<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>md rafi &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
	<atom:link href="https://www.patnanow.com/tag/md-rafi/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://www.patnanow.com</link>
	<description>Patna News Portal - हर ख़बर पर नज़र</description>
	<lastBuildDate>Wed, 15 Jan 2025 09:22:02 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.6.2</generator>

<image>
	<url>https://www.patnanow.com/assets/2022/08/cropped-PatnaNow_Logo_2022-32x32.png</url>
	<title>md rafi &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
	<link>https://www.patnanow.com</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>सुरों में नए साल ने ली अंगड़ाई, 100 पौधों को पाकर प्रकृति भी मुस्कुराई</title>
		<link>https://www.patnanow.com/suron-ne-li-naye-saal-mein-angdayi/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 15 Jan 2025 09:22:01 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[ARA]]></category>
		<category><![CDATA[BHOJPUR]]></category>
		<category><![CDATA[bihar]]></category>
		<category><![CDATA[Classic Songs]]></category>
		<category><![CDATA[Journalist O P Pandey]]></category>
		<category><![CDATA[md rafi]]></category>
		<category><![CDATA[Mohammad Rafi's 100th birth Anniversary]]></category>
		<category><![CDATA[PATNA]]></category>
		<category><![CDATA[PATNA NOW]]></category>
		<category><![CDATA[SHAMSHAD PREM]]></category>
		<category><![CDATA[singer]]></category>
		<category><![CDATA[Song]]></category>
		<category><![CDATA[पटना नाउ]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.patnanow.com/?p=88704</guid>

					<description><![CDATA[मो. रफ़ी की 100वीं वर्षगाँठ 2025 में मनाई आरा, 15 जनवरी. कला एक ऐसी साधना है जिसके जादू से निकलते प्राण भी रुक जाते हैं. उसमें भी जब संगीत की बात हो तो उसका अलग ही जादू होता है. संगीत के ऐसे ही जादू को एक शदी तक कायम रखने वाले गायक मो. रफी की 100वीं वर्षगाँठ भोजपुर मुख्यालय आरा में पिछले दिनों &#8216;प्रेम का सुसाज&#8217; संस्था ने मनाई जहाँ सुरों की अठखेलियाँ घँटों समा बांधते रही और उन सुरों में 2025 अपने आगमन के साथ अंगड़ाई लेते रहा. इतना ही नही सुरों के सम्राट मो. रफी के चाहने वालों ने इस मौके पर 100 पौधे भी लगाए जिसे पाकर प्रकृति ने भी मुस्कान बिखेरी. हरदिल अजीज गायक मो. रफी के जन्म शताब्दी समारोह नागरी प्रचारिणी सभागार में मानाई गई जिसमें आरा, बक्सर और डाल्टेनगंज (झारखंड) के कलाकारों ने मो.रफी और उनके साथ गाए गायक-गायिकाओं के 100 गानों को प्रस्तुत किया. साथ ही मो.रफी के व्यक्तित्व व कृतित्व पर आधारित सवालों के जवाब देने वालों को पुरस्कृत किया गया. कार्यक्रम का उद्घाटन गायक धर्मेन्द्र कुमार, शिक्षक रमेश कुमार, गायक मो. रफी, राजकुमार, गायिका सुनीता पांडेय और संगीत प्रेमी इकबाल इल्मी ने दीप जलाकर और मो.रफी की तस्वीर पर माल्यार्पण कर किया. उद्घाटन सत्र के बाद धर्मेन्द्र कुमार और रजनी शाक्या ने सौ साल पहले के गीत मुझे तुमसे प्यार था…गीत को गाकर कार्यक्रम का शानदार आगाज किया. राजाराम शर्मा ने नाचे मन मोरा मगन…, डा.अमित जयसवाल ने तू कहां ये बता ये बता इस नशीली रात में…, मो.नौशाद ने एक [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>मो. रफ़ी की 100वीं वर्षगाँठ 2025 में मनाई</strong></p>





<p>आरा, 15 जनवरी. कला एक ऐसी साधना है जिसके जादू से निकलते प्राण भी रुक जाते हैं. उसमें भी जब संगीत की बात हो तो उसका अलग ही जादू होता है. संगीत के ऐसे ही जादू को एक शदी तक कायम रखने वाले गायक मो. रफी की 100वीं वर्षगाँठ भोजपुर मुख्यालय आरा में पिछले दिनों &#8216;प्रेम का सुसाज&#8217; संस्था ने मनाई जहाँ सुरों की अठखेलियाँ घँटों समा बांधते रही और उन सुरों में 2025 अपने आगमन के साथ अंगड़ाई लेते रहा. इतना ही नही सुरों के सम्राट मो. रफी के चाहने वालों ने इस मौके पर 100 पौधे भी लगाए जिसे पाकर प्रकृति ने भी मुस्कान बिखेरी.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="1024" height="462" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/01/1001130447-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-88706" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/01/1001130447-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/01/1001130447-650x293.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2025/01/1001130447-1536x693.jpg 1536w, https://www.patnanow.com/assets/2025/01/1001130447-2048x924.jpg 2048w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>हरदिल अजीज गायक मो. रफी के जन्म शताब्दी समारोह नागरी प्रचारिणी सभागार में मानाई गई जिसमें आरा, बक्सर और डाल्टेनगंज (झारखंड) के कलाकारों ने मो.रफी और उनके साथ गाए गायक-गायिकाओं के 100 गानों को प्रस्तुत किया. साथ ही मो.रफी के व्यक्तित्व व कृतित्व पर आधारित सवालों के जवाब देने वालों को पुरस्कृत किया गया. कार्यक्रम का उद्घाटन गायक धर्मेन्द्र कुमार, शिक्षक रमेश कुमार, गायक मो. रफी, राजकुमार, गायिका सुनीता पांडेय और संगीत प्रेमी इकबाल इल्मी ने दीप जलाकर और मो.रफी की तस्वीर पर माल्यार्पण कर किया.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="1024" height="674" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/01/1001130432-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-88705" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/01/1001130432-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/01/1001130432-650x428.jpg 650w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>उद्घाटन सत्र के बाद धर्मेन्द्र कुमार और रजनी शाक्या ने सौ साल पहले के गीत मुझे तुमसे प्यार था…गीत को गाकर कार्यक्रम का शानदार आगाज किया. राजाराम शर्मा ने नाचे मन मोरा मगन…, डा.अमित जयसवाल ने तू कहां ये बता ये बता इस नशीली रात में…, मो.नौशाद ने एक न एक दिन कहानी…., सबीना अंसारी ने ऐ फूलों की रानी बहारों की मलिका…., कुमार अनुपम ने ये चांद सा रोशन चेहरा…., मो.रफी ने खुदा भी आस‌मां से जब जमीं…, अलका शरण ने न झटको जुल्फ से पानी…, अंबे शरण ने बाबुल की दु‌आएं लेती जा…, सृष्टि ने मधुबन में राधिका नाचे रे…गीत को प्रस्तुत किया. वहीं राजकुमार व आरती मौर्या ने छुप गए सारे नजारे ओय क्या बात….रमेश कुमार व सृष्टि ने झिलमिल सितारों का आंगन होगा…, धर्मेन्द्र कुमार व संजना सिह ने बेखुदी में सनम उठ गए…, शमशाद &#8216;प्रेम&#8217; व सरगम ने साथियां नहीं जाना कि दिल न लगे…, नवीन कुमार व सुनीता पांडेय ये परदा हटा दो ये मुखड़ा दिखा दो…, रमेश कुमार व मो. नौशाद ने सात अजूबे इस दुनिया मे… गानों को बखूबी प्रस्तुत किया.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="1024" height="452" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/01/1001130440-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-88707" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/01/1001130440-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/01/1001130440-650x287.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2025/01/1001130440-1536x678.jpg 1536w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>इस अवसर पर कार्यक्रम संयोजक शमशाद प्रेम ने कहा कि मो. रफी साहब एक अच्छे फनकार ही नहीं बल्कि एक अच्छे इंसान भी थे. फिल्म संगीत में उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता. निधन के वर्षों बाद भी आज विश्व में उनके चाहने वालों की एक अच्छी तादाद है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="576" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/01/1001130446-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-88708" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/01/1001130446-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/01/1001130446-650x365.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2025/01/1001130446-1536x864.jpg 1536w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>मंच संचालन रेड क्रॉस की सचिव डा.विभा कुमारी और कार्यक्रम के संयोजक शमशाद &#8216;प्रेम&#8217; ने किया. कार्यक्रम के अंत में इस आयोजन से जुड़े शिक्षक सह गायक मो.मनव्वर अंसारी के निधन पर दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई.</p>



