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	<title>ramanand tiwari &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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		<title>नयी पीढ़ी क्या जानते हैं आप रामानन्द तिवारी को..</title>
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		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 06 Apr 2024 05:42:49 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[आरा में मनाई गई पुण्यतिथि, युवाओं को उनके विचारों से जोड़ने की हुई बात आरा,06अप्रैल (ओ पी पांडेय). आरा के जे पी स्मारक पर प्रखर स्वतंत्रता सेनानी पंडित रामानंद तिवारी की 44वीं पुण्य तिथि मनाई गई. चुनाव आचार संहिता को ध्यान में रखते हुए सादे समारोह की अध्यक्षता 1974 आंदोलन के नेता और सामाजिक कार्यकर्ता सुशील कुमार ने किया. श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए सुशील कुमार ने पंडित जी के आदर्शों एवं संघर्षों की चर्चा करते हुए कहा कि पंडित रामानंद तिवारी के विचारो से आज के युवाओं को जोड़ना सबसे बड़ी जिम्मेवारी है. अंत में राजेंद्र मनियार ने धन्यवाद ज्ञापन दिया. रामानन्द तिवारी : एक परिचय रामानन्द तिवारी का जन्म भोजपुर जिला के शाहपुर प्रखंड के रामडीहरा गांव के एक गरीब ब्राह्मण परिवार में 1909 को हुआ था. घर की स्थिति ठीक नही होने के कारण उनकी शिक्षा-दीक्षा ढंग से नही हो पायी. बचपन बहुत ही मुश्किलों भरा था. इसलिए उन्होंने जीविकोपार्जन के लिए घर छोड़ दिया और रसोइया की नौकरी करने लगे. उसके बाद उन्होंने रेलवे स्टेशन पर पानी पिलाने से लेकर अखबार बेचने तक का काम किया. अंग्रेजों का दौर था. काम के लिए लगातार संघर्ष करने वाले रामानन्द तिवारी का चयन अंग्रेजों के सिपाही भर्ती में हो गया. ये अबतक के कामों में सबसे ज्यादा रुतवे वाला कार्य था. लेकिन जब बापू के द्वारा घोषित 1942 का आंदोलन शुरू हुआ तो भारतीयों पर अत्याचार के खिलाफ वे भी अंग्रेजों के खिलाफ बागी हो गए और भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में कूद पड़े. उनके इस बगावत [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>आरा में मनाई गई पुण्यतिथि, युवाओं को उनके विचारों से जोड़ने की हुई बात  </strong></p>



<p>आरा,06अप्रैल (<strong>ओ पी पांडेय</strong>). आरा के जे पी स्मारक पर  प्रखर स्वतंत्रता सेनानी पंडित रामानंद तिवारी की 44वीं पुण्य तिथि मनाई गई. चुनाव आचार संहिता को ध्यान में रखते हुए सादे समारोह की अध्यक्षता 1974 आंदोलन के नेता और सामाजिक कार्यकर्ता सुशील कुमार ने किया.  श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए सुशील कुमार ने पंडित जी के आदर्शों एवं संघर्षों की चर्चा करते हुए कहा कि पंडित रामानंद तिवारी के विचारो से आज के युवाओं को जोड़ना सबसे बड़ी जिम्मेवारी है. अंत में राजेंद्र मनियार ने धन्यवाद ज्ञापन दिया. </p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="650" height="294" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/04/1000526195.jpg" alt="" class="wp-image-83558" /></figure>



<p class="has-text-align-center"><strong>रामानन्द तिवारी : एक परिचय</strong> </p>



<p class="has-text-align-left has-white-background-color has-background">रामानन्द तिवारी का जन्म भोजपुर जिला के शाहपुर प्रखंड के रामडीहरा गांव के एक गरीब ब्राह्मण परिवार में 1909 को हुआ था.  घर की स्थिति ठीक नही होने के कारण उनकी शिक्षा-दीक्षा ढंग से नही हो पायी. बचपन बहुत ही मुश्किलों भरा था. इसलिए उन्होंने जीविकोपार्जन के लिए घर छोड़ दिया और रसोइया की नौकरी करने लगे. उसके बाद उन्होंने रेलवे स्टेशन पर पानी पिलाने से लेकर अखबार बेचने तक का काम किया. अंग्रेजों का दौर था. काम के लिए लगातार संघर्ष करने वाले रामानन्द तिवारी का चयन अंग्रेजों के सिपाही भर्ती में हो गया. ये अबतक के कामों में सबसे ज्यादा रुतवे वाला कार्य था. लेकिन जब बापू के द्वारा घोषित 1942 का आंदोलन शुरू हुआ तो भारतीयों पर अत्याचार के खिलाफ वे भी अंग्रेजों के खिलाफ बागी हो गए और भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में कूद पड़े. उनके इस बगावत के लिए अंग्रेजों ने उन्हें गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया. चार सालों तक जेल में सजा काट बाहर आये. जेल से बाहर आते ही वे पुलिस मेस असोसिएशन के अध्यक्ष बने. उनकी शादी सुलक्षणा देवी से 1936 में हुई जिनसे उन्हें तीन पुत्र कृष्णानन्द तिवारी, शिवानन्द तिवारी, उमानन्द तिवारी व एक पुत्री गीता तिवारी हुई. शिवानन्द तिवारी RJD के एक बड़े नेता के रूप में चर्चित हैं.  </p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="650" height="366" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/04/1000526191.jpg" alt="" class="wp-image-83559" /></figure>



