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	<title>Non teaching work &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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		<title>&#8216;गैर शैक्षणिक कार्य से शिक्षकों को अलग करे सरकार&#8217;</title>
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		<dc:creator><![CDATA[dnv md]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 02 Aug 2023 09:23:59 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[पटना।। पटना हाईकोर्ट द्वारा जाति आधारित गणना कराए जाने के पक्ष में फैसला आने के बाद शिक्षकों और सरकार के बीच एक बार फिर ठन गई है. एक तरफ जहां शिक्षा विभाग ने एक बार फिर शिक्षकों को जाति गणना का कार्य तुरंत शुरू करने का आदेश जारी किया है ,दूसरी तरफ विभिन्न शिक्षक संघों ने सरकार से शिक्षकों को गैर शैक्षणिक कार्य से दूर रखने की मांग की है. बिहार राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ के राज्य अध्यक्ष ब्रजनंदन शर्मा, कार्यवाहक अध्यक्ष मनोज कुमार, महासचिव नागेंद्र नाथ शर्मा, वरीय उपाध्यक्ष नुनू मणि सिंह, उपाध्यक्ष घनश्याम यादव एवं प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी प्रेमचंद्र ने संयुक्त विज्ञप्ति जारी कर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बिहार राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ का मानना है शिक्षकों को किसी भी तरह के गैर शैक्षणिक कार्य में ना लगाया जाए इससे बिहार में शिक्षा का माहौल खराब हो जाता है. संघ के प्रवक्ता प्रेमचंद्र ने कहा कि एक तरफ विभाग और सरकार बिहार में शिक्षा का माहौल बनाने के तरफ कार्य करने का दंभ भर रही है तो दूसरी तरफ बने बनाए माहौल को खराब करने हेतु बड़े पैमाने पर शिक्षकों को जाति आधारित गणना जैसे गैर शैक्षणिक कार्य में प्रतिनियुक्त कर रही है जो बिल्कुल ही शिक्षा हित में नहीं है. उन्होंने कहा कि अपर मुख्य सचिव के के पाठक ने पत्र जारी कर स्कूल को संचालित करने लायक संख्या में शिक्षकों को छोड़कर शेष को प्रतिनियुक्त करने को कहा है. उन्हें जमीनी हकीकत नहीं मालूम है. सच्चाई यह है कि जो लोग पिछले दिनों [&#8230;]]]></description>
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<p>पटना।। पटना हाईकोर्ट द्वारा जाति आधारित गणना कराए जाने के पक्ष में फैसला आने के बाद शिक्षकों और सरकार के बीच एक बार फिर ठन गई है. एक तरफ जहां शिक्षा विभाग ने एक बार फिर शिक्षकों को जाति गणना का कार्य तुरंत शुरू करने का आदेश जारी किया है ,दूसरी तरफ विभिन्न शिक्षक संघों ने सरकार से शिक्षकों को गैर शैक्षणिक कार्य से दूर रखने की मांग की है.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="451" height="650" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/08/F2gT1uvXQAA_NcL-451x650.jpg" alt="" class="wp-image-76901" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/08/F2gT1uvXQAA_NcL-451x650.jpg 451w, https://www.patnanow.com/assets/2023/08/F2gT1uvXQAA_NcL-243x350.jpg 243w, https://www.patnanow.com/assets/2023/08/F2gT1uvXQAA_NcL-768x1106.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2023/08/F2gT1uvXQAA_NcL.jpg 889w" sizes="(max-width: 451px) 100vw, 451px" /></figure>



