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	<title>Nitin Gadkari &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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	<title>Nitin Gadkari &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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		<title>पराली से बने ईंधन से चलेंगे हवाई जहाज, फाइटर जेट और हेलीकॉप्टर:  गडकरी</title>
		<link>https://www.patnanow.com/airplanes-fighter-jets-and-helicopters-will-run-on-fuel-made-from-stubble-gadkari/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[pnc]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 14 Sep 2023 05:17:11 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[25 लाख करोड़ का होगा इम्पोर्ट ,1000 प्लांट लगाने की योजना किसानों द्वारा तैयार किए गए ईंधन से वाहन से लेकर फाइटर जेट तक चलेंगे देश के ईंधन और प्रदूषण की समस्या को दूर करने के लिए पराली से ईंधन तैयार हो रहा है. आने वाले समय में इसका उपयोग बड़े स्तर पर किया जाएगा. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि कुछ सालों में पराली से ईंधन का उपयोग कमर्शियल हवाई जहाज, फाइटर जेट और हेलीकॉप्टर में किया जाएगा. दिल्ली में आयोजित 63वें एसीएमए वार्षिक सत्र में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि देश में अब पराली जलाई नहीं जाती है. उन्होंने कहा कि पानीपत में इंडियन ऑयल का प्लांट शुरू हो चुका है. यहां पराली से 1 लाख लीटर इथेनॉल बनाई जाती है और 150 टन बायो बिटुमेन बनाते हैं. उन्होंने कहा कि एयरफोर्स का 22 फीसदी इथेनॉल फाइटर जेट में डाला जा रहा है. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आने वाले समय में 8 फीसदी बॉयो एविएशन फ्यूल, एविएशन फ्यूल में डालने की योजना है. उन्होंने कहा कि वह दिन अब दूर नहीं जब 3 से 4 में किसानों द्वारा तैयार किए गए ईंधन पर कमर्शियल हवाई जहाज, फाइटर जेट और हेलीकॉप्टर चलेंगे. नितिन गडकरी ने कहा कि अभी देश का इम्पोर्ट 16 लाख करोड़ का है और आने वाले पांच साल में इसका इम्पोर्ट 25 लाख करोड़ का होगा. गडकरी ने कहा कि गाड़ियों की संख्या तेजी से बढ़ी है. उनके मंत्री बनने से पहले 4.5 लाख करोड़ की इंडस्ट्री थी और आज 12.5 लाख [&#8230;]]]></description>
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<p></p>



<p><strong>25 लाख करोड़ का होगा इम्पोर्ट ,1000 प्लांट लगाने की योजना</strong></p>



<p><strong>किसानों द्वारा तैयार किए गए ईंधन से वाहन से लेकर फाइटर जेट तक चलेंगे</strong></p>



<p>देश के ईंधन और प्रदूषण की समस्या को दूर करने के लिए पराली से ईंधन तैयार हो रहा है. आने वाले समय में इसका उपयोग बड़े स्तर पर किया जाएगा. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि कुछ सालों में पराली से ईंधन का उपयोग कमर्शियल हवाई जहाज, फाइटर जेट और हेलीकॉप्टर में किया जाएगा. दिल्ली में आयोजित 63वें एसीएमए वार्षिक सत्र में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि देश में अब पराली जलाई नहीं जाती है. उन्होंने कहा कि पानीपत में इंडियन ऑयल का प्लांट शुरू हो चुका है. यहां पराली से 1 लाख लीटर इथेनॉल बनाई जाती है और 150 टन बायो बिटुमेन बनाते हैं. उन्होंने कहा कि एयरफोर्स का 22 फीसदी इथेनॉल फाइटर जेट में डाला जा रहा है. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आने वाले समय में 8 फीसदी बॉयो एविएशन फ्यूल, एविएशन फ्यूल में डालने की योजना है. उन्होंने कहा कि वह दिन अब दूर नहीं जब 3 से 4 में किसानों द्वारा तैयार किए गए ईंधन पर कमर्शियल हवाई जहाज, फाइटर जेट और हेलीकॉप्टर चलेंगे.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="650" height="371" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/09/gakaree-1-650x371.png" alt="" class="wp-image-78136" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/09/gakaree-1-650x371.png 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/gakaree-1-350x200.png 350w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/gakaree-1.png 700w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>नितिन गडकरी ने कहा कि अभी देश का इम्पोर्ट 16 लाख करोड़ का है और आने वाले पांच साल में इसका इम्पोर्ट 25 लाख करोड़ का होगा. गडकरी ने कहा कि गाड़ियों की संख्या तेजी से बढ़ी है. उनके मंत्री बनने से पहले 4.5 लाख करोड़ की इंडस्ट्री थी और आज 12.5 लाख करोड़ की इंडस्ट्री हो चुकी है. उन्होंने कहा कि भारत आत्मनिर्भर बन रहा है, जिसका सबसे बड़ा उदाहरण हैं कि हम अर्थव्यवस्था के मामले में कभी सातवें नंबर पर थे और अब दो जापान को पीछे छोड़कर तीसरे नंबर पर आ चुके हैं.  नितिन गडकरी ने कहा था कि डीजल की जरूरत को कम करने और पोल्यूशन फ्री देश बनाने के लिए पराली से बॉयो ईंधन बनाने के लिए एक हजार प्लांट लगाने की योजना है. इससे पांच लाख लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है. वाहनों के लिए ईंधन की लागत और कमी दूर होगी. ट्रैक्टर से लेकर हवाई उड़ान में बॉयो फ्यूल का यूज किया जाएगा.</p>



