<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>RAVI KUMAR &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
	<atom:link href="https://www.patnanow.com/tag/ravi-kumar/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://www.patnanow.com</link>
	<description>Patna News Portal - हर ख़बर पर नज़र</description>
	<lastBuildDate>Wed, 01 Nov 2023 02:03:09 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.6.1</generator>

<image>
	<url>https://www.patnanow.com/assets/2022/08/cropped-PatnaNow_Logo_2022-32x32.png</url>
	<title>RAVI KUMAR &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
	<link>https://www.patnanow.com</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>नन्ही परी वेलफेयर सोसायटी ने किया साड़ी वितरण</title>
		<link>https://www.patnanow.com/nanhi-pari-welfare-society-distributed-sarees/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[pnc]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 01 Nov 2023 02:03:08 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[PATNA]]></category>
		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[काम की ख़बर]]></category>
		<category><![CDATA[सुख समृद्धि]]></category>
		<category><![CDATA[director renu kumari]]></category>
		<category><![CDATA[kadam kunan budh murti]]></category>
		<category><![CDATA[nanhi paree welfair foundation]]></category>
		<category><![CDATA[RAVI KUMAR]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.patnanow.com/?p=79898</guid>

					<description><![CDATA[गरीब और वृद्ध महिलाओं के लिए साड़ी वितरण नन्ही परी सोशल वेलफेयर फाउंडेशन बच्चों को निशुल्क पढ़ाई, शिक्षा, बेरोजगारों को रोजगार देगी पटना: नन्ही परी संस्था द्वारा कदमकुआं बुद्ध मूर्ति गरीब और वृद्ध महिलाओं के लिए साड़ी वितरण किया गया. जिसमें नन्ही परी सोशल वेलफेयर फाउंडेशन के डायरेक्टर रेणु कुमारी ने गरीब महिलाओं के बीच 500 साड़ी का वितरण किया. निदेशक रेणु कुमारी ने कहा कि हमारी संस्था गरीबों के लिए हर वक्त खड़ी रहती है.नन्ही परी सोशल वेलफेयर फाउंडेशन बच्चों को निशुल्क पढ़ाई, शिक्षा, बेरोजगारों को रोजगार देगी. इस मौके पर रवि नारायण, नीतू कुमारी मौजूद थी। कार्यक्रम का आयोजन कदमकुआं बुद्ध मूर्ति वार्ड नंबर 36 में किया गया. PNCDESK]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p></p>



<p></p>



<p><strong>गरीब और वृद्ध महिलाओं के लिए साड़ी वितरण</strong></p>



<p><strong>नन्ही परी सोशल वेलफेयर फाउंडेशन बच्चों को निशुल्क पढ़ाई, शिक्षा, बेरोजगारों को रोजगार देगी</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="650" height="366" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/11/sadi-vitran-650x366.jpeg" alt="" class="wp-image-79899" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/11/sadi-vitran-650x366.jpeg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/11/sadi-vitran-350x197.jpeg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2023/11/sadi-vitran-768x432.jpeg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2023/11/sadi-vitran.jpeg 1280w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>पटना: नन्ही परी संस्था द्वारा कदमकुआं बुद्ध मूर्ति गरीब और वृद्ध महिलाओं के लिए साड़ी वितरण किया गया. जिसमें नन्ही परी सोशल वेलफेयर फाउंडेशन के डायरेक्टर रेणु कुमारी ने गरीब महिलाओं के बीच 500 साड़ी का वितरण किया. निदेशक रेणु कुमारी ने कहा कि हमारी संस्था गरीबों के लिए हर वक्त खड़ी रहती है.नन्ही परी सोशल वेलफेयर फाउंडेशन बच्चों को निशुल्क पढ़ाई, शिक्षा, बेरोजगारों को रोजगार देगी.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img decoding="async" width="650" height="366" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/11/981f9737-9450-43b4-b67c-f0b648559a26-650x366.jpg" alt="" class="wp-image-79900" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/11/981f9737-9450-43b4-b67c-f0b648559a26-650x366.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/11/981f9737-9450-43b4-b67c-f0b648559a26-350x197.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2023/11/981f9737-9450-43b4-b67c-f0b648559a26-768x432.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2023/11/981f9737-9450-43b4-b67c-f0b648559a26.jpg 1280w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<figure class="wp-block-image size-large is-resized"><img decoding="async" width="650" height="366" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/11/c1aa0e6f-467b-4216-9a78-d1c4b6968d5a-650x366.jpg" alt="" class="wp-image-79901" style="aspect-ratio:1.7759562841530054;width:665px;height:auto" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/11/c1aa0e6f-467b-4216-9a78-d1c4b6968d5a-650x366.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/11/c1aa0e6f-467b-4216-9a78-d1c4b6968d5a-350x197.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2023/11/c1aa0e6f-467b-4216-9a78-d1c4b6968d5a-768x432.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2023/11/c1aa0e6f-467b-4216-9a78-d1c4b6968d5a.jpg 1280w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<figure class="wp-block-image size-large is-resized"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="366" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/11/bf270c1d-784c-4b3d-9dc7-916b96e772ea-650x366.jpg" alt="" class="wp-image-79902" style="aspect-ratio:1.7759562841530054;width:675px;height:auto" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/11/bf270c1d-784c-4b3d-9dc7-916b96e772ea-650x366.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/11/bf270c1d-784c-4b3d-9dc7-916b96e772ea-350x197.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2023/11/bf270c1d-784c-4b3d-9dc7-916b96e772ea-768x432.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2023/11/bf270c1d-784c-4b3d-9dc7-916b96e772ea.jpg 1280w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>इस मौके पर रवि नारायण, नीतू कुमारी मौजूद थी। कार्यक्रम का आयोजन कदमकुआं बुद्ध मूर्ति वार्ड नंबर 36 में किया गया.</p>



