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	<title>PATNA AIIMS &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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	<title>PATNA AIIMS &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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		<title>रीढ़ में धंसे 35 मिमी मछली के कांटे को निकाल डॉक्टरों ने रचा इतिहास.</title>
		<link>https://www.patnanow.com/aiims-record/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 02 Apr 2026 18:12:50 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
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					<description><![CDATA[रिकॉर्ड बुक में दर्ज हुआ एम्स के डॉक्टरों का कीर्तिमान फुलवारी शरीफ, अजीत।। खामोशी के बीच जिंदगी और मौत की जंग में आखिरकार जीत इंसानी हौसले की हुई, जब एम्स पटना के डॉक्टरों ने रीढ़ की हड्डी में धंसे 35 मिमी लंबे मछली के कांटे को सफलतापूर्वक निकालकर चिकित्सा जगत में नया इतिहास रच दिया.इस असाधारण सर्जरी को अब लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स 2026 में भी स्थान मिला है, जिससे यह उपलब्धि राष्ट्रीय स्तर पर दर्ज हो गई है.घटना 9 मार्च 2025 की है, जब 42 वर्षीय एक मरीज की सर्वाइकल स्पाइन में गहराई तक मछली का नुकीला कांटा धंस गया था, जिससे जरा सी चूक स्थायी अपंगता का कारण बन सकती थी. ऐसी जटिल स्थिति में एम्स पटना की न्यूरोसर्जरी टीम ने चुनौती स्वीकार की और सटीक रणनीति के साथ ऑपरेशन की तैयारी की गई.न्यूरोसर्जरी टीम का नेतृत्व डॉ. सरज कुमार सिंह कर रहे थे, जबकि उनके साथ डॉ. क्रांति भावना भी प्रमुख भूमिका में थीं.सुबह करीब 9 बजे ऑपरेशन थिएटर में शुरू हुई सर्जरी लगातार 4 घंटे 5 मिनट तक चली, जिसमें हर पल बेहद संवेदनशील और जोखिम भरा था. डॉक्टरों की टीम ने रीढ़ की बेहद नाजुक संरचना के बीच मिलीमीटर दर मिलीमीटर आगे बढ़ते हुए बिना नसों को नुकसान पहुंचाए कांटे को बाहर निकालने में सफलता हासिल की.सर्जरी के दौरान सटीकता और संयम का ऐसा प्रदर्शन हुआ कि यह ऑपरेशन चिकित्सा कौशल की एक मिसाल बन गया.डॉ. सरज कुमार सिंह ने बताया कि रीढ़ के इतने करीब सर्जरी करना जीवन की सबसे नाजुक रेखा पर चलने [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>रिकॉर्ड बुक में दर्ज हुआ एम्स के डॉक्टरों का कीर्तिमान </strong></p>



<p><strong>फुलवारी शरीफ, अजीत।।</strong> खामोशी के बीच जिंदगी और मौत की जंग में आखिरकार जीत इंसानी हौसले की हुई, जब एम्स पटना के डॉक्टरों ने रीढ़ की हड्डी में धंसे 35 मिमी लंबे मछली के कांटे को सफलतापूर्वक निकालकर चिकित्सा जगत में नया इतिहास रच दिया.<br>इस असाधारण सर्जरी को अब लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स 2026 में भी स्थान मिला है, जिससे यह उपलब्धि राष्ट्रीय स्तर पर दर्ज हो गई है.<br>घटना 9 मार्च 2025 की है, जब 42 वर्षीय एक मरीज की सर्वाइकल स्पाइन में गहराई तक मछली का नुकीला कांटा धंस गया था, जिससे जरा सी चूक स्थायी अपंगता का कारण बन सकती थी.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="1024" height="514" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/04/pnc-aiims-record-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-96081" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/04/pnc-aiims-record-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/04/pnc-aiims-record-650x327.jpg 650w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>ऐसी जटिल स्थिति में एम्स पटना की न्यूरोसर्जरी टीम ने चुनौती स्वीकार की और सटीक रणनीति के साथ ऑपरेशन की तैयारी की गई.<br>न्यूरोसर्जरी टीम का नेतृत्व डॉ. सरज कुमार सिंह कर रहे थे, जबकि उनके साथ डॉ. क्रांति भावना भी प्रमुख भूमिका में थीं.<br>सुबह करीब 9 बजे ऑपरेशन थिएटर में शुरू हुई सर्जरी लगातार 4 घंटे 5 मिनट तक चली, जिसमें हर पल बेहद संवेदनशील और जोखिम भरा था.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="964" height="932" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/04/pnc-aiims-doctor-record-in-limca-book-of-records.jpg" alt="" class="wp-image-96080" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/04/pnc-aiims-doctor-record-in-limca-book-of-records.jpg 964w, https://www.patnanow.com/assets/2026/04/pnc-aiims-doctor-record-in-limca-book-of-records-650x628.jpg 650w" sizes="(max-width: 964px) 100vw, 964px" /></figure>



<p>डॉक्टरों की टीम ने रीढ़ की बेहद नाजुक संरचना के बीच मिलीमीटर दर मिलीमीटर आगे बढ़ते हुए बिना नसों को नुकसान पहुंचाए कांटे को बाहर निकालने में सफलता हासिल की.<br>सर्जरी के दौरान सटीकता और संयम का ऐसा प्रदर्शन हुआ कि यह ऑपरेशन चिकित्सा कौशल की एक मिसाल बन गया.<br>डॉ. सरज कुमार सिंह ने बताया कि रीढ़ के इतने करीब सर्जरी करना जीवन की सबसे नाजुक रेखा पर चलने जैसा था, जहां हर निर्णय अत्यंत सावधानी से लेना पड़ता है.<br>डॉ. क्रांति भावना ने कहा कि यह केवल एक सर्जरी नहीं थी, बल्कि मरीज के विश्वास को बनाए रखने और उसे नई जिंदगी देने की जिम्मेदारी थी.<br>इस उपलब्धि पर एम्स पटना के कार्यकारी निदेशक प्रो. (ब्रिगेडियर) डॉ. राजू अग्रवाल ने पूरी टीम को बधाई देते हुए इसे संस्थान की उत्कृष्टता और उन्नत चिकित्सा क्षमता का प्रतीक बताया.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="705" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/04/pnc-aiims-in-limca-book-of-records-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-96082" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/04/pnc-aiims-in-limca-book-of-records-scaled.jpg 705w, https://www.patnanow.com/assets/2026/04/pnc-aiims-in-limca-book-of-records-447x650.jpg 447w" sizes="(max-width: 705px) 100vw, 705px" /></figure>



