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	<title>Manoj srivastva Ias &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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	<title>Manoj srivastva Ias &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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		<title>अधिकारी रहते हुए मनोज श्रीवास्तव ने कभी कंप्रोमाइज नहीं किया: आर के सिंह</title>
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		<pubDate>Sun, 14 Aug 2022 06:24:20 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[मनोज श्रीवास्तव समाज के आमजनों के विकास के लिए जमीनी स्तर पर काफी कार्य किये : आर के सिंह विकास को लेकर नजरिया और विज़न स्पष्ट था और साथ ही उनमे सीखने की काफी ललक थी- स्टुअर्ट कोरब्रिज अतुलनीय रहा है दिवंगत मनोज श्रीवास्तव का आइडियलिज्म और जनसरोकार की भावना पटना में द्वितीय वार्षिक मनोज श्रीवास्तव मेमोरियल लेक्चर का हुआ आयोजन दिग्गज शासक,प्रशासकों की मौजूदगी में वक्ताओं ने की उनके जीवन और कार्य से सीख लेने की अपील कार्यक्रम में ऑनलाइन जुड़े लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स के फॉर्मर वाइस चांसलर प्रो.स्टुअर्ट कोरब्रिज कैबिनेट मंत्री, पॉवर और न्यू रिन्यूएबल एनर्जी, भारत सरकार, आरके सिंह के संबोधन से भावुक हुए लोग होटल मौर्या में इक्विटी फाउंडेशन और श्रीवास्तव परिवार की और से द्वितीय मनोज श्रीवास्तव मेमोरियल लेक्चर का आयोजन किया गया. उनकी बहु अदिति गर्ग ने सभी अथिथियों का स्वागत करते हुए इस पहल के बारे में विस्तार से बताया. उनकी छोटी बेटी रौशनी श्रीवास्तव ने मनोज श्रीवास्तव के जीवन वृतांत के बारे में बताया. कार्यक्रम के  मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री, पॉवर और न्यू रिन्यूएबल एनर्जी, भारत सरकार, आर के सिंह ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि 1980 बैच के आईएएस मनोज श्रीवास्तव मेरे प्रोबेशनर के रूप से मुझसे जुड़े थे. उन्होंने कहा कि मैं हर दिन उन्हें मिस करता हूँ. उनके कार्य करने की शैली, उनका ज्ञान और अनुभव काफी विस्तृत था. सिविल सेवा में रहते हुए उन्होंने जिस तरह से समाज के आमजनों के विकास के लिए जमीनी स्तर पर काफी कार्य किये. उन्होंने अपनी प्रशासनिक जिम्मेदारिओं को [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>मनोज श्रीवास्तव समाज के आमजनों के विकास के लिए जमीनी स्तर पर काफी कार्य किये : आर के सिंह</strong></p>



<p><strong>विकास को लेकर नजरिया और विज़न स्पष्ट था और साथ ही उनमे सीखने की काफी ललक थी- स्टुअर्ट कोरब्रिज</strong></p>



<p><strong>अतुलनीय रहा है दिवंगत मनोज श्रीवास्तव का आइडियलिज्म और जनसरोकार की भावना</strong></p>



<p><strong>पटना में द्वितीय वार्षिक मनोज श्रीवास्तव मेमोरियल लेक्चर का हुआ आयोजन</strong></p>



<p><strong>दिग्गज शासक,प्रशासकों की मौजूदगी में वक्ताओं ने की उनके जीवन और कार्य से सीख लेने की अपील</strong></p>



<p><strong>कार्यक्रम में ऑनलाइन जुड़े लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स के फॉर्मर वाइस चांसलर प्रो.स्टुअर्ट कोरब्रिज</strong></p>



<p><strong>कैबिनेट मंत्री, पॉवर और न्यू रिन्यूएबल एनर्जी, भारत सरकार, आरके सिंह के संबोधन से भावुक हुए लोग</strong></p>



