<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>RAHUL KUMAR &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
	<atom:link href="https://www.patnanow.com/tag/rahul-kumar/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://www.patnanow.com</link>
	<description>Patna News Portal - हर ख़बर पर नज़र</description>
	<lastBuildDate>Tue, 26 Sep 2023 02:13:24 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.6.1</generator>

<image>
	<url>https://www.patnanow.com/assets/2022/08/cropped-PatnaNow_Logo_2022-32x32.png</url>
	<title>RAHUL KUMAR &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
	<link>https://www.patnanow.com</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>सरस मेला में 1 करोड़ 48 लाख रुपये के उत्पादों एवं व्यंजनों की खरीद- बिक्री</title>
		<link>https://www.patnanow.com/buying-and-selling-of-products-and-dishes-worth-rs-1-crore-48-lakh-in-saras-mela/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[pnc]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 26 Sep 2023 02:13:21 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[PATNA]]></category>
		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[एंटरटेनमेंट]]></category>
		<category><![CDATA[काम की ख़बर]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[Jivika]]></category>
		<category><![CDATA[jivika raushan kumar]]></category>
		<category><![CDATA[RAHUL KUMAR]]></category>
		<category><![CDATA[saras mela]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.patnanow.com/?p=78593</guid>

					<description><![CDATA[5 दिनों में लगभग 22 राज्यों से सरस मेले में आये दुकानदार भी खुश बिहार सरस मेला बिहार ग्रामीण जीविकोपार्जन प्रोत्साहन समिति ( जीविका ) द्वारा 20 सितम्बर से 27 सितम्बर 23 तक आयोजित है.मेला समापन में महज दो दिन शेष है लिहाजा लोग अपने मनपसंद शिल्प, उत्पाद, परिधान एवं व्यंजनों की जमकर खरीददारी कर रहे हैं.पुरे परिवार के साथ लोग मेला का परिभ्रमण करते हुए खरीददारी कर रहे हैं.स्टॉल धारक भी बिहार सरस मेला में आकर खुश हैं. उनके स्टॉल से बिक्री में निरंतर वृद्धि हो रही है.रविवार को पुन: ओड़िसा के कटक जिला अंतर्गत बक्सी बाज़ार से आई हाजी अली स्वयं सहायता समूह की सदस्य आलिया बेगम ने अपने स्टॉल से एक लाख रुपये  से ज्यादा के परिधानों की बिक्री की.उनके स्टॉल से कॉटन, सिल्क एवं चंदेरी से बनी हुई सूट, साडी, दुपट्टा, कुर्ती मैटेरियल , चादर, तकिया कवर, सोफे कवर , आदि की बिक्री हो रही है. राहुल कुमार, मुख्य  कार्यपालक  पदाधिकारी, जीविका ने भी सरस मेला परिसर में परिभ्रमण किया.इस दौरान राहुल कुमार ने इस दौरान स्टॉल धारकों से भी मुखातिब हुए और उनसे एक घरेलु महिला से व्यवसाई बने तक के सफ़र और खरीद-बिक्री के बारे में जानकारी ली.5 दिनों में लगभग 1 करोड़ 48 लाख रुपये के उत्पादों एवं व्यंजनों की खरीद – बिक्री हुई है. अब तक एक लाख से ज्यादा लोग आये और खरीददारी की. सरस मेला में कैशलेश खरीददारी की व्यवस्था है.इसके लिए जीविका दीदियों द्वारा दो ग्राहक सेवा केंद्र संचालित हैं.बिहार सरस मेला में जीविका चूड़ी निर्माण केंद्र का स्टॉल [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p></p>



<p></p>



<p><strong>5 दिनों में लगभग 22 राज्यों से सरस मेले में आये दुकानदार भी खुश</strong></p>



