<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>president draupadi murmu &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
	<atom:link href="https://www.patnanow.com/tag/president-draupadi-murmu/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://www.patnanow.com</link>
	<description>Patna News Portal - हर ख़बर पर नज़र</description>
	<lastBuildDate>Sat, 26 Aug 2023 03:57:43 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.6.1</generator>

<image>
	<url>https://www.patnanow.com/assets/2022/08/cropped-PatnaNow_Logo_2022-32x32.png</url>
	<title>president draupadi murmu &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
	<link>https://www.patnanow.com</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>दादीजी के नेतृत्व में ब्रह्माकुमारी विश्व स्तरीय आध्यात्मिक संगठन बना  : द्रौपदी मुर्मू</title>
		<link>https://www.patnanow.com/brahmakumaris-became-a-world-class-spiritual-organization-under-dadijis-leadership-draupadi-murmu/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[pnc]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 26 Aug 2023 03:57:42 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[काम की ख़बर]]></category>
		<category><![CDATA[देश दुनिया]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[brahmkumari]]></category>
		<category><![CDATA[president draupadi murmu]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.patnanow.com/?p=77537</guid>

					<description><![CDATA[राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने किया डाक टिकट का विमोचन दादी प्रकाशमणि जी के स्मृति दिवस के उपलक्ष में  जारी हुई डाक टिकट राष्ट्रपति भवन के कल्चरल सेंटर में हुआ कार्यक्रम का आयोजन नई दिल्ली,दादी प्रकाशमणि जी के स्मृति दिवस के अवसर पर माननीय राष्ट्रपतिद्रौपदी मुर्मू ने customised My Stamp का विमोचन किया. राष्ट्रपति भवन के कल्चरल सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में बोलते हुए माननीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि दो दिन पहले ही हम भारत के वैज्ञानिकों की अभूतपूर्व सफलता के साक्षी बने.आज भारत चांद के दुर्गम दक्षिणी ध्रुव पर कदम रखने वाला विश्व का पहला देश बन गया है.चंद्रयान 3 के द्वारा अनेक महत्वपूर्ण जानकारियां हासिल होंगी. जिनका लाभ समस्त विश्व को मिलेगा। ऐसे महानतम कार्यों की सफलता के पीछे अनेक वर्षों की तपस्या होती है. लक्ष्य की प्राप्ति के लिए की गई तपस्या किसी महायज्ञ से कम नहीं है. राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि दादी प्रकाशमणि जी का जीवन तपस्या का प्रकाश स्तंभ रहा है। दादी जी ने 4 दशक तक ब्रह्माकुमारीज संस्था के प्रमुख प्रशासिका के रूप में अपनी अनमोल सेवाएं प्रदान की। 70 वर्षों की अथक त्याग, तपस्या और सेवा से उन्होंने विश्व भर में ईश्वरीय प्रेम का संदेश प्रसारित किया। दादीजी के प्रभावशाली नेतृत्व में संस्था एक छोटे से परिवार से विश्व स्तरीय आध्यात्मिक संगठन में परिवर्तित हो गई। दादी प्रकाशमणि जी का जीवन हमें प्रेरणा देता है कि एक महान आत्मा ही प्रेम का संचार कर सकती है। कुछ लोग ऐसे कार्य कर जाते हैं जो लोगों के हृदय में सदा के लिए [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p></p>



<p></p>



<p></p>



<p><strong>राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने किया डाक टिकट का विमोचन</strong></p>



<p><strong>दादी प्रकाशमणि जी के स्मृति दिवस के उपलक्ष में  जारी हुई डाक टिकट </strong></p>



