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	<title>RAUSHAN KUMAR &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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		<title>सरस मेला में मिल रहा है लोक कला एवं देशी व्यंजनों का  स्वाद</title>
		<link>https://www.patnanow.com/taste-of-folk-art-and-local-cuisine-is-available-in-saras-mela/</link>
		
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		<pubDate>Mon, 25 Sep 2023 03:09:15 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[बिहार सरस मेला अपने धरोहरों को बचाने एवं उन्हें पुनर्जीवित करने में बड़ा प्लेटफार्म 22 राज्यों की स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलायें राजधानी पटना में सूट, साड़ी , दुपट्टा, कुर्ती मैटेरियल , चादर, तकिया कवर, सोफे कवर की विशेष मांग रविवार का दिन बिहार सरस मेला के लिए खास रहा.अपनी संस्कृति, शिल्प, लोक कला , परंपरा एवं देशी स्वाद से रूबरू होने के लिए लोग पधारें.मेला के पांचवे दिन रविवार को तीस हजार से ज्यादा लोग आये.ग्रामीण शिल्प ,संस्कृति एवं लोक कला और देशी व्यंजनों के प्रति लोगों को आकर्षण इस बात का प्रमाण है कि लोग अपने पूरानी संस्कृति एवं परंपरा की ओर लौट रहे हैं.लिहाजा बिहार सरस मेला अपने धरोहरों को बचाने  एवं उन्हें पुनर्जीवित करने में बड़ा प्लेटफार्म और माध्यम बना है. बिहार सरस मेला बिहार ग्रामीण जीविकोपार्जन समिति (जीविका ) द्वारा 20 सितम्बर से 27 सितम्बर 2023 तक आयोजित है. बिहार सरस मेला में बिहार समेत 22 राज्यों की स्वयं सहायता समूह से जुडी महिलायें अपने हुनर को लेकर 131 स्टॉल्स पर उपस्थित हैं. बिहार के सभी अड़तीस जिलों से स्वयं सहायता समूह से जुडी ग्रामीण महिलाएं अपने-अपने क्षेत्र की संस्कृति, लोक कला, कलाकृतियाँ एवं  देशी व्यंजनों को लेकर उपस्थित हैं.सिक्किम,झारखण्ड,उत्तरप्रदेश, आँध्रप्रदेश,हरियाणा,छत्तीसगढ़,मेघालय,उत्तराखंड,पंजाब,असम,कर्नाटक, केरल ,पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र,गुजरात, उड़िसा, मध्य प्रदेश, तेलंगाना,राजस्थान,जम्मू-कश्मीर एवं तमिलनाडु से के स्टॉल सुसज्जित हैं.जहाँ स्टॉल धारक के साथ ही आगंतुक भी एक दुसरे के शिल्प और स्वाद से परिचित हो रहे हैं.चार दिनों में लगभग 92 लाख रुपये के उत्पादों एवं व्यंजनों की खरीद – बिक्री हुई है.बिहार सरस मेला के चौथे दिन  [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>बिहार सरस मेला अपने धरोहरों को बचाने एवं उन्हें पुनर्जीवित करने में बड़ा प्लेटफार्म</strong></p>



<p><strong>22 राज्यों की स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलायें राजधानी पटना में</strong></p>



<p><strong>सूट, साड़ी , दुपट्टा, कुर्ती मैटेरियल , चादर, तकिया कवर, सोफे कवर की विशेष मांग </strong></p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="650" height="366" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/09/0ef7385d-28bd-417b-b91a-394d19058200-650x366.jpg" alt="" class="wp-image-78564" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/09/0ef7385d-28bd-417b-b91a-394d19058200-650x366.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/0ef7385d-28bd-417b-b91a-394d19058200-350x197.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/0ef7385d-28bd-417b-b91a-394d19058200-768x432.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/0ef7385d-28bd-417b-b91a-394d19058200.jpg 1280w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>रविवार का दिन बिहार सरस मेला के लिए खास रहा.अपनी संस्कृति, शिल्प, लोक कला , परंपरा एवं देशी स्वाद से रूबरू होने के लिए लोग पधारें.मेला के पांचवे दिन रविवार को तीस हजार से ज्यादा लोग आये.