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	<title>PATNA &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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		<title>CBSE 10वीं रिजल्ट में बेटियों का दबदबा, संभावना स्कूल में लड़कियों ने मारी बाज़ी</title>
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		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 17 Apr 2026 03:59:19 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[⁷uu seआरा,16 अप्रैल(ओ पी पाण्डेय).सीबीएसई 10वीं बोर्ड परीक्षा-2026 के परिणाम में आरा के शांति स्मृति संभावना आवासीय उच्च विद्यालय के छात्रों ने शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन इस बार खास बात यह रही कि बेटियों ने बेटों को पीछे छोड़ते हुए पूरी तरह दबदबा कायम किया। विद्यालय की छात्रा ज्योति गुप्ता ने 97% अंक हासिल कर स्कूल टॉपर बनते हुए न सिर्फ विद्यालय, बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया। खास बात यह रही कि ज्योति ने इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में 100 में 100 अंक लाकर एक नया रिकॉर्ड कायम किया। टॉप पोजीशन पर भी लड़कियों का ही कब्जा रहा।स्वर्णिका सिद्धे (93%) ने दूसरा स्थान प्राप्त किया, जबकि कौशिकी कुमारी, आराध्या और अन्य छात्राओं ने भी 92% अंक के साथ शीर्ष सूची में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई। कुल मिलाकर, टॉपर्स की सूची में लड़कियों की संख्या ज्यादा रही, जिससे यह साफ हो गया कि इस बार “बेटियां पढ़ाई में आगे, लड़के पीछे” का ट्रेंड देखने को मिला। विद्यालय का रिजल्ट शत-प्रतिशत रहा। कुल 285 परीक्षार्थियों में * 21 छात्रों ने 90% से अधिक अंक हासिल किए * 32 छात्रों ने 80-90% के बीच अंक प्राप्त किए * 95 छात्रों ने 70-80% अंक लाए विद्यालय की प्राचार्या डॉ. अर्चना सिंह ने इस सफलता पर खुशी जताते हुए कहा कि यह छात्रों की मेहनत, शिक्षकों की लगन और अनुशासन का परिणाम है। वहीं प्रबंध निदेशक डॉ. कुमार द्विजेंद्र ने कहा कि यह परिणाम स्कूल की गुणवत्ता शिक्षा का प्रमाण है। इस मौके पर सफल छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया और मिठाई खिलाकर उनका [&#8230;]]]></description>
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<p>⁷uu se<br>आरा,16 अप्रैल(<strong>ओ पी पाण्डेय</strong>).सीबीएसई 10वीं बोर्ड परीक्षा-2026 के परिणाम में आरा के शांति स्मृति संभावना आवासीय उच्च विद्यालय के छात्रों ने शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन इस बार खास बात यह रही कि बेटियों ने बेटों को पीछे छोड़ते हुए पूरी तरह दबदबा कायम किया।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="1024" height="853" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/04/1001225412-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-96285" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/04/1001225412-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/04/1001225412-650x542.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/04/1001225412-1536x1280.jpg 1536w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p><br>विद्यालय की छात्रा ज्योति गुप्ता ने 97% अंक हासिल कर स्कूल टॉपर बनते हुए न सिर्फ विद्यालय, बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया। खास बात यह रही कि ज्योति ने इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में 100 में 100 अंक लाकर एक नया रिकॉर्ड कायम किया।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="1024" height="461" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/04/1001225581-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-96286" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/04/1001225581-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/04/1001225581-650x293.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/04/1001225581-1536x691.jpg 1536w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p><br>टॉप पोजीशन पर भी लड़कियों का ही कब्जा रहा।<br>स्वर्णिका सिद्धे (93%) ने दूसरा स्थान प्राप्त किया, जबकि कौशिकी कुमारी, आराध्या और अन्य छात्राओं ने भी 92% अंक के साथ शीर्ष सूची में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="847" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/04/1001222923-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-96288" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/04/1001222923-scaled.jpg 847w, https://www.patnanow.com/assets/2026/04/1001222923-538x650.jpg 538w" sizes="(max-width: 847px) 100vw, 847px" /></figure>



<p><br>कुल मिलाकर, टॉपर्स की सूची में लड़कियों की संख्या ज्यादा रही, जिससे यह साफ हो गया कि इस बार “बेटियां पढ़ाई में आगे, लड़के पीछे” का ट्रेंड देखने को मिला। विद्यालय का रिजल्ट शत-प्रतिशत रहा। कुल 285 परीक्षार्थियों में<br>  * 21 छात्रों ने 90% से अधिक अंक हासिल किए<br>  * 32 छात्रों ने 80-90% के बीच अंक प्राप्त किए<br>  * 95 छात्रों ने 70-80% अंक लाए<br></p>



<p>विद्यालय की प्राचार्या डॉ. अर्चना सिंह ने इस सफलता पर खुशी जताते हुए कहा कि यह छात्रों की मेहनत, शिक्षकों की लगन और अनुशासन का परिणाम है। वहीं प्रबंध निदेशक डॉ. कुमार द्विजेंद्र ने कहा कि यह परिणाम स्कूल की गुणवत्ता शिक्षा का प्रमाण है। इस मौके पर सफल छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया और मिठाई खिलाकर उनका उत्साह बढ़ाया गया।<br></p>



<p><strong>बड़ी घोषणा</strong>:<br>विद्यालय प्रबंधन ने ऐलान किया कि जिले में 90% या उससे अधिक अंक लाने वाले छात्रों को कक्षा 11वीं में नामांकन पर 50% फीस छूट दी जाएगी। कुल मिलाकर, इस बार के रिजल्ट ने साफ कर दिया कि संभावना स्कूल में बेटियों का जलवा कायम है और उन्होंने एक नई मिसाल पेश की है।</p>
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		<title>कश्मीर की नींव भी बिहार के सम्राट ने रखी थी !</title>
		<link>https://www.patnanow.com/bold-words-by-kshama-kaul-from-the-stage-of-rajgir/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 16 Mar 2026 05:19:03 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[राजगीर के मंच से क्षमा कौल का इतिहास और वर्तमान पर बेबाक बयान संवाद और लोकतंत्र पर बोलते हुए मंच से छलका कश्मीरी लेखिका का दर्द कश्मीर से विस्थापन का दर्द भी साझा किया, बोलीं &#8211; मातृभूमि छिन जाए तो संवाद खोखला लगता है राजगीर, 16 मार्च (ओ पी पांडेय)। राजगीर में आयोजित नालंदा अंतरराष्ट्रीय साहित्य महोत्सव के एक सत्र में कश्मीरी लेखिका क्षमा कौल ने कश्मीर के इतिहास, लोकतंत्र और विस्थापन के दर्द पर बेहद बेबाक तरीके से अपनी बात रखी। “संवाद और लोकतंत्र” विषय पर चर्चा के दौरान उन्होंने एक ऐतिहासिक तथ्य की ओर ध्यान दिलाते हुए कहा कि कश्मीर के श्रीनगर शहर की स्थापना सम्राट अशोक ने की थी, जिनकी राजधानी पाटलिपुत्र यानी आज का पटना था। उन्होंने कहा कि कश्मीर और बिहार का रिश्ता हजारों वर्ष पुराना है। सम्राट अशोक ने अपने पुत्र जालोक को कश्मीर का शासन सौंपा था, जिसने वहां शैव और बौद्ध दोनों परंपराओं को समान सम्मान दिया। उनके अनुसार यह इतिहास में धार्मिक सहिष्णुता और लोकतांत्रिक भावना का एक अद्भुत उदाहरण था, जिसे आज की पीढ़ी लगभग भूल चुकी है। लेखिका ने आदि शंकराचार्य, अभिनवगुप्त और जयंत भट्ट जैसे विद्वानों का उल्लेख करते हुए कश्मीर की गौरवशाली बौद्धिक परंपरा को भी याद किया। उन्होंने कहा कि कभी ज्ञान और दर्शन की भूमि रहा कश्मीर आज विस्थापन और पीड़ा की कहानी बन गया है। लोकतंत्र और संवाद की वर्तमान स्थिति पर बोलते हुए क्षमा कौल का दर्द साफ झलक रहा था। उन्होंने कहा कि जब किसी व्यक्ति से उसकी मातृभूमि और पहचान छिन [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>राजगीर के मंच से क्षमा कौल का इतिहास और वर्तमान पर बेबाक बयान</strong></p>



<p><strong>संवाद और लोकतंत्र पर बोलते हुए मंच से छलका कश्मीरी लेखिका का दर्द</strong></p>



<p><strong>कश्मीर से विस्थापन का दर्द भी साझा किया, बोलीं &#8211; मातृभूमि छिन जाए तो संवाद खोखला लगता है</strong></p>



<p>राजगीर, 16 मार्च <strong>(ओ पी पांडेय</strong>)। राजगीर में आयोजित नालंदा अंतरराष्ट्रीय साहित्य महोत्सव के एक सत्र में कश्मीरी लेखिका क्षमा कौल ने कश्मीर के इतिहास, लोकतंत्र और विस्थापन के दर्द पर बेहद बेबाक तरीके से अपनी बात रखी। “संवाद और लोकतंत्र” विषय पर चर्चा के दौरान उन्होंने एक ऐतिहासिक तथ्य की ओर ध्यान दिलाते हुए कहा कि कश्मीर के श्रीनगर शहर की स्थापना सम्राट अशोक ने की थी, जिनकी राजधानी पाटलिपुत्र यानी आज का पटना था।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1020" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001110586-scaled.png" alt="" class="wp-image-95733" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001110586-scaled.png 1020w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001110586-647x650.png 647w" sizes="auto, (max-width: 1020px) 100vw, 1020px" /></figure>



<p>उन्होंने कहा कि कश्मीर और बिहार का रिश्ता हजारों वर्ष पुराना है। सम्राट अशोक ने अपने पुत्र जालोक को कश्मीर का शासन सौंपा था, जिसने वहां शैव और बौद्ध दोनों परंपराओं को समान सम्मान दिया। उनके अनुसार यह इतिहास में धार्मिक सहिष्णुता और लोकतांत्रिक भावना का एक अद्भुत उदाहरण था, जिसे आज की पीढ़ी लगभग भूल चुकी है।</p>



