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	<title>Patna dairy &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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	<title>Patna dairy &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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		<title>सुधा डेयरी में बोले सीएम, &#8216;अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने से आमदनी बढ़ेगी और रोजगार के नये अवसर पैदा होंगे&#8217;</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 07 Dec 2025 08:51:33 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[CITY/OFFICE]]></category>
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					<description><![CDATA[मुख्यमंत्री ने फुलवारी शरीफ में पटना डेयरी प्रोजेक्ट का किया निरीक्षण दुग्ध उत्पादन समितियों का और विस्तार करें- मुख्यमंत्री पटना।। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज पटना डेयरी प्रोजेक्ट, सुधा फुलवारीशरीफ का निरीक्षण किया और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिये. निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रोडक्शन हॉल, आइस्क्रीम प्लांट, दही कोल्ड रूम सहित विभिन्न इकाईयों का निरीक्षण किया और उत्पाद के संबंध में विस्तृत जानकारी ली. कॉन्फ्रेंस हॉल में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के साथ बैठक की. बैठक में कॉम्फेड के प्रबंध निदेशक शीर्षत कपिल अशोक ने कॉम्फेड के कार्यों की अद्यतन स्थिति की जानकारी दी. इस दौरान एक वीडियो फिल्म भी प्रस्तुत की गयी. शीर्षत कपिल अशोक ने कॉम्फेड के विजन, अगले पांच वर्ष की योजना, दुग्ध संघ, दुग्ध समिति, प्रोक्यूरमेंट इन्फ्रास्ट्रक्चर, न्यू प्रोडक्ट लांच आदि की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि अभी कुल कार्यरत ग्रामस्तरीय दुग्ध सहकारी समितियों की संख्या 21 हजार से भी अधिक है जिससे लगभग 7.5 लाख पशुपालक जुड़े हुए हैं जिसमें लगभग 1.9 लाख (25%) महिलाएं हैं. ये समितियाँ प्रतिदिन औसतन 22 लाख किलोग्राम दूध का संकलन करती है तथा अधिकतम संकलन लगभग 30 लाख किलोग्राम प्रतिदिन तक पहुँच जाती है. संकलित दूध के प्रसंस्करण की भी पूर्ण व्यवस्था उपलब्ध है. वर्तमान में कॉम्फेड की कुल प्रसंस्करण क्षमता 54 लाख लीटर प्रतिदिन है. उन्होंने बताया कि कॉम्फेड के और विस्तार की योजना है. बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2008 से कृषि रोड मैप की शुरूआत की गयी है. कृषि रोड मैप में कृषि कार्य एवं इससे जुड़े अवयवों के विकास के लिये कई [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>मुख्यमंत्री ने फुलवारी शरीफ में पटना डेयरी प्रोजेक्ट का किया निरीक्षण</strong></p>