ग्रामीण शिल्प ,संस्कृति एवं लोक कला और देशी व्यंजनों के प्रति लोगों को आकर्षण इस बात का प्रमाण है कि लोग अपने पूरानी संस्कृति एवं परंपरा की ओर लौट रहे हैं.लिहाजा बिहार सरस मेला अपने धरोहरों को बचाने  एवं उन्हें पुनर्जीवित करने में बड़ा प्लेटफार्म और माध्यम बना है. बिहार सरस मेला बिहार ग्रामीण जीविकोपार्जन समिति (जीविका ) द्वारा 20 सितम्बर से 27 सितम्बर 2023 तक आयोजित है. बिहार सरस मेला में बिहार समेत 22 राज्यों की स्वयं सहायता समूह से जुडी महिलायें अपने हुनर को लेकर 131 स्टॉल्स पर उपस्थित हैं.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img decoding="async" width="650" height="366" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/09/4f8082b3-0382-4ec9-a3e4-1adce475014a-650x366.jpg" alt="" class="wp-image-78565" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/09/4f8082b3-0382-4ec9-a3e4-1adce475014a-650x366.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/4f8082b3-0382-4ec9-a3e4-1adce475014a-350x197.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/4f8082b3-0382-4ec9-a3e4-1adce475014a-768x432.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/4f8082b3-0382-4ec9-a3e4-1adce475014a.jpg 1280w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p></p>



<p>बिहार के सभी अड़तीस जिलों  से स्वयं सहायता समूह से जुडी ग्रामीण महिलाएं अपने-अपने क्षेत्र की संस्कृति, लोक कला, कलाकृतियाँ एवं  देशी व्यंजनों को लेकर उपस्थित हैं.सिक्किम,झारखण्ड,उत्तरप्रदेश, आँध्रप्रदेश,हरियाणा,छत्तीसगढ़,मेघालय,उत्तराखंड,पंजाब,असम,कर्नाटक, केरल ,पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र,गुजरात, उड़िसा, मध्य प्रदेश, तेलंगाना,राजस्थान,जम्मू-कश्मीर एवं तमिलनाडु से के स्टॉल सुसज्जित हैं.जहाँ स्टॉल धारक के साथ ही आगंतुक भी एक दुसरे के शिल्प और स्वाद से परिचित हो रहे हैं.चार दिनों में लगभग 92 लाख रुपये के उत्पादों एवं व्यंजनों की खरीद – बिक्री हुई है.बिहार सरस मेला के चौथे दिन  23  सितम्बर को साढ़े 35 लाख रुपये के उत्पादों एवं व्यंजनों की खरीद-बिक्री हुई है.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img decoding="async" width="650" height="366" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/09/94072fba-62d2-4ca4-8252-858fc2426911-650x366.jpg" alt="" class="wp-image-78568" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/09/94072fba-62d2-4ca4-8252-858fc2426911-650x366.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/94072fba-62d2-4ca4-8252-858fc2426911-350x197.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/94072fba-62d2-4ca4-8252-858fc2426911-768x432.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/94072fba-62d2-4ca4-8252-858fc2426911.jpg 1280w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="366" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/09/9be3f8bf-7f1e-47f0-80cd-9b116417a20b-650x366.jpg" alt="" class="wp-image-78566" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/09/9be3f8bf-7f1e-47f0-80cd-9b116417a20b-650x366.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/9be3f8bf-7f1e-47f0-80cd-9b116417a20b-350x197.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/9be3f8bf-7f1e-47f0-80cd-9b116417a20b-768x432.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/9be3f8bf-7f1e-47f0-80cd-9b116417a20b.jpg 1280w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>आयोजन के चौथे दिन लगभग 17 हजार 700 लोग आये. सरस मेला में सुसज्जित सभी स्टॉल पर उपलब्ध शिल्प, कलाकृतियाँ , लोक कला एवं देशी व्यंजनों की बड़े पैमाने पर खरीद-बिक्री हो रही है.