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	<title>ramnavmi &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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	<title>ramnavmi &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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		<title>नवमी पर उमड़ी मंदिरों में भारी भीड़, 70 हजार लोगों ने किया दर्शन</title>
		<link>https://www.patnanow.com/heavy-crowd-in-aranyak-devi-temple-sp-get-a-book-by-committee/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 30 Mar 2023 12:29:11 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[मंदिर के बाहर लगी भारी कतार, पुलिसकर्मियों ने संभाला मोर्चा कतारबद्ध भक्तों ने आसानी से किये मां के दर्शन SP भी पहुँचे आरण्य देवी के द्वार, मंदिर कमिटी ने पुस्तक भेंट की आरा, 30 मार्च. रामनवमी के पावन अवसर पर आरा की अधिष्ठात्री देवी माँ आरण्य देवी मंदिर में रात्रि पहर से दोपहर तक भक्तों आना जारी रहा. इस दौरान लगभग 70 हजार लोगों ने आरा की अधिष्ठात्री माँ आरण्य देवी का दर्शन किया. हालांकि देर शाम तक मंदिर में भक्तों का आना जाना जारी रहता है लेकिन दोपहर शोभा यात्रा के दौरान भीड़ नही रहती है. आरण्य देवी मंदिर के अलावा अन्य मंदिरों में भी भीड़ देखा गया लेकिन बुढ़िया माई मंदिर, शीतला मां मंदिर और बाबू बाजार स्थित मां काली मंदिर में विशेष भीड़ देखी गई. नवमी के इस पावन अवसर पर भोजपुर SP प्रमोद कुमार यादव भी पौराणिक मंदिर में स्थित आरा की अधिष्ठात्री देवी का दर्शन करने आये, जहां मंदिर कमिटी की ओर से उनका जोरदार स्वागत भी किया गया. इस दौरान वरिष्ठ पत्रकार और राष्ट्रीय सहारा के भोजपुर ब्यूरोचीफ भीम सिंह भवेश ने उनकी लिखी पुस्तक भेंट स्वरूप दी. यह किताब उन्होंने संत जीयर स्वामी के ऊपर लिखी है. मंदिर आने वाले भक्तों की सेवा के लिए मंदिर कमिटी से लेकर जिला प्रशासन की टीम अपनी सेवा में रत्त दिखी. महाभारत कालीन इस मंदिर के महंत संजय बाबा ने बताया कि 6 बजे 10 बजे के बीच लगभग 35 हजार लोगों ने दर्शन और पूजन किया. वही रात्रि पहर से दोपहर तक एक अनुमान के [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>मंदिर के बाहर लगी भारी कतार, पुलिसकर्मियों ने संभाला मोर्चा</strong></p>



<p><strong>कतारबद्ध भक्तों ने आसानी से किये मां के दर्शन</strong></p>



<p><strong>SP भी पहुँचे आरण्य देवी के द्वार, मंदिर कमिटी ने पुस्तक भेंट की</strong></p>



<p>आरा, 30 मार्च. रामनवमी के पावन अवसर पर आरा की अधिष्ठात्री देवी माँ आरण्य देवी मंदिर में रात्रि पहर से दोपहर तक भक्तों आना जारी रहा. इस दौरान लगभग 70 हजार लोगों ने आरा की अधिष्ठात्री माँ आरण्य देवी का दर्शन किया. हालांकि देर शाम तक मंदिर में भक्तों का आना जाना जारी रहता है लेकिन दोपहर शोभा यात्रा के दौरान भीड़ नही रहती है. आरण्य देवी मंदिर के अलावा अन्य मंदिरों में भी भीड़ देखा गया लेकिन बुढ़िया माई मंदिर, शीतला मां मंदिर और बाबू बाजार स्थित मां काली मंदिर में विशेष भीड़ देखी गई.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="650" height="366" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_-Aranya-Devi-0001.jpg" alt="" class="wp-image-72905" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_-Aranya-Devi-0001.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_-Aranya-Devi-0001-350x197.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