<p>बिहार सरस मेला बिहार ग्रामीण जीविकोपार्जन प्रोत्साहन समिति ( जीविका ) द्वारा 20 सितम्बर से 27 सितम्बर 23 तक आयोजित है.मेला समापन में महज दो दिन शेष है लिहाजा लोग अपने मनपसंद शिल्प, उत्पाद, परिधान एवं व्यंजनों की जमकर खरीददारी कर रहे हैं.पुरे परिवार के साथ लोग मेला का परिभ्रमण करते हुए खरीददारी कर रहे हैं.स्टॉल धारक भी बिहार सरस मेला में आकर खुश हैं. उनके स्टॉल से बिक्री में निरंतर वृद्धि हो रही है.रविवार को पुन: ओड़िसा के कटक जिला अंतर्गत बक्सी बाज़ार से आई हाजी अली स्वयं सहायता समूह की सदस्य आलिया बेगम ने अपने स्टॉल से एक लाख रुपये  से ज्यादा के परिधानों की बिक्री की.उनके स्टॉल से कॉटन, सिल्क एवं चंदेरी से बनी हुई सूट, साडी, दुपट्टा, कुर्ती मैटेरियल , चादर, तकिया कवर, सोफे कवर , आदि की बिक्री हो रही है.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="650" height="366" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/09/bb734b82-4bc0-4838-999e-541fd73eb6c5-650x366.jpg" alt="" class="wp-image-78596" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/09/bb734b82-4bc0-4838-999e-541fd73eb6c5-650x366.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/bb734b82-4bc0-4838-999e-541fd73eb6c5-350x197.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/bb734b82-4bc0-4838-999e-541fd73eb6c5-768x432.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/bb734b82-4bc0-4838-999e-541fd73eb6c5.jpg 1280w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p><strong>राहुल कुमार, मुख्य  कार्यपालक  पदाधिकारी, जीविका ने भी सरस मेला परिसर में परिभ्रमण किया.इस दौरान राहुल कुमार ने इस दौरान स्टॉल धारकों से भी मुखातिब हुए और उनसे एक घरेलु महिला से व्यवसाई बने तक के सफ़र और खरीद-बिक्री के बारे में जानकारी ली.</strong>5 दिनों में लगभग 1 करोड़ 48 लाख रुपये के उत्पादों एवं व्यंजनों की खरीद – बिक्री हुई है. अब तक एक लाख से ज्यादा लोग आये और खरीददारी की. सरस मेला में कैशलेश खरीददारी की व्यवस्था है.इसके लिए जीविका दीदियों द्वारा दो ग्राहक सेवा केंद्र संचालित हैं.बिहार सरस मेला में जीविका चूड़ी निर्माण केंद्र का स्टॉल खास हैं.इस स्टॉल पर जप्त की गई शराब की बोतलों से निर्मित चूड़ियों की बिक्री हो रही है.जीविका चूड़ी निर्माण केंद्र मध् निषेध , उत्पाद एवं निबंधन विभाग तथा ग्रामीण विकास विभाग के संयुक्त तत्वाधान में संचालित है.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img decoding="async" width="650" height="366" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/09/60e98e71-294b-48b7-9d8e-d197dcd63e6f-650x366.jpg" alt="" class="wp-image-78597" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/09/60e98e71-294b-48b7-9d8e-d197dcd63e6f-650x366.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/60e98e71-294b-48b7-9d8e-d197dcd63e6f-350x197.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/60e98e71-294b-48b7-9d8e-d197dcd63e6f-768x432.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/60e98e71-294b-48b7-9d8e-d197dcd63e6f.jpg 1280w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>खादी, सिल्क, मटका, कॉटन, कोशा आदि से बनी साड़ियाँ, सलवार, सूट , नाइटी, फुलकारी, चिकेन कारी जैसे परिधानों की खरीददारी बड़े पैमाने पर हो   रही है. वहीँ घर सजाने के लिए हस्तशिल्प, कालीन, रग्स, आराम कुर्सी, लैम्प, झूमर, तोरण , कृत्रिम फूल और गमले की भी खरीद -बिक्री हो रही है.बच्चों के खिलौने लट्टू, घिरनी, डमरू, किट-किट, योयो ,डुगडुगी चकरी और नेम प्लेट बड़ी संख्या में बिक रहे हैं.कश्मीर से आये गर्म कपड़े, शाल, शूट और स्टॉल भी आकर्षण के केंद्र हैं.व्यंजनों के स्टॉल पर आगंतुक देशी व्यंजनों का स्वाद तो चख ही रहे हैं घर के लिए भी विभिन्न प्रकार के अचार, पापड़, दनवरी, अदवरी, सत्तू, मखाना, कतरनी चावल, चुड़ा और गुड़ का रवा जैसे देशी व्यंजन ले जा रहे हैं.प्राकृतिक सूखे फूल, बोनसाई, सेकुलुन ऑक्सीजन, जैविक रस हल्दी और पर्यावरण को शुद्ध रखने वाले पौधे भी आगंतुकों को लुभा रहे हैं.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img decoding="async" width="650" height="366" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/09/6bd80e68-8f8b-49e8-8092-1335f973e21e-650x366.jpg" alt="" class="wp-image-78598" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/09/6bd80e68-8f8b-49e8-8092-1335f973e21e-650x366.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/6bd80e68-8f8b-49e8-8092-1335f973e21e-350x197.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/6bd80e68-8f8b-49e8-8092-1335f973e21e-768x432.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/6bd80e68-8f8b-49e8-8092-1335f973e21e.jpg 1280w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>  बिहार सरकार की महत्वपूर्ण एवं जीविका द्वारा संचालित सतत जीविकोपार्जन योजना के स्टॉल पर जीविका दीदियाँ महिला सशक्तिकरण , स्वावलंबन एवं उद्यमशीलता की नजीर पेश कर रही हैं.स्वास्थ्य एवं पोषण के स्टॉल पर किफायती , जैविक और स्वच्छ सैनेटरी पैड की पहुँच महिलाओं एवं किशोरियों तक बढ़ाने के उद्देश्य से प्रदर्शित है.इसकी बिक्री भी हो रही है.छह माह तक के बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास के लिए शुद्ध एवं पौष्टिक आहार के तहत जीविका दीदियों द्वारा निर्मित बालाहार के प्रति आगंतुकों को जागरूक किया जा रहा है.बालाहार की बिक्री एवं प्रदर्शनी जारी है.</p>