कई स्टॉल ऐसे हैं जहाँ प्रतिदिन 40 से 50 हजार रुपये से ज्यादा के उत्पादों एवं व्यंजनों की खरीद-बिक्री हो रही है.शनिवार को ओड़िसा के कटक जिला अंतर्गत बक्सी बाज़ार से आई हाजी अली स्वयं सहायता समूह की सदस्य आलिया बेगम ने अपने स्टॉल से एक लाख रुपये  से ज्यादा के परिधानों की बिक्री की.उनके स्टॉल से कॉटन, सिल्क एवं चंदेरी से बनी हुई सूट, साडी, दुपट्टा, कुर्ती मैटेरियल , चादर, तकिया कवर, सोफे कवर , आदि की बिक्री हो रही है.सरस मेला में कैशलेश खरीददारी की व्यवस्था है.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="366" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/09/3d34b016-6fec-4e34-b335-7682c3bb112e-650x366.jpg" alt="" class="wp-image-78567" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/09/3d34b016-6fec-4e34-b335-7682c3bb112e-650x366.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/3d34b016-6fec-4e34-b335-7682c3bb112e-350x197.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/3d34b016-6fec-4e34-b335-7682c3bb112e-768x432.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/3d34b016-6fec-4e34-b335-7682c3bb112e.jpg 1280w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>परियोजना महुआ राय चौधरी ने बताया कि विभिन्न स्टॉल्स पर उपस्थित ग्रामीण परिवेश से बाहर निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने वाली जीविका दीदियाँ बिहार में महिला सशक्तिकरण एवं स्वावलंबन की झलक प्रदर्शित कर रही हैं.उन्ही महिलाओं में से एक हैं सावित्री देवी.सावत्री देवी मधुबनी के झंझारपुर प्रखंड से आई हैं.सावित्री भगवती जीविका महिला स्वयं सहायता समूह की सदस्य हैं.सावित्री सिक्की से बने हुए चूड़ी, झुमका, स्टिक, रोटी डब्बा, पेन स्टैंड, टिशु बाक्स , मछली, कछुआ , कॉस्टल जैसे उत्पादों को प्रदर्शनी सह बिक्री कर रही हैं.सावित्री वर्ष 2014 से ही सरस मेला में खुद के द्वारा सिक्की से बनाये गए उत्पादों को लेकर आती हैं.इसके साथ ही राष्ट्रीय स्तर पर देश के अन्य राज्यों में लगने शिल्प मेला में भी जाती हैं.सावित्री बताई हैं कि जीविका से जुड़ने के बाद उनके हुनर को बड़ा बाज़ार और पहचान मिली है.पहले उनका हुनर घर तक ही सिमित था लेकिन जीविका से जुड़ने के बाद सिक्की से बने शिल्प एवं कलाकृतियों को अंतरष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है.</p>



<p><strong>रवीन्द्र भारती,पटना </strong></p>
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		<title>सरस मेला से जीविका दीदियां संस्कृति और परंपरा को कर रही पुनर्जीवित</title>
		<link>https://www.patnanow.com/jeevika-didis-are-reviving-culture-and-tradition-through-saras-mela/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[pnc]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 22 Sep 2023 05:34:42 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[PATNA]]></category>
		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[एंटरटेनमेंट]]></category>
		<category><![CDATA[काम की ख़बर]]></category>
		<category><![CDATA[Jivika]]></category>
		<category><![CDATA[mahuaroy chuwdhry]]></category>
		<category><![CDATA[RAUSHAN KUMAR]]></category>
		<category><![CDATA[saras mela 2023]]></category>
