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	<title>Mutation &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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	<title>Mutation &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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		<title>&#8216;CO-RO की हड़ताल के बीच भी नहीं रुकेगा जनता का काम&#8217;</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 12 Mar 2026 09:13:47 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[दाखिल-खारिज, परिमार्जन और ई-मापी जैसी सेवाओं के लिए वैकल्पिक व्यवस्था, पंचायत सचिव और बीडीओ को सौंपी गई जिम्मेदारी, सभी जिलों को दिया गया विशेष मॉड्यूल अपर समाहर्ता (राजस्व) एवं भूमि सुधार उप समाहर्ता भी रखेंगे निगरानी पटना।। राज्य में अंचलाधिकारियों, राजस्व अधिकारियों और राजस्व कर्मचारियों की चल रही हड़ताल के बावजूद आम लोगों के राजस्व संबंधी कार्य प्रभावित न हों, इसके लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने व्यापक वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की है. उप मुख्यमंत्री सह मंत्री, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग विजय कुमार सिन्हा ने कहा है कि सरकार की पहली प्राथमिकता है कि जनता को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और जमीन से जुड़े आवश्यक कार्य नियमित रूप से चलते रहें. उन्होंने बताया कि हड़ताल की स्थिति में भी विभागीय कार्यों को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए प्रशासनिक स्तर पर आवश्यक कदम उठाए गए हैं. इसके तहत राजस्व कर्मचारियों के कार्य पंचायत सचिवों को तथा अंचलाधिकारियों के कार्य जहां के राजस्व अधिकारी भी हड़ताल पर हैं वहां प्रखंड विकास पदाधिकारियों (बीडीओ) को सौंपे गए हैं, ताकि आम नागरिकों को सेवाएं समय पर मिलती रहें.उप मुख्यमंत्री ने कहा कि मार्च माह में भूमि से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्य होते हैं और बड़ी संख्या में लोग दाखिल-खारिज, परिमार्जन, ई मापी समेत अन्य सेवाओं के लिए आवेदन करते हैं. इसे देखते हुए विभाग ने पहले से ही सभी जिलों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं, जिससे प्रशासनिक स्तर पर किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो उन्होंने बताया कि दाखिल-खारिज, परिमार्जन और ई-मापी जैसे महत्वपूर्ण [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>दाखिल-खारिज, परिमार्जन और ई-मापी जैसी सेवाओं के लिए वैकल्पिक व्यवस्था, पंचायत सचिव और बीडीओ को सौंपी गई जिम्मेदारी, सभी जिलों को दिया गया विशेष मॉड्यूल</strong></p>



<p><strong>अपर समाहर्ता (राजस्व) एवं भूमि सुधार उप समाहर्ता भी रखेंगे निगरानी</strong></p>



<p>पटना।। राज्य में अंचलाधिकारियों, राजस्व अधिकारियों और राजस्व कर्मचारियों की चल रही हड़ताल के बावजूद आम लोगों के राजस्व संबंधी कार्य प्रभावित न हों, इसके लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने व्यापक वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की है. उप मुख्यमंत्री सह मंत्री, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग विजय कुमार सिन्हा ने कहा है कि सरकार की पहली प्राथमिकता है कि जनता को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और जमीन से जुड़े आवश्यक कार्य नियमित रूप से चलते रहें.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="768" height="520" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/pnc-revenue-minister-vijay-sinha.jpg" alt="" class="wp-image-95587" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/pnc-revenue-minister-vijay-sinha.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/pnc-revenue-minister-vijay-sinha-650x440.jpg 650w" sizes="(max-width: 768px) 100vw, 768px" /></figure>