<p>लेखिका ने आदि शंकराचार्य, अभिनवगुप्त और जयंत भट्ट जैसे विद्वानों का उल्लेख करते हुए कश्मीर की गौरवशाली बौद्धिक परंपरा को भी याद किया। उन्होंने कहा कि कभी ज्ञान और दर्शन की भूमि रहा कश्मीर आज विस्थापन और पीड़ा की कहानी बन गया है।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="768" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001110527-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-95734" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001110527-scaled.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001110527-488x650.jpg 488w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001110527-1152x1536.jpg 1152w" sizes="auto, (max-width: 768px) 100vw, 768px" /></figure>



<p><br>लोकतंत्र और संवाद की वर्तमान स्थिति पर बोलते हुए क्षमा कौल का दर्द साफ झलक रहा था। उन्होंने कहा कि जब किसी व्यक्ति से उसकी मातृभूमि और पहचान छिन जाती है तो केवल कागजी संवाद से न्याय नहीं मिलता। कश्मीर में हुए नरसंहार और विस्थापन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि आज कई कश्मीरी अपने ही देश में शरणार्थी की तरह जीवन जीने को मजबूर हैं और उनके दर्द पर राष्ट्रीय स्तर पर गंभीर बहस तक नहीं हुई।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="768" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001110526-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-95735" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001110526-scaled.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001110526-488x650.jpg 488w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001110526-1152x1536.jpg 1152w" sizes="auto, (max-width: 768px) 100vw, 768px" /></figure>



<p>इस दौरान उन्होंने बिहार की धरती को नमन करते हुए कहा कि यह भूमि ज्ञान, चिंतन और विमर्श की अनमोल धरोहर रही है। उनके अनुसार बिहारियों में बौद्धिक क्षमता और श्रम दोनों का अद्भुत संगम है।</p>



<p><br>इतिहास के संदर्भ में बताया गया कि सम्राट अशोक (268–232 ईसा पूर्व) के समय मगध साम्राज्य का केंद्र आज का बिहार था। उनकी राजधानी पाटलिपुत्र से संचालित यह विशाल साम्राज्य उत्तर में हिमालय की तराई, पूर्व में बंगाल क्षेत्र, पश्चिम में सोन नदी और दक्षिण में विंध्य पर्वतमाला तक फैला हुआ था। मौर्य काल में चंद्रगुप्त मौर्य और अशोक के शासन में मगध का विस्तार उत्तर-पश्चिम में हिंदुकुश पर्वतों तक था, जिसमें आज के अफगानिस्तान के काबुल, कंधार और हेरात जैसे क्षेत्र भी शामिल थे।</p>



<p>इतिहासकारों के अनुसार कभी इतना विशाल और प्रभावशाली रहा मगध साम्राज्य आज कई प्रशासनिक हिस्सों में बंट चुका है। समय के साथ बिहार के भूभाग से अलग होकर कई नए राज्य और क्षेत्र बने।</p>



<p><br>मंच से यह भी संदेश दिया गया कि इतिहास के वैभव को केवल खंडहरों में बदलने देना किसी भी समाज के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है। आज भी प्राचीन विश्वविद्यालयों और सभ्यताओं के अवशेष मानो अपने गौरव की कहानी सुना रहे हैं, लेकिन उनके पुनरुद्धार और संरक्षण के बजाय अक्सर उन्हें केवल राजनीतिक बहस का विषय बना दिया जाता है।</p>



<p>वक्ताओं ने कहा कि जब तक साहित्य और चिंतन की परंपरा मजबूत नहीं होगी, तब तक इतिहास के गौरव को पुनर्जीवित करना कठिन है। साहित्य में समाज की सोच को बदलने और नई दिशा देने की ताकत होती है, इसलिए इतिहास और संस्कृति को पुनर्स्मरण कराने में साहित्य की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।</p>
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		<item>
		<title>राजगीर में साहित्य का महाकुंभ: राष्ट्रवाद से क्षेत्रीय भाषाओं तक गूंजे विचार</title>
		<link>https://www.patnanow.com/rajgir-me-sahitya-ka-mahakumb/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 15 Mar 2026 05:01:56 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[एजुकेशन]]></category>
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					<description><![CDATA[राष्ट्रवाद, सिनेमा, क्षेत्रीय साहित्य और संकट के समय लेखन पर गहन मंथन राजगीर में तीसरे दिन कई महत्वपूर्ण सत्र आयोजित, देशभर के लेखकों और विचारकों ने साहित्य, समाज और समकालीन चुनौतियों पर रखे विचार राजगीर, 15 मार्च। राजगीर स्थित अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर राजगीर में आयोजित नालंदा अंतरराष्ट्रीय साहित्य महोत्सव के तीसरे दिन साहित्य, राष्ट्रवाद, सिनेमा, क्षेत्रीय भाषाओं और संकट के समय लेखन की भूमिका जैसे विषयों पर गहन चर्चा हुई। देश के विभिन्न हिस्सों से आए लेखकों, विचारकों और विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा करते हुए समकालीन समाज और साहित्य के संबंधों पर महत्वपूर्ण विमर्श प्रस्तुत किया। राष्ट्रवाद पर गंभीर बहसदिन का पहला सत्र “क्या राष्ट्र को राष्ट्रवाद की आवश्यकता है या राष्ट्रवाद ही राष्ट्र को कमजोर बनाता है?” विषय पर आयोजित हुआ। इसमें लेखक-चिंतक उदय माहूरकर और लेखिका लिपिका भूषण ने राष्ट्रवाद की अवधारणा पर विस्तार से चर्चा की। वक्ताओं ने कहा कि राष्ट्रवाद केवल राजनीतिक विचार नहीं, बल्कि समाज की सांस्कृतिक पहचान, इतिहास और सामूहिक चेतना से जुड़ा व्यापक विषय है। चर्चा के दौरान महात्मा गांधी के सेवा मॉडल, अहिंसा और सामाजिक समरसता जैसे सिद्धांतों का उल्लेख करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर स्वस्थ बहस की आवश्यकता पर बल दिया गया। साथ ही डिजिटल माध्यमों के बढ़ते प्रभाव और अश्लील सामग्री के दुष्प्रभावों को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए सामाजिक जागरूकता और नैतिक मूल्यों को मजबूत करने की बात कही गई। कहानी केवल मनोरंजन नहीं, समाज का आईनादूसरे सत्र में “पर्दे पर कहानी कहने की कला: सिनेमा, डिजिटल मंच और साहित्य के माध्यम से बिहार की नई कल्पना” विषय [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>राष्ट्रवाद, सिनेमा, क्षेत्रीय साहित्य और संकट के समय लेखन पर गहन मंथन</strong></p>



<p><strong><em>राजगीर में तीसरे दिन कई महत्वपूर्ण सत्र आयोजित, देशभर के लेखकों और विचारकों ने साहित्य, समाज और समकालीन चुनौतियों पर रखे विचार</em></strong></p>



<p>राजगीर, 15 मार्च। राजगीर स्थित अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर राजगीर में आयोजित नालंदा अंतरराष्ट्रीय साहित्य महोत्सव के तीसरे दिन साहित्य, राष्ट्रवाद, सिनेमा, क्षेत्रीय भाषाओं और संकट के समय लेखन की भूमिका जैसे विषयों पर गहन चर्चा हुई। देश के विभिन्न हिस्सों से आए लेखकों, विचारकों और विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा करते हुए समकालीन समाज और साहित्य के संबंधों पर महत्वपूर्ण विमर्श प्रस्तुत किया।</p>



<p><strong>राष्ट्रवाद पर गंभीर बहस</strong><br>दिन का पहला सत्र “क्या राष्ट्र को राष्ट्रवाद की आवश्यकता है या राष्ट्रवाद ही राष्ट्र को कमजोर बनाता है?” विषय पर आयोजित हुआ। इसमें लेखक-चिंतक उदय माहूरकर और लेखिका लिपिका भूषण ने राष्ट्रवाद की अवधारणा पर विस्तार से चर्चा की।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="768" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001104180-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-95687" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001104180-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001104180-650x488.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001104180-1536x1152.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>वक्ताओं ने कहा कि राष्ट्रवाद केवल राजनीतिक विचार नहीं, बल्कि समाज की सांस्कृतिक पहचान, इतिहास और सामूहिक चेतना से जुड़ा व्यापक विषय है। चर्चा के दौरान महात्मा गांधी के सेवा मॉडल, अहिंसा और सामाजिक समरसता जैसे सिद्धांतों का उल्लेख करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर स्वस्थ बहस की आवश्यकता पर बल दिया गया। साथ ही डिजिटल माध्यमों के बढ़ते प्रभाव और अश्लील सामग्री के दुष्प्रभावों को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए सामाजिक जागरूकता और नैतिक मूल्यों को मजबूत करने की बात कही गई।</p>



<p><strong>कहानी केवल मनोरंजन नहीं, समाज का आईना</strong><br>दूसरे सत्र में “पर्दे पर कहानी कहने की कला: सिनेमा, डिजिटल मंच और साहित्य के माध्यम से बिहार की नई कल्पना” विषय पर चर्चा हुई। इसमें अभिनेत्री और रंगमंच निर्देशक भाषा सुंभली तथा पटकथा लेखिका संध्या गोखले ने कहानी कहने की कला और उसकी सामाजिक जिम्मेदारी पर अपने विचार रखे।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="768" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001104198-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-95688" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001104198-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001104198-650x488.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001104198-1536x1152.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>वक्ताओं ने कहा कि कहानी कहना केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं है, बल्कि यह समाज की वास्तविकताओं, विचारों और सच्चाइयों को सामने लाने का सशक्त साधन भी है। आज के दौर में चलचित्रों और डिजिटल मंचों का प्रभाव पहले की तुलना में कहीं अधिक बढ़ गया है, इसलिए रचनाकारों की सामाजिक जिम्मेदारी भी उतनी ही बड़ी हो जाती है।</p>



<p><strong>साहित्य समाज को देता है दिशा</strong><br>तीसरे सत्र “साहित्य समाज को कैसे आकार देता है” में लेखक शांतनु गुप्ता और लेखिका अमी गणात्रा ने साहित्य की सामाजिक भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि साहित्य केवल मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि यह समाज की सोच, मूल्यों और चेतना को दिशा देने का महत्वपूर्ण माध्यम है। भारतीय ग्रंथों और परंपरागत ज्ञान में समाज को मार्गदर्शन देने की क्षमता निहित है, इसलिए नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ना आवश्यक है।</p>