<p><strong>PNCDESK</strong></p>
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		<title>Live: गांधी सेतु के पूर्वी लेन का शुभारंभ</title>
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		<dc:creator><![CDATA[dnv md]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 07 Jun 2022 05:47:48 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
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		<category><![CDATA[Politics]]></category>
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					<description><![CDATA[बिहार की लाइफ लाइन माना जाने वाला महात्मा गांधी सेतु का पुनर्निर्माण पूरा हो चुका है और आज इसका उद्घाटन हो रहा है. कभी यह देश का सबसे बड़ा नदी पुल था और आज की तारीख में देश का सबसे बड़ा ऐसा पुल है जो पूरी तरह स्टील से बना है. लगभग साढ़े 5 साल में 1742 करोड़ रुपए की लागत से इसका पुनर्निर्माण हुआ है. इस पुल के निर्माण में 66360 मेट्रिक टन स्टील का प्रयोग हुआ है. केंद्रीय पथ परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बिहार के लोगों के बहुप्रतीक्षित गांधी सेतु के पूर्वी लेन का आज उद्घाटन कर रहे हैं. आप भी देखिए लाइव तस्वीरें सीधे गांधी सेतु से &#x1f447; pncb]]></description>
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<p>बिहार की लाइफ लाइन माना जाने वाला महात्मा गांधी सेतु का पुनर्निर्माण पूरा हो चुका है और आज इसका उद्घाटन हो रहा है. कभी यह देश का सबसे बड़ा नदी पुल था और आज की तारीख में देश का सबसे बड़ा ऐसा पुल है जो पूरी तरह स्टील से बना है. लगभग साढ़े 5 साल में 1742 करोड़ रुपए की लागत से इसका पुनर्निर्माण हुआ है.  इस पुल के निर्माण में 66360 मेट्रिक टन स्टील का प्रयोग हुआ है.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img decoding="async" width="650" height="350" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/06/FB_IMG_1654571902574.jpg" alt="" class="wp-image-63346" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/06/FB_IMG_1654571902574.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/06/FB_IMG_1654571902574-350x188.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /><figcaption>पुनर्निर्मित गांधी सेतु</figcaption></figure>



<p>केंद्रीय पथ परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बिहार के लोगों के बहुप्रतीक्षित गांधी सेतु के पूर्वी लेन का आज उद्घाटन कर रहे हैं. आप भी देखिए लाइव तस्वीरें  सीधे गांधी सेतु से &#x1f447;</p>



<figure class="wp-block-embed is-type-video is-provider-youtube wp-block-embed-youtube wp-embed-aspect-16-9 wp-has-aspect-ratio"><div class="wp-block-embed__wrapper">
https://youtu.be/DkKUtEZq5Rs
</div><figcaption>सौ: आइपीआरडी</figcaption></figure>