<p><strong>दुग्ध उत्पादन समितियों का और विस्तार करें- मुख्यमंत्री</strong></p>



<p>पटना।। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज पटना डेयरी प्रोजेक्ट, सुधा फुलवारीशरीफ का निरीक्षण किया और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिये. निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रोडक्शन हॉल, आइस्क्रीम प्लांट, दही कोल्ड रूम सहित विभिन्न इकाईयों का निरीक्षण किया और उत्पाद के संबंध में विस्तृत जानकारी ली.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="1024" height="634" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/12/1000574552-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-93399" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/12/1000574552-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/12/1000574552-650x402.jpg 650w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>कॉन्फ्रेंस हॉल में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के साथ बैठक की. बैठक में कॉम्फेड के प्रबंध निदेशक शीर्षत कपिल अशोक ने कॉम्फेड के कार्यों की अद्यतन स्थिति की जानकारी दी. इस दौरान एक वीडियो फिल्म भी प्रस्तुत की गयी. शीर्षत कपिल अशोक ने कॉम्फेड के विजन, अगले पांच वर्ष की योजना, दुग्ध संघ, दुग्ध समिति, प्रोक्यूरमेंट इन्फ्रास्ट्रक्चर, न्यू प्रोडक्ट लांच आदि की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि अभी कुल कार्यरत ग्रामस्तरीय दुग्ध सहकारी समितियों की संख्या 21 हजार से भी अधिक है जिससे लगभग 7.5 लाख पशुपालक जुड़े हुए हैं जिसमें लगभग 1.9 लाख (25%) महिलाएं हैं. ये समितियाँ प्रतिदिन औसतन 22 लाख किलोग्राम दूध का संकलन करती है तथा अधिकतम संकलन लगभग 30 लाख किलोग्राम प्रतिदिन तक पहुँच जाती है. संकलित दूध के प्रसंस्करण की भी पूर्ण व्यवस्था उपलब्ध है. वर्तमान में कॉम्फेड की कुल प्रसंस्करण क्षमता 54 लाख लीटर प्रतिदिन है. उन्होंने बताया कि कॉम्फेड के और विस्तार की योजना है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="1024" height="576" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/12/1000574555-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-93400" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/12/1000574555-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/12/1000574555-650x365.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2025/12/1000574555-1536x863.jpg 1536w, https://www.patnanow.com/assets/2025/12/1000574555-2048x1151.jpg 2048w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



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<p>बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2008 से कृषि रोड मैप की शुरूआत की गयी है. कृषि रोड मैप में कृषि कार्य एवं इससे जुड़े अवयवों के विकास के लिये कई कदम उठाये गये हैं. कृषि रोड मैप के लागू होने से फसल का उत्पादन और उत्पादकता बढ़ी है साथ ही राज्य में दूध का उत्पादन भी बढ़ा है. इससे किसानों और दुग्ध उत्पादकों को काफी फायदा हो रहा है. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि डेयरी प्लांट का और विस्तार करें. उन्होंने कहा कि दुग्ध उत्पादन समितियों का और विस्तार करें, अधिक से अधिक लोगों को जोड़ें, जिससे उनकी आमदनी बढ़ेगी साथ ही रोजगार के नये अवसर पैदा होंगे. बिहार में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिये कार्य करें साथ ही प्रोसेसिंग की क्षमता का भी विस्तार करें. प्रोक्यूरमेंट इन्फ्रास्ट्रक्चर का और विस्तार करें. उन्होंने कहा कि यहां काम करनेवाले लोगों के आवासन की भी व्यवस्था करें ताकि वे अच्छे से काम कर सकें.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="565" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/12/1000574546-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-93402" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/12/1000574546-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/12/1000574546-650x359.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