<p><strong>गिनीज बुक में भी रिकॉर्ड है </strong></p>



<p>रामानंद तिवारी का नाम स्व. रमानन्द तिवारी के कार्यों ने न सिर्फ जनता के नेता के रूप में चुना बल्कि उनके कार्यों ने उन्हें इतिहास में अमर कर दिया. बिहार पुलिस और जेल मेस एसोसिएशन के निर्माण के लिए उनका नाम &#8220;गिनिज़ बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड&#8221; में अंकित किया गया. वे कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी, सोशलिस्ट पार्टी,  प्रजा सोशलिस्ट पार्टी और संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी से जुड़े रहे.</p>



<p><strong> वे लेखक और कवि भी थे </strong></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="405" height="650" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/04/1000526199.jpg" alt="" class="wp-image-83561" /></figure>



<p>वे न सिर्फ सामाजिक कार्यकर्ता बल्कि एक चिंतक, लेखक और कवि भी थे. उन्होंने पुलिस और जेल कर्मचारियों पर लगभग 20 पुस्तकें; मुख्य रचना, &#8216;हमारा कसूर, तथा, सिपाहियों की कहानी, तारों की जवानी&#8217; और कबीर पर काव्य-प्रबन्ध पिजर प्रेम प्रकासिया की रचना भी की. </p>



<p><strong>बिहार के दो बार रहे गृह मंत्री तो बक्सर से सांसद भी रहे </strong></p>



<p>भारत की स्वतंत्रता के बाद 1952 में उन्हें सोशलिस्ट पार्टी से उनके अपने विधानसभा क्षेत्र शाहपुर से टिकट मिला और वे जीत भी गए. अपनी छवि और लगातार क्षेत्र में कार्य के कारण लगातार वे 1971 तक अपने क्षेत्र के प्रतिनिधि रहे. लगातार जीत और क्षेत्र में लोकप्रिय नेता के रूप रहने के कारण उन्हें इस दौरान दो बार बिहार के गृहमंत्री के रूप में भी रहे. उनका कहना था कि मेहनत से कुछ भी पाया जा सकता है. असंभव कुछ भी नही है.  बागी तेवर के स्व. रामनंद तिवारी ने 1975 के आपात काल का भी विरोध किया तो सरकार ने गिरफ्तार कर अंबाला जेल भेज दिया. लेकिन जब आपातकाल छँटा और जेल से उनकी वापसी हुई तो 1977 में बक्सर की जनता ने उन्हें अपने  लोकसभा क्षेत्र से सांसद के रूप में चुना. इस मौके पर शहर के सामाजिक कार्यकर्ता और बुद्धिजीवियों ने अपने विचार व्यक्त करते हुए पंडित रामानंद तिवारी जी को अपनी श्रद्धांजलि एवं पुष्पांजलि अर्पित किया. </p>



<p>इस अवसर पर राजेंद्र मणियारा, प्रह्लाद सिंह, अरुण भोले, अजय निशि,उमाकांत ओझा, महेश सिंह यादव, जिला परिषद सदस्य भीम यादव, नाथू राम, अशोक मानव, शिक्षक धीरज जी, अरुण यादव, पवन राव, जे पी सिंह एवं अन्य लोग उपस्थित रहे.  </p>
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		<title>पंडित रामानन्द तिवारी जयंती पर भावभीनी श्रद्धांजलि</title>
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		<dc:creator><![CDATA[pnc]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 25 Mar 2022 06:40:26 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Politics]]></category>
		<category><![CDATA[BHOJPUR]]></category>
		<category><![CDATA[bihar police association]]></category>
		<category><![CDATA[rahul tiwari]]></category>
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					<description><![CDATA[राजकीय सम्मान के साथ हुआ कार्यक्रम मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और गणमान्य लोगों ने दी श्रद्धांजलि पुत्र शिवानन्द तिवारी और पौत्र राहुल तिवारी ने दी पुष्पांजलि स्व० पंडित रामानन्द तिवारी जी की जयंती के अवसर पर आयोजित राजकीय समारोह में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गाँधी मैदान पटना के उत्तर पश्चिम कोने पर स्थित उनकी आदमकद प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद, भवन निर्माण मंत्री अशोक चौधरी, स्व. पंडित रामानन्द तिवारी के पुत्र पूर्व सांसद शिवानंद तिवारी एवं उनके पौत्र विधायक राहुल तिवारी के साथ-साथ बिहार राज्य नागरिक परिषद के पूर्व महासचिव अरविंद कुमार सहित अनेक गणमान्य लोगों ने भी उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर अपनी श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग के कलाकारों द्वारा आरती पूजन, भजन, कीर्तन एवं देशभक्ति गीत के कार्यक्रम प्रस्तुत किये गये। कौन थे रामानंद तिवारी उर्फ़ पानी पांडे स्व&#x25aa; रामानन्द तिवारी का समूचा जीवन जन-साधारण के लिए प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है। स्वतंत्रता -संग्राम सेनानी,राजनीतिक-सामाजिक-कार्यकर्त्ता,राजनेता और सांसद के रूप में उनके जीवन का हर चरण गरीब,उत्पीड़ित, कमजोर वर्गो पर समाज में हो रहे अत्यचारों के खिलाफ लम्बी संघर्ष की कहानी है।रामानन्द तिवारी का जन्म ग्राम-रामडिहरा,जिला भोजपुर (बिहार) में सन् 1909 में हुआ। हालाँकि उन्हें उच्च शिक्षा के औपचारिक शिक्षा प्राप्त नहीं हुई,लेकिन वह राजनीतिक और सामाजिक कार्यकर्त्ता के रूप में पूरी सूझ-बुझ के साथ समाज में छाई विषमताओं के विरूद्ध संघर्षरत रहे। सर्वप्रथम उन्होंने कांग्रेस समाजवादी दल के सिपाही के रूप में कार्य शुरू किया। धीरे-धीरे वह अपनी जन-सेवा के कारण [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>राजकीय सम्मान के साथ हुआ कार्यक्रम </strong></p>



<p><strong>मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और गणमान्य लोगों ने दी श्रद्धांजलि</strong></p>



<p><strong>पुत्र शिवानन्द तिवारी और पौत्र राहुल तिवारी ने दी पुष्पांजलि</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="400" height="600" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/03/74257a24-6e6a-41db-a2ac-028e06ce42e0.jpg" alt="" class="wp-image-60008" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/03/74257a24-6e6a-41db-a2ac-028e06ce42e0.jpg 400w, https://www.patnanow.com/assets/2022/03/74257a24-6e6a-41db-a2ac-028e06ce42e0-233x350.jpg 233w" sizes="(max-width: 400px) 100vw, 400px" /></figure>



<p>स्व० पंडित रामानन्द तिवारी जी की जयंती के अवसर पर आयोजित राजकीय समारोह में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गाँधी मैदान पटना के उत्तर पश्चिम कोने पर स्थित उनकी आदमकद प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद, भवन निर्माण मंत्री अशोक चौधरी, स्व. पंडित रामानन्द तिवारी के पुत्र पूर्व सांसद शिवानंद तिवारी एवं उनके पौत्र विधायक राहुल तिवारी के साथ-साथ बिहार राज्य नागरिक परिषद के पूर्व महासचिव अरविंद कुमार सहित अनेक गणमान्य लोगों ने भी उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर अपनी श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग के कलाकारों द्वारा आरती पूजन, भजन, कीर्तन एवं देशभक्ति गीत के कार्यक्रम प्रस्तुत किये गये।</p>



<p>कौन थे रामानंद तिवारी उर्फ़ पानी पांडे </p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="270" height="600" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/03/277347314_3204955489750217_2548719192082577854_n.jpg" alt="" class="wp-image-60009" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/03/277347314_3204955489750217_2548719192082577854_n.jpg 270w, https://www.patnanow.com/assets/2022/03/277347314_3204955489750217_2548719192082577854_n-158x350.jpg 158w" sizes="(max-width: 270px) 100vw, 270px" /></figure>



