<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>Nasira sharma &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
	<atom:link href="https://www.patnanow.com/tag/nasira-sharma/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://www.patnanow.com</link>
	<description>Patna News Portal - हर ख़बर पर नज़र</description>
	<lastBuildDate>Sat, 27 Nov 2021 09:40:14 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.6.1</generator>

<image>
	<url>https://www.patnanow.com/assets/2022/08/cropped-PatnaNow_Logo_2022-32x32.png</url>
	<title>Nasira sharma &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
	<link>https://www.patnanow.com</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>फासले-दर-फ़ासले&#8217; उपन्यास  का लोकार्पण</title>
		<link>https://www.patnanow.com/fasle-dar-fasle/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[pnc]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 27 Nov 2021 09:25:17 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[PATNA]]></category>
		<category><![CDATA[कला और साहित्य]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[Fasle dar fasle]]></category>
		<category><![CDATA[Nasira sharma]]></category>
		<category><![CDATA[Nilanshu ranjan]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.patnanow.com/?p=57285</guid>

					<description><![CDATA[चर्चित पत्रकार एवं लेखक-उपन्यासकार नीलांशु रंजन के सद्य प्रकाशित उपन्यास &#8216;फासले-दर-फ़ासले&#8217; का लोकार्पण समारोहपटना .कहानी का किरदार बहुत संजीदा होता है जो नीलांशु रंजन के उपन्यास में दिखता है. यह बात साहित्यकार नासिरा शर्मा ने पुस्तक के विमोचन के दौरान कही। इस उपन्यास का लोकार्पण लब्धप्रतिष्ठ अकादमी अवार्ड विजेता साहित्यकार नासिरा शर्मा ने किया विशेष:-दंगेऔर प्रेम कहानी पर आधारित नीलांशु रंजन के उपन्यास &#8216; फासले-दर-फासले के लोकार्पण समारोह के अवसर पर दिल्ली से आई. ख़ास मेहमान साहित्यकार नासिरा शर्मा ने कहा कि यह उपन्यास बेहद गंभीर मुद्ये को उठाता है-देश ही नहीं बल्कि विश्वव्यापी समस्याओं की पड़ताल करता है यह उपन्यास। एक ही नॉवेल के अन्दर दो नॉवेल हैं-एक ओर विश्वव्यापी समस्या तो दूसरी ओर नॉवेल के अन्दर औरतों को लेकर भी गंभीर चर्चा है। नॉवेल बेहद गंभीरता के साथ कई सवालों को खड़ा करता हुआ ख़तम होता है। खुद लेखक का कहना है कि दंगे में हम किसी एक को दोषी नहीं ठहरा सकते। हिन्दू और मुसलमान दोनों बराबर रूप से ज़िम्मेदार हैं और दानों ही राजनेताओं के हाथ के मोहरे बने हुए हैं। असहमति की भाषा अस्वीकारनी होगी। चर्चित कवि आलोक धन्वा वे कहा कि साम्प्रदायिक दंगा आज की गंभीर समस्या है। साम्प्रदायिकता को किसी एक खास वर्ग में नहीं बांटा जा सकता। हमें गांधी, नेहरू, जयप्रकाश, मौलाना आजाद, भगत सिंह की आइडियोलॉजी को मानकर ही एकजुट होना होगा। चर्चित शायर कासिम खुर्शीद ने कहा कि यह उपन्यास बेहद ज़रूरी मौजू को उठाता है और साथ ही एक प्रेम कहानी को भी साथ-साथ लेकर चलता है। मुहब्बत ही [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>चर्चित पत्रकार एवं लेखक-उपन्यासकार नीलांशु रंजन के सद्य प्रकाशित उपन्यास &#8216;फासले-दर-फ़ासले&#8217; का लोकार्पण समारोह</strong><br>पटना .कहानी का किरदार बहुत संजीदा होता है जो नीलांशु रंजन के उपन्यास में दिखता है. यह बात साहित्यकार  नासिरा शर्मा ने  पुस्तक के विमोचन के दौरान कही।</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="353" height="600" src="https://www.patnanow.com/assets/2021/11/Screenshot_2021_1127_145030.jpg" alt="" class="wp-image-57286" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2021/11/Screenshot_2021_1127_145030.jpg 353w, https://www.patnanow.com/assets/2021/11/Screenshot_2021_1127_145030-206x350.jpg 206w" sizes="(max-width: 353px) 100vw, 353px" /><figcaption><strong>चर्चित पत्रकार एवं लेखक-उपन्यासकार नीलांशु रंजन</strong></figcaption></figure>