<p>उन्होंने कहा कि यह सफलता दर्शाती है कि समर्पण, कौशल और आधुनिक तकनीक के बल पर असंभव दिखने वाली चुनौतियों को भी पार किया जा सकता है.<br>यह उपलब्धि न सिर्फ एम्स पटना बल्कि पूरे देश के चिकित्सा जगत के लिए गर्व का विषय बन गई है, जिसने यह साबित कर दिया कि सटीक प्रयास और मजबूत इरादों के आगे मुश्किलें भी रास्ता छोड़ देती हैं.</p>
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			</item>
		<item>
		<title>एम्स पटना को प्रतिष्ठित &#8220;एशिया सेफ सर्जिकल इम्प्लांट कंसोर्टियम क्यूआईपी अवार्ड 2024&#8221;</title>
		<link>https://www.patnanow.com/aiims-patna-award/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 08 Mar 2025 17:03:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[PATNA]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[Award to patna aiims]]></category>
		<category><![CDATA[PATNA AIIMS]]></category>
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					<description><![CDATA[फुलवारीशरीफ, अजित।। एम्स पटना को विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा &#8220;एशिया सेफ सर्जिकल इम्प्लांट कंसोर्टियम क्यूआईपी अवार्ड 2024&#8221; से सम्मानित किया गया है. यह पुरस्कार उपकरण और इम्प्लांट रीप्रोसेसिंग की उच्च गुणवत्ता के लिए दिया गया. इस प्रतियोगिता में एशिया के 30 प्रतिष्ठित अस्पतालों ने भाग लिया, जिसमें एम्स पटना &#8220;विशिष्ट विजेता&#8221; श्रेणी में भारत का एकमात्र विजेता बना. 3M इंडिया ने कार्यक्रम के क्रियान्वयन में अहम भूमिका निभाई. पुरस्कार एम्स पटना की टीम ने चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अनूप कुमार और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में प्राप्त किया. सी एस एस डी विभाग, जो संक्रमण रोकथाम में अहम भूमिका निभाता है, पहले से ही सी ए एच ओ द्वारा मान्यता प्राप्त है.कार्यकारी निदेशक डॉ. सौरभ वार्ष्णेय और अन्य अधिकारियों ने इस उपलब्धि के लिए टीम को बधाई दी.]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="682" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/03/pnc-award-winning-by-patna-aiims-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-89535" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/03/pnc-award-winning-by-patna-aiims-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/03/pnc-award-winning-by-patna-aiims-650x433.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>फुलवारीशरीफ, अजित।। एम्स पटना को विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा &#8220;एशिया सेफ सर्जिकल इम्प्लांट कंसोर्टियम क्यूआईपी अवार्ड 2024&#8221; से सम्मानित किया गया है. यह पुरस्कार उपकरण और इम्प्लांट रीप्रोसेसिंग की उच्च गुणवत्ता के लिए दिया गया.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="699" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/03/pnc-award-to-patna-aiims-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-89529" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/03/pnc-award-to-patna-aiims-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/03/pnc-award-to-patna-aiims-650x444.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>इस प्रतियोगिता में एशिया के 30 प्रतिष्ठित अस्पतालों ने भाग लिया, जिसमें एम्स पटना &#8220;विशिष्ट विजेता&#8221; श्रेणी में भारत का एकमात्र विजेता बना. 3M इंडिया ने कार्यक्रम के क्रियान्वयन में अहम भूमिका निभाई.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="563" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/03/pnc-Patna-aiims-gets-award-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-89536" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/03/pnc-Patna-aiims-gets-award-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/03/pnc-Patna-aiims-gets-award-650x358.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>पुरस्कार एम्स पटना की टीम ने चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अनूप कुमार और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में प्राप्त किया. सी एस एस डी विभाग, जो संक्रमण रोकथाम में अहम भूमिका निभाता है, पहले से ही सी ए एच ओ द्वारा मान्यता प्राप्त है.कार्यकारी निदेशक डॉ. सौरभ वार्ष्णेय और अन्य अधिकारियों ने इस उपलब्धि के लिए टीम को बधाई दी.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>पटना एम्स में पहली बार हुआ किडनी ट्रांसप्लांट सफल रहा</title>
		<link>https://www.patnanow.com/patna-aiims-kidney-transplant/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 23 Jan 2025 15:15:53 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[काम की ख़बर]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[Health care]]></category>
		<category><![CDATA[Health tips]]></category>
		<category><![CDATA[Kidney]]></category>
		<category><![CDATA[Kidney transplant]]></category>
		<category><![CDATA[PATNA AIIMS]]></category>
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					<description><![CDATA[मां ने बेटे को और पिता ने बेटी को दी किडनी छह माह में 250 आईसीयू वेंटीलेटर युक्त बेड वाला क्रिटिकल केयर यूनिट तैयार हो जाएगा फुलवारी शरीफ, अजित ।। पटना एम्स ने किडनी ट्रांसप्लांट की सुविधा की शुरुआत से एक नया मिसाल कायम करते हुए बिहार का दूसरा अस्पताल बनने का गौरव प्राप्त कर लिया है जहां किफायती दर पर किडनी ट्रांसप्लांट होने लगा है. इससे पहले बिहार में आईजीआईएमएस में ही यह सुविधा थी. पटना एम्स में सीतामढ़ी निवासी 56 साल की मां ने 34 साल के बेटे को एवं जहानाबाद निवासी 53 साल के पिता ने 19 साल बेटी को किडनी देकर जान बचाई है. 19 साल की या लड़की मेडिकल स्टूडेंट है. किडनी डोनर और दोनों मरीज पूरी तरह स्वस्थ हैं जिन्हें अभी निगरानी में 14 दिनों के लिए एम्स में ही रखा गया है. एम्स में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसकी जानकारी देते हुए पटना एम्स के कार्यकारी निदेशक डॉक्टर सौरव वार्ष्णेय ने बताया कि मैरिज एवं किडनी डोनर दोनों पूरी तरह सुरक्षित हैं. एम्स में कि onडनी ट्रांसप्लांट पूरी तरह सफल और सुरक्षित रूप से हो गया. उन्होंने बताया कि अब तक दो मरीजों का किडनी ट्रांसप्लांट हुआ है और 6 नए मरीज अभी कतार में है जिनका भी बारी-बारी से किडनी ट्रांसप्लांट कर लिया जाएगा. उन्होंने यह भी बताया कि हम एम्स को इस स्तर का सुविधा युक्त अस्पताल बनाने जा रहे हैं जहां सप्ताह में कम से कम दो मरीजों का किडनी ट्रांसप्लांट सफलतापूर्वक किया जा सके. उन्होंने कहा कि फिलहाल हम [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>मां ने बेटे को और पिता ने बेटी को दी किडनी </strong></p>



<p><strong>छह माह में 250 आईसीयू वेंटीलेटर युक्त बेड वाला क्रिटिकल केयर यूनिट तैयार हो जाएगा</strong></p>