<p><strong>PNCDESK</strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>डेंगू के प्रसार पर नियंत्रण के लिए सम्पूर्ण प्रशासनिक तंत्र सजग, तत्पर एवं प्रतिबद्ध: रवि कुमार</title>
		<link>https://www.patnanow.com/the-entire-administrative-system-is-alert-ready-and-committed-to-control-the-spread-of-dengue-ravi-kumar/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[pnc]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 11 Sep 2023 02:31:24 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[PATNA]]></category>
		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[एजुकेशन]]></category>
		<category><![CDATA[काम की ख़बर]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[commisner patna]]></category>
		<category><![CDATA[iprd dy director]]></category>
		<category><![CDATA[lokesh kumar jha]]></category>
		<category><![CDATA[RAVI KUMAR]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.patnanow.com/?p=78062</guid>

					<description><![CDATA[पटना, आयुक्त, पटना प्रमंडल, पटना कुमार रवि ने डेंगू के रोकथाम हेतु प्रमंडलांतर्गत सभी जिलों- पटना, नालन्दा, भोजपुर, रोहतास, बक्सर एवं भभुआ &#8211; के जिलाधिकारियों को निरोधात्मक एवं सतर्कतामूलक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निदेश दिया है. उन्होंने कहा कि सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों, रेफरल अस्पतालों तथा शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में रैपिड रिस्पॉन्स टीम को सतत सक्रिय रखें. सभी भागीदारों (स्टेकहोल्डर्स) यथा जिला प्रशासन, नगर निकाय, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा, पंचायती राज, ग्रामीण विकास, पीएचईडी एवं अन्य द्वारा आपस में समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्रवाई किया जाए. सिविल सर्जन ‘‘क्या करें, क्या न करें’’ का वृहत स्तर पर प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करें. नगर निकाय विशेष अभियान चलाकर फॉगिंग कराएँ, जल-जमाव को रोकना सुनिश्चित करे. जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी विभागीय दिशा-निदेशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करें. डेंगू बुखार के *क्लिनिकल प्रबंधन के लिए राष्ट्रीय दिशा-निदेशों के अनुरूप प्रतिबद्धता के साथ कार्य करें. डेंगू की पुष्टि होने पर मरीज के घरों के आस-पास एक्टिव सर्विलेंस करायी जाय ताकि नये मरीजों की पहचान हो सके. आयुक्त रवि ने कहा कि प्रायः डेंगू का उपचार सामान्य विधि से होता है. इसके लिए पारासिटामोल सुरक्षित दवा है. मरीजों में प्लेटलेट्स की संख्या 10 हजार से कम होने अथवा रक्तश्राव के लक्षण दिखने पर ही विशेष परिस्थिति में प्लेटलेट्स चढ़ाने की आवश्यकता पड़ती है जो पर्याप्त मात्रा में चिन्हित रक्त केन्द्रों में उपलब्ध है. सरकारी तथा निजी रक्त केन्द्रों में प्लेटलेट्स की सुविधा इत्यादि की सूचना समाचार पत्रों के माध्यम से नियमित तौर पर दी जा रही है. सरकारी अस्पतालों में भर्ती मरीजों [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p></p>



<p></p>



<blockquote class="wp-block-quote has-pale-cyan-blue-background-color has-background is-layout-flow wp-block-quote-is-layout-flow">
<div class="wp-block-group"><div class="wp-block-group__inner-container is-layout-constrained wp-block-group-is-layout-constrained">
<div class="wp-block-group"><div class="wp-block-group__inner-container is-layout-constrained wp-block-group-is-layout-constrained">
<p><strong>डेंगू के प्रसार को रोकने के लिए आयुक्त ने प्रमंडल अंतर्गत सभी जिलाधिकारियों को दिया निर्देश</strong></p>



<p><strong>सभी स्वास्थ्य केन्द्रों में रैपिड रिस्पॉन्स टीम हमेशा सक्रिय रखें</strong></p>



<p><strong>निरोधात्मक एवं सतर्कतामूलक कार्रवाई करें</strong></p>



<p><strong>&nbsp;दिशा-निदेशों के अनुरूप फॉगिंग तथा टेमीफॉस का छिड़काव सुनिश्चित करें</strong></p>



<p><strong>नियमित आईईसी एवं बीसीसी अभियान द्वारा आमजन को जागरूक करें</strong></p>