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<p><strong>क्षेत्रीय साहित्य का बढ़ता विस्तार</strong><br>दोपहर के बाद आयोजित सत्र “समकालीन लेखन और क्षेत्रीय कथाओं का भविष्य” में ओड़िया लेखक, आलोचक और कवि मनोरंजन दास, लेखिका-इतिहासकार सुमेधा वर्मा और लेखक-कवि नीलोत्त्पल मृणाल ने अपने विचार साझा किए।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="768" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001105085-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-95683" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001105085-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001105085-650x488.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001105085-1536x1152.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>वक्ताओं ने कहा कि प्रगतिशील होने का अर्थ अपनी जड़ों और स्थानीय अनुभवों से दूरी बनाना नहीं है। क्षेत्रीय साहित्य समाज की वास्तविकताओं, संस्कृति और लोक जीवन को सामने लाने का सशक्त माध्यम है।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="768" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001104998-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-95693" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001104998-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001104998-650x488.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001104998-1536x1152.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p><br>चर्चा में यह भी कहा गया कि समय के साथ साहित्य की विषयवस्तु, पाठक वर्ग और उसे पढ़ने-समझने के तरीके बदल रहे हैं। अनुवाद और डिजिटल माध्यमों के कारण क्षेत्रीय साहित्य अब व्यापक पाठक वर्ग तक पहुँच रहा है। नीलोत्पल मृणाल, जो अपने चर्चित उपन्यास डार्क हॉर्स, औघड़ और युवा जादूगर के लिए जाने जाते हैं, को साहित्य अकादमी युवा पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है।</p>



<p><strong>संकट के समय लेखन बना प्रतिरोध की आवाज</strong><br>अंतिम सत्र “संकट के समय लेखन: प्रतिरोध के रूप में साहित्य” विषय पर आयोजित हुआ। इसमें भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी नितेश्वर कुमार, लेखक मृत्युंजय शर्मा और लेखक-शिक्षाविद जितेंद्र कुमार शर्मा ने अपने विचार रखे।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="768" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001104976-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-95686" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001104976-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001104976-650x488.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001104976-1536x1152.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>वक्ताओं ने कहा कि कठिन परिस्थितियों में लेखन केवल व्यक्तिगत अनुभव तक सीमित नहीं रहता, बल्कि वह समाज के सामूहिक संघर्ष, पीड़ा और आकांक्षाओं की आवाज बन जाता है। साहित्य कई बार सामाजिक चेतना जगाने और परिवर्तन की दिशा देने का माध्यम बनता है।</p>



<p><strong>कवि सम्मेलन और सांस्कृतिक संध्या ने बांधा समां</strong><br>दिन के अंत में आयोजित कवि सम्मेलन और सांस्कृतिक संध्या ने पूरे वातावरण को साहित्यिक ऊर्जा से भर दिया। कवि संजीव कुमार मुकेश, नीलोत्त्पल मृणाल, श्रीपति गुप्ता और कवयित्री तिश्या श्री ने अपनी रचनाओं का पाठ कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="768" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001104973-1-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-95691" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001104973-1-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001104973-1-650x488.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p><br>इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त रैपर स्लो चीता की प्रस्तुति ने कार्यक्रम में नई ऊर्जा भर दी। उनकी प्रस्तुति ने विशेष रूप से युवाओं को आकर्षित किया और साहित्य तथा संगीत के इस अनूठे संगम ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया।</p>
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		<title>नालंदा की धरती पर लौटा ज्ञान का उत्सव, राजगीर में सजा इंटरनेशनल लिटरेचर फेस्टिवल 2026</title>
		<link>https://www.patnanow.com/sahitya-se-saja-nalanda-ki-dharti/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 12 Mar 2026 13:23:57 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[एजुकेशन]]></category>
		<category><![CDATA[कला और साहित्य]]></category>
		<category><![CDATA[देश दुनिया]]></category>
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		<category><![CDATA[Rajgir convention centre]]></category>
		<category><![CDATA[पटना नाउ]]></category>
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					<description><![CDATA[नालंदा की विरासत के संग सजा ‘लिट भी और लिट्टी भी’, राजगीर में शुरू हुआ इंटरनेशनल लिटरेचर फेस्टिवल देशभर के साहित्यकारों ने जलाया ज्ञान का दीप, 12 से 15 मार्च तक इतिहास, साहित्य और संस्कृति पर होंगे सत्र राजगीर, 12 मार्च। नालंदा की ऐतिहासिक धरती पर आयोजित नालंदा इंटरनेशनल लिटरेचर फेस्टिवल 2026 का उद्घाटन राजगीर स्थित कन्वेंशन सेंटर के ओपन मंच पर भव्य तरीके से किया गया। 12-15 मार्च तक चलने वाले इस लिटरेचर कार्यक्रम का शुभारंभ देश के प्रतिष्ठित साहित्यकारों और विद्वानों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर अजय सिंह(राष्ट्रपति के पूर्व प्रेस सलाहकार), ओम थानवी(जनसत्ता के पूर्व एडिटर), अजय ब्रह्मात्मज(सिनेमा साहित्य के दिग्गज लेखक ), डॉ. कविता शर्मा (पूर्व प्राचार्य, हिंदू कॉलेज), आकाश पसरीचा, डॉ. आनंद सिंह (सीनियर प्रोफेसर), संजीव मुकेश, पंकज कुमार, गगन, निर्मल वैद्य, वैशाली सत्ता, अदिति नंदन और शैलेश कुमार समेत कई साहित्यिक हस्तियां मौजूद रहीं। कार्यक्रम में ज्ञान निकेतन की छात्राओं ने स्वागत नृत्य प्रस्तुत कर अतिथियों का अभिनंदन किया। कार्यक्रम में यह भी उल्लेख किया गया कि डॉ. कविता शर्मा, आकाश पसरीचा और डॉ. आनंद सिंह जैसी प्रतिष्ठित हस्तियों ने नालंदा पर महत्वपूर्ण पुस्तकें लिखकर इस ऐतिहासिक धरोहर को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने का कार्य किया है। वहीं नालंदा कॉलेज के प्राचार्य सत्र के पहले पैनल में पैनलिस्ट के रूप में शामिल हुए। मंच संचालन बिहार के चर्चित उद्घोषक शैलेश कुमार ने किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा,“इस बिहार की पावन धरती, इस नालंदा की धरा पर आप सभी का हार्दिक स्वागत है। मुझे मंच संचालन की जिम्मेदारी मिली है, [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>नालंदा की विरासत के संग सजा ‘लिट भी और लिट्टी भी’, राजगीर में शुरू हुआ इंटरनेशनल लिटरेचर फेस्टिवल</strong><br><br><strong>देशभर के साहित्यकारों ने जलाया ज्ञान का दीप, 12 से 15 मार्च तक इतिहास, साहित्य और संस्कृति पर होंगे सत्र</strong></p>



<p>राजगीर, 12 मार्च। नालंदा की ऐतिहासिक धरती पर आयोजित नालंदा इंटरनेशनल लिटरेचर फेस्टिवल 2026 का उद्घाटन राजगीर स्थित कन्वेंशन सेंटर के ओपन मंच पर भव्य तरीके से किया गया। 12-15 मार्च तक चलने वाले इस लिटरेचर कार्यक्रम का शुभारंभ देश के प्रतिष्ठित साहित्यकारों और विद्वानों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="462" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001097273-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-95623" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001097273-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001097273-650x293.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001097273-1536x694.jpg 1536w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001097273-2048x925.jpg 2048w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