<p>फुलवारी शरीफ, अजित ।। पटना एम्स ने किडनी ट्रांसप्लांट की सुविधा की शुरुआत से एक नया मिसाल कायम करते हुए बिहार का दूसरा अस्पताल बनने का गौरव प्राप्त कर लिया है जहां किफायती दर पर किडनी ट्रांसप्लांट होने लगा है. इससे पहले बिहार में आईजीआईएमएस में ही यह सुविधा थी. </p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="488" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/08/aiims-1.png" alt="" class="wp-image-65708" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/08/aiims-1.png 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/08/aiims-1-350x263.png 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>पटना एम्स में सीतामढ़ी निवासी 56 साल की मां ने 34 साल के बेटे को एवं जहानाबाद निवासी 53 साल के पिता ने 19 साल बेटी को किडनी देकर जान बचाई है. 19 साल की या लड़की मेडिकल स्टूडेंट है. किडनी डोनर और दोनों मरीज पूरी तरह स्वस्थ हैं जिन्हें अभी निगरानी में 14 दिनों के लिए एम्स में ही रखा गया है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="767" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/01/1000318415-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-88908" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/01/1000318415-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/01/1000318415-650x487.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>एम्स में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसकी जानकारी देते हुए पटना एम्स के कार्यकारी निदेशक डॉक्टर सौरव वार्ष्णेय ने बताया कि मैरिज एवं किडनी डोनर दोनों पूरी तरह सुरक्षित हैं. एम्स में कि onडनी ट्रांसप्लांट पूरी तरह सफल और सुरक्षित रूप से हो गया. उन्होंने बताया कि अब तक दो मरीजों का किडनी ट्रांसप्लांट हुआ है और 6 नए मरीज अभी कतार में है जिनका भी बारी-बारी से किडनी ट्रांसप्लांट कर लिया जाएगा. उन्होंने यह भी बताया कि हम एम्स को इस स्तर का सुविधा युक्त अस्पताल बनाने जा रहे हैं जहां सप्ताह में कम से कम दो मरीजों का किडनी ट्रांसप्लांट सफलतापूर्वक किया जा सके. उन्होंने कहा कि फिलहाल हम महीना में एक या दो किडनी ट्रांसप्लांट करेंगे उसके बाद धीरे-धीरे हम सप्ताह में दो किडनी ट्रांसप्लांट करेंगे. एम्स निदेशक ने कहा कि आहार विहार में परिवर्तन फास्ट फूड शराब नशा एवं अन्य तरह के खानपान के चलते एक ऐसा स्टेज आ जाता है जहां लोगों को किडनी ट्रांसप्लांट करने जैसी गंभीर बीमारी का सामना करना पड़ता है. उन्होंने लोगों से आहार विहार में व्यापक परिवर्तन नशा एवं फास्ट फूड जैसी चीजों से दूर रहने की सलाह दी ताकि ऐसी बीमारी का सामना न करना पड़े. उन्होंने बताया कि अगर निज़ी हॉस्पिटल में 10 लाख किडनी ट्रांसप्लांट में खर्च आता है तो हमारे यहां तीन से 3 से साढ़े 3 लाख में यह सुविधा उपलब्ध है. उन्होंने कहा कि किडनी ट्रांसप्लांट की पूरी यूनिट में सबसे अधिक नेफ्रोलॉजी एवं एनेस्थीसिया के टीम का योगदान रहता है हालांकि पूरी टीम को उन्होंने शुभकामनाएं दी. निदेशक ने बताया कि दो मरीजों का सफलतापूर्वक किडनी ट्रांसप्लानट के लिए चंडीगढ़ के पीजीआई से सहयोग लिया गया एवं पटना एम्स में किडनी यूनिट में शामिल 13 सदस्यों ने सफल ऑपरेशन को अंजाम दिया है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="768" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/01/1000318417-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-88909" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/01/1000318417-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/01/1000318417-650x488.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>पटना एम्स के कार्यकारी निदेशक ने बताया कि 20 जनवरी और 21 जनवरी को दोनों मरीजों का सफलता पूर्वक किडनी ट्रांसप्लांट किया गया. इसके लिए पटना एम्स के किडनी यूनिट विभाग ने काफी बढ़िया काम किया है जिसमें डॉक्टर अमरेश कृष्णा, डॉक्टर अमरेश गुंजन, डॉक्टर उमेश भदानी, डॉक्टर अजीत सहित एक दर्जन से अधिक डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ्स ने मिलकर इसे सफलतापूर्वक कर दिखाया है.उन्होंने बताया कि अन्य जगहों पर किडनी ट्रांसप्लांट में जितने खर्च लगते हैं, उसके एक तिहाई खर्च पर पटना एम्स में किडनी ट्रांसप्लांट किया जाएगा इसके अलावा भारत सरकार और राज्य सरकार से मिलने वाली सरकारी राशि का लाभ भी उन्हें प्राप्त होगा.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="732" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/01/1000318468-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-88910" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/01/1000318468-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/01/1000318468-650x465.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>एम्स के कार्यकारी निदेशक डॉक्टर सौरव वार्ष्णेय ने बताया कि इमरजेंसी मरीजों को वेंटिलेटर युक्त बेड नहीं मिलने के समस्या का समाधान अगले 6 महीने में हो जाएगा. उन्होंने कहा कि हम पूरी कोशिश कर रहे हैं कि हमारे यहां से कोई मरीज ना लौटे लेकिन यहां मात्र 120 वेंटीलेटर युक्त आईसियु बेड होने के चलते हैं हमें अभी परेशानी हो रही है. उन्होंने बताया कि 250 वेंटीलेटर युक्त आईसीयु बेड वाला क्रिटिकल केयर यूनिट अस्पताल अगले छ माह में बनकर तैयार हो जाएगा इसका निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="610" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/01/1000318467-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-88911" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/01/1000318467-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/01/1000318467-650x387.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>इस मौके पर डॉक्टर अमरेश एच ओ डी नेफ्रोलॉजी डिपार्टमेंट ने बताया कि आम लोगों को अपने रहन-सहन में और लाइफ स्टाइल में बदलाव लाकर किडनी जैसे बीमारी से बचा जा सकता है. उन्होंने बताया कि 60 से 70 वर्ष के लोग जो रोग मुक्त हैं, उनका किडनी ट्रांसप्लांट किसी भी व्यक्ति में किया जा सकता है. इसके अलावा उन्होंने बताया कि मंदबुद्धि या 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों से किडनी ट्रांसप्लांट नहीं किया जा सकता है. किडनी ट्रांसप्लांट करने और डोनेट करने वाले लोगों के शुगर, ब्लड प्रेशर को भी ध्यान में रखना जरूरी होता है.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>वूमेन फॉर बेस्ट सोशल एक्टिविटी से नवाजी गई पटना एम्स की डॉक्टर</title>
		<link>https://www.patnanow.com/best-social-award/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 30 Dec 2024 07:20:24 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[CITY/OFFICE]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
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		<category><![CDATA[PATNA AIIMS]]></category>
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					<description><![CDATA[डॉक्टर वीणा सिंह का सम्मान फुलवारी शरीफ़, अजित : बिहार राज्य आईएमए के पटना जर्नल ऑफ मेडिसिन के असोसिएट एडिटर एवं एम्स पटना में बर्न एवं प्लास्टिक सर्जरी विभाग की विभागाध्यक्ष डाक्टर वीणा सिंह को आईएमए के राष्ट्रीय सम्मेलन में राष्ट्रीय अवार्ड वूमेन फॉर बेस्ट सोशल एक्टिविटी से नवाजा गया. यह अवार्ड हैदराबाद में आयोजित आईएमए के 99वें कांफ्रेंस उत्सव नैटकॉन 2024 में राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ आर वी अशोकन और पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ शरद अग्रवाल ने डॉ वीणा द्वारा किए विभिन्न सामाजिक कार्यों के लिए दिया. पिछले एक वर्ष में उत्तर बिहार के विभिन्न जिलों में लाइफलाइन एक्सप्रेस ट्रेन में कटे होंठ वाले बच्चों का ऑपरेशन, सिक्किम में तीन दिवसीय कैंप में कटे होंठ, तालू वाले मरीजों का ऑपरेशन तथा फुलवारीशरीफ और दानापुर में प्रत्येक रविवार (अब तक तकरीबन 33) को मेडिकल कैंप में मरीजों को मुफ्त चिकित्सीय परामर्श और दवा देना डॉ वीणा के उल्लेखनीय कार्यों में से हैं.]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>डॉक्टर वीणा सिंह का सम्मान </strong></p>