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					<description><![CDATA[लट्टू, घिरनी, डमरू, किट-किट, योयो ,डुगडुगी और चकरी मेला में आकर्षण के केंद्र सिल्क, खादी , कॉटन, मलबरी, फुलकारी, चिकेन कारी, आर्गेंजर,मश्लिन कॉटन,चंदेरी कॉटन, बांका सिल्क, कोशा, मटका, घींग्चा , मूंगा, एरी सिल्क सरस मेला के माध्यम से जीविका दीदियाँ संस्कृति और परंपरा को पुनर्जीवित कर रही हैं . इसके साथ ही एक दुसरे के हुनर को भी सीखते हुए सम्माहित कर रही है . इसकी बानगी बिहार सरस मेला में परिलक्षित हो रही है . बिहार सरस मेला बिहार ग्रामीण जीविकोपार्जन प्रोत्साहन समिति, जीविका द्वारा 20 सितम्बर से 27 सितम्बर तक ज्ञान भवन, पटना में आयोजित है . ग्रामीण शिल्प , हुनर , स्वाद, संस्कृति एवं परंपरा को प्रोत्साहन एवं पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से प्रतिवर्ष दो संस्करण में आयोजित किया जा रहा है . प्रथम संस्करण के तहत बिहार सरस मेला ज्ञान भवन में चल रहा है . बुधवार को बिहार सरस मेला का शुभारंभ श्री श्रवन कुमार, माननीय मंत्री, ग्रामीण विकास विभाग द्वारा किया गया .              बिहार सरस मेला के पहले ही दिन 13 लाख 40 हजार 500 रुपये के उत्पादों एवं व्यंजनों की खरीद-बिक्री हुई . लगभग 7 हजार लोग आये . बिहार सरस  मेला के पहले ही दिन एरिशा नोगब्री ने अपने स्टॉल से 44 हजार रुपये के उत्पादों की बिक्री की . इनके द्वारा बेचे गए उत्पादों में प्राकृतिक सूखे फूल, बोनसाई, सेकुलुन ऑक्सीजन, जैविक रस हल्दी और  पर्यावरण को शुद्ध रखने वाले पौधे हैं .  बिहार सरस मेला के प्रति लोगों का रुझान निरंतर बढ़ते जा रहा है . यहाँ प्रदर्शनी सह [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>लट्टू, घिरनी, डमरू, किट-किट, योयो ,डुगडुगी और चकरी मेला में आकर्षण के केंद्र</strong></p>



<p><strong>सिल्क, खादी , कॉटन, मलबरी, फुलकारी, चिकेन कारी, आर्गेंजर,मश्लिन कॉटन,चंदेरी कॉटन, बांका सिल्क, कोशा, मटका, घींग्चा , मूंगा, एरी सिल्क</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="366" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/09/2-1-650x366.jpg" alt="" class="wp-image-78466" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/09/2-1-650x366.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/2-1-350x197.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/2-1-768x432.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/2-1-1536x864.jpg 1536w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/2-1.jpg 1600w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>सरस मेला के माध्यम से जीविका दीदियाँ संस्कृति और परंपरा को पुनर्जीवित कर रही हैं . इसके साथ ही एक दुसरे के हुनर को भी सीखते हुए सम्माहित कर रही है . इसकी बानगी बिहार सरस मेला में परिलक्षित हो रही है . बिहार सरस मेला बिहार ग्रामीण जीविकोपार्जन प्रोत्साहन समिति, जीविका द्वारा 20 सितम्बर से 27 सितम्बर तक ज्ञान भवन, पटना में आयोजित है . ग्रामीण शिल्प , हुनर , स्वाद, संस्कृति एवं परंपरा को प्रोत्साहन एवं पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से प्रतिवर्ष दो संस्करण में आयोजित किया जा रहा है . प्रथम संस्करण के तहत बिहार सरस मेला ज्ञान भवन में चल रहा है . बुधवार को बिहार सरस मेला का शुभारंभ श्री श्रवन कुमार, माननीय मंत्री, ग्रामीण विकास विभाग द्वारा किया गया .</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="366" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/09/e81a94af-cc2c-4d06-9d18-ec6740b2d3ef-650x366.jpg" alt="" class="wp-image-78471" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/09/e81a94af-cc2c-4d06-9d18-ec6740b2d3ef-650x366.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/e81a94af-cc2c-4d06-9d18-ec6740b2d3ef-350x197.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/e81a94af-cc2c-4d06-9d18-ec6740b2d3ef-768x432.