<p>उन्होंने बताया कि हड़ताल की स्थिति में भी विभागीय कार्यों को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए प्रशासनिक स्तर पर आवश्यक कदम उठाए गए हैं. इसके तहत राजस्व कर्मचारियों के कार्य पंचायत सचिवों को तथा अंचलाधिकारियों के कार्य जहां के राजस्व अधिकारी भी हड़ताल पर हैं वहां प्रखंड विकास पदाधिकारियों (बीडीओ) को सौंपे गए हैं, ताकि आम नागरिकों को सेवाएं समय पर मिलती रहें.<br>उप मुख्यमंत्री ने कहा कि मार्च माह में भूमि से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्य होते हैं और बड़ी संख्या में लोग दाखिल-खारिज, परिमार्जन, ई मापी समेत अन्य सेवाओं के लिए आवेदन करते हैं. इसे देखते हुए विभाग ने पहले से ही सभी जिलों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं, जिससे प्रशासनिक स्तर पर किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो <br>उन्होंने बताया कि दाखिल-खारिज, परिमार्जन और ई-मापी जैसे महत्वपूर्ण कार्यों के निष्पादन के लिए विशेष डिजिटल मॉड्यूल तैयार कर सभी जिलाधिकारियों को उपलब्ध कराया गया है. इन मॉड्यूल में कार्य करने की पूरी प्रक्रिया को विस्तार से समझाया गया है, ताकि संबंधित अधिकारी और कर्मी बिना किसी भ्रम के कार्य कर सकें.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="900" height="888" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/pnc-vijay-sinha-revenue-minister-1.jpg" alt="" class="wp-image-95589" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/pnc-vijay-sinha-revenue-minister-1.jpg 900w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/pnc-vijay-sinha-revenue-minister-1-650x641.jpg 650w" sizes="(max-width: 900px) 100vw, 900px" /></figure>



<p>विजय सिन्हा ने कहा कि यह मॉड्यूल दो रूपों में उपलब्ध कराया गया है, एक वीडियो फॉर्मेट में, जिसमें चरणबद्ध तरीके से पूरी प्रक्रिया दिखाई गई है, और दूसरा विस्तृत लिखित निर्देशों के रूप में, जिससे अधिकारी–कर्मचारी आवश्यकता पड़ने पर उसे देखकर कार्य कर सकें. इससे नए दायित्व निभा रहे पंचायत सचिवों और प्रखंड विकास पदाधिकारियों को कार्य निष्पादन में आसानी होगी. इस दौरान किसी भी समस्या के समाधान के लिए सभी भूमि सुधार उप समाहर्ता और अपर समाहर्ता (राजस्व) को विशेष रूप से निगरानी समेत कार्य में मदद करने का निर्देश दिया गया है.<br>उन्होंने स्पष्ट किया कि विभाग की पूरी निगरानी राज्य स्तर से की जा रही है और जिलाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने जिलों में व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करें. यदि कहीं कोई समस्या आती है तो उसका त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाएगा.<br>उप मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार सरकार पारदर्शी, जवाबदेह और जनोन्मुख राजस्व प्रशासन के लिए प्रतिबद्ध है. हड़ताल जैसी परिस्थितियों में भी सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि आम नागरिकों के जमीन से जुड़े कार्य बिना रुकावट जारी रहें और लोगों को सरकारी सेवाओं के लिए अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
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		<title>जमीन सर्वे के लिए अब 180 दिन का मिला समय</title>