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<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि हमलोगों ने किसानों की समृद्धि और ग्रामीण विकास के लिये कई कदम उठाये हैं. कॉम्फेड के माध्यम से किसानों को दुग्ध का बेहतर मूल्य प्रदान किया जा रहा है. नये-नये उत्पाद बाजार में सुधा द्वारा लाये जा रहे हैं. बिहार के विकास में किसानों और पशुपालकों की महत्त्वपूर्ण भूमिका है. किसानों और पशुपालकों की तरक्की के लिये सरकार हर संभव सहायता उपलब्ध कराती रहेगी.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="598" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/12/1000574540-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-93405" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/12/1000574540-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/12/1000574540-650x379.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>ज्ञातव्य है कि बिहार राज्य दुग्ध सहकारी महासंघ लिमिटेड (कॉम्फेड) की स्थापना ऑपरेशन फ्लड कार्यक्रम के तहत वर्ष 1983 में की गई थी. वर्तमान में राज्य के 31 जिलों में 8 दुग्ध संघ कार्यरत हैं, जबकि शेष 7 जिलों की जिम्मेदारी सीधे कॉम्फेड के दो परियोजनाओं के माध्यम से निभाई जा रही है. दूध उत्पादकों द्वारा गाँव स्तर की समितियों से लेकर दुग्ध संघ स्तर पर चुने गए प्रतिनिधि संपूर्ण प्रबंधन का संचालन करते हैं. इन समितियों के माध्यम से गांवों में ही पूर्वनिर्धारित मूल्य पर दूध विक्रय की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है तथा पशुचारा, कृत्रिम गर्भाधान, चारा बीज, कृमिनाशक, टीकाकरण आदि जैसी आवश्यक इनपुट सेवाएँ भी प्रदान की जाती हैं.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="843" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/12/1000574543-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-93406" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/12/1000574543-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/12/1000574543-650x535.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>कॉम्फेड तथा इसके संबद्ध दुग्ध संघों द्वारा उत्पादित दूध एवं दुग्ध उत्पाद &#8216;सुधा&#8217; ब्रांड नाम से बेचे जाते हैं. वर्तमान में औसत पाउच दूध विपणन 18.00 लाख लीटर प्रतिदिन है तथा लगभग 3.5 लाख लीटर के दुग्ध उत्पाद प्रतिदिन तैयार किए जाते हैं. कॉम्फेड द्वारा लगातार अपने विपणन तंत्र का विस्तार किया जा रहा है. राज्य के सभी प्रखण्डों एवं नगर निगम / नगर निकायों तक राज्य में सुधा के दूध एवं दुग्ध उत्पादों की उपलब्धता हेतु मिल्क बूथों का निर्माण एवं नये खुदरा विक्रय केन्द्र खोले जा रहे हैं। कॉम्फेड के तहत खुदरा विक्रय केन्द्रों की संख्या 37000 हो गयी है जिसमें 914 होल-डे-मिल्क बुथ है. नालंदा डेयरी परियोजना में UHT प्रोसेसिंग सुविधा स्थापित होने के बाद कॉम्फेड अब देश के विभिन्न भागों में दूध उपलब्ध कराने में सक्षम है. वर्तमान में इसके टेट्रा पैक दूध उत्तर पूर्वी राज्यों असम, मेघालय, मणिपुर, नागालैंड, त्रिपुरा, अरुणाचल प्रदेश एवं सिक्किम में उपलब्ध है तथा टेट्रा पैक दूध की आपूर्ति भारतीय सेना को भी की जाती है, इसके अतिरिक्त दूध एवं दुग्ध उत्पादों का विपणन दिल्ली एवं कोलकता जैसे मेट्रो शहरों में भी किया जा रहा है. सुधा के दुग्ध उत्पाद न केवल बिहार और झारखंड में बल्कि पूरे देश में एक लोकप्रिय ब्रांड के रूप में उभर रहे है. डेयरी संयंत्रों में घी, पेड़ा, दही, टेबल बटर, पनीर, गुलाबजामुन, मट्ट्ठा, लस्सी, रसगुल्ला, बलूशाही, आइस क्रीम, फ्लेवर्ड मिल्क आदि उत्पादों का निर्माण किया जाता है. गुलाबजामुन, रसोगुल्ला, बलूशाही आदि के टिन पैक भी उपलब्ध हैं, जिनकी शेल्फ लाइफ अधिक होती है. ताजे दुग्ध उत्पादों के निर्माण के अतिरिक्त बचे हुए दूध को श्वेत मक्खन, स्किम्ड मिल्क पाउडर और होल मिल्क पाउडर में परिवर्तित किया जाता है, जिनका उपयोग मुख्य रूप से विभिन्न डेयरियों द्वारा किया जाता है. बिहार के समाज कल्याण विभाग को आंगनवाड़ी केंद्रों में