<p><strong>pncdesk</strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>सरस मेला में मिल रहा है लोक कला एवं देशी व्यंजनों का  स्वाद</title>
		<link>https://www.patnanow.com/taste-of-folk-art-and-local-cuisine-is-available-in-saras-mela/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[pnc]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 25 Sep 2023 03:09:15 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[PATNA]]></category>
		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[एंटरटेनमेंट]]></category>
		<category><![CDATA[काम की ख़बर]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[mahua roy chawdhry]]></category>
		<category><![CDATA[RAHUL KUMAR]]></category>
		<category><![CDATA[RAUSHAN KUMAR]]></category>
		<category><![CDATA[saras mela 2023]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.patnanow.com/?p=78562</guid>

					<description><![CDATA[बिहार सरस मेला अपने धरोहरों को बचाने एवं उन्हें पुनर्जीवित करने में बड़ा प्लेटफार्म 22 राज्यों की स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलायें राजधानी पटना में सूट, साड़ी , दुपट्टा, कुर्ती मैटेरियल , चादर, तकिया कवर, सोफे कवर की विशेष मांग रविवार का दिन बिहार सरस मेला के लिए खास रहा.अपनी संस्कृति, शिल्प, लोक कला , परंपरा एवं देशी स्वाद से रूबरू होने के लिए लोग पधारें.मेला के पांचवे दिन रविवार को तीस हजार से ज्यादा लोग आये.ग्रामीण शिल्प ,संस्कृति एवं लोक कला और देशी व्यंजनों के प्रति लोगों को आकर्षण इस बात का प्रमाण है कि लोग अपने पूरानी संस्कृति एवं परंपरा की ओर लौट रहे हैं.लिहाजा बिहार सरस मेला अपने धरोहरों को बचाने  एवं उन्हें पुनर्जीवित करने में बड़ा प्लेटफार्म और माध्यम बना है. बिहार सरस मेला बिहार ग्रामीण जीविकोपार्जन समिति (जीविका ) द्वारा 20 सितम्बर से 27 सितम्बर 2023 तक आयोजित है. बिहार सरस मेला में बिहार समेत 22 राज्यों की स्वयं सहायता समूह से जुडी महिलायें अपने हुनर को लेकर 131 स्टॉल्स पर उपस्थित हैं. बिहार के सभी अड़तीस जिलों से स्वयं सहायता समूह से जुडी ग्रामीण महिलाएं अपने-अपने क्षेत्र की संस्कृति, लोक कला, कलाकृतियाँ एवं  देशी व्यंजनों को लेकर उपस्थित हैं.सिक्किम,झारखण्ड,उत्तरप्रदेश, आँध्रप्रदेश,हरियाणा,छत्तीसगढ़,मेघालय,उत्तराखंड,पंजाब,असम,कर्नाटक, केरल ,पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र,गुजरात, उड़िसा, मध्य प्रदेश, तेलंगाना,राजस्थान,जम्मू-कश्मीर एवं तमिलनाडु से के स्टॉल सुसज्जित हैं.जहाँ स्टॉल धारक के साथ ही आगंतुक भी एक दुसरे के शिल्प और स्वाद से परिचित हो रहे हैं.चार दिनों में लगभग 92 लाख रुपये के उत्पादों एवं व्यंजनों की खरीद – बिक्री हुई है.बिहार सरस मेला के चौथे दिन  [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p></p>