<p></p>



<p>होटल मौर्या में इक्विटी फाउंडेशन और श्रीवास्तव परिवार की और से द्वितीय मनोज श्रीवास्तव मेमोरियल लेक्चर का आयोजन किया गया. उनकी बहु अदिति गर्ग ने सभी अथिथियों का स्वागत करते हुए इस पहल के बारे में विस्तार से बताया. उनकी छोटी बेटी रौशनी श्रीवास्तव ने मनोज श्रीवास्तव के जीवन वृतांत के बारे में बताया. </p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="650" height="432" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/08/5bfb53c9-844c-4780-83c8-abcad4396bc2.jpg" alt="" class="wp-image-65388" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/08/5bfb53c9-844c-4780-83c8-abcad4396bc2.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/08/5bfb53c9-844c-4780-83c8-abcad4396bc2-350x233.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /><figcaption><strong>कैबिनेट मंत्री, पॉवर और न्यू रिन्यूएबल एनर्जी, भारत सरकार, आर के सिंह </strong></figcaption></figure>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="650" height="432" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/08/e08b6f2b-7aba-46ff-ae39-7bfe58d4dc0d.jpg" alt="" class="wp-image-65389" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/08/e08b6f2b-7aba-46ff-ae39-7bfe58d4dc0d.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/08/e08b6f2b-7aba-46ff-ae39-7bfe58d4dc0d-350x233.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>कार्यक्रम के  मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री, पॉवर और न्यू रिन्यूएबल एनर्जी, भारत सरकार, आर के सिंह ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि 1980 बैच के आईएएस मनोज श्रीवास्तव मेरे प्रोबेशनर के रूप से मुझसे जुड़े थे. उन्होंने कहा कि मैं हर दिन उन्हें मिस करता हूँ. उनके कार्य करने की शैली, उनका ज्ञान और अनुभव काफी विस्तृत था. सिविल सेवा में रहते हुए उन्होंने जिस तरह से समाज के आमजनों के विकास के लिए जमीनी स्तर पर काफी कार्य किये. उन्होंने अपनी प्रशासनिक जिम्मेदारिओं को बखूबी निभाते हुए भी अपनी जनसरोकारी सोच और आईडीयलिजम से कभी समझौता नहीं किया. कई बातें ऐसी थी जो मैंने उनसे सीखी. प्रशासनिक पदाधिकारी के अपने पद पर रहते हुए उन्होंने कभी कंप्रोमाइज नहीं किया. मनोज श्रीवास्तव जैसे अधिकारी अपने कामकाज और सबको साथ लेकर चलने की भावना के लिए हमेशा याद किये जायेंगे.</p>



<p><strong>मानव विजन और सेवा जीवंत प्रतिमान थे दिवंगत मनोज श्रीवास्तव</strong></p>



<p>कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में&nbsp; लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स के फॉर्मर वाईस चांसलर प्रोफेसर स्टुअर्ट कोरब्रिज वीडियो लिंक से जुड़े. अपने संबोधन में उन्होंने बताया की वो रिसर्च के रूप में मेरे साथ साथ जुडें. उनका विकास को लेकर नजरिया और विज़न स्पष्ट था और साथ ही उनमे सीखने की काफी ललक थी. उन्होंने कहा कि वे 20 साल से मुझसे जुड़े हुए थे और परिवार के सदस्य की तरह मानते थे. कार्यक्रम के मेमोरी शेयरिंग सेशन में रिज़र्व बैंक के गवर्नर और उनके बैचमेट शशिकांत दास ने नीति आयोग के पूर्व सीईओ और बैचमेट अमिताभ कांत एवं राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के पूर्व सेक्रटरी जनरल, सत्यनारायण मोहंती लाल बहादुर शास्त्री नेशनल एकेडमी ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन (LBSNAA) से जुड़ीं यादों को साझा किया. अमिताभ कांत ने यह भी कहा कि उन्होंने अपने पूरे कार्यकाल में सिविल सेवा में श्री श्रीवास्तव जैसा बुद्धिजीवी नहीं देखा. डॉ. अरविन्द झा, पूर्व आईएफएस और मुख्य वन संरक्षक, महाराष्ट्र ने कहा कि मेरा और मनोज का रिश्ता 50 सालों का है. मेरी दोस्ती&nbsp; सेंट जेवियर कॉलेज में इंटर के दौरान हुई थी. उनमें जो जज्बा, जोश और जूनून उस समय था वो आखिरी दौर तक रहा. अपर मुख्य सचिव, शिक्षा विभाग, बिहार, दीपक सिंह ने कहा कि मनोज सर मुझसे 12 वर्ष सीनियर थे. उनसे हमेशा कुछ सीखने को मिलता था. उनका चीजों को देखने का नजरिया अलग था .</p>