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/e81a94af-cc2c-4d06-9d18-ec6740b2d3ef-1536x864.jpg 1536w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/e81a94af-cc2c-4d06-9d18-ec6740b2d3ef.jpg 1600w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>             बिहार सरस मेला के पहले ही दिन 13 लाख 40 हजार 500 रुपये के उत्पादों एवं व्यंजनों की खरीद-बिक्री हुई . लगभग 7 हजार लोग आये . बिहार सरस  मेला के पहले ही दिन एरिशा नोगब्री ने अपने स्टॉल से 44 हजार रुपये के उत्पादों की बिक्री की . इनके द्वारा बेचे गए उत्पादों में प्राकृतिक सूखे फूल, बोनसाई, सेकुलुन ऑक्सीजन, जैविक रस हल्दी और  पर्यावरण को शुद्ध रखने वाले पौधे हैं .  बिहार सरस मेला के प्रति लोगों का रुझान निरंतर बढ़ते जा रहा है . यहाँ प्रदर्शनी सह बिक्री के लिए आये सिल्क, खादी , कॉटन, मलबरी, फुलकारी, चिकेन कारी, आर्गेंजर,मश्लिन कॉटन,चंदेरी कॉटन, बांका सिल्क, कोशा, मटका, घींग्चा , मूंगा, एरी सिल्क  आदि से बने परिधान एवं ड्रेस मैटेरिअल सहज ही लोगों को आकर्षित कर रहे हैं . परिधानों की खरीददारी के साथ ही देशी व्यंजनों का भी स्वाद आगंतुक चख रहे हैं . </p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="366" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/09/3-3-650x366.jpg" alt="" class="wp-image-78468" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/09/3-3-650x366.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/3-3-350x197.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/3-3-768x432.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/3-3-1536x864.jpg 1536w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/3-3.jpg 1600w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>जीविका दीदियों द्वारा संचालित दीदी की रसोई के स्टॉल पर स्वादिष्ट एवं पौष्टिक व्यंजनों का लुत्फ़ आगंतुक उठा रहे हैं . घरेलु व्यंजनों में बरी-पापड़, अदवरी, दनावरी, विभिन्न प्रकार के अचार, मखाना, चना जोर गरम, आयुर्वेदिक पाचक आदि की भी खूब खरीद-बिक्री हो रही है . बचपन के खिलौने लट्टू, घिरनी, डमरू, किट-किट, योयो ,डुगडुगी और चकरी तथा बच्चियों के लिए किचेन सेट मेला में आकर्षण के केंद्र बने हुए हैं . इन सब खिलौने को देखकर सहज ही अपना बचपन लौट आता है और आगंतुक अपने बच्चे-बच्चियों के जरुर खरीद  रहे हैं . ताकि नई पीढ़ी भी अपनी संस्कृति और परंपरा से अवगत हो .सरस मेला के माध्यम से राज्य सरकार दारा चलाई जा रही एवं जीविका द्वारा संचालित सतत जीविकोपार्जन योजना के सफल क्रियान्वयन की बानगी भी दिख रही है . </p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="366" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/09/4-1-650x366.jpg" alt="" class="wp-image-78469" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/09/4-1-650x366.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/4-1-350x197.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/4-1-768x432.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/4-1-1536x864.jpg 1536w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/4-1.jpg 1600w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>कल तक शराब एवं ताड़ी व्यवसाय से जुड़े परिवार अब उससे इतर स्वरोजगार करते हुए समाज में सम्मानजनक जीवन जी रहे हैं . सारण जिला अंतर्गत मांझी प्रखंड स्थित बरेजा गाँव से आई सीता देवी के पति स्व. हरिनंदन महतो की मृत्यु अत्यधिक शराब पीने से हो गई थी . वो शराब बेचते भी थे . उनकी मृत्यु के बाद सीता ने खुद को संभाला और सतत जीविकोपार्जन योजना की मदद से वो परचूनी दुकान चलते हुए सिक्की कला को भी पुनर्जीवित कर रही हैं . वर्ष 2021 में उन्हें सतत जीविकोपार्जन योजना से जोड़ा गया . उन्हें क्रमशः कुल 37 हजार रुपये की सहयोग राशि व्यवसाय करने के लिए जीविका द्वारा दी गई . उन्हें पारचून दुकान खोल लिया . अब