<p>फुलवारी शरीफ़, अजित : बिहार राज्य आईएमए के पटना जर्नल ऑफ मेडिसिन के असोसिएट एडिटर एवं एम्स पटना में बर्न एवं प्लास्टिक सर्जरी विभाग की विभागाध्यक्ष डाक्टर वीणा सिंह को आईएमए के राष्ट्रीय सम्मेलन में राष्ट्रीय अवार्ड वूमेन फॉर बेस्ट सोशल एक्टिविटी से नवाजा गया. </p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="768" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/12/pnc-AIIMS-doctor-samman-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-88413" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/12/pnc-AIIMS-doctor-samman-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2024/12/pnc-AIIMS-doctor-samman-650x488.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>यह अवार्ड हैदराबाद में आयोजित आईएमए के 99वें कांफ्रेंस उत्सव नैटकॉन 2024 में राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ आर वी अशोकन और पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ शरद अग्रवाल ने डॉ वीणा द्वारा किए विभिन्न सामाजिक कार्यों के लिए दिया. पिछले एक वर्ष में उत्तर बिहार के विभिन्न जिलों में लाइफलाइन एक्सप्रेस ट्रेन में कटे होंठ वाले बच्चों का ऑपरेशन, सिक्किम में तीन दिवसीय कैंप में कटे होंठ, तालू वाले मरीजों का ऑपरेशन तथा फुलवारीशरीफ और दानापुर में प्रत्येक रविवार (अब तक तकरीबन 33) को मेडिकल कैंप में मरीजों को मुफ्त चिकित्सीय परामर्श और दवा देना डॉ वीणा के उल्लेखनीय कार्यों में से हैं.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>पटना एम्स डायरेक्टर हटाए गए, देवघर एम्स डायरेक्टर संभालेंगे प्रभार</title>
		<link>https://www.patnanow.com/patna-aiims-director-removed/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 05 Nov 2024 11:39:56 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[AIIMS director]]></category>
		<category><![CDATA[Deoghar AIIMS]]></category>
		<category><![CDATA[Gopal das]]></category>
		<category><![CDATA[PATNA AIIMS]]></category>
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					<description><![CDATA[बेटे का नॉन क्रीमी लेयर सर्टिफिकेट बनवाने में फंसे पटना एम्स निदेशक डॉ जी के पाल को एम्स निदेशक पद से हटाया गया देवघर एम्स के निदेशक सौरव वार्ष्णेय को पटना एम्स के निदेशक का मिला पदभार पटना , अजीत ।। पटना एम्स के निदेशक डॉक्टर गोपाल कृष्ण पाल को आखिरकार केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने एम्स पटना के निदेशक पद से हटा दिया, एम्स निदेशक डॉक्टर गोपाल कृष्ण पाल पर अपने बेटे औरो प्रकाश पाल का नॉन क्रीमी लेयर सर्टिफिकेट बनवाने का आरोप लगा था. इस मामले के उजागर होने के बाद भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय ने जांच कमेटी गठित की थी. बताया जाता है कि दो सदस्य वाली जांच कमेटी ने भारत सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंप दी. इसके बाद मंगलवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कार्रवाई करते हुए पटना एम्स के निदेशक डॉक्टर गोपाल कृष्ण पाल को हटा दिया और उनकी जगह पर देवघर के एम्स निदेशक डॉक्टर सौरभ वार्ष्णेय को एम्स पटना का निदेशक का प्रभार सौंपा है. अब अगले तीन माह तक डॉक्टर सौरभ वार्ष्णेय पटना एम्स के प्रभारी निदेशक रहेंगे. इस संबंध में बातचीत करने के लिए डॉक्टर गोपाल कृष्ण पाल ने अपना फोन रिसीव नहीं किया. वही फिलहाल इस मामले में पटना एम्स के किसी भी अधिकारी कुछ भी बोलने से परहेज कर रहे हैं.बता दे कि एम्स निर्देश के पद पर रहते हुए डॉक्टर गोपाल कृष्ण पाल गोरखपुर एम्स के भी निदेशक के प्रभार में थे. इस दौरान उन पर अपने बेटे औरो प्रकाश पाल का पटना से नॉन क्रीमी लेयर सर्टिफिकेट [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>बेटे का नॉन क्रीमी लेयर सर्टिफिकेट बनवाने में फंसे पटना एम्स निदेशक डॉ जी के पाल को एम्स निदेशक पद से हटाया गया</strong></p>



<p><strong>देवघर एम्स के निदेशक सौरव वार्ष्णेय को पटना एम्स के निदेशक का मिला पदभार</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="676" height="835" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/11/pnc-gopal-das.jpg" alt="" class="wp-image-87748" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/11/pnc-gopal-das.jpg 676w, https://www.patnanow.com/assets/2024/11/pnc-gopal-das-526x650.jpg 526w" sizes="auto, (max-width: 676px) 100vw, 676px" /></figure>



<p>पटना , अजीत ।। पटना एम्स के निदेशक डॉक्टर गोपाल कृष्ण पाल को आखिरकार केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने एम्स पटना के निदेशक पद से हटा दिया, एम्स निदेशक डॉक्टर गोपाल कृष्ण पाल पर अपने बेटे औरो प्रकाश पाल का नॉन क्रीमी लेयर सर्टिफिकेट बनवाने का आरोप लगा था. इस मामले के उजागर होने के बाद भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय ने जांच कमेटी गठित की थी. बताया जाता है कि दो सदस्य वाली जांच कमेटी ने भारत सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंप दी. इसके बाद मंगलवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कार्रवाई करते हुए पटना एम्स के निदेशक डॉक्टर गोपाल कृष्ण पाल को हटा दिया और उनकी जगह पर देवघर के एम्स निदेशक डॉक्टर सौरभ वार्ष्णेय को एम्स पटना का निदेशक का प्रभार सौंपा है. अब अगले तीन माह तक डॉक्टर सौरभ वार्ष्णेय पटना एम्स के प्रभारी निदेशक रहेंगे. इस संबंध में बातचीत करने के लिए डॉक्टर गोपाल कृष्ण पाल ने अपना फोन रिसीव नहीं किया. वही फिलहाल इस मामले में पटना एम्स के किसी भी अधिकारी कुछ भी बोलने से परहेज कर रहे हैं.<br>बता दे कि एम्स निर्देश के पद पर रहते हुए डॉक्टर गोपाल कृष्ण पाल गोरखपुर एम्स के भी निदेशक के प्रभार में थे. इस दौरान उन पर अपने बेटे औरो प्रकाश पाल का पटना से नॉन क्रीमी लेयर सर्टिफिकेट बनवाकर गोरखपुर एम्स में पीजी में दाखिला दिलाने का मामला तूल पकड़ लिया था.4 सितंबर 2024 को इस मामले की की शिकायत की गई थी. इसके अलावा उनकी बेटी का पटना एम्स में दाखिला भी विवादों में रहा है. भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा इसकी जांच कराई गई जिसके बाद डॉ गोपाल कृष्ण पर लगे आरोप को सही पाया गया.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="433" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/09/pnc-Patna-AIIMS-एम्स-पटना.jpg" alt="" class="wp-image-67077" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/09/pnc-Patna-AIIMS-एम्स-पटना.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/09/pnc-Patna-AIIMS-एम्स-पटना-350x233.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>बता दें कि डॉक्टर गोपाल कृष्ण पाल ने पूर्व में बयान दिया था कि उन पर लगे आरोप निराधार हैं और वह जांच कमेटी के सामने अपना पक्ष प्रस्तुत करेंगे. जाँच कमेटी के सामने उन्होंने अपना पक्ष रखा लेकिन जांच कमेटी ने उनके ऊपर लगे आरोपी को सही पाया और उनकी बातों को ख़ारिज कर दिया. बताया जाता है कि मामला के तूल पकड़ने के बाद डॉक्टर पाल ने अपने बेटे का दाखिला रद्द कर दिया था उसके बावजूद मामला नहीं थमा और उन्हें अंततः पटना एम्स के निदेशक पद को गंवाना पड़ा.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>एम्स: ओपीडी में फैकल्टी के द्वारा शुरू की गई सेवाएं</title>
		<link>https://www.patnanow.com/aiims-resident-doctors-pradarshan/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 19 Aug 2024 17:09:10 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[CITY/OFFICE]]></category>
		<category><![CDATA[काम की ख़बर]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[AIIMS opd]]></category>
		<category><![CDATA[Doctors pradarshan]]></category>
		<category><![CDATA[Kolkata rape]]></category>
		<category><![CDATA[PATNA AIIMS]]></category>
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					<description><![CDATA[जूनियर सीनियर रेजिडेंट का हड़ताल जारी राखी के मौके पर एक दूसरे को काली पट्टी बांध बमनाया रक्षाबंधन विरोध प्रदर्शन के सातवें दिन, एम्स पटना में एकजुटता मार्च, पोस्टर मेकिंग और रक्षाबंधन का आयोजन पटना, अजित ।। पटना एम्स में जूनियर एवं सीनियर रेजिडेंट के साथ कोलकाता में हुई पीजी छात्रा के साथ बर्बरता के विरोध में चल रहा हड़ताल के बीच सोमवार को पटना एम्स के ओपीडी में फैकल्टी के द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं को शुरू कर दिया. सोमवार को रक्षाबंधन को लेकर पटना एम्स में लोगो की भीड़ नहीं के बराबर थी लेकिन जितना भी मरीज एम्स के ओपीडी में पहुंचे उन्हें फैकल्टी ने देखा और उन्हें दवाइयां की पर्ची भी बना कर दी गई. इसके अलावा एम्स में मरीजों के इलाज सुविधा का धीरे-धीरे शुरुआत हो गया है. मंगलवार को पटना एम्स में अत्यधिक भीड़ होने की संभावना है. सोमवार को विरोध प्रदर्शन के सातवें दिन एम्स पटना में एकजुटता मार्च, पोस्टर मेकिंग, और रक्षाबंधन का आयोजन किया गया. कोलकाता में हुई मेडिकल पीजी छात्र के साथ रेप हत्या की घटना के विरोध में चल रहा हड़ताल में सीनियर और जूनियर रेजिडेंट का प्रदर्शन जारी रहा. सोमवार को रक्षाबंधन को लेकर प्रदर्शन कर रहा है छात्र-छात्राओं ने एक दूसरे को काली पट्टी बांधकर रक्षाबंधन मनाया. पटना एम्स में मंगलवार को सीनियर और जूनियर रेजिडेंट प्रदर्शनकारी ब्लड डोनेशन कैंप लगाएंगे. सोमवार को पटना एम्स में जब ओपीडी में काम शुरू हुआ तब सीनियर एवं जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों ने ओपीडी, आईपीडी और अन्य गैर-आपातकालीन सेवाओं से दूरी बनाए रखी, और [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>जूनियर सीनियर रेजिडेंट का हड़ताल जारी</strong></p>