<p><strong>देश के विभिन्न शहरों से मिले शुभकामना संदेश</strong></p>



<p>कार्यक्रम के दौरान चर्चित संगीतकार दिलीप सेन (मुम्बई),<br>एंकर, अभिनेता, कवि व व्लॉगर जावेद नसीम (हैदराबाद), अपने घरों में मो.रफी साहब का मंदिर व म्यूजियम बनाने वाले उमेश मखीजा (गुजरात), रफी अरुण गौतम (दिल्ली), संजीव दीक्षित (लखनऊ), अभिनेता घनश्याम उपाध्याय (मुम्बई) और दूरदर्शन केंद्र, भुवनेश्वर के हिंदी अधिकारी (प्रभारी) सह पुस्तकालय एवं सूचना सहायक राजेश तिवारी के शुभकामना संदेश को प्रोजेक्टर के माध्यम से दिखाया गया. वही आरा शहर के चंदवा में 2 जनवरी 2022 को आयोजित फिल्म संगीत के कार्यक्रम में शाहिद रफी के कार्यक्रम के प्रमुख हिस्से को भी प्रोजेक्टर के माध्यम से दिखाया गया.</p>



<p><strong>सम्मानित किये गए कलाकार</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="576" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/01/1001130449-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-88710" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/01/1001130449-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/01/1001130449-650x365.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2025/01/1001130449-1536x864.jpg 1536w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="576" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/01/1001130448-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-88709" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/01/1001130448-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/01/1001130448-650x365.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2025/01/1001130448-1536x864.jpg 1536w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>कार्यक्रम में शामिल कलाकारों को सम्मान पत्र, अंग-वस्त्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया. मो.रफी स्मृति सम्मान से गायिका सुनीता पांडेय और गायक धर्मेन्द्र कुमार को सम्मानित किया. साथ ही अन्य कलाकारों को भी सम्मानित किया गया.</p>



<p><strong>लगाए गए 100 पौधे</strong><br>मो.रफी जन्म शताब्दी को यादगार बनाने के लिए शहर के विभिन्न हिस्से में 100 पौधे लगाए गए. इस कार्य में विश्व पर्यावरण बचाओ संस्थान का सराहनीय सहयोग रहा. साथ ही रफी साहब की याद में कुरानखानी भी कराई गई.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>आरा में मो. रफी की याद में &#8216;तुम मुझे यूं भुला ना पाओगे…&#8217;कार्यक्रम आयोजित</title>
		<link>https://www.patnanow.com/you-will-not-be-able-to-forget-me-like-this-program-organized-in-memory-of-mohammed-rafi-in-arrah/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 01 Aug 2023 07:47:07 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[एंटरटेनमेंट]]></category>
		<category><![CDATA[कला और साहित्य]]></category>
		<category><![CDATA[देश दुनिया]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[ARA]]></category>
		<category><![CDATA[md rafi]]></category>
		<category><![CDATA[SHAMSHAD PREM]]></category>
		<category><![CDATA[view point ara]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.patnanow.com/?p=76840</guid>

					<description><![CDATA[व्यू प्वाइंट के तत्वावधान मशहूर पार्श्व गायक मो. रफी की याद में फिल्म संगीत का कार्यक्रम फिल्म संगीत के क्षेत्र में उनके महत्वपूर्ण योगदान को भुलाया नहीं जा सकता है:शमशाद प्रेम नागरी प्रचारिणी सभागार में व्यू प्वाइंट के तत्वावधान मशहूर पार्श्व गायक मो. रफी की याद में फिल्म संगीत का कार्यक्रम &#8216;तुम मुझे यूं भुला ना पाओगे…आयोजित किया गया. इसमें लगभग डेढ़ दर्जन कलाकारों ने 30 गानों की प्रस्तुति की. कार्यक्रम का उद्घाटन गायक धर्मेन्द्र कुमार, रमेश कुमार, मो. अनवर अंसारी, इकबाल इल्मी, राजकुमार, गायिका अंजली भारदाज, और रजनी शाक्या ने दीप जलाकर और रफी साहब की तस्वीर माल्यार्पण कर किया. धर्मेन्द्र कुमार ने तुम मुझे यूं भुला ना पाओगे… गीत से कार्यक्रम की शुरुआत की.तदोपरांत मनव्वर अंसारी ने ये दुनिया ये महफिल मेरे…, ऋषिका शमी ने अजी रूठकर अब कहां…, राजा राम शर्मा ने अंखियन संग अखियां…, रमेश कुमार ने दिल का सुना साज तराना…, मो. फैजान ने चलो रे डोली उठाओ…, शमशाद ने जल्दी-जल्दी चल रे कहरा…,अलका शरण ने न झटको जुल्फ से पानी… को बखूबी गाया। वहीं सुनीता पांडेप ने तेरा मेरा प्यार अमर…, रजनी शाक्या वे मेरे ढोलना सुन.. सृष्टि ने छाप तिलक सब छीनी रे…, अंजली भारद्वाज ने मेरे नसीब में तू है कि नहीं…, संजना सिंह ने हो यारा सिली-सिली बिरहा के…, नवीन पांडेय ने क्या हुआ तेरा वादा…, अम्बे शरण ने परदेसियों से न अखियां मिलाना…., राजकुमार ने तुझको पुकारे मेरा प्यार…, विवेक पांडेय ने चले थे साथ मिलकर चलेंगे…, प्रत्यक्षा ने तुम आए तो आया मुझे याद… गीत को गाया. वहीं युग्ल [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p></p>



