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	<title>mp gopal ji thakur &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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		<title>कार्यकर्ता की होगी नैया पार, या चलेगा दबंग राजनेता का सिक्का</title>
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		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 09 May 2024 04:56:46 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Politics]]></category>
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					<description><![CDATA[मोदी ब्रांड हिंदुत्व से सराबोर समाजवाद खिलखिलाएगा या चलेगा जाति का कार्ड 13 मई को दरभंगा के मतदाता बटन दबा कर लेंगे फैसला लोगों की चुप्पी सुविचारित, अंडरकरेंट का दे रही संकेत! दरभंगा,9 मई (संजय मिश्र). बिहार के अन्य हिस्सों की भांति दरभंगा में जातिवादी राजनीति के प्रति आग्रह, सोशल इंजीनियरिंग का बहार, पलटने की राजनीति पर खदबदाहट और हिंदुत्व के परचम का कॉकटेल है. 14 &#8211; दरभंगा लोकसभा सीट पर 13 मई को मतदान है. मिथिला का केंद्र होने के कारण सीट तो हाई प्रोफाइल रही है लेकिन अभी हाई प्रोफाइल उम्मीदवारों वाली सीट जैसी चुनावी टक्कर यहां नहीं है. एक तरफ कार्यकर्त्ता मनोवृति में जीने वाले बीजेपी के सीटिंग एमपी गोपालजी ठाकुर हैं तो दूसरी ओर आरजेडी के ललित कुमार यादव उनसे मुकाबला करने आए हैं. ललित रुआब रखने वाले किसी टिपिकल बिहारी नेता वाली छवि के स्वामी हैं. बिहार सरकार में मंत्री रह चुके हैं और पहली दफा एमपी का चुनाव लड़ रहे. मिथिला का हृदय माना जाने वाले दरभंगा के इस केंद्रीय लोकसभा सीट पर आठ उम्मीदवार मैदान में हैं लेकिन मुख्य मुकाबला बीजेपी के सीटिंग एमपी गोपालजी ठाकुर और आरजेडी के ललित कुमार यादव के बीच ही है. भीषण गर्मी और दोनो ओर से मोटे तौर पर शांतचित्त चुनाव प्रचार के कारण चुनावी विश्लेषण करने वाले पंडित तरह तरह के अर्थ निकाल रहे. कमला और बागमती नदी में 5 बरस में बहुत पानी बह चुका है लेकिन जमीन पर कमोबेश साल 2019 के लोकसभा चुनाव के समय जैसा ही नीरव माहौल है. चुनाव की तपिश [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>मोदी ब्रांड हिंदुत्व से सराबोर समाजवाद खिलखिलाएगा या चलेगा जाति का कार्ड</strong></p>



<p><strong>13 मई को दरभंगा के मतदाता बटन दबा कर लेंगे फैसला</strong></p>



<p><strong>लोगों की चुप्पी सुविचारित, अंडरकरेंट का दे रही संकेत!</strong></p>



<p>दरभंगा,9 मई (<strong>संजय मिश्र</strong>). बिहार के अन्य हिस्सों की भांति दरभंगा में जातिवादी राजनीति के प्रति आग्रह, सोशल इंजीनियरिंग का बहार, पलटने की राजनीति पर खदबदाहट और हिंदुत्व के परचम का कॉकटेल है. 14 &#8211; दरभंगा लोकसभा सीट पर 13 मई को मतदान है. मिथिला का केंद्र होने के कारण सीट तो हाई प्रोफाइल रही है लेकिन अभी हाई प्रोफाइल उम्मीदवारों वाली सीट जैसी चुनावी टक्कर यहां नहीं है. एक तरफ कार्यकर्त्ता मनोवृति में जीने वाले बीजेपी के सीटिंग एमपी गोपालजी ठाकुर हैं तो दूसरी ओर आरजेडी के ललित कुमार यादव उनसे मुकाबला करने आए हैं. ललित रुआब रखने वाले किसी टिपिकल बिहारी नेता वाली छवि के स्वामी हैं. बिहार सरकार में मंत्री रह चुके हैं और पहली दफा एमपी का चुनाव लड़ रहे.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="1024" height="458" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/05/1000564361-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-84098" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/05/1000564361-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2024/05/1000564361-650x291.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2024/05/1000564361-1536x687.jpg 1536w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>मिथिला का हृदय माना जाने वाले दरभंगा के इस केंद्रीय लोकसभा सीट पर आठ उम्मीदवार मैदान में हैं लेकिन मुख्य मुकाबला बीजेपी के सीटिंग एमपी गोपालजी ठाकुर और आरजेडी के ललित कुमार यादव के बीच ही है.</p>



<p>भीषण गर्मी और दोनो ओर से मोटे तौर पर शांतचित्त चुनाव प्रचार के कारण चुनावी विश्लेषण करने वाले पंडित तरह तरह के अर्थ निकाल रहे. कमला और बागमती नदी में 5 बरस में बहुत पानी बह चुका है लेकिन जमीन पर कमोबेश साल 2019 के लोकसभा चुनाव के समय जैसा ही नीरव माहौल है. चुनाव की तपिश परवान चढ़ाने पीएम मोदी की जनसभा हो चुकी है. इसके असर का गुना भाग लगाने दरभंगा में तेजस्वी डेरा जमाए रहे. उन्हें क्या फीडबैक मिला कहना मुश्किल पर पुर्णिया में दिया अपना बयान उन्हें जरूर कुरेद रहा होगा.</p>



<p><strong>सियासत बेशक निष्ठुर होती है.</strong><br>लेकिन आमजन से ऐसी अपेक्षा नहीं की जा सकती. क्या पलटने की राजनीति से उपजी खदबदाहट मद्धम हुई है? अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का जोश क्या इस राजनीति ने कम किया? दोनों रंगत के टॉप लीडर्स सावधान तो होंगे ही. यही वजह है कि चुनावी लोकतंत्र उत्सव का आकार ले इसकी झलक पीएम मोदी के ऑप्टिक्स में दिखी. दरभंगा की जनसभा में उन्होंने प्राण प्रतिष्ठा को याद करते हुए अयोध्या और मिथिला के संबंध का जिक्र किया. देश के तूफानी दौरों में वे विपक्ष पर धार्मिक आधार पर आरक्षण का कुचक्र रचने का आरोप लगाते हुए लगातार निशाना साध रहे.</p>



<p>बाहरी उम्मीदवारों को अबलम्ब देने का रिकार्ड रहा है दरभंगा लोक सभा सीट को. बिनोदानंद झा, ललित नारायण मिश्र, विजय मिश्र, कीर्ति आजाद सरीखे लोग यहां का प्यार पाने में सफल रहे. लेकिन विकास पुरुष ललित नारायण मिश्र के अलावा अन्य लोग अपनी चमकदमक दिखाने में ही मगन रहे. लोगों को महसूस हुआ कि स्थानीय उम्मीदवार हों तो वे दुख दर्द जानें. पिछली दफा की तरह इस बार भी स्थानीय उम्मीदवार वाले राजनीतिक बिंब का जोर है.</p>



