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	<title>NABARD &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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	<title>NABARD &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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		<title>पीड़िया कलाकारों को मिला RBI का सुरक्षा कवच</title>
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		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 19 Aug 2026 09:46:55 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[बैंकिंग से साइबर फ्रॉड तक समझाए बचाव के तरीके आरा, 17 अगस्त 2026. भारतीय रिज़र्व बैंक, पटना की ओर से आरा, भोजपुर में पीड़िया पेंटिंग से जुड़े समूहों के लिए वित्तीय साक्षरता एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. सर्जना ट्रस्ट, आरा जिसे पीडिया के लिए GI मिला है ने भोजपुरी कला यात्रा कार्यक्रम में करीब 50 प्रतिभागियों को आमंत्रित किया था, जिन्हें बैंकिंग से जुड़े टिप्स प्रदान किया गया. कार्यक्रम के दौरान RBI के अधिकारी ने ऑडियो-वीडियो प्रस्तुति और सरल उदाहरणों के जरिए प्रतिभागियों को बैंकिंग सेवाओं, सरकारी योजनाओं और सुरक्षित वित्तीय व्यवहार की जानकारी दी. खासकर महिलाओं को विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ उठाने के लिए जागरूक किया गया. बीमा से पेंशन तक, सरकारी योजनाओं की जानकारी प्रतिभागियों को प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY), प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY), अटल पेंशन योजना (APY) और सुकन्या समृद्धि योजना के बारे में विस्तार से बताया गया. इसके साथ ही प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (MUDRA Loan) के तहत उपलब्ध ऋण सुविधाओं, ब्याज से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं और समय पर ऋण चुकाने के फायदे समझाए गए. RBI अधिकारी ने बताया कि समय पर ऋण की अदायगी से क्रेडिट हिस्ट्री बेहतर होती है. इससे भविष्य में ऋण प्राप्त करने में सुविधा होती है और वित्तीय अनुशासन भी मजबूत होता है. बैंक खाते में नॉमिनी से लेकर KYC तक पर जोर कार्यक्रम में बैंक खातों में नामांकन (Nomination) के महत्व को भी समझाया गया. प्रतिभागियों को KYC समय-समय पर अपडेट रखने, Basic Savings Bank Deposit Account (BSBDA) की सुविधाओं और खाताधारक की मृत्यु [&#8230;]]]></description>
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<h3 class="wp-block-heading">बैंकिंग से साइबर फ्रॉड तक समझाए बचाव के तरीके</h3>



<p><strong>आरा, 17 अगस्त 2026.</strong> भारतीय रिज़र्व बैंक, पटना की ओर से आरा, भोजपुर में <strong>पीड़िया पेंटिंग से जुड़े समूहों के लिए वित्तीय साक्षरता एवं जागरूकता कार्यक्रम</strong> का आयोजन किया गया. सर्जना ट्रस्ट, आरा जिसे पीडिया के लिए GI मिला है ने भोजपुरी कला यात्रा कार्यक्रम में करीब 50 प्रतिभागियों को आमंत्रित किया था, जिन्हें बैंकिंग से जुड़े टिप्स प्रदान किया गया.</p>



<p>कार्यक्रम के दौरान RBI के अधिकारी ने ऑडियो-वीडियो प्रस्तुति और सरल उदाहरणों के जरिए प्रतिभागियों को बैंकिंग सेवाओं, सरकारी योजनाओं और सुरक्षित वित्तीय व्यवहार की जानकारी दी. खासकर महिलाओं को विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ उठाने के लिए जागरूक किया गया.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="1024" height="728" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001642538-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-98634" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001642538-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001642538-650x462.jpg 650w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<h3 class="wp-block-heading">बीमा से पेंशन तक, सरकारी योजनाओं की जानकारी</h3>



<p>प्रतिभागियों को <strong>प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY), प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY), अटल पेंशन योजना (APY) और सुकन्या समृद्धि योजना</strong> के बारे में विस्तार से बताया गया. इसके साथ ही <strong>प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (MUDRA Loan)</strong> के तहत उपलब्ध ऋण सुविधाओं, ब्याज से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं और समय पर ऋण चुकाने के फायदे समझाए गए.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="768" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001642598-1-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-98638" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001642598-1-scaled.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001642598-1-488x650.jpg 488w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001642598-1-1152x1536.jpg 1152w" sizes="(max-width: 768px) 100vw, 768px" /></figure>