<p><strong>डेंगू को मात देने के लिए सकारात्मक स्वास्थ्य व्यवहारों को प्रोत्साहित करें: आयुक्त</strong></p>



<p><strong>विद्यालय एवं महाविद्यालय डेंगू नियंत्रण मानकों को लागू करें</strong></p>



<p><strong>छात्र-छात्राओं में डेंगू का प्रसार रोकने के लिए हेल्थ एडवायजरी का अनुपालन किया जाए</strong></p>



<p><strong>मरीजों के घरों के आस-पास एक्टिव सर्विलेंस रखें</strong></p>



<p><strong>अस्पतालों में दवा एवं ब्लड की उपलब्धता सुनिश्चित करें</strong></p>



<p><strong>ब्लड बैंक अलर्ट रहे : आयुक्त</strong></p>



<p><strong>याद रहे हर बुखार डेंगू नहीं होता है</strong></p>



<p><strong>&nbsp;‘‘असामाजिक तत्वों के बहकावे में न आयें, सरकारी अस्पतालों में डेंगू की निःशुल्क जाँच एवं उपचार कराएँ’’</strong></p>



<p><strong>रैपिड डायग्नोस्टिक कीट से यदि Ns1 Positive हो तो उसकी सम्पुष्टि निःशुल्क रूप से मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में अवश्य करायें: आयुक्त</strong></p>
</div></div>
</div></div>
</blockquote>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="488" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/09/a3a55c4f-7cd0-4fc1-a4d4-d88046fb5aaa-650x488.jpg" alt="" class="wp-image-78063" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/09/a3a55c4f-7cd0-4fc1-a4d4-d88046fb5aaa-650x488.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/a3a55c4f-7cd0-4fc1-a4d4-d88046fb5aaa-350x263.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/a3a55c4f-7cd0-4fc1-a4d4-d88046fb5aaa-768x576.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/a3a55c4f-7cd0-4fc1-a4d4-d88046fb5aaa.jpg 1280w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>पटना, आयुक्त, पटना प्रमंडल, पटना कुमार रवि ने डेंगू के रोकथाम हेतु प्रमंडलांतर्गत सभी जिलों- पटना, नालन्दा, भोजपुर, रोहतास, बक्सर एवं भभुआ &#8211; के जिलाधिकारियों को निरोधात्मक एवं सतर्कतामूलक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निदेश दिया है. उन्होंने कहा कि सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों, रेफरल अस्पतालों तथा शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में रैपिड रिस्पॉन्स टीम को सतत सक्रिय रखें. सभी भागीदारों (स्टेकहोल्डर्स) यथा जिला प्रशासन, नगर निकाय, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा, पंचायती राज, ग्रामीण विकास, पीएचईडी एवं अन्य द्वारा आपस में समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्रवाई किया जाए. सिविल सर्जन ‘‘क्या करें, क्या न करें’’ का वृहत स्तर पर प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करें. नगर निकाय विशेष अभियान चलाकर फॉगिंग कराएँ, जल-जमाव को रोकना सुनिश्चित करे. जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी विभागीय दिशा-निदेशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करें. डेंगू बुखार के *क्लिनिकल प्रबंधन के लिए राष्ट्रीय दिशा-निदेशों के अनुरूप प्रतिबद्धता के साथ कार्य करें. डेंगू की पुष्टि होने पर मरीज के घरों के आस-पास एक्टिव सर्विलेंस करायी जाय ताकि नये मरीजों की पहचान हो सके.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="650" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/09/90f24b8e-fa9b-429f-b637-cd498642f416-650x650.jpg" alt="" class="wp-image-78064" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/09/90f24b8e-fa9b-429f-b637-cd498642f416-650x650.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/90f24b8e-fa9b-429f-b637-cd498642f416-350x350.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/90f24b8e-fa9b-429f-b637-cd498642f416-250x250.jpg 250w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/90f24b8e-fa9b-429f-b637-cd498642f416-768x768.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/90f24b8e-fa9b-429f-b637-cd498642f416.jpg 1250w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>आयुक्त रवि ने कहा कि प्रायः डेंगू का उपचार सामान्य विधि से होता है. इसके लिए पारासिटामोल सुरक्षित दवा है. मरीजों में प्लेटलेट्स की संख्या 10 हजार से कम होने अथवा रक्तश्राव के लक्षण दिखने पर ही विशेष परिस्थिति में प्लेटलेट्स चढ़ाने की आवश्यकता पड़ती है जो पर्याप्त मात्रा में चिन्हित रक्त केन्द्रों में उपलब्ध है. सरकारी तथा निजी रक्त केन्द्रों में प्लेटलेट्स की सुविधा इत्यादि की सूचना समाचार पत्रों के माध्यम से नियमित तौर पर दी जा रही है. सरकारी अस्पतालों में भर्ती मरीजों के लिए राज्य के सरकारी रक्त केन्द्रों में प्लेटलेट्स एवं निःशुल्क उपलब्ध है. सरकारी रक्त केन्द्रों द्वारा निजी अस्पतालों में भर्ती मरीजों के लिए प्रोसेसिंग शुल्क निर्धारित है. प्राइवेट रक्त केन्द्रों द्वारा अधिकतम प्रोसेसिंग शुल्क भी निर्धारित है.आयुक्त श्री रवि ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा निर्धारित राशि से अधिक की राशि लिए जाने की शिकायत आने पर दोषियों के विरूद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने आम जनता से भी अपील किया कि दलालों तथा बिचौलियों से सावधान रहें, उनके चंगुल में न पड़ें.