<p><strong>राखी के मौके पर एक दूसरे को काली पट्टी बांध ब<br>मनाया रक्षाबंधन</strong></p>



<p><strong>विरोध प्रदर्शन के सातवें दिन, एम्स पटना में एकजुटता मार्च, पोस्टर मेकिंग और रक्षाबंधन का आयोजन</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="888" height="576" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/08/1000030938.jpg" alt="" class="wp-image-86369" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/08/1000030938.jpg 888w, https://www.patnanow.com/assets/2024/08/1000030938-650x422.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 888px) 100vw, 888px" /></figure>



<p>पटना, अजित ।। पटना एम्स में जूनियर एवं सीनियर रेजिडेंट के साथ कोलकाता में हुई पीजी छात्रा के साथ बर्बरता के विरोध में चल रहा हड़ताल के बीच सोमवार को पटना एम्स के ओपीडी में फैकल्टी के द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं को शुरू कर दिया. सोमवार को रक्षाबंधन को लेकर पटना एम्स में लोगो की भीड़ नहीं के बराबर थी लेकिन जितना भी मरीज एम्स के ओपीडी में पहुंचे उन्हें फैकल्टी ने देखा और उन्हें दवाइयां की पर्ची भी बना कर दी गई. इसके अलावा एम्स में मरीजों के इलाज सुविधा का धीरे-धीरे शुरुआत हो गया है. मंगलवार को पटना एम्स में अत्यधिक भीड़ होने की संभावना है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="704" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/08/1000030945.jpg" alt="" class="wp-image-86365" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/08/1000030945.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2024/08/1000030945-650x447.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>सोमवार को विरोध प्रदर्शन के सातवें दिन एम्स पटना में एकजुटता मार्च, पोस्टर मेकिंग, और रक्षाबंधन का आयोजन किया गया. कोलकाता में हुई मेडिकल पीजी छात्र के साथ रेप हत्या की घटना के विरोध में चल रहा हड़ताल में सीनियर और जूनियर रेजिडेंट का प्रदर्शन जारी रहा. सोमवार को रक्षाबंधन को लेकर प्रदर्शन कर रहा है छात्र-छात्राओं ने एक दूसरे को काली पट्टी बांधकर रक्षाबंधन मनाया. पटना एम्स में मंगलवार को सीनियर और जूनियर रेजिडेंट प्रदर्शनकारी ब्लड डोनेशन कैंप लगाएंगे.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="633" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/08/pnc-Kali-Patti-virodh-by-doctors-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-86366" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/08/pnc-Kali-Patti-virodh-by-doctors-scaled.jpg 633w, https://www.patnanow.com/assets/2024/08/pnc-Kali-Patti-virodh-by-doctors-402x650.jpg 402w" sizes="auto, (max-width: 633px) 100vw, 633px" /></figure>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="594" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/08/1000030935-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-86368" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/08/1000030935-scaled.jpg 594w, https://www.patnanow.com/assets/2024/08/1000030935-377x650.jpg 377w" sizes="auto, (max-width: 594px) 100vw, 594px" /></figure>



<p>सोमवार को पटना एम्स में जब ओपीडी में काम शुरू हुआ तब सीनियर एवं जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों ने ओपीडी, आईपीडी और अन्य गैर-आपातकालीन सेवाओं से दूरी बनाए रखी, और स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा और न्याय की मांग के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को मजबूती से प्रदर्शित किया.इसकी शुरुआत आईपीडी फोयर में एकजुटता मार्च से हुई, जहाँ प्रतिभागियों ने एक स्वर में नारे लगाए, हमारी सामूहिक न्याय की मांग को बुलंद किया. इसके बाद पोस्टर और बैनर लेखन सत्र आयोजित किया गया, जिसमें प्रत्येक विभाग ने कलात्मक संदेश और रचनात्मकता के साथ अपना समर्थन व्यक्त किया.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="768" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/08/1000030929-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-86367" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/08/1000030929-scaled.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2024/08/1000030929-488x650.jpg 488w" sizes="auto, (max-width: 768px) 100vw, 768px" /></figure>



<p>एकजुटता के इस भावपूर्ण कदम के तहत, सीनियर व जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों ने &#8220;अभया का भाई&#8221; और &#8220;अभया की बहन&#8217; थीम के साथ रक्षाबंधन भी मनाया. अभया के भाई-बहन के रूप में, हम न केवल अपने बंधन को पुनः स्थापित कर रहे हैं बल्कि उसके लिए न्याय की जोरदार मांग भी कर रहे हैं.यह प्रतीकात्मक कदम हमारे सामूहिक संकल्प को दर्शाता है कि न्याय अवश्य मिलना चाहिए.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>पटना एम्स के जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर</title>
		<link>https://www.patnanow.com/aiims-strike/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 13 Aug 2024 07:05:51 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[CITY/OFFICE]]></category>
		<category><![CDATA[काम की ख़बर]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[Doctors strike]]></category>
		<category><![CDATA[Kolkata doctor rape]]></category>
		<category><![CDATA[PATNA AIIMS]]></category>
		<category><![CDATA[Strike in AIIMS]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.patnanow.com/?p=86240</guid>

					<description><![CDATA[कोलकाता में मेडिकल छात्रा के साथ रेप मर्डर के बाद पटना एम्स में हड़ताल शुरू एम्स में दूर-दाराज से इलाज करवाने पहुंचे मरीज और उसके परिवार वालों को भारी परेशानी फुलवारी शरीफ़, अजित।। कोलकाता के मेडिकल कॉलेज अस्पताल की पीजी छात्रा के साथ हुए रेप और हत्या के विरोध में देशव्यापी अभियान के तहत पटना एम्स के जूनियर डॉक्टरों ने मंगलवार को हड़ताल शुरू कर दी. इस हड़ताल के कारण अस्पताल की ओपीडी और ओटी सेवाएं बाधित हो गई हैं. दूर दराज के जिलों से आए मरीजों उनके परिजनों और अन्य लोगों को एम्स में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. अपने मरीज का इलाज करवाने पहुंचे लोगों का कहना है कि डॉक्टर को हड़ताल से दूर रहना चाहिए. देश में कहीं ना कहीं रोज इस तरह की घटना होती है लेकिन इस तरह से पूरे देश में सारे अस्पतालों में इलाज काम ठप कर देना कहीं से उचित नहीं है. डॉक्टर तो भगवान का रूप होते हैं और भगवान ही अपने अपने मरीज के साथ ऐसा व्यवहार करेंगे तो उनका क्या होगा.]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>कोलकाता में मेडिकल छात्रा के साथ रेप मर्डर के बाद पटना एम्स में हड़ताल शुरू</strong></p>



<p><strong>एम्स में दूर-दाराज से इलाज करवाने पहुंचे मरीज और उसके परिवार वालों को भारी परेशानी</strong></p>