<p><strong>राष्ट्रपति भवन के कल्चरल सेंटर में हुआ कार्यक्रम का आयोजन</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="650" height="433" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/08/4cefb9fb-5f99-4078-b7d0-28aeb8eedc55-650x433.jpg" alt="" class="wp-image-77542" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/08/4cefb9fb-5f99-4078-b7d0-28aeb8eedc55-650x433.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/08/4cefb9fb-5f99-4078-b7d0-28aeb8eedc55-350x233.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2023/08/4cefb9fb-5f99-4078-b7d0-28aeb8eedc55-768x512.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2023/08/4cefb9fb-5f99-4078-b7d0-28aeb8eedc55-1536x1023.jpg 1536w, https://www.patnanow.com/assets/2023/08/4cefb9fb-5f99-4078-b7d0-28aeb8eedc55.jpg 1600w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>नई दिल्ली,दादी प्रकाशमणि जी के स्मृति दिवस के अवसर पर माननीय राष्ट्रपतिद्रौपदी मुर्मू ने customised My Stamp का विमोचन किया. राष्ट्रपति भवन के कल्चरल सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में बोलते हुए माननीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि दो दिन पहले ही हम भारत के वैज्ञानिकों की अभूतपूर्व सफलता के साक्षी बने.आज भारत चांद के दुर्गम दक्षिणी ध्रुव पर कदम रखने वाला विश्व का पहला देश बन गया है.चंद्रयान 3 के द्वारा अनेक महत्वपूर्ण जानकारियां हासिल होंगी. जिनका लाभ समस्त विश्व को मिलेगा। ऐसे महानतम कार्यों की सफलता के पीछे अनेक वर्षों की तपस्या होती है. लक्ष्य की प्राप्ति के लिए की गई तपस्या किसी महायज्ञ से कम नहीं है. </p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img decoding="async" width="650" height="433" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/08/24f02da3-eb37-43de-93b9-fbf509339503-650x433.jpg" alt="" class="wp-image-77538" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/08/24f02da3-eb37-43de-93b9-fbf509339503-650x433.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/08/24f02da3-eb37-43de-93b9-fbf509339503-350x233.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2023/08/24f02da3-eb37-43de-93b9-fbf509339503-768x512.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2023/08/24f02da3-eb37-43de-93b9-fbf509339503-1536x1023.jpg 1536w, https://www.patnanow.com/assets/2023/08/24f02da3-eb37-43de-93b9-fbf509339503.jpg 1600w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि दादी प्रकाशमणि जी का जीवन तपस्या का प्रकाश स्तंभ रहा है। दादी जी ने 4 दशक तक ब्रह्माकुमारीज संस्था के प्रमुख प्रशासिका के रूप में अपनी अनमोल सेवाएं प्रदान की। 70 वर्षों की अथक त्याग, तपस्या और सेवा से उन्होंने विश्व भर में ईश्वरीय प्रेम का संदेश प्रसारित किया। दादीजी के प्रभावशाली नेतृत्व में संस्था एक छोटे से परिवार से विश्व स्तरीय आध्यात्मिक संगठन में परिवर्तित हो गई। दादी प्रकाशमणि जी का जीवन हमें प्रेरणा देता है कि एक महान आत्मा ही प्रेम का संचार कर सकती है। कुछ लोग ऐसे कार्य कर जाते हैं जो लोगों के हृदय में सदा के लिए अमर हो जाते हैं। मनुष्यों को उनकी आत्मिक शक्ति का अनुभव करवाना और दुनिया में प्रेम एवं सौहार्द का विस्तार करना सबसे बड़ा महान कार्य है। दादी प्रकाशमणि जी ने इस महान कार्य की ज्योति जगाई। दादीजी ने संस्था को दुनिया में सबसे बड़े महिला नेतृत्व वाले संगठन के रूप में स्थापित किया।</p>



