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	<description>Patna News Portal - हर ख़बर पर नज़र</description>
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		<title>&#8216;राम जानकी मार्ग के भूमि अधिग्रहण की बाधाओं को तुरंत दूर करें&#8217;</title>
		<link>https://www.patnanow.com/pnc-saran-dm-ias-vaibhav-srivastava-on-ram-janki-marg/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 20 Dec 2025 17:35:28 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
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					<description><![CDATA[सारण डीएम ने किया स्थलीय निरीक्षण कैंप लगाकर रैयतों की समस्या सुलझाने का दिया आदेश मशरख।। सारण डीएम वैभव श्रीवास्तव ने शनिवार को जिला भू अर्जन पदाधिकारी, भूमि सुधार उप समाहर्ता, मढ़ौरा, NHAI छपरा, पुलिस उपाधीक्षक, मशरख, प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं अंचलाधिकारी मशरख तथा थानाध्यक्ष मशरख के साथ राम जानकी मार्ग परियोजना में चल रहे निर्माण कार्य तथा भू अर्जन की अद्यतन स्थिति के परिप्रेक्ष्य में मशरख प्रखंड अंतर्गत स्थलीय निरीक्षण किया. निरीक्षण के क्रम में मुआवजा भुगतान की धीमी प्रगति तथा अधिकतर रैयतों द्वारा अपना कागजात जमा नहीं कराने को लेकर डीएम वैभव श्रीवास्तव ने निदेश दिया कि दिनांक 24.12.25 एवं दिनांक 26.12.25 को मौजा बनसोई एवं दुमदुमा में कैंप का आयोजन करें. कैम्प के आयोजन से संबंधित क्षेत्रों में विभिन्न स्थलों एवं भवनों पर बड़ा बड़ा बैनर/पोस्टर आदि लगाकर सभी संबंधित पदाधिकारियों का फोन नंबर एवं कैंप आयोजन स्थल का नाम अंकित करते हुए बृहद रूप से प्रचार प्रसार करना सुनिश्चित करें तथा अधिक से अधिक रैयतों को उक्त कैंप में आने हेतु प्रेरित करते हुए उनसे सम्बन्धित कागजात प्राप्त कर जो भी त्रुटि पाया जाय, उसका निराकरण उसी दिन कैंप में करते हुए सभी दस्तावेज प्राप्त कर मुआवजा भुगतान की कार्रवाई में तेजी लाना सुनिश्चित करें. साथ ही उन्होंने यह भी निदेश दिया कि इसी प्रकार अन्य छह मौजों में भी नियमित रूप से कैंप आयोजित करना तथा उससे पूर्व बृहद रूप से कैंप के संबंध में प्रचार प्रसार कराना सुनिश्चित करें. जिला भू-अर्जन पदाधिकारी को निदेश दिया गया कि जिला मुख्यालय अवस्थित आपदा नियंत्रण कक्ष तथा [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>सारण डीएम ने किया स्थलीय निरीक्षण </strong></p>