		<link>https://www.patnanow.com/land-survey-update/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 03 Dec 2024 17:16:08 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[पटना।। बिहार में जमीन सर्वे में आ रही परेशानी को देखते हुए सरकार ने लोगों को राहत दी है. सरकार ने जमीन सर्वे की डेड लाइन को छह महीने और बढ़ा दिया है. इसमें रैयत का दावा करने के लिए 60 दिन और दावे के निपटारा के लिए 60 दिन का समय मिलेगा. आज पटना में हुई कैबिनेट मीटिंग में इस फैसले को मंजूरी मिली. कैबिनेट बैठक में कुल 33 एजेंडों पर मुहर लगी है. बता दें कि राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रस्ताव &#8216;बिहार विशेष सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त (संशोधन) नियमावली, 2024&#8217; में यह संशोधन बिहार विशेष सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त नियमावली- 2012 (यथा संशोधित-2019) में किया गया है. इस बारे में विभाग के सचिव जय सिंह ने बताया कि पूर्व में अधिसूचना की तिथि से 30 कार्यदिवस तक स्वघोषणा जमा करने का प्रावधान था. अब उद्घोेषणा की तिथि से 180 दिनों तक अथवा किस्तवार का काम समाप्त किए जाने के पूर्व तक, दोनो में से जो पहले हो…. रैयतों द्वारा स्वघोषणा जमा किया जा सकेगा. 20 अगस्त, 2024 तक बिहार के सभी जिलों में उदघोषणा कर दी गई थी. इसके अनुसार अब 31 मार्च, 2025 तक स्वघोषणा जमा करने की छूट दे दी गई है. उन्होंने कहा कि भूमि सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त में स्वघोेषणा के जरिए रैयत अपनी जमीन का ब्यौरा सर्वे कर्मियों के समक्ष उपलब्ध कराता है. इसमें रैयत द्वारा खरीदी गई जमीन, खतियान, वंशावली एवं बंटवारा का विवरण प्रपत्र- 2 एवं प्रपत्र 3(1) में भरकर या तो सर्वे शिविर में जमा किया जाता है या फिर भू-अभिलेख [&#8230;]]]></description>
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<p>पटना।। बिहार में जमीन सर्वे में आ रही परेशानी को देखते हुए सरकार ने लोगों को राहत दी है. सरकार ने जमीन सर्वे की डेड लाइन को छह महीने और बढ़ा दिया है. इसमें रैयत का दावा करने के लिए 60 दिन और दावे के निपटारा के लिए 60 दिन का समय मिलेगा. आज पटना में हुई कैबिनेट मीटिंग में इस फैसले को मंजूरी मिली. कैबिनेट बैठक में कुल 33 एजेंडों पर मुहर लगी है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="916" height="532" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/08/pnc-ias-s-Siddharth-acs-cabinet-secretariat.jpg" alt="" class="wp-image-86420" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/08/pnc-ias-s-Siddharth-acs-cabinet-secretariat.jpg 916w, https://www.patnanow.com/assets/2024/08/pnc-ias-s-Siddharth-acs-cabinet-secretariat-650x378.jpg 650w" sizes="(max-width: 916px) 100vw, 916px" /></figure>



<p>बता दें कि राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रस्ताव &#8216;बिहार विशेष सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त (संशोधन) नियमावली, 2024&#8217; में यह संशोधन बिहार विशेष सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त नियमावली- 2012 (यथा संशोधित-2019) में किया गया है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="704" height="440" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/12/1000222195.jpg" alt="" class="wp-image-87966" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/12/1000222195.jpg 704w, https://www.patnanow.com/assets/2024/12/1000222195-650x406.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 704px) 100vw, 704px" /></figure>