<p>फुलवारी शरीफ़, अजित।। कोलकाता के मेडिकल कॉलेज अस्पताल की पीजी छात्रा के साथ हुए रेप और हत्या के विरोध में देशव्यापी अभियान के तहत पटना एम्स के जूनियर डॉक्टरों ने मंगलवार को हड़ताल शुरू कर दी. इस हड़ताल के कारण अस्पताल की ओपीडी और ओटी सेवाएं बाधित हो गई हैं. दूर दराज के जिलों से आए मरीजों उनके परिजनों और अन्य लोगों को एम्स में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. अपने मरीज का इलाज करवाने पहुंचे लोगों का कहना है कि डॉक्टर को हड़ताल से दूर रहना चाहिए. देश में कहीं ना कहीं रोज इस तरह की घटना होती है लेकिन इस तरह से पूरे देश में सारे अस्पतालों में इलाज काम ठप कर देना कहीं से उचित नहीं है. डॉक्टर तो भगवान का रूप होते हैं और भगवान ही अपने अपने मरीज के साथ ऐसा व्यवहार करेंगे तो उनका क्या होगा.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="711" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/08/pnc-resident-doctors-strike-at-AIIMS-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-86236" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/08/pnc-resident-doctors-strike-at-AIIMS-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2024/08/pnc-resident-doctors-strike-at-AIIMS-650x451.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2024/08/pnc-resident-doctors-strike-at-AIIMS-1536x1067.jpg 1536w, https://www.patnanow.com/assets/2024/08/pnc-resident-doctors-strike-at-AIIMS-2048x1422.jpg 2048w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="548" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/08/pnc-AIIMS-resident-doctors-strike-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-86237" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/08/pnc-AIIMS-resident-doctors-strike-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2024/08/pnc-AIIMS-resident-doctors-strike-650x348.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2024/08/pnc-AIIMS-resident-doctors-strike-1536x822.jpg 1536w, https://www.patnanow.com/assets/2024/08/pnc-AIIMS-resident-doctors-strike-2048x1096.jpg 2048w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<pre class="wp-block-code"><code>एम्स अस्पताल के जूनियर डॉक्टर रेजिडेंट बड़ी संख्या में एम्स के बाहर प्रदर्शन करने उतर गए. बड़े-बड़े बैनर पर कोलकाता में हुई घटना के विरोध सीबीआई जांच की मांग न्यायिक प्रक्रिया में तेजी से स्पीड ट्रायल चलाने पीड़ित को न्याय दिलाने तक  विरोध जारी रहेगा आदि नारेबाजी कर रहे. दरअसल,घटना ने मेडिकल कॉलेजों के डॉक्टरों, पीजी छात्रों, और रेजिडेंट डॉक्टरों में गहरी नाराजगी पैदा कर दी है.जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन ने ओपीडी समेत कई सेवाओं को बंद करने का ऐलान किया है, हालांकि इमरजेंसी सेवाएं जारी हैं. एम्स के डॉक्टर्स ने अस्पताल  में  इमरजेंसी सेवाओं को छोड़कर ओपीडी, ओटी, और वार्ड में काम नहीं करने का फैसला किया है. उनकी मांग है कि कोलकाता की इस घटना की सीबीआई जांच कराई जाए, और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो. इसके साथ ही डॉक्टरों की सुरक्षा के मुद्दे को भी प्राथमिकता दी जाए. जूनियर डॉक्टरों ने केंद्र और राज्य सरकार से डॉक्टरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके.पटना एम्स में प्रदर्शन कर रहे एक डॉक्टर ने कहा कि यह दूसरा निर्भया कांड हुआ है इसमें कठोर सजा मिलनी चाहिए. डॉक्टर ने कहा कि सबसे पहले न्यायिक प्रक्रिया में तेजी लाई जानी चाहिए. पुलिस को जल्द से जल्द मामले में अपराधों को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ चार्जशीट करना होगा. पीड़िता को न्याय मिले इसको लेकर जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर हैं. कहा कि इमरजेंसी सेवा को बाधित नहीं किया गया है. ओपीडी को बंद रखा गया है.</code></pre>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>एम्स में अत्याधुनिक नेत्र बैंक का काम जल्द होगा शुरू</title>
		<link>https://www.patnanow.com/patna-aiims-high-tech-eye-hospital-planning/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 30 Jul 2024 15:38:05 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[PATNA]]></category>
		<category><![CDATA[काम की ख़बर]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[Eye surgery]]></category>
		<category><![CDATA[PATNA AIIMS]]></category>
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					<description><![CDATA[बिहार के कॉर्निया प्रत्यारोपण करने वाले लोगों को बाहर नहीं जाना पड़ेगा पटना, अजित . पटना एम्स में अब लोगों के लिये अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस नेत्र बैंक की सुविधा भी जल्द ही उपलब्ध करा दिया जाएगा. इसके लिये एम्स पटना में एलवी प्रसाद आई इंस्टीट्यूट, हैदराबाद के सहयोग से स्टेट ऑफ आई बैंक की स्थापना की जाएगी. इस सुविधा के शुरू हो जाने के बाद बिहार में लोगों को कार्निया प्रत्यारोपण के लिए बाहर के अस्पतालों का रुख नहीं करना पड़ेगा. मंगलवार को एम्स पटना के कार्यकारी निदेशक और सीईओ प्रोफेसर (डॉ.) गोपाल कृष्ण पाल की उपस्थिति में एलवीपीईआई, हैदराबाद आई बैंक टीम के साथ चिकित्सा अधीक्षक प्रोफेसर (डॉ.) अनूप कुमार ने एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं.पहले चरण में, एलवीपीईआई हैदराबाद ने एम्स ऋषिकेश, आईएमएस बीएचयू वाराणसी और क्षेत्रीय नेत्र विज्ञान संस्थान, सरकारी मेडिकल कॉलेज गुवाहाटी में नेत्र बैंक स्थापित किया है.दूसरे चरण में. एलवीपीईआई हैदराबाद ने नेत्र बैंक विकसित करने के लिए एम्स पटना और क्षेत्रीय नेत्र विज्ञान संस्थान, रिम्स रांची का चयन किया है. निदेशक एम्स पटना प्रो. (डॉ.) गोपाल कृष्ण पाल ने कहा कि 2022 में उनके योगदान के बाद राज्य अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संगठन बिहार से पंजीकरण के बाद कॉर्निया प्रत्यारोपण केंद्र को मंजूरी दी गई थी लेकिन डोनर कॉर्निया के लिए अन्य नेत्र बैंकों पर निर्भरता के कारण अब तक केवल कुछ ही कॉर्निया प्रत्यारोपण किए गए हैं. उन्होंने बताया कि इस एमओयू के साथ, एम्स पटना में आई बैंक जल्द ही कार्यशील हो जाएगा, जो एम्स पटना में एक ऐतिहासिक [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>बिहार के कॉर्निया प्रत्यारोपण करने वाले लोगों को बाहर नहीं जाना पड़ेगा</strong></p>