<p></p>



<p></p>



<p><strong>व्यू प्वाइंट के तत्वावधान मशहूर पार्श्व गायक मो. रफी की याद में फिल्म संगीत का कार्यक्रम</strong></p>



<p><strong>फिल्म संगीत के क्षेत्र में उनके महत्वपूर्ण योगदान को भुलाया नहीं जा सकता है:शमशाद प्रेम </strong></p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="596" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/08/a9752f6d-9524-4fae-b9e9-46d943009737-650x596.jpg" alt="" class="wp-image-76841" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/08/a9752f6d-9524-4fae-b9e9-46d943009737-650x596.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/08/a9752f6d-9524-4fae-b9e9-46d943009737-350x321.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2023/08/a9752f6d-9524-4fae-b9e9-46d943009737-768x704.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2023/08/a9752f6d-9524-4fae-b9e9-46d943009737.jpg 946w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>नागरी प्रचारिणी सभागार में व्यू प्वाइंट के तत्वावधान मशहूर पार्श्व गायक मो. रफी की याद में फिल्म संगीत का कार्यक्रम &#8216;तुम मुझे यूं भुला ना पाओगे…आयोजित किया गया. इसमें लगभग डेढ़ दर्जन कलाकारों ने 30 गानों की प्रस्तुति की. कार्यक्रम का उद्घाटन गायक धर्मेन्द्र कुमार, रमेश कुमार, मो. अनवर अंसारी, इकबाल इल्मी, राजकुमार, गायिका अंजली भारदाज, और रजनी शाक्या ने दीप जलाकर और रफी साहब की तस्वीर माल्यार्पण कर किया. </p>



<figure class="wp-block-image size-full is-resized"><img loading="lazy" decoding="async" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/08/1.png" alt="" class="wp-image-76842" width="498" height="647" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/08/1.png 380w, https://www.patnanow.com/assets/2023/08/1-269x350.png 269w" sizes="(max-width: 498px) 100vw, 498px" /></figure>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="315" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/08/f378940e-69ec-449d-b1ac-cc3adc7204ee-650x315.jpg" alt="" class="wp-image-76843" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/08/f378940e-69ec-449d-b1ac-cc3adc7204ee-650x315.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/08/f378940e-69ec-449d-b1ac-cc3adc7204ee-350x170.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2023/08/f378940e-69ec-449d-b1ac-cc3adc7204ee-768x372.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2023/08/f378940e-69ec-449d-b1ac-cc3adc7204ee.jpg 1190w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>धर्मेन्द्र कुमार ने तुम मुझे यूं भुला ना पाओगे… गीत से कार्यक्रम की शुरुआत की.तदोपरांत मनव्वर अंसारी ने ये दुनिया ये महफिल मेरे…, ऋषिका शमी ने अजी रूठकर अब कहां…, राजा राम शर्मा ने अंखियन संग अखियां…, रमेश कुमार ने दिल का सुना साज तराना…, मो. फैजान ने चलो रे डोली उठाओ…, शमशाद ने जल्दी-जल्दी चल रे कहरा…,अलका शरण ने न झटको जुल्फ से पानी… को बखूबी गाया। वहीं सुनीता पांडेप ने तेरा मेरा प्यार अमर…, रजनी शाक्या वे मेरे ढोलना सुन.. सृष्टि ने छाप तिलक सब छीनी रे…, अंजली भारद्वाज ने मेरे नसीब में तू है कि नहीं…, संजना सिंह ने हो यारा सिली-सिली बिरहा के…, नवीन पांडेय ने क्या हुआ तेरा वादा…, अम्बे शरण ने परदेसियों से न अखियां मिलाना…., राजकुमार ने तुझको पुकारे मेरा प्यार…, विवेक पांडेय ने चले थे साथ मिलकर चलेंगे…, प्रत्यक्षा ने तुम आए तो आया मुझे याद… गीत को गाया. वहीं युग्ल गीतो में नवीन पांडेय व सुनीता पांडेय ने झिलमिल सितारों का आंगन होगा…, अम्बे शरण व अलका शरण ने अपलम चपलम…, राजकुमार व संजना सिंह ने उड़े जब-जब जुल्फें…., ऋषिका शर्मा व पीहू शमी ने मन क्यों बहका रे बहका…, धर्मेन्द्र कुमार व अंजली भारद्वाज ने जन्म-जन्म का साथ है… की प्रस्तुति की.कार्यक्रम का समापन मेरे देश प्रेमियों…गीत से हुआ.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="392" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/08/cf41fe0b-710d-4cc5-a135-799fe3796b3b-650x392.jpg" alt="" class="wp-image-76844" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/08/cf41fe0b-710d-4cc5-a135-799fe3796b3b-650x392.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/08/cf41fe0b-710d-4cc5-a135-799fe3796b3b-350x211.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2023/08/cf41fe0b-710d-4cc5-a135-799fe3796b3b-768x463.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2023/08/cf41fe0b-710d-4cc5-a135-799fe3796b3b.jpg 1102w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p> मंच संचालन करते हुए कार्यक्रम के संयोजक व पत्रकार शमशाद &#8216;प्रेम&#8217; ने कहा कि रफी साहब के इंतकाल के 43 साल बाद भी करोड़ों लोग उनके चाहने वाले हैं. इस संख्या में इजाफा हो रहा है. यह बड़ी बात है। वे एक अच्छे फनकार ही नहीं, बल्क एक अच्छा गायक भी थे. फिल्म संगीत के क्षेत्र में उनके महत्वपूर्ण योगदान को भुलाया नहीं जा सकता है. कार्यक्रम में मो. रफी को भारत रत्न की मांग को लेकर हस्ताक्षर अभियान की शुरुआत की गई. इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार  ज्ञानेंद्र सिन्हागुंजन, डॉ. विभा कुमारी, डॉ. सुनीता सिंह, डॉ. दिनेश प्रसाद सिन्हा, डॉ. एस. के. रूंगटा, डा. मदन मोहन द्विवेदी, गुरुचरण सिंह, डॉ. अर्चना सिंह, सलील भारती, नाथूराम, सुधीर मिश्रा, गुरुचरण सिंह आदि मौजूद थे.</p>



<p><strong>PNCDESK</strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>गायक मो. रफी की 98वीं जयंती पर आरा में कलाकारों ने दी स्वर श्रद्धांजलि</title>
		<link>https://www.patnanow.com/rafi-program/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 27 Dec 2022 08:01:45 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[एंटरटेनमेंट]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[md rafi]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.patnanow.com/?p=70209</guid>