माताओं एवं बच्चों को दूध उपलब्ध कराने हेतु सुधा मिल्क पाउडर की आपूर्ति की जा रही है. कॉम्फेड अब बिहार के दुग्ध उत्पादों का निर्यात भी कर रही है. मार्च, 2025 में कॉम्फेड द्वारा 5 मीट्रिक टन घी अमेरिका एवं 8 मीट्रिक टन गुलाबजामुन कनाडा भेजा गया है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="653" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/12/1000574544-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-93409" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/12/1000574544-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/12/1000574544-650x414.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="682" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/12/1000574550-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-93408" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/12/1000574550-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/12/1000574550-650x433.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="682" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/12/1000574553-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-93407" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/12/1000574553-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/12/1000574553-650x433.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>निरीक्षण के दौरान पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग की अपर मुख्य सचिव सह कॉम्फेड की अध्यक्ष डॉ एन विजयलक्ष्मी, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी डॉ गोपाल सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ चन्द्रशेखर सिंह, कॉम्फेड के प्रबंध निदेशक शीर्षत कपिल अशोक, पटना के जिलाधिकारी डॉ त्यागराजन एस०एम०, पटना डेयरी प्रोजेक्ट के प्रबंध निदेशक रूपेश राज सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
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		<title>पटना डायरी से खुलते हैं पटना के कई राज</title>
		<link>https://www.patnanow.com/patna-dairy-nivedita/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 13 Aug 2021 14:23:05 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
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					<description><![CDATA[लेखन, कर्म, संघर्षों को केन्द्र में रखकर उस हीरक समय का एक बहुरंगी मानचित्र है पटना डायरी आज कल एक पुस्तक दुनिया भर में सर्च की जारही है जिसकी लेखिका हैं निवेदिता झा किताब का नाम है पटना डायरी । इस पुस्तक के बारे में कवि अरुण कमल जी कुछ यूं बयां करते हैं।प्रख्यात कवि और अग्रणी संघर्षशील कार्यकर्ता निवेदिता जी के लेखों का यह संग्रह बीसवीं शताब्दी के अस्सी के दशक के पटना शहर और विस्तार में पूरे देश के जीवन का जीवन्त और मार्मिक दस्तावेज़ है। यह रोज़नामचा भी है और दास्तान भी और अपने स्वभाव में मार्मिक कविता। किसी शहर या कालखण्ड को कितने-कितने कोणों और सन्दर्भो से देखा जाये कि टुकड़ों-टुकड़ों में भी शहर की मुकम्मिल तस्वीर निकल आये-इसकी नायाब मिसाल निवेदिता जी की यह किताब है। अस्सी का वो दशक जन संघर्षों, नये बदलावों और गहरे रोमान से भरा हुआ था। ज़िन्दगी को बेहतर बनाने की ख्वाहिशें, सपने और लड़ाइयाँ अभी भी नौजवानों की ज़िन्दगी का हिस्सा थीं और पटना शहर अनेक परिवर्तनकामी विचारों और आन्दोलनों से उद्वेलित था। निवेदिता जी ने अपने आदर्श नायकों और उनके लेखन, कर्म, संघर्षों को केन्द्र में रखकर उस हीरक समय का एक बहुरंगी मानचित्र प्रस्तुत किया है। उनकी भाषा उस समय के सत्त और सत्य को बहुत तीक्ष्णता से आयत्त करती है। इस पुस्तक का पहला ही लेख महान क्रान्तिकारी कवि आलोक धन्वा की युगान्तरकारी कविता के मोहक वृत्तान्त से शुरू होता है जो पूरे संग्रह के महत्त्व को सिद्ध करने के लिए पर्याप्त है। ऐसी पुस्तकों की [&#8230;]]]></description>
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<p></p>