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<p>नवमी के इस पावन अवसर पर भोजपुर SP प्रमोद कुमार यादव भी पौराणिक मंदिर में स्थित आरा की अधिष्ठात्री देवी का दर्शन करने आये, जहां मंदिर कमिटी की ओर से उनका जोरदार स्वागत भी किया गया. इस दौरान वरिष्ठ पत्रकार और राष्ट्रीय सहारा के भोजपुर ब्यूरोचीफ भीम सिंह भवेश ने  उनकी लिखी पुस्तक भेंट स्वरूप दी. यह किताब उन्होंने संत जीयर स्वामी के ऊपर लिखी है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="286" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/Screenshot_20230330_173354_Gallery.jpg" alt="" class="wp-image-72899" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/Screenshot_20230330_173354_Gallery.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/03/Screenshot_20230330_173354_Gallery-350x154.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>मंदिर आने वाले भक्तों की सेवा के लिए मंदिर कमिटी से लेकर जिला प्रशासन की टीम अपनी सेवा में रत्त दिखी. महाभारत कालीन इस मंदिर के महंत संजय बाबा ने बताया कि 6 बजे 10 बजे के बीच लगभग 35 हजार लोगों ने दर्शन और पूजन किया. वही रात्रि पहर से दोपहर तक एक अनुमान के अनुसार लगभग 70 हजार लोगों ने अरण्य देवी का दर्शन किया. </p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="356" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_-Sanjay-baba-Aranya-Devi.jpg" alt="" class="wp-image-72900" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_-Sanjay-baba-Aranya-Devi.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_-Sanjay-baba-Aranya-Devi-350x192.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>उन्होंने बताया कि मंदिर की दो मूर्तियां लक्ष्मी और सरस्वती की परस्पर रूप हैं और पांडवो द्वारा अज्ञात वास के दौरान इनकी स्थापना की गयी थी. उन्होंने बताया कि आरा नगर का नाम राज मयूरध्वज द्वारा भगवान कृष्ण द्वारा दान में उनके बेटे ले शरीर के आधे हिस्से को काटने की घटना की वजह से आरा नाम पड़ा. उन्होंने बताया कि आरंभिक काल मे यह नगर एकचक्रापूरी के नाम से जाना जाता था. नगर की पौराणिक और धर्मिक महत्व के कारण यह देश में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="379" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_-Aranya-Devi-3.jpg" alt="" class="wp-image-72903" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_-Aranya-Devi-3.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_-Aranya-Devi-3-350x204.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="283" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_-Aranya-Devi-1.jpg" alt="" class="wp-image-72902" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_-Aranya-Devi-1.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_-Aranya-Devi-1-350x152.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>इस दौरान मंदिर विकास समिति की ओर से एक महीने से लगातार एक काउंटर संचालित किया गया है जहाँ मंदिर निर्माण के लिए लोगों से अपील किया जा रहा है. मंदिर का भव्य स्वरूप का ब्लू प्रिंट बनकर तैयार है और निर्माण का कार्य प्रारम्भिक दौर में है. इस काउंटर पर सामाजिक कार्य मे सक्रिय रहने वाले लोगों और पत्रकारों को निरन्तर देखा गया.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="285" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_-Aranya-Devi-4.jpg" alt="" class="wp-image-72904" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_-Aranya-Devi-4.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_-Aranya-Devi-4-350x153.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>
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		<title>रामनवमी पर महावीर मदिर में होगा विशेष कार्यकर्म का आयोजन</title>
		<link>https://www.patnanow.com/special-program-will-be-organized-in-mahavir-temple-on-ram-navami/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[pnc]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 28 Mar 2023 03:44:56 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[PATNA]]></category>
		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[सुख समृद्धि]]></category>
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					<description><![CDATA[20 हजार किलो नैवेद्यम तैयार किया जा रहा ड्रोन के सहारे की जाएगी पुष्प वर्षामहावीर मन्दिर से वीर कुंवर सिंह पार्क तक 12 काउंटर लगाए जाएंगे &#8220;रामनवमी के दिन अयोध्या के बाद भक्तों की सर्वाधिक भीड़ पटना के महावीर मन्दिर में होती है. इस बार चार लाख से अधिक भक्तों के महावीर मन्दिर में आने की संभावना है. 20 हजार किलो नैवेद्यम तैयार किया जा रहा है. महावीर मन्दिर से वीर कुंवर सिंह पार्क तक 12 काउंटर लगाए जाएंगे&#8221;- आचार्य किशोर कुणाल, सचिव, महावीर मन्दिर न्यास समिति राजधानी पटना में रामनवमी के अवसर पर महावीर मंदिर की तरफ से विशेष इंतजाम किये जाते हैं. रामनवमी के मौके पर महावीर मन्दिर के तीनों शिखरों समेत पूरे मन्दिर परिसर में पुष्पवर्षा की जाएगी. श्रीराम के जन्म के अवसर पर ड्रोन से फूलों की बारिश कर देवलोक से देवी-देवताओं द्वारा पुष्पवर्षा करने का एहसास कराया जाएगा. 20 हजार किलो नैवेद्यम तैयार किया जा रहा है. भक्तों को नैवेद्यम सुलभता से उपलब्ध कराने के लिए महावीर मन्दिर से वीर कुंवर सिंह पार्क तक 12 काउंटर लगाए जाएंगे. महावीर मन्दिर न्यास के सचिव आचार्य किशोर कुणाल ने बताया कि रामनवमी के दिन 30 मार्च को सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक ड्रोनों से महावीर मन्दिर के शिखरों, ध्वजों एवं पूजा के लिए स्थापित बाल रूप राम पर पुष्पवर्षा करायी जाएगी. इस चार घंटे की अवधि में पुष्प-वर्षा से लेकर मन्दिर में पूजन-अर्चना, ध्वज परिवर्तन, जन्मोत्सव आरती, प्रसाद वितरण तक श्रीराम जन्मोत्सव की रिकार्डिंग होगी. जन्मोत्सव और पुष्पवर्षा का लाइव प्रसारण मन्दिर के फेसबुक [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><br></p>