<p class="has-vivid-purple-color has-text-color"><strong>कैसी भी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों का दादी जी ने आगे बढ़कर किया सामना</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img decoding="async" width="650" height="433" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/08/president-650x433.jpg" alt="" class="wp-image-77539" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/08/president-650x433.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/08/president-350x233.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2023/08/president-768x512.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2023/08/president-1536x1023.jpg 1536w, https://www.patnanow.com/assets/2023/08/president.jpg 1600w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>राष्ट्रपति ने कहा कि कैसी भी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में दादी जी ब्रह्माकुमारीज परिवार के साथ खड़ी रहकर उनका मार्ग दर्शन करती रही. आज दादी जी चाहे शारीरिक रूप से हमारे मध्य नहीं हैं लेकिन उनके आध्यात्मिक एवं प्रसन्नचित व्यक्तित्व की स्मृतियां और उनके मानव कल्याण का संदेश सदा हमारे साथ रहेगा. दादी जी की स्मृति में विमोचित किया गया डाक टिकट अनेक लोगों के लिए प्रेरणा स्त्रोत बनेगा.राष्ट्रपति ने भारत सरकार के डाक संचार विभाग का धन्यवाद करते हुए कहा कि उनके द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का लाभ बहुत लोगों तक पहुंच रहा है.भारत सरकार के संचार राज्यमंत्री देवी सिंह चौहान ने कहा कि भारत शुरू से ही संतों और ऋषियों की भूमि रही है. </p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="433" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/08/44e2720c-d4e5-41a9-9faa-b240a2c16e25-650x433.jpg" alt="" class="wp-image-77540" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/08/44e2720c-d4e5-41a9-9faa-b240a2c16e25-650x433.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/08/44e2720c-d4e5-41a9-9faa-b240a2c16e25-350x233.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2023/08/44e2720c-d4e5-41a9-9faa-b240a2c16e25-768x512.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2023/08/44e2720c-d4e5-41a9-9faa-b240a2c16e25-1536x1023.jpg 1536w, https://www.patnanow.com/assets/2023/08/44e2720c-d4e5-41a9-9faa-b240a2c16e25.jpg 1600w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>भारत ने सारे विश्व में ज्ञान का प्रकाश फैलाया है। जिस कारण ही भारत को विश्व गुरु माना जाता है। ब्रह्माकुमारीज महिलाओं द्वारा संचालित विश्व की सबसे बड़ी आध्यात्मिक संस्था है.साथ ही आज विश्व के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी भारत के सम्मान के प्रतीक के रूप में उपस्थित हैं.उन्होंने कहा कि ब्रह्मा बाबा ने माताओं और बहनों को आगे करके एक महान फैसला लिया. दादी जी कभी भी अपने को हेड नहीं समझती थी। वो कहती थी कि हेड समझना अर्थात हेडेक लेना।.दादी जी के बताए हुए मार्ग पर चलना दादी जी के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है. </p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="433" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/08/ba59951c-9dc9-4ea2-a0df-ca5e3de5e89f-650x433.jpg" alt="" class="wp-image-77541" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/08/ba59951c-9dc9-4ea2-a0df-ca5e3de5e89f-650x433.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/08/ba59951c-9dc9-4ea2-a0df-ca5e3de5e89f-350x233.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2023/08/ba59951c-9dc9-4ea2-a0df-ca5e3de5e89f-768x512.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2023/08/ba59951c-9dc9-4ea2-a0df-ca5e3de5e89f-1536x1023.jpg 1536w, https://www.patnanow.com/assets/2023/08/ba59951c-9dc9-4ea2-a0df-ca5e3de5e89f.jpg 1600w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>ब्रह्माकुमारीज के अतिरिक्त महासचिव बीके बृजमोहन ने दादी जी के साथ के अनुभव साझा करते हुए कहा कि दादी जी भरी सभा में शान से कहती थी कि उन्होंने अपने जीवन में कभी भी झूठ नहीं बोला. उन्होंने कहा कि दादी जी सबका सम्मान करती थी. दादी जी प्रेम और विनम्रता की साक्षात मूर्ति थी। कार्यक्रम के शुरुआत में ओम शांति रिट्रीट सेंटर की निदेशिका राजयोगिनी आशा दीदी ने सबका स्वागत किया.कार्यक्रम में दादी जी के जीवन पर आधारित एक लघु फिल्म भी दिखाई गई,कार्यक्रम का संचालन बीके रमा ने किया, कार्यक्रम में लगभग 250 मेहमानों ने भाग लिया.</p>



<p><strong>रवीन्द्र भारती</strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>भारत अब आत्मविश्वास से भरा राष्ट्र बन चुका है : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू</title>
		<link>https://www.patnanow.com/india-has-now-become-a-nation-full-of-self-confidence-president-draupadi-murmu/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[pnc]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 14 Aug 2023 04:34:07 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[Politics]]></category>
		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[देश दुनिया]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[president draupadi murmu]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.patnanow.com/?p=77152</guid>