<p><strong>सैकड़ों गणमान्यों ने दी अश्रुपूरित श्रद्धांजलि</strong></p>



<p>अपर मुख्य सचिव, खान एवं भुतत्व विभाग, बिहार हरजोत कौर बम्हरा ने कहा कि बतौर विभागीय जाँच आयुक्त के रूप में वो हमेशा ईमानदार अफसरों को प्रोटेक्ट करते थे साथ ही काफी गहराई में जा कर जाँच प्रकिया को पूरा करते थे. बीबीसी के पूर्व ब्यूरो चीफ मणिकांत ठाकुर एवं वरिष्ठ लेखक निलय उपाध्याय ने बताया कि कैसे श्रीवास्तव का सामाजिक दायरा काफी बड़ा था. वो हर तबके के साथ कुछ ऐसे घुल-मिल जाते थे जैसे की वो उनमें से ही एक हो ने कहा. भोजपुर जिला पदाधिकारी के रूप में उनके कार्यकाल का वहां के लोग आज 30 साल बाद भी मिसाल देते हैं. कार्यक्रम में अधिवक्ता प्रकोष्ठ के तारकेश्वर ठाकुर,रंगकर्मी व पत्रकार रवीन्द्र भारती ने बताया कि मनोज सर किसी काम को काम करते हुए अगले 20 साल के योजनाओं पर सोंचते थे. समाज के निचले तबके के बारे में सोचना उनकी लगनशीलता और कर्मठता को दर्शाती थी. कार्यक्रम के दौरान बिहार के वरीय पदाधिकारी, रंगकर्मी, लेखक, पत्रकार, शिक्षाविद सहित लगभग 150 लोगों ने भाग लिया. कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन उनकी छोटी बहु प्रेरणा सिंह ने किया.</p>



<p><strong>PNCDESK</strong></p>
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		<title>एक डीएम के तबादले पर जब आक्रोशित हो गए थे भोजपुर के लोग</title>
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		<dc:creator><![CDATA[pnc]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 13 Aug 2021 03:54:55 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[PATNA]]></category>
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					<description><![CDATA[पहली पुण्य तिथि पर सुधा को ब्रांड बना घर घर तक पहुंचाया1980 बैच के तीसरे टॉपर थे मनोज श्रीवास्तवडॉ मनमोहन सिंह ने समेकित ग्रामीण विकास की योजना में इनके योगदान की खूब प्रशंसा की 1980 बैच के सिविल सर्विसेज़ के परीक्षा में तीसरे स्थान पर टाॅपर रहे रिटायर्ड आईएएस मनाेज श्रीवास्तव की आज पहली पुण्यतिथि है 62 साल के मनाेज बिहार के पहले ऐसे वरीय प्रशासनिक अधिकारी हैं जिनकी लोकप्रियता बहुत ज्यादा थी । केन्द्र सरकार एवं राज्य सरकार में सचिव के पद पर रहते हुए अपने सेवाकाल में जनोन्मुखी योजनाओं और उसके बेहतर क्रियान्यवन के लिए सरकार के साथ आमजनों के बीच भी लोकप्रिय बने रहे. भोजपुर के जिलाधिकारी के रूप में उन 550 जिलाधिकारियों में मनाेज शामिल थे, जिनका चयन प्रधानमंत्री के साथ होने वाली कार्यशाला के लिए किया गया था। साल 1985 में योजना आयोग के उपाध्यक्ष के रूप में डॉ मनमोहन सिंह ने समेकित ग्रामीण विकास की योजना में इनके योगदान की खूब प्रशंसा की थी.मनोज श्रीवास्तव ने राज्य हित को हमेशा शीर्ष पर रखा और कर्तव्यों के निर्वहन में जी-जान से लगे रहे. यूनिसेफ के साथ बिहार शिक्षा परियाेजना के कार्य को अमलीजामा पहनाया।काॅम्फेड के प्रबंध निदेशक के रूप में सुधा को बिहारके ब्रांड के रूप में स्थापित कर लाखों ग्रामीणों व किसानाें की सूरत बदल गई ।आज उनका ही प्रयास था कि सुधा घर घर तक पहुंच पाया है।2007 में आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव के रूप में भीषण बाढ़ का कुशल प्रबंधन और मानवीयता के साथ मुकाबला किया था. उन्हाेंने बिहार स्टडी [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>पहली पुण्य तिथि पर </strong><br><strong>सुधा को ब्रांड बना घर घर तक पहुंचाया</strong><br><strong>1980 बैच के तीसरे टॉपर थे मनोज श्रीवास्तव</strong><br><em><strong>डॉ मनमोहन सिंह ने समेकित ग्रामीण विकास की योजना में इनके योगदान की खूब प्रशंसा की</strong></em></p>



<p>1980 बैच के सिविल सर्विसेज़ के परीक्षा में तीसरे स्थान पर टाॅपर रहे रिटायर्ड आईएएस मनाेज श्रीवास्तव की आज पहली पुण्यतिथि है 62 साल के मनाेज बिहार के पहले ऐसे वरीय प्रशासनिक अधिकारी हैं जिनकी लोकप्रियता बहुत ज्यादा थी । </p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img decoding="async" width="635" height="650" src="https://www.patnanow.com/assets/2021/08/pnc-manoj-श्रीवास्तव-635x650.jpg" alt="" class="wp-image-54781" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2021/08/pnc-manoj-श्रीवास्तव-635x650.jpg 635w, https://www.patnanow.com/assets/2021/08/pnc-manoj-श्रीवास्तव-342x350.jpg 342w, https://www.patnanow.com/assets/2021/08/pnc-manoj-श्रीवास्तव.jpg 707w" sizes="(max-width: 635px) 100vw, 635px" /><figcaption><strong>स्व.मनोज श्रीवास्तव की फाइल फोटो </strong></figcaption></figure>