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="650" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/09/40917757-c7f9-498d-b33e-15e3215812ea-650x650.jpg" alt="" class="wp-image-78065" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/09/40917757-c7f9-498d-b33e-15e3215812ea-650x650.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/40917757-c7f9-498d-b33e-15e3215812ea-350x350.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/40917757-c7f9-498d-b33e-15e3215812ea-250x250.jpg 250w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/40917757-c7f9-498d-b33e-15e3215812ea-768x768.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/40917757-c7f9-498d-b33e-15e3215812ea.jpg 1250w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>आयुक्त रवि ने कहा कि बरसात के कारण डेंगू ज्वर का प्रसार होने की संभावना है. छात्र-छात्राओं को डेंगू के प्रकोप से बचाना अत्यंत आवश्यक है. सभी विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में हेल्थ एडवायजरी का अनुपालन सुनिश्चित की जाए. सभी विद्यार्थियों को पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े/ड्रेस का उपयोग करना चाहिए. शैक्षणिक संस्थानों में साफ-सफाई की उत्कृष्ट स्थिति सुनिश्चित की जाए. नालों में पर्याप्त मात्रा में एन्टी लार्वा रसायन(टेमीफॉस) का नियमित छिड़काव करें.आयुक्त रवि ने वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम, बिहार के गाईडलाईन्स के अनुसार डेंगू नियंत्रणार्थ गतिविधियों में और अधिक गतिशीलता लाने हेतु सभी जिलाधिकारियों को निर्देशित किया है.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="650" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/09/c890dc33-99a4-44be-86d9-2c0da9edee0e-650x650.jpg" alt="" class="wp-image-78066" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/09/c890dc33-99a4-44be-86d9-2c0da9edee0e-650x650.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/c890dc33-99a4-44be-86d9-2c0da9edee0e-350x350.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/c890dc33-99a4-44be-86d9-2c0da9edee0e-250x250.jpg 250w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/c890dc33-99a4-44be-86d9-2c0da9edee0e-768x768.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/c890dc33-99a4-44be-86d9-2c0da9edee0e.jpg 1250w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>आयुक्त रवि ने कहा कि डेंगू को नियंत्रित करने के लिए संदिग्ध मरीजों की निगरानी रखना आवश्यक है. निरोधात्मक कार्रवाई के तहत लाईन लिस्ट प्राप्त होने पर सूक्ष्म कार्य योजना बनाकर डेंगू के सम्पुष्ट मरीज के आस-पास 500 मीटर रेडियस में तुरंत टेक्निकल मालाथियोन की फॉगिंग कराना सुनिश्चित करें. उन्होंने निर्देश दिया कि फागिंग एवं टेमीफॉस का नियमित छिड़काव किया जाए. स्वास्थ्य प्रशिक्षकों द्वारा नगर निकायों में फॉगिंग का निरंतर पर्यवेक्षण कराया जाए. आशा/आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा डेंगू मरीज के क्षेत्र में एक्टिव सर्विलान्स कराने को निर्देशित किया गया है. आयुक्त ने कहा कि डेंगू के प्रसार को रोकने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है. सभी निरोधात्मक एवं सतर्कतामूलक कार्रवाई की जा रही है. मेडिकल कॉलेज अस्पतालों, ज़िला अस्पतालों, सदर अस्पतालों एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में डेंगू मरीज़ों के लिए बेड सुरक्षित रखा गया है. आवश्यकतानुसार बेडों की संख्या बढ़ाई भी जा सकती है. सभी बेडों को मच्छरदानीयुक्त एवं डेंगू नियंत्रण हेतु सभी व्यवस्था किया गया है.आयुक्त रवि ने कहा कि डेंगू के उपचार हेतु सभी सरकारी अस्पतालों में दवा, ब्लड आदि की व्यवस्था हमेशा उपलब्ध रहनी चाहिए. सभी ब्लड बैंक *अलर्ट रहें. प्लेटलेस की व्यवस्था पर्याप्त मात्रा में रहे तथा आवश्यकता होने पर रोगियों को उपलब्ध कराया जाए.आयुक्त श्री रवि ने कहा कि नियमित आईईसी (सूचना, शिक्षा और संचार) एवं बीसीसी (व्यवहार परिवर्तन संचार) अभियान द्वारा आमजन को जागरूक कर डेंगू बुखार के बचाव के निरोधात्मक गतिविधियों में तेजी लाने एवं डेंगू को मात देने के लिए सकारात्मक स्वास्थ्य व्यवहारों को प्रोत्साहित करें. सभी ज़िला पदाधिकारियों को निम्नलिखित गतिविधियों का वृहत स्तर पर संचालन करने का निदेश दिया गया है:</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="650" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/09/d7d793b7-6875-4366-b643-d76ae6dc0cb4-650x650.jpg" alt="" class="wp-image-78067" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/09/d7d793b7-6875-4366-b643-d76ae6dc0cb4-650x650.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/d7d793b7-6875-4366-b643-d76ae6dc0cb4-350x350.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/d7d793b7-6875-4366-b643-d76ae6dc0cb4-250x250.jpg 250w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/d7d793b7-6875-4366-b643-d76ae6dc0cb4-768x768.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/d7d793b7-6875-4366-b643-d76ae6dc0cb4.jpg 1250w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<div class="wp-block-group has-light-green-cyan-background-color has-background"><div class="wp-block-group__inner-container is-layout-constrained wp-block-group-is-layout-constrained">
<p><strong>&nbsp;1. योजनाबद्ध ढ़ंग से डेंगू रोकथाम गतिविधियों में जनसमुदाय की सहभागिता.</strong></p>