<p>आरजेडी उम्मीदवार की प्रोफाइल &#8212;<br>ललित कुमार यादव छह बार विधायक बने हैं. दरभंगा ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं. महागठबंधन सरकार में मंत्री हुए. पत्नी शिव कुमारी यादव का साथ है. पुत्र विजय प्रकाश यादव आस्ट्रेलिया से उच्च शिक्षा प्राप्त हैं. दूसरे पुत्र हैं विनय प्रकाश यादव. तीन पुत्रियां हैं. अस्मिता यादव वकील हैं तो स्मृति यादव पत्रकार. तीसरी पुत्री हैं खुशबू यादव. माता भूली देवी और पिता गणेश यादव का आशीर्वाद को अब तक की सफलता का राज बताते हैं ललित. सार्वजनिक जीवन यात्रा में भाई धनवीर यादव और स्वर्गीय गुलाब यादव का संग मिला.</p>



<p>बहनें गुलजार देवी और पूनम देवी समाजवादी धारा के रुझान वाले परिवारों में ब्याही गई. ललित का जन्म &#8211; 01 &#8211; 01 &#8211; 1966 को हुआ. माता जानकी, राजा सलहेस और अंबेडकर जैसे व्यक्तित्व से अनुप्राणित हैं. समता मूलक समाज का सपना को यथार्थ में उतारने में लगे रहने का दावा करते हैं.</p>



<p>जन्म स्थान और ग्राम तारडीह है. बाबा जीवछ यादव की छत्रछाया में रह कर प्राथमिक विद्यालय, तारडीह से प्राथमिक शिक्षा ली. माध्यमिक शिक्षा &#8211; बलुवाही हाई स्कूल से हुआ. इंटर के लिए आर के कॉलेज, मधुबनी गए. दरभंगा के मारवाड़ी कॉलेज से समाजशास्त्र में स्नातक किया. एल एन मिथिला यूनिवर्सिटी से समाज शास्त्र में स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल की. छात्र राजनीति में वे सक्रिय रहे. अस्सी के दशक में अंबेडकर जयंती मनाई जिसने ललित की ओर सबका ध्यान खींचा. दरभंगा ग्रामीण विधान सभा क्षेत्र से 1995 में पहली बार विधायक बने. क्षेत्र की जनता का विश्वास है जिस कारण वहीं से अभी तक विधायक हैं.</p>



<p><strong>बीजेपी के सीटिंग एमपी की प्रोफाइल &#8211;</strong></p>



<p>गोपालजी ठाकुर दरभंगा जिले के बिरौल इलाके के ग्राम पड़री के निवासी हैं. पत्नी का नाम चंदु ठाकुर है. पुत्र केशव कुणाल और पुत्री का नाम कुमारी कोमल है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="1024" height="683" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/05/1000564366-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-84096" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/05/1000564366-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2024/05/1000564366-650x434.jpg 650w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>गोपालजी को जमीन से उठा हुआ नेता माना जाता है. अर्बन और एलिट नेता की छौंक तो लेस मात्र नहीं उनमें. दरभंगा के पुराने पत्रकार आज भी उन दिनों को याद करते हैं कि गोपालजी बतौर कार्यकर्त्ता बीजेपी की प्रेस विज्ञप्ति देने मीडिया दफ्तर जाया करते थे. वर्ष 2019 में वे पहली दफा सांसद बने तो शुभकामना देने वाले विरोधी दलों के स्थानीय नेताओं ने एक स्वर से कहा था कि ये नेता नहीं बल्कि एक कार्यकर्त्ता की विजय है. अब गोपालजी पर ही छोड़ा जाना चाहिए कि वे पीछे मुड़ कर विपक्षी नेताओं के उस उद्गार को याद करें और महसूस करें कि उनकी भावनाओं के अनुरूप सांसद ने लोक व्यवहार किया या नहीं!</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="960" height="540" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/05/1000564364.jpg" alt="" class="wp-image-84097" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/05/1000564364.jpg 960w, https://www.patnanow.com/assets/2024/05/1000564364-650x366.jpg 650w" sizes="(max-width: 960px) 100vw, 960px" /></figure>



<p>गोपालजी का कहना है कि मोदी वाली विकास की गारंटी के अलावा 5 साल तक सघन जनसंपर्क में बीता उनका समय उनकी पूंजी है. उसका फायदा मिलने का वे दावा करते. मुश्किल से लोकसभा क्षेत्र का कोई पंचायत बचा हो जहां वे न गए हों. दिल्ली प्रवास से जैसे ही फारिग होते वे दरभंगा के किसी गांव में जन संपर्क करते पाए गए.</p>



<p>पाग, मिथिला पेंटिंग वाले अंग वस्त्र और मखाना की माला पहनाना उनकी पहचान बन गई है. इन उत्पादों का वे बड़े पैमाने पर इस्तेमाल करते. तीनों ही उत्पाद को व्यापक फलक दिया. दिल्ली, पटना और दरभंगा में .. शायद ही कोई दिन बीता हो जब सांसद द्वारा कोई अहम व्यक्ति इन उत्पादों से सम्मानित न किए गए हों. अह्लादपूर्वक सम्मान देने के क्रम में दरभंगा के विकास के लिए किसी प्रोजेक्ट खातिर स्मारपत्र सौंपना एजेंडा का हिस्सा होता. सांसद का यकीन है कि उनके कारण तीनों ही उत्पाद की आपूर्ति करने वाले मोटे तौर पर एक लाख से अधिक व्यक्ति सीधे या परोक्ष लाभान्वित हुए हैं. एक प्रकार से गोपालजी ने इन उत्पादों की ब्रांडिंग, कॉटेज इंडस्ट्री बनने और प्रसार में 5 सालों तक सतत सहायक की भूमिका निभाई है.</p>



<p>पिछली दफा यानि साल 2019 लोकसभा आम चुनाव में दरभंगा सीट से बीजेपी के उम्मीदवार गोपालजी ठाकुर के सामने आरजेडी के उम्मीदवार अब्दुल बारी सिद्दीकी जोर आजमाइश कर रहे थे. सिद्दीकी को 318689 वोटर्स ने पसंद किया जबकि जीतने वाले गोपालजी ठाकुर में 586668 वोटर्स ने आस्था जताई. बीएसपी के उम्मीदवार मुख्तार को 11255 वोट मिले. निर्दलीय सगुनी राय को 13774 मत मिले. दिलचस्प है कि नोटा के खाते में 20468 वोट आए. जबकि 514 वोट रिजेक्ट हुए.</p>



<p>अब गौर करते हैं अन्य आंकड़ों की ओर. मतगणना के तमाम राउंड में बीजेपी उम्मीदवार आगे रहे. पोस्टल बैलेट में से सिद्दीकी को 1204 वहीं गोपालजी को 1655 वोट मिले.</p>