वो खुद के संबल से अपने दो बेटा और दो बेटी का परवरिस कर रही हैं . सभी स्कुल जाने लगे हैं . सीता इन दिनों कुश से उत्पादों का निर्माण कर बाज़ार में बेच रही हैं . इससे भी उन्हें मुनाफा हो रहा है और परम्परा और संस्कृति तथा शिल्प पुनर्जीवित हो रहा है . सीता ने कुश से राखी  बनाकर बेचा . इस व्यवसाय से उन्हें सिर्फ अगस्त माह में 21 हजार रुपये का मुनाफा हुआ . उनके कार्य और हुनर की भी तारीफ हुई . सीता देवी अपने द्वारा कुश से बनाये गए उत्पादों को लेकर सरस मेला में सतत जीविकोपार्जन योजना के स्टॉल पर उपस्थित हैं . बिहार से सीता देवी जैसी 80 से ज्यादा जीविका दीदियाँ सरस मेला में खुद के द्वारा बनाये गए शिल्प को लेकर उपस्थित हैं .</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="366" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/09/1-3-650x366.jpg" alt="" class="wp-image-78470" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/09/1-3-650x366.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/1-3-350x197.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/1-3-768x432.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/1-3.jpg 1280w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>परियोजना समन्यवक महुआ राय चौधरी ने बताया कि बिहार सरस मेला में बिहार समेत 22 राज्यों की स्वयं सहायता समूह से जुडी ग्रामीण महिला शिल्पकार अपने- अपने क्षेत्र के शिल्प, संस्कृति, स्वाद और परंपरा को लेकर उपस्थित हैं . 131 स्टॉल पर हमारे देश का हुनर, शिल्प, स्वाद, संस्कृति और परंपरा परिलक्षित है. बिहार के सभी जिलों से जीविका दीदियों का ग्रामीण शिल्प और हुनर विभिन्न स्टॉल पर प्रदर्शनी सह बिक्री के लिए सुसज्जित हैं . इन स्टॉल्स से उत्पादों एवं व्यंजनों की खरीद –बिक्री बड़े पैमाने पर हो रही है . सरस मेला का सबसे खास आकर्षण जीविका दीदियों द्वारा संचालित दीदी की रसोई, शिल्पग्राम एवं मधुग्राम है .बिहार सरस मेला 20 सितंबर से शुरू होकर 27 सितंबर तक चलेगा . मेला का समय सुबह 10 बजे से शाम 8 बजे तक निर्धारि . प्रवेश निःशुल्क है.</p>



<p><strong>रवींद्र भारती </strong></p>
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		<title>दिल्ली का क़ुतुब मीनार देखों &#8230;सरस मेला में लोगों की भीड़ उमड़ी</title>
		<link>https://www.patnanow.com/look-at-delhis-qutub-minar-crowds-of-people-thronged-the-saras-mela/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[pnc]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 17 Dec 2022 04:56:07 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[PATNA]]></category>
		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[एंटरटेनमेंट]]></category>
		<category><![CDATA[गांव -शहर]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[RAUSHAN KUMAR]]></category>
		<category><![CDATA[SARASMELA 2022]]></category>
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					<description><![CDATA[सरस मेला में ग्रामीण शिल्प और&#160; व्यंजनों के 489 स्टॉल मक्के की रोटी, चने की साग से राजस्थानी व्यंजन &#160;“उद्धमिता से सशक्तिकरण” की थीम के साथ बिहार सरस मेला गांधी मैदान , पटना में प्रारंभ हो गया है .&#160;मेला में बिहार समेत 19 राज्यों के स्वयं सहायता समूह और स्वरोजगारी अपने-अपने क्षेत्र के ग्रामीण शिल्प, कलाकृतियाँ और व्यंजन को लेकर उपस्थित हैं . बिहार सरस मेला,&#160; ग्रामीण विकास विभाग के तत्वाधान में जीविका द्वारा 15 से 29 दिसंबर तक आयोजित है . पहले ही दिन 15 दिसंबर को 38 हजार से ज्यादा लोग आये और लगभग नौ लाख 18 हजार रुपये के उत्पादों की खरीद-बिक्री हुई .