<p><strong>&nbsp;2. मच्छर प्रजनन स्थलों को चिन्हित कर मच्छर प्रजनन रोकने के उपायों के बारे में आम जनता को जागरूक करना.</strong></p>



<p><strong>&nbsp;3. पानी टंकी तथा घरों के अंदर साफ पानी जमा करने के बर्तनों को ढ़ककर रखने के लिए आम जनता को प्रेरित करना.</strong></p>



<p><strong>&nbsp;4. दिन में भी मच्छर काटने से बचने के लिए व्यक्तिगत सुरक्षा उपायों को अपनाने के लिए आम जनता में जागरूकता बढ़ाना.</strong></p>



<p><strong>&nbsp;5. विभिन्न माध्यमों यथा प्रिंट-इलेक्ट्रॉनिक तथा सोशल मीडिया के माध्यम से ज्यादा से ज्यादा लोगों को जागरूक करना.</strong></p>



<p><strong>&nbsp;6. विद्यालयों में डेंगू पर आधारित विशेष गतिविधियों तथा क्विज, निबंध एवं चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया जाना.</strong></p>



<p><strong>7. इन्टर-सेक्टोरल कन्वर्जेन्स गतिविधि के अंतर्गत सरकारी विभाग, एनजीओ, स्थानीय जन-प्रतिनिधियों एवं अन्य स्टेकहोल्डर्स को शामिल करते हुए बैठक एवं कार्यशाला का आयोजन किया जाना जिसमें आईईसी/बीसीसी पर विस्तार से चर्चा की जाएगी.</strong></p>



<p><strong>8. डेंगू एवं चिकनगुनिया विषयक फ्लेक्स/बैनर एवं पैम्फ्लेट्स का सभी प्रखंडों में वितरण.</strong></p>
</div></div>



<p class="has-vivid-red-color has-text-color"><strong>&nbsp;डेंगूः कारण एवं लक्षण</strong></p>



<div class="wp-block-group has-cyan-bluish-gray-background-color has-background"><div class="wp-block-group__inner-container is-layout-constrained wp-block-group-is-layout-constrained">
<p><strong>डेंगू बीमारी एडिज नामक मच्छर के काटने से होती है, एडिज मच्छर दिन के समय काटता है.</strong></p>



<p class="has-vivid-red-color has-text-color">&nbsp;डेंगू के लक्षण</p>



<p><strong>* अचानक तेज सिर दर्द व तेज बुखार</strong></p>



<p><strong>* मांसपेशियों तथा जोड़ों में दर्द होना</strong></p>



<p><strong>* आँखों के पीछे दर्द होना, जो कि आँखों को घुमाने से बढ़ता है</strong></p>



<p><strong>*जी मिचलाना एवं उल्टी होना</strong></p>



<p><strong>* गंभीर मामलों में नाक, मुँह, मसूड़ों से खून आना</strong></p>



<p><strong>&nbsp;* त्वचा पर चकत्ते उभरना</strong></p>



<p class="has-luminous-vivid-orange-color has-text-color">&nbsp;बचाव के उपाय</p>



<p><strong>* एडिज के मच्छर स्थिर साफ पानी में पनपते हैं</strong></p>



<p><strong>* कूलर, पानी की टंकी, पक्षियों के पीने के पानी का बर्तन, फ्रिज की ट्रे, फूलदान इत्यादि को प्रति सप्ताह खाली करें व धूप में सुखाकर प्रयोग करें.</strong></p>



<p><strong>* नारियल का खोल, टूटे हुए बर्तन व टायरों में पानी जमा न होने दें.</strong></p>



<p><strong>* घरों के दरवाजे व खिड़कियों में जाली/परदे लगायें.</strong></p>



<p><strong>आयुक्त श्री रवि ने कहा कि डेंगू से बचाव हेतु जन सहभागिता आवश्यक है.</strong></p>
</div></div>