<p>विधानसभा क्षेत्रवार आंकड़ों का ब्रेकअप और भी रोचक है. गौरा बौराम में सिद्दीकी को 53006 जबकि ठाकुर को 83691 वोट हासिल हुए. बेनीपुर में सिद्दीकी को 48395 वहीं गोपालजी को 107212 मत मिला. अलीनगर गृह क्षेत्र है सिद्दीकी का. लेकिन यहां उन्हें 56076 जबकि ठाकुर को 91084 वोट मिले. दरभंगा ग्रामीण से मौजूदा (2024) आरजेडी उम्मीदवार विधायक बनते आ रहे हैं लेकिन 2019 में आरजेडी के सिद्दीकी को इस विधानसभा क्षेत्र में 53369 वोट मिले जबकि ठाकुर को 88340 वोट मिले. दरभंगा नगर विधानसभा क्षेत्र से सिद्दीकी को 53803 मत आए वहीं गोपालजी को 104208 वोट मिले. बहादुरपुर विधानसभा क्षेत्र में सिद्दीकी को 52836 जबकि गोपालजी ठाकुर को 110478 वोट मिले. आंकड़ों की दास्तान संकेत करती है कि जब संसद के लिए चुनाव हो तो वोटर्स का रुझान अलग होता है.</p>



<p>आरजेडी प्रत्याशी को कई समस्याओं से गुजरना पड़ रहा है. पहली बार लोक सभा चुनाव लड़ने की मनोवैज्ञानिक बाधा से जूझ रहे. माय समीकरण वाले कई नेता यहां की सांसदी की ललक रखते हैं. इनमें पूर्व में एमपी रह चुके, पूर्व में उम्मीदवार रह चुके और नई पीढ़ी के कुछ महत्वाकांक्षी नेता शामिल हैं. ललित को उन्हें मनाने में खासी मशक्कत करनी पड़ी है. इन तीनों श्रेणी के नेता और उनके समर्थक किस हद तक माने कहना मुश्किल. इन समर्थकों के एक हिस्से पर अयोध्या प्राण प्रतिष्ठा का रंग चढ़ने की खबर है.</p>



<p>उधर, दलित सियासत भी गरमा गई है. दलितों को आरजेडी से खास एतराज नहीं रहा पर पहले के प्रकरणों के कारण ललित यादव से नापसंदगी है. कई जाति समूह खास कर पासवान समुदाय पर इसका असर देखा जा रहा है. गठबंधन सरकार रहने के बावजूद पिछले डेढ़ साल में दरभंगा और मधुबनी जिले की सीमा में उन पर हुए जुल्म ओ सितम को वे भूलना नहीं चाहते. वे याद दिलाते कि उन त्रासद पलों में किसी ने उन्हें नहीं पुचकारा. समूह के समझ रखने वाले कई अगुआ बीते दशकों की &#8211; दलितवाद की कीमत पर पिछड़ावाद &#8211; वाली नैरेटिव को याद करने लगे हैं. रोचक है कि सीपीआई(एमएल) आज ललित के साथ खड़ी है और चुनाव प्रचार कर रही है. वही एमएल जो उस दौर में इस नैरेटिव के खिलाफ संघर्ष करती रही. अभी तो तमाम वाम दलों के नेता इतने मुखर हैं मानो आरजेडी के प्रचार अभियान की इनने कमान ले ली हो.</p>



<p>दरभंगा एम्स के मुद्दे को गठबंधन दलों के नेता उठा रहे. खास कर वाम दलों के नेता. पर आरजेडी उम्मीदवार या उनके करीबियों में इस रणनीति पर दृढ़ निश्चय का अभाव दिखता है. उन्हें अहसास है कि इस मुद्दे पर चर्चा से वो सवाल भी खड़ा हो जाएगा कि डीएमसीएच ग्राउंड वाले एम्स निर्माण स्थल को क्यों बदला गया ?</p>



<p>एक तरफ भगवती सीता की अराधना की बात करते हैं ललित कुमार यादव तो दूसरी तरफ माता सीता के लिए असहनीय कुवचन कहने वाले आरजेडी नेता उनके चुनाव प्रचार में सक्रिय हैं. दरभंगा के निवासियों को 13 मई का बेसब्री से इंतजार है.</p>
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		<title>वैट को लेकर केंद्र और बिहार सरकार में ठनी</title>
		<link>https://www.patnanow.com/clash-between-center-and-bihar-government-regarding-vat/</link>
		
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		<pubDate>Fri, 27 Oct 2023 01:53:09 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[एटीएफ वैट घटाने के केंद्रीय मंत्री के आग्रह को बिहार सरकार ने किया अनसुना &#8211; सांसद बिहार सरकार एयर टरबाइन फ्यूल पर देश में सर्वाधिक वैट लेती है दरभंगा एयरपोर्ट से यात्री किराए पर केंद्र और राज्य में तकरार संजय मिश्र.दरभंगा एम्स के बाद अब दरभंगा एयरपोर्ट पर राजनेताओं में तकरार बढ़ गई है. इसके दो प्रमुख पात्र सामने हैं. नीतीश सरकार में नंबर 2 की हैसियत रखने वाले संजय झा और दरभंगा के सांसद गोपालजी ठाकुर. जेडीयू नेता संजय झा सिंचाई मंत्री हैं और सियासी गलियारों के संकेत के अनुसार वे दरभंगा लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने के आकांक्षी हैं. जबकि बीजेपी नेता गोपालजी ठाकुर सीटिंग एमपी हैं. गोपालजी को उम्मीद है कि बीजेपी साल 2024 लोकसभा चुनाव में उन्हें बरकरार रखेगी. दरभंगा पर पैनी नजर रखने वाले राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक एम्स निर्माण ठप होने के अलावा दरभंगा एयरपोर्ट से सफर करने में यात्री किराया बहुत ज्यादा होना मुद्दा बनेगा. ये सही है कि देश के कई एयरपोर्ट की तुलना में त्योहारों के समय दरभंगा से विमान सेवा का लाभ लेना महंगा सौदा है. दरभंगा एयरपोर्ट की लोकेशन ऐसी है कि उस पर बिहार और नेपाल के करीब 20 जिले के निवासियों का बोझ पड़ता है. और इन इलाकों से सघन पलायन होता है. लेकिन सियासी रसाकस्सी के कारण किराया पर नियंत्रण के उपाय नहीं खोजे जाते. पलायन तो झटके में रुकने वाला नहीं. तो नाइट लैंडिंग फैसिलिटी की विकसित व्यवस्था और ए टी एफ पर लगने वाले वैट के जरिए किराया कम हो सकता है. बिहार सरकार [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>एटीएफ वैट घटाने के केंद्रीय मंत्री के आग्रह को बिहार सरकार ने किया अनसुना &#8211; सांसद</strong></p>



<p><strong>बिहार सरकार एयर टरबाइन फ्यूल पर देश में सर्वाधिक वैट लेती है</strong></p>