<p>RBI अधिकारी ने बताया कि समय पर ऋण की अदायगी से क्रेडिट हिस्ट्री बेहतर होती है. इससे भविष्य में ऋण प्राप्त करने में सुविधा होती है और वित्तीय अनुशासन भी मजबूत होता है.</p>



<h3 class="wp-block-heading">बैंक खाते में नॉमिनी से लेकर KYC तक पर जोर</h3>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="768" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001642597-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-98636" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001642597-scaled.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001642597-488x650.jpg 488w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001642597-1152x1536.jpg 1152w" sizes="(max-width: 768px) 100vw, 768px" /></figure>



<p>कार्यक्रम में <strong>बैंक खातों में नामांकन (Nomination)</strong> के महत्व को भी समझाया गया. प्रतिभागियों को KYC समय-समय पर अपडेट रखने, <strong>Basic Savings Bank Deposit Account (BSBDA)</strong> की सुविधाओं और खाताधारक की मृत्यु की स्थिति में <strong>Death Claim</strong> की प्रक्रिया की जानकारी दी गई.</p>



<h3 class="wp-block-heading">साइबर ठगों से बचने का दिया मंत्र</h3>



<p>बढ़ते साइबर वित्तीय अपराधों के बीच कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा <strong>साइबर सुरक्षा</strong> को लेकर रहा. प्रतिभागियों को <strong>Money Mule, Digital Arrest, Online Banking और UPI Fraud</strong> जैसे साइबर अपराधों के बारे में जागरूक किया गया.</p>



<p>उन्हें स्पष्ट रूप से बताया गया कि <strong>ATM/डेबिट कार्ड PIN, OTP, CVV या अन्य गोपनीय बैंकिंग जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करनी चाहिए.</strong> अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचने और फोन, मैसेज या सोशल मीडिया के माध्यम से मांगी गई बैंकिंग जानकारी साझा नहीं करने की सलाह दी गई.</p>



<p>साइबर ठगों द्वारा अपनाए जाने वाले सामान्य हथकंडों और <strong>Digital Arrest</strong> जैसे अपराधों से बचने के लिए जरूरी सावधानियों की भी जानकारी दी गई.</p>



<h3 class="wp-block-heading">बैंकिंग शिकायतों के समाधान की भी मिली जानकारी</h3>



<p>प्रतिभागियों को <strong>RBI की Reserve Bank Integrated Ombudsman Scheme (RB-IOS)</strong> के प्रमुख प्रावधानों और बैंकिंग शिकायतों के निवारण की प्रक्रिया से भी अवगत कराया गया. साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में तत्काल कार्रवाई के लिए <strong>नेशनल साइबरक्राइम रिपोर्टिंग हेल्पलाइन 1930</strong> और <strong>cybercrime.gov.in</strong> पोर्टल की जानकारी भी दी गई.</p>



<h3 class="wp-block-heading">सवालों के जवाब, जागरूकता के साथ भरोसा</h3>



<p>कार्यक्रम के अंत में प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया. इसमें प्रतिभागियों ने बैंकिंग सेवाओं, ऋण, बीमा, सरकारी योजनाओं और डिजिटल लेनदेन से जुड़े सवाल पूछे. RBI अधिकारी ने सभी सवालों के जवाब देते हुए प्रतिभागियों से <strong>सुरक्षित और जिम्मेदार बैंकिंग व्यवहार</strong> अपनाने की अपील की.</p>



<p>प्रतिभागियों ने RBI, पटना कार्यालय की ओर से आयोजित इस पहल की सराहना की. उनका कहना था कि ऐसे कार्यक्रम ग्रामीण और कला से जुड़े समूहों में वित्तीय साक्षरता बढ़ाने, महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और सुरक्षित डिजिटल बैंकिंग के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.</p>
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		<title>भोजपुर की पीड़िया कला को बाजार से जोड़ने की कवायद</title>
		<link>https://www.patnanow.com/bhojpuri-pidiya-ko-market-me-lane-ki-kavayad/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 19 Aug 2026 08:54:19 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[NABARD ने कलाकारों को बताए GI टैग के फायदेभोजपुरी कला यात्रा में GI टैग और वित्तीय जागरूकता का संदेशNABARD ने भोजपुर पीड़िया चित्रकारी के कलाकारों को GI टैग के लाभ बताए, RBI ने सुरक्षित बैंकिंग के प्रति किया जागरूक आरा. सर्जना ट्रस्ट द्वारा आयोजित ‘भोजपुरी कला यात्रा’ के तहत संभावना आवासीय उच्च विद्यालय, आरा में भोजपुर पीड़िया चित्रकारी से जुड़े कलाकारों के लिए जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में NABARD एवं RBI की ओर से कलाकारों और प्रतिभागियों को GI टैग के महत्व, इसके लाभ, वित्तीय समावेशन तथा सुरक्षित बैंकिंग से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। कार्यक्रम में NABARD की DDM सुरभि ने भोजपुर पिढ़िया चित्रकारी के कलाकारों को GI टैग के महत्व एवं इसके व्यावहारिक लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि GI टैग भोजपुर पीड़िया चित्रकारी को उसकी विशिष्ट भौगोलिक पहचान और प्रामाणिकता प्रदान करता है। इससे इस पारंपरिक कला को बड़े बाजार, नए खरीदारों और बेहतर विपणन अवसरों से जोड़ने की संभावनाएं बढ़ती हैं। उन्होंने कलाकारों को GI के अधिकृत उपयोगकर्ता (Authorised User) के रूप में पंजीकरण कराने के महत्व की जानकारी देते हुए कहा कि इससे वास्तविक कलाकारों की पहचान स्थापित करने और नकली अथवा अनधिकृत रूप से पीड़िया चित्रकारी के नाम का इस्तेमाल करने वालों से इस पारंपरिक कला को सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी। डीडीएम, NABARD ने कलाकारों को प्रेरित करते हुए कहा कि GI टैग को केवल प्रमाण-पत्र के रूप में नहीं, बल्कि अपनी कला की पहचान मजबूत करने, बाजार का विस्तार करने और आय के नए [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>NABARD ने कलाकारों को बताए GI टैग के फायदे<br><strong>भोजपुरी कला यात्रा में GI टैग और वित्तीय जागरूकता का संदेश</strong><br><strong>NABARD ने भोजपुर पीड़िया चित्रकारी के कलाकारों को GI टैग के लाभ बताए, RBI ने सुरक्षित बैंकिंग के प्रति किया जागरूक</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="755" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001642542-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-98630" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001642542-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001642542-650x479.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p><strong>आरा</strong>. सर्जना ट्रस्ट द्वारा आयोजित <strong>‘भोजपुरी कला यात्रा’</strong> के तहत संभावना आवासीय उच्च विद्यालय, आरा में भोजपुर <strong>पीड़िया</strong> चित्रकारी से जुड़े कलाकारों के लिए जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में <strong>NABARD एवं RBI</strong> की ओर से कलाकारों और प्रतिभागियों को GI टैग के महत्व, इसके लाभ, वित्तीय समावेशन तथा सुरक्षित बैंकिंग से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="757" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001642545-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-98632" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001642545-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001642545-650x481.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>कार्यक्रम में <strong>NABARD की DDM सुरभि</strong> ने भोजपुर पिढ़िया चित्रकारी के कलाकारों को <strong>GI टैग के महत्व एवं इसके व्यावहारिक लाभों</strong> के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि GI टैग भोजपुर <strong>पीड़िया</strong> चित्रकारी को उसकी विशिष्ट भौगोलिक पहचान और प्रामाणिकता प्रदान करता है। इससे इस पारंपरिक कला को बड़े बाजार, नए खरीदारों और बेहतर विपणन अवसरों से जोड़ने की संभावनाएं बढ़ती हैं।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="728" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001642538-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-98634" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001642538-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001642538-650x462.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



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<p><br><br>उन्होंने कलाकारों को <strong>GI के अधिकृत उपयोगकर्ता (Authorised User)</strong> के रूप में पंजीकरण कराने के महत्व की जानकारी देते हुए कहा कि इससे वास्तविक कलाकारों की पहचान स्थापित करने और नकली अथवा अनधिकृत रूप से <strong>पीड़िया</strong> चित्रकारी के नाम का इस्तेमाल करने वालों से इस पारंपरिक कला को सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी।</p>





<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="768" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001642597-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-98636" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001642597-scaled.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001642597-488x650.jpg 488w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001642597-1152x1536.jpg 1152w" sizes="auto, (max-width: 768px) 100vw, 768px" /></figure>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="596" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001635334-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-98635" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001635334-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001635334-650x378.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p><br><br>डीडीएम, NABARD ने कलाकारों को प्रेरित करते हुए कहा कि <strong>GI टैग को केवल प्रमाण-पत्र के रूप में नहीं, बल्कि अपनी कला की पहचान मजबूत करने, बाजार का विस्तार करने और आय के नए अवसर सृजित करने के माध्यम के रूप में देखना चाहिए।</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="768" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001642596-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-98637" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001642596-scaled.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001642596-488x650.jpg 488w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001642596-1152x1536.jpg 1152w" sizes="auto, (max-width: 768px) 100vw, 768px" /></figure>