					<description><![CDATA[संगीत&#160;के&#160;क्षेत्र&#160;में महत्वपूर्ण&#160;योगदान को भुलाया नहीं जा सकता एक शाम रफी के नाम कार्यक्रम का आयोजन संस्कृतिकर्मी शमशाद प्रेम एक दशक से ज्यादा समय से करा रहे हैं कार्यक्रम सृष्टि और रजनी शाक्या ने बेहतरीन गीतों की दी प्रस्तुति सुविख्यात पार्श्व गायक मो. रफी की 98वीं जयंती के अवसर पर श्रेया म्यूजिक वर्ल्ड के तत्वावधान में मौलाबाग में एक शाम मो.रफी के नाम कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इसमें आरा और बक्सर के दर्जनभर कलाकारों ने मो. रफी और अन्य कलाकारों के गीतों के माध्यम से श्रद्धांजलि अर्पित की. कार्यक्रम का उद्घाटन गायक धर्मेन्द्र सिंह, निजामुद्दीन खां, राजकुमार, सुनीता पांडेय, रजनी शाक्या और सृष्टि ने संयुक्त रूप से दीप जलाकर और तस्वीर पर माल्यार्पण कर किया. संस्कृतिकर्मी शमशाद &#8216;प्रेम&#8217; ने मंच संचालन करते हुए मो. रफी के फिल्म संगीत में योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मो. रफी साहब एक अच्छे फनकार हीं नहीं, बल्कि एक अच्छे इंसान भी थे. उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री के अलावा समाज के कई लोगों की विभिन्न माध्यमों से मदद की. उनके संगीत के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान को भुलाया नहीं जा सकता. धर्मेन्द्र सिंह ने तुम मुझे यूं भुला ना पाओगे&#8230;गीत गाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया. तदोपरांत धर्मेन्द्र सिंह ने दिल का सूना साज तराना ढूंढेगा&#8230;, न फनकार तुझसा तेरे बाद आया&#8230;,बक्सर से आई सृष्टि ने तू इस तरह से मेरी जिंदगी में शामिल है&#8230;,रसिक बलमा हाय&#8230;, नैना बरसे रिमझिम-रिमझिम&#8230;, मो. मनव्वर अंसारी ने मेरा तो जो भी कदम है&#8230;, चाहूंगा मैं तुझे सांझ सवेरे&#8230;, रमेश कुमार ने चाहे कोई राह न पाए&#8230;, राजकुमार ने आने से उसके आए बहार&#8230;, खिलाैना जानकर मेरा दिल&#8230;, रजनी शाक्या ने हमें और जीने की चाहत ने होती&#8230;, अम्बे शरण ने मेरी सांसों में तू है समाया&#8230;ने बखूबी पेश किया. वहीं सुनीता पांडेय ने [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>संगीत&nbsp;के&nbsp;क्षेत्र&nbsp;में महत्वपूर्ण&nbsp;योगदान को भुलाया नहीं जा सकता</strong></p>



<p><strong>एक शाम रफी के नाम कार्यक्रम का आयोजन</strong></p>



<p><strong>संस्कृतिकर्मी शमशाद प्रेम एक दशक से ज्यादा समय से करा रहे हैं कार्यक्रम</strong></p>



<p><strong>सृष्टि और रजनी शाक्या ने बेहतरीन गीतों की दी प्रस्तुति </strong></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="522" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/12/pnc-ara-rafi-jayanti-program-6.jpg" alt="" class="wp-image-70212" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/12/pnc-ara-rafi-jayanti-program-6.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/12/pnc-ara-rafi-jayanti-program-6-350x281.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<figure class="wp-block-image size-full is-resized"><img loading="lazy" decoding="async" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/12/pnc-ara-rafi-jayanti-program-4.jpg" alt="" class="wp-image-70219" width="374" height="271" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/12/pnc-ara-rafi-jayanti-program-4.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/12/pnc-ara-rafi-jayanti-program-4-350x254.jpg 350w" sizes="(max-width: 374px) 100vw, 374px" /></figure>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="587" height="536" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/12/pnc-ara-rafi-jayanti-program-7.jpg" alt="" class="wp-image-70213" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/12/pnc-ara-rafi-jayanti-program-7.jpg 587w, https://www.patnanow.com/assets/2022/12/pnc-ara-rafi-jayanti-program-7-350x320.jpg 350w" sizes="(max-width: 587px) 100vw, 587px" /></figure>



<p>सुविख्यात पार्श्व गायक मो. रफी की 98वीं जयंती के अवसर पर श्रेया म्यूजिक वर्ल्ड के तत्वावधान में मौलाबाग में एक शाम मो.रफी के नाम कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इसमें आरा और बक्सर के दर्जनभर कलाकारों ने मो. रफी और अन्य कलाकारों के गीतों के माध्यम से श्रद्धांजलि अर्पित की. कार्यक्रम का उद्घाटन गायक धर्मेन्द्र सिंह, निजामुद्दीन खां, राजकुमार, सुनीता पांडेय, रजनी शाक्या और सृष्टि ने संयुक्त रूप से दीप जलाकर और तस्वीर पर माल्यार्पण कर किया. संस्कृतिकर्मी शमशाद &#8216;प्रेम&#8217; ने मंच संचालन करते हुए मो. रफी के फिल्म संगीत में योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मो. रफी साहब एक अच्छे फनकार हीं नहीं, बल्कि एक अच्छे इंसान भी थे. उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री के अलावा समाज के कई लोगों की विभिन्न माध्यमों से मदद की. उनके संगीत के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान को भुलाया नहीं जा सकता. </p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="479" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/12/pnc-ara-rafi-jayanti-program-5.jpg" alt="" class="wp-image-70218" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/12/pnc-ara-rafi-jayanti-program-5.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/12/pnc-ara-rafi-jayanti-program-5-350x258.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="388" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/12/pnc-ara-rafi-jayanti-program-1-1.jpg" alt="" class="wp-image-70222" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/12/pnc-ara-rafi-jayanti-program-1-1.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/12/pnc-ara-rafi-jayanti-program-1-1-350x209.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>धर्मेन्द्र सिंह ने तुम मुझे यूं भुला ना पाओगे&#8230;गीत गाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया. तदोपरांत धर्मेन्द्र सिंह ने दिल का सूना साज तराना ढूंढेगा&#8230;, न फनकार तुझसा तेरे बाद आया&#8230;,बक्सर से आई सृष्टि ने तू इस तरह से मेरी जिंदगी में शामिल है&#8230;,रसिक बलमा हाय&#8230;, नैना बरसे रिमझिम-रिमझिम&#8230;, मो. मनव्वर अंसारी ने मेरा तो जो भी कदम है&#8230;, चाहूंगा मैं तुझे सांझ सवेरे&#8230;, रमेश कुमार ने चाहे कोई राह न पाए&#8230;, राजकुमार ने आने से उसके आए बहार&#8230;, खिलाैना जानकर मेरा दिल&#8230;, रजनी शाक्या ने हमें और जीने की चाहत ने होती&#8230;, अम्बे शरण ने मेरी सांसों में तू है समाया&#8230;ने बखूबी पेश किया. वहीं सुनीता पांडेय ने जाने क्यों लोग मोहब्बत किया करते हैं&#8230;</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="335" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/12/pnc-ara-rafi-jayanti-program-8.jpg" alt="" class="wp-image-70216" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/12/pnc-ara-rafi-jayanti-program-8.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/12/pnc-ara-rafi-jayanti-program-8-350x180.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<figure class="wp-block-image size-full is-resized"><img loading="lazy" decoding="async" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/12/pnc-ara-rafi-jayanti-program-2.jpg" alt="" class="wp-image-70215" width="372" height="223" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/12/pnc-ara-rafi-jayanti-program-2.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/12/pnc-ara-rafi-jayanti-program-2-350x211.jpg 350w" sizes="(max-width: 372px) 100vw, 372px" /></figure>



