<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>patna municipal corporation &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
	<atom:link href="https://www.patnanow.com/tag/patna-municipal-corporation/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://www.patnanow.com</link>
	<description>Patna News Portal - हर ख़बर पर नज़र</description>
	<lastBuildDate>Mon, 14 Oct 2019 17:28:51 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.6.1</generator>

<image>
	<url>https://www.patnanow.com/assets/2022/08/cropped-PatnaNow_Logo_2022-32x32.png</url>
	<title>patna municipal corporation &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
	<link>https://www.patnanow.com</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>पटना जल जमाव त्रासदी &#124; गिरी कइयों पर गाज &#124; क्या इससे निकलेगा समाधान</title>
		<link>https://www.patnanow.com/patna-ke-jal-jamav-ko-lekar-kai-officers-suspend/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Nikhil]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 14 Oct 2019 17:28:51 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[PATNA]]></category>
		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[nitish kumar]]></category>
		<category><![CDATA[patna municipal corporation]]></category>
		<category><![CDATA[PATNA NOW]]></category>
		<category><![CDATA[sushil modi deputy cm]]></category>
		<category><![CDATA[Water logging in patna]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.patnanow.com/?p=41654</guid>

					<description><![CDATA[पटना (ब्यूरो रिपोर्ट) &#124;  बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित संवाद में पिछले दिनों पटना में अतिवृष्टि से जलजमाव से संबंधित समीक्षा बैठक की. बैठक में नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव चैतन्य प्रसाद ने बताया कि 27 सितम्बर को 98 मि0मी0, 28 सितम्बर को 151.9 मि0मी0 तथा 29 सितम्बर को 91.6 मि0मी0 यानि तीन दिनों में कुल 341.5 मि0मी0 वर्षा हुयी. उन्होंने जलजमाव से उत्पन्न परिस्थिति, उसके कारणों एवं तात्कालिक समाधान एवं दीर्घकालिक कार्ययोजना की विस्तृत प्रस्तुति मुख्यमंत्री के समक्ष दी. प्रधान सचिव वित्त सह पटना जिले के प्रभारी सचिव एस0 सिद्धार्थ ने जलजमाव के दौरान किये गये निरीक्षण एवं सर्वे की जानकारी दी. बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सदस्य उदय कांत मिश्रा ने पटना शहर के विभिन्न क्षेत्रों में वर्षापात के उतार-चढ़ाव संबंधी जानकारी दी ताकि जलजमाव के समाधान के लिये बनायी जाने वाली कार्ययोजना में इसका भी ध्यान रखा जाय. पटना के जिलाधिकारी कुमार रवि ने भी जलजमाव के दौरान किये गये राहत कार्यों की जानकारी दी. मुख्यमंत्री ने कहा कि पटना में जलजमाव के कारण लोगों को काफी परेशानी हुयी है. नगर विकास एवं आवास विभाग ने इसके लिये कुछ दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की है, जिसमें बुडको के एक चीफ इंजीनियर, 2 सुप्रीटेंडिंग इंजीनियर, 6 एक्सक्यूटिव इंजीनियर, 1 एक्सक्यूटिव इंजीनियर मैकेनिकल, एक असिस्टेंट इंजीनियर मैकेनिकल के विरूद्ध शो काॅज नोटिस जारी किया गया है. एक एक्सक्यूटिव इंजीनियर को एडमिनिस्ट्रेटिव ग्राउण्ड पर ट्रांसफर किया गया है. नमामि गंगे प्रोजेक्ट के एल० एण्ड टी० कम्पनी के प्रोजेक्ट मैनेजर को शो काॅज [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<figure class="wp-block-image"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="650" height="340" src="https://www.patnanow.com/assets/2019/10/pnc-cm-meeting-on-patna-water-logging-1-650x340.png" alt="" class="wp-image-41657" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2019/10/pnc-cm-meeting-on-patna-water-logging-1.png 650w, https://www.patnanow.com/assets/2019/10/pnc-cm-meeting-on-patna-water-logging-1-350x183.png 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p><strong>पटना (ब्यूरो रिपोर्ट)</strong> |  बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित संवाद में पिछले दिनों पटना में अतिवृष्टि से जलजमाव से संबंधित समीक्षा बैठक की. बैठक में नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव चैतन्य प्रसाद ने बताया कि 27 सितम्बर को 98 मि0मी0, 28 सितम्बर को 151.9 मि0मी0 तथा 29 सितम्बर को 91.6 मि0मी0 यानि तीन दिनों में कुल 341.5 मि0मी0 वर्षा हुयी. उन्होंने जलजमाव से उत्पन्न परिस्थिति, उसके कारणों एवं तात्कालिक समाधान एवं दीर्घकालिक कार्ययोजना की विस्तृत प्रस्तुति मुख्यमंत्री के समक्ष दी. प्रधान सचिव वित्त सह पटना जिले के प्रभारी सचिव एस0 सिद्धार्थ ने जलजमाव के दौरान किये गये निरीक्षण एवं सर्वे की जानकारी दी. बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सदस्य उदय कांत मिश्रा ने पटना शहर के विभिन्न क्षेत्रों में वर्षापात के उतार-चढ़ाव संबंधी जानकारी दी ताकि जलजमाव के समाधान के लिये बनायी जाने वाली कार्ययोजना में इसका भी ध्यान रखा जाय. पटना के जिलाधिकारी कुमार रवि ने भी जलजमाव के दौरान किये गये राहत कार्यों की जानकारी दी. मुख्यमंत्री ने कहा कि पटना में जलजमाव के कारण लोगों को काफी परेशानी हुयी है.</p>



<figure class="wp-block-image"><img decoding="async" width="650" height="340" src="https://www.patnanow.com/assets/2019/10/pnc-cm-meeting-on-patna-water-logging--650x340.png" alt="" class="wp-image-41658" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2019/10/pnc-cm-meeting-on-patna-water-logging-.png 650w, https://www.patnanow.com/assets/2019/10/pnc-cm-meeting-on-patna-water-logging--350x183.png 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>नगर विकास एवं आवास विभाग ने इसके लिये कुछ दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की है, जिसमें बुडको के एक चीफ इंजीनियर, 2 सुप्रीटेंडिंग इंजीनियर, 6 एक्सक्यूटिव इंजीनियर, 1 एक्सक्यूटिव इंजीनियर मैकेनिकल, एक असिस्टेंट इंजीनियर मैकेनिकल के विरूद्ध शो काॅज नोटिस जारी किया गया है. एक एक्सक्यूटिव इंजीनियर को एडमिनिस्ट्रेटिव ग्राउण्ड पर ट्रांसफर किया गया है. नमामि गंगे प्रोजेक्ट के एल० एण्ड टी० कम्पनी के प्रोजेक्ट मैनेजर को शो काॅज नोटिस जारी किया गया है. पटना नगर निगम के एक्सक्यूटिव अफसर कंकड़बाग, सिटी मैनेजर कंकड़बाग, चीफ सेनेटरी आफिसर कंकड़बाग को शो काॅज नोटिस जारी किया गया है और तत्काल वेतन भुगतान बंद कर दिया गया है. कंकड़बाग के चार सेनेटरी इंस्पेक्टर को सस्पेंड किया गया है. दो सेनेटरी इंस्पेक्टर पाटलिपुत्रा को सस्पेंड किया गया है. एक्सक्यूटिस आफिसर बाॅकीपुर, चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर बाॅकीपुर, सभी सेनेटरी इंस्पेक्टर बाॅकीपुर को शो काॅज जारी किया गया है. ड्रेनेज पम्प सिस्टम के पदस्थापित 22 कर्मचारियों को शो काॅज नोटिस जारी किया गया है और तत्काल वेतन भुगतान बंद किया गया है.<br> सोमवार की बैठक में यह निर्णय लिया गया कि विकास आयुक्त की अध्यक्षता में एक कमिटी बनेगी, जिसमें प्रधान सचिव पथ निर्माण, प्रधान सचिव आपदा प्रबंधन एवं प्रधान सचिव नगर विकास एवं आवास विभाग विभाग सदस्य होंगे. यह कमिटी एक महीने के अंदर अपनी रिपोर्ट देगी. कमिटी मुख्य रूप से दो बिन्दुओं पर रिपोर्ट देगी, जिसमें एक पटना में जलजमाव के कारणों एवं कमियों तथा इसके लिये दोषी लोगों के संबंध में प्रतिवेदन देगी. दूसरे बिन्दु में कमिटी भविष्य के लिये ऐसी कार्ययोजना के संबंध में प्रस्ताव देगी, जिससे जलजमाव को लेकर भविष्य में कोई परेशानी नहीं हो. कमिटी इसके लिये आमलोगों एवं विषेषज्ञों से भी बात करेगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी कार्ययोजना बने जो पटना शहर एवं अन्य सभी शहरों के लिये भी कारगर हो, इसके लिये जल्द से जल्द काम किया जाय शहर के ड्रेनेज सिस्टम को दुरूस्त किया जाय. नालों पर अतिक्रमण की जानकारी दी गयी है, उसे गंभीरता से लेना होगा और अतिक्रमण मुक्त करना होगा. अगमकुआ के पास रेलवे लाइन के समीप जो कूड़े का ढ़ेर है, वहाॅ साफ कर किसी प्रकार का कूड़ा जमा न होने दें. कोई भी निर्माण कार्य पर्यावरण को ध्यान में रखते हुये किया जाय.<br> मुख्य सचिव दीपक कुमार ने पत्रकार वार्ता कर समीक्षा बैठक की विस्तृत जानकारी दी. उन्होंने बताया कि नाले की सफाई सही ढंग से नहीं की गयी. सही समय पर ड्रेनेज पंपिंग सिस्टम काम नहीं कर सका, कई पंपिंग सबमर्ज हो गये, इन सब कारणों से जलजमाव की स्थिति बनी. इसके लिये दोषी लोगों पर कार्रवाई की गयी है और जल्द ही सरकार के स्तर से भी कुछ लोगों पर कार्रवाई की जायेगी. </p>



<figure class="wp-block-image"><img decoding="async" width="650" height="340" src="https://www.patnanow.com/assets/2019/10/pnc-cm-meeting-on-patna-water-logging-2-650x340.png" alt="" class="wp-image-41659" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2019/10/pnc-cm-meeting-on-patna-water-logging-2.png 650w, https://www.patnanow.com/assets/2019/10/pnc-cm-meeting-on-patna-water-logging-2-350x183.png 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>उन्होंने कहा कि समिति तेजी से रिपोर्ट देगी ताकि अगले माॅनसून के पहले किसी प्रकार की कोई  परेशानी नहीं हो. दिसम्बर माह तक सारे नाले की उड़ाही की  जायेगी. कुछ नये एरिया में   पंपिंग सेट लगाये जायेंगे. 14 जगहों पर नये ड्रेनेज पंपिंग सिस्टम बनाये जाने की योजना है. बैठक में उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, नगर विकास मंत्री सुरेश शर्मा, कृषि मंत्री प्रेम कुमार, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण मंत्री       विनोद नारायण झा, पथ निर्माण मंत्री नंदकिशोर यादव, जल    संसाधन मंत्री संजय झा, बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सदस्य उदय कांत मिश्रा, मुख्य सचिव दीपक कुमार, विकास आयुक्त अरूण कुमार सिंह, प्रधान सचिव पथ निर्माण अमृत लाल मीणा, प्रधान सचिव नगर विकास चैतन्य प्रसाद, प्रधान सचिव आपदा प्रबंधन प्रत्यय अमृत, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव  चंचल कुमार, प्रधान सचिव स्वास्थ्य संजय कुमार, प्रधान सचिव वित एस0 सिद्धार्थ, प्रधान सचिव लघु जल संसाधन के0के0 पाठक, सचिव जल संसाधन संजीव कुमार हंस, सचिव कृषि एन0 सरवन कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव मनीष कुमार वर्मा, सचिव परिवहन संजय कुमार अग्रवाल, सचिव लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण जीतेन्द्र श्रीवास्तव, आयुक्त पटना प्रमण्डल आनंद किशोर, मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार, अपर सचिव मुख्यमंत्री सचिवालय चन्द्रशेखर सिंह, जिलाधिकारी कुमार रवि, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह सहित संबंधित विभागों के वरीय अधिकारी उपस्थित थे.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>हर रात आठ घंटे चलेंगी विदेशी मशीनें, काम होगा पटना की सफाई का</title>
		<link>https://www.patnanow.com/sweeping-machines-will-clean-patna-roads/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Nikhil]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 22 Feb 2019 17:47:30 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[CITY/OFFICE]]></category>
		<category><![CDATA[We Care]]></category>
		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[काम की ख़बर]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[patna municipal corporation]]></category>
		<category><![CDATA[PATNA NOW]]></category>
		<category><![CDATA[Sweeping machines in patna]]></category>
		<category><![CDATA[पटना नाउ]]></category>
		<category><![CDATA[स्वीपिंग मशीनें शुक्रवार रात से पटना की सड़कों पर उतरेंगी]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.patnanow.com/?p=38596</guid>