&#160; ग्रामीण शिल्प को बाज़ार उपलब्ध करने के उदेश्य से आयोजित सरस मेला में ग्रामीण शिल्प और&#160; व्यंजनों के 489 स्टॉलों पर आगंतुकों की भीड़ उमड़ पड़ी है. जिसमे 195 स्टॉल पर जीविका समूह की ग्रामीण उद्धमियों, 145 स्टॉल स्वरोजगारियों , 38&#160; स्टॉल विभिन्न विभाग, बैंक,&#160; संस्थान एवं अन्य राज्यों के आजीविका मिशन के 68 स्टॉल पर उत्पाद प्रदर्शनी, एवं बिक्री के साथ ही आगंतुकों को जागरूक करने के उद्देश्य से लगाये गए हैं. स्टॉल और ओपन एरिया में आगंतुक ग्रामीण शिल्प और कलाकृतियों से रूबरू हो रहे हैं. दुसरे दिन शुक्रवार को लगभग 40 हजार मेला के कद्रदान आये. आम से लेकर खासतक खरीददारी तो कर ही रहे हैं फूड जोन मे मशरूम का पकौड़ा , मक्के की रोटी, चने की साग, खाजा, राजस्थानी कचौड़ी, बारा मिठाई , मशरूम के पकौड़े समेत कई तरह के व्यंजनों के स्वाद ले रहे हैं. जीविका दीदियों [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p></p>



<p></p>



<p><strong>सरस मेला में ग्रामीण शिल्प और&nbsp; व्यंजनों के 489 स्टॉल</strong></p>



<p><strong>मक्के की रोटी, चने की साग से राजस्थानी व्यंजन</strong></p>



<p>&nbsp;“उद्धमिता से सशक्तिकरण” की थीम के साथ बिहार सरस मेला गांधी मैदान , पटना में प्रारंभ हो गया है .&nbsp;मेला में बिहार समेत 19 राज्यों के स्वयं सहायता समूह और स्वरोजगारी अपने-अपने क्षेत्र के ग्रामीण शिल्प, कलाकृतियाँ और व्यंजन को लेकर उपस्थित हैं . बिहार सरस मेला,&nbsp; ग्रामीण विकास विभाग के तत्वाधान में जीविका द्वारा 15 से 29 दिसंबर तक आयोजित है . </p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="366" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/12/1f42bcfa-9122-4f0d-89c0-1efe3c4f3097.jpg" alt="" class="wp-image-69699" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/12/1f42bcfa-9122-4f0d-89c0-1efe3c4f3097.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/12/1f42bcfa-9122-4f0d-89c0-1efe3c4f3097-350x197.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>पहले ही दिन 15 दिसंबर को 38 हजार से ज्यादा लोग आये और लगभग नौ लाख 18 हजार रुपये के उत्पादों की खरीद-बिक्री हुई .&nbsp; ग्रामीण शिल्प को बाज़ार उपलब्ध करने के उदेश्य से आयोजित सरस मेला में ग्रामीण शिल्प और&nbsp; व्यंजनों के 489 स्टॉलों पर आगंतुकों की भीड़ उमड़ पड़ी है. जिसमे 195 स्टॉल पर जीविका समूह की ग्रामीण उद्धमियों, 145 स्टॉल स्वरोजगारियों , 38&nbsp; स्टॉल विभिन्न विभाग, बैंक,&nbsp; संस्थान एवं अन्य राज्यों के आजीविका मिशन के 68 स्टॉल पर उत्पाद प्रदर्शनी, एवं बिक्री के साथ ही आगंतुकों को जागरूक करने के उद्देश्य से लगाये गए हैं.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="366" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/12/4fa867d9-c55a-4c63-b5c2-cb8fa811dec0.jpg" alt="" class="wp-image-69700" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/12/4fa867d9-c55a-4c63-b5c2-cb8fa811dec0.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/12/4fa867d9-c55a-4c63-b5c2-cb8fa811dec0-350x197.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>स्टॉल और ओपन एरिया में आगंतुक ग्रामीण शिल्प और कलाकृतियों से रूबरू हो रहे हैं. दुसरे दिन शुक्रवार को लगभग 40 हजार मेला के कद्रदान आये. आम से लेकर खासतक खरीददारी तो कर ही रहे हैं फूड जोन मे मशरूम का पकौड़ा , मक्के की रोटी, चने की साग, खाजा, राजस्थानी कचौड़ी, बारा मिठाई , मशरूम के पकौड़े समेत कई तरह के व्यंजनों के स्वाद ले रहे हैं. जीविका दीदियों द्वारा संचालित दीदी की रसोई के व्यंजन के प्रति भी आगंतुकों का आकर्षण देखते ही बन रहा है . </p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="366" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/12/62cea3de-540d-49d6-a52d-ee50a9b50ec8.jpg" alt="" class="wp-image-69701" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/12/62cea3de-540d-49d6-a52d-ee50a9b50ec8.