<p>स्व&#x25aa; रामानन्द तिवारी का समूचा जीवन जन-साधारण के लिए प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है। स्वतंत्रता -संग्राम सेनानी,राजनीतिक-सामाजिक-कार्यकर्त्ता,राजनेता और सांसद के रूप में उनके जीवन का हर चरण गरीब,उत्पीड़ित, कमजोर वर्गो पर समाज में हो रहे अत्यचारों के खिलाफ लम्बी संघर्ष की कहानी है।रामानन्द तिवारी का जन्म ग्राम-रामडिहरा,जिला भोजपुर (बिहार) में सन् 1909 में हुआ। हालाँकि उन्हें उच्च शिक्षा के औपचारिक शिक्षा प्राप्त नहीं हुई,लेकिन वह राजनीतिक और सामाजिक कार्यकर्त्ता के रूप में पूरी सूझ-बुझ के साथ समाज में छाई विषमताओं के विरूद्ध संघर्षरत रहे। सर्वप्रथम उन्होंने कांग्रेस समाजवादी दल के सिपाही के रूप में कार्य शुरू किया। धीरे-धीरे वह अपनी जन-सेवा के कारण बहुत लोकप्रिय हो गए और उन्हें सन् 1967 में संयुक्त समाजवादी दल का अध्यक्ष चुना गया।</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="293" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/03/277246786_3204955039750262_5199024494435966550_n.jpg" alt="" class="wp-image-60010" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/03/277246786_3204955039750262_5199024494435966550_n.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/03/277246786_3204955039750262_5199024494435966550_n-350x158.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>उनके जीवन का अधिकांश भाग श्रमिकों की लड़ाई लड़ने और समाजवादी आदर्शो को आगे बढ़ाने में बीता। 15 वर्षो तक वह बिहार पुलिस और कर्मचारी एसोसिएशन और आँल इंडिया टेलीग्राफ यूनियन के चैयरमैन बने रहे और बंगाल कोल काँग्रेस मजदूर यूनियन और राष्ट्रीय नवनिर्माण मजदूर सभा के अध्यक्ष पद को उन्होंने विभूषित किया।बिहार-विधान सभा के 1952 से 1972 &nbsp;तक सदस्य रहे और बिहार राज्य मंन्त्रिमंण्डल में सन् 1967 &nbsp;में गृह मंत्री बने। 1977 &nbsp;में जनता पार्टी के गठन हो जाने के बाद लोक-सभा के सदस्य चुने गए।</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="293" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/03/277356332_3204955503083549_7435426769186232211_n.jpg" alt="" class="wp-image-60011" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/03/277356332_3204955503083549_7435426769186232211_n.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/03/277356332_3204955503083549_7435426769186232211_n-350x158.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>बिहार राज्य के गृहमंत्री होने के नाते उन्होंने पुलिस कर्मचारियों की स्थिति में सुधार लाने के लिए अनेक नियम बनाने के प्रयत्न किए। इतना ही नहीं कॉलेज या स्कूल की शिक्षा प्राप्त किए बिना भी उन्होंने कई पुस्तकें लिखी जिसमें&#8221; हमारा कसूर &#8221; तथा &#8221; सिपाहियों की कहानी : आँकड़ो की जबानी &#8221; इत्यादी शामिल है।</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="293" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/03/277361746_3204955443083555_2558417838049819637_n.jpg" alt="" class="wp-image-60012" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/03/277361746_3204955443083555_2558417838049819637_n.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/03/277361746_3204955443083555_2558417838049819637_n-350x158.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="293" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/03/276222332_3204955323083567_8114736160533748173_n.jpg" alt="" class="wp-image-60013" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/03/276222332_3204955323083567_8114736160533748173_n.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/03/276222332_3204955323083567_8114736160533748173_n-350x158.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>स्व&#x25aa; रामानन्द तिवारी ने साधारण परिवार में जन्म लेकर जिस निर्भयता और साहस के साथ गरीबों और पद-दलितों के कल्याण के लिए समाज में जो कार्य किया ; वह इस बात का सबूत है कि धन और साधन सम्पन्न-व्यक्ति ही महान समाज सेवी बनने या राजनेता बनने में समर्थ नहीं ; बल्कि साधारण व्यक्ति भी लगन निष्ठा के साथ समाजवादी समाज स्थापित करने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है। स्व&#x25aa; रामानन्द तिवारी को सही श्रद्धांजलि यही होगी कि आज की पीढ़ी समतावादी समाज स्थापित करने के लक्ष्य को प्राप्त करने,जाति और धर्म-मूलक भेद-भाव को खत्म करने की दिशा में अग्रसर हो।</p>



<p>&#8211;<strong>अरुण भोले,संयोजक,स्व. रामानन्द तिवारी स्मृति संस्थान.</strong></p>



<p><strong>PNCDESK</strong></p>
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