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<p>इस अवसर पर अजय सिंह(राष्ट्रपति के पूर्व प्रेस सलाहकार), ओम थानवी(जनसत्ता के पूर्व एडिटर), अजय ब्रह्मात्मज(सिनेमा साहित्य के दिग्गज लेखक ), डॉ. कविता शर्मा (पूर्व प्राचार्य, हिंदू कॉलेज), आकाश पसरीचा, डॉ. आनंद सिंह (सीनियर प्रोफेसर), संजीव मुकेश, पंकज कुमार, गगन, निर्मल वैद्य, वैशाली सत्ता, अदिति नंदन और शैलेश कुमार समेत कई साहित्यिक हस्तियां मौजूद रहीं। कार्यक्रम में ज्ञान निकेतन की छात्राओं ने स्वागत नृत्य प्रस्तुत कर अतिथियों का अभिनंदन किया।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="462" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001097299-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-95616" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001097299-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001097299-650x293.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001097299-1536x694.jpg 1536w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001097299-2048x925.jpg 2048w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>कार्यक्रम में यह भी उल्लेख किया गया कि डॉ. कविता शर्मा, आकाश पसरीचा और डॉ. आनंद सिंह जैसी प्रतिष्ठित हस्तियों ने नालंदा पर महत्वपूर्ण पुस्तकें लिखकर इस ऐतिहासिक धरोहर को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने का कार्य किया है। वहीं नालंदा कॉलेज के प्राचार्य सत्र के पहले पैनल में पैनलिस्ट के रूप में शामिल हुए।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="462" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001097300-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-95617" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001097300-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001097300-650x293.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001097300-1536x694.jpg 1536w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001097300-2048x925.jpg 2048w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>मंच संचालन बिहार के चर्चित उद्घोषक शैलेश कुमार ने किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा,“इस बिहार की पावन धरती, इस नालंदा की धरा पर आप सभी का हार्दिक स्वागत है। मुझे मंच संचालन की जिम्मेदारी मिली है, लेकिन मेरे सामने बैठे लोग मुझसे कहीं अधिक विद्वान और अपने आप में प्रकाश स्तंभ हैं। नालंदा इंटरनेशनल लिटरेचर फेस्टिवल 2026, जिसे अमात्य फाउंडेशन ने आपके बीच समर्पित किया है, हमें धीरे-धीरे उस काल की ओर ले जाने का प्रयास कर रहा है, जब पाँचवीं शताब्दी में नालंदा में जमीन पर इसी तरह बैठकर ज्ञान की चर्चा और अध्ययन हुआ करता था। आज हम उसी परंपरा को फिर से जीवंत करने का प्रयास कर रहे हैं।”</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="768" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001097272-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-95624" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001097272-scaled.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001097272-488x650.jpg 488w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001097272-1152x1536.jpg 1152w" sizes="auto, (max-width: 768px) 100vw, 768px" /></figure>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="744" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001097309-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-95618" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001097309-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001097309-650x473.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>उन्होंने अमात्य फाउंडेशन की टीम की सराहना करते हुए कहा कि जिस तरह किसी उजड़े हुए गांव को कुछ उत्साही लोग फिर से संवारने का प्रयास करते हैं, उसी तरह वैशाली सत्ता, अदिति नंदन और दिव्या भारद्वाज की टीम ने इस फेस्टिवल की परिकल्पना को साकार किया है।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="752" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001097310-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-95619" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001097310-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001097310-650x477.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>कार्यक्रम के दौरान बिहार की साहित्यिक परंपरा का भी उल्लेख हुआ। उन्होंने पुराने दिनों की बात को याद करते हुए कहा कि एक बार नेहरू जी जब सीढी चढ़ते हुए लड़खड़ाए तो राष्ट्रकवि दिनकर ने उन्हें संभालते हुए कहा कि जब राजनीति लड़खड़ाती है तो साहित्य समाज को संभालने का काम करता है।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="881" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001097314-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-95625" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001097314-scaled.jpg 881w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001097314-559x650.jpg 559w" sizes="auto, (max-width: 881px) 100vw, 881px" /></figure>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="764" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001097311-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-95620" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001097311-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001097311-650x485.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>इसी धरती ने वीर कुंवर सिंह जैसे स्वतंत्रता सेनानी और देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद जैसे महान व्यक्तित्व दिए हैं। फेस्टिवल का टैगलाइन “Lit भी और Litti भी” खास आकर्षण का केंद्र रहा, जो बिहार की साहित्यिक समृद्धि के साथ-साथ यहां के प्रसिद्ध व्यंजन लिट्टी-चोखा की पहचान को भी दर्शाता है। इस फेस्टिवल में आने वाले सारे अतिथियों को बिहार की खास व्यंजनों को खास बिहारी शेफ़ो द्वारा परोसा भी जाएगा।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="578" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001097312-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-95621" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001097312-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001097312-650x367.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001097312-1536x868.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>इस मौके पर लेखिका वैशाली सेता ने अपने नाम से जुड़ा एक दिलचस्प अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि मुंबई में जन्मी और गुजरात से जुड़ी होने के कारण बचपन में उन्हें अपने नाम “वैशाली” से चिढ़ होती थी, क्योंकि महाराष्ट्र में कई कैफे का नाम भी वैशाली होता है। लेकिन 2007 में अदिति नंदन के संपर्क में आने और बिहार आने के बाद उन्हें पता चला कि विश्व के पहले गणराज्य का नाम वैशाली था। ये जानने के बाद उन्हें अपने नाम प्यार हो गया और इसके बाद इस गौरवशाली गणराज्य के पन्नो को उन्होंने बिहार के कोने कोने से खोजना शुरू किया। उनके दोस्त अदिति नंदन और कई लोगों ने मिलकर काम करना शुरू किया ताकि बिहार के उस गौरव को फिर से दुनिया में फैले सारे बिहार एक मंच पर आकर सार्थक के सकें। तब से लगातार वे बिहार में हीं हैं।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="577" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001097313-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-95622" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001097313-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001097313-650x366.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001097313-1536x866.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>उन्होंने कहा कि आज जिस परिसर में यह लिटरेचर फेस्टिवल हो रहा है, वहां कार्यक्रम होते देखना उनके लिए भावुक क्षण है। उन्होंने बताया कि बिहार ज्ञान और इतिहास की धरती है, जहां करीब 400 स्थानों पर आदि मानवों द्वारा बनाए गए शैलचित्र मौजूद हैं, जिन्हें उन्होंने बिहार सरकार को सौंपकर धरोहर के रूप में संरक्षित करने की पहल की है। फेस्टिवल के पहले दिन साहित्य, इतिहास और संस्कृति से जुड़े कई सत्रों में देशभर से आए विद्वानों ने अपने विचार साझा किए.</p>



<p><strong><em>ओपी पांडे </em></strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>8 अरब 69 करोड़ का बजट पास… लेकिन वीकेएसयू के छात्रों की नौकरी कहाँ?</title>
		<link>https://www.patnanow.com/8-69-billion-approved-yet-students-ask-where-is-the-benefit/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 12 Mar 2026 07:11:15 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[ACADEMIC]]></category>
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					<description><![CDATA[सीनेट बैठक के बीच आइसा का घेराव, छात्रों ने पूछा &#8211; अरबों खर्च के बाद भी सुविधाएँ क्यों नहीं? आरा,12 मार्च (ओ पी पाण्डेय ). वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय की सीनेट बैठक में एक तरफ वर्ष 2026–27 के लिए 8 अरब 69 करोड़ रुपये से अधिक का बजट पास हुआ, वहीं दूसरी ओर छात्रों ने इस बजट की उपयोगिता पर सवाल खड़ा कर दिया. सीनेट की बैठक जहां विकास योजनाओं और शैक्षणिक सुधारों के दावों के साथ संपन्न हुई, वहीं परिसर के बाहर छात्र संगठन आइसा ने 21 सूत्री मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन और सीनेट का घेराव किया. छात्र नेताओं का कहना है कि हर साल विश्वविद्यालय का बजट करोड़ों-अरबों में बनता है, लेकिन जमीनी स्तर पर छात्रों को इसका अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है।बजट अरबों का, लेकिन छात्रों को नहीं मिल रहा लाभ. आइसा के बिहार राज्य सचिव सब्बीर कुमार ने कहा किहर साल विश्वविद्यालय का बजट करोड़ों-अरबों में पास होता है, लेकिन छात्रों को बुनियादी सुविधाएँ तक नहीं मिलतीं। कई सत्रों की फेलोशिप लंबित है, प्रयोगशालाएँ जर्जर हैं और कई कॉलेजों में छात्राओं के लिए सेनेटरी पैड तक की व्यवस्था नहीं है। उन्होंने कहा कि छात्र-विरोधी बजट का आइसा विरोध करता है और इसे छात्रों के हित में सुधारने की जरूरत है। सीनेट का घेराव, नारों से गूंजा कैंपसबुधवार को आइसा के नेतृत्व में जीरो माइल से विरोध मार्च निकाला गया, जो विश्वविद्यालय कैंपस पहुंचकर सीनेट बैठक स्थल तक गया। इस दौरान छात्र “नई शिक्षा नीति वापस लो”, “सीबीसीएस नहीं चलेगा”, “छात्र संघ चुनाव कराओ” [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>सीनेट बैठक के बीच आइसा का घेराव, छात्रों ने पूछा &#8211; अरबों खर्च के बाद भी सुविधाएँ क्यों नहीं?</strong></p>



<p>आरा,12 मार्च (<strong>ओ पी पाण्डेय</strong> ). वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय की सीनेट बैठक में एक तरफ वर्ष 2026–27 के लिए 8 अरब 69 करोड़ रुपये से अधिक का बजट पास हुआ, वहीं दूसरी ओर छात्रों ने इस बजट की उपयोगिता पर सवाल खड़ा कर दिया.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="598" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001096319-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-95602" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001096319-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001096319-650x380.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001096319-1536x898.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="566" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001096320-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-95600" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001096320-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001096320-650x359.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001096320-1536x849.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>सीनेट की बैठक जहां विकास योजनाओं और शैक्षणिक सुधारों के दावों के साथ संपन्न हुई, वहीं परिसर के बाहर छात्र संगठन आइसा ने 21 सूत्री मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन और सीनेट का घेराव किया.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="566" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001096321-scaled.png" alt="" class="wp-image-95604" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001096321-scaled.png 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001096321-650x359.png 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="600" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001096318-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-95603" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001096318-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001096318-650x381.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001096318-1536x900.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="606" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001096317-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-95601" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001096317-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001096317-650x385.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001096317-1536x909.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>छात्र नेताओं का कहना है कि हर साल विश्वविद्यालय का बजट करोड़ों-अरबों में बनता है, लेकिन जमीनी स्तर पर छात्रों को इसका अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है।<br>बजट अरबों का, लेकिन छात्रों को नहीं मिल रहा लाभ. आइसा के बिहार राज्य सचिव सब्बीर कुमार ने कहा कि<br>हर साल विश्वविद्यालय का बजट करोड़ों-अरबों में पास होता है, लेकिन छात्रों को बुनियादी सुविधाएँ तक नहीं मिलतीं। कई सत्रों की फेलोशिप लंबित है, प्रयोगशालाएँ जर्जर हैं और कई कॉलेजों में छात्राओं के लिए सेनेटरी पैड तक की व्यवस्था नहीं है।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="576" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001096271-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-95598" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001096271-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001096271-650x366.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001096271-1536x864.jpg 1536w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001096271-2048x1152.jpg 2048w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>उन्होंने कहा कि छात्र-विरोधी बजट का आइसा विरोध करता है और इसे छात्रों के हित में सुधारने की जरूरत है।</p>



<p><strong>सीनेट का घेराव, नारों से गूंजा कैंपस</strong><br>बुधवार को आइसा के नेतृत्व में जीरो माइल से विरोध मार्च निकाला गया, जो विश्वविद्यालय कैंपस पहुंचकर सीनेट बैठक स्थल तक गया। इस दौरान छात्र “नई शिक्षा नीति वापस लो”, “सीबीसीएस नहीं चलेगा”, “छात्र संघ चुनाव कराओ” और “एकेडमिक कैलेंडर लागू करो” जैसे नारों के साथ प्रदर्शन करते रहे.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="576" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001096267-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-95599" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001096267-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001096267-650x366.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001096267-1536x864.jpg 1536w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001096267-2048x1152.jpg 2048w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>सीनेट प्रतिनिधियों और छात्रों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई, जिसके बाद आइसा प्रतिनिधिमंडल ने अपनी मांगों का ज्ञापन परीक्षा नियंत्रक को सौंपा. विश्वविद्यालय प्रशासन ने मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="576" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001096272-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-95597" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001096272-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001096272-650x366.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001096272-1536x864.jpg 1536w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001096272-2048x1152.jpg 2048w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p><strong>21 मांगों को लेकर आंदोलन</strong><br>आइसा जिला सचिव विकास कुमार ने कहा कि घेराव विश्वविद्यालय की 21 सूत्री मांगों को लेकर किया गया.<br>इनमें प्रमुख मांगें हैं:</p>



<ul class="wp-block-list">
<li>विश्वविद्यालय में सरकारी डेटा बैंक की स्थापना</li>



<li>छात्रों के लिए परिवहन सुविधा</li>



<li>छात्राओं के लिए कॉमन रूम</li>



<li>सभी कॉलेजों में छात्रावास</li>



<li>मूल प्रमाण पत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन व डाक से भेजने की व्यवस्था</li>



<li>त्रुटिपूर्ण अंक पत्र सुधार के लिए तय तिथि</li>



<li>उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगें जल्द पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।</li>
</ul>