<p>आयुक्त श्री रवि ने आम जनता में डेंगू बुखार के बारे में जागरूकता अभियान के तहत आशा, ए.एन.एम. तथा जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर चर्चा एवं गोष्ठी का आयोजन करने का निदेश दिया. सभी अंचलों को डेंगू&nbsp; प्रतिवेदित मरीजों की लाईन लिस्ट निरोधात्मक कार्रवाई के तहत टेक्निकल मालाथियोन की फॉगिंग कराने हेतु ससमय उपलब्ध करा दी जाए. लार्वानाशी कार्रवाई के तहत जल-जमाव वालों स्थानों तथा डेंगू प्रतिवेदित मुहल्लों में टेमीफॅास का छिड़काव सघन रूप से&nbsp; टीमों के द्वारा फाइलेरिया निरीक्षक के देखरेख में किया जाए.&nbsp;&nbsp;</p>



<p class="has-luminous-vivid-orange-color has-text-color"><strong>याद रहे हर बुखार डेंगू नहीं होता है</strong></p>



<p>आयुक्त श्री रवि ने कहा कि कतिपय निजी जाँच घरों एवं अस्पतालों द्वारा डेंगू की जाँच रैपिड डायग्नोस्टिक कीट (RDT Kit) से कर Ns1 Positive&nbsp; परिणाम परिदर्शित होने पर उसे डेंगू बुखार घोषित कर दिया जा रहा है जिससे लोगों में भय एवं भ्रांति की स्थिति उत्पन्न होने की संभावना रहती है. रैपिड डायग्नोस्टिक कीट जाँच से संदिग्ध डेंगू चिन्हित किए जा सकते हैं किन्तु यह जाँच रोग को सम्पुष्ट (Confirm) नहीं करता है.</p>



<p>भारत सरकार के निर्देशानुसार डेंगू बुखार की सम्पुष्ट जाँच (Confirmation test) सिर्फ ELISA based NS1 एवं&nbsp; IgM कीट से ही किया जाना है. चिन्हित मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में ELISA based NS1 एवं IgM कीट से निःशुल्क जाँच की व्यवस्था उपलब्ध है. आयुक्त श्री रवि ने आम जनता से आह्वान करते हुए कहा है कि रैपिड डायग्नोस्टिक कीट (RDT Kit) से यदि Ns1 Positive हो तो उसकी सम्पुष्टि (Confirmation) निःशुल्क रूप से मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में अवश्य करायें.</p>



<p>आयुक्त श्री रवि ने निर्देश दिया कि डेंगू के रोकथाम के लिए प्रत्येक प्रखंड में ’रोगी कल्याण समिति के माध्यम से रैपिड टेस्ट किट की उपलब्धता सुनिश्चित रहनी चाहिए. सभी शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी रैपिड टेस्ट किट से डेंगू की स्क्रीनिंग सुविधा उपलब्ध रहनी चाहिए. मेडिकल, पारा मेडिकल एवं अन्य स्वास्थ्य कर्मियों यथा डॉक्टर, एएनएम, जीएनएम, आशा का उन्मुखीकरण कर डेंगू बुखार के संबंध में सतर्क एवं जागरूक किया जाए ताकि मरीजों की पहचान कर ससमय उपचार सुनिश्चित किया जा सके. आयुक्त श्री रवि ने कहा कि <strong>डेंगू बुखार के लक्षण एवं बचाव के उपायों यथा कूलर, फ्रिज के ट्रे में &nbsp;एक सप्ताह से अधिक पानी न रहने देना, प्रयोग में न लाये जाने वाले पात्र, टॉयर, नारियल के खोखे आदि नष्ट करना, सोते वक्त मच्छरदानी का प्रयोग, दिन के वक्त मच्छर से बचने के लिए पूरी आस्तिन वाले व शरीर को ढकने वाले वस्त्र पहनना तथा घर के&nbsp; आस-पास साफ-सफाई रखना एवं पानी की टंकियों व पात्र आदि को ढक कर रखने</strong> आदि से जनता को अवगत कराने हेतु आशा, एएनएम, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं पंचायतीराज प्रतिनिधियों की बैठक में नियमित कार्रवाई की जाय. आयुक्त  रवि ने कहा कि डेंगू के प्रसार पर नियंत्रण के लिए सम्पूर्ण प्रशासनिक तंत्र सजग, तत्पर एवं प्रतिबद्ध है. इस आशय की जानकारी आईपीआरडी के उपनिदेशक लोकेश कुमार झा ने दी.</p>



<p><strong>PNCDESK</strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>रवि कुमार की एकल प्रस्तुति ने रंगप्रेमियों को कराया सुखद एहसास</title>
		<link>https://www.patnanow.com/ravi-kumars-solo-performance-gave-a-pleasant-feeling-to-theater-lovers/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[pnc]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 05 Sep 2023 05:33:39 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[PATNA]]></category>
		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[एंटरटेनमेंट]]></category>
		<category><![CDATA[कला और साहित्य]]></category>
		<category><![CDATA[DIRECTOR RAJIV RANJAN SRIVASTVA]]></category>
		<category><![CDATA[PRAYOGSHALA NAWADA PLAY]]></category>
		<category><![CDATA[RAJIV RANJAN SRIVASTAVA]]></category>
		<category><![CDATA[RAVI KUMAR]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.patnanow.com/?p=77848</guid>