<p></p>



<p><strong>20 हजार किलो नैवेद्यम तैयार किया जा रहा </strong></p>



<p><strong>ड्रोन के सहारे की जाएगी पुष्प वर्षा<br>महावीर मन्दिर से वीर कुंवर सिंह पार्क तक 12 काउंटर लगाए जाएंगे</strong></p>



<p class="has-luminous-vivid-orange-color has-text-color">&#8220;रामनवमी के दिन अयोध्या के बाद भक्तों की सर्वाधिक भीड़ पटना के महावीर मन्दिर में होती है. इस बार चार लाख से अधिक भक्तों के महावीर मन्दिर में आने की संभावना है. 20 हजार किलो नैवेद्यम तैयार किया जा रहा है. महावीर मन्दिर से वीर कुंवर सिंह पार्क तक 12 काउंटर लगाए जाएंगे&#8221;- आचार्य किशोर कुणाल, सचिव, महावीर मन्दिर न्यास समिति</p>



<figure class="wp-block-image size-full is-resized"><img loading="lazy" decoding="async" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/images-2.jpg" alt="" class="wp-image-72795" width="602" height="337"/></figure>



<p>राजधानी पटना में रामनवमी के अवसर पर महावीर मंदिर की तरफ से विशेष इंतजाम किये जाते हैं. रामनवमी के मौके पर महावीर मन्दिर के तीनों शिखरों समेत पूरे मन्दिर परिसर में पुष्पवर्षा की जाएगी. श्रीराम के जन्म के अवसर पर ड्रोन से फूलों की बारिश कर देवलोक से देवी-देवताओं द्वारा पुष्पवर्षा करने का एहसास कराया जाएगा. 20 हजार किलो नैवेद्यम तैयार किया जा रहा है. भक्तों को नैवेद्यम सुलभता से उपलब्ध कराने के लिए महावीर मन्दिर से वीर कुंवर सिंह पार्क तक 12 काउंटर लगाए जाएंगे.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="636" height="472" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/mahaveer-mandir.png" alt="" class="wp-image-72796" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/mahaveer-mandir.png 636w, https://www.patnanow.com/assets/2023/03/mahaveer-mandir-350x260.png 350w" sizes="(max-width: 636px) 100vw, 636px" /></figure>



<p>महावीर मन्दिर न्यास के सचिव आचार्य किशोर कुणाल ने बताया कि रामनवमी के दिन 30 मार्च को सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक ड्रोनों से महावीर मन्दिर के शिखरों, ध्वजों एवं पूजा के लिए स्थापित बाल रूप राम पर पुष्पवर्षा करायी जाएगी. इस चार घंटे की अवधि में पुष्प-वर्षा से लेकर मन्दिर में पूजन-अर्चना, ध्वज परिवर्तन, जन्मोत्सव आरती, प्रसाद वितरण तक श्रीराम जन्मोत्सव की रिकार्डिंग होगी. जन्मोत्सव और पुष्पवर्षा का लाइव प्रसारण मन्दिर के फेसबुक पेज पटना महावीर मंदिर पर होगा.<br>पिछले साल पहली बार रामनवमी के अवसर पर महावीर मन्दिर में एक ड्रोन से कुछ देर के लिए फूलों की बारिश करायी गयी थी. गुरुवार को रामनवमी के दिन महावीर मन्दिर में दोपहर 12 बजे लोकाभिराम श्रीराम का जन्मोत्सव होगा. परिसर स्थित मुख्य ध्वज स्थल पर सुबह 10 बजे पूजन प्रारंभ होगा. मध्याह्न भगवान की जन्म आरती के बाद भक्तों के बीच प्रसाद का वितरण किया जाएगा.</p>