					<description><![CDATA[परंपरागत जीवन-मूल्यों के वैज्ञानिक आयामों को समझना होगा हम एक लोकतांत्रिक गणराज्य के रूप में सफल हुए हैं विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए हमें प्राचीन परम्पराओं को नई दृष्टि से देखना होगा नई दिल्‍ली : गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्‍या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को आजादी के बाद देश की विकास यात्रा के बारे में विस्‍तार से चर्चा की. राष्‍ट्र के नाम संबोधन में राष्ट्रपति ने कहा कि भारत एक गरीब और निरक्षर राष्ट्र की स्थिति से आगे बढ़ते हुए वैश्विक मंच पर आज एक आत्मविश्वास से भरा राष्‍ट्र बन चुका है. संविधान-निर्माताओं की सामूहिक बुद्धिमत्ता से मिले मार्गदर्शन के बिना यह प्रगति संभव नहीं थी. उन्‍होंने कहा कि भारत आज दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया. यह उपलब्धि, आर्थिक अनिश्चितता से भरी वैश्विक पृष्ठभूमि में हासिल की गई है. 74वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर, देश और विदेश में रहने वाले आप सभी भारत के लोगों को, मैं हार्दिक बधाई देती हूं. जब हम गणतंत्र दिवस मनाते हैं, तब एक राष्ट्र के रूप में हमने मिल-जुलकर जो उपलब्धियां प्राप्त की हैं, उनका हम उत्सव मनाते हैं. हम सब एक ही हैं, और हम सभी भारतीय हैं. इतने सारे पंथों और इतनी सारी भाषाओं ने हमें विभाजित नहीं किया है बल्कि हमें जोड़ा है. इसलिए हम एक लोकतांत्रिक गणराज्य के रूप में सफल हुए हैं. यही भारत का सार-तत्व है.भारत एक गरीब और निरक्षर राष्ट्र की स्थिति से आगे बढ़ते हुए विश्व-मंच पर एक आत्मविश्वास से भरा राष्‍ट्र बन चुका [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p> </p>



<p></p>



<p></p>



<p><strong>परंपरागत जीवन-मूल्यों के वैज्ञानिक आयामों को समझना होगा</strong></p>



<p><strong>हम एक लोकतांत्रिक गणराज्य के रूप में सफल हुए हैं</strong></p>



<p><strong>विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए हमें प्राचीन परम्पराओं को नई दृष्टि से देखना होगा</strong></p>



<p>नई दिल्‍ली : गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्‍या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को आजादी के बाद देश की विकास यात्रा के बारे में विस्‍तार से चर्चा की. राष्‍ट्र के नाम संबोधन में राष्ट्रपति ने कहा कि भारत एक गरीब और निरक्षर राष्ट्र की स्थिति से आगे बढ़ते हुए वैश्विक मंच पर आज एक आत्मविश्वास से भरा राष्‍ट्र बन चुका है. संविधान-निर्माताओं की सामूहिक बुद्धिमत्ता से मिले मार्गदर्शन के बिना यह प्रगति संभव नहीं थी. उन्‍होंने कहा कि भारत आज दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया. यह उपलब्धि, आर्थिक अनिश्चितता से भरी वैश्विक पृष्ठभूमि में हासिल की गई है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="640" height="360" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/08/president.png" alt="" class="wp-image-77155" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/08/president.png 640w, https://www.patnanow.com/assets/2023/08/president-350x197.png 350w" sizes="(max-width: 640px) 100vw, 640px" /></figure>



<p>74वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर, देश और विदेश में रहने वाले आप सभी भारत के लोगों को, मैं हार्दिक बधाई देती हूं. जब हम गणतंत्र दिवस मनाते हैं, तब एक राष्ट्र के रूप में हमने मिल-जुलकर जो उपलब्धियां प्राप्त की हैं, उनका हम उत्सव मनाते हैं. हम सब एक ही हैं, और हम सभी भारतीय हैं. इतने सारे पंथों और इतनी सारी भाषाओं ने हमें विभाजित नहीं किया है बल्कि हमें जोड़ा है. इसलिए हम एक लोकतांत्रिक गणराज्य के रूप में सफल हुए हैं. यही भारत का सार-तत्व है.भारत एक गरीब और निरक्षर राष्ट्र की स्थिति से आगे बढ़ते हुए विश्व-मंच पर एक आत्मविश्वास से भरा राष्‍ट्र बन चुका है. संविधान-निर्माताओं की सामूहिक बुद्धिमत्ता से मिले मार्गदर्शन के बिना यह प्रगति संभव नहीं थी. पिछले साल भारत दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया. यह उपलब्धि, आर्थिक अनिश्चितता से भरी वैश्विक पृष्ठभूमि में प्राप्त की गई है. सक्षम नेतृत्व और प्रभावी संघर्षशीलता के बल पर हम शीघ्र ही मंदी से बाहर आ गए, और अपनी विकास यात्रा को फिर से शुरू किया.राष्ट्रीय शिक्षा नीति शिक्षार्थियों को 21वीं सदी की चुनौतियों के लिए तैयार करते हुए हमारी सभ्यता पर आधारित ज्ञान को समकालीन जीवन के लिए प्रासंगिक बनाती है.हम विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अपनी उपलब्धियों पर गर्व का अनुभव कर सकते हैं. अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में, भारत गिने-चुने अग्रणी देशों में से एक रहा है.महिला सशक्तीकरण तथा महिला और पुरुष के बीच समानता अब केवल नारे नहीं रह गए हैं. मेरे मन में कोई संदेह नहीं है कि महिलाएं ही आने वाले कल के भारत को स्वरूप देने के लिए अधिकतम योगदान देंगी.</p>