<p>नवीन कुमार ने तेरी गलियों में न रखेंगे कदम&#8230;, प्रत्युष कुमार पांडेय ने आने से उसके आए बहार&#8230;,अलका शरण ने तूने ओ रंगीला कैसा जादू&#8230;, हरिओम शरण ने ये दुनिया ये महफिल मेरे काम की नहीं&#8230; और निजामुद्दीन खां ने मेरे देश प्रेमियों आपस में प्रेम करो&#8230;पेश कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया. वहीं धर्मेन्द्र सिंह व अंबे शरण ने तुमसे मिलकर ना जाने क्यों&#8230;, धर्मेन्द्र सिंह व रजनी शाक्या ने काहे को बुलाया मुझे बालमा&#8230; और छुप गये सारे नजारे ओय क्या&#8230;पेश कर श्रोताओं को झूमने पर मजबूर किया. कार्यक्रम में वरिष्ठ रंगकर्मी बीएन सिंह और शैलेन्द्र सच्चू के निधन पर दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई. कार्यक्रम में मृत्युंजय कुमार सिन्हा, डा. सिद्धनाथ सागर, सुशील कुमार, जनार्दन मिश्र, नंद किशोर पांडेय, पूनम पांडेय, कौशलेश, कृष्णेन्दू, डा. रेणु मिश्र, डा.ममता मिश्रा, पुनीता सिंह, अंबुज आकाश, संजीव सिन्हा, हरिश्चन्द्र साह आदि मौजूद थे.</p>



<p>PNCDESK</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>आपन धुन पर मोहम्मद रफी, मन्ना डे जइसन गायक के सुर में नचावत रहन लक्ष्मण शाहाबादी</title>
		<link>https://www.patnanow.com/luxhman-shahabadi-a-legend-of-bhojpuri/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 19 Dec 2022 05:23:48 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[एंटरटेनमेंट]]></category>
		<category><![CDATA[कला और साहित्य]]></category>
		<category><![CDATA[गांव -शहर]]></category>
		<category><![CDATA[देश दुनिया]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[alaka yagnik]]></category>
		<category><![CDATA[kishore kumar]]></category>
		<category><![CDATA[Laxman Shahabadi]]></category>
		<category><![CDATA[md rafi]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.patnanow.com/?p=69729</guid>

					<description><![CDATA[पुण्यतिथि पर विशेष आरा के रहनिहार आ भोजपुरी के सुपरहिट गीतकार लक्ष्मण शाहाबादी आज पुण्यतिथि पर भोजपुरी के लोग नमन करत बा भोजपुरी में पढ़ी वरिष्ठ पत्रकार देव कुमार पुखराज&#160;के आलेख भोजपुरी फिल्म के अमर गीतकार लक्ष्मण शाहाबादी जी के आज पुण्यतिथि ह. आज के दिन 1991 में उहां के अनंत यात्रा पर निकल गइल रहीं. लक्ष्मण शाहाबादी जी के जनम आरा के शिवगंज मोहल्ला में 16 मई, 1938 में भइल रहे. पिता के नाम रामलाला प्रसाद रहे, जे सितार वादक रहीं. शाहाबादी जी के संगीत विरासत में मिलल रहे. इहां के दू गो शादी भईल रहे. पहिलका पत्नी से राकेश शाहाबादी और रेणु सिन्हा के जन्म भइल. दोसर शादी चांदी में भईल, जेकरा से तीन गो लइका भइल लोग. बचपन से रहे गीत संगीत से वास्ता- लक्ष्मण शाहाबादी जी के गीत- संगीत से वास्ता बचपने से रहे. पहिला गीत रहे- दुनिया में जिए खाती मरे के परी. एह गीत में लोककला के प्रति अजीब सौदर्यबोध रहे. एही से इनकर गीत आरा से निकल के बम्बई तक पहुंचल. सबसे पहिले उनका के एचएमवी कंपनी से ऑफर मिलल. पहिला गीत आइल जेकरा के गवल मोहम्मद रफी. बिहार से पहिले पहिले हिन्दी फिल्म बनल- कल हमारा है. ओकर गीत लक्ष्मण शाहाबादी जी लिखले. मोहम्मद रफी, मन्ना डे आदि गवले. फेर फिल्म घुंघट के गीत लिखनी. भोजपुरी फिल्म के इतिहास में 1981 में सुपरहिट फिल्म आइल- धरती मईया..ओकर ख्याति देशभर में फैल गईल. ओकर फेमस गीत रहे- जल्दी- जल्दी चल रे कंहरा सुरुज डूबे रे नदिया..पहिला बार चित्रगुप्त के संगीत में भोजपुरी के [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p></p>



<p></p>



<p class="has-luminous-vivid-orange-color has-text-color"><strong>पुण्यतिथि पर विशेष </strong></p>



<p><strong>आरा के रहनिहार आ भोजपुरी के सुपरहिट गीतकार लक्ष्मण शाहाबादी </strong></p>



<p><strong>आज पुण्यतिथि पर भोजपुरी के लोग नमन करत बा</strong></p>



<p><strong>भोजपुरी में पढ़ी <em>वरिष्ठ पत्रकार देव कुमार </em>पुखराज&nbsp;के आलेख </strong></p>



<p>भोजपुरी फिल्म के अमर गीतकार लक्ष्मण शाहाबादी जी के आज पुण्यतिथि ह. आज के दिन 1991 में उहां के अनंत यात्रा पर निकल गइल रहीं. लक्ष्मण शाहाबादी जी के जनम आरा के शिवगंज मोहल्ला में 16 मई, 1938 में भइल रहे. पिता के नाम रामलाला प्रसाद रहे, जे सितार वादक रहीं. शाहाबादी जी के संगीत विरासत में मिलल रहे. इहां के दू गो शादी भईल रहे. पहिलका पत्नी से राकेश शाहाबादी और रेणु सिन्हा के जन्म भइल. दोसर शादी चांदी में भईल, जेकरा से तीन गो लइका भइल लोग.</p>



<figure class="wp-block-image size-full is-resized"><img loading="lazy" decoding="async" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/12/521c0831-8f3f-47ad-9ca5-eca7e2afe167.jpg" alt="" class="wp-image-69730" width="597" height="389"/><figcaption><strong>अलका याग्निक के साथ लक्ष्मण शाहाबादी </strong></figcaption></figure>