<p>इस बारे में विभाग के सचिव जय सिंह ने बताया कि पूर्व में अधिसूचना की तिथि से 30 कार्यदिवस तक स्वघोषणा जमा करने का प्रावधान था. अब उद्घोेषणा की तिथि से 180 दिनों तक अथवा किस्तवार का काम समाप्त किए जाने के पूर्व तक, दोनो में से जो पहले हो…. रैयतों द्वारा स्वघोषणा जमा किया जा सकेगा. 20 अगस्त, 2024 तक बिहार के सभी जिलों में उदघोषणा कर दी गई थी. इसके अनुसार अब 31 मार्च, 2025 तक स्वघोषणा जमा करने की छूट दे दी गई है. </p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="409" src="https://www.patnanow.com/assets/2021/07/pnc-revenue-and-land-reforms-department.jpg" alt="" class="wp-image-54601" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2021/07/pnc-revenue-and-land-reforms-department.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2021/07/pnc-revenue-and-land-reforms-department-350x220.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>उन्होंने कहा कि  भूमि सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त में स्वघोेषणा के जरिए रैयत अपनी जमीन का ब्यौरा सर्वे कर्मियों के समक्ष उपलब्ध कराता है. इसमें रैयत द्वारा खरीदी गई जमीन, खतियान, वंशावली एवं बंटवारा का विवरण प्रपत्र- 2 एवं प्रपत्र 3(1) में भरकर या तो सर्वे शिविर में जमा किया जाता है या फिर भू-अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय की वेबसाइट पर अपलोड किया जाता है. इन कागजातों से खानापुरी के समय अधिकार अभिलेख बनाने में सर्वे कर्मियों को मदद मिलती है.<br>राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री डाॅ दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा है कि भू-अभिलेखों की अनुपलब्धता की वजह से आम लोग परेशान हो रहे थे. उनके द्वारा स्वघोषणा की तिथि बढ़ाने का अनुरोध किया जा रहा था जिसके मद्देनजर यह निर्णय लिया गया है. उम्मीद है कि इस अवधि के दौरान अपने कागजात ठीक कर लेंगे और भूमि सर्वे में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे.<br>राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने बताया कि आम लोगों की सुविधा के लिए विभाग ने कई और महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं, जिनका कैबिनेट द्वारा अनुमोदन कर दिया गया है. किस्तवार का काम जिसमें गांवों का मानचित्र बनाया जाता है, को पूर्ण करने की समयावधि 30 कार्य दिवस से बढ़ाकर 90 कार्य दिवस की गई है. मौजा बड़ा होने पर यह निर्णय लेने का अधिकार बंदोबस्त पदाधिकारियों को दिया गया है.<br>इसी प्रकार प्रपत्र-8 में दावा/आपत्ति देने की समयावधि भी 15 दिन से बढ़ाकर 30 दिन कर दी गई है. खानापुरी पर्चा मिलने के बाद रैयत अपनी जमीन से संबंधित ब्यौरा से असंतुष्ट होने पर प्रपत्र-8 में सर्वे शिविर में आपत्ति दर्ज करता है.<br>सरकारी भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह तय हुआ है कि सरकारी/ लोक भूमि से संबंधित दावा/आक्षेप का निष्पादन सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी /अंचल अधिकारी/चकबंदी पदाधिकारी से अन्यून स्तर के पदाधिकारी के द्वारा नहीं किया जाएगा. साथ ही यह भी तय किया गया है कि अंतिम प्रकाशन की तिथि से 90 दिनों के भीतर कोई भी रैयत प्रपत्र-21 में एक से अधिकारियों के समक्ष आपत्ति दायर कर सकेगा और 90 दिनों की समयावधि बीतने के बावजूद विलंब क्षांत कर एक बार और सुनवाई करने का निर्णय भी लिया गया है.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
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		<title>जानबूझकर आवेदन अस्वीकृत करनेवाले सीओ की होगी पहचान</title>
		<link>https://www.patnanow.com/co-meet-me-chetawani/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 25 Sep 2024 16:30:52 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[पटना।। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा कई प्रकार की ऑनलाइन सेवाएं दी जा रही हैं. इनमें से कई सेवाओं में अस्वीकृति की दर काफी अधिक है.कई बार अस्वीकृति का यह निर्णय जल्दबाजी में या निहित स्वार्थवश लिया जाता है. इससे निर्दोष लोगों के साथ अन्याय होता है. यह नहीं होना चाहिए. कई बार डीसीएलआर, एडीएम या डीएम के स्तर पर सुनवाई में पता चलता है कि आपका निर्णय गलत था. तबतक नुकसान हो चुका होता है. कई मामलों में वरीय पदाधिकारियों का आदेश लेकर रैयत भटकता रहता है, अंचल अधिकारी ध्यान नहीं देते हैं. लोग सालों तक दौड़ते रहते हैं. ये आपराधिक कृत्य हैं, जिनको नजर अंदाज नहीं किया जा सकता. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री डॉ दिलीप कुमार जायसवाल आज दशरथ मांझी श्रम एवं नियोजन संस्थान में अंचल अधिकारियों की बैठक को संबोधित कर रहे थे. डॉ जायसवाल ने जानबूझकर आवेदनों को अस्वीकृत करनेवाले अंचल अधिकारियों की पहचान करके उनके खिलाफ कार्रवाई करने का निदेश विभाग के अधिकारियों को दिया. आज की बैठक में म्युटेशन के मामलों की विस्तार से समीक्षा की गई. दाखिल-खारिज के सर्वाधिक 47.93 फीसदी अस्वीकृति के मामले सीतामढ़ी के सुप्पी अंचल में पाए गए. 44 फीसदी अस्वीकृति के साथ पटना का पंडारक दूसरे जबकि 39.9 फीसदी अस्वीकृति के साथ बेगूसराय का साम्हो अखा कुरहा तीसरे स्थान पर था.निर्धारित समय सीमा के बाद लंबित आवेदनों की संख्या सर्वाधिक 7018 रोहतास के सदर अंचल में पाई गई जबकि 6748 लंबित आवेदनों के साथ पटना सदर अंचल दूसरे स्थान पर और 6428 लंबित आवेदनों के [&#8230;]]]></description>
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<p>पटना।। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा कई प्रकार की ऑनलाइन सेवाएं दी जा रही हैं. इनमें से कई सेवाओं में अस्वीकृति की दर काफी अधिक है.कई बार अस्वीकृति का यह निर्णय जल्दबाजी में या निहित स्वार्थवश लिया जाता है. इससे निर्दोष लोगों के साथ अन्याय होता है. यह नहीं होना चाहिए. कई बार डीसीएलआर, एडीएम या डीएम के स्तर पर सुनवाई में पता चलता है कि आपका निर्णय गलत था. तबतक नुकसान हो चुका होता है. कई मामलों में वरीय पदाधिकारियों का आदेश लेकर रैयत भटकता रहता है, अंचल अधिकारी ध्यान नहीं देते हैं. लोग सालों तक दौड़ते रहते हैं. ये आपराधिक कृत्य हैं, जिनको नजर अंदाज नहीं किया जा सकता. </p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="768" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/09/1000091449-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-87125" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/09/1000091449-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2024/09/1000091449-650x488.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2024/09/1000091449-1536x1152.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="683" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/09/1000091447-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-87122" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/09/1000091447-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2024/09/1000091447-650x433.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2024/09/1000091447-1536x1024.jpg 1536w, https://www.patnanow.com/assets/2024/09/1000091447-2048x1365.jpg 2048w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री डॉ दिलीप कुमार जायसवाल आज दशरथ मांझी श्रम एवं नियोजन संस्थान में अंचल अधिकारियों की बैठक को संबोधित कर रहे थे. डॉ जायसवाल ने जानबूझकर आवेदनों को अस्वीकृत करनेवाले अंचल अधिकारियों की पहचान करके उनके खिलाफ कार्रवाई करने का निदेश विभाग के अधिकारियों को दिया.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="768" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/09/1000091450-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-87126" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/09/1000091450-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2024/09/1000091450-650x488.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2024/09/1000091450-1536x1152.