<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>mahua roy chawdhry &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
	<atom:link href="https://www.patnanow.com/tag/mahua-roy-chawdhry/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://www.patnanow.com</link>
	<description>Patna News Portal - हर ख़बर पर नज़र</description>
	<lastBuildDate>Mon, 25 Sep 2023 03:09:16 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.6.1</generator>

<image>
	<url>https://www.patnanow.com/assets/2022/08/cropped-PatnaNow_Logo_2022-32x32.png</url>
	<title>mahua roy chawdhry &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
	<link>https://www.patnanow.com</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>सरस मेला में मिल रहा है लोक कला एवं देशी व्यंजनों का  स्वाद</title>
		<link>https://www.patnanow.com/taste-of-folk-art-and-local-cuisine-is-available-in-saras-mela/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[pnc]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 25 Sep 2023 03:09:15 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[PATNA]]></category>
		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[एंटरटेनमेंट]]></category>
		<category><![CDATA[काम की ख़बर]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[mahua roy chawdhry]]></category>
		<category><![CDATA[RAHUL KUMAR]]></category>
		<category><![CDATA[RAUSHAN KUMAR]]></category>
		<category><![CDATA[saras mela 2023]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.patnanow.com/?p=78562</guid>

					<description><![CDATA[बिहार सरस मेला अपने धरोहरों को बचाने एवं उन्हें पुनर्जीवित करने में बड़ा प्लेटफार्म 22 राज्यों की स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलायें राजधानी पटना में सूट, साड़ी , दुपट्टा, कुर्ती मैटेरियल , चादर, तकिया कवर, सोफे कवर की विशेष मांग रविवार का दिन बिहार सरस मेला के लिए खास रहा.अपनी संस्कृति, शिल्प, लोक कला , परंपरा एवं देशी स्वाद से रूबरू होने के लिए लोग पधारें.मेला के पांचवे दिन रविवार को तीस हजार से ज्यादा लोग आये.ग्रामीण शिल्प ,संस्कृति एवं लोक कला और देशी व्यंजनों के प्रति लोगों को आकर्षण इस बात का प्रमाण है कि लोग अपने पूरानी संस्कृति एवं परंपरा की ओर लौट रