<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>mig 21 &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
	<atom:link href="https://www.patnanow.com/tag/mig-21/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://www.patnanow.com</link>
	<description>Patna News Portal - हर ख़बर पर नज़र</description>
	<lastBuildDate>Tue, 09 May 2023 04:45:14 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.6.1</generator>

<image>
	<url>https://www.patnanow.com/assets/2022/08/cropped-PatnaNow_Logo_2022-32x32.png</url>
	<title>mig 21 &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
	<link>https://www.patnanow.com</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>मिग-21 विमान है ‘उड़ता ताबूत’</title>
		<link>https://www.patnanow.com/mig-21-aircraft-is-a-flying-coffin/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[pnc]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 09 May 2023 04:44:56 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[Politics]]></category>
		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[देश दुनिया]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[490 crash]]></category>
		<category><![CDATA[874 mig]]></category>
		<category><![CDATA[flying coffin]]></category>
		<category><![CDATA[mig 21]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.patnanow.com/?p=74146</guid>

					<description><![CDATA[भारत में 874 मिग-21 विमान 490 विमान हुए दुर्घटनाग्रस्त या क्रैश 50 साल से भी ज्यादा पुराने मिग-21 हैं देश की मजबूरी सोवियत संघ के विमान से अमेरिका भी खाता था खौफ सभी स्क्वाड्रन 2025 तक होंगे रिटायर दुनियाभर के करीब 60 देशों ने किया है मिग-21 का इस्तेमाल सबसे तेज गति से उड़ान भरने वाले पहले सुपरसोनिक लड़ाकू विमानों में से एक भारतीय वायुसेना का मिग-21 विमान सोमवार की सुबह राजस्थान के हनुमानगढ़ के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया. विमान ने सूरतगढ़ से उड़ान भरी थी. पायलट ने पैराशूट की मदद से विमान से कूदकर अपनी जान बचाई. बताया जा रहा है कि मिग-21 के इस हादसे में दो महिलाओं की मौत हो गई है. मिग-21 रूस के मिकोयान-गुरेविच कंपनी द्वारा डिजाइन किया गया है. मिग-21 की एंट्री भारत में साल 1963 के मार्च महीने में हुई और मिग-21 का पहला बैच भारत पहुंचा. इसके बाद साल 1964 में भारतीय वायुसेना ने इस विमान को ऑपरेट किया. भारत की कई अहम लड़ाईयों में मिग-21 का बड़ा योगदान रहा है. साल 1959 में बना मिग-21 अपने समय में सबसे तेज गति से उड़ान भरने वाले पहले सुपरसोनिक लड़ाकू विमानों में से एक था. इसकी स्पीड के कारण ही तत्कालीन सोवियत संघ के इस लड़ाकू विमान से अमेरिका भी डरता था. इस विमान को बलालैका के नाम से भी जाना जाता है, क्योंकि यह रुसी संगीत वाद्य यंत्र ऑलोवेक की तरह दिखता था. यह इकलौता ऐसा विमान है जिसका प्रयोग दुनियाभर के करीब 60 देशों ने किया है. मिग-21 इस समय भी [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p></p>



<p></p>



<p></p>



<p><strong>भारत में 874 मिग-21 विमान 490 विमान हुए दुर्घटनाग्रस्त या क्रैश</strong></p>



<p><strong>50 साल से भी ज्यादा पुराने मिग-21 हैं देश की मजबूरी</strong></p>



<p><strong>सोवियत संघ के विमान से अमेरिका भी खाता था खौफ</strong></p>



<p><strong>सभी स्क्वाड्रन 2025 तक होंगे रिटायर</strong></p>



<p><strong>दुनियाभर के करीब 60 देशों ने किया है मिग-21 का इस्तेमाल</strong></p>



<p><strong>सबसे तेज गति से उड़ान भरने वाले पहले सुपरसोनिक लड़ाकू विमानों में से एक</strong></p>