<p></p>



<p><strong>बिहार सरस मेला अपने धरोहरों को बचाने एवं उन्हें पुनर्जीवित करने में बड़ा प्लेटफार्म</strong></p>



<p><strong>22 राज्यों की स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलायें राजधानी पटना में</strong></p>



<p><strong>सूट, साड़ी , दुपट्टा, कुर्ती मैटेरियल , चादर, तकिया कवर, सोफे कवर की विशेष मांग </strong></p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="366" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/09/0ef7385d-28bd-417b-b91a-394d19058200-650x366.jpg" alt="" class="wp-image-78564" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/09/0ef7385d-28bd-417b-b91a-394d19058200-650x366.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/0ef7385d-28bd-417b-b91a-394d19058200-350x197.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/0ef7385d-28bd-417b-b91a-394d19058200-768x432.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/0ef7385d-28bd-417b-b91a-394d19058200.jpg 1280w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>रविवार का दिन बिहार सरस मेला के लिए खास रहा.अपनी संस्कृति, शिल्प, लोक कला , परंपरा एवं देशी स्वाद से रूबरू होने के लिए लोग पधारें.मेला के पांचवे दिन रविवार को तीस हजार से ज्यादा लोग आये.ग्रामीण शिल्प ,संस्कृति एवं लोक कला और देशी व्यंजनों के प्रति लोगों को आकर्षण इस बात का प्रमाण है कि लोग अपने पूरानी संस्कृति एवं परंपरा की ओर लौट रहे हैं.लिहाजा बिहार सरस मेला अपने धरोहरों को बचाने  एवं उन्हें पुनर्जीवित करने में बड़ा प्लेटफार्म और माध्यम बना है. बिहार सरस मेला बिहार ग्रामीण जीविकोपार्जन समिति (जीविका ) द्वारा 20 सितम्बर से 27 सितम्बर 2023 तक आयोजित है. बिहार सरस मेला में बिहार समेत 22 राज्यों की स्वयं सहायता समूह से जुडी महिलायें अपने हुनर को लेकर 131 स्टॉल्स पर उपस्थित हैं.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="366" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/09/4f8082b3-0382-4ec9-a3e4-1adce475014a-650x366.jpg" alt="" class="wp-image-78565" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/09/4f8082b3-0382-4ec9-a3e4-1adce475014a-650x366.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/4f8082b3-0382-4ec9-a3e4-1adce475014a-350x197.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/4f8082b3-0382-4ec9-a3e4-1adce475014a-768x432.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/4f8082b3-0382-4ec9-a3e4-1adce475014a.jpg 1280w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p></p>