<p><strong>लेखन, कर्म, संघर्षों को केन्द्र में रखकर उस हीरक समय का एक बहुरंगी मानचित्र है पटना डायरी</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="600" height="600" src="https://www.patnanow.com/assets/2021/08/patna-dairi.jpg" alt="" class="wp-image-54817" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2021/08/patna-dairi.jpg 600w, https://www.patnanow.com/assets/2021/08/patna-dairi-350x350.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2021/08/patna-dairi-250x250.jpg 250w" sizes="auto, (max-width: 600px) 100vw, 600px" /></figure>



<p>आज कल एक पुस्तक दुनिया भर में सर्च की जारही है जिसकी लेखिका हैं निवेदिता झा किताब का नाम है पटना डायरी । इस पुस्तक के बारे में कवि अरुण कमल जी कुछ यूं बयां करते हैं।<br>प्रख्यात कवि और अग्रणी संघर्षशील कार्यकर्ता निवेदिता जी के लेखों का यह संग्रह बीसवीं शताब्दी के अस्सी के दशक के पटना शहर और विस्तार में पूरे देश के जीवन का जीवन्त और मार्मिक दस्तावेज़ है। यह रोज़नामचा भी है और दास्तान भी और अपने स्वभाव में मार्मिक कविता। किसी शहर या कालखण्ड को कितने-कितने कोणों और सन्दर्भो से देखा जाये कि टुकड़ों-टुकड़ों में भी शहर की मुकम्मिल तस्वीर निकल आये-इसकी नायाब मिसाल निवेदिता जी की यह किताब है। अस्सी का वो दशक जन संघर्षों, नये बदलावों और गहरे रोमान से भरा हुआ था। ज़िन्दगी को बेहतर बनाने की ख्वाहिशें, सपने और लड़ाइयाँ अभी भी नौजवानों की ज़िन्दगी का हिस्सा थीं और पटना शहर अनेक परिवर्तनकामी विचारों और आन्दोलनों से उद्वेलित था। निवेदिता जी ने अपने आदर्श नायकों और उनके लेखन, कर्म, संघर्षों को केन्द्र में रखकर उस हीरक समय का एक बहुरंगी मानचित्र प्रस्तुत किया है। उनकी भाषा उस समय के सत्त और सत्य को बहुत तीक्ष्णता से आयत्त करती है। इस पुस्तक का पहला ही लेख महान क्रान्तिकारी कवि आलोक धन्वा की युगान्तरकारी कविता के मोहक वृत्तान्त से शुरू होता है जो पूरे संग्रह के महत्त्व को सिद्ध करने के लिए पर्याप्त है। ऐसी पुस्तकों की ज़रूरत हमेशा रहेगी जो विधिवत इतिहास-लेखन या पत्रकारिता न होते हुए भी इतिहास के एक दौर को साहित्य, कला, वैचारिकी और जन-संघर्षों की मार्फत समझने की कोशिश करती हैं और अँधेरों में भी भासमान द्वीपों का अन्वेषण करती हैं। आशा है कि निवेदिता जी की यह पुस्तक अपने अनूठे कलेवर और विन्यास के कारण सहृदय पाठकों का ध्यान एवं आदर अर्जित करेगी। &#8211; <strong>अरुण कमल</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="450" height="600" src="https://www.patnanow.com/assets/2021/08/nivedita-jha.jpg" alt="" class="wp-image-54818" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2021/08/nivedita-jha.jpg 450w, https://www.patnanow.com/assets/2021/08/nivedita-jha-263x350.jpg 263w" sizes="auto, (max-width: 450px) 100vw, 450px" /><figcaption><em>निवेदिता झा </em></figcaption></figure>