<p>भारतीय वायुसेना का मिग-21 विमान सोमवार की सुबह राजस्थान के हनुमानगढ़ के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया. विमान ने सूरतगढ़ से उड़ान भरी थी. पायलट ने पैराशूट की मदद से विमान से कूदकर अपनी जान बचाई. बताया जा रहा है कि मिग-21 के इस हादसे में दो महिलाओं की मौत हो गई है. मिग-21 रूस के मिकोयान-गुरेविच कंपनी द्वारा डिजाइन किया गया है. मिग-21 की एंट्री भारत में साल 1963 के मार्च महीने में हुई और मिग-21 का पहला बैच भारत पहुंचा. इसके बाद साल 1964 में भारतीय वायुसेना ने इस विमान को ऑपरेट किया. भारत की कई अहम लड़ाईयों में मिग-21 का बड़ा योगदान रहा है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="650" height="415" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/05/mig11.png" alt="" class="wp-image-74148" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/05/mig11.png 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/05/mig11-350x223.png 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>साल 1959 में बना मिग-21 अपने समय में सबसे तेज गति से उड़ान भरने वाले पहले सुपरसोनिक लड़ाकू विमानों में से एक था. इसकी स्पीड के कारण ही तत्कालीन सोवियत संघ के इस लड़ाकू विमान से अमेरिका भी डरता था. इस विमान को बलालैका के नाम से भी जाना जाता है, क्योंकि यह रुसी संगीत वाद्य यंत्र ऑलोवेक की तरह दिखता था. यह इकलौता ऐसा विमान है जिसका प्रयोग दुनियाभर के करीब 60 देशों ने किया है. मिग-21 इस समय भी भारत समेत कई देशों की वायुसेना में अपनी सेवाएं दे रहा है. पिछले 60 सालों में भारतीय वायु सेना द्वारा उड़ाए गए सभी वेरिएंट सहित विमान, 1971 के बांग्लादेश युद्ध, 1999 के कारगिल युद्ध और बालाकोट एयरस्ट्राइक का हिस्सा रहे हैं.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="650" height="439" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/05/mig1.png" alt="" class="wp-image-74149" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/05/mig1.png 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/05/mig1-350x236.png 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>अगर दुर्घटनाग्रस्त विमान की बात की जाए तो अब तक देश में मिग 21 के 490 विमान दुर्घटनाग्रस्त या क्रैश हो चुके हैं. इसके क्रैश रिकॉर्ड को देखते हुए इसे फ्लाइंग कॉफिन ‘उड़ता ताबूत’ नाम दिया गया है. इसकी गति के कारण ही तत्कालीन रूस के इस मिग-21 से अमेरिका भी काफी डरता था. रूस की मिकोयान कंपनी द्वारा इस विमान का निर्माण साल 1955 के करीब किया गया था. भारतीय वायु सेना में साल 1963 में शामिल किया गया. भारत ने कुल 874 मिग-21 विमानों को अपने बेड़े में शामिल किया था.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="650" height="488" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/05/mig.png" alt="" class="wp-image-74150" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/05/mig.png 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/05/mig-350x263.png 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>वहीं मौजूदा दौर की बात करें, तो इस वक्त करीब 50 मिग-21 विमान सेवा में बने हुए हैं. यह अगले दो साल में चरणों में सेवा से हटा दिए जाएंगे. वायुसेना की ओर से इस साल 30 सितंबर को मिग-21 बाइसन के एक स्क्वाड्रन को रिटायर कर दिया जाएगा. वहीं, इस विमान के सभी स्क्वाड्रन साल 2025 तक रिटायर कर दिए जाएंगे. भारतीय वायुसेना में फ्लाइंग कॉफिन (उड़ता ताबूत) के नाम से मशहूर मिग-21 विमान के क्रैश होने की एक और घटना सामने आई है.</p>



<p><strong>PNCDESK</strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