<p><strong>PNCDESK</strong></p>
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		<title>पूर्ण निष्ठा के साथ साधना हो तो होती है सभी सिद्धियों की प्राप्ति</title>
		<link>https://www.patnanow.com/if-you-do-spiritual-practice-with-full-devotion-then-all-the-achievements-are-attained/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[pnc]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 09 Apr 2022 07:03:41 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[काम की ख़बर]]></category>
		<category><![CDATA[सुख समृद्धि]]></category>
		<category><![CDATA[navami]]></category>
		<category><![CDATA[ramnavmi]]></category>
		<category><![CDATA[sidhidatri devi durga]]></category>
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					<description><![CDATA[भगवान शिव ने इनकी कृपा से ही इन सिद्धियों को प्राप्त किया सिद्धिदात्री मां की उपासना पूर्ण कर लेने के बाद भक्तों और साधकों की लौकिक, पारलौकिक सभी प्रकार की कामनाओं की होती है पूर्ति मां दुर्गाजी की नौवीं शक्ति का नाम सिद्धिदात्री हैं. ये सभी प्रकार की सिद्धियों को देने वाली हैं. नवरात्र-पूजन के नौवें दिन इनकी उपासना की जाती है. इस दिन शास्त्रीय विधि-विधान और पूर्ण निष्ठा के साथ साधना करने वाले साधक को सभी सिद्धियों की प्राप्ति हो जाती है. सृष्टि में कुछ भी उसके लिए अगम्य नहीं रह जाता है। ब्रह्मांड पर पूर्ण विजय प्राप्त करने की सामर्थ्य उसमें आ जाती है. मार्कण्डेय पुराण के अनुसार अणिमा, महिमा, गरिमा, लघिमा, प्राप्ति, प्राकाम्य, ईशित्व और वशित्व- ये आठ सिद्धियाँ होती हैं. ब्रह्मवैवर्त पुराण के श्रीकृष्ण जन्म खंड में यह संख्या अठारह बताई गई है. इनके नाम इस प्रकार हैं.मां सिद्धिदात्री भक्तों और साधकों को ये सभी सिद्धियाँ प्रदान करने में समर्थ हैं. देवीपुराण के अनुसार भगवान शिव ने इनकी कृपा से ही इन सिद्धियों को प्राप्त किया था. इनकी अनुकम्पा से ही भगवान शिव का आधा शरीर देवी का हुआ था.भगवान शिव ने इनकी कृपा से ही इन सिद्धियों को प्राप्त किया इसी कारण वे लोक में &#8216;अर्द्धनारीश्वर&#8217; नाम से प्रसिद्ध हुए. मां सिद्धिदात्री चार भुजाओं वाली हैं. इनका वाहन सिंह है. ये कमल पुष्प पर भी आसीन होती हैं. इनकी दाहिनी तरफ के नीचे वाले हाथ में कमलपुष्प है. प्रत्येक मनुष्य का यह कर्तव्य है कि वह मां सिद्धिदात्री की कृपा प्राप्त करने का निरंतर प्रयत्न [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p></p>



<p></p>



<p><strong>भगवान शिव ने इनकी कृपा से ही इन सिद्धियों को प्राप्त किया</strong></p>



<p><strong>सिद्धिदात्री मां की उपासना पूर्ण कर लेने के बाद भक्तों और साधकों की लौकिक, पारलौकिक सभी प्रकार की कामनाओं की होती है पूर्ति</strong></p>



<p></p>



<p>मां दुर्गाजी की नौवीं शक्ति का नाम सिद्धिदात्री हैं. ये सभी प्रकार की सिद्धियों को देने वाली हैं. नवरात्र-पूजन के नौवें दिन इनकी उपासना की जाती है. इस दिन शास्त्रीय विधि-विधान और पूर्ण निष्ठा के साथ साधना करने वाले साधक को सभी सिद्धियों की प्राप्ति हो जाती है. सृष्टि में कुछ भी उसके लिए अगम्य नहीं रह जाता है। ब्रह्मांड पर पूर्ण विजय प्राप्त करने की सामर्थ्य उसमें आ जाती है.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="402" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/04/Siddhidatri-devi-image.jpg" alt="" class="wp-image-60652" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/04/Siddhidatri-devi-image.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/04/Siddhidatri-devi-image-350x216.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>मार्कण्डेय पुराण के अनुसार अणिमा, महिमा, गरिमा, लघिमा, प्राप्ति, प्राकाम्य, ईशित्व और वशित्व- ये आठ सिद्धियाँ होती हैं. ब्रह्मवैवर्त पुराण के श्रीकृष्ण जन्म खंड में यह संख्या अठारह बताई गई है. इनके नाम इस प्रकार हैं.मां सिद्धिदात्री भक्तों और साधकों को ये सभी सिद्धियाँ प्रदान करने में समर्थ हैं. देवीपुराण के अनुसार भगवान शिव ने इनकी कृपा से ही इन सिद्धियों को प्राप्त किया था. इनकी अनुकम्पा से ही भगवान शिव का आधा शरीर देवी का हुआ था.भगवान शिव ने इनकी कृपा से ही इन सिद्धियों को प्राप्त किया इसी कारण वे लोक में &#8216;अर्द्धनारीश्वर&#8217; नाम से प्रसिद्ध हुए.</p>