					<description><![CDATA[पटना के प्रेमचंद रंगशाला में प्रयोगशाला नवादा की प्रस्तुति नदी का तीसरा किनारा का मंचन (द थर्ड बैंक ऑफ द रिवर) जोआओ गुइमारेस रोजा द्वारा, 1962 में रचित निदेशक एवं परिकल्पना: राजीव रंजन श्रीवास्तव पटना: जोआओ गुइमारेस रोजा को आम तौर पर आधुनिक ब्राजीलियाई कथा साहित्य के विकास में सबसे महत्वपूर्ण लेखक माना जाता है. वह बीसवीं सदी के शुरुआती भाग की यथार्थवादी क्षेत्रवादी परंपरा से आधुनिक जादुई यथार्थवाद की ओर संक्रमण का संकेत देते हैं, जिसमें जॉर्ज लुइस बोर्गेस और गेब्रियल गार्सिया मार्केज जैसे प्रसिद्ध लैटिन अमेरिकी लेखकों के काम की विशेषता है. नदी का तीसरा किनारा गुइमारेस रोजा की सबसे प्रसिद्ध कहानियों में से एक है. हालाँकि कहानी वास्तविक जगह पर आधारित है और इसमें यथार्थवादी पात्र हैं, कहानी की केंद्रीय घटना इसे अत्यधिक काल्पनिक बनाती है. यह कहानी एक बेटे द्वारा एक पिता को समझने के प्रयासों पर केंद्रित है, जो बिना किसी स्पष्टीकरण के. एक छोटी सी नाव में अपने घर के पास नदी में चला जाता है और वहां एक ही स्थान पर टेढ़े-मेढ़े होकर अपना जीवन व्यतीत करता है. पिता इतना विशिष्ट व्यक्ति नहीं है जितना वह उस भूमिका का प्रतीक है जो वह निभाता है, जो जादुई यथार्थवाद की परंपराओं के लिए विशिष्ट है. चूँकि हम उसके बारे में केवल इतना जानते हैं कि वह एक पिता है, नदी पर उसकी यात्रा इस तथ्य के साथ कि कहानी का केंद्रीय फोकस घटना पर बेटे की प्रतिक्रिया है, केवल उसकी पैतृक स्थिति से ही समझाया जा सकता है. पिता के व्यवहार के लिए कोई [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p></p>



<p></p>



<p><strong>पटना के प्रेमचंद रंगशाला में प्रयोगशाला नवादा की प्रस्तुति नदी का तीसरा किनारा का मंचन </strong></p>



<p><strong>(द थर्ड बैंक ऑफ द रिवर) जोआओ गुइमारेस रोजा द्वारा, 1962 में रचित</strong></p>