<p>केन्द्र सरकार एवं राज्य सरकार में सचिव के पद पर रहते हुए अपने सेवाकाल में जनोन्मुखी योजनाओं और उसके बेहतर क्रियान्यवन के लिए सरकार के साथ आमजनों के बीच भी लोकप्रिय बने रहे. भोजपुर के जिलाधिकारी के रूप में उन 550 जिलाधिकारियों में मनाेज शामिल थे, जिनका चयन प्रधानमंत्री के साथ होने वाली कार्यशाला के लिए किया गया था। साल 1985 में योजना आयोग के उपाध्यक्ष के रूप में डॉ मनमोहन सिंह ने समेकित ग्रामीण विकास की योजना में इनके योगदान की खूब प्रशंसा की थी.<br>मनोज श्रीवास्तव ने राज्य हित को हमेशा शीर्ष पर रखा और कर्तव्यों के निर्वहन में जी-जान से लगे रहे. यूनिसेफ के साथ बिहार शिक्षा परियाेजना के कार्य को अमलीजामा पहनाया।काॅम्फेड के प्रबंध निदेशक के रूप में सुधा को बिहारके ब्रांड के रूप में स्थापित कर लाखों ग्रामीणों व किसानाें की सूरत बदल गई ।आज उनका ही प्रयास था कि सुधा घर घर तक पहुंच पाया है।<br>2007 में आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव के रूप में भीषण बाढ़ का कुशल प्रबंधन और मानवीयता के साथ मुकाबला किया था. उन्हाेंने बिहार स्टडी सर्किल का संयोजन किया. 2009 में वह पहले व्यक्ति थे जिन्हें जमशेदजी टाटा फेलोशिप मिली थी, जिसके अंतर्गत लंदन स्कूल आफ इकोनोमिक्स से प्रो पूअर गवर्नेंस इन इंडिया पर अपना शोध पूरा किया.उनके इस शोध पर प्रायोगिक तौर पर सहार नक्सल प्रभावित गांव में पवन श्रीवास्तव और सगीर रहमानी लिखित एवं रवींद्र भारती के निर्देशन में डुगडुगी नाटक का मंचन हुआ था जिसमें पंचायती राज्य के निर्माण के बाद की संभावनाओं को दिखाया गया था ।</p>



<p>वर्ष 2002 में इंग्लैंड के क्राइसिस रिसर्च सेंटर में रिसर्च फेलों के रूप में उनका चयन हुआ था उनकी पुस्तक सीइंग द स्टेट-गवर्नेंस एंड गवर्नमेंटलिटि इन इंडिया प्रशासनिक क्षेत्र में आज भी एक टेक्स्ट बुक की तरह स्वीकार की गई ।जवाहरलाल नेहरू विश्व विद्यालय से समाजशास्त्र में मास्टर करने के बाद मनाेज 1980 में प्रशासनिक सेवा में आए थे. इस वर्ष ये थर्ड टॉपर थे. इससे पहले 1979 में इनका चयन आइपीएस के लिए हुआ था.</p>



<p>मनाेज, छत्तीसगढ़ के पूर्व राज्यपाल डीएन सहाय के बड़े दामाद थे. पाटलिपुत्र काॅलाेनी में रहने वाले मनाेज काे दाे बेटे और एक बेटी हैं. बड़े बेटे सागर श्रीवास्तव इंदाैर में आइआरएस के अधिकारी हैं जबकि छाेटे बेटे शेखर श्रीवास्तव क्लैट करने के बाद दिल्ली में किसी लाॅ फर्म कंपनी में हैं. इकलाैती बेटी राेशनी श्रीवास्तव भी दिल्ली में ही किसी लाॅ फर्म में हैं.पिछले साल कोरोना ने एक बेहतरीन आईएएस को हम सबसे छीन लिया था।भोजपुर के जिलाधिकारी रहते हुए उन्होंने कई ऐसे काम किये जो सदैव याद किये जायेंगे।उनके तबादले की खबर सुनकर जिले के लोग सड़कों पर उतर आए थे बाद उनके समझाने के बाद लोगों का गुस्सा शांत हुआ था। भोजपुर के लोगों में वैसे जिलाधिकारी को लेकर आज भी कमी खलती है लोग उदाहरण देते हैं कि उनके जैसा कोई भी जिलाधिकारी नहीं आया ।<br>Pnc Desk</p>
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