<p><strong>बड़ा सवाल</strong><br>सीनेट बैठक में विश्वविद्यालय प्रशासन ने विकास, तकनीकी सुधार और नए कोर्स शुरू करने की योजनाओं की बात कही. लेकिन छात्रों के प्रदर्शन के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि जब बजट 8 अरब से ज्यादा है, तो क्या विश्वविद्यालय से पढ़ने वाले युवाओं को बेहतर शिक्षा, सुविधाएँ और रोजगार के अवसर मिल पा रहे हैं?</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>लोक परंपराओं के रंग में रंगा होली मिलन, एक परिवार की तरह जुटे सदस्य</title>
		<link>https://www.patnanow.com/holi-milan/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 01 Mar 2026 10:15:38 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[We Care]]></category>
		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[एंटरटेनमेंट]]></category>
		<category><![CDATA[गांव -शहर]]></category>
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		<category><![CDATA[Journalist O P Pandey]]></category>
		<category><![CDATA[nitish kumar]]></category>
		<category><![CDATA[PATNA]]></category>
		<category><![CDATA[PATNA NOW]]></category>
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					<description><![CDATA[आरा, 28 फरवरी। शहर के लोगों को स्वस्थ जीवन के लिए प्रतिदिन प्रेरित करने वाले सनातन योग संस्थान आरा द्वारा शुक्रवार देर रात मिश्र टोला में भव्य होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पारंपरिक फगुआ गीतों की मधुर प्रस्तुति ने पूरे माहौल को उत्सवी रंगों से सराबोर कर दिया। होली मिलन के इस कार्यक्रम में आने वाले सभी लोगों को भोजपुर की शान गमछा से सम्मानित किया गया। समारोह में गायक विशेश्वर लाल सिन्हा ने अपनी मधुर आवाज में पारंपरिक होली गीत प्रस्तुत कर उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। रंग-अबीर के साथ संस्थान की ओर से होली के पारंपरिक मिष्ठान मालपुआ और ठंडई की भी विशेष व्यवस्था की गई थी। बताया गया कि संस्थान के सदस्य पूरे वर्ष रमना मैदान में नियमित योगाभ्यास करते हैं। मौसम चाहे जाड़ा हो, गर्मी या बरसात, सभी सदस्य एक परिवार की तरह मिलकर हर छोटे-बड़े त्योहार और लोक परंपरा को उत्साह के साथ मनाते हैं। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं और बच्चियों ने भी “रंग बरसे चुनरिया अंगना में”, “पीछे ली हरदिया ब्रिज में होली खेले रंग रसिया” सहित कई पारंपरिक और लोक गीत प्रस्तुत कर सबका दिल जीत लिया। अंत में सभी ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर आशीर्वाद और शुभकामनाएं दीं। संस्थान लोक परंपराओं के संरक्षण और उन्हें जीवित रखने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। खास बात यह है कि इसमें अधिकांश सदस्य सेवानिवृत्त लोग हैं, जिनके साथ उनकी पूरी पारिवारिक भागीदारी भी देखने को मिलती है। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से उपस्थित रहे इस अवसर पर [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>आरा, 28 फरवरी। शहर के लोगों को स्वस्थ जीवन के लिए प्रतिदिन प्रेरित करने वाले सनातन योग संस्थान आरा द्वारा शुक्रवार देर रात मिश्र टोला में भव्य होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पारंपरिक फगुआ गीतों की मधुर प्रस्तुति ने पूरे माहौल को उत्सवी रंगों से सराबोर कर दिया। होली मिलन के इस कार्यक्रम में आने वाले सभी लोगों को भोजपुर की शान गमछा से सम्मानित किया गया।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="771" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001045456-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-95366" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001045456-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001045456-650x489.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001045456-1536x1157.jpg 1536w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001045456-2048x1542.jpg 2048w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>समारोह में गायक विशेश्वर लाल सिन्हा ने अपनी मधुर आवाज में पारंपरिक होली गीत प्रस्तुत कर उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। रंग-अबीर के साथ संस्थान की ओर से होली के पारंपरिक मिष्ठान मालपुआ और ठंडई की भी विशेष व्यवस्था की गई थी।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="768" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001045454-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-95367" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001045454-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001045454-650x488.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001045454-1536x1152.jpg 1536w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001045454-2048x1536.jpg 2048w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>बताया गया कि संस्थान के सदस्य पूरे वर्ष रमना मैदान में नियमित योगाभ्यास करते हैं। मौसम चाहे जाड़ा हो, गर्मी या बरसात, सभी सदस्य एक परिवार की तरह मिलकर हर छोटे-बड़े त्योहार और लोक परंपरा को उत्साह के साथ मनाते हैं।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="768" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001045451-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-95368" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001045451-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001045451-650x488.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001045451-1536x1152.jpg 1536w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001045451-2048x1536.jpg 2048w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>कार्यक्रम के दौरान महिलाओं और बच्चियों ने भी “रंग बरसे चुनरिया अंगना में”, “पीछे ली हरदिया ब्रिज में होली खेले रंग रसिया” सहित कई पारंपरिक और लोक गीत प्रस्तुत कर सबका दिल जीत लिया। अंत में सभी ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर आशीर्वाद और शुभकामनाएं दीं।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="768" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001045452-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-95369" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001045452-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001045452-650x488.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001045452-1536x1152.jpg 1536w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001045452-2048x1536.jpg 2048w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>संस्थान लोक परंपराओं के संरक्षण और उन्हें जीवित रखने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। खास बात यह है कि इसमें अधिकांश सदस्य सेवानिवृत्त लोग हैं, जिनके साथ उनकी पूरी पारिवारिक भागीदारी भी देखने को मिलती है।</p>



<p><strong>कार्यक्रम में प्रमुख रूप से उपस्थित रहे</strong></p>



<p>इस अवसर पर अध्यक्ष विनय ओझा, सचिव विशेश्वर लाल सिन्हा, कोषाध्यक्ष जीतन पाण्डेय, अजय कुमार, अशोक सिंह, लाल सिंह, सुमेश्वर लाल, विजय सिंह, राधामोहन मिश्रा, अनिल सिंह, प्रीति, विभा, मनीषा, रूपा, जया, पलक, साधुआईन, पुष्पा, बेबी और कंचन वर्मा सहित अनेक सदस्य उपस्थित रहे।</p>



<p>इस अवसर पर आरा में पारंपरिक होली की खुशबू, लोकगीतों की मधुरता और सामूहिक उत्साह का सुंदर संगम देखने को मिला।</p>



<p><strong>PNCB</strong> </p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>भय बनी परीक्षा ने ली एक छात्रा की जान</title>
		<link>https://www.patnanow.com/exam-fear-tragic-sucide-in-ara/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 20 Feb 2026 11:36:52 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[डर, दबाव और सन्नाटा… एक छात्रा की आखिरी रात क्या परीक्षा अब बच्चों के लिए भय का नाम बन गई है? आरा, 20 फरवरी। बिहार के आरा शहर से आई एक दर्दनाक घटना ने समाज को झकझोर कर रख दिया है। परीक्षा की तैयारी में जुटी एक इंटर की छात्रा ने उस मानसिक दबाव से हार मान ली, जिसे अक्सर हम “सामान्य तनाव” समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। यह सिर्फ एक परिवार का दुख नहीं… बल्कि उस बढ़ते परीक्षा-दबाव का आईना है, जो आज हजारों छात्रों की मानसिक स्थिति को प्रभावित कर रहा है। एक होनहार छात्रा… अधूरी रह गई कहानीक्लब रोड निवासी Indian Railways में कार्यरत पिता सतीश पाण्डेय और गृहिणी माता पिंकी पाण्डेय की दूसरी बेटी अनन्या, जिसे घर में प्यार से “गौरी” कहा जाता था, पढ़ाई में लगी थी. अनन्या DAV जगदीशपुर की इंटर की छात्रा थी जिसका एक्जाम सेंटर सोनवर्षा के MDJ कॉलेज में पड़ा था. 18 फरवरी को वह मोरल साइंस का पेपर दे चुकी थी और पेपर अच्छा भी गया था। लेकिन शरीर साथ नहीं दे रहा था… वह बीमार थी, जॉन्डिस से परेशान थी… और शुक्रवार 20 फरवरी को फिजिक्स का पेपर था. रात को पढ़ाई करते-करते उसने जीवन से ही हार मान ली. जब मां रात करीब 1 बजे देखने गईं तो कमरे से कोई जवाब नहीं आया… दरवाजा तोड़ा गया… और सामने ऐसा दृश्य था जिसे कोई भी परिवार कभी देखना नहीं चाहेगा. स्टडी रूम में अनन्या पंखे से दुपट्टे में झूलती एक अतीत बन चुकी थी. टेबल पर रखा था [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>डर, दबाव और सन्नाटा… एक छात्रा की आखिरी रात</strong></p>



<p><strong>क्या परीक्षा अब बच्चों के लिए भय का नाम बन गई है?</strong></p>



<p>आरा, 20 फरवरी। बिहार के आरा शहर से आई एक दर्दनाक घटना ने समाज को झकझोर कर रख दिया है। परीक्षा की तैयारी में जुटी एक इंटर की छात्रा ने उस मानसिक दबाव से हार मान ली, जिसे अक्सर हम “सामान्य तनाव” समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। यह सिर्फ एक परिवार का दुख नहीं… बल्कि उस बढ़ते परीक्षा-दबाव का आईना है, जो आज हजारों छात्रों की मानसिक स्थिति को प्रभावित कर रहा है।</p>



<p><strong>एक होनहार छात्रा… अधूरी रह गई कहानी</strong><br>क्लब रोड निवासी Indian Railways में कार्यरत पिता सतीश पाण्डेय और गृहिणी माता पिंकी पाण्डेय की दूसरी बेटी अनन्या, जिसे घर में प्यार से “गौरी” कहा जाता था, पढ़ाई में लगी थी. अनन्या DAV जगदीशपुर की इंटर की छात्रा थी जिसका एक्जाम सेंटर सोनवर्षा के MDJ कॉलेज में पड़ा था.</p>



<p>18 फरवरी को वह मोरल साइंस का पेपर दे चुकी थी और पेपर अच्छा भी गया था। लेकिन शरीर साथ नहीं दे रहा था… वह बीमार थी, जॉन्डिस से परेशान थी… और शुक्रवार 20 फरवरी को फिजिक्स का पेपर था. रात को पढ़ाई करते-करते उसने जीवन से ही हार मान ली. जब मां रात करीब 1 बजे देखने गईं तो कमरे से कोई जवाब नहीं आया… दरवाजा तोड़ा गया… और सामने ऐसा दृश्य था जिसे कोई भी परिवार कभी देखना नहीं चाहेगा. स्टडी रूम में अनन्या पंखे से दुपट्टे में झूलती एक अतीत बन चुकी थी. टेबल पर रखा था एक छोटा सा सुसाइड नोट, जिसमें परीक्षा, बीमारी और खुद को बोझ समझने की पीड़ा साफ झलक रही थी.</p>