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>आज की बैठक में म्युटेशन के मामलों की विस्तार से समीक्षा की गई. दाखिल-खारिज के सर्वाधिक 47.93 फीसदी अस्वीकृति के मामले सीतामढ़ी के सुप्पी अंचल में पाए गए. 44 फीसदी अस्वीकृति के साथ पटना का पंडारक दूसरे जबकि 39.9 फीसदी अस्वीकृति के साथ बेगूसराय का साम्हो अखा कुरहा तीसरे स्थान पर था.<br>निर्धारित समय सीमा के बाद लंबित आवेदनों की संख्या सर्वाधिक 7018 रोहतास के सदर अंचल में पाई गई जबकि 6748 लंबित आवेदनों के साथ पटना सदर अंचल दूसरे स्थान पर और 6428 लंबित आवेदनों के साथ पटना का संपतचक अंचल तीसरे स्थान पर रहा.<br>पटना सदर अंचल अधिकांश मापदंडों पर फिसड्डी रहा और अंचल अधिकारियों की मासिक रैंकिंग में पटना सदर को अगस्त माह में सबसे नीचे यानि 534वां स्थान प्राप्त हुआ. सदर अंचल अधिकारी ने मात्र 2 फीसदी दस्तावेजों पर डिजिटल हस्ताक्षर किए जबकि वहां मात्र 25 फीसदी सरकारी जमीन की इंट्री की गई. इन्हीं मामलों में जिला का स्कोर क्रमशः 35 फीसदी एवं 90 फीसदी रहा.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="768" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/09/1000091448-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-87127" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/09/1000091448-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2024/09/1000091448-650x488.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2024/09/1000091448-1536x1152.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>आज की बैठक में म्युटेशन प्लस के अलावे परिमार्जन प्लस की प्रगति की समीक्षा की गई. परिमार्जन प्लस में डिजिटाइज्ड जमाबंदी एवं छूटी हुई जमाबंदी की अलग-अलग समीक्षा की गई. दोनों में प्रगति को असंताषजनक पाया गया. यह तथ्य भी सामने आया कि 86 अंचल अधिकारियों ने जून माह से अबतक परिमार्जन प्लस में आए एक भी आवेदन का निष्पादन नहीं किया था.<br>अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने सभी अंचल अधिकारियों को अक्टूबर तक अपने प्रदर्शन में सुधार करने की चेतावनी दी. उन्होंने कहा कि परिमार्जन प्लस पोर्टल पर दिए गए आवेदनों में से 50 फीसदी आवेदनों का निष्पादन हर हाल में अक्टूबर माह के आखिर तक हो जाना चांहिए. इसी तरह उन्होंने म्युटेशन के 6 लाख लंबित मामलों को घटाकर 2 लाख लाने की लक्ष्य दिया है.<br>अपर मुख्य सचिव ने विभागीय अधिकारियों को म्युटेशन एवं परिमार्जन के रिजेक्टेड एवं रिवर्टेड मामलों की रैंडमली यानि बेतरतीब ढंग से जांच करने का आदेश विभागीय अधिकारियों को दिया ताकि यह स्पष्ट हो सके कि अस्वीकृति के पीछे कोई वाजिब कारण है या उसके पीछे अंचल अधिकारियों की मनमानी है.<br>अपर मुख्य सचिव ने यह भी कहा कि जिन अंचल अधिकारियों की मासिक रैंकिंग लगातार खराब रहेगी, वह उनके खिलाफ कार्रवाई का सबसे मजबूत आधार बनेगी. उन्होंने आईटी मैनेजर को कहा कि अक्टूबर माह से हरेक अंचल अधिकारी का पिछले 6 माह का रैंकिंग भी तैयार करें.<br>सचिव श्री जय सिंह ने कहा कि अंचल अधिकारी दैनिक और साप्ताहिक आधार पर अपने कर्मचारियों के साथ बैठक करें. लंबित मामलों की रोज प्रगति देखें. जिन मामलों में कागजी साक्ष्य कम हैं उनका फील्ड विजिट कर सत्यापन कर लें.<br>आज की बैठक में पूरे बिहार से 170 अंचल अधिकारियों को बुलाया गया था. बाढ़ के कारण बेगूसराय एवं भागलपुर के अंचल अधिकारी बैठक में शामिल नहीं हुए. बैठक का उद्देश्य ऑनलाइन सेवाओं में जोड़ी गई नई विशेषताओं के बारे में अंचल अधिकारियों को जानकारी देना और उनके फीडबैक के आधार पर इन सेवाओं में और सुधार करना है. बैठक में विभाग के अपर सचिव अरूण कुमार सिंह समेत विशेष सचिव, संयुक्त सचिव एवं अन्य सभी पदाधिकारी मौजूद थे.</p>



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