<p><strong>बचपन से रहे गीत संगीत से वास्ता-</strong></p>



<p>लक्ष्मण शाहाबादी जी के गीत- संगीत से वास्ता बचपने से रहे. पहिला गीत रहे- दुनिया में जिए खाती मरे के परी. एह गीत में लोककला के प्रति अजीब सौदर्यबोध रहे. एही से इनकर गीत आरा से निकल के बम्बई तक पहुंचल. सबसे पहिले उनका के एचएमवी कंपनी से ऑफर मिलल. पहिला गीत आइल जेकरा के गवल मोहम्मद रफी. बिहार से पहिले पहिले हिन्दी फिल्म बनल- कल हमारा है. ओकर गीत लक्ष्मण शाहाबादी जी लिखले. मोहम्मद रफी, मन्ना डे आदि गवले. फेर फिल्म घुंघट के गीत लिखनी.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="488" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/12/79717174_2551045755114322_484827118237122560_n-650x488.jpg" alt="" class="wp-image-69731" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/12/79717174_2551045755114322_484827118237122560_n-650x488.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/12/79717174_2551045755114322_484827118237122560_n-350x263.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2022/12/79717174_2551045755114322_484827118237122560_n.jpg 720w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /><figcaption><strong>किशोर कुमार के साथ अमर  गीतकार लक्ष्मण शाहाबादी </strong></figcaption></figure>



<p>भोजपुरी फिल्म के इतिहास में 1981 में सुपरहिट फिल्म आइल- धरती मईया..ओकर ख्याति देशभर में फैल गईल. ओकर फेमस गीत रहे- जल्दी- जल्दी चल रे कंहरा सुरुज डूबे रे नदिया..पहिला बार चित्रगुप्त के संगीत में भोजपुरी के बेहतरीन गीतन- के केहू लुटेरा केहू चोर हो जाला, आवेला जवानी बड़ा शोर हो जाला घूम मचा देलक. साल 1983 में फिल्म- गंगा किनारे मोरा गांव के गीत भी शाहाबादी जी लिखनी..कहे के त सभे केहू आपन.आपन कहाए वाला के बा&#8230;भीजें से चुनरी, भींजे रे चोली, भींजे बदनवा ना, तनि ये सा हमके ओढ़ाव चदरिया, बरसेला सवनवा ना, मेला में सईंयां भुलाइल हमार..हमका करीं..फिल्म के टाइटल गीत रहे&#8230;गंगा किनारे मोरा गांव हो ..घरे पहुंचा द देवी मइयां. एगो आउर गीत रहे- जइसे रोज आवेलू तू टेर सुनिके&#8230;अइह रे निंदिया निंदर बन के, ये गीत के लोरी गीत के रुप में आजतक जलवा बा..फिल्म &#8211; भैया दूज के गीत भी गजब हीट भइल..गीत -कहवां गइले लरिकईयां हो, तनी हमके बता द&#8230;ये ही फागुन में कर द विवाह बुढ़उ. इ अइसन समय रहे कि उनकर गीतन के महक से केहूं अछूता ना रहल.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="488" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/12/80744979_2551045788447652_493140216417091584_n.jpg" alt="" class="wp-image-69732" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/12/80744979_2551045788447652_493140216417091584_n.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/12/80744979_2551045788447652_493140216417091584_n-350x263.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>1986 में दुल्हा गंगा पार के फिल्म के गीत, संगीत और संवाद सब लक्ष्मण शाहाबादी जी लिखनी..टाइटल गीत धूम मचा देलक&#8211;काहे जिया दुखवल..चल दिहल मोहे बिसार के..एतना बता द ये दुल्हा गंगा पार के. कहल जा सकल ला कि उनकर गीत भोजपुरी के जान बा..प्राण बा..उ भोजपुरी के अइसन नगीना रहन जेकरा में हिन्दी के चित्रगुप्त आउर शैलेन्द्र के आत्मा बसत रहे. चित्रगुप्त जी के साथे इनकर जोड़ी गरदा मचा देलक..भोजपुरी सिनेमा के असली रुप देखे के होके त 1980 से 1990 के सिनेमा देखीं. ओ भोजपुरी सिनेमा के स्वर्ण युग कहल जा सकेला.जेकरा के लक्ष्मण शाहाबादी गढ़ले..तब इ सब फिल्म दिल्ली से देहात तक आउर बॉम्बे से बक्सर तक देखल, सुनल जात रहे..</p>



<p>लक्ष्मण शाहाबादी जी हिन्दी में भी गीत लिखनी हिन्दी में भी. लेकिन असरदार भइली स भोजपुरिये गीत..इ भाषा के ताकत रहे. जवना में प्राण फूंकली स गीत. अइसन समय में जब भोजपुरी में अश्लीलता के चरचा गरम बा..ओह समय में लक्ष्मण शाहाबादी के गीत सुनके समझल जा सकेला कि भोजपुरी भाषा का ह..एकर गीत के स्तर का रहे..तब उ सब गीत सीधे दिल में उतर जात रही स.तबे त भोजपुरी के अभियानी साहित्यकार पंकज भारद्वाज जी कहिला कि भोजपुरी में अश्लीलता नाम के चीज रहबे ना कइलस. जहां अश्लीलता बा उ भोजपुरी हइले ना ह. बाहर से घुसावल जाता..गैर भोजपुरी भाषा- भाषी ओइसन गीत ना लिख सकेला. उहे लिखी.जे भोजपुरी जिये ला. आज पुण्यतिथि प भोजपुरी के अंगना के दिया जलावे ओला अमर गायक के बेर बेर नमन. उनकर जरावल दिआ के रौशनी में भोजपुरी चमकत रही.</p>



<p></p>



<p class="has-vivid-purple-color has-text-color">हिंदी में पढ़े &#8212;<a href="https://www.patnanow.com/laxman-shahabadi-death-anniversary19-19/">https://www.patnanow.com/laxman-shahabadi-death-anniversary19-19/     </a></p>



<blockquote class="wp-block-quote is-layout-flow wp-block-quote-is-layout-flow"><p><strong>पुण्यतिथि- 19 दिसम्बर पर patna now का&nbsp;विशेष&nbsp;</strong></p></blockquote>



<p><strong>आप भूल पाएं है क्या इन गीतों को</strong></p>



<p><strong><em>कहे के त सभे केहू आपन, आपन कहावे वाला के बा</em></strong></p>



<p><strong><em>-मों रफी द्वरा गाया गया गीत – जल्दी जल्दी चल रे कहरा सुरुज डूबे रे नदिया</em></strong></p>



<p><strong><em>-किशोर कुमार – जाने कईसन जादू कईलू दिह्लू मंतर मार, हम त हो गईनी तोहार ये सांवर गोरिया</em></strong></p>



<p><strong><em>-महेंद्र कपूर का गाया गीत –हाथी ना घोड़ा ना कवनो सवारी,पैदल हम आइब राउर दुआरी और तोहरे सपनवा में डुबल रही ले</em></strong></p>