<p><strong>दरभंगा एयरपोर्ट से यात्री किराए पर केंद्र और राज्य में तकरार</strong></p>



<p><strong>संजय मिश्र.दरभंगा</strong></p>



<p>एम्स के बाद अब दरभंगा एयरपोर्ट पर राजनेताओं में तकरार बढ़ गई है. इसके दो प्रमुख पात्र सामने हैं. नीतीश सरकार में नंबर 2 की हैसियत रखने वाले संजय झा और दरभंगा के सांसद गोपालजी ठाकुर. जेडीयू नेता संजय झा सिंचाई मंत्री हैं और सियासी गलियारों के संकेत के अनुसार वे दरभंगा लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने के आकांक्षी हैं. जबकि बीजेपी नेता गोपालजी ठाकुर सीटिंग एमपी हैं. गोपालजी को उम्मीद है कि बीजेपी साल 2024 लोकसभा चुनाव में उन्हें बरकरार रखेगी. दरभंगा पर पैनी नजर रखने वाले राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक एम्स निर्माण ठप होने के अलावा दरभंगा एयरपोर्ट से सफर करने में यात्री किराया बहुत ज्यादा होना मुद्दा बनेगा.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="518" height="650" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/10/gopal-518x650.jpg" alt="" class="wp-image-79725" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/10/gopal-518x650.jpg 518w, https://www.patnanow.com/assets/2023/10/gopal-279x350.jpg 279w, https://www.patnanow.com/assets/2023/10/gopal.jpg 542w" sizes="(max-width: 518px) 100vw, 518px" /></figure>



<p></p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="482" height="650" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/10/d2b85e06-a099-49d8-bcea-56bdf7bceb81-482x650.jpg" alt="" class="wp-image-79723" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/10/d2b85e06-a099-49d8-bcea-56bdf7bceb81-482x650.jpg 482w, https://www.patnanow.com/assets/2023/10/d2b85e06-a099-49d8-bcea-56bdf7bceb81-260x350.jpg 260w, https://www.patnanow.com/assets/2023/10/d2b85e06-a099-49d8-bcea-56bdf7bceb81-768x1035.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2023/10/d2b85e06-a099-49d8-bcea-56bdf7bceb81.jpg 1080w" sizes="(max-width: 482px) 100vw, 482px" /></figure>



<p>ये सही है कि देश के कई एयरपोर्ट की तुलना में त्योहारों के समय दरभंगा से विमान सेवा का लाभ लेना महंगा सौदा है. दरभंगा एयरपोर्ट की लोकेशन ऐसी है कि उस पर बिहार और नेपाल के करीब 20 जिले के निवासियों का बोझ पड़ता है. और इन इलाकों से सघन पलायन होता है. लेकिन सियासी रसाकस्सी के कारण किराया पर नियंत्रण के उपाय नहीं खोजे जाते. पलायन तो झटके में रुकने वाला नहीं. तो नाइट लैंडिंग फैसिलिटी की विकसित व्यवस्था और ए टी एफ पर लगने वाले वैट के जरिए किराया कम हो सकता है. बिहार सरकार से जुड़े लोग केंद्र पर ठीकरा फोड़ते हैं. चप्पल वाला हवाई जहाज पर चढ़ेगा जैसे पीएम मोदी के सपने का उपहास उड़ाते हैं. तो बीजेपी नीतीश सरकार द्वारा वसूले जाने वाले वैट की याद दिलाती है. महज 1 प्रतिशत वैट लेने की बात गठबंधन नेता करते हैं. खास इशारा संजय झा पर है. फिलहाल वैट को लेकर बयानबाजी तेजी से छिड़ी हुई है.</p>



<p>गुरुवार को दरभंगा सांसद गोपालजी ठाकुर ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बिहार सरकार पर आरोप लगाया कि नीतीश सरकार की गलत नीतियों के कारण यहां से विमान सेवा बेहद महंगी है. उन्होंने कहा है कि दरभंगा सहित बिहार के अन्य एयरपोर्ट पर एयर टरबाइन फ्यूल (एटीएफ) में राज्य सरकार की ओर से वसूले जा रहे सर्वाधिक वैट को लेकर गलत बयानी की जा रही है. उन्होंने कहा कि दरभंगा एयरपोर्ट से आरसीएस फ्लाइट के एटीएफ पर ही सिर्फ एक प्रतिशत वैट लगता है, बाकी सभी फ्लाइट पर एटीएफ में बिहार सरकार 29 प्रतिशत वैट वसूलती है. उन्होंने कहा कि आरसीएस फ्लाइट के तहत स्पाइसजेट की ओर से दरभंगा-दिल्ली, दरभंगा-बैंगलुरु, दरभंगा-मुंबई के बीच सिर्फ एक फ्लाइट की उड़ान पर एटीएफ में एक प्रतिशत वैट लगता है. बाकि इंडिगो सहित स्पाइसजेट के अन्य सभी फ्लाइट के एटीएफ पर राज्य सरकार 29% वैट वसूलती है.</p>



<p>सांसद गोपालजी ठाकुर ने कहा है कि केंद्रीय नागर विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बिहार सहित कई अन्य राज्यों से एटीएफ पर वैट कम करने का बारंबार आग्रह किया. लेकिन कई राज्य सरकारें इस अनुरोध के तहत रियायत देने को तैयार नहीं हैं. नतीजतन यात्री किराया कम नहीं हो पाता.</p>



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<p>सांसद ने बताया है कि दिनांक 18 अक्टूबर 2022 को राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के नागरिक उड्डयन मंत्रियों के सम्मेलन में बिहार सहित कई राज्यों से एटीएफ पर वैट कम करने का अनुरोध किया गया था. सांसद ने तथ्यों को साझा करते हुए याद दिलाया है कि केंद्रीय मंत्री ने बिहार के मुख्यमंत्री को दिनांक 25 अगस्त 2021, 31 दिसंबर 2021 और 26 जून 2023 को पत्र के माध्यम से भी बिहार में एटीएफ पर वैट कम करने का विशेष आग्रह किया था.उन्होंने कहा है कि केंद्रीय मंत्री सिंधिया के लगातार अनुरोध के बाद हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, त्रिपुरा, अंडमान निकोबार द्वीप समूह, लद्दाख, जम्मू कश्मीर सहित कई अन्य राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों ने एटीएफ पर वैट को कम किया लेकिन बिहार सरकार अभी तक तैयार नहीं है.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="472" height="650" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/10/8e0f8911-f286-4f7d-8d50-70f9fd29ca8d-472x650.jpg" alt="" class="wp-image-79724" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/10/8e0f8911-f286-4f7d-8d50-70f9fd29ca8d-472x650.jpg 472w, https://www.patnanow.com/assets/2023/10/8e0f8911-f286-4f7d-8d50-70f9fd29ca8d-254x350.jpg 254w, https://www.patnanow.com/assets/2023/10/8e0f8911-f286-4f7d-8d50-70f9fd29ca8d-768x1058.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2023/10/8e0f8911-f286-4f7d-8d50-70f9fd29ca8d.jpg 929w" sizes="(max-width: 472px) 100vw, 472px" /></figure>



<p>उन्होंने कहा कि राज्य सरकार व उनके नेता भ्रामक बयानबाजी कर मिथिला वासियोंं को ठग रहे हैं. जबकि बिहार सरकार द्वारा दरभंगा सहित बिहार के सभी एयरपोर्ट से एटीएफ पर लगातार 29% वैट वसूला जा रहा है. यहां तक कि राज्य सरकार के नेता सोशल मीडिया व अन्य माध्यमों से अनर्गल बयानबाजी का सहारा लेते हुए पत्रकारों तक पर ओछी टिप्पणी करने का अभियान जारी रखे हैं.</p>



<p>सांसद गोपालजी ठाकुर ने भरोसा जताया है कि पीएम मोदी के नेतृत्व एवं विभागीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की कार्य कुशलता में दरभंगा एयरपोर्ट का सर्वांगीण विकास होगा. उन्होंने कहा कि लगभग 916 करोड़ की लागत से अत्याधुनिक दरभंगा एयरपोर्ट का निर्माण होगा. विभागीय प्रक्रिया अंतिम चरण में है. उन्होंने कहा कि सीमित संसाधन के वाबजूद दरभंगा एयरपोर्ट से 17 लाख यात्रियों ने हवाई सेवा का लाभ लिया है. लेकिन राज्य सरकार के जलन के कारण दरभंगा एयरपोर्ट के विस्तार में काफी विलंब हुआ है. उन्होंने कहा कि शिलान्यास के बाद भी 78 एकड़ जमीन देने में ही राज्य सरकार ने लगभग पांच वर्ष का समय लगाया.</p>
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		<title>दरभंगा एम्स के मुद्दे ने बिगाड़ा सियासी बिरादरी का स्वाद</title>
		<link>https://www.patnanow.com/darbhanga-aiims-issue-spoils-the-taste-of-political-fraternity/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[pnc]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 03 Oct 2023 05:12:13 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[गांधी जयंती के दिन दरभंगा सांसद बैठे अनशन पर सीएम नीतीश सरकार पर लगाया वादाखिलाफी का आरोप कहा शोभन चिन्हित स्थल के 24 किसानों ने किया है केस सत्ताधारी जमात के स्थानीय नेताओं में खलबली संजय मिश्र,दरभंगा इंडिया में गांधी जयंती के दिन सादे समारोह होते.. रश्मि आयोजन का चलन है. वातावरण में सहज शांति की अनुभूति होती है. दरभंगा में सोमवार को प्रशासनिक और सामाजिक स्तर पर हुए समारोहों में ऐसी शीतलता तो रही. लेकिन बिहार के सत्तारूढ़ सियासी जमात के लोग जब लहेरियासराय टावर पर स्थापित गांधी प्रतिमा के पास पहुंचे तो शांत.. सौम्य अभिव्यक्त होने की जगह उनके बॉडी लैंग्वेज में आवेश नजर आया. नीरव हो गांधी के योगदान को याद करने के बदले दरभंगा एम्स का मुद्दा उनके बोल वचन से रह रह कर निः सृत होता रहा. ये कैसी बेचैनी? विस्मय होना स्वाभाविक! उधर इसी जगह से कमोबेश 10 किलोमीटर दूर शोभन के बाई पास से नीचे धसते.. नदी की तरफ कहीं पानी तो कहीं दलदल से दिखने वाले खेतों के बाध के बीच बने मंच पर बिहार के विरोधी दल बीजेपी के नेता अनशन पर बैठ गए. लोगों में कौतुक है पर वे चुप्पी साधे हैं. उन्होंने जाना है कि ये अनशन दरभंगा एम्स के लिए है. फिसलते शोभन एम्स स्थल पर ही अनशन की ठानी दरभंगा सांसद गोपालजी ठाकुर ने. वे कहते दुनिया देखेगी कि महत्वाकांक्षी एम्स निर्माण प्रोजेक्ट के लिए गढ्ढे वाली जमीन दे दी है नीतीश सरकार ने. जाने या अनजाने गोपालजी ठाकुर का ये निर्णय क्या शोभन स्थल को अहमियत [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>गांधी जयंती के दिन दरभंगा सांसद बैठे अनशन पर</strong></p>



<p><strong>सीएम नीतीश सरकार पर लगाया वादाखिलाफी का आरोप</strong></p>



<p><strong>कहा शोभन चिन्हित स्थल के 24 किसानों ने किया है केस</strong></p>



<p><strong>सत्ताधारी जमात के स्थानीय नेताओं में खलबली</strong></p>



<p><strong>संजय मिश्र,दरभंगा</strong></p>



<p>इंडिया में गांधी जयंती के दिन सादे समारोह होते.. रश्मि आयोजन का चलन है. वातावरण में सहज शांति की अनुभूति होती है. दरभंगा में सोमवार को प्रशासनिक और सामाजिक स्तर पर हुए समारोहों में ऐसी शीतलता तो रही. लेकिन बिहार के सत्तारूढ़ सियासी जमात के लोग जब लहेरियासराय टावर पर स्थापित गांधी प्रतिमा के पास पहुंचे तो शांत.. सौम्य अभिव्यक्त होने की जगह उनके बॉडी लैंग्वेज में आवेश नजर आया. नीरव हो गांधी के योगदान को याद करने के बदले दरभंगा एम्स का मुद्दा उनके बोल वचन से रह रह कर निः सृत होता रहा. ये कैसी बेचैनी? विस्मय होना स्वाभाविक!</p>



