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	<title>NEW CJI &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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		<title>जस्टिस यूयू ललित हो सकते हैं देश के अगले चीफ जस्टिस</title>
		<link>https://www.patnanow.com/justice-uu-lalit-may-be-the-next-chief-justice-of-the-country/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[pnc]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 04 Aug 2022 06:21:03 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[BANK/RAILWAY/SSC]]></category>
		<category><![CDATA[Big News]]></category>
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					<description><![CDATA[सीजेआई रमणा ने की नाम की सिफारिश सिफारिशी पत्र कानून और न्याय मंत्री को सौंपा भारत के चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया एन वी रमणा ने अगले सीजेआई के लिए जस्टिस उदय उमेश ललित के नाम की सिफारिश की है. चीफ जस्टिस रमणा ने सिफारिशी पत्र कानून और न्याय मंत्री को सौंप दिया है. अगर जस्टिस यूयू ललित के नाम की सिफारिश मान ली जाती है तो वे देश के 49वें चीफ जस्टिस बन जाएंगे. बता दें कि जस्टिस एनवी रमणा इस महीने ही सेवानिवृत्त हो रहे हैं. भारत के चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया एन वी रमणा ने अगले सीजेआई के लिए जस्टिस उदय उमेश ललित के नाम की सिफारिश की है. सीजेआईरमणा ने सिफारिशी पत्र कानून और न्याय मंत्री को सौंप दिया है. अगर जस्टिस यूयू ललित के नाम की सिफारिश मान ली जाती है तो वे देश के 49वें सीजेआइ बन जाएंगे. पारंपरिक रूप से सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश अपनी वरिष्ठता के आधार पर सीजेआई के रूप में कार्यभार संभालते हैं. चीफ जस्टिस के तौर पर कोई कार्यकाल निर्धारित नहीं है. सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की सेवानिवृत्ति की आयु संविधान के तहत 65 वर्ष निर्धारित की गई है. सुप्रीम कोर्ट में दशकों बाद ऐसा मौका आने वाला है, जब देश चार महीनों में तीन चीफ जस्टिस देखेगा. इसी साल जुलाई से नवंबर के दौरान सीजेआई एनवी रमण के अलावा जस्टिस उदय उमेश ललित और जस्टिस धनंजय यशवंत चंद्रचूड़ भी मुख्य न्यायाधीश बनेंगे. इस दिलचस्प संयोग के पांच साल बाद 2027 में भी देश ऐसे ही संयोग का साक्षी होगा. [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><br><strong>सीजेआई रमणा ने की नाम की सिफारिश</strong></p>



<p><strong>सिफारिशी पत्र कानून और न्याय मंत्री को सौंपा </strong></p>



<p><br>भारत के चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया एन वी रमणा ने अगले सीजेआई के लिए जस्टिस उदय उमेश ललित के नाम की सिफारिश की है. चीफ जस्टिस रमणा ने सिफारिशी पत्र कानून और न्याय मंत्री को सौंप दिया है. अगर जस्टिस यूयू ललित के नाम की सिफारिश मान ली जाती है तो वे देश के 49वें चीफ जस्टिस बन जाएंगे. बता दें कि जस्टिस एनवी रमणा इस महीने ही सेवानिवृत्त हो रहे हैं. भारत के चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया एन वी रमणा ने अगले सीजेआई के लिए जस्टिस उदय उमेश ललित के नाम की सिफारिश की है. सीजेआईरमणा ने सिफारिशी पत्र कानून और न्याय मंत्री को सौंप दिया है. अगर जस्टिस यूयू ललित के नाम की सिफारिश मान ली जाती है तो वे देश के 49वें सीजेआइ बन जाएंगे.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="650" height="365" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/08/U-U-LALIT.png" alt="" class="wp-image-65119" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/08/U-U-LALIT.png 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/08/U-U-LALIT-350x197.png 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /><figcaption>ज<strong>स्टिस यूयू ललित</strong></figcaption></figure>