<p></p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
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		<title>गांधी सेतु की बदल जाएगी तस्वीर, अर्से बाद दोनों लेन पर होगा परिचालन</title>
		<link>https://www.patnanow.com/gandhi-setu-purvi-lane/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[dnv md]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 06 Jun 2022 12:25:21 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
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					<description><![CDATA[पटना वासियों के लिए 7 जून 2022 एक ऐतिहासिक दिन साबित होने वाला है. पिछले करीब 20 वर्षो में शायद ही कभी कोई ऐसा दिन आया होगा, जब महात्मा गांधी सेतु के दोनों लेन पूरी तरह चालू हालत में रहे. नतीजा यह रहा कि पिछले 20 साल से पटना से उत्तर बिहार और हाजीपुर से पटना की ओर जाने वाले यात्रियों की जबरदस्त फजीहत होती रही है. 7 जून को गांधी सेतु के पूर्वी लेन का उद्घाटन होगा और उम्मीद की जा रही है कि आने वाले वर्षों के लिए गांधी सेतु के दोनों लेन पर लोग सामान्य रूप से यात्रा कर पाएंगे. अगर ऐसा संभव हुआ तो दक्षिण बिहार और उत्तर बिहार के लोगों के लिए यह सबसे बड़ी राहत की बात होगी. गांधी सेतु के अलावा कुल 10651 करोड़ की बिहार की अन्य सड़क और पुल प्रोजेक्ट का उद्घाटन/शिलान्यास भी केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी करेंगे. बिहार के पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन ने बताया कि 7 जून को सुबह करीब 11:30 बजे केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार गांधी सेतु के पूर्वी लेन का उद्घाटन करेंगे. महात्मा गांधी सेतु की लंबाई लगभग 5.50 किलोमीटर की है. कंक्रीट का बना होने के कारण अक्सर इस पुल में दरार होने या टूटने की शिकायत रहती थी और इस वजह से ज्यादातर समय एक लेन में ही वाहनों का परिचालन होता था, जिससे हाजीपुर और पटना आने जाने वाले लोगों को कई घंटे का समय इस पुल को पार करने में लगता था. लेकिन दोनों लेन शुरू [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>पटना वासियों के लिए 7 जून 2022 एक ऐतिहासिक दिन साबित होने वाला है. पिछले करीब 20 वर्षो में शायद ही कभी कोई ऐसा दिन आया होगा, जब महात्मा गांधी सेतु के दोनों लेन पूरी तरह चालू हालत में रहे. नतीजा यह रहा कि पिछले 20 साल से पटना से उत्तर बिहार और हाजीपुर से पटना की ओर जाने वाले यात्रियों की जबरदस्त फजीहत होती रही है. </p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img decoding="async" width="650" height="421" src="https://www.patnanow.com/assets/2020/07/pnc-new-gandhi-setu-from-31july2020.jpg" alt="" class="wp-image-48237" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2020/07/pnc-new-gandhi-setu-from-31july2020.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2020/07/pnc-new-gandhi-setu-from-31july2020-350x227.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /><figcaption><strong>पूर्वी लेन का नवनिर्मित स्टील स्ट्रक्चर</strong></figcaption></figure>



<p>7 जून को गांधी सेतु के पूर्वी लेन का उद्घाटन होगा और उम्मीद की जा रही है कि आने वाले वर्षों के लिए गांधी सेतु के दोनों लेन पर लोग सामान्य रूप से यात्रा कर पाएंगे. अगर ऐसा संभव हुआ तो दक्षिण बिहार और उत्तर बिहार के लोगों के लिए यह सबसे बड़ी राहत की बात होगी. गांधी सेतु के अलावा कुल 10651 करोड़ की बिहार की अन्य सड़क और पुल प्रोजेक्ट का उद्घाटन/शिलान्यास भी केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी करेंगे.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="350" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/06/FB_IMG_1654571902574.jpg" alt="" class="wp-image-63346" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/06/FB_IMG_1654571902574.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/06/FB_IMG_1654571902574-350x188.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="462" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/06/pnc-nitin-nabin-bjp.jpg" alt="" class="wp-image-63303" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/06/pnc-nitin-nabin-bjp.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/06/pnc-nitin-nabin-bjp-350x249.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /><figcaption>नितिन नवीन, पथ निर्माण मंत्री </figcaption></figure>



