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	<title>Pyramids and giant Amazon jungle &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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		<title>अमेजन के जंगल में मिले पिरामिड और मध्य युग की विशाल बस्तियां</title>
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		<dc:creator><![CDATA[pnc]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 26 May 2022 06:12:30 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
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					<description><![CDATA[1500 साल पुराने 22 मीटर ऊंचे पिरामिड मिले पिरामिडों की ऊंचाई करीब आठ मंजिल ऊंची अमेजन में छोटे-छोटे कबीले नहीं बल्कि शहर थे एक एक उन्नत सभ्यता के मिले निशान बोलीविया में अमेजन के जंगल में शोधकर्ताओं ने प्राचीन बस्तियों का पता लगाया है. इन बस्तियों में पिरामिड भी मिले हैं. बस्तियों के सड़कों के नेटवर्क से जुड़े होने के सबूत भी मिले हैं. जानकारी के मुताबिक ये शहर करीब 1500 साल पुराने हैं. लेजर मैपिंग के जरिए इन शहरों का पता चला है. अमेजन के जंगल दुनिया में मौजूद सबसे घने जंगलों में से एक हैं. ये जंगल अपने अंदर कई राज छिपाए हुए हैं. कहा जाता है कि यहां सोने का शहर भी है, जिसे खोजने कई लोग गए और वापस नहीं लौटे. वैज्ञानिकों को रिसर्च के दौरान यहां पिरामिड और मध्य युग की विशाल बस्तियां मिली हैं. इन पिरामिडों की ऊंचाई करीब आठ मंजिल ऊंची है. नेचर जर्नल में यह रिसर्च पब्लिश की गई है. घने जंगलों में इस तरह की खोज करना बेहद मुश्किल है, लेकिन नई टेक्नोलॉजी के जरिए इसके बारे में पता लग सका है. लेजर मैपिंग की तकनीक से ये हैरान कर देने वाले रिजल्ट मिले हैं. हेलीकॉप्टर पर लेज़र मैपिंग डिवाइस लगाया गया और इसे जंगल के कई हिस्सों के ऊपर से ले जाया गया. इस डिवाइस से एक थ्री-डी इमेज मिली, जिसमें पेड़ नहीं थे और जमीन की सही आकृति का अनुमान लग सका. इस नई खोज से वह धारणा भी कमजोर हुई है, जिसके मुताबिक 16 शताब्दी में यूरोपीय उपनिवेश [&#8230;]]]></description>
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<p></p>



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<p><strong>1500 साल पुराने 22 मीटर ऊंचे पिरामिड मिले</strong></p>



<p><strong>पिरामिडों की ऊंचाई करीब आठ मंजिल ऊंची</strong></p>



<p><strong>अमेजन में छोटे-छोटे कबीले नहीं बल्कि शहर थे</strong></p>



<p><strong>एक एक उन्नत सभ्यता के मिले निशान</strong></p>



<p>बोलीविया में अमेजन के जंगल में शोधकर्ताओं ने प्राचीन बस्तियों का पता लगाया है. इन बस्तियों में पिरामिड भी मिले हैं. बस्तियों के सड़कों के नेटवर्क से जुड़े होने के सबूत भी मिले हैं. जानकारी के मुताबिक ये शहर करीब 1500 साल पुराने हैं. लेजर मैपिंग के जरिए इन शहरों का पता चला है. अमेजन के जंगल दुनिया में मौजूद सबसे घने जंगलों में से एक हैं. ये जंगल अपने अंदर कई राज छिपाए हुए हैं. कहा जाता है कि यहां सोने का शहर भी है, जिसे खोजने कई लोग गए और वापस नहीं लौटे.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="650" height="325" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/05/amezon1.png" alt="" class="wp-image-62721" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/05/amezon1.png 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/05/amezon1-350x175.png 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>वैज्ञानिकों को रिसर्च के दौरान यहां पिरामिड और मध्य युग की विशाल बस्तियां मिली हैं. इन पिरामिडों की ऊंचाई करीब आठ मंजिल ऊंची है. नेचर जर्नल में यह रिसर्च पब्लिश की गई है. घने जंगलों में इस तरह की खोज करना बेहद मुश्किल है, लेकिन नई टेक्नोलॉजी के जरिए इसके बारे में पता लग सका है. लेजर मैपिंग की तकनीक से ये हैरान कर देने वाले रिजल्ट मिले हैं. हेलीकॉप्टर पर लेज़र मैपिंग डिवाइस लगाया गया और इसे जंगल के कई हिस्सों के ऊपर से ले जाया गया. इस डिवाइस से एक थ्री-डी इमेज मिली, जिसमें पेड़ नहीं थे और जमीन की सही आकृति का अनुमान लग सका. इस नई खोज से वह धारणा भी कमजोर हुई है, जिसके मुताबिक 16 शताब्दी में यूरोपीय उपनिवेश आने से पहले यहां परिष्कृत समाजों की कमी थी. लेकिन इससे पता चला है कि यहां एक उन्नत सभ्यता रहती थी.</p>



<p>शोधकर्ताओं ने खुलासा किया है कि लगभर 1500 साल पहले प्राचीन अमेजोनियन लोगों ने इसे बनाया और घनी आबादी वाले क्षेत्रों में रहते थे. इसमें 22 मीटर ऊंचे मिट्टी के पिरामिड थे. इसके साथ आबादी के आसपास का इलाका कई किलोमीटर लंबी सड़कों से जुड़ा था. इस रिसर्च से जुड़े कोलोराडो स्टेट यूनिवर्सिटी के पुरातत्वविद क्रिस फिशर का कहना है कि अभी तक हम अमेजन में बसी सभ्यता को जिस हिसाब से देखते थे ये उससे काफी अलग है.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img decoding="async" width="600" height="427" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/05/amezon.png" alt="" class="wp-image-62722" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/05/amezon.png 600w, https://www.patnanow.com/assets/2022/05/amezon-350x249.png 350w" sizes="(max-width: 600px) 100vw, 600px" /></figure>



<p>फिशर ने आगे कहा कि अभी तक माना जा रहा था कि यहां पर रहने वाले लोग छोटे-छोटे ग्रुप में सीमित सामाजिक विकास और कृषि के साथ रहते थे. लेकिन इन जगहों की खोज ने धारणा को बदल दिया है. इससे हमें पता चलता है कि ये छोटे-छोटे कबीले नहीं बल्कि शहर थे. 2019 में जर्मनी और ब्रिटेन के शोधकर्ताओं ने हेलीकॉप्टर से 77 स्कॉयर मील के क्षेत्र को स्कैन किया था. बोलीविया में 26 बस्तियों के बारे में पता चला, जिनमें से 11 के बारे में अभी तक कोई जानकारी नहीं थी.</p>



<p><strong>PNCDESK</strong></p>
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