<p><strong>निदेशक एवं परिकल्पना: राजीव रंजन श्रीवास्तव</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="628" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/09/5ee6fecd-c3ec-4764-ad9f-f42fdbc68964-650x628.jpg" alt="" class="wp-image-77849" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/09/5ee6fecd-c3ec-4764-ad9f-f42fdbc68964-650x628.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/5ee6fecd-c3ec-4764-ad9f-f42fdbc68964-350x338.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/5ee6fecd-c3ec-4764-ad9f-f42fdbc68964-768x742.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/5ee6fecd-c3ec-4764-ad9f-f42fdbc68964.jpg 960w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p><strong>पटना:</strong> जोआओ गुइमारेस रोजा को आम तौर पर आधुनिक ब्राजीलियाई कथा साहित्य के विकास में सबसे महत्वपूर्ण लेखक माना जाता है. वह बीसवीं सदी के शुरुआती भाग की यथार्थवादी क्षेत्रवादी परंपरा से आधुनिक जादुई यथार्थवाद की ओर संक्रमण का संकेत देते हैं, जिसमें जॉर्ज लुइस बोर्गेस और गेब्रियल गार्सिया मार्केज जैसे प्रसिद्ध लैटिन अमेरिकी लेखकों के काम की विशेषता है. नदी का तीसरा किनारा गुइमारेस रोजा की सबसे प्रसिद्ध कहानियों में से एक है. हालाँकि कहानी वास्तविक जगह पर आधारित है और इसमें यथार्थवादी पात्र हैं, कहानी की केंद्रीय घटना इसे अत्यधिक काल्पनिक बनाती है. यह कहानी एक बेटे द्वारा एक पिता को समझने के प्रयासों पर केंद्रित है, जो बिना किसी स्पष्टीकरण के. एक छोटी सी नाव में अपने घर के पास नदी में चला जाता है और वहां एक ही स्थान पर टेढ़े-मेढ़े होकर अपना जीवन व्यतीत करता है. पिता इतना विशिष्ट व्यक्ति नहीं है जितना वह उस भूमिका का प्रतीक है जो वह निभाता है, जो जादुई यथार्थवाद की परंपराओं के लिए विशिष्ट है. चूँकि हम उसके बारे में केवल इतना जानते हैं कि वह एक पिता है, नदी पर उसकी यात्रा इस तथ्य के साथ कि कहानी का केंद्रीय फोकस घटना पर बेटे की प्रतिक्रिया है, केवल उसकी पैतृक स्थिति से ही समझाया जा सकता है.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="489" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/09/a931c58a-fd91-499e-914a-a95177ac3468-650x489.jpg" alt="" class="wp-image-77850" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/09/a931c58a-fd91-499e-914a-a95177ac3468-650x489.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/a931c58a-fd91-499e-914a-a95177ac3468-350x263.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/a931c58a-fd91-499e-914a-a95177ac3468-768x578.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/a931c58a-fd91-499e-914a-a95177ac3468.jpg 1172w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>पिता के व्यवहार के लिए कोई यथार्थवादी प्रेरणा नहीं है, न ही इसे पिता द्वारा अपने परिवार के प्रति अपनी सामाजिक जिम्मेदारी को त्यागने के दृष्टांत के रूप में समझाया जा सकता है. इसके बजाय इसे एक सार्वभौमिक आध्यात्मिक कार्य के अवतार के रूप में देखा जाना चाहिए. आलोचक एलन एंगलकिर्क ने पिता को एक &#8216;सीमांत&#8217; चरित्र के रूप में वर्णित किया है, जिसकी सच्चाई और वास्तविकता को आम तौर पर जिस तरह से परिभाषित किया जाता है, उससे अलग परिभाषित करने के लिए उसकी स्पष्ट रूप से तर्कहीन कार्रवाई उसे एक वीर व्यक्ति के रूप में अलग करती है. जेम्स वी. रोमानों ने कहा है कि कहानी में सबसे बुनियादी विरोधाभास आध्यात्मिक जीवन के अतिक्रमण के बीच है, जैसा कि पिता द्वारा दर्शाया गया है. और बेटे द्वारा सुझाई गई आध्यात्मिक मृत्यु के गैर-पारगमन के बीच है.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="488" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/09/9b55a92b-c6a8-4291-9551-8b032af8cdce-650x488.jpg" alt="" class="wp-image-77851" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/09/9b55a92b-c6a8-4291-9551-8b032af8cdce-650x488.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/9b55a92b-c6a8-4291-9551-8b032af8cdce-350x263.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/9b55a92b-c6a8-4291-9551-8b032af8cdce-768x576.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/9b55a92b-c6a8-4291-9551-8b032af8cdce.jpg 1024w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>इस तरह की कहानी में, पात्र यथार्थवादी या मनोवैज्ञानिक प्रेरणा के कारण कार्य नहीं करते हैं, बल्कि अंतर्निहित विषय और संरचना की मांग के कारण वे ऐसा करते हैं. जब तक पाठक कहानी की काल्पनिक प्रकृति और उसके विषय की आध्यात्मिक प्रकृति को नहीं पहचानते, तब तक वे पिता के कृत्य को पागलपन कहकर खारिज करने के लिए प्रलोभित हो सकते हैं. हालांकि, जैसा कि बेटा कहता है, उसके घर में &#8216;पागल&#8217; शब्द कभी नहीं बोला जाता, क्योंकि कोई भी पागल नहीं है या शायद हर कोई पागल है.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="533" height="650" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/09/d0e9755a-9be5-4f5f-a7f9-00338ba9541b-533x650.jpg" alt="" class="wp-image-77855" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/09/d0e9755a-9be5-4f5f-a7f9-00338ba9541b-533x650.jpg 533w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/d0e9755a-9be5-4f5f-a7f9-00338ba9541b-287x350.jpg 287w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/d0e9755a-9be5-4f5f-a7f9-00338ba9541b-768x937.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/d0e9755a-9be5-4f5f-a7f9-00338ba9541b.jpg 918w" sizes="(max-width: 533px) 100vw, 533px" /></figure>



<p><strong>मंच पर: रवि कुमार</strong></p>



<p><strong>मंच से परे</strong></p>



<p class="has-luminous-vivid-orange-color has-text-color">प्रकाश परिकल्पना &#8211; विनय चौहान,संगीत संयोजन &#8211; गोविन्द कुमार,वस्त्र-विन्यास &#8211; पिंकी सिंह,मंच-परिकल्पना &#8211; गुलशन कुमार,मंच सामग्री – धनराज,प्रचार-प्रसार &#8211; बब्लु गांधी</p>



<p class="has-vivid-red-color has-text-color">प्रस्तुति नियंत्रक &#8211; गुलशन कुमार ,प्रेक्षागृह व्यवस्था &#8211; गुलशन, बबलू, शंभू, मूगांक कुमार ,मंच उद्घोषणा &#8211; समीर चन्द्रा,प्रस्तुति सहायक &#8211; समीर चन्द्रा</p>



<p class="has-vivid-purple-color has-text-color">सहायक निर्देशक &#8211; पंकज करपटने,अभ्यर्थना &#8211; मनीष महिवाल, बूल्लू कुमार, अंजारूल हक, शंभू कुमार</p>



<p><strong>pncdesk</strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
