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	<title>Ncte &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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	<description>Patna News Portal - हर ख़बर पर नज़र</description>
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		<title>NIOS D.el.ed शिक्षकों को मिल ही गया NCTE का &#8216;सर्टिफिकेट&#8217;</title>
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		<dc:creator><![CDATA[dnv md]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 20 May 2020 15:05:07 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[एजुकेशन]]></category>
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		<category><![CDATA[आर के महाजन]]></category>
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					<description><![CDATA[एनआईओएस से डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन का सर्टिफिकेट लेने वाले शिक्षकों के लिए 20 मई का दिन यादगार हो गया. पिछले साल शिक्षा विभाग को एनसीटीई ने एक पत्र भेजकर इन शिक्षकों के भविष्य पर सवाल खड़े कर दिए थे. तबसे बिहार के निजी स्कूलों के करीब ढाई लाख शिक्षक हर दिन शिक्षा विभाग और एनसीटीई के बीच बने हुए थे. आखिरकार अब एनसीटीई ने इन्हें केंद्र सरकार के हस्तक्षेप पर &#8216;पूर्ण शिक्षक&#8217; का दर्जा दे दिया है. एनसीटीई ने शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव को इस पत्र के जरिए स्पष्ट कर दिया है कि वे पटना हाईकोर्ट के इस संबंध में दिए गए फैसले का सम्मान करेंगे. NCTE ने यहां तक लिखा है कि इस फैसले में केंद्र सरकार के मानव संसाधन विभाग का अनुमोदन प्राप्त है, इसलिए अब बिहार के शिक्षा विभाग को इस मामले में आगे कार्रवाई करनी चाहिए. आगे कार्रवाई का मतलब साफ है कि बिहार में प्राथमिक शिक्षकों के नियोजन में एनआईओएस डीएलएड शिक्षक शामिल हो सकते हैं. इस बारे में हालांकि आज शिक्षा विभाग के किसी अधिकारी ने कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया. सूत्रों के मुताबिक 21 मई को इस बारे में शिक्षा विभाग के आला अधिकारी कोई फैसला ले सकते हैं. इधर एनआईओएस शिक्षक संघ के नेता पप्पू कुमार ने केंद्र सरकार के इस फैसले का सम्मान किया है और बिहार सरकार से गुहार लगाई है कि शिक्षक नियोजन प्रक्रिया का छठा चरण जो स्टॉप किया गया उसको पुनः शुरू किया जाए और एनआईओएस डीएलएड शिक्षक को एक महीना आवेदन [&#8230;]]]></description>
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<p>एनआईओएस से  डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन का सर्टिफिकेट लेने वाले शिक्षकों के लिए 20 मई का दिन यादगार हो गया. पिछले साल शिक्षा विभाग को एनसीटीई ने एक पत्र भेजकर इन शिक्षकों के भविष्य पर सवाल खड़े कर दिए थे. तबसे बिहार के निजी स्कूलों के करीब ढाई लाख शिक्षक हर दिन शिक्षा विभाग और एनसीटीई के बीच  बने हुए थे. आखिरकार अब एनसीटीई ने इन्हें केंद्र सरकार के हस्तक्षेप पर &#8216;पूर्ण शिक्षक&#8217; का दर्जा दे दिया है.</p>





<p>एनसीटीई ने शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव को इस पत्र के जरिए स्पष्ट कर दिया है कि वे पटना हाईकोर्ट के इस संबंध में दिए गए फैसले का सम्मान करेंगे. NCTE ने यहां तक लिखा है कि इस फैसले में केंद्र सरकार के मानव संसाधन विभाग का अनुमोदन प्राप्त है, इसलिए अब बिहार के शिक्षा विभाग को इस मामले में आगे कार्रवाई करनी चाहिए. आगे कार्रवाई का मतलब साफ है कि बिहार में प्राथमिक शिक्षकों के नियोजन में एनआईओएस डीएलएड शिक्षक शामिल हो सकते हैं. इस बारे में हालांकि आज शिक्षा विभाग के किसी अधिकारी ने कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया. सूत्रों के मुताबिक 21 मई को इस बारे में शिक्षा विभाग के आला अधिकारी कोई फैसला ले सकते हैं.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="650" height="486" src="https://www.patnanow.com/assets/2020/05/pnc-nios-deled-teacher-with-nishank.jpg" alt="" class="wp-image-46123" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2020/05/pnc-nios-deled-teacher-with-nishank.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2020/05/pnc-nios-deled-teacher-with-nishank-350x262.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /><figcaption><strong>File Pic</strong></figcaption></figure>