<p>बिहार के पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन ने बताया कि 7 जून को सुबह करीब 11:30 बजे केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार गांधी सेतु के पूर्वी लेन का उद्घाटन करेंगे.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="330" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/06/pnc-gandhi-setu-pillar-28.jpg" alt="" class="wp-image-63259" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/06/pnc-gandhi-setu-pillar-28.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/06/pnc-gandhi-setu-pillar-28-350x178.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>महात्मा गांधी सेतु की लंबाई लगभग 5.50 किलोमीटर की है. कंक्रीट का बना होने के कारण अक्सर इस पुल में दरार होने या टूटने की शिकायत रहती थी और इस वजह से ज्यादातर समय एक लेन में ही वाहनों का परिचालन होता था, जिससे हाजीपुर और पटना आने जाने वाले लोगों को कई घंटे का समय इस पुल को पार करने में लगता था. लेकिन दोनों लेन शुरू होने पर महज 15 से 20 मिनट का समय ही लगेगा. एनएच 19 पर बने इस ऐतिहासिक पुल के सुपर स्ट्रक्चर को अब पूरी तरह स्टील का बनाया गया है. जानकारी के मुताबिक नया पुल पहले पुल की अपेक्षा 30000 टन हल्का है. नया पुल भारी वाहनों के परिचालन पर भी जल्दी खराब नहीं होगा. </p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="322" src="https://www.patnanow.com/assets/2020/08/pnc-new-gandhi-setu.jpg" alt="" class="wp-image-48299" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2020/08/pnc-new-gandhi-setu.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2020/08/pnc-new-gandhi-setu-350x173.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /><figcaption>File pic</figcaption></figure>



<p><strong>ये भी जानिए </strong></p>



<p>गांधी सेतु के नवनिर्माण में 1742 करोड़ रुपए का खर्च आया है. सुपर स्ट्रक्चर को बदलने में 66360 मेट्रिक टन स्टील का इस्तेमाल किया गया है. इस पुल को बनाने में 28000 मेट्रिक टन सीमेंट और 136000 मेट्रिक टन बालू का उपयोग किया गया है. गांधी सेतु में 2500000 नट बोल्ट का भी इस्तेमाल हुआ है. स्कूल का पुनर्निर्माण 19 नवंबर 2016 को शुरू हुआ था और लगभग 6 साल बाद 16 मई 2022 को निर्माण कार्य पूरा हुआ.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="485" src="https://www.patnanow.com/assets/2020/05/pnc-gandhi-setu-pashchimi-lane.jpg" alt="" class="wp-image-46057" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2020/05/pnc-gandhi-setu-pashchimi-lane.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2020/05/pnc-gandhi-setu-pashchimi-lane-350x261.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /><figcaption>File pic</figcaption></figure>



<figure class="wp-block-embed is-type-video is-provider-youtube wp-block-embed-youtube wp-embed-aspect-16-9 wp-has-aspect-ratio"><div class="wp-block-embed__wrapper">
<iframe loading="lazy" title="पटना और हाजीपुर के बीच बीस साल बाद हाइस्पीड कनेक्टिविटी" width="640" height="360" src="https://www.youtube.com/embed/rGbUyiJRjt8?feature=oembed" frameborder="0" allow="accelerometer; autoplay; clipboard-write; encrypted-media; gyroscope; picture-in-picture; web-share" referrerpolicy="strict-origin-when-cross-origin" allowfullscreen></iframe>
</div><figcaption><a href="https://youtu.be/rGbUyiJRjt8"><strong>Click to see pkg</strong></a></figcaption></figure>



<p>कुछ और पीछे चलें तो गंगा नदी पर पटना में इस पहले पुल की स्वीकृति 1969 में दी गई थी. 1972 से 1982 तक पुल का निर्माण कार्य चला था. वर्ष 1983 में इंदिरा गांधी ने महात्मा गांधी सेतु का उद्घाटन किया था. इस पुल में कुल 46 पाए हैं. इस पुल पर हर दिन लगभग 40000 से ज्यादा वाहन गुजरते हैं. दोनों लेन शुरू होने के बाद इस पुल पर वाहनों का दबाव और बढ़ने की उम्मीद है. पुल के उद्घाटन के बावजूद इस बात का इंतजार लोगों को रहेगा कि कब दोनों तरफ के साइड लेन बनकर तैयार होंगे जिन से पैदल और साइकिल से जाने वाले यात्रियों को पुल पार करने में सुविधा होगी.</p>