<p><strong>कैंप लगाकर रैयतों की समस्या सुलझाने का दिया आदेश </strong></p>



<p>मशरख।। सारण डीएम वैभव श्रीवास्तव ने  शनिवार को  जिला भू अर्जन पदाधिकारी, भूमि सुधार उप समाहर्ता, मढ़ौरा, NHAI छपरा, पुलिस उपाधीक्षक, मशरख, प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं अंचलाधिकारी मशरख तथा थानाध्यक्ष मशरख के साथ राम जानकी मार्ग परियोजना में चल रहे निर्माण कार्य तथा भू अर्जन की अद्यतन स्थिति के परिप्रेक्ष्य में मशरख प्रखंड अंतर्गत स्थलीय निरीक्षण किया.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="1024" height="768" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/12/pnc-saran-dm-ias-vaibhav-Srivastava-on-ram-janki-marg-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-93663" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/12/pnc-saran-dm-ias-vaibhav-Srivastava-on-ram-janki-marg-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/12/pnc-saran-dm-ias-vaibhav-Srivastava-on-ram-janki-marg-650x488.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2025/12/pnc-saran-dm-ias-vaibhav-Srivastava-on-ram-janki-marg-1536x1152.jpg 1536w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>निरीक्षण के क्रम में मुआवजा भुगतान की धीमी प्रगति तथा अधिकतर रैयतों द्वारा अपना कागजात जमा नहीं कराने को लेकर डीएम वैभव श्रीवास्तव ने निदेश दिया कि दिनांक 24.12.25 एवं दिनांक 26.12.25 को मौजा बनसोई एवं दुमदुमा में कैंप का आयोजन करें. कैम्प के आयोजन से संबंधित क्षेत्रों में विभिन्न स्थलों एवं भवनों पर बड़ा बड़ा बैनर/पोस्टर आदि लगाकर सभी संबंधित पदाधिकारियों का फोन नंबर एवं कैंप आयोजन स्थल का नाम अंकित करते हुए बृहद रूप से प्रचार प्रसार करना सुनिश्चित करें तथा अधिक से अधिक रैयतों को उक्त कैंप में आने हेतु प्रेरित करते हुए उनसे सम्बन्धित कागजात प्राप्त कर जो भी त्रुटि पाया जाय, उसका निराकरण उसी दिन कैंप में करते हुए सभी दस्तावेज प्राप्त कर मुआवजा भुगतान की कार्रवाई में तेजी लाना सुनिश्चित करें. साथ ही उन्होंने यह भी निदेश दिया कि इसी प्रकार अन्य छह मौजों में भी नियमित रूप से कैंप आयोजित करना तथा उससे पूर्व बृहद रूप से कैंप के संबंध में प्रचार प्रसार कराना सुनिश्चित करें.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="1024" height="768" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/12/pnc-saran-dm-ias-vaibhav-Srivastava-on-ram-janki-marg2-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-93664" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/12/pnc-saran-dm-ias-vaibhav-Srivastava-on-ram-janki-marg2-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/12/pnc-saran-dm-ias-vaibhav-Srivastava-on-ram-janki-marg2-650x488.jpg 650w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>जिला भू-अर्जन पदाधिकारी को निदेश दिया गया कि जिला मुख्यालय अवस्थित आपदा नियंत्रण कक्ष तथा जिलाधिकारी नियंत्रण कक्ष के माध्यम से नियमित रूप से रैयतों से वार्ता करते हुए उनसे अपने कागजात जमा कराने हेतु प्रेरित करें तथा प्राप्त कागजात में त्रुटि निराकरण हेतु आवश्यक कार्रवाई करना सुनिश्चित करें. उन्होंने अंचलाधिकारी मशरख एवं थानाध्यक्ष मशरख को निदेश दिया कि रविवार को ही सभी सम्बन्धित रैयतों के साथ बैठक कर उनसे विचार विमर्श कर उनसे आवश्यक कागजात प्राप्त करें. जो कागजात जमा करा दिए हैं, उनमें यदि कोई त्रुटि है तो उसका अविलंब निराकरण कराना तथा आपसी पारिवारिक विवाद है तो उसे सुलझाना सुनिश्चित करें. साथ ही यह भी निदेश दिया गया कि अंचल कार्यालय में भी एक हेल्प डेस्क स्थापित करते हुए प्रतिदिन कार्यालय अवधि में रैयतों से कागजात प्राप्त करना तथा इसका भी बृहद रूप से प्रचार प्रसार कराना सुनिश्चित करें.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="1024" height="768" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/12/pnc-saran-dm-ias-vaibhav-Srivastava-on-ram-janki-marg1-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-93665" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/12/pnc-saran-dm-ias-vaibhav-Srivastava-on-ram-janki-marg1-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/12/pnc-saran-dm-ias-vaibhav-Srivastava-on-ram-janki-marg1-650x488.jpg 650w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>प्रखंड विकास पदाधिकारी मशरख को निदेश दिया गया कि अपने अधीनस्थ सभी पंचायत सचिवों को क्रियाशील करते हुए उन्हें रैयतों से संबंधित वंशावली निर्माण में पूर्ण रूप से सहयोग करने का निदेश देना सुनिश्चित करें. डीएम ने जिला भू अर्जन पदाधिकारी तथा परियोजना निदेशक, NHAI छपरा को निदेश दिया कि सर्वप्रथम उक्त निर्माण कार्य में बनाई जाने वाली विभिन्न संरचनाओं को प्राथमिकता देते हुए बिंदुवार समस्याओं का निराकरण करते हुए संदर्भित स्थलों से सम्बन्धित रैयतों को मुआवजा भुगतान की कार्रवाई करते हुए संरचनाओं का निर्माण कार्य प्रारंभ करना सुनिश्चित करें.<br>जिलाधिकारी द्वारा वहां उपस्थित रैयतों से भी अपील की गई कि अपने अपने भूमि से संबंधित कागजात अविलंब अंचल कार्यालय अथवा जिला भू-अर्जन कार्यालय में जमा कराएं ताकि यथाशीघ्र मुआवजा राशि का भुगतान संबंधित रैयतों को किया जा सके तथा सरकार की इस अति महत्वपूर्ण परियोजना का कार्यान्वयन सुचारू रूप से कराया जा सके.</p>