					<description><![CDATA[पटना (ब्यूरो रिपोर्ट) &#124; पटना दुनिया के सर्वाधिक प्रदूषित शहरों में से एक है और इसके प्रदूषण का मुख्य कारण धूलकण है. शहर की सफाई के लिए इटली एवं तुर्की से मंगाई गई स्वीपिंग मशीनें शुक्रवार रात से सड़कों पर उतरेंगी. हर रात 10:00 बजे से सुबह 6:00 बजे तक यह मशीनें काम करेंगी. तीन बड़ी मशीनें प्रतिदिन 150 किलोमीटर और चार छोटी मशीनें प्रतिदिन 140 किलोमीटर सफाई करेंगी. धूल-गंदगी की सफाई और कचरा उठाने के अलावा इन मशीनों से नियमित रुप से सड़कों की धुलाई भी की जाएगी.शहर के सभी प्रमुख सड़कों पर इन गाड़ीनुमा सफाई मशीनों से साफ-सफाई का काम किया जाएगा. हर अंचल से इस संबंध में प्रस्ताव मांगा गया था जिसके आधार पर रोस्टर तैयार किया गया है. हर अंचल में एक बड़ी मशीन उपलब्ध कराई जाएगी. वहीं चार छोटी मशीनों का आवश्यकतानुसार प्रयोग किया जाएगा. गंगा किनारे बने रिवर फ्रंट की सफाई के लिए एक छोटी स्वीपिंग मशीन को रिजर्व में रखा गया है. इटली और तुर्की से आयातित इन मशीनों के संचालन एवं रखरखाव का जिम्मा हैदराबाद की एजेंसी श्री राज राजेश्वरी इंटरप्राइजेज को सौंपा गया है. एजेंसी के साथ पटना नगर निगम ने एक साल का एग्रीमेंट किया है जिसकी अवधि 2 साल तक बढ़ाई जा सकती है. इस एकरारनामा के अंतर्गत एजेंसी को गाड़ियों के परिचालन एवं मेंटेनेंस का कार्य करना है. पटना नगर निगम का उद्देश्य है, संपूर्ण पटना शहर को धूल मुक्त किया जाए.]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<figure class="wp-block-image"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="366" src="https://www.patnanow.com/assets/2019/02/pnc-sweeping-machines-in-patna-municipal-corporation-650x366.png" alt="" class="wp-image-38597" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2019/02/pnc-sweeping-machines-in-patna-municipal-corporation.png 650w, https://www.patnanow.com/assets/2019/02/pnc-sweeping-machines-in-patna-municipal-corporation-350x197.png 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p><strong>पटना (ब्यूरो रिपोर्ट)</strong> | पटना दुनिया के सर्वाधिक प्रदूषित शहरों में से एक है और इसके प्रदूषण का मुख्य कारण धूलकण है. शहर की सफाई के लिए इटली एवं तुर्की से मंगाई गई स्वीपिंग मशीनें शुक्रवार रात से सड़कों पर उतरेंगी. हर रात 10:00 बजे से सुबह 6:00 बजे तक यह मशीनें काम करेंगी. तीन बड़ी मशीनें  प्रतिदिन 150 किलोमीटर और चार छोटी मशीनें प्रतिदिन 140 किलोमीटर सफाई करेंगी. धूल-गंदगी की सफाई और कचरा उठाने के अलावा इन मशीनों से नियमित रुप से सड़कों की धुलाई भी की जाएगी.<br>शहर के सभी प्रमुख सड़कों पर इन गाड़ीनुमा सफाई मशीनों से साफ-सफाई का काम किया जाएगा. हर अंचल से इस संबंध में प्रस्ताव मांगा गया था जिसके आधार पर रोस्टर तैयार किया गया है. हर अंचल में एक बड़ी मशीन उपलब्ध कराई जाएगी. वहीं चार छोटी मशीनों का आवश्यकतानुसार प्रयोग किया जाएगा. गंगा किनारे बने रिवर फ्रंट की सफाई के लिए एक छोटी स्वीपिंग मशीन को रिजर्व में रखा गया है. <br>इटली और तुर्की से आयातित इन मशीनों के संचालन एवं रखरखाव का जिम्मा हैदराबाद की एजेंसी श्री राज राजेश्वरी इंटरप्राइजेज को सौंपा गया है. एजेंसी के साथ पटना नगर निगम ने एक साल का एग्रीमेंट किया है जिसकी अवधि 2 साल तक बढ़ाई जा सकती है. इस एकरारनामा के अंतर्गत एजेंसी को गाड़ियों के परिचालन एवं मेंटेनेंस का कार्य करना है. पटना नगर निगम का उद्देश्य है, संपूर्ण पटना शहर को धूल मुक्त किया जाए.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>मछली खाने पर भी आफत</title>
		<link>https://www.patnanow.com/eating-fish-deferred-as-government-bans-fish-for-15-days-in-patna/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Nikhil]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 14 Jan 2019 08:47:05 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[Fish banned for 15 days in patna]]></category>
		<category><![CDATA[patna municipal corporation]]></category>
		<category><![CDATA[sanjay kumar ias]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.patnanow.com/?p=37548</guid>