<p>इधर एनआईओएस शिक्षक संघ के नेता पप्पू कुमार ने केंद्र सरकार के इस फैसले का सम्मान किया है और बिहार सरकार से गुहार लगाई है कि शिक्षक नियोजन प्रक्रिया का छठा चरण जो स्टॉप किया गया उसको पुनः शुरू किया जाए और एनआईओएस डीएलएड शिक्षक को एक महीना आवेदन करने का मौका दिया जाए.</p>



<p><strong>राजेश तिवारी</strong></p>
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			</item>
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		<title>NIOS से D.El.Ed.शिक्षक बने फुटबॉल!</title>
		<link>https://www.patnanow.com/football-bane-nios-d-el-ed-teacher/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[dnv md]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 16 May 2020 06:51:59 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
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		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[d el ed]]></category>
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		<category><![CDATA[एनआइओएस डीएलएड]]></category>
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					<description><![CDATA[राज्य सरकार NCTE के पत्र का कर रही है इंतजार! तू डाल डाल तो हम पात पात । जी हां आपने सही सुना आजकल भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय और बिहार सरकार का शिक्षा विभाग एक दूसरे पर ठीकरा फोड़ रहे हैं. हम बात कर रहे हैं एनआईओएस d.el.ed प्रशिक्षित शिक्षकों के बारे में जो केंद्र सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय, NCTE और बिहार सरकार के शिक्षा विभाग के बीच फुटबॉल बने हुए हैं. कभी केंद्र सरकार का मानव संसाधन विकास मंत्रालय राज्य के शिक्षा विभाग पर तो कभी बिहार के शिक्षा विभाग NCTE के उस आदेश पर अपना पल्ला झाड़ रही है. आपको बता दें कि सारा खेल अवर सचिव डॉक्टर प्रभु कुमार यादव ने अपने पत्र में एन सी टी ई के 23 अगस्त 2010 और 29 जुलाई 2011 के आदेश के हवाले कहा कि कक्षा 1 से 5 और कक्षा 6 से 8 में नियुक्ति के लिए वही अभ्यार्थी योग्य होंगे जिनके पास एलिमेंट्री एजुकेशन में 2 वर्षीय डिप्लोमा की योग्यता होगी. एनसीटीई ने यह भी कहा था कि एनआईओएस ने एनआरसी एनसीटीई के 22 सितंबर 2017 के आदेश से सरकारी, प्राइवेट और अनुदानित प्रारंभिक विद्यालयों में कार्यरत अप्रशिक्षित शिक्षकों को in-service ट्रेनिंग के रूप में डीएलएड कार्यक्रम चलाया है इसकी अवधि भी 18 माह की थी. इस पत्राचार के बाद बिहार सरकार ने छठे चरण की नियोजन प्रक्रिया से इंटर शिक्षकों को बाहर कर दिया जिसके बाद इस सभी प्रशिक्षित शिक्षकों ने पटना हाई कोर्ट का शरण लिया. जहां से माननीय हाईकोर्ट ने [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong> राज्य सरकार NCTE के पत्र का कर रही है इंतजार!</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img decoding="async" width="640" height="360" src="https://www.patnanow.com/assets/2019/09/PNC-NIOS-DElEd-Pradarshan-1.png" alt="" class="wp-image-41338" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2019/09/PNC-NIOS-DElEd-Pradarshan-1.png 640w, https://www.patnanow.com/assets/2019/09/PNC-NIOS-DElEd-Pradarshan-1-350x197.png 350w" sizes="(max-width: 640px) 100vw, 640px" /><figcaption>File Pic</figcaption></figure>