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/12/62cea3de-540d-49d6-a52d-ee50a9b50ec8-350x197.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>कारपेट, टेरकोटा, ड्राई फ्लावर के साथ- साथ सजावट और शृंगार के सामानो की खरीद- बिक्री खूब हो&nbsp; रही है . घर – कार्यालय&nbsp; के लिए सजावट के सामान, फर्नीचर और खादी के परिधानों की खरीद- बिक्री भी शुरू हो गई है . देश भर की लोक कलाएं , गीत एवं नृत्य और विलुप्त हो रही कलाकृतियाँ एक बार फिर से सरस मेला परिसर में पुनर्जीवित हो गई हैं . दोपहर में सास्कृतिक मंच पर महिला विकास निगम के तत्वाधान में लोक कलाकारों ने बाल विवाह एवं दहेज़ प्रथा पर आधारित नाटकों और गीत की प्रस्तुति की .</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="366" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/12/ae0bea56-949e-4aa0-b090-588a12744c92.jpg" alt="" class="wp-image-69702" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/12/ae0bea56-949e-4aa0-b090-588a12744c92.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/12/ae0bea56-949e-4aa0-b090-588a12744c92-350x197.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>संध्या काल में मुस्कान सांस्कृतिक मंच, पटना के शक्ति कुमार एवं ममता सरगम ने गजल गायन की प्रस्तुति दी . “साथ छुटेगा कैसे आपका मेरा गजल” ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया .&nbsp; इसके बाद कला संस्कृति एवं युवा विभाग के तत्वाधान में लोक गीत एवं नृत्य की प्रस्तुति हुई . सेमिनार हॉल में रिजर्व बैंक ऑफ इण्डिया द्वारा ऑन लाइन बैंकिग विषय पर लोगो को जागरूक करने के उद्देश्य से सेमिनार&nbsp; का आयोजन किया गया .</p>



<p></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="366" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/12/ad7f111c-2a1d-4c7a-b4c1-bc008594c8ac.jpg" alt="" class="wp-image-69703" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/12/ad7f111c-2a1d-4c7a-b4c1-bc008594c8ac.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/12/ad7f111c-2a1d-4c7a-b4c1-bc008594c8ac-350x197.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p> सेमिनार में अनुराग उपाध्याय, प्रबंधक, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने दर्शकों को ऑन लाइन फ्रॉड को लेकर आर.बी.आई की भूमिका पर प्रकाश डाला और ऑन लाइन फ्रॉड से बचाव एवं फ्रॉड होने की स्थिति में अग्रतर कारवाई के बारे में बताया .&nbsp; सांस्कृतिक कार्यक्रम, समसामयिक विषयों पर परिचर्चा एवं नुक्कड़ नाटकों की प्रस्तुति मेला परिसर में प्रतिदिन होगी . इस बार मेला में परंपरा और हुनर के साथ ही बचपन के खिलौने की भी बिक्री हो रही है . बाइस्कोप , फन जोन और पालना घर आकर्षण के खास केंद्र हैं .&nbsp;</p>



<p></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="366" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/12/d6904824-c6b3-43cc-8b7e-5d7424f8588f.jpg" alt="" class="wp-image-69704" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/12/d6904824-c6b3-43cc-8b7e-5d7424f8588f.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/12/d6904824-c6b3-43cc-8b7e-5d7424f8588f-350x197.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p> मेला सुबह 10 बजे से शाम 8 बजे तक चलेगा . प्रवेश निःशुल्क है . बिहार सरस मेला इस बार “उद्धमिता से सशक्तीकरण” की थीम पर आधारित है .</p>



<p><strong>PNCDESK</strong></p>
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