<p><br>पारंपरिक रूप से सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश अपनी वरिष्ठता के आधार पर सीजेआई के रूप में कार्यभार संभालते हैं. चीफ जस्टिस के तौर पर कोई कार्यकाल निर्धारित नहीं है. सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की सेवानिवृत्ति की आयु संविधान के तहत 65 वर्ष निर्धारित की गई है.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img decoding="async" width="450" height="600" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/08/UU-LALIT.png" alt="" class="wp-image-65122" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/08/UU-LALIT.png 450w, https://www.patnanow.com/assets/2022/08/UU-LALIT-263x350.png 263w" sizes="(max-width: 450px) 100vw, 450px" /></figure>



<p><br>सुप्रीम कोर्ट में दशकों बाद ऐसा मौका आने वाला है, जब देश चार महीनों में तीन चीफ जस्टिस देखेगा. इसी साल जुलाई से नवंबर के दौरान सीजेआई एनवी रमण के अलावा जस्टिस उदय उमेश ललित और जस्टिस धनंजय यशवंत चंद्रचूड़ भी मुख्य न्यायाधीश बनेंगे. इस दिलचस्प संयोग के पांच साल बाद 2027 में भी देश ऐसे ही संयोग का साक्षी होगा. साल 2027 में सितंबर से अक्टूबर के दरम्यान दो महीनों में तीन चीफ जस्टिस आएंगे और जाएंगे.</p>