<p><strong>सुसाइड नोट में क्या लिखा</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="859" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/02/1001015800-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-95107" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/02/1001015800-scaled.jpg 859w, https://www.patnanow.com/assets/2026/02/1001015800-545x650.jpg 545w" sizes="auto, (max-width: 859px) 100vw, 859px" /></figure>



<p>मेरे से नहीं होश है अब। मैं एग्जाम नहीं दे पाऊंगी मेरा बोर्ड्स है मेरी तबीयत ही खराब रहती है हमेशा। सब मेरी गलती है। मेरे चलते मेरे पेरेंट्स परेशान है बट हो गया… अब और नहीं… मैं जा रही हूं और किसी के चलते नहीं खुद से जा रही हूं। मम्मी डैडी अपना ध्यान रखिएगा। दीदी बाबू तुम भी…</p>



<p>बाय<br>अनन्या/ गौरी</p>



<p><strong>एक सुसाइड नोट… और हजार सवाल</strong><br>अपने छोड़े सुसाइड नोट में उसने लिखा था कि वह बीमार रहती है… परीक्षा नहीं दे पाएगी… माता-पिता परेशान हैं… और वह किसी के कारण नहीं, खुद से यह कदम उठा रही है।</p>



<p>यह शब्द सिर्फ एक छात्रा की निराशा नहीं… बल्कि उस अदृश्य डर की आवाज हैं। फेल होने का डर… पीछे छूट जाने का डर… और उम्मीदों पर खरा न उतर पाने का डर।</p>



<p><strong>क्या परीक्षा अब डर का दूसरा नाम बन गई है?</strong><br>आज परीक्षा सिर्फ ज्ञान की नहीं… मानसिक सहनशीलता की भी परीक्षा बनती जा रही है। देर से पहुंचने पर केंद्र में प्रवेश नहीं, ट्रैफिक जाम या स्वास्थ्य समस्या की कोई राहत नहीं,“एक मौका चूक गए… तो साल बर्बाद” की मानसिकता इन परिस्थितियों में छात्र परीक्षा को अवसर नहीं… अंतिम निर्णय की तरह देखने लगते हैं।</p>



<p>हाल ही में मसौढ़ी में भी परीक्षा से जुड़ी निराशा के कारण एक बच्ची ने ट्रेन के सामने कूदकर जान दे दी। दो अलग घटनाएं… लेकिन कारण एक परीक्षा का असहनीय दबाव।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="593" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/02/1001015801-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-95108" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/02/1001015801-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/02/1001015801-650x377.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/02/1001015801-1536x890.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>अनन्या के पिता रोते हुए सिर्फ इतना कह पाए -“हमने कभी उस पर पढ़ाई का दबाव नहीं बनाया… समझ ही नहीं पाए कि उसने ऐसा क्यों किया…”यही सबसे बड़ा सवाल है &#8211; बच्चे कब चुपचाप टूट जाते हैं… हमें पता ही नहीं चलता।</p>



<p><strong>विशेषज्ञ क्या कहते हैं?</strong><br>मनोवैज्ञानिकों के अनुसार परीक्षा तनाव के प्रमुख कारण:</p>



<ul class="wp-block-list">
<li>असफलता का भय</li>



<li>स्वास्थ्य समस्याओं के साथ पढ़ाई का दबाव</li>



<li>“परफेक्ट होना ही पड़ेगा” की सोच</li>



<li>तुलना और सामाजिक अपेक्षाएं</li>



<li>एक ही परीक्षा को जीवन का फैसला मान लेना<br>जब इन सबके साथ कठोर परीक्षा नियम जुड़ते हैं, तो संवेदनशील बच्चे इसे जीवन-मरण का प्रश्न मान लेते हैं।</li>
</ul>



<p>“फेल होना जीवन की हार नहीं” यह संदेश सभी को देना चाहिए। क्या हम बच्चों को पढ़ा रहे हैं… या उन्हें डरना सिखा रहे हैं? एक छात्रा चली गई… लेकिन पीछे छोड़ गई चेतावनी । परीक्षा से ज्यादा जरूरी है जीवन। यदि आपके घर में भी परीक्षार्थी है तो ध्यान रखें</p>



<ul class="wp-block-list">
<li>उनसे रोज खुलकर बात करें</li>



<li>सिर्फ रिजल्ट नहीं, उनकी भावनाएं पूछें</li>



<li>बीमारी या थकान को हल्के में न लें</li>



<li>तुलना बिल्कुल न करें</li>



<li>जरूरत हो तो काउंसलिंग लें</li>
</ul>



<p>जरूरत क्या है ..सख्ती या संवेदनशीलता?<br>परीक्षा अनुशासन जरूरी है… लेकिन क्या मानवीय परिस्थितियों के लिए लचीलापन नहीं होना चाहिए?<br>बीमारी या आकस्मिक स्थिति में वैकल्पिक परीक्षा,<br>देर से आने पर सीमित समय के साथ प्रवेश और<br>स्कूल स्तर पर मानसिक स्वास्थ्य काउंसलिंग जैसे कार्य किए जा सकते हैं।</p>



<p>अनन्या की कहानी सिर्फ एक खबर नहीं…यह एक समाज की जिम्मेदारी है। जब परीक्षा डर बन जाए<br>तो किताबें नहीं… व्यवस्था बदलने की जरूरत होती है।</p>



<p><strong>PNCB</strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>न क्लर्क, न स्टेनो…फिर भी 15 साल तक SDO ऑफिस का करता रहा मैनेजमेंट !</title>
		<link>https://www.patnanow.com/neither-a-clerk-nor-a-stenographer-yet-managed-the-sdo-office-for-15-years/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 02 Feb 2026 08:20:22 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[SDO कार्यालय में नियमों की धज्जियां! प्रतिनियुक्ति पर कार्य करने वाले सभी कार्यालयों में विकास मित्रों की प्रतिनियुक्ति हुई रद्दविकास मित्र अब अपने वार्ड और पंचायतों में ही करेंगे कार्य आरा, 2 फरवरी। आरा सदर SDO कार्यालय में नियमों और प्रशासनिक मर्यादाओं को खुलेआम ताक पर रखे जाने का एक गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। वार्ड नंबर 24 के विकास मित्र के पद से जुड़े रवि कुमार बीते लगभग डेढ़ दशक (15 वर्ष) तक लगातार SDO कार्यालय में जमे रहे, जबकि उनकी तैनाती से संबंधित आज तक कोई वैध विभागीय आदेश, डेप्युटेशन पत्र या आधिकारिक रिकॉर्ड सामने नहीं आ सका है। मामला मीडिया में आने के बाद अब प्रतिनियुक्ति पर कार्य करने वाले सभी कार्यालयों में विकास मित्रों की प्रतिनियुक्ति SDO शिप्रा विजय चौधरी ने रद्द करते हुए उन्हें अपने वार्ड और पंचायतों में ही कार्य करने का आदेश जारी किया है। सरकारी नियमों के अनुसार किसी भी कर्मचारी का डेप्युटेशन सामान्यतः तीन वर्ष के लिए होता है और विशेष परिस्थितियों में इसे अधिकतम सात वर्ष तक ही बढ़ाया जा सकता है। इसके बावजूद रवि कुमार इन सभी नियमों और सीमाओं को धता बताते हुए लगभग 15 वर्षों तक एक ही कार्यालय और एक ही कुर्सी पर काबिज रहे। हैरानी की बात यह है कि इतने लंबे समय तक न तो उनकी तैनाती पर कोई ठोस सवाल उठा और न ही किसी स्तर पर प्रभावी कार्रवाई हुई। कल्याण विभाग ने झाड़ा पल्लामामले में स्थिति स्पष्ट करने पर जिला कल्याण पदाधिकारी नवीन कुमार ने साफ तौर पर कहा [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>SDO कार्यालय में नियमों की धज्जियां!<br></strong><br><br><strong>प्रतिनियुक्ति पर कार्य करने वाले सभी कार्यालयों में विकास मित्रों की प्रतिनियुक्ति हुई रद्द<br></strong><br><strong>विकास मित्र अब अपने वार्ड और पंचायतों में ही करेंगे कार्य</strong><br><br>आरा, 2 फरवरी। आरा सदर SDO कार्यालय में नियमों और प्रशासनिक मर्यादाओं को खुलेआम ताक पर रखे जाने का एक गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। वार्ड नंबर 24 के विकास मित्र के पद से जुड़े रवि कुमार बीते लगभग डेढ़ दशक (15 वर्ष) तक लगातार SDO कार्यालय में जमे रहे, जबकि उनकी तैनाती से संबंधित आज तक कोई वैध विभागीय आदेश, डेप्युटेशन पत्र या आधिकारिक रिकॉर्ड सामने नहीं आ सका है। मामला मीडिया में आने के बाद अब प्रतिनियुक्ति पर कार्य करने वाले सभी कार्यालयों में विकास मित्रों की प्रतिनियुक्ति SDO शिप्रा विजय चौधरी ने रद्द करते हुए उन्हें अपने वार्ड और पंचायतों में ही कार्य करने का आदेश जारी किया है।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="566" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/02/1000941760-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-94702" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/02/1000941760-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/02/1000941760-650x359.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/02/1000941760-1536x848.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p><br><br>सरकारी नियमों के अनुसार किसी भी कर्मचारी का डेप्युटेशन सामान्यतः तीन वर्ष के लिए होता है और विशेष परिस्थितियों में इसे अधिकतम सात वर्ष तक ही बढ़ाया जा सकता है। इसके बावजूद रवि कुमार इन सभी नियमों और सीमाओं को धता बताते हुए लगभग 15 वर्षों तक एक ही कार्यालय और एक ही कुर्सी पर काबिज रहे। हैरानी की बात यह है कि इतने लंबे समय तक न तो उनकी तैनाती पर कोई ठोस सवाल उठा और न ही किसी स्तर पर प्रभावी कार्रवाई हुई।<br><br><strong>कल्याण विभाग ने झाड़ा पल्ला</strong><br>मामले में स्थिति स्पष्ट करने पर जिला कल्याण पदाधिकारी नवीन कुमार ने साफ तौर पर कहा कि कल्याण विभाग की ओर से रवि कुमार का SDO कार्यालय में कोई डेप्युटेशन आदेश जारी ही नहीं किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि रवि कुमार के खिलाफ पहले भी विभागीय स्तर से शिकायत भेजी गई थी, लेकिन उस पर आज तक कोई जवाब नहीं मिला। ऐसे में बड़ा और सीधा सवाल यह खड़ा होता है कि<br>जब विभाग ने भेजा ही नहीं, तो रवि कुमार किस हैसियत से SDO कार्यालय में वर्षों तक काम करता रहा?</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="462" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/02/1000941761-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-94704" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/02/1000941761-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/02/1000941761-650x294.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/02/1000941761-1536x694.jpg 1536w, https://www.patnanow.com/assets/2026/02/1000941761-2048x925.jpg 2048w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p><br><strong>अफसरों की चुप्पी&#8230; जांच सिर्फ आश्वासन तक</strong><br>मामले को लेकर जब जिलाधिकारी और सदर SDO से सवाल किए गए, तो दोनों ही अधिकारी खुलकर कुछ भी कहने से बचते नजर आए। हर बार सिर्फ यही कहा गया कि “मामले की जांच कराई जाएगी”। हालांकि इसके बाद भी न तो जांच की कोई समय-सीमा तय की गई, और न ही यह स्पष्ट किया गया कि इस पूरे मामले की जिम्मेदारी किस अधिकारी की बनती है।<br><br><strong>पूर्व SDO पर ‘फिक्स पोस्टिंग’ का आरोप</strong><br>सूत्रों की मानें तो रवि कुमार की SDO कार्यालय में तैनाती पूर्व के एक SDO द्वारा ‘फिक्स’ कर दी गई थी। हालांकि इस बेहद संवेदनशील दावे पर कल्याण विभाग के अधिकारी भी खुलकर कुछ कहने से बचते रहे और बार-बार यही दोहराते रहे कि “हमारे विभाग से कोई डेप्युटेशन नहीं भेजा गया है”।<br><br><strong>दबाव, धौंस और खामोशी का माहौल</strong><br>सूत्र बताते हैं कि कार्यालय के भीतर जो भी कर्मचारी रवि कुमार की भूमिका या तैनाती पर सवाल उठाने की कोशिश करता, उस पर इतना दबाव बनाया जाता कि मामला वहीं ठंडे बस्ते में चला जाता। सूत्र यह भी बताते हैं कि जब दबाव से काम नहीं बनता, तो रवि कुमार अपना आखिरी हथियार ST/SC का केस करने का दबाव देकर सामने वाले को चुप करा देते। यही वजह रही कि वर्षों तक कोई भी कर्मचारी खुलकर शिकायत दर्ज कराने का साहस नहीं जुटा सका।<br><br><strong>मीडिया पर भी आरोप, लोक शिकायत में शिकायत</strong><br>इतना ही नहीं, जब यह मामला मीडिया में सामने आया तो रवि कुमार ने मीडियाकर्मियों पर पैसे मांगने का आरोप लगाया। इस आरोप की सच्चाई उजागर करने के लिए पत्रकार मनोज कुमार सिंह ने 29 दिसंबर 2025 को लोक शिकायत पदाधिकारी के समक्ष लिखित आवेदन देकर शिकायत दर्ज कराई।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="576" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/02/1000941751-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-94699" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/02/1000941751-scaled.jpg 576w, https://www.patnanow.com/assets/2026/02/1000941751-366x650.jpg 366w" sizes="auto, (max-width: 576px) 100vw, 576px" /></figure>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="576" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/02/1000941752-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-94698" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/02/1000941752-scaled.jpg 576w, https://www.patnanow.com/assets/2026/02/1000941752-366x650.jpg 366w" sizes="auto, (max-width: 576px) 100vw, 576px" /></figure>