<p>पटना, अजित . पटना एम्स में अब लोगों के लिये अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस नेत्र बैंक की सुविधा भी जल्द ही उपलब्ध करा दिया जाएगा.  इसके लिये एम्स पटना में एलवी प्रसाद आई इंस्टीट्यूट, हैदराबाद के सहयोग से स्टेट ऑफ आई बैंक की स्थापना की जाएगी. इस सुविधा के शुरू हो जाने के बाद बिहार में लोगों को कार्निया प्रत्यारोपण के लिए बाहर के अस्पतालों का रुख नहीं करना पड़ेगा.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="488" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/08/aiims-1.png" alt="" class="wp-image-65708" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/08/aiims-1.png 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/08/aiims-1-350x263.png 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>मंगलवार को एम्स पटना के कार्यकारी निदेशक और सीईओ प्रोफेसर (डॉ.) गोपाल कृष्ण पाल की उपस्थिति में एलवीपीईआई, हैदराबाद आई बैंक टीम के साथ चिकित्सा अधीक्षक प्रोफेसर (डॉ.) अनूप कुमार ने एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं.पहले चरण में, एलवीपीईआई हैदराबाद ने एम्स ऋषिकेश, आईएमएस बीएचयू वाराणसी और क्षेत्रीय नेत्र विज्ञान संस्थान, सरकारी मेडिकल कॉलेज गुवाहाटी में नेत्र बैंक स्थापित किया है.दूसरे चरण में. एलवीपीईआई हैदराबाद ने नेत्र बैंक विकसित करने के लिए एम्स पटना और क्षेत्रीय नेत्र विज्ञान संस्थान, रिम्स रांची का चयन किया है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="473" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/07/1000268433-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-85885" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/07/1000268433-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2024/07/1000268433-650x300.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2024/07/1000268433-1536x709.jpg 1536w, https://www.patnanow.com/assets/2024/07/1000268433-2048x946.jpg 2048w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>निदेशक एम्स पटना प्रो. (डॉ.) गोपाल कृष्ण पाल ने कहा कि 2022 में उनके योगदान के बाद राज्य अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संगठन बिहार से पंजीकरण के बाद कॉर्निया प्रत्यारोपण केंद्र को मंजूरी दी गई थी लेकिन डोनर कॉर्निया के लिए अन्य नेत्र बैंकों पर निर्भरता के कारण अब तक केवल कुछ ही कॉर्निया प्रत्यारोपण किए गए हैं. उन्होंने बताया कि इस एमओयू के साथ, एम्स पटना में आई बैंक जल्द ही कार्यशील हो जाएगा, जो एम्स पटना में एक ऐतिहासिक सेवा होगी.<br>इस अवसर पर नेत्र रोग विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) अमित राज ने इस अवसर को इस क्षेत्र के कॉर्निया दृष्टिहीन लोगों के लिए महत्वपूर्ण बताया, जो कॉर्निया प्रत्यारोपण के लिए राज्य के बाहर जाने को मजबूर हैं. नेत्र बैंक के शुभारंभ हो जाने के बाद अब यहां के मरीजों को बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी.</p>



<p>प्रो. (डॉ.) प्रेम कुमार (डीन एकेडमिक्स), डीडीए नीलोत्पल बल, एफ एंड सीएओ प्रो. त्रिभुवन कुमार, संकाय प्रभारी खरीद डॉ. बिनोद कुमार पति और एलवीपीईआई आई बैंक प्रभारी हरिहरन और आई बैंक मैनेजर श्रीनिवास इस अवसर पर उपस्थित थे.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>बक्सर ट्रेन दुर्घटना के घायलों का एम्स में होगा मुफ्त इलाज</title>
		<link>https://www.patnanow.com/buxar-train-accident-victims-in-aiims/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 13 Oct 2023 17:36:46 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[PATNA]]></category>
		<category><![CDATA[काम की ख़बर]]></category>
		<category><![CDATA[दुर्घटना]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[Buxar train accident]]></category>
		<category><![CDATA[PATNA AIIMS]]></category>
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					<description><![CDATA[बक्सर ट्रेन दुर्घटना में घायल दूसरे अस्पताल में भर्ती मरीजों का मुफ्त इलाज करने को एम्स तैयार : एम्स निदेशक सभी जांच उपचार इलाज के साथ निशुल्क सभी दवाएं उपलब्ध करा रहा पटना एम्स फुलवारी शरीफ, अजीत : बिहार के बक्सर के रघुनाथपुर के पास हुई ट्रेन हादसा के घायल पुरुषों का पटना एम्स में बेहतर और समुचित उपचार मुफ्त में किया जा रहा है. इतना ही नहीं सभी जांच एवं पूरी दवाएं पटना एम्स प्रबंधन की तरफ से घायलों को मुफ्त में ही उपलब्ध कराया जा रहा है. इतना ही नहीं पटना एम्स के डायरेक्टर गोपाल कृष्ण पाल ने कहा है की ट्रेन हादसे में जितने भी मरीज घायल होकर दूसरे अस्पतालों में इलाज कर रहे हैं, अगर वह चाहे तो उनका इलाज पटना एम्स में हम करने के लिए तैयार है . हर तरह की चिकित्सा के सुविधा उपलब्ध कराने के लिए पटना एवं 24 घंटे तत्पर हैं. एम्स पटना के कार्यकारी निदेशक डॉ. जीके पाल ने बताया कि आज तक रघुनाथपुर ट्रेन दुर्घटना के 25 घायल यात्रियों को एम्स पटना में भर्ती कराया गया है. चोटों से उबरने के बाद नौ मरीजों को छुट्टी दे दी गई है.15 मरीज अभी भी ट्रॉमा सेंटर में हैं और कुछ को एम्स पटना के अन्य विभागों जैसे ऑर्थोपेडिक्स और न्यूरोसर्जरी में रेफर किया गया है. एडमिट मारिजो में से 3 को फीमर फ्रैक्चर, 02 सर्वाइकल नेक स्पाइन फ्रैक्चर, 2 थोरेसिक स्पाइन फ्रैक्चर, 1 मैक्सिलोफेशियल इंजरी विद फ्रैक्चर, 1 रिब फ्रैक्चर, 1 सबड्यूरल ब्रेन हैमरेज और 1 बच्चे के ऊपरी अंग [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>बक्सर ट्रेन दुर्घटना में घायल दूसरे अस्पताल में भर्ती मरीजों का मुफ्त इलाज करने को एम्स तैयार : एम्स निदेशक</strong></p>



<p><strong>सभी जांच उपचार इलाज के साथ निशुल्क सभी दवाएं उपलब्ध करा रहा पटना एम्स</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="488" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/08/aiims-1.png" alt="" class="wp-image-65708" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/08/aiims-1.png 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/08/aiims-1-350x263.png 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>फुलवारी शरीफ, अजीत : बिहार के बक्सर के रघुनाथपुर के पास हुई ट्रेन हादसा के घायल पुरुषों का पटना एम्स में बेहतर और समुचित उपचार मुफ्त में किया जा रहा है. इतना ही नहीं सभी जांच एवं पूरी दवाएं पटना एम्स प्रबंधन की तरफ से घायलों को मुफ्त में ही उपलब्ध कराया जा रहा है. इतना ही नहीं पटना एम्स के डायरेक्टर गोपाल कृष्ण पाल ने कहा है की ट्रेन हादसे में जितने भी मरीज घायल होकर दूसरे अस्पतालों में इलाज कर रहे हैं, अगर वह चाहे तो उनका इलाज पटना एम्स में हम करने के लिए तैयार है . हर तरह की चिकित्सा के सुविधा उपलब्ध कराने के लिए पटना एवं 24 घंटे तत्पर हैं.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="592" height="650" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/10/pnc-buxar-train-pidito-ka-AIIMS-me-hoga-free-ilaj-592x650.jpg" alt="" class="wp-image-79300" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/10/pnc-buxar-train-pidito-ka-AIIMS-me-hoga-free-ilaj-592x650.jpg 592w, https://www.patnanow.com/assets/2023/10/pnc-buxar-train-pidito-ka-AIIMS-me-hoga-free-ilaj-319x350.jpg 319w, https://www.patnanow.com/assets/2023/10/pnc-buxar-train-pidito-ka-AIIMS-me-hoga-free-ilaj-768x844.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2023/10/pnc-buxar-train-pidito-ka-AIIMS-me-hoga-free-ilaj.jpg 1165w" sizes="auto, (max-width: 592px) 100vw, 592px" /></figure>