<p><strong>PNCDESK</strong></p>
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		<title>सिनेमाघरों में राष्ट्रगान किया था अनिवार्य, अब बने चीफ जस्टिस</title>
		<link>https://www.patnanow.com/new-cji-deepak-mishra/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Amit Verma]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 28 Aug 2017 06:26:21 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[एजुकेशन]]></category>
		<category><![CDATA[काम की ख़बर]]></category>
		<category><![CDATA[देश दुनिया]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[DEEPAK MISHRA]]></category>
		<category><![CDATA[NEW CJI]]></category>
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					<description><![CDATA[राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने आज देश के नए चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई. दीपक मिश्रा ने जस्टिस JS खेहर का स्थान लिया है जो आज रिटायर हो गए. देश के नए चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा 3 अक्टूबर 2018 तक इस पोस्ट पर रहेंगे. वे ओडिशा से ताल्लुक रखने वाले देश के तीसरे चीफ जस्टिस हैं. इससे पहले रंगनाथ मिश्रा और जीबी पटनायक भी ओडिशा से थे. CJI दीपक मिश्रा अपने एक फैसले से काफी चर्चा में आए थे.  उन्होंने ही सिनेमाघरों में राष्ट्रगान के गायन को अनिवार्य किया था. 30 नवंबर 2016 को दिए अपने ऐतिहासिक फैसले में सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस दीपक मिश्रा की अगुवाई वाली बेंच ने कहा था कि पूरे देश में सिनेमा घरों में फिल्म शुरू होने से पहले राष्ट्रगान चलाया जाए और इस दौरान सिनेमा हॉल में मौजूद तमाम लोग खड़े होंगे. राष्ट्रगान के सम्मान में तमाम लोगों को खड़ा होना होगा. CJI दीपक मिश्रा से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य- इसके अलावा मुंबई ब्लास्ट के दोषी याकूब मेमन को फांसी की सजा जस्टिस दीपक मिश्रा की अगुवाई वाली बेंच ने ही सुनाई थी. देश के आजाद होने के बाद पहली बार सुप्रीम कोर्ट में रात भर सुनवाई चली थी. सुप्रीम कोर्ट में रात के वक्त सुनवाई करने वाले बेंच की अगुवाई जस्टिस दीपक मिश्रा ने ही की थी. दोनों पक्षों की दलील के बाद याकूब की अर्जी खारिज की गई थी और फिर तड़के उसे फांसी दी गई थी. इसी साल 5 मई को बहुचर्चित निर्भया गैंग रेप केस में तीनों [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने आज देश के नए चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई. दीपक मिश्रा ने जस्टिस JS खेहर का स्थान लिया है जो आज रिटायर हो गए. देश के नए चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा 3 अक्टूबर 2018 तक इस पोस्ट पर रहेंगे. वे ओडिशा से ताल्लुक रखने वाले देश के तीसरे चीफ जस्टिस हैं. इससे पहले रंगनाथ मिश्रा और जीबी पटनायक भी ओडिशा से थे.</p>
<p><img decoding="async" class="alignnone wp-image-22533" src="http://www.patnanow.com/assets/2017/08/PNC-JUSTICE-dipak-misra-swearing-in-AS-NEW-CJI-650x400.jpg" alt="" width="333" height="205" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2017/08/PNC-JUSTICE-dipak-misra-swearing-in-AS-NEW-CJI.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2017/08/PNC-JUSTICE-dipak-misra-swearing-in-AS-NEW-CJI-350x215.jpg 350w" sizes="(max-width: 333px) 100vw, 333px" /><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone wp-image-22534" src="http://www.patnanow.com/assets/2017/08/PNC-SUPREME-COURT-OF-INDIA-SC-650x353.jpg" alt="" width="377" height="205" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2017/08/PNC-SUPREME-COURT-OF-INDIA-SC.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2017/08/PNC-SUPREME-COURT-OF-INDIA-SC-350x190.jpg 350w" sizes="(max-width: 377px) 100vw, 377px" /></p>
<p>CJI दीपक मिश्रा अपने एक फैसले से काफी चर्चा में आए थे.  उन्होंने ही सिनेमाघरों में राष्ट्रगान के गायन को अनिवार्य किया था. 30 नवंबर 2016 को दिए अपने ऐतिहासिक फैसले में सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस दीपक मिश्रा की अगुवाई वाली बेंच ने कहा था कि पूरे देश में सिनेमा घरों में फिल्म शुरू होने से पहले राष्ट्रगान चलाया जाए और इस दौरान सिनेमा हॉल में मौजूद तमाम लोग खड़े होंगे. राष्ट्रगान के सम्मान में तमाम लोगों को खड़ा होना होगा.</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-large wp-image-22136" src="http://www.patnanow.com/assets/2017/08/PNC-AIM-CIVIL-SERVICE-RAHMAN-SIR-MUNNA-SIR-AD-2-650x280.jpg" alt="" width="650" height="280" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2017/08/PNC-AIM-CIVIL-SERVICE-RAHMAN-SIR-MUNNA-SIR-AD-2.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2017/08/PNC-AIM-CIVIL-SERVICE-RAHMAN-SIR-MUNNA-SIR-AD-2-350x151.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></p>
<p><strong>CJI दीपक मिश्रा से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य-</strong></p>
<p>इसके अलावा मुंबई ब्लास्ट के दोषी याकूब मेमन को फांसी की सजा जस्टिस दीपक मिश्रा की अगुवाई वाली बेंच ने ही सुनाई थी. देश के आजाद होने के बाद पहली बार सुप्रीम कोर्ट में रात भर सुनवाई चली थी. सुप्रीम कोर्ट में रात के वक्त सुनवाई करने वाले बेंच की अगुवाई जस्टिस दीपक मिश्रा ने ही की थी. दोनों पक्षों की दलील के बाद याकूब की अर्जी खारिज की गई थी और फिर तड़के उसे फांसी दी गई थी. इसी साल 5 मई को बहुचर्चित निर्भया गैंग रेप केस में तीनों दोषियों की फांसी की सजा को जस्टिस दीपक मिश्रा की अगुवाई वाली बेंच ने बरकरार रखा था. जस्टिस दीपक मिश्रा ने अपने एक ऐतिहासिक फैसले में पुलिस से कहा था कि वह FIR दर्ज करने के 24 घंटे बाद उसे वेबसाइट पर अपलो़ड करें. CJI दीपक मिश्रा की अगुवाई में स्पेशल बेंच बनी है जो अयोध्या मामले की सुनवाई करे. इसके अलावा BCCI रिफार्म, सहारा सेबी मामला भी जस्टिस मिश्रा की बेंच सुन रही है.</p>
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