<p>उन्होंने भोजपुर पिढ़िया चित्रकारी के संरक्षण, संवर्धन और इसके व्यापक बाजार से जुड़ाव की संभावनाओं पर भी चर्चा की। उन्होंने कलाकारों से अपनी पारंपरिक कला को नई बाजार जरूरतों के अनुरूप विकसित करते हुए इसके व्यावसायिक विस्तार की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया।<br><br><strong>भोजपुर पिढ़िया पेंटिंग भोजपुर जिले का प्रथम GI टैग प्राप्त उत्पाद है।</strong> यह उपलब्धि NABARD एवं सर्जना ट्रस्ट के सतत प्रयासों और सक्रिय सहयोग से संभव हो सकी है। GI पंजीकरण प्रमाणपत्र में भी <strong>NABARD, बिहार को Facilitating Agency</strong> के रूप में मान्यता प्रदान की गई है।<br><br>कार्यक्रम के दूसरे महत्वपूर्ण सत्र में <strong>RBI (भारतीय रिजर्व बैंक)</strong> की ओर से वित्तीय समावेशन एवं सुरक्षित बैंकिंग को लेकर प्रतिभागियों को जागरूक किया गया। बैंकिंग सेवाओं के सुरक्षित उपयोग, बचत, डिजिटल बैंकिंग तथा साइबर धोखाधड़ी से बचाव के उपायों की जानकारी दी गई। प्रतिभागियों से OTP, PIN, पासवर्ड और बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करने की अपील की गई।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="768" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001642598-1-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-98638" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001642598-1-scaled.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001642598-1-488x650.jpg 488w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001642598-1-1152x1536.jpg 1152w" sizes="auto, (max-width: 768px) 100vw, 768px" /></figure>



<p>इस प्रकार <strong>‘भोजपुरी कला यात्रा’</strong> के माध्यम से एक ही मंच पर भोजपुरी कला-संस्कृति के संरक्षण के साथ कलाकारों को उनके अधिकार, GI टैग की उपयोगिता, बाजार की संभावनाओं और वित्तीय सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया।<br><br>कार्यक्रम का उद्देश्य <strong>भोजपुर पीड़िया चित्रकारी की समृद्ध पारंपरिक कला को संरक्षित एवं प्रोत्साहित करते हुए कलाकारों को GI की पहचान, अधिकृत उपयोगकर्ता पंजीकरण, व्यापक बाजार से जुड़ाव और वित्तीय समावेशन के माध्यम से सशक्त बनाना</strong> रहा। इस अवसर पर सर्जना ट्रस्ट के चेयरमैन संजीव सिन्हा,राजीव रंजन,मीरा, खुशबू,विष्णु शंकर, सुनीता सिंह समेत कई कलाकार व सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए।</p>



<p></p>
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		<title>व्यावसायिक बैंकों की तरह हो सकती हैं ग्रामीण बैंककर्मियों की सेवा शर्तें</title>
		<link>https://www.patnanow.com/gramin-bank-service-condition/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 30 Oct 2025 17:37:57 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[MONEY MATTERS]]></category>
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					<description><![CDATA[ग्रामीण बैंक कर्मियों के लिए अच्छी खबर नाबार्ड की पहल, सेवाशर्तों में सुधार के लिए विचार पटना।। ग्रामीण बैंकों की सेवाशर्तों को व्यावसायिक बैंकों के समान करने की पहल शुरू कर दी गई है. इससे बिहार के हजारों ग्रामीण बैंककर्मियों समेत देशभर के ग्रामीण बैंककर्मियों को बड़ी राहत मिलेगी. मुंबई स्थित राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के प्रधान कार्यालय में संयुक्त परामर्श समिति की बैठक में इस पर विचार किया गया. नाबार्ड के चेयरमैन केवी शाजी की अध्यक्षता में हुई बैठक में प्रायोजक बैंककर्मियों की सेवाशर्त की तर्ज पर ग्रामीण बैंक की सेवाशर्त में संशोधन की पहल हुई. ग्रामीण बैंक कर्मियों की सेवाशर्त के तहत प्रोन्नति, तबादला एवं अन्य सुविधाओं को समान करने पर विचार किया गया. बैठक में भारतीय स्टेट बैंक और पंजाब नेशनल बैंक के महाप्रबंधक के साथ ही उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु ग्रामीण बैंक के चेयरमैन भी शामिल थे. इस बैठक में प्रोन्नति, तबादला और अन्य सुविधाओं को समान करने पर विचार किया गया. दरअसल, सेवाशर्त में अंतर के कारण ग्रामीण बैंक को छोड़ कर्मचारी अन्य कॉमर्शियल बैंक ज्वाइन कर रहे हैं. बिहार में बिहार ग्रामीण बैंक की 21 सौ शाखाएं हैं. यह राज्य में भारतीय स्टेट बैंक से भी बड़ा बैंक है. ग्रामीण बैंक में राज्य में करीब दस हजार से अधिक कर्मी कार्यरत हैं. सेवाशर्त में सुधार किए जाने से इन सभी कर्मियों को बड़ी राहत मिलेगी. बैठक में वित्त मंत्रालय के प्रतिनिधि, ग्रामीण बैंक अधिकारियों और कर्मियों के संगठन के प्रतिनिधि भी थे. बैठक से लौटने के बाद ऑल इंडिया ग्रामीण बैंक [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>ग्रामीण बैंक कर्मियों के लिए अच्छी खबर </strong></p>