<p><br>इस उपन्यास का लोकार्पण लब्धप्रतिष्ठ अकादमी अवार्ड विजेता साहित्यकार नासिरा शर्मा ने किया </p>



<p>विशेष:-<br>दंगेऔर प्रेम कहानी पर आधारित नीलांशु रंजन के उपन्यास &#8216; फासले-दर-फासले के लोकार्पण समारोह के अवसर पर दिल्ली से आई. ख़ास मेहमान साहित्यकार नासिरा शर्मा ने कहा कि यह उपन्यास बेहद गंभीर मुद्ये को उठाता है-देश ही नहीं बल्कि विश्वव्यापी समस्याओं की पड़ताल करता है यह उपन्यास। एक ही नॉवेल के अन्दर दो नॉवेल हैं-एक ओर विश्वव्यापी समस्या तो दूसरी ओर नॉवेल के अन्दर औरतों को लेकर भी गंभीर चर्चा है। नॉवेल बेहद गंभीरता के साथ कई सवालों को खड़ा करता हुआ ख़तम होता है।</p>



<p>खुद लेखक का कहना है कि दंगे में हम किसी एक को दोषी नहीं ठहरा सकते। हिन्दू और मुसलमान दोनों बराबर रूप से ज़िम्मेदार हैं और दानों ही राजनेताओं के हाथ के मोहरे बने हुए हैं। असहमति की भाषा अस्वीकारनी होगी।</p>



<p>चर्चित कवि आलोक धन्वा वे कहा कि साम्प्रदायिक दंगा आज की गंभीर समस्या है। साम्प्रदायिकता को किसी एक खास वर्ग में नहीं बांटा जा सकता। हमें गांधी, नेहरू, जयप्रकाश, मौलाना आजाद, भगत सिंह की आइडियोलॉजी को मानकर ही एकजुट होना होगा।</p>



<p>चर्चित शायर कासिम खुर्शीद ने कहा कि यह उपन्यास बेहद ज़रूरी मौजू को उठाता है और साथ ही एक प्रेम कहानी को भी साथ-साथ लेकर चलता है। मुहब्बत ही खुशबू है.. ..मुहब्बत से ही हम एक दूसरे का दिल जीत सकते हैं। हम चीज़ों को साम्प्रदायिक नज़रिए से देखना छोड़ दें।जाने माने शायर संजय कुमार कुंदन ने कहा कि नीलांशु रंजन ने •साम्प्रदायिक दंगे का दृश्य जिस तरह खड़ा करते हैं उसमें एक पैगामह हम सबों के लिए कि हम जितना जल्दी हो राजनेताओं की चाल को समझ लें। मुहब्बत तो खैर नीलांशु रंजन का विषय ही है और इसके बिना भला उपन्यास मुकम्मल कैसे हो ।</p>



<p>बेहद खूबसूरती से मंच संचालन किया प्रतिष्ठित साहित्यकार पत्रकार निवेदिता झा ने। निवेदिता ने कहा कि आज हर कोई नफरत की ज़बान बोलता नज़र आ रहा है-फजा में नफरत हैं..जहर है…आज चीज़ों को लेकर एक खास नैरेटिव्स बनाए जा रहे हैं और उपन्यास इसी की पड़ताल करता है।</p>



<p> कार्यक्रम की अध्यक्षता आलोकधन्वा, देश के चर्चित कवि ने की .इस अवसर पर मुख्य अतिथि देश की जानीमानी साहित्यकार नासिरा शर्मा, विशिष्ठ उपस्थिति कासिम खुर्शीद, प्रतिष्ठित शायर एवं कहानीकार मंच संचालन निवेदिता झा, प्रतिष्ठित साहित्कार पत्रकार ने किया.<br>धन्यवाद ज्ञापन चर्चित शायर एवं कहानीकार संजय कुमार कुंदन ने किया.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img decoding="async" width="650" height="293" src="https://www.patnanow.com/assets/2021/11/IMG_20211127_145115.jpg" alt="" class="wp-image-57287" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2021/11/IMG_20211127_145115.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2021/11/IMG_20211127_145115-350x158.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<figure class="wp-block-image size-large"><img decoding="async" width="650" height="361" src="https://www.patnanow.com/assets/2021/11/Screenshot_2021_1127_150319.jpg" alt="" class="wp-image-57293" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2021/11/Screenshot_2021_1127_150319.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2021/11/Screenshot_2021_1127_150319-350x194.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>PNC DESK </p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