<p><strong><em>Pncb</em></strong></p>
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			</item>
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		<title>नमामि गंगे की सभी वर्तमान परियोजनाओं को 13 महीने के भीतर पूरा कर लिया जाएगा : नितिन गडकरी</title>
		<link>https://www.patnanow.com/namami-gange-projects-will-be-completed-in-13-months/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Nikhil]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 27 Feb 2019 11:55:05 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[काम की ख़बर]]></category>
		<category><![CDATA[Arun Jaitley]]></category>
		<category><![CDATA[Namami Gange]]></category>
		<category><![CDATA[Nitin Gadkari]]></category>
		<category><![CDATA[PATNA NOW]]></category>
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					<description><![CDATA[नई दिल्ली / पटना (ब्यूरो रिपोर्ट) &#124; केन्द्रीय जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण, सड़क परिवहन और राजमार्ग तथा नौवहन मंत्री नितिन गडकरी ने आश्वासन दिया है कि नमामि गंगे की सभी वर्तमान परियोजनाओं को मार्च, 2020 तक पूरा कर लिया जाएगा. नई दिल्ली में बुधवार 27 फरवरी को स्वच्छ गंगा आंदोलन पर एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि स्वच्छ और अविरल गंगा जल के प्रधानमंत्री के स्वप्न को पूरा करने के लिए वह कठोर परिश्रम कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि पिछले साढ़े चार वर्षों में गंगा कार्यों के लिए 27,000 करोड़ रुपयों की मंजूरी दी जा चुकी है, जबकि पिछले 50 वर्षों में केवल 4,000 करोड़ रुपये दिये गये. अब तक 276 परियोजनाओं को मंजूरी दी जा चुकी हैं, जिनमें से 82 पूरी हो चुकी हैं. गंगा की 40 सहायक नदियों और प्रमुख नालों पर काम शुरू हो चुका है, जो नदी की पूरी सफाई के लिए आवश्यक होगा. उन्होंने कहा कि 145 में से 70 घाट पूरे हो चुके है और 53 मुक्ति धामों पर कार्य पूरा होने वाला है. समारोह की अध्यक्षता करते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि स्वच्छ गंगा मिशन हमेशा से सरकार की सर्वोच्च प्रा&#x200d;थमिकता में रहा है. इसके परिणामस्वरूप सफल कुंभ देखने को मिला, जहां लोगों ने गंगा जल के स्वच्छ प्रवाह के लिए सरकार को बधाई दी. उन्होंने कहा कि गंगा हमारे इतिहास, संस्कृति और सभ्य&#x200d;ता का प्रतीक है और यह हजारों मछुआरों, नाविकों और इसके तट पर रहने वाले लोगों की जीवन रेखा है. [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<figure class="wp-block-image"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="365" src="https://www.patnanow.com/assets/2019/02/pnc-namami-gange-650x365.png" alt="" class="wp-image-38679" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2019/02/pnc-namami-gange.png 650w, https://www.patnanow.com/assets/2019/02/pnc-namami-gange-350x197.png 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p><strong>नई दिल्ली / पटना (ब्यूरो रिपोर्ट)</strong> | केन्द्रीय जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण, सड़क परिवहन और राजमार्ग तथा नौवहन मंत्री नितिन गडकरी ने आश्वासन दिया है कि नमामि गंगे की सभी वर्तमान परियोजनाओं को मार्च, 2020 तक पूरा कर लिया जाएगा. नई दिल्ली में बुधवार 27 फरवरी को स्वच्छ गंगा आंदोलन पर एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि स्वच्छ और अविरल गंगा जल के प्रधानमंत्री के स्वप्न को पूरा करने के लिए वह कठोर परिश्रम कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि पिछले साढ़े चार वर्षों में गंगा कार्यों के लिए 27,000 करोड़ रुपयों की मंजूरी दी जा चुकी है, जबकि पिछले 50 वर्षों में केवल 4,000 करोड़ रुपये दिये गये. अब तक 276 परियोजनाओं को मंजूरी दी जा चुकी हैं, जिनमें से 82 पूरी हो चुकी हैं. गंगा की 40 सहायक नदियों और प्रमुख नालों पर काम शुरू हो चुका है, जो नदी की पूरी सफाई के लिए आवश्यक होगा. उन्होंने कहा कि 145 में से 70 घाट पूरे हो चुके है और 53 मुक्ति धामों पर कार्य पूरा होने वाला है.<br></p>