<p><strong><em>Rajesh Tiwari </em></strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>निबंधन विभाग के वर्गीकरण के हिसाब से होगा NH प्रोजेक्ट्स में भुगतान</title>
		<link>https://www.patnanow.com/revenue-department-important-decision/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 07 Sep 2025 10:56:32 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[CITY/OFFICE]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[Market value of land]]></category>
		<category><![CDATA[national highway]]></category>
		<category><![CDATA[NH]]></category>
		<category><![CDATA[Revenue department]]></category>
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					<description><![CDATA[राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग का महत्वपूर्ण फैसला पटना।। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने राष्ट्रीय उच्च पथ की परियोजनाओं हेतु किए जानेवाले भू-अर्जन की कार्रवाई में भूमि के किस्म/वर्गीकरण निर्धारण को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिया है. NH Act, 1956 के तहत अर्जनाधीन भूमि का किस्म/वर्गीकरण राज्य के मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग द्वारा निर्गत बाजार मूल्य निर्धारण संबंधी निर्देशों के आलोक में किया जाएगा. इस संबंध में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह द्वारा सभी प्रमंडलीय आयुक्तों एवं जिला समाहर्ताओं को आदेश जारी किया गया है. उन्होंने कहा है कि भू अर्जन की कार्रवाई में महाधिवक्ता के परामर्श के अनुसार कार्य किया जाएगा. भूमि का वर्गीकरण खतियान में दर्ज किस्म के आधार पर किया जाता रहा है. किंतु लगभग 100 वर्ष पुराने खतियान में दर्ज भूमि किस्म एवं भूमि की वर्तमान उपयोगिता में भारी अंतर के कारण रैयतों की आपत्ति और राष्ट्रीय उच्च पथ प्राधिकरण के साथ विवाद उत्पन्न होते रहे हैं. इसके बाद इस संदर्भ में राज्य के महाधिवक्ता से परामर्श प्राप्त किया गया. उन्होंने एन०एच० एक्ट, 1956 की धारा 3जी तथा भू-अर्जन अधिनियम, 2013 की धारा 26 से 30 का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि प्रतिकर निर्धारण में खतियान पर निर्भरता उचित नहीं है. भूमि का वास्तविक बाजार मूल्य ही आधार होना चाहिए. इंडियन स्टांप ऐक्ट, 1899 में निहित प्रावधानों एवं मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग द्वारा निर्गत निर्देशों के आलोक में मूल्य निर्धारण किया जाना आवश्यक है. राजस्व विभाग का निर्णय महाधिवक्ता के परामर्श के आलोक में [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग का महत्वपूर्ण फैसला</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="652" height="443" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/07/pnc-revenue-department.jpg" alt="" class="wp-image-91155" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/07/pnc-revenue-department.jpg 652w, https://www.patnanow.com/assets/2025/07/pnc-revenue-department-650x442.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 652px) 100vw, 652px" /></figure>