<p><strong>मीडिया में मामला आया, तो बदली तस्वीर</strong><br>मामला मीडिया और लोक शिकायत पदाधिकारी तक पहुंचने के बाद प्रशासन हरकत में आया। 15 जनवरी 2026 को SDO की ओर से लोक शिकायत पदाधिकारी को भेजे गए पत्र में कहा गया कि विकास मित्र रवि कुमार को विभाग द्वारा आशुलिपिक उपलब्ध नहीं होने के कारण गोपनीय शाखा में विधि-व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में सहयोग के लिए रखा गया था अर्थात, साधारण शब्दों में कहें तो गोपनीय शाखा के मैनेजमेंट में सहयोग की जिम्मेदारी रवि कुमार के पास थी। हालांकि अगर इस तर्क को मान भी लिया जाए, तो सवाल उठता है कि रवि कुमार रोज़ाना SDO कार्यालय में आखिर किस भूमिका में काम कर रहे थे?</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="400" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/02/1000941730-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-94700" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/02/1000941730-scaled.jpg 400w, https://www.patnanow.com/assets/2026/02/1000941730-254x650.jpg 254w, https://www.patnanow.com/assets/2026/02/1000941730-799x2048.jpg 799w" sizes="auto, (max-width: 400px) 100vw, 400px" /></figure>



<p><strong><br>14 दिन बाद विमुक्ति, नए सवाल</strong><br>लेकिन ठीक 14 दिन बाद, यानी 29 जनवरी 2026 को ज्ञापांक 392 के जरिए सदर SDO द्वारा रवि कुमार सहित सभी कार्यालयों में विकास मित्रों की प्रतिनियुक्ति SDO ने रद्द करते हुए उन्हें अपने वार्ड और पंचायतों में ही कार्य करने का आदेश जारी किया है। रवि की जगह तत्काल लिपिक अविनाश कुमार और कंप्यूटर डेटा एंट्री ऑपरेटर हरिनारायण पंडित को प्रतिनियुक्त करने का आदेश जारी किया गया है।<br>इस अचानक हुई कार्रवाई ने कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं कि अगर रवि कुमार नियमों के तहत सही था, तो उसे आनन-फानन में हटाने की जरूरत क्यों पड़ी? आरोपों की जांच करने के बजाय उसे “मैनेजर” के रूप में पेश क्यों किया गया?<br><br><strong>सिस्टम पर बड़ा सवाल</strong><br>सबसे बड़ा सवाल यही है कि बिना डेप्युटेशन, बिना रिकॉर्ड और बिना जवाबदेही के एक व्यक्ति 15 वर्षों तक एक ही कार्यालय और एक ही भूमिका में कैसे जमा रहा?<br>और अगर यह तैनाती नियम विरुद्ध थी, तो अब तक जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई?</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="601" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/02/1000941762-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-94701" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/02/1000941762-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/02/1000941762-650x382.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/02/1000941762-1536x902.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p><br></p>



<p>यह मामला सिर्फ एक विकास मित्र तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे प्रशासनिक तंत्र की पारदर्शिता, जवाबदेही और कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।</p>



<p>अब देखना यह है कि यह प्रकरण भी “जांच जारी है” की फाइलों में दबा दिया जाएगा या वाकई किसी जिम्मेदार पर कार्रवाई होगी।</p>



<p>आरा से <strong>ओ पी</strong> <strong>पाण्डेय</strong> की रिपोर्ट </p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>संविधान दिवस@75 पर आरा क्यों गूँज उठा? वजह जानकर चौंक जाएंगे</title>
		<link>https://www.patnanow.com/samvidhan-divas-per-kyon-gunj-utha-aara/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 27 Nov 2025 04:32:38 +0000</pubDate>
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		<category><![CDATA[संविधान दिवस]]></category>
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					<description><![CDATA[संविधान दिवस की 75वीं वर्षगांठ पर आरा में पहली बार एनसीसी का भव्य आयोजन, नशा-मुक्ति और वंदे मातरम् की गूँज से रामना मैदान उत्साहित 350 से अधिक कैडेट्स, विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं और अधिकारियों की भागीदारी के साथ 5 बिहार बटालियन एनसीसी ने संविधान, नशा-मुक्ति जागरूकता और वंदे मातरम्@150 पर आकर्षक प्रस्तुतियाँ आरा, 27 नवम्बर। रमना मैदान, आरा में बुधवार को 5 बिहार बटालियन एनसीसी द्वारा संविधान दिवस, नशा-मुक्ति जागरूकता अभियान तथा वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में 3 अधिकारी, 9 एएनओ, 15 पीआई स्टाफ तथा 350 से अधिक एनसीसी कैडेट्स ने अनुशासन और देशभक्ति का शानदार प्रदर्शन किया। मुख्य अतिथि कला एवं संस्कृति विभाग, बिहार सरकार की अधिकारी श्रीमती अनुप्रिया ने संविधान की महत्ता, नागरिक कर्तव्यों तथा युवा शक्ति की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए एनसीसी के प्रयासों की सराहना की। कमांडिंग ऑफिसर कर्नल पुणीत श्रीवास्तव ने कहा“संविधान हमारा मार्गदर्शन करता है, नशा-मुक्ति समाज की आवश्यकता है और वंदे मातरम् हमारी राष्ट्रीय चेतना का आधार है।”उन्होंने कैडेट्स को राष्ट्रनिर्माण में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। संभावना आवासीय उच्च विद्यालय का उत्कृष्ट प्रदर्शन कार्यक्रम में विभिन्न विद्यालयों के बच्चों ने संविधान, मूल अधिकारों, कर्तव्यों और नशा-मुक्ति पर आकर्षक प्रस्तुतियाँ दीं। संभावना आवासीय उच्च विद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत नशा-मुक्ति आधारित नुक्कड़ नाटक कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा। प्रिंसिपल डॉ. अर्चना सिंह ने कहा कि ऐसे आयोजनों से बच्चों की प्रतिभा सामने आती है और उनमें राष्ट्रीय चेतना विकसित होती है। नुक्कड़ नाटक में भाग लेने वाले [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>संविधान दिवस की 75वीं वर्षगांठ पर आरा में पहली बार एनसीसी का भव्य आयोजन, नशा-मुक्ति और वंदे मातरम् की गूँज से रामना मैदान उत्साहित</strong><br><br><em>350 से अधिक कैडेट्स, विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं और अधिकारियों की भागीदारी के साथ 5 बिहार बटालियन एनसीसी ने संविधान, नशा-मुक्ति जागरूकता और वंदे मातरम्@150 पर आकर्षक प्रस्तुतियाँ</em><br><br>आरा, 27 नवम्बर। रमना मैदान, आरा में बुधवार को 5 बिहार बटालियन एनसीसी द्वारा संविधान दिवस, नशा-मुक्ति जागरूकता अभियान तथा वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में 3 अधिकारी, 9 एएनओ, 15 पीआई स्टाफ तथा 350 से अधिक एनसीसी कैडेट्स ने अनुशासन और देशभक्ति का शानदार प्रदर्शन किया।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="768" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/11/1000664465-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-93150" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/11/1000664465-scaled.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2025/11/1000664465-488x650.jpg 488w, https://www.patnanow.com/assets/2025/11/1000664465-1153x1536.jpg 1153w" sizes="auto, (max-width: 768px) 100vw, 768px" /></figure>