<figure class="wp-block-image"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="371" src="https://www.patnanow.com/assets/2016/09/nitin-gadkari-650x371.jpg" alt="" class="wp-image-3432" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2016/09/nitin-gadkari.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2016/09/nitin-gadkari-350x200.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>समारोह की अध्यक्षता करते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि स्वच्छ गंगा मिशन हमेशा से सरकार की सर्वोच्च प्रा&#x200d;थमिकता में रहा है. इसके परिणामस्वरूप सफल कुंभ देखने को मिला, जहां लोगों ने गंगा जल के स्वच्छ प्रवाह के लिए सरकार को बधाई दी. उन्होंने कहा कि गंगा हमारे इतिहास, संस्कृति और सभ्य&#x200d;ता का प्रतीक है और यह हजारों मछुआरों, नाविकों और इसके तट पर रहने वाले लोगों की जीवन रेखा है. उन्होंने देश के चरित्र में बदलाव पर विशेष रूप से जोर देते हुए कहा&#x200d; कि गांव में सफाई का 98 प्रतिशत लक्ष्य हासिल करके यह स्पष्ट है, जबकि 2014 तक यह 38 प्रतिशत था. उन्होंने इस अवसर पर स्वच्छ&#x200d; गंगा कोष (सीजीएफ) में एक लाख रुपये का योगदान दिया.<br> पेट्रोलियम मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने आश्वासन दिया कि उनका मंत्रालय गंगा नदी की सफाई में हर संभव सहायता देगा. उन्होंने कहा कि ओएनजीसी उत्तराखंड सरकार की मदद से पहले से ही गंगोत्री में नमामि गंगे परियोजना में शामिल है. उन्होंंने इस अवसर पर आईओसीएल की ओर से 34 करोड़ रुपये और खुद की ओर से स्वच्छ गंगा कोष में एक लाख रुपये का योगदान दिया. राज्यीमंत्री अर्जुन राम मेघवाल और डॉ. सत्य&#x200d;पाल सिंह ने भी इस कोष में एक-एक लाख रुपये का योगदान दिया. जल संसाधन सचिव  यूपी सिंह ने 25,000 रुपये का योगदान दिया.<br> स्वच्छ गंगा कोष की स्थापना संस्थानों और व्यक्तियों को जोड़ने और उनके योगदान के लिए जनवरी 2015 में एक न्यास के रूप में की गई थी, जिसके केन्द्रीय वित्त मंत्री पदेन अध्यक्ष है. घरेलू स्तर पर सीजीएफ में योगदान करने वाले को आयकर कानून 1961 की धारा 80जी (1)(i) के अंतर्गत आयकर में शत-प्रतिशत छूट मिलती है. सीजीएफ में योगदान सीएसआर क्रियाकलापों के दायरे में आते है, जिसे कंपनी कानून, 2013 की अनुसूची-VII में परिभाषित किया गया है. सीजीएफ को इस महीने की 20 तारीख तक 270.41 करोड़ रुपये का कुल योगदान मिल चुका है. सीजीएफ में योगदान (i)चैक/डीडी के जरिये &#8216;क्लीन गंगा कोष&#8217; के नाम से, (ii) एसबीआई की नई दिल्ली  स्थित मुख्य शाखा के साथ सीधे इलेक्ट्रॉनिक मोड के जरिये सीजीएफ खाता संख्या 34213740838 (SWIFT Code: SBININBB104), और, (iii) सीजीएफ की वेबसाइट में प्रदान किये गये भुगतान मार्ग, जहां यूआरएल: www.cleangangafund.com के जरिये पहुंचा जा सकता है. एनएमसीजी की वेबसाइट में सीजीएफ वेबसाइट का एक लिंक प्रदान किया गया है, जिसका यूआरएल: www.nmcg.nic.in है. (iv) भीम/यूपीआई ऐप के जरिये अथवा क्यूिआर कोड से जो दान की राशि सीजीएफ में हस्तांतरित कर देगा. क्यूआर कोड को https://nmcg.nic.in/donation_form.aspx से डाउनलोड किया जा सकता है.