<p>सशक्तीकरण की यही दृष्टि अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों सहित, कमजोर वर्गों के लोगों के लिए सरकार की कार्य-प्रणाली का मार्गदर्शन करती है. वास्तव में हमारा उद्देश्य न केवल उन लोगों के जीवन की बाधाओं को दूर करना और उनके विकास में मदद करना है, बल्कि उन समुदायों से सीखना भी है. जनजातीय समुदाय के लोग, पर्यावरण की रक्षा से लेकर समाज को और अधिक एकजुट बनाने तक, कई क्षेत्रों में सीख दे सकते हैं. इस वर्ष भारत G-20 देशों के समूह की अध्यक्षता कर रहा है. विश्व-बंधुत्व के अपने आदर्श के अनुरूप, हम सभी की शांति और समृद्धि के पक्षधर हैं. G-20 की अध्यक्षता एक बेहतर विश्व के निर्माण में योगदान हेतु भारत को अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका प्रदान करती है. मेरे विचार से ग्‍लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन ऐसी चुनौतियां हैं जिनका सामना शीघ्रता से करना है. वैश्विक तापमान बढ़ रहा है और मौसम में बदलाव के चरम रूप दिखाई पड़ रहे हैं. विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए हमें प्राचीन परम्पराओं को नई दृष्टि से देखना होगा. हमें अपनी मूलभूत प्राथमिकताओं पर भी पुनर्विचार करना होगा. </p>



<p>परंपरागत जीवन-मूल्यों के वैज्ञानिक आयामों को समझना होगा.अगर हम चाहते हैं कि हमारे बच्चे इस धरती पर सुखमय जीवन बिताएं तो हमें अपनी जीवन शैली को बदलने की जरूरत है. संयुक्त राष्ट्र ने भारत के सुझाव को स्वीकार किया है और वर्ष 2023 को &#8216;द इंटरनेशनल ईयर ऑफ मिलेट्स&#8217; घोषित किया है. यदि अधिक से अधिक लोग मोटे अनाज को भोजन में शामिल करेंगे, तो पर्यावरण-संरक्षण में सहायता होगी और लोगों के स्वास्थ्य में भी सुधार होगा. मैं किसानों, मजदूरों, वैज्ञानिकों और इंजीनियरों की भूमिकाओं की सराहना करती हूं जिनकी सामूहिक शक्ति हमारे देश को &#8220;जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान, जय अनुसंधान&#8221; की भावना के अनुरूप आगे बढ़ने में सक्षम बनाती है.  मैं देश की प्रगति में योगदान देने वाले प्रत्येक नागरिक की सराहना करती हूं.मैं उन बहादुर जवानों की विशेष रूप से सराहना करती हूं जो हमारी सीमाओं की रक्षा करते हैं और किसी भी त्याग तथा बलिदान के लिए सदैव तैयार रहते हैं. देशवासियों को आंतरिक सुरक्षा प्रदान करने वाले समस्त अर्ध-सैनिक बलों तथा पुलिस-बलों के बहादुर जवानों की भी मैं सराहना करती हूं. मैं सभी प्यारे बच्चों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए हृदय से आशीर्वाद देती हूं.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