<p>बिहार के सभी अड़तीस जिलों  से स्वयं सहायता समूह से जुडी ग्रामीण महिलाएं अपने-अपने क्षेत्र की संस्कृति, लोक कला, कलाकृतियाँ एवं  देशी व्यंजनों को लेकर उपस्थित हैं.सिक्किम,झारखण्ड,उत्तरप्रदेश, आँध्रप्रदेश,हरियाणा,छत्तीसगढ़,मेघालय,उत्तराखंड,पंजाब,असम,कर्नाटक, केरल ,पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र,गुजरात, उड़िसा, मध्य प्रदेश, तेलंगाना,राजस्थान,जम्मू-कश्मीर एवं तमिलनाडु से के स्टॉल सुसज्जित हैं.जहाँ स्टॉल धारक के साथ ही आगंतुक भी एक दुसरे के शिल्प और स्वाद से परिचित हो रहे हैं.चार दिनों में लगभग 92 लाख रुपये के उत्पादों एवं व्यंजनों की खरीद – बिक्री हुई है.बिहार सरस मेला के चौथे दिन  23  सितम्बर को साढ़े 35 लाख रुपये के उत्पादों एवं व्यंजनों की खरीद-बिक्री हुई है.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="366" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/09/94072fba-62d2-4ca4-8252-858fc2426911-650x366.jpg" alt="" class="wp-image-78568" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/09/94072fba-62d2-4ca4-8252-858fc2426911-650x366.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/94072fba-62d2-4ca4-8252-858fc2426911-350x197.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/94072fba-62d2-4ca4-8252-858fc2426911-768x432.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/94072fba-62d2-4ca4-8252-858fc2426911.jpg 1280w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="366" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/09/9be3f8bf-7f1e-47f0-80cd-9b116417a20b-650x366.jpg" alt="" class="wp-image-78566" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/09/9be3f8bf-7f1e-47f0-80cd-9b116417a20b-650x366.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/9be3f8bf-7f1e-47f0-80cd-9b116417a20b-350x197.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/9be3f8bf-7f1e-47f0-80cd-9b116417a20b-768x432.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/9be3f8bf-7f1e-47f0-80cd-9b116417a20b.jpg 1280w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>आयोजन के चौथे दिन लगभग 17 हजार 700 लोग आये. सरस मेला में सुसज्जित सभी स्टॉल पर उपलब्ध शिल्प, कलाकृतियाँ , लोक कला एवं देशी व्यंजनों की बड़े पैमाने पर खरीद-बिक्री हो रही है.कई स्टॉल ऐसे हैं जहाँ प्रतिदिन 40 से 50 हजार रुपये से ज्यादा के उत्पादों एवं व्यंजनों की खरीद-बिक्री हो रही है.शनिवार को ओड़िसा के कटक जिला अंतर्गत बक्सी बाज़ार से आई हाजी अली स्वयं सहायता समूह की सदस्य आलिया बेगम ने अपने स्टॉल से एक लाख रुपये  से ज्यादा के परिधानों की बिक्री की.उनके स्टॉल से कॉटन, सिल्क एवं चंदेरी से बनी हुई सूट, साडी, दुपट्टा, कुर्ती मैटेरियल , चादर, तकिया कवर, सोफे कवर , आदि की बिक्री हो रही है.सरस मेला में कैशलेश खरीददारी की व्यवस्था है.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="366" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/09/3d34b016-6fec-4e34-b335-7682c3bb112e-650x366.jpg" alt="" class="wp-image-78567" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/09/3d34b016-6fec-4e34-b335-7682c3bb112e-650x366.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/3d34b016-6fec-4e34-b335-7682c3bb112e-350x197.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/3d34b016-6fec-4e34-b335-7682c3bb112e-768x432.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/3d34b016-6fec-4e34-b335-7682c3bb112e.jpg 1280w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>परियोजना महुआ राय चौधरी ने बताया कि विभिन्न स्टॉल्स पर उपस्थित ग्रामीण परिवेश से बाहर निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने वाली जीविका दीदियाँ बिहार में महिला सशक्तिकरण एवं स्वावलंबन की झलक प्रदर्शित कर रही हैं.उन्ही महिलाओं में से एक हैं सावित्री देवी.सावत्री देवी मधुबनी के झंझारपुर प्रखंड से आई हैं.सावित्री भगवती जीविका महिला स्वयं सहायता समूह की सदस्य हैं.सावित्री सिक्की से बने हुए चूड़ी, झुमका, स्टिक, रोटी डब्बा, पेन स्टैंड, टिशु बाक्स , मछली, कछुआ , कॉस्टल जैसे उत्पादों को प्रदर्शनी सह बिक्री कर रही हैं.सावित्री वर्ष 2014 से ही सरस मेला में खुद के द्वारा सिक्की से बनाये गए उत्पादों को लेकर आती हैं.इसके साथ ही राष्ट्रीय स्तर पर देश के अन्य राज्यों में लगने शिल्प मेला में भी जाती हैं.सावित्री बताई हैं कि जीविका से जुड़ने के बाद उनके हुनर को बड़ा बाज़ार और पहचान मिली है.पहले उनका हुनर घर तक ही सिमित था लेकिन जीविका से जुड़ने के बाद सिक्की से बने शिल्प एवं कलाकृतियों को अंतरष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है.</p>



<p><strong>रवीन्द्र भारती,पटना </strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
