अकादमी, दिल्ली सरकार के संयुक्त तत्वावधान में अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर भारतीय भाषा केंद्र, JNU में दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सेमिनार आयोजित किया गया. इस सेमिनार में भोजपुरी साहित्य व संस्कृति पर केंद्रित शोधपत्र भोजपुरी विभाग के शोधछात्र और मैथिली-भोजपुरी अकादमी, दिल्ली सरकार के सदस्य रवि प्रकाश सूरज ने प्रस्तुत किया. रवि प्रकाश का शोधपत्र लोकगाथाओं के संकलन संरक्षण में किये गये योगदान पर आधारित था. इस शोधपत्र ने भोजपुरी लोकगाथाओं के संकलनकर्ता प्रसिद्ध विद्वान डॉ अर्जुनदास केसरी की ओर से भोजपुरी लोकगाथाओं के संकलन संरक्षण में किये गये योगदान को रेखांकित किया. रवि प्रकाश ने अपना शोधपत्र भोजपुरी में ही प्रस्तुत किया. बात दें कि इस अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में नेपाल सहित कई देशों के विद्वान शामिल हुए [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>JNU के अंतर्राष्ट्रीय सेमिनार में भोजपुरी भाषा मे शामिल किया अपना शोध पत्र</strong></p>



<p>आरा,25 फरवरी(<strong>ओ पी पांडेय</strong>). अक्सर ऐसा देखा जाता है कि भोजपुरी भाषी लोग अपनी मातृभाषा को बोलने या लिखने में शर्माते या हिचकिचाहते हैं. घर और गाँव तक तो उनकी खूब फर्राटेदार भोजपुरी चलती है लेकिन बाहर निकलते हैं उनकी मातृभाषा हिंदी या कोई और भाषा बन जाती है. लगभग 30 करोड़ की आबादी में बोली जाने वाली भोजपुरी की यही सच्चाई है. लेकिन इन हिचकिचाहट के बीच भोजपुर मुख्यालय आरा के VKSU के भोजपुरी विभाग के ही एक छात्र ने भोजपुरी भाषा में JNU जैसे प्रसिद्ध शिक्षण संस्थान में भोजपुरी भाषा में ही शोध पत्र प्रस्तुत कर अपनी मातृभाषा ही नही बल्कि 30 करोड़ भोजपुरिया का मान गर्व से ऊंचा किया है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="790" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/04/PNC-advertising-sambhavna-school-7042024-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-83574" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/04/PNC-advertising-sambhavna-school-7042024-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2024/04/PNC-advertising-sambhavna-school-7042024-650x501.jpg 650w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="516" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/02/1000486804-650x516.jpg" alt="" class="wp-image-82774" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/02/1000486804.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2024/02/1000486804-350x278.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2024/02/1000486804-768x610.jpg 768w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>भारतीय सामाजिक अनुसंधान परिषद और मैथिली भोजपुरी अकादमी, दिल्ली सरकार के संयुक्त तत्वावधान में अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर भारतीय भाषा केंद्र, JNU में दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सेमिनार आयोजित किया गया. इस सेमिनार में भोजपुरी साहित्य व संस्कृति पर केंद्रित शोधपत्र भोजपुरी विभाग के शोधछात्र और मैथिली-भोजपुरी अकादमी, दिल्ली सरकार के सदस्य रवि प्रकाश सूरज ने प्रस्तुत किया. रवि प्रकाश का शोधपत्र लोकगाथाओं के संकलन संरक्षण में किये गये योगदान पर आधारित था. इस शोधपत्र ने भोजपुरी लोकगाथाओं के संकलनकर्ता प्रसिद्ध विद्वान डॉ अर्जुनदास केसरी की ओर से भोजपुरी लोकगाथाओं के संकलन संरक्षण में किये गये योगदान को रेखांकित किया.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="468" height="650" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/02/1000486806-468x650.jpg" alt="" class="wp-image-82777" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/02/1000486806.jpg 468w, https://www.patnanow.com/assets/2024/02/1000486806-252x350.jpg 252w" sizes="(max-width: 468px) 100vw, 468px" /></figure>



<p>रवि प्रकाश ने अपना शोधपत्र भोजपुरी में ही प्रस्तुत किया. बात दें कि इस अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में नेपाल सहित कई देशों के विद्वान शामिल हुए थे.</p>



<p>इस सेमिनार की खास बात यह रही कि संगोष्ठी में कई मातृभाषाओं पर केंद्रीय शोध पत्र प्रस्तुत किये गये, जिन्हें संविधान की 8वीं अनुसूची में अबतक शामिल नहीं किया गया है.</p>



<p>भोजपुरी छात्र संघ ने संगोष्ठी में शोधपत्र प्रस्तुति के लिए विभाग के शोधछात्र रवि प्रकाश सूरज के साथ यशवंत कुमार सिंह, संजय कुमार और अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी के संयोजक JNU के डॉ राजेश पासवान को बधाई दी है. रवि प्रकाश के इस प्रस्तुति से न सिर्फ विवि परिवार बल्कि पूरा भोजपुरिया बेल्ट गदगद है. जगह-जगह से लोग उन्हें बधाई संदेश दे रहे हैं. नव युवकों में इस प्रयास के बाद भोजपुरी को लेकर एक नई उम्मीद जग गयी है.</p>



<p></p>
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