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	<title>makar sankranti ka mahatv 2018 &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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		<title>मकर सक्रांति जानकारी और महत्व &#8211; इस बार 15 को है पुण्य काल</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Nikhil]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 11 Jan 2018 14:22:39 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
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					<description><![CDATA[मकर सक्रांति जानकारी और महत्व 70 साल बाद आ रही है ऐसी मकर संक्रांति, इस महायोग से बढ़ेगी शुभता भारत के खास त्&#x200d;योहारों में से एक है मकर संक्रांति का पर्व। हिंदू धर्म का ये खास त्&#x200d;योहार हर साल जनवरी के महीने में 13 या 14 तारीख को मनाया जाता है। ज्&#x200d;योतिष के अनुसार इस दिन से सूर्य उत्तरायण होता है। पंरपराओं में ऐसी मान्&#x200d;यता है कि सूर्य देव इसी दिन मकर राशि में प्रवेश करते हैं। 2018 के माघ में कृष्&#x200d;ण पक्ष की त्रयोदशी में सूर्य धनु से मकर राशि में प्रवेश करेंगें। 70 साल बाद पड़ रहा है ये योग 70 साल बाद ऐसी मकर संक्रांति आ रही है जोकि पारिजात योग में है और रविवार, त्रयोदशी तिथि में पड़ने की वजह से इस दिन सिद्धि योग बन रहा है। गुरु का मंगल के साथ तुला राशि में रहने से पारिजात योग बन रहा है। इस शुभ दिन पर खिचड़ी का भोग लगाया जाता है। गुल-तिल, रेवड़ी और गजक का प्रसाद बांटने की भी रीति है। यह त्&#x200d;योहार मुख्&#x200d;य रूप से ऋतु परिवर्तन, प्रकृति और खेती से जुड़ा हुआ है एवं इन्&#x200d;हीं तीनों चीज़ों को जीवन का आधार भी माना गया है। प्रकृति में परिवर्तन के आधार पर इस दिन सूर्य की पूजा की जाती है और सूर्य की स्थिति के अनुसार ही ऋतुओं में बदलाव होता है और धरती अनाज पैदा करती है। कब मनाते हैं मकर संक्रांति 80 वर्ष पूर्व 12 सा 13 तारीख को मकर संक्रांति का पर्व मनाया जाता था लेकिन अब अयनचलन के [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>मकर सक्रांति जानकारी और महत्व</strong><br />
<strong> 70 साल बाद आ रही है ऐसी मकर संक्रांति, इस महायोग से बढ़ेगी शुभता</strong></p>
<p><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignleft size-medium wp-image-28472" src="http://www.patnanow.com/assets/2018/01/pnc-makar_sankranti_surya_dev-350x233.jpg" alt="" width="350" height="233" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2018/01/pnc-makar_sankranti_surya_dev-350x233.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2018/01/pnc-makar_sankranti_surya_dev-225x150.jpg 225w, https://www.patnanow.com/assets/2018/01/pnc-makar_sankranti_surya_dev.jpg 400w" sizes="(max-width: 350px) 100vw, 350px" /></p>
<p>भारत के खास त्&#x200d;योहारों में से एक है मकर संक्रांति का पर्व। हिंदू धर्म का ये खास त्&#x200d;योहार हर साल जनवरी के महीने में 13 या 14 तारीख को मनाया जाता है। ज्&#x200d;योतिष के अनुसार इस दिन से सूर्य उत्तरायण होता है। पंरपराओं में ऐसी मान्&#x200d;यता है कि सूर्य देव इसी दिन मकर राशि में प्रवेश करते हैं। 2018 के माघ में कृष्&#x200d;ण पक्ष की त्रयोदशी में सूर्य धनु से मकर राशि में प्रवेश करेंगें।</p>
<p><strong>70 साल बाद पड़ रहा है ये योग</strong></p>
<p>70 साल बाद ऐसी मकर संक्रांति आ रही है जोकि पारिजात योग में है और रविवार, त्रयोदशी तिथि में पड़ने की वजह से इस दिन सिद्धि योग बन रहा है। गुरु का मंगल के साथ तुला राशि में रहने से पारिजात योग बन रहा है।</p>