<p>पटना।। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने राष्ट्रीय उच्च पथ की परियोजनाओं हेतु किए जानेवाले भू-अर्जन की कार्रवाई में भूमि के किस्म/वर्गीकरण निर्धारण को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिया है. NH Act, 1956 के तहत अर्जनाधीन भूमि का किस्म/वर्गीकरण राज्य के मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग द्वारा निर्गत बाजार मूल्य निर्धारण संबंधी निर्देशों के आलोक में किया जाएगा.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="484" height="492" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/07/pnc-ias-acs-deepak-kumar-singh-1.jpg" alt="" class="wp-image-91104"/></figure>



<p>इस संबंध में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह द्वारा सभी प्रमंडलीय आयुक्तों एवं जिला समाहर्ताओं को आदेश जारी किया गया है. उन्होंने कहा है कि भू अर्जन की कार्रवाई में महाधिवक्ता के परामर्श के अनुसार कार्य किया जाएगा. भूमि का वर्गीकरण खतियान में दर्ज किस्म के आधार पर किया जाता रहा है. किंतु लगभग 100 वर्ष पुराने खतियान में दर्ज भूमि किस्म एवं भूमि की वर्तमान उपयोगिता में भारी अंतर के कारण रैयतों की आपत्ति और राष्ट्रीय उच्च पथ प्राधिकरण के साथ विवाद उत्पन्न होते रहे हैं. इसके बाद इस संदर्भ में राज्य के  महाधिवक्ता से परामर्श प्राप्त किया गया. उन्होंने एन०एच० एक्ट, 1956 की धारा 3जी तथा भू-अर्जन अधिनियम, 2013 की धारा 26 से 30 का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि प्रतिकर निर्धारण में खतियान पर निर्भरता उचित नहीं है. भूमि का वास्तविक बाजार मूल्य ही आधार होना चाहिए. इंडियन स्टांप ऐक्ट, 1899 में निहित प्रावधानों एवं मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग द्वारा निर्गत निर्देशों के आलोक में मूल्य निर्धारण किया जाना आवश्यक है.</p>