<br> अनेक कॉरपोरेट कंपनियां, बैंक और अन्य संस्थान अलग-अलग तरीके से गंगा संरक्षण का समर्थन कर रहे हैं. येस बैंक ने अपनी शाखाओं पर स्वच्छ गंगा का संदेश देते हुए बैनरों पर तथा अपने एटीएम पर स्वच्छ गंगा संदेश दिखाने का काम शुरू किया है. एचसीएल फाउंडेशन गौतम बुद्ध नगर और उत्तर प्रदेश के अन्य&#x200d; भाग में वन लगाने के कार्यों में सहायता कर रहा है और साथ ही उसने इन्टक के साथ मिलकर उत्तराखंड में रूद्राक्ष के पेड़ लगाने की परियोजना को भी समर्थन दिया है. भारतीय नौवहन निगम ने पश्चिम बंगाल में कटवा घाट में सुविधाएं प्रदान करने के लिए 35 लाख रुपये की एक परियोजना शुरू की है. ब्रिटेन की एक कंपनी &#8211; इंडोरामा चेरिटेबल फाउंडेशन ने गंगोत्री और बद्रीनाथ में दो घाटों को विकसित करने की परियोजना हाथ में ली है, जिस पर 25.65 करोड़ रूपये का खर्च आएगा. एनडीटीवी ने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के सहयोग से उत्तराखंड में गंगा आधारित विषय वस्तुओं पर भित्ति चित्र बनाने की परियोजना शुरू की है. खासतौर पर कुंभ के दौरान रिलाइंस जियो ने अपने नेटवर्क, सिनेमाओं और बैनरों पर गंगा के संदेश दिखाने शुरू किये. गंगा को स्वच्छ और स्वस्थ रखने के लिए सभी लोगों से अपील के साथ स्वच्छ गंगा संदेश प्रमुख बैंको जैसे एसबीआई, यूबीआई, एचडीएफसी, आईसीआईसीआई, येस बैंक और एक्सिस बैंक के एटीएम नेटवर्क पर दिखाई देते है. इन मंत्रियों ने वाराणसी में इलेक्ट्रॉनिक गंगा तारिणी अथवा तैरते गंगा संग्रहालय और गंगा दर्पण अथवा सारनाथ में विवेचना केन्द्र की शुरूआत की. गंगा तारिणी गंगा नदी पर पहली चलती-फिरती प्रदर्शनी है और इसे वाराणसी में एक हाउसबोट में लगाया गया है. गंगा की परिस्थिति और सामाजिक-सांस्कृततिक मूल्यों  को जीवंत बनाते हुए एक प्रदर्शनी लगाई गई है, ताकि लोगों को गंगा के महत्वर और उसके संरक्षण की आवश्ययकता समझायी जा सके.<br> प्रसून जोशी द्वारा तैयार और शंकर महादेवन द्वारा गाये गये गीत ‘कर्त्तव्यसर गंगा अभियान’ को इस अवसर पर जारी किया गया है, जिसे दर्शकों ने बेहद सराहा.<br> स्वच्छ गंगा कोष को समर्थन देने और एनआरआई से जोड़ने के लिए ‘प्रवासी गंगा प्रहरी कार्यक्रम’ की शुरूआत की गई. कार्यक्रम की एक अन्य विशेषता के रूप में विदेशी नागरिकों की गंगा के संरक्षण में दिलचस्पी देखने को मिली. मुम्बई के व्यवसायी और कुछ व्यक्तियों के एक समूह ने 1.35 करोड़ रुपये का योगदान दिया और कार्यक्रम के दौरान विभिन्न घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय लोगों से अतिरिक्त धनराशि प्राप्त हुई. भारतीय वन्य जीव संस्थाओं के सदस्यों और समूचे विभाग ने स्वच्छ गंगा कोष में एक दिन का वेतन दिया है. इस अवसर पर गंगा के जलचरों पर पुस्त्कें ‘बायोडायवर्सिटी प्रोफाइल ऑफ द गंगा रिवर’ और ‘कन्जैर्वेशन रेफरेन्सं गाइड’भी जारी की गई.<br> सांसद श्रीमती हेमा मालिनी, राज्यसभा सांसद और सुप्रसिद्ध बॉक्सर श्रीमती मैरी कॉम, सीबीएफसी अध्यनक्ष  प्रसून जोशी और अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने राष्ट्र से अपील की कि वे स्वच्छ गंगा कोष में योगदान दें और निर्मल और अविरल गंगा के नेक मिशन में सहायता करें.</p>
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