<p>निवेदिता से मेरी मुलाक़ात 82, 84 के दौर में हुई। उस समय में छात्र नहीं था पर जिन सड़कों से निवेदिता गुज़रती थी मैं उसे अक्सर देखा करता था। एक पतली, दुबली लड़की ज़िन्दगी से भरी हुई। मैंने उसे नारा लगाते हुए, सड़कों पर लड़ते-भिड़ते हुए ही देखा। आज भी उन सड़कों पर मज़बूती से संघर्ष करते हुए दिखती रहती है। मैं जानता हूँ निवेदिता एक बेहतरीन पत्रकार, कवि और एक्टविस्ट है। वो बहुत निडर है। मैं इस निडर लड़की का कायल हूँ। उसकी आँखें बेहद ख़ूबसूरत हैं। स्वप्नदर्शी, पनीली आँखें। मैं निवेदिता के पिता और माँ को भी नज़दीक से जानता हूँ। निवेदिता उम्र में मुझसे बहुत छोटी है पर मुझे हमेशा एक दोस्त और हमराह की तरह मिली। जब वो अख़बार में काम करती थी उस समय भी उसने पत्रकारिता उसूल के साथ की। निवेदिता उन तमाम जगहों पर दिखती है जहाँ लोग अपने हक़ के लिए संघर्ष कर रहे हैं। हर जुलूस, धरना में वह आगे-आगे रहती है। कवि गोष्ठी और सेमिनार में भी दिखती है। साहित्य से उसका गहरा लगाव है। मैं उसकी कविताओं को बेहद पसन्द करता हूँ। जो सबसे ख़ास बात है उसमें कि उसे किसी चीज़ का लालच नहीं है ना ही भय है। बहुत निर्भीक है। दिमाग और दिल दोनों का ख़ूबसूरत मेल है। निवेदिता मानवतावादी है। किसी तरह की कट्टरता नहीं है उसमें। पटना का अगर सांस्कृतिक इतिहास लिखा जायेगा 80 से 2020 तक का तो निवेदिता उसकी हिस्सा मानी जायेगी। तमाम जनसरोकार के मुद्दे पर हम दोनों संघर्ष में साथ-साथ रहे हैं। हमारा कभी कोई विभेद नहीं रहा। निवेदिता की बुनावट में उनके माता-पिता का बेहद योगदान है। नीतिरंजन बाबू की लड़की हैं इसका गौरव मिलना ही चाहिए। पिछले 30 वर्षों में ऐसा कोई आन्दोलन नहीं है जिसमें निवेदिता नहीं रही हों। उसका कोई अलग घर नहीं है। उसकी कविताएँ उसका संघर्ष साथ-साथ है। हम सब संघर्ष के साथी हैं। उसने खूब यात्राएँ की हैं। ये यात्रा उसकी कविताओं को आगे ले जाती हैं। निवेदिता की इस किताब में पटना और उसमें जीने वालों का दिलचस्प दस्तावेज़ है। इस किताब में पटना का दिल धड़कता है। मेरी शुभकामनाएँ! मेरे मन में हमेशा से निवेदिता के लिए आदर और प्रेम रहा है। वह आज भी बरकरार है। जो बात हमारे महान कवि शमशेर कहते हैं- “सारी तुकें एक हैं जैसे कि हमारा ख़ून और तुम्हारा ख़ून।” । &#8211;<strong>आलोक धन्वा</strong></p>



<p>पटना ने ज़िन्दगी के कई रंग दिये। पटना ने जीना सिखाया और लड़ना। कितनी हसीन तर्ज़-तामीर है यह। आप पटना के पुराने मकानों को देखें। सुर्ख़ फूलदार पर्दों वाले कमरों में जिसके बाहर पहाड़ी गुलाब खिले थे और दूर आबशारों की आवाज़ आती थी वही पटना हमारा पटना है। आपको यकीं नहीं है तो ज़रा तारीख़ की नज़रों से देख लें। &#8211;<strong>निवेदिता</strong><br>‘</p>



<p>पटना डायरी’किताब यहाँ उपलब्ध है :<br>https://www.amazon.in/dp/9390678684?ref=myi_title_dp</p>



<p>ई-बुक लिंक :<br>https://play.google.com/store/books/details/Nivedita_Patna_Diary?id=R3g6EAAAQBAJ</p>



<p>‘पटना डायरी’ वाणी प्रकाशन ग्रुप के #पटना #बुकस्टोर में भी उपलब्ध हैं।</p>



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