<p>उधर इसी जगह से कमोबेश 10 किलोमीटर दूर शोभन के बाई पास से नीचे धसते.. नदी की तरफ कहीं पानी तो कहीं दलदल से दिखने वाले खेतों के बाध के बीच बने मंच पर बिहार के विरोधी दल बीजेपी के नेता अनशन पर बैठ गए. लोगों में कौतुक है पर वे चुप्पी साधे हैं. उन्होंने जाना है कि ये अनशन दरभंगा एम्स के लिए है.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="366" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/10/3c6e4989-50d7-4ba1-9689-2e318a70a28c-650x366.jpg" alt="" class="wp-image-78825" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/10/3c6e4989-50d7-4ba1-9689-2e318a70a28c-650x366.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/10/3c6e4989-50d7-4ba1-9689-2e318a70a28c-350x197.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2023/10/3c6e4989-50d7-4ba1-9689-2e318a70a28c-768x432.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2023/10/3c6e4989-50d7-4ba1-9689-2e318a70a28c.jpg 1280w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>फिसलते  शोभन एम्स स्थल पर ही अनशन की ठानी दरभंगा सांसद गोपालजी ठाकुर ने. वे कहते दुनिया देखेगी कि महत्वाकांक्षी एम्स निर्माण प्रोजेक्ट के लिए गढ्ढे वाली जमीन दे दी है नीतीश सरकार ने. जाने या अनजाने गोपालजी ठाकुर का ये निर्णय क्या  शोभन स्थल को अहमियत और पवित्रता तो नहीं दे रहा! लड़खड़ाते बोल.. डीएमसीएच एम्स स्थल पर ज़िद्द से पीछे हटते कदम तो नहीं! शोभन एम्स स्थल के 24 किसानों का डीएम कोर्ट में केस करने से बंधी आस में ओज कितना! सवाल ही सवाल. नागरिकों के मन में मची हलचल से जुड़े सवाल.. बीजेपी से और उससे बढ़ कर बिहार के सत्तारूढ़ खेमा से. बीजेपी का राज्य सरकार से और बिहार सरकार के दलों के केंद्र सरकार और दरभंगा सांसद से त्वरित पलटवार. मीडिया का दोनों सियासी खेमों से. कभी मीडिया सवाल में उलझ जाता कि अभियंता समंदर और नदी में बड़े पुल बना लेते तो शोभन में एम्स क्यों नहीं ! नागरिकों की सिसकी पूछते पूछते रुक सी जाती कि वही अभियंता डीएमसीएच के मिट्टी भरे हुए स्थल पर एम्स निर्माण क्यों नहीं कर सकते ? ये सवाल मीडिया राज्य के सरकारी नेताओं से नहीं पूछता. पहले बीजेपी पूछती थी पर वो.. कहीं बन जाए.. से बढ़ते हुए .. शोभन में उपयुक्त और विकसित स्थल देने की मांग पर आ टिकी है. ऐसा कौन सा वेस्टेड इंटरेस्ट जुड़ा है शोभन एम्स स्थल से जो सब अपस्यांत हो रहे हैं.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="488" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/10/6fac5fcf-9ec0-4c5d-a11f-91db8833db96-650x488.jpg" alt="" class="wp-image-78826" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/10/6fac5fcf-9ec0-4c5d-a11f-91db8833db96-650x488.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/10/6fac5fcf-9ec0-4c5d-a11f-91db8833db96-350x263.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2023/10/6fac5fcf-9ec0-4c5d-a11f-91db8833db96-768x576.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2023/10/6fac5fcf-9ec0-4c5d-a11f-91db8833db96.jpg 1080w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>नागरिकों के मन में कौंधते सवाल अपनी जगह.. लेकिन दरभंगा सांसद ने गांधी जयंती के अवसर पर गड्ढे वाले स्थल पर अनशन शुरू कर दिया है. उनका साथ देने बड़े बड़े इलाकाई नेता पहुंचे. इस खबर की एक तस्वीर में खाली खेत है जहां दूर में कम से कम तीन बिजली के खंभे दिख रहे बायपास सड़क की ऊंचाई से कम ऊंचे प्रतीत हो रहे. अनशन स्थल पर मंच के सामने बैठी अधिकांश महिलाओं वाली तस्वीर के ऊपरी हिस्से से दूर क्षितिज में आपको धार दिख रहा होगा.</p>



<p>खलबली तो मची हुई है तमाम खेमों में. जो बातें पहले बयानबाजी तक सीमित थीं वो अब अनशन पर जा पहुंची है. नीतीश सरकार के खिलाफ बयानबाजी बीजेपी की तरफ से होती थी तो जवाब वाम दलों खास कर माले की तरफ से आता. आरजेडी और जेडीयू नेता आम तौर पर सुषुप्त रहते. उन्हें लगता कि ये मुद्दा प्रचंड मुद्दा बन पाएगा या नहीं. जैसे ही एमएसयू और मिथिलावादी पार्टी के नेताओं ने डीएमसीएच परिसर स्थित मेडिकल ग्राउंड (ओरिजनल एम्स निर्माण साइट) पर कई दिनों तक अनशन किया, सियासी दलों के कान खड़े हुए. एमएसयूओ के दो सदस्य जेल गए.. कइयों को नाजुक हालात में अस्पताल में भर्ती किया गया. इस अनशन के दौरान भाषणों में मेडिकल लॉबी पर प्रहार किए गए थे. अनशन समाप्त हुआ कि अगले ही दिन माले नेता नागरिक मंच के बैनर तले धरना पर बैठ गए. वाम दल एम्स मामले में इतने सक्रिय पाए जाते मानो बिहार महागठबंधन ने उन्हें इस मुद्दे की जिम्मेदारी आउटसोर्स कर दी हो. जैसे ही मेडिकल लॉबी की चर्चा होती है माले अतिशय सक्रिय हो जाती.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="361" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/10/2696c783-6b04-4822-9b5d-5c08da65c711-650x361.jpg" alt="" class="wp-image-78851" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/10/2696c783-6b04-4822-9b5d-5c08da65c711-650x361.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/10/2696c783-6b04-4822-9b5d-5c08da65c711-350x194.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2023/10/2696c783-6b04-4822-9b5d-5c08da65c711-768x426.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2023/10/2696c783-6b04-4822-9b5d-5c08da65c711.jpg 1080w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>मुख्य धारा की पार्टियों को लगा कि एमएसयू ने आम लोगों का ध्यान खींचा है तो वे साकांक्ष हुए. सांसद गोपालजी ठाकुर ने प्रेस मीट कर 2 अक्टूबर से अनशन की घोषणा कर दी. घोषणा होते ही माले के भरोसे बैठे आरजेडी और जेडीयू के नेता सुरफुराए. गोपालजी ठाकुर के अनशन की ताप कम करने और उसके असर को प्री-एम्प्ट करने 1 अक्टूबर को ही शोभन के पास भरौल में अनशन करने गठबंधन के नेता पहुंच गए. इस दफा आरजेडी और जेडीयू के स्थानीय बड़े नेता उस अनशन में शरीक हुए. कांग्रेस के जिलाध्यक्ष भी पहुंचे जिनके बड़े नेता प्रेमचंद मिश्र शोभन एम्स स्थल का कड़ा विरोध करते रहे हैं. जेडीयू के विधायक भी पहुंचे जिस पार्टी के 20 सांसद एम्स को दरभंगा के बदले सहरसा की तरफ शिफ्ट करने की मांग से संबंधित पत्र पीएम मोदी को लिख चुके हैं.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="488" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/10/5d56004e-2983-4220-9489-d525ee059c53-650x488.jpg" alt="" class="wp-image-78828" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/10/5d56004e-2983-4220-9489-d525ee059c53-650x488.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/10/5d56004e-2983-4220-9489-d525ee059c53-350x263.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2023/10/5d56004e-2983-4220-9489-d525ee059c53-768x577.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2023/10/5d56004e-2983-4220-9489-d525ee059c53.jpg 1156w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>गोपालजी ठाकुर ने बिहार सरकार के दरभंगा एम्स विरोधी नीति, वादाखिलाफी, दरभंगा एम्स निर्माण हेतु उपयुक्त जमीन उपलब्ध नही कराए जाने एवं बार बार स्थल बदल राजनीति करते हुए बाधा उत्पन्न करने के विरूद्ध राज्य सरकार द्वारा चिन्हित शोभन एकमी बायपास (मौजा-बलिया) में कथित 30 फीट गड्ढे वाली भूमि पर अनिश्चितकालीन अनशन प्रारंभ किया. बीजेपी के अनशन स्थल पर नेताओं ने नारे लिखी तख्तियां ले रखी थी. उनके संबोधन हुए.</p>