<p><strong>राजस्व विभाग का निर्णय</strong></p>



<p>महाधिवक्ता के परामर्श के आलोक में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने निर्णय लिया है कि एन०एच० एक्ट, 1956 के अंतर्गत की जानेवाली सभी भू-अर्जन कार्रवाइयों में भूमि किस्म/वर्गीकरण का निर्धारण मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग द्वारा निर्गत अनुदेशों के अनुसार किया जाएगा.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="768" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/02/pnc-nhai-road-highways.jpg" alt="" class="wp-image-89253" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/02/pnc-nhai-road-highways.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/02/pnc-nhai-road-highways-650x488.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p><strong>इस निर्णय से प्रोजेक्ट्स में अब नहीं होगी देरी</strong><br>इस निर्णय से भू-अर्जन की प्रक्रिया और अधिक पारदर्शी, व्यवहारिक एवं न्यायसंगत बनेगी तथा रैयतों को वास्तविक बाजार मूल्य के अनुरूप राशि मिल सकेगी. इससे परियोजनाओं में होने वाले विलंब को भी कम किया जा सकेगा.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>NH से हटेगा अतिक्रमण और गैर-कानूनी प्रवेश</title>
		<link>https://www.patnanow.com/nhai-appeal/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[amitverma]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 12 Sep 2017 18:32:24 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[CITY/OFFICE]]></category>
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		<category><![CDATA[highway notice]]></category>
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		<category><![CDATA[nhai]]></category>
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					<description><![CDATA[राष्ट्रीय राजमार्गों पर गैर-कानूनी रूप से ढाबा, भवन, फ्रैक्ट्री, रेस्तरां, होर्डिंग तथा विज्ञापन, लगाने के मामले सामने आए हैं। इस तरह के प्रतिष्ठान राष्ट्रीय राजमार्ग पर चलने वाले यातायात में सुरक्षा की दृष्टि से खतरनाक हैं क्योंकि राजमार्गों पर गैर-कानूनी रूप से प्रवेश किया जाता है और वाहन खड़े किए जाते हैं. अनाधिकृत होर्डिंग तथा विज्ञापन भी सुरक्षा की दृष्टि से खतरनाक हैं क्योंकि इससे वाहन चालकों का ध्यान भटकता है. राष्ट्रीय राजमार्ग नियंत्रण (भूमि और यातायात) अधिनियम 2002 (अध्याय 3 और 4) के अंतर्गत गैर-कानूनी प्रतिष्ठानों की स्थापना दंडनीय अपराध है। एनएचएआई ने ऐसे सभी प्रतिष्ठानों से अपने स्तर पर गैर-कानूनी गतिविधियां बंद करने और नीति के अंतर्गत प्रतिष्ठान में कानूनी रूप से प्रवेश करने संबंधी आवेदन के लिए अपील जारी की है। ऐसे प्रतिष्ठानों से यह भी कहा गया है कि होर्डिंग तथा विज्ञापनों को हटाएं क्योंकि इससे वाहन चालकों का ध्यान भटकता है. ऐसा नहीं करने पर फील्ड अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे ऐसे गैर-कानूनी प्रवेशों होर्डिंग/विज्ञापन हटाने के लिए विशेष अभियान प्रारंभ करें और स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन की सहायता से राष्ट्रीय राजमार्गों पर गैर-कानूनी रूप से खड़े किए गए वाहनों के विरुद्ध कार्रवाई करें. कार्रवाई में दोषियों के विरूद्ध पुलिस में शिकायत दर्ज कराना भी आवश्यक है.]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div class="hrel">
<div>
राष्ट्रीय राजमार्गों पर गैर-कानूनी रूप से ढाबा, भवन, फ्रैक्ट्री, रेस्तरां, होर्डिंग तथा विज्ञापन, लगाने के मामले सामने आए हैं। इस तरह के प्रतिष्ठान राष्ट्रीय राजमार्ग पर चलने वाले यातायात में सुरक्षा की दृष्टि से खतरनाक हैं क्योंकि राजमार्गों पर गैर-कानूनी रूप से प्रवेश किया जाता है और वाहन खड़े किए जाते हैं. अनाधिकृत होर्डिंग तथा विज्ञापन भी सुरक्षा की दृष्टि से खतरनाक हैं क्योंकि इससे वाहन चालकों का ध्यान भटकता है.</div>
<div><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-large wp-image-15058" src="http://www.patnanow.com/assets/2017/03/PNC-NH-57-MUZ-DBG-1-650x357.jpg" alt="" width="650" height="357" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2017/03/PNC-NH-57-MUZ-DBG-1.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2017/03/PNC-NH-57-MUZ-DBG-1-350x192.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></div>
<p>राष्ट्रीय राजमार्ग नियंत्रण (भूमि और यातायात) अधिनियम 2002 (अध्याय 3 और 4) के अंतर्गत गैर-कानूनी प्रतिष्ठानों की स्थापना दंडनीय अपराध है। एनएचएआई ने ऐसे सभी प्रतिष्ठानों से अपने स्तर पर गैर-कानूनी गतिविधियां बंद करने और नीति के अंतर्गत प्रतिष्ठान में कानूनी रूप से प्रवेश करने संबंधी आवेदन के लिए अपील जारी की है। ऐसे प्रतिष्ठानों से यह भी कहा गया है कि होर्डिंग तथा विज्ञापनों को हटाएं क्योंकि इससे वाहन चालकों का ध्यान भटकता है.</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-large wp-image-17535" src="http://www.patnanow.com/assets/2017/04/PNC-PATNA-NEW-BYPASS-NH-30-JAM1-650x364.jpg" alt="" width="650" height="364" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2017/04/PNC-PATNA-NEW-BYPASS-NH-30-JAM1.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2017/04/PNC-PATNA-NEW-BYPASS-NH-30-JAM1-350x196.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></p>
<p>ऐसा नहीं करने पर फील्ड अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे ऐसे गैर-कानूनी प्रवेशों होर्डिंग/विज्ञापन हटाने के लिए विशेष अभियान प्रारंभ करें और स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन की सहायता से राष्ट्रीय राजमार्गों पर गैर-कानूनी रूप से खड़े किए गए वाहनों के विरुद्ध कार्रवाई करें. कार्रवाई में दोषियों के विरूद्ध पुलिस में शिकायत दर्ज कराना भी आवश्यक है.</p>
</div>
]]></content:encoded>
					
		
		
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