					<description><![CDATA[पटना में अब मछली बेचने पर प्रतिबंध सरकार ने 15 दिनों के लिए लगाया बैन उल्लंघन पर 7 साल कैद और 10 लाख जुर्माना स्वास्थ्य सचिव संजय कुमार ने की घोषणा बाहर की मछलियों में पाया गया मनुष्य के लिए खतरनाक रसायन फार्मालीन आंध्र और पश्चिम बंगाल से आने वाली मछलियों में पाया गया है पटना (राजेश तिवारी की रिपोर्ट) &#124; पटना नगर निगम के क्षेत्रों में अब पंद्रह दिनों तक मछली नहीं दिखेगी. बिहार सरकार ने इस पर रोक लगा दी है. राजधानी की सड़कों के कोने पर बिकने वाली मछली पर रोक लगा दी गई है. स्वास्थ्य विभाग के सचिव ने सोमवार को एक प्रेसवार्ता में ये जानकारी दी कि पटना नगर निगम क्षेत्र में आंध्र और बंगाल से आने वाली मछलियों की बिक्री पर रोक लगा दी गई है. यह रोक अभी पटना नगर निगम क्षेत्र में रहेगी. इसके साथ ही मछली का भंडारण और ट्रांसपोर्टेशन पर भी रोक लगायी गयी है. यदि आज से पटना नगर निगम क्षेत्र में कोई मछली की बिक्री करते पकड़ा जाता है तो उसे 7 साल की सजा और 10 लाख का फाइन हो सकता है. स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार ने इसको लेकर आदेश जारी कर दिया है तथा पटना के डीएम को मछली पर रोक का जिम्मा दिया गया है. प्रधान सचिव ने बताया कि आंध्र प्रदेश और बंगाल सहित बिहार की कुछ मछलियों के नमूनों की जांच की गयी जिसका रिपोर्ट यह बताता है कि मछली खाने योग्य नहीं है. क्योंकि 10 सैंपल की जांच में [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<figure class="wp-block-image"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="488" src="https://www.patnanow.com/assets/2019/01/IMG_20181231_122945344-650x488.jpg" alt="" class="wp-image-37538" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2019/01/IMG_20181231_122945344.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2019/01/IMG_20181231_122945344-350x263.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p><em>पटना में अब मछली बेचने पर प्रतिबंध<br> सरकार ने 15 दिनों के लिए लगाया बैन<br> उल्लंघन पर 7 साल कैद और 10 लाख जुर्माना<br> स्वास्थ्य सचिव संजय कुमार ने की घोषणा<br> बाहर की मछलियों में पाया गया मनुष्य के लिए खतरनाक रसायन फार्मालीन<br> आंध्र और पश्चिम बंगाल से आने वाली मछलियों में पाया गया है</em></p>