<p>सांसद ने कहा कि बिहार सरकार दरभंगा में एम्स निर्माण हेतु 200 एकड़ भार मुक्त जमीन, फोर लेन सड़क कनेक्टिविटी, बिजली, पानी, सीवरेज सहित कई अन्य बुनियादी सुविधा उपलब्ध कराने हेतु पूर्व में ही अधिकारिक सहमति दे चुकी है. जिसके बाद 15 सितंबर 2020 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में 1264 करोड़ की लागत से 750 बेड वाले एम्स की कैबिनेट स्वीकृति दी गई. उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार गठबंधन के मुखिया नीतीश कुमार बिहार में दूसरा एम्स नही बने इसको लेकर षड्यंत्र रचते हुए वादाखिलाफी कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि आज जनता को गड्ढे वाली जमीन की असलियत का पता चल गया है और राज्य सरकार की एम्स विरोधी मानसिकता उजागर हो गई है.</p>



<p>सांसद ने कहा कि एम्स के मानक अनुरूप जमीन भारत सरकार को दिए बिना ही गठबंधन के नेता एनओसी की बात कर रहे हैं. ये हास्यास्पद है, निम्न स्तर की राजनीति है. उन्होंने कहा कि महागठबंधन सरकार दरभंगा एम्स निर्माण में सबसे बड़ी बाधक है. बीते आठ वर्षों से आठ करोड़ मिथिलावासी को एम्स के नाम पर राज्य सरकार व उनके नुमाइंदों ने दिग्भ्रमित कर ठगने व गुमराह करने का कार्य किया है.</p>



<p>सांसद ने आरोप लगाया कि 30 फीट गड्ढा वाले सिर्फ 113 एकड़ की घोषणा कर 150 एकड़ जमीन देने का ढिंढोरा पीटा जा रहा है. और बिना 36 एकड़ रैयती भूमि का अधिग्रहण किए हुए मिट्टीकरण एवं बाउंड्री के नाम पर राज्य सरकार द्वारा कागजी टेंडर का ढोंग किया गया है. उन्होंने कहा कि बीते दिन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सीएम नीतीश कुमार को शोभन एकमी के बीच मौजूद गड्ढे वाली जमीन की हकीकत से दरभंगावासी को अवगत कराने का अनुरोध किया था परंतु नीतीश कुमार इस गड्ढे वाली जमीन से पूरी तरह अवगत हैं. इसीलिए वह खुद कई बार पत्रकार बंधु को आमंत्रण देने के वाबजूद भी इस स्थल पर आने की हिम्मत नही जुटा पा रहे हैं. उन्होंने कहा बिना किसी तथ्य पूर्ण जानकारी के महागठबंधन सरकार व उनके नेता, मंत्री और प्रवक्ता ओछी राजनीति व अनर्गल बयानबाजी कर अपनी राजनीतिक रोटी सेंक रहे हैं.</p>



<p>बिहार विधान परिषद के नेता प्रतिपक्ष हरी सहनी ने आरोप लगाया कि भू एवं मेडिकल माफिया को संरक्षण देने वाली सरकार दरभंगा एम्स को ठंडे बस्ते में डाल चुकी है.बीजेपी प्रदेश महामंत्री सह क्षेत्रीय प्रभारी शिवेश राम ने कहा कि दरभंगा एम्स को लेकर मुख्यमंत्री पलटी मार वाली भूमिका अपना रहे हैं.मधुबनी सांसद अशोक यादव ने कहा कि सीएम नीतीश कुमार दरभंगा एम्स निर्माण नहीं चाह रहे है, ग्रीनफील्ड लैंड के नाम पर सिर्फ राजनीति हो रही है तथा दरभंगा एम्स को अटकाने, लटकाने एवं भटकाने का कार्य किया जा रहा है.</p>



<p>नगर विधायक संजय सरावगी ने कहा कि मोदी सरकार दरभंगा एम्स निर्माण हेतु प्रतिबद्ध है, उपयुक्त जमीन मिलने के साथ ही एम्स निर्माण शुरू हो जाएगा.केवटी विधायक मुरारी मोहन झा ने कहा कि बिहार के महगठबंधन सरकार के दरभंगा एम्स विरोधी मानसिकता को मिथिला की जनता जान चुकी है और आने वाले चुनाव में इन्हे सत्ता से उखाड़ फेंकेगी.</p>



<p>हायाघाट विधायक रामचंद्र प्रसाद ने कहा कि दरभंगा एम्स के लिए राज्य सरकार उपयुक्त जमीन दे और छलपूर्ण नीति को त्याग कर एम्स निर्माण में सहयोग करें.पूर्व मंत्री व राजनगर विधायक (मधुबनी) ने कहा कि दरभंगा एम्स निर्माण में राज्य सरकार सहयोगात्मक रवैया अपनाए और सभी बुनियादी सुविधा के साथ अविलंब जमीन दे.बिस्फी विधायक (मधुबनी) हरी भूषण ठाकुर बचौल ने कहा कि महागठबंधन सरकार के मुखिया नीतीश कुमार मिथिलावासी के प्रति संवेदनहीन है, विकास विरोधी नीति के साथ दरभंगा एम्स निर्माण के सबसे बड़े विरोधी हैं. पूर्व विधायक अमरनाथ गामी ने कहा कि नीतीश कुमार संवेदनहीनता की पराकाष्ठा पार चुके हैं. दरभंगा एम्स में बाधा बनकर आठ करोड़ मिथिलावासी के स्वास्थ्य से खिलवाड़ कर रहे हैं.बीजेपी जिलाध्यक्ष जीवछ सहनी ने कहा कि दरभंगा एम्स में बिहार सरकार की नीति के विरूद्ध जबरदस्त आक्रोश है और आम जनता इस अनिश्चितकालीन अनशन को ऐतिहासिक बना राज्य सरकार को करारा जवाब देगी.मधुबनी जिलाध्यक्ष शंकर झा ने दावा किया कि दरभंगा एम्स को लेकर राज्य सरकार की मानसिकता को मिथिला की जनता बर्दाश्त नहीं करेगी, आने वाले चुनाव में महागठबंधन का सूपड़ा साफ होना तय है.</p>