<p>तू डाल डाल तो हम पात पात । जी हां आपने सही सुना आजकल भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय और बिहार सरकार का शिक्षा विभाग एक दूसरे पर ठीकरा फोड़ रहे  हैं. हम बात कर रहे हैं एनआईओएस d.el.ed प्रशिक्षित शिक्षकों के बारे में जो केंद्र सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय, NCTE और बिहार सरकार के शिक्षा विभाग के बीच फुटबॉल बने हुए हैं. कभी केंद्र सरकार का मानव संसाधन विकास मंत्रालय राज्य के शिक्षा विभाग पर तो कभी बिहार के शिक्षा विभाग NCTE के उस आदेश पर अपना पल्ला झाड़ रही है.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img decoding="async" width="650" height="300" src="https://www.patnanow.com/assets/2020/05/pnc-new-Secretariat-vikas-bhawan-patna.jpg" alt="" class="wp-image-45908" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2020/05/pnc-new-Secretariat-vikas-bhawan-patna.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2020/05/pnc-new-Secretariat-vikas-bhawan-patna-350x162.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>आपको बता दें कि सारा खेल अवर सचिव डॉक्टर प्रभु कुमार यादव ने अपने पत्र में एन सी टी ई के 23 अगस्त 2010 और 29 जुलाई 2011 के आदेश के हवाले कहा कि कक्षा 1 से 5 और कक्षा 6 से 8 में नियुक्ति के लिए वही अभ्यार्थी योग्य होंगे जिनके पास एलिमेंट्री एजुकेशन में 2 वर्षीय डिप्लोमा की योग्यता होगी. एनसीटीई ने यह भी कहा था कि एनआईओएस ने एनआरसी एनसीटीई के 22 सितंबर 2017 के आदेश से सरकारी, प्राइवेट और अनुदानित प्रारंभिक विद्यालयों में कार्यरत अप्रशिक्षित शिक्षकों को in-service ट्रेनिंग के रूप में डीएलएड कार्यक्रम चलाया है इसकी अवधि भी 18 माह की थी. इस पत्राचार के बाद बिहार सरकार ने छठे चरण की नियोजन प्रक्रिया से इंटर शिक्षकों को बाहर कर दिया जिसके बाद इस सभी प्रशिक्षित शिक्षकों ने पटना हाई कोर्ट का शरण लिया. जहां से माननीय हाईकोर्ट ने इन प्रशिक्षित शिक्षकों के पक्ष में अपना फैसला सुनाया और इन्हें बहाली प्रक्रिया में शामिल करने का आदेश दिया. उसके बाद से लेकर आज तक केंद्र और राज्य सरकारों ने इन अप्रशिक्षित शिक्षकों के साथ फुटबॉल की स्थिति बना दी है. गुरुवार को मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने भारत के सभी शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि बिहार अपितु पूरे भारत में जितने भी एनआईओएस डीएलएड शिक्षक शिक्षक हैं उनके साथ इंसाफ किया जाएगा साथी सहित पटना हाई कोर्ट के उस आदेश और अपनी सहमति भी जताई और कहां पटना हाईकोर्ट के आदेश का हम सम्मान करेंगे. मानव संसाधन विकास मंत्री के इस आदेश के बाद अब एक बार फिर गेंद बिहार सरकार के पाले हैं.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="640" height="360" src="https://www.patnanow.com/assets/2019/09/PNC-NIOS-DElEd-Pradarshan-5.png" alt="" class="wp-image-41342" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2019/09/PNC-NIOS-DElEd-Pradarshan-5.png 640w, https://www.patnanow.com/assets/2019/09/PNC-NIOS-DElEd-Pradarshan-5-350x197.png 350w" sizes="(max-width: 640px) 100vw, 640px" /></figure>



<p>सूत्रों के हवाले से मालूम चला है कि बिहार सरकार ने भारत सरकार पर भी आरोप लगाते हुए कहा कथनी और करनी में फर्क है अगर आदेश जारी करना है तो एनसीटीई को तत्काल आदेश दे कि बिहार सरकार के पत्र का जवाब जल्द से जल्द मुहैया कराएं. बिहार के शिक्षा विभाग एक बड़े अधिकारी ने कहा कि हमने पत्र एनसीटीई को लिखा है इसका अगर जवाब आ जाता है तो हम इस नियोजन प्रक्रिया में उस पर अमल करेंगे. अब देखना है कि केंद्र सरकार कितना जल्द एनसीटीई को आदेश देती है कि बिहार सरकार द्वारा जारी किया हुआ पत्र का जवाब बिहार सरकार के शिक्षा विभाग को देती है.</p>



<p><strong>राजेश तिवारी</strong></p>
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