<p>इस शुभ दिन पर खिचड़ी का भोग लगाया जाता है। गुल-तिल, रेवड़ी और गजक का प्रसाद बांटने की भी रीति है। यह त्&#x200d;योहार मुख्&#x200d;य रूप से ऋतु परिवर्तन, प्रकृति और खेती से जुड़ा हुआ है एवं इन्&#x200d;हीं तीनों चीज़ों को जीवन का आधार भी माना गया है। प्रकृति में परिवर्तन के आधार पर इस दिन सूर्य की पूजा की जाती है और सूर्य की स्थिति के अनुसार ही ऋतुओं में बदलाव होता है और धरती अनाज पैदा करती है।</p>
<p><strong><img decoding="async" class="size-medium wp-image-28471 alignright" src="http://www.patnanow.com/assets/2018/01/pnc-makar-sankranti-image-1-350x263.jpg" alt="" width="350" height="263" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2018/01/pnc-makar-sankranti-image-1-350x263.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2018/01/pnc-makar-sankranti-image-1.jpg 400w" sizes="(max-width: 350px) 100vw, 350px" />कब मनाते हैं मकर संक्रांति</strong></p>
<p>80 वर्ष पूर्व 12 सा 13 तारीख को मकर संक्रांति का पर्व मनाया जाता था लेकिन अब अयनचलन के कारण 13 या 14 जनवरी को ये त्&#x200d;योहार मनाया जाता है। पिछले साल 2017 में भी ये त्&#x200d;योहार 14 जनवरी को मनाया गया था। इस दिन सूर्य उत्तरायण होते हैं और खरमास समाप्&#x200d;त हो जाते हैं। इस खरमास के काल में कोई मांगलिक काम करना वर्जित है।</p>
<p><strong>15 जनवरी को है पुण्&#x200d;य काल</strong></p>
<p>इस बार मकर संक्रांति का पर्व 14 जनवरी को मनाया जाएगा लेकिन इसका पुण्&#x200d;यकाल 15 जनवरी को होगा। मकर संक्रांति का विशेष पुण्&#x200d;यकाल 14 जनवरी, 2018 को रात को 8 बजकर 5 मिनट से 15 जनवरी 2018 को दिन के 12 बजे तक रहेगा।</p>
<p>साल 2018, विक्रम संवत् 2074 में संक्रांति का वाहन महिष और उपवाहन ऊंट रहेगा। इस साल संक्रांति काले वस्&#x200d;त्र व मृगचर्म की कंचुकी धारण किए, नीले आक के फूलों की माला पहने, नीलमणि के आभूषण धारण किए, हाथ में तोमर आयुष लिए, दही का भक्षण करती हुई दक्षिण दिशा की ओर जाती हुई रहेगी।</p>
<p><strong>मकर संक्रांति का महत्&#x200d;व</strong></p>
<p>ज्&#x200d;योतिष में दक्षिणायन को देवताओं की रात्रि और उत्तरायण को देवताओं का दिन माना गया है। रात्रि नकारात्&#x200d;मकता और सकारात्&#x200d;मकता का प्रतीक माना गया है। इस दिन जप, तप, दान, स्&#x200d;नान, श्राद्ध और तर्पण करने से पुण्&#x200d;य की प्राप्&#x200d;ति होगी। मान्&#x200d;यता है कि इस शुभ दिन पर दान करने से सौ गुना बढ़कर फल मिलता है। इस दिन शुद्ध घी और कंबल का दान करने से मोक्ष की प्राप्&#x200d;ति होती है।</p>
<p><strong>रातें छोटी और दिन हो जाते हैं बड़े</strong></p>
<p>मकर संक्रांति के बाद से सबसे बड़ा बदलाव आता है कि इस दिन से रातें छोटी और दिन बड़े हो जाते हैं। इस दिन से सूर्य उत्तरी गोलार्ध की ओर आना शुरु हो जाता है इसलिए इस दिन से रातें छोटी और दिन बड़े होने लगते हैं। गर्मी के मौसम की शुरुआत भी यहीं से होती है। दिन के बड़ा होने से सूर्य की रोशनी अधिक समय तक रहती है और रात छोटी होने से कम समय तक अंधकार रहता है। इस कारण मकर संक्रांति पर सूर्य की राशि में हुए परिवर्तन को अंधकार से प्रकाश की ओर अग्रसर होना माना जाता है।</p>
<p>जय श्री महाकाल</p>
<div dir="ltr">साभार &#8211; पंडित श्री अजय दूबे</div>
<div dir="ltr">
<p>             ज्योतिषाचार्य एवं वैदिक कर्मकांड आचार्य</p>
<div dir="auto">             महाकालेश्वर, उज्जैन</div>
<div dir="auto">             +918839926316</div>
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