<p><strong>पटना (राजेश तिवारी की रिपोर्ट)</strong> | पटना नगर निगम के क्षेत्रों में अब पंद्रह दिनों तक मछली नहीं दिखेगी. बिहार सरकार ने इस पर रोक लगा दी है. राजधानी की सड़कों के कोने पर बिकने वाली मछली पर रोक लगा दी गई है. स्वास्थ्य विभाग के सचिव ने सोमवार को एक प्रेसवार्ता में ये जानकारी दी कि पटना नगर निगम क्षेत्र में आंध्र और बंगाल से आने वाली मछलियों की बिक्री पर रोक लगा दी गई है.  </p>



<p>यह रोक अभी पटना नगर निगम क्षेत्र में रहेगी. इसके साथ ही मछली का भंडारण और ट्रांसपोर्टेशन पर भी रोक लगायी गयी है. यदि आज से पटना नगर निगम क्षेत्र में कोई मछली की बिक्री करते पकड़ा जाता है तो उसे 7 साल की सजा और 10 लाख का फाइन हो सकता है. स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार ने इसको लेकर आदेश जारी कर दिया है तथा पटना के डीएम को मछली पर रोक का जिम्मा दिया गया है. </p>



<figure class="wp-block-image"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="320" src="https://www.patnanow.com/assets/2019/01/IMG-20190114-WA0060-650x320.jpg" alt="" class="wp-image-37542"/></figure>



<p>प्रधान सचिव ने बताया कि आंध्र प्रदेश और बंगाल सहित बिहार की कुछ मछलियों के नमूनों की जांच की गयी जिसका रिपोर्ट यह बताता है कि मछली खाने योग्य नहीं है. क्योंकि 10 सैंपल की जांच में मछलियों में हैवी मेटल पाया गया है. जबकि, 7 सैंपल में फॉर्मलीन की पुष्टि हुई है. सचिव ने कहा कि मछली का सैंपल पटना नगर निगम क्षेत्र से लिया गया था और इसी कारण अभी पटना में ही मछली बिक्री पर रोक लगायी गयी है. स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि पूरे बिहार से सैंपल लिया जायेगा. उन्होंने कहा कि 15 दिनों के बाद स्वास्थ्य विभाग आगे का निर्णय लेगी. </p>



<p>ज्ञातव्य है बिहार सरकार के पशुपालन विभाग ने आंध प्रदेश और पश्चिम बंगाल की मछलियों का कोलकाता की लैब में जांच कराया था। जांच में मछलियों में हानिकारक फॉर्मेलिन पाया गया था। इन मछलियों के खाने से कैंसर की बीमारी होने का खतरा है। जांच की रिपोर्ट मिलने के बाद पशुपालन विभाग ने स्वास्थ्य विभाग को इन मछलियों की बिक्री पर रोक लगाने की अनुशंसा की थी। जिसपर सोमवार को स्वास्थ्य विभाग ने रोक लगा दी है. <br>
जैसा कि विज्ञान कहता है कि मछलियों को ताजा रखने के लिए कारोबारी फॉर्मेलिन व अन्य रसायनों का लेप लगाया जाता है. यह लेप आमतौर पर मछली या डेड बॉडी को सुरक्षित रखने के लिए लगाया जाता है. इसके खाने से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी होने का खतरा रहता है. </p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