<p>बिहार राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ के राज्य अध्यक्ष ब्रजनंदन शर्मा, कार्यवाहक अध्यक्ष मनोज कुमार, महासचिव नागेंद्र नाथ शर्मा, वरीय उपाध्यक्ष नुनू मणि सिंह, उपाध्यक्ष घनश्याम यादव एवं प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी प्रेमचंद्र ने संयुक्त विज्ञप्ति जारी कर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बिहार राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ का मानना है शिक्षकों को किसी भी तरह के गैर शैक्षणिक कार्य में ना लगाया जाए इससे बिहार में शिक्षा का माहौल खराब हो जाता है. </p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img decoding="async" width="650" height="486" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/08/IMG-20230802-WA0089-650x486.jpg" alt="" class="wp-image-76910" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/08/IMG-20230802-WA0089-650x486.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/08/IMG-20230802-WA0089-350x262.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2023/08/IMG-20230802-WA0089-768x574.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2023/08/IMG-20230802-WA0089.jpg 1080w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>संघ के प्रवक्ता प्रेमचंद्र ने कहा कि एक तरफ विभाग और सरकार बिहार में शिक्षा का माहौल बनाने के तरफ कार्य करने का दंभ भर रही है तो दूसरी तरफ बने बनाए माहौल को खराब करने हेतु बड़े पैमाने पर शिक्षकों को जाति आधारित गणना जैसे गैर शैक्षणिक कार्य में प्रतिनियुक्त कर रही है जो बिल्कुल ही शिक्षा हित में नहीं है. उन्होंने कहा कि अपर मुख्य सचिव के के पाठक ने पत्र जारी कर स्कूल को संचालित करने लायक संख्या में शिक्षकों को छोड़कर शेष को प्रतिनियुक्त करने को कहा है. उन्हें जमीनी हकीकत नहीं मालूम है. सच्चाई यह है कि जो लोग पिछले दिनों जाति आधारित गणना में लगाए गए थे उन सभी लोगों को वर्तमान आदेश के आलोक में जाति आधारित गणना में लगना होगा ऐसी स्थिति में बहुत सारे विद्यालय बंद होने की स्थिति में आ जाएंगे. किसी किसी विद्यालय में 1-2 से 4 की संख्या में शिक्षक बच जाएंगे ऐसे में विद्यालय का शैक्षणिक कार्य पूरी तरह चरमरा जाने का खतरा है.<br>इन शिक्षक नेताओं ने मांग की है कि बिहार के सभी शिक्षकों को गैर शैक्षणिक कार्य यथा जाति आधारित जनगणना कार्यालयों में प्रतिनियुक्ति बी एल ओ जैसे कार्य से बिल्कुल अलग किया जाए ताकि बिहार में पठन-पाठन का माहौल बना रहे.</p>



<p><strong>माध्यमिक शिक्षक संघ ने भी की मांग</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="476" height="473" src="https://www.patnanow.com/assets/2020/04/PNC-MADHYAMIK-SHIKSHAK-SANGH-SHATRUGHAN-SINGH-BMSS.jpg" alt="" class="wp-image-44011" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2020/04/PNC-MADHYAMIK-SHIKSHAK-SANGH-SHATRUGHAN-SINGH-BMSS.jpg 476w, https://www.patnanow.com/assets/2020/04/PNC-MADHYAMIK-SHIKSHAK-SANGH-SHATRUGHAN-SINGH-BMSS-350x348.jpg 350w" sizes="(max-width: 476px) 100vw, 476px" /></figure>



<p>इधर बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ ने भी सरकार से मांग की है कि शिक्षकों को गैर शैक्षणिक कार्यों से अलग रखना जरूरी है इसलिए सरकार अविलंब इस आदेश को वापस ले. माध्यमिक शिक्षक संघ के महासचिव शत्रुघ्न प्रसाद सिंह ने कहा कि जातीय जनगणना संबंधी कार्य प्रारंभ होने के साथ ही अपर मुख्य शिक्षा सचिव ने राज्य के सभी जिला पदाधिकारियों को गैर-शैक्षणिक कार्यों से अलग रखने का आदेश दिया था, लेकिन उसकी स्याही अभी सूखी भी नहीं थी और फिर तुरत उक्त आदेश को पलट दिया गया और फिर पुनः विद्यालय में पढ़ाई-लिखाई के बन रहे माहौल को प्रभावित कर दिया गया. यह शिक्षक, शिक्षा विरोधी आदेश है. उन्होंने कहा कि लोक सभा चुनाव की तैयारी प्रारंभ हो चुकी है और फिर विधान सभा चुनाव भी दस्तक दे रहा है. यानि 2025 तक शिक्षकों को पढ़ाई से सरकार ने अलग रखने की तैयारी कर ली है. राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में भी शिक्षकों से गैर-शैक्षणिक कार्य कराने की सख्त मनाही है. पूर्व सांसद ने कहा कि सरकार अपनी वाजिब माँगों के लिए शांतिपूर्वक प्रदर्शन के अपराध में उनपर दण्डात्मक कार्रवाई कर रही है. लगभग 500 शिक्षक निलंबित हैं. उनपर 9 बजे सुबह से 7 बजे शाम तक विद्यालयों में उपस्थित रहने का मानसिक दबाब है और इसमें थोड़ी-सी भी मानवीय भूल के कारण वेतनादि की कटौती की जा रही है. दूसरी ओर उनकी वाजिब माँगों पर कोई विचार नहीं किया जा रहा है. ऐसी गंभीर परिस्थिति में आपसे अनुरोध है कि शिक्षकों को इस बात के लिए विवश नहीं करें कि वे गैर-शैक्षणिक कार्य संबंधी आदेश का अनुपालन नहीं करें. अतः उक्त आदेश तात्कालिक प्रभाव से वापस लेने की कृपा की जाय.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
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