<p>मां सिद्धिदात्री चार भुजाओं वाली हैं. इनका वाहन सिंह है. ये कमल पुष्प पर भी आसीन होती हैं. इनकी दाहिनी तरफ के नीचे वाले हाथ में कमलपुष्प है. प्रत्येक मनुष्य का यह कर्तव्य है कि वह मां सिद्धिदात्री की कृपा प्राप्त करने का निरंतर प्रयत्न करे. उनकी आराधना की ओर अग्रसर हो. इनकी कृपा से अनंत दुख रूप संसार से निर्लिप्त रहकर सारे सुखों का भोग करता हुआ वह मोक्ष को प्राप्त कर सकता है.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="298" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/04/maasiddhidatri-pnc.jpg" alt="" class="wp-image-60653" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/04/maasiddhidatri-pnc.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/04/maasiddhidatri-pnc-350x160.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>नवदुर्गाओं में मां सिद्धिदात्री अंतिम देवी हैं. अन्य आठ दुर्गाओं की पूजा उपासना शास्त्रीय विधि-विधान के अनुसार करते हुए भक्त दुर्गा पूजा के नौवें दिन इनकी उपासना में प्रवत्त होते हैं.  सिद्धिदात्री मां की उपासना पूर्ण कर लेने के बाद भक्तों और साधकों की लौकिक, पारलौकिक सभी प्रकार की कामनाओं की पूर्ति हो जाती है. सिद्धिदात्री मां के कृपापात्र भक्त के भीतर कोई ऐसी कामना शेष बचती ही नहीं है, जिसे वह पूर्ण करना चाहे. वह सभी सांसारिक इच्छाओं, आवश्यकताओं और स्पृहाओं से ऊपर उठकर मानसिक रूप से मां भगवती के दिव्य लोकों में विचरण करता हुआ उनके कृपा-रस-पीयूष का निरंतर पान करता हुआ, विषय-भोग-शून्य हो जाता है. मां भगवती का परम सान्निध्य ही उसका सर्वस्व हो जाता है। इस परम पद को पाने के बाद उसे अन्य किसी भी वस्तु की आवश्यकता नहीं रह जाती. मां के चरणों का यह सान्निध्य प्राप्त करने के लिए भक्त को निरंतर नियमनिष्ठ रहकर उनकी उपासना करने का नियम कहा गया है. ऐसा माना गया है कि मां भगवती का स्मरण, ध्यान, पूजन, हमें इस संसार की असारता का बोध कराते हुए वास्तविक परम शांतिदायक अमृत पद की ओर ले जाने वाला है. विश्वास किया जाता है कि इनकी आराधना से भक्त को अणिमा, लधिमा, प्राप्ति, प्राकाम्य, महिमा, ईशित्व, सर्वकामावसायिता, दूर श्रवण, परकामा प्रवेश, वाकसिद्ध, अमरत्व भावना सिद्धि आदि समस्त सिद्धियों नव निधियों की प्राप्ति होती है.ऐसा कहा गया है कि यदि कोई इतना कठिन तप न कर सके तो अपनी शक्तिनुसार जप, तप, पूजा-अर्चना कर मां की कृपा का पात्र बन सकता ही है. मां की आराधना के लिए इस श्लोक का प्रयोग होता है. मां जगदम्बे की भक्ति पाने के लिए इसे कंठस्थ कर नवरात्रि में नवमी के दिन इसका जाप करने का नियम है.</p>



<p><strong>श्लोक</strong></p>



<p><strong>सिद्धगन्धर्वयक्षाद्यैरसुरैरमसुरैरपि ।  सेव्यमाना सदा भूयात् सिद्धिदा सिद्धिदायिनी ।।</strong></p>



<p><strong>PNCDESK</strong></p>
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