<p><strong>नाबार्ड की पहल, सेवाशर्तों में सुधार के लिए विचार</strong></p>



<p>पटना।। ग्रामीण बैंकों की सेवाशर्तों को व्यावसायिक बैंकों के समान करने की पहल शुरू कर दी गई है. इससे बिहार के हजारों ग्रामीण बैंककर्मियों समेत देशभर के ग्रामीण बैंककर्मियों को बड़ी राहत मिलेगी. </p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="648" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/10/1000492285-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-92660" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/10/1000492285-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/10/1000492285-650x411.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>मुंबई स्थित राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के प्रधान कार्यालय में संयुक्त परामर्श समिति की बैठक में इस पर विचार किया गया. नाबार्ड के चेयरमैन केवी शाजी की अध्यक्षता में हुई बैठक में प्रायोजक बैंककर्मियों की सेवाशर्त की तर्ज पर ग्रामीण बैंक की सेवाशर्त में संशोधन की पहल हुई. ग्रामीण बैंक कर्मियों की सेवाशर्त के तहत प्रोन्नति, तबादला एवं अन्य सुविधाओं को समान करने पर विचार किया गया. बैठक में भारतीय स्टेट बैंक और पंजाब नेशनल बैंक के महाप्रबंधक के साथ ही उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु ग्रामीण बैंक के चेयरमैन भी शामिल थे. इस बैठक में प्रोन्नति, तबादला और अन्य सुविधाओं को समान करने पर विचार किया गया. दरअसल, सेवाशर्त में अंतर के कारण ग्रामीण बैंक को छोड़ कर्मचारी अन्य कॉमर्शियल बैंक ज्वाइन कर रहे हैं. बिहार में बिहार ग्रामीण बैंक की 21 सौ शाखाएं हैं. यह राज्य में भारतीय स्टेट बैंक से भी बड़ा बैंक है. ग्रामीण बैंक में राज्य में करीब दस हजार से अधिक कर्मी कार्यरत हैं. सेवाशर्त में सुधार किए जाने से इन सभी कर्मियों को बड़ी राहत मिलेगी. बैठक में वित्त मंत्रालय के प्रतिनिधि, ग्रामीण बैंक अधिकारियों और कर्मियों के संगठन के प्रतिनिधि भी थे. बैठक से लौटने के बाद ऑल इंडिया ग्रामीण बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन के राष्ट्रीय महासचिव डीएन त्रिवेदी ने बताया कि ग्रामीण बैंक के शीर्ष संगठन ने ग्रामीण बैंक और प्रायोजक व्यावसायिक बैंक की कार्यप्रणाली में कोई व्यापक अंतर नहीं होने के कारण ग्रामीण बैंक के कर्मियों और अधिकारियों की सेवाशर्तें समरूप करने का तर्क पेश किया गया है. ग्रामीण और व्यावसायिक बैंककर्मियों के वेतन-भत्ते, पेंशन और अन्य आर्थिक लाभ समरूप हैं, लेकिन अन्य सेवाशर्तों में काफी अंतर है. इसके कारण ग्रामीण बैंक में नियुक्त कर्मी मौका मिलते ही इस्तीफा देकर व्यावसायिक बैंक में योगदान कर लेते हैं.</p>



<p>इस समस्या का समाधान करने के लिए, ग्रामीण बैंकों की सेवाशर्तों को व्यावसायिक बैंकों के समान बनाने का प्रयास किया जा रहा है. इससे ग्रामीण बैंक के कर्मियों को भी समान अवसर और सुविधाएं मिल सकेंगी.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>



<p></p>
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