<p class="has-black-color has-text-color has-link-color wp-elements-38c9643b843ff72b2276ae3a6d6fa3e2"><br><br>मुख्य अतिथि कला एवं संस्कृति विभाग, बिहार सरकार की अधिकारी श्रीमती अनुप्रिया ने संविधान की महत्ता, नागरिक कर्तव्यों तथा युवा शक्ति की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए एनसीसी के प्रयासों की सराहना की। </p>



<p class="has-black-color has-text-color has-link-color wp-elements-9ac00cf961d1ea846fe5a532228b76c6"></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="364" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/11/1000664477-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-93151" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/11/1000664477-scaled.jpg 364w, https://www.patnanow.com/assets/2025/11/1000664477-231x650.jpg 231w, https://www.patnanow.com/assets/2025/11/1000664477-546x1536.jpg 546w, https://www.patnanow.com/assets/2025/11/1000664477-728x2048.jpg 728w" sizes="auto, (max-width: 364px) 100vw, 364px" /></figure>



<p class="has-black-color has-text-color has-link-color wp-elements-9d958e8987cc4db5ab16c3272cbe29be">कमांडिंग ऑफिसर कर्नल पुणीत श्रीवास्तव ने कहा<br>“संविधान हमारा मार्गदर्शन करता है, नशा-मुक्ति समाज की आवश्यकता है और वंदे मातरम् हमारी राष्ट्रीय चेतना का आधार है।”उन्होंने कैडेट्स को राष्ट्रनिर्माण में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।<br><br><strong>संभावना आवासीय उच्च विद्यालय का उत्कृष्ट प्रदर्शन</strong><br><br>कार्यक्रम में विभिन्न विद्यालयों के बच्चों ने संविधान, मूल अधिकारों, कर्तव्यों और नशा-मुक्ति पर आकर्षक प्रस्तुतियाँ दीं।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="567" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/11/1000664496-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-93154" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/11/1000664496-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/11/1000664496-650x360.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2025/11/1000664496-1536x850.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p class="has-black-color has-text-color has-link-color wp-elements-42199a887b2d8fe2ca051a94d8160b7c">संभावना आवासीय उच्च विद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत नशा-मुक्ति आधारित नुक्कड़ नाटक कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा। प्रिंसिपल डॉ. अर्चना सिंह ने कहा कि ऐसे आयोजनों से बच्चों की प्रतिभा सामने आती है और उनमें राष्ट्रीय चेतना विकसित होती है।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="768" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/11/1000664476-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-93152" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/11/1000664476-scaled.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2025/11/1000664476-488x650.jpg 488w, https://www.patnanow.com/assets/2025/11/1000664476-1153x1536.jpg 1153w" sizes="auto, (max-width: 768px) 100vw, 768px" /></figure>



<p class="has-black-color has-text-color has-link-color wp-elements-64467f77a8a3a00b0b895091969e9d43"><br><br><strong>नुक्कड़ नाटक में भाग लेने वाले छात्र:</strong><br>अंकित सिंह, श्रेयांश तिवारी, अंकित कुमार, दीपक तिवारी, आरव कुमार, विष्णु राज, आयुष भारद्वाज, सुशांत कुमार, सौरव कुमार, शुभम मिश्रा, अंश सिंह, अमृत राज, सान्या पाण्डेय, पायल ओझा, संगीत आदि।<br><br><strong>अन्य प्रतिभागी छात्र-छात्राएँ:</strong><br>अर्पिता केशरी, शिक्षम कुमारी, प्रियांशी सिंह, सारिका सिंह, अपूर्वा, प्रगति सिंह, वंदना सिंह, अर्पिता कुमारी, रौशनी सिंह, लक्ष्मी, आयुषी, स्नेहा कुमारी, ऐश्वर्या सिंह, अनुष्का कुमारी, मनोरमा कुमारी, राज नंदिनी कुमारी, तेजस पाण्डेय, रुद्र पाण्डेय, जीवन पाण्डेय, रौनक सिंह, आशीष पाण्डेय आदि।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/11/1000662351-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-93153" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/11/1000662351-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/11/1000662351-650x650.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2025/11/1000662351-1536x1536.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p class="has-black-color has-text-color has-link-color wp-elements-49cba1f4dbd2a23c72cd72f237687199"><strong>पुरस्कार एवं सम्मान</strong><br>एनसीसी द्वारा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कैडेट्स को सम्मानित किया गया:<br><br>कैडेट सुहानी – सर्वश्रेष्ठ भाषण (संविधान)<br>कैडेट सुनीधि – नागरिक कर्तव्यों पर श्रेष्ठ प्रस्तुति<br>कैडेट प्रतिक्ष – सर्वश्रेष्ठ देशभक्ति गायन<br>संभावना रेज़िडेंशियल स्कूल – श्रेष्ठ नुक्कड़ नाटक (नशा-मुक्ति)<br>कैडेट कोमल कुमारी – सामाजिक जागरूकता अभियानों में सक्रिय योगदान<br><br>इन पुरस्कारों का उद्देश्य युवाओं में संवैधानिक मूल्यों, अनुशासन, सामाजिक चेतना और सांस्कृतिक अभिव्यक्ति को बढ़ावा देना है।<br><br><strong>विशिष्ट उपस्थितियाँ</strong><br><br>कार्यक्रम में लेफ्टिनेंट कर्नल एस.के. मिश्रा, सुबेदार मेजर राकेश प्रसाद, जीसीआई बिमला कुमारी, सुब गुरप्रीत सिंह तथा हवलदार प्रशांत सिंह सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे और सभी ने कैडेट्स के उत्साह की सराहना की।<br><br>कार्यक्रम का समापन सामूहिक “वंदे मातरम्” के गायन और गूँजते “भारत माता की जय” के नारों के साथ हुआ।</p>



<p class="has-black-color has-text-color has-link-color wp-elements-e1aee6f4095d67836e752f7862ac2a41">आरा से <strong>ओ पी पाण्डेय</strong> की रिपोर्ट </p>
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		<title>चुनावी हार के बाद RJD में मंथन शुरू</title>
		<link>https://www.patnanow.com/chunavi-har-ke-baad-rjd-ka-manthan/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 16 Nov 2025 11:23:44 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Politics]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[bihar]]></category>
		<category><![CDATA[Bihar politics]]></category>
		<category><![CDATA[PATNA]]></category>
		<category><![CDATA[PATNA NOW]]></category>
		<category><![CDATA[rjd]]></category>
		<category><![CDATA[Tejashwi]]></category>
		<category><![CDATA[पटना नाउ]]></category>
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					<description><![CDATA[तेजस्वी यादव सोमवार को करेंगे पराजित प्रत्याशियों संग ‘बड़ी समीक्षा बैठक’ पटना, 16 नवंबर। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में करारी हार और लालू परिवार में कलह के बीच आरजेडी अब आत्ममंथन और डैमेज कंट्रोल मोड में आ गई है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव सोमवार को पटना स्थित अपने सरकारी आवास पर पार्टी की महत्वपूर्ण बैठक करने जा रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक यह बैठक सुबह 11 बजे आयोजित होगी, जिसमें विधानसभा चुनाव में पराजित सभी उम्मीदवारों को बुलाया गया है। तेजस्वी यादव हर प्रत्याशी से व्यक्तिगत रूप से बातचीत कर हार के कारणों की विस्तृत जानकारी लेंगे। बैठक में ग्राउंड रिपोर्ट, संगठन की कमजोरियां, बूथ लेवल मैनेजमेंट, चुनावी रणनीति, प्रचार तंत्र और नेतृत्व से जुड़ी चुनौतियों पर खुलकर चर्चा होगी। सूत्रों का यह भी कहना है कि पार्टी के भीतर हाल के दिनों में बढ़ी नाराजगी और विवाद को देखते हुए मीटिंग में एकजुटता, अनुशासन और नेतृत्व पर भरोसा बहाल करने पर भी खास फोकस रहेगा। इस अहम समीक्षा बैठक से आरजेडी की आगामी राजनीतिक दिशा और संगठनात्मक बदलावों को लेकर महत्वपूर्ण संकेत मिलने की संभावना है। PNCB]]></description>
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<p><strong>तेजस्वी यादव सोमवार को करेंगे पराजित प्रत्याशियों संग ‘बड़ी समीक्षा बैठक’</strong><br><br>पटना, 16 नवंबर। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में करारी हार और लालू परिवार में कलह के बीच आरजेडी अब आत्ममंथन और डैमेज कंट्रोल मोड में आ गई है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव सोमवार को पटना स्थित अपने सरकारी आवास पर पार्टी की महत्वपूर्ण बैठक करने जा रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक यह बैठक सुबह 11 बजे आयोजित होगी, जिसमें विधानसभा चुनाव में पराजित सभी उम्मीदवारों को बुलाया गया है।<br><br>तेजस्वी यादव हर प्रत्याशी से व्यक्तिगत रूप से बातचीत कर हार के कारणों की विस्तृत जानकारी लेंगे। बैठक में ग्राउंड रिपोर्ट, संगठन की कमजोरियां, बूथ लेवल मैनेजमेंट, चुनावी रणनीति, प्रचार तंत्र और नेतृत्व से जुड़ी चुनौतियों पर खुलकर चर्चा होगी।<br><br>सूत्रों का यह भी कहना है कि पार्टी के भीतर हाल के दिनों में बढ़ी नाराजगी और विवाद को देखते हुए मीटिंग में एकजुटता, अनुशासन और नेतृत्व पर भरोसा बहाल करने पर भी खास फोकस रहेगा।<br><br>इस अहम समीक्षा बैठक से आरजेडी की आगामी राजनीतिक दिशा और संगठनात्मक बदलावों को लेकर महत्वपूर्ण संकेत मिलने की संभावना है।</p>



<p><strong>PNCB</strong> </p>



<p></p>
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