<p>मौके पर विद्यापति सेवा संस्थान के महासचिव बैजनाथ चौधरी, पूर्व सैनिक परिषद दरभंगा के अध्यक्ष प्रेम झा, मिथिला राज्य निर्माण संघर्ष समिति के अध्यक्ष राम मोहन झा सहित कई समाजसेवियों ने दरभंगा सांसद गोपालजी ठाकुर द्वारा किए जा रहे अनशन का भरपूर समर्थन किया और लोगों से सहयोग हेतु सार्वजनिक अपील की. मौके पर पूर्व विधान पार्षद अर्जुन सहनी, लोकसभा प्रभारी रामकुमार झा, जिला प्रभारी अरुण कुशवाहा, झंझारपुर जिला (सांगठनिक) के जिलाध्यक्ष ऋषिकेश राघव सहित कई कार्यकर्ता और सैकड़ों लोग उपस्थित रहे. बीजेपी नेता प्रतिपक्ष के मेडिकल माफिया पर लगाए आरोप में दम है तो नागरिकों के मन को ये सवाल जरूर मथेगा कि मेडिकल लॉबी सरकार के अकबाल को इस तरह श्रीहीन बना सकता है क्या ?</p>
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		<title>समाधान यात्रा नहीं.. ये नीतीश की विदाई यात्रा है &#8211; गोपालजी ठाकुर</title>
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		<pubDate>Mon, 09 Jan 2023 03:46:43 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[darbhanga]]></category>
		<category><![CDATA[mp gopal ji thakur]]></category>
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					<description><![CDATA[डीएमसीएच का 73 एकड़ गायब जमीन का खोज करना चाहिए दरभंगा सांसद का दावा बिहार की आवाम ने बनाया सरकार बदलने का मूड नीतीश को है इस आहट का पता सीएम नीतीश के समाधान यात्रा पर बीजेपी नेता हमलावर हो गए हैं. यात्रा के दरभंगा जिले पहुंचने से पहले ही दरभंगा के सांसद गोपालजी ठाकुर ने बिहार सीएम पर करारा प्रहार किया है.  उन्होंने प्रेस बयान जारी कर कहा है कि मुख्यमंत्री की ये यात्रा दरअसल विदाई यात्रा है. सांसद ने दावा किया है कि सीएम को पता चल गया है कि आने वाले समय में बिहार की जनता सरकार बदलने का मूड बना लिया है. बिहार के मुख्यमंत्री की समाधान यात्रा सिर्फ जनता के पैसे का दुरुपयोग है और कुछ नहीं. कहा गया है कि बिहार में दस लाख युवाओं को रोजगार देने की बात करने वाली सरकार छात्रों के शांति पूर्ण प्रदर्शन पर बर्बर लाठीचार्ज कर रही है. ऐसे दमन की बिहार के मुख्यमंत्री को जानकारी तक नहीं है.आखिरकार बिहार में शासन कौन चला रहा है? सांसद ने कहा है कि बिहार भगवान भरोसे चल रहा है.  गोपालजी ठाकुर ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की यात्रा पर कटाक्ष करते हुए कहा कि सीएम मिथिला सहित बिहार का भ्रमण नही बल्कि इसके विकास पर ध्यान देते तो राज्य का भला हो जाता. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को अगर भ्रमण ही करना है तो दरभंगा में 62 एकड़ फैले मिथिला संस्कृत स्नातकोत्तर अध्ययन एवं शोध संस्थान का दौरा करें, जहां स्वतंत्र भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद द्वारा [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>डीएमसीएच का 73 एकड़ गायब जमीन का खोज करना चाहिए</strong></p>



<p><strong>दरभंगा सांसद का दावा बिहार की आवाम ने बनाया सरकार बदलने का मूड</strong></p>



<p><strong>नीतीश को है इस आहट का पता</strong></p>



<p>सीएम नीतीश के समाधान यात्रा पर बीजेपी नेता हमलावर हो गए हैं. यात्रा के दरभंगा जिले पहुंचने से पहले ही दरभंगा के सांसद गोपालजी ठाकुर ने बिहार सीएम पर करारा प्रहार किया है.  उन्होंने प्रेस बयान जारी कर कहा है कि मुख्यमंत्री की ये यात्रा दरअसल विदाई यात्रा है. सांसद ने दावा किया है कि सीएम को पता चल गया है कि आने वाले समय में बिहार की जनता सरकार बदलने का मूड बना लिया है. बिहार के मुख्यमंत्री की समाधान यात्रा सिर्फ जनता के पैसे का दुरुपयोग है और कुछ नहीं. कहा गया है कि बिहार में दस लाख युवाओं को रोजगार देने की बात करने वाली सरकार छात्रों के शांति पूर्ण प्रदर्शन पर बर्बर लाठीचार्ज कर रही है. ऐसे दमन की बिहार के मुख्यमंत्री को जानकारी तक नहीं है.आखिरकार बिहार में शासन कौन चला रहा है? सांसद ने कहा है कि बिहार भगवान भरोसे चल रहा है. </p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="648" height="504" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/01/3bf4aca3-dab2-4a81-ad2c-1216c79c24ed.jpg" alt="" class="wp-image-70652" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/01/3bf4aca3-dab2-4a81-ad2c-1216c79c24ed.jpg 648w, https://www.patnanow.com/assets/2023/01/3bf4aca3-dab2-4a81-ad2c-1216c79c24ed-350x272.jpg 350w" sizes="(max-width: 648px) 100vw, 648px" /></figure>



<p>गोपालजी ठाकुर ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की यात्रा पर कटाक्ष करते हुए कहा कि सीएम मिथिला सहित बिहार का भ्रमण नही बल्कि इसके विकास पर ध्यान देते तो राज्य का भला हो जाता. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को अगर भ्रमण ही करना है तो दरभंगा में 62 एकड़ फैले मिथिला संस्कृत स्नातकोत्तर अध्ययन एवं शोध संस्थान का दौरा करें, जहां स्वतंत्र भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद द्वारा 1951 ई० में किया गया शिलापट्ट अभी भी जीर्णोधार का बाट जोह रहा है. डीएमसीएच में स्थित नवनिर्मत सुपर स्पेशलिटी अस्पताल एक अदद पार्किंग के अभाव में प्रारंभ नहीं किया जा सका है. नीतीश कुमार को डीएमसीएच का 73 एकड़ गायब जमीन का खोज करना चाहिए. दरभंगा में अवस्थित बिहार का एकमात्र महिला प्रौद्योगिकी संस्थान और दरभंगा का राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज बंद होने के कगार पर है.</p>



<p>सांसद ने मुख्यमंत्री से अपील की है कि सही मायने में मिथिला का विकास करना है तो सीएम दरभंगा एम्स निर्माण हेतु जमीन उपलब्ध करायें . उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा एम्स निर्माण खातिर 200 एकड़ जमीन में से अभी मात्र 81 एकड़ जमीन ही हस्तांतरित किया गया है. उन्होंने कहा कि दरभंगा एयरपोर्ट के लिए  54 एकड़ जमीन, कचरा प्लांट के लिए 15 एकड़ जमीन देना बाकि है.</p>



<p><strong>संजय मिश्र ,दरभंगा </strong></p>
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