<p><br>एम्स पटना के कार्यकारी निदेशक डॉ. जीके पाल ने बताया कि आज तक रघुनाथपुर ट्रेन दुर्घटना के 25 घायल यात्रियों को एम्स पटना में भर्ती कराया गया है. चोटों से उबरने के बाद नौ मरीजों को छुट्टी दे दी गई है.15 मरीज अभी भी ट्रॉमा सेंटर में हैं और कुछ को एम्स पटना के अन्य विभागों जैसे ऑर्थोपेडिक्स और न्यूरोसर्जरी में रेफर किया गया है. एडमिट मारिजो में से 3 को फीमर फ्रैक्चर, 02 सर्वाइकल नेक स्पाइन फ्रैक्चर, 2 थोरेसिक स्पाइन फ्रैक्चर, 1 मैक्सिलोफेशियल इंजरी विद फ्रैक्चर, 1 रिब फ्रैक्चर, 1 सबड्यूरल ब्रेन हैमरेज और 1 बच्चे के ऊपरी अंग फ्रैक्चर और 5 सॉफ्ट टिशू इंजरी के मामले हैं. हालाँकि विभिन्न ग्रेड की चोटें हैं, उनमें से कोई भी गंभीर स्थिति में नहीं है और तत्काल सर्जिकल हस्तक्षेप की भी आवश्यकता नहीं है. सभी मरीजों को एम्स पटना अस्पताल में सर्वोत्तम उपचार दिया जाता है, जो पूरी तरह से निःशुल्क है. पंजीकरण शुल्क, सीटी स्कैन और एमआरआई स्कैन सहित सभी जांच शुल्क पूरी तरह से निःशुल्क कर दिए गए थे. इन सभी मरीजों को एम्स अस्पताल की फार्मेसी से दी जाने वाली दवाएं मरीजों को मुफ्त में दी जाती हैं.<br>कार्यकारी निदेशक डॉ. जीके पाल सभी मरीजों के इलाज की सीधे देखरेख और मॉनिटरिंग कर रहे हैं. चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सीएम सिंह और ट्रॉमा सर्जरी विभाग के प्रमुख डॉ. अनिल कुमार अपनी पूरी टीम के साथ रोगी प्रबंधन की सावधानीपूर्वक देखभाल कर रहे हैं. ऑर्थोपेडिक्स टीम, न्यूरोसर्जरी टीम, इमरजेंसी और क्रिटिकल केयर मेडिसिन टीम और नर्सिंग स्टाफ मरीजों के त्वरित उपचार और रिकवरी को सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह से शामिल हैं. कार्यकारी निदेशक डॉ. पाल ने कहा कि एम्स पटना अन्य अस्पतालों में इलाज करा रहे सभी रोगियों को प्राप्त करने के लिए तैयार और पूरी तरह से सुसज्जित है और यदि उन्हें एम्स पटना अस्पताल में बेहतर देखभाल की आवश्यकता है.</p>



<p><em><strong>Ajit</strong></em></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>झील बना एम्स का प्रवेश द्वार, पानी में आवाजाही को लोग मजबूर</title>
		<link>https://www.patnanow.com/aiims-water-logging/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 09 Jul 2023 16:28:04 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[PATNA]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[PATNA AIIMS]]></category>
		<category><![CDATA[Water logging]]></category>
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					<description><![CDATA[पटना एम्स रोड में जलजमाव से नहीं मिली निजात पटना एम्स के निदेशक ने लिखा सरकार को पत्र फुलवारी शरीफ,अजीत।। पटना एम्स रोड पर जलजमाव की स्थिति बदतर होती जा रही है. एम्स पहुंचने वाले डॉक्टरों के साथ-साथ मरीजों को भी जलभराव के कारण काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. इसको लेकर एम्स के निदेशक ने चिंता जताई है. सवाल यह है कि आखिर पटना एम्स जैसे महत्वपूर्ण संस्थान में आने जाने वाले मुख्य मार्ग नेशनल हाईवे 98 पर जलजमाव की गंभीर समस्या से सरकार कब निजात दिलाएगी . मालूम हो कि सड़क से जल जमाव के निजात के लिए कई बार सांसद विधायक सड़क पर उतरकर बोरिंग मोटर पंप लगाकर पानी की निकासी करवा चुके हैं बावजूद समस्या जस की तस बरकरार है. पटना एम्स रोड फुलवारी शरीफ जानीपुर नौबतपुर आने जाने वाले वाहनों के लिए मुख्य रास्ता है जिसमें सालों भर पानी जमा रहने से जहां-तहां बड़े-बड़े गड्ढे भी हो गए हैं. इस बारिश के मौसम में सड़क झील बन चुका है और गड्ढों में वाहन के चक्के जाने से रोजाना लोग दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं .दरअसल, आने जाने वाले मुख्य मार्ग पर नाला ऊंचा रहने एवं सड़क नीचे रहने के चलते कई वर्षों से सालों भर जलजमाव से लोगों को जोड़ना पड़ता है. वहीं बरसात के इस मौसम में सड़क पूरी तरह झील बन गया है .इतना ही नहीं एम्स के मुख्य द्वार के पास में पानी भरा हुआ है. जिससे एम्स में आने जाने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों को भारी परेशानियों [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>पटना एम्स रोड में जलजमाव से नहीं मिली निजात</p>



<p>पटना एम्स के निदेशक ने लिखा सरकार को पत्र </p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="488" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/08/aiims-1.png" alt="" class="wp-image-65708" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/08/aiims-1.png 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/08/aiims-1-350x263.png 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>फुलवारी शरीफ,अजीत।। पटना एम्स रोड पर जलजमाव की स्थिति बदतर होती जा रही है. एम्स पहुंचने वाले डॉक्टरों के साथ-साथ मरीजों को भी जलभराव के कारण काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. इसको लेकर एम्स के निदेशक ने चिंता जताई है. सवाल यह है कि आखिर पटना एम्स जैसे महत्वपूर्ण संस्थान में आने जाने वाले मुख्य मार्ग नेशनल हाईवे 98 पर जलजमाव की गंभीर समस्या से सरकार कब निजात दिलाएगी . मालूम हो कि सड़क से जल जमाव के निजात के लिए कई बार सांसद विधायक सड़क पर उतरकर बोरिंग मोटर पंप लगाकर पानी की निकासी करवा चुके हैं बावजूद समस्या जस की तस बरकरार है. </p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="454" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/07/pnc-patna-AIIMS-water-logging-650x454.jpg" alt="" class="wp-image-76190" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/07/pnc-patna-AIIMS-water-logging-650x454.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/07/pnc-patna-AIIMS-water-logging-350x244.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2023/07/pnc-patna-AIIMS-water-logging-768x536.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2023/07/pnc-patna-AIIMS-water-logging-130x90.jpg 130w, https://www.patnanow.com/assets/2023/07/pnc-patna-AIIMS-water-logging.jpg 1050w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>पटना एम्स रोड फुलवारी शरीफ जानीपुर नौबतपुर आने जाने वाले वाहनों के लिए मुख्य रास्ता है जिसमें सालों भर पानी जमा रहने से जहां-तहां बड़े-बड़े गड्ढे भी हो गए हैं. इस बारिश के मौसम में सड़क झील बन चुका है और गड्ढों में वाहन के चक्के जाने से रोजाना लोग दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं .<br>दरअसल, आने जाने वाले मुख्य मार्ग पर नाला ऊंचा रहने एवं सड़क नीचे रहने के चलते कई वर्षों से सालों भर जलजमाव से लोगों को जोड़ना पड़ता है. वहीं बरसात के इस मौसम में सड़क पूरी तरह झील बन गया है .इतना ही नहीं एम्स के मुख्य द्वार के पास में पानी भरा हुआ है. जिससे एम्स में आने जाने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों को भारी परेशानियों से होकर गुजरना पड़ रहा है. इन दिनों पटना एम्स में ओपीडी में मरीजों की संख्या दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है, इसे देखते हुए एम्स द्वारा कई विभाग भी बढ़ाए जा रहे हैं. बेडों की संख्या के साथ-साथ ऑपरेशन थिएटर और कई विभागों को बढ़ाने का काम तेजी से चल रहा है. पटना एम्स में कार्यकारी निदेशक डॉ गोपाल कृष्ण पाल के द्वारा हर विभाग में विकास कार्यों और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के चलते पटना एम्स में भीड़ लगातार बढ़ती जा रही है.पटना एम्स के मुख्य मार्ग पर प्रवेश द्वार से लेकर दूर तक जलजमाव के कारण डॉक्टरों को हो रही परेशानी को लेकर एम्स के निदेशक ने सरकार को पत्र लिखा है.उन्होंने बिहार सरकार समेत संबंधित विभाग से भी इसका समाधान करने का आग्रह किया है.</p>
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