<p><strong><em>-अलका याग्निक –स्वागत में गारी सुनाई जा चल सखी मिल के ,काहे जिया दुखवल चल दिहल मंतर मार के ..अतना बदा ये दूल्हा गंगा पार के&nbsp;</em></strong></p>



<p>एक ऐसे गीतकार, संगीतकार,संवाद लेखक निर्माता और निर्देशक जिन्होंने भोजपुरी सिनेमा में लोकगीतों और लोकधुनों को जो ख्याति दिलाई उसे कभी नहीं भुलाया जा सकता. 40 से अधिक फिल्मों में काम करने वाले स्व. लक्ष्मण शाहाबादी को आज भोजपुरी से जुड़े तमाम दिग्गज जानते हैं.उनका नाम भी कुछ यूँ पड़ा. लक्ष्मण प्रसाद श्रीवास्तव से लक्ष्मण शाहाबादी नाम रखने पीछे पं जवाहर लाल नेहरु थे जिन्होंने कहा कि शाहाबाद के रहनेवाले हो शाहाबादी रखों और बस लक्ष्मण शाहाबादी हो गए.</p>



<figure class="wp-block-image"><img loading="lazy" decoding="async" width="488" height="650" src="http://www.patnanow.com/assets/2016/12/8a030d24-976a-4b9c-aa56-6c820215b828-488x650.jpg" alt="8a030d24-976a-4b9c-aa56-6c820215b828" class="wp-image-9061" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2016/12/8a030d24-976a-4b9c-aa56-6c820215b828.jpg 488w, https://www.patnanow.com/assets/2016/12/8a030d24-976a-4b9c-aa56-6c820215b828-263x350.jpg 263w" sizes="(max-width: 488px) 100vw, 488px" /></figure>



<figure class="wp-block-image"><img loading="lazy" decoding="async" width="366" height="650" src="http://www.patnanow.com/assets/2016/12/acc992ba-68d7-470e-a2c4-b627631db293-366x650.jpg" alt="acc992ba-68d7-470e-a2c4-b627631db293" class="wp-image-9062" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2016/12/acc992ba-68d7-470e-a2c4-b627631db293.jpg 366w, https://www.patnanow.com/assets/2016/12/acc992ba-68d7-470e-a2c4-b627631db293-197x350.jpg 197w" sizes="(max-width: 366px) 100vw, 366px" /></figure>



<p>बचपन से ही गीत-संगीत में रूचि रखने वाले लक्ष्मण प्रसाद श्रीवास्तव उर्फ़ झुनन का जन्म भी एक ऐसे परिवार में हुआ जहाँ पहले से ही संगीत की देवी विराजमान थी.उनके पिता रामलाला प्रसाद एक कुशल सितार वादक थे.लक्ष्मण शाहाबादी को बचपन से ही संगीत सीखने और लिखने का शौक था. उन्होंने संगीत की विधिवत शिक्षा गुरू जंगली मल्लिक से ग्रहण की. उस दौर में कुछ गिने चुने लोग ही शास्त्रीय संगीत सीखते थे.स्कूल और कॉलेज के दिनों में सांस्कृतिक आयोजनों में बादः चढ़ कर हिस्सा लेते और अपने लिखे गीत भी सुनाते.बचपन में घर में ही शास्त्रीय संगीत का माहौल&nbsp; मिला और भोजपुर में रहने के कारण वहां की लोक जीवन में रचा बसा संगीत और गीत .उन्होंने अपने अन्दर के कलाकार को फलने फूलने दिया. कोई ऐसा वाद्ययंत्र नहीं था जिसके वादन में उनकी पकड़ नहीं थी .हारमोनियम ,तबला, सितार वादन में उनकी रूचि भी बहुत थी. लगभग १३-14 साल तक वे विभिन्न आयोजनों में स्टेज शो करते रहे.उनके बारे में उनके मित्र बताते है कि वे बड़े ही संवेदनशील और भावुक इंसान थे.और लोगों को प्यार और सम्मान देना उनके तह्जीब में शामिल था और यही कारण था की वे लोगों में जल्द ही पोपुलर हो गए. &nbsp; उनके गाये गीत लिखे गीत बिहार यूपी कोलकाता और मुंबई में लोकप्रिय होने लगे.</p>



<figure class="wp-block-image"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="488" src="http://www.patnanow.com/assets/2016/12/06cda799-ce6c-4028-b0c2-83185f003f88-650x488.jpg" alt="06cda799-ce6c-4028-b0c2-83185f003f88" class="wp-image-9063" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2016/12/06cda799-ce6c-4028-b0c2-83185f003f88.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2016/12/06cda799-ce6c-4028-b0c2-83185f003f88-350x263.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<figure class="wp-block-image"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="488" src="http://www.patnanow.com/assets/2016/12/815ea3bf-51c8-44c4-a8f7-0b7f2aacac8a-650x488.jpg" alt="815ea3bf-51c8-44c4-a8f7-0b7f2aacac8a" class="wp-image-9064" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2016/12/815ea3bf-51c8-44c4-a8f7-0b7f2aacac8a.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2016/12/815ea3bf-51c8-44c4-a8f7-0b7f2aacac8a-350x263.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>पहली बार एचएमवी म्यूजिक कम्पनी से उनके गीत आवाज के बेताज बादशाह मो रफी साहब के आवाज में रिकॉर्ड हुए,गाने के बोल थे ‘कह के भी न आए मुलाक़ात को,चाँद तारे हँसे खूब कल रात को’ आइये सुनिये उस गीत को क्लिक करें। ..</p>



<p>यह गीत इतना हिट रहा कि लोगों की जबान पर चढ़ गया आज भी लोग उनके गीतों को गुनगुनाते हैं. हिंदी,उर्दू और भोजपुरी पर भी उनकी अच्छी पकड़ थी. भोजपुरी से उन्हें बेहद लगाव था उनके गीत फिल्मों में आने से पहले ही लोगों के बीच काफी लोकप्रिय हो चुके थे. कहे के त सभे केहू आपन ,आपन कहावे वाल के बा’, कहंवा के दीयवा,जब से मरलू नजरिया के बान,सीसा के महलिया हमरी,दियरा के बाती अईसन जरे के पड़ी जैसे कई गीत स्टेज शो के दौरान ही चर्चित और लोकप्रिय हो गए थे. उसके बाद शुरू हुआ उनका फ़िल्मी सफ़र जिसमे हिन्दी और भोजपुरी फ़िल्में थी .</p>



<figure class="wp-block-image"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="488" src="http://www.patnanow.com/assets/2016/12/05181a3a-23c7-4e57-9ff6-5f5272726f3a-650x488.jpg" alt="05181a3a-23c7-4e57-9ff6-5f5272726f3a" class="wp-image-9065" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2016/12/05181a3a-23c7-4e57-9ff6-5f5272726f3a.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2016/12/05181a3a-23c7-4e57-9ff6-5f5272726f3a-350x263.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<figure class="wp-block-image"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="488" src="http://www.patnanow.com/assets/2016/12/10730129_1483121441966841_621955572790057722_n-650x488.jpg" alt="10730129_1483121441966841_621955572790057722_n" class="wp-image-9066" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2016/12/10730129_1483121441966841_621955572790057722_n.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2016/12/10730129_1483121441966841_621955572790057722_n-350x263.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>उन्होंने फिल्म बड़का भैया,पिया निरमोहिया,गंगा सरजू और बिहार से बनने वाली पहली हिंदी फिल्म कल हमारा है में गीत लिखे जिसे देश और दुनिया में लोगों ने लक्ष्मण शाहाबादी को बतौर गीतकार जानने&nbsp; लगे. उन्होंने उस दौर के सभी प्रमुख गायकों में मो. रफी,किशोर कुमार, आशा भोंसले,उषा मंगेशकर,महेंद्र कपूर,सुरेश वाडेकर,अलका याज्ञनिक, उदित नारायण, मो अजीज ,शब्बीर कुमार, कयूम अहमद ,चंद्रानी मुखर्जी से गीत गवाये.फिल्म इंडस्ट्री के लोगों ने उन्हें भोजपुरी का शैलेन्द्र और नौशाद की उपाधि उनकी रचनात्मकता को देखते हुए दी.</p>



<figure class="wp-block-image"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="366" src="http://www.patnanow.com/assets/2016/12/39ab2dd0-3392-483d-be32-a9dc724fb7f6-650x366.jpg" alt="39ab2dd0-3392-483d-be32-a9dc724fb7f6" class="wp-image-9067" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2016/12/39ab2dd0-3392-483d-be32-a9dc724fb7f6.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2016/12/39ab2dd0-3392-483d-be32-a9dc724fb7f6-350x197.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<figure class="wp-block-image"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="366" src="http://www.patnanow.com/assets/2016/12/a3253898-31bf-4d9d-8dba-f05d0614050a-650x366.jpg" alt="a3253898-31bf-4d9d-8dba-f05d0614050a" class="wp-image-9069" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2016/12/a3253898-31bf-4d9d-8dba-f05d0614050a.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2016/12/a3253898-31bf-4d9d-8dba-f05d0614050a-350x197.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>उन्होंने संगीतकार चित्रगुप्त के साथ काम करते हुए बहुत कुछ सीखा और &nbsp;फिल्मों में कथानक के हिसाब से गीत लिखने के साथ वे सम्वाद भी लिखने लगे. धरती मईया,गंगा&nbsp; किनारे मोरा गाँव,भैया दूज,गंगा आबाद रखिह सजनवा के, दूल्हा गंगा पार के,दगाबाज बलमा ,हमार दूल्हा ,राम जइसन भैया हमार, छोटकी बहु,गंगा ज्वाला,बेटी उधार के, नयनवा के बाण,घूँघट हिंदी फिल्म ,कसम गंगा जल के फिल्मों में गीत संगीत दिया और कई फिल्मों के संवाद भी लिखे ओ आज भी याद किये जाते हैं. लक्ष्मण शाहाबादी ने पारिवारिक और पारम्परिक गीतों को एक सूत्र में पिरो कर फिल्मों में ले आये तब लोगों ने उनके इस कार्य को हाथों हाथ लिया जिसका श्रेय भी उन्ही को जाता है. ‘घूँघट खोल रे बहुरिया मुंह देखब जा हमनी के’ जैसे गीत ने घर-परिवार में अपनी जगह बना ली जो आज भी शादी विवाह के अवसे पर गुनगुनाये जाते हैं वहीँ भींजे रे चुनरी भींजे रे चोली भींजे बदनवा ना –इस गीत को आज भी बैंड वाले बजाते हैं जो उनकी लोकप्रियता को प्रदर्शित करता हैं. गंगा किनारे मोरा गाँव हो घर पहुंचा द देवी मईया गीत ने लोगों को दर्द का अहसास कराया वहीँ विरह वेदना को काहे जिया दुखवल चल दिहल मंतर मार के ..अतना बता द ये दूल्हा गंगा पार के&nbsp; गीत से नारी मन की व्यथा को बखूबी व्यक्त किया है.</p>



<figure class="wp-block-image"><img loading="lazy" decoding="async" width="526" height="394" src="http://www.patnanow.com/assets/2016/12/15590605_1518367628180542_4596076280438879259_n.jpg" alt="15590605_1518367628180542_4596076280438879259_n" class="wp-image-9070" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2016/12/15590605_1518367628180542_4596076280438879259_n.jpg 526w, https://www.patnanow.com/assets/2016/12/15590605_1518367628180542_4596076280438879259_n-350x262.jpg 350w" sizes="(max-width: 526px) 100vw, 526px" /></figure>



<figure class="wp-block-image"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="488" src="http://www.patnanow.com/assets/2016/12/1f1c8cc2-5cec-4f45-b040-df3c45d771bd-650x488.jpg" alt="1f1c8cc2-5cec-4f45-b040-df3c45d771bd" class="wp-image-9072" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2016/12/1f1c8cc2-5cec-4f45-b040-df3c45d771bd.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2016/12/1f1c8cc2-5cec-4f45-b040-df3c45d771bd-350x263.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>एक दौर ऐसा भी आया की फिल्मों में उनकी मौजूदगी से फ़िल्में हिट हो जाती थी.फिल्मे बड़ी माने जाती थी. लक्ष्मण शाहाबादी ने भोजपुरी में वैसे शब्दों का चयन भी करते थे जिसे हिन्दी भाषी लोग भी आसानी से समझ ले.उनकी ज्यादातर फ़िल्में सुपर हिट रही. गंगा किनारे मोरा गाँव- गोल्डन जुबली,दूल्हा गंगा पार के सिल्वर जुबली ,गंगा आबाद रखिह सजनवा के जिसके गीत टी सीरिज से आये थे और उस दौर में साढ़े आठ लाख कैसेट बिके थे.जो एक उस समय का रिकॉर्ड था.उनकी फिल्मों में संस्कार गीत ,विवाह के पारम्परिक गीत और प्रेम रस से भरे गीतों को लोगों ने बहुत पसंद किया था.</p>



<p>उनकी फ़िल्में लोग पूरे परिवार के साथ बैठ कर देखते थे. उनकी आख़री फिल्म गंगा झूठ न बोलावे एक मात्र अधूरी फिल्म रही जो किसे कारणवश पूरी नहीं हो पाई. और वो दिन आया जब भोजपुर क्या पुरे देश-दुनिया में चर्चित लक्ष्मण शाहाबादी का निधन 19 दिसम्बर 1991 में काल ने महान शख्शियत को हमसे छीन लिया.उनका निधन आरा शिवगंज स्थित उनके आवास पर हुआ जहाँ उनकी कर्मभूमि थी.आज वो हमारे बीच नहीं है लेकिन उनके गीत और संगीत सदा के लिए याद किए जाएंगे. patananow&nbsp; की ओर से ऐसे महान विभूति को शत-शत नमन</p>



<p><strong>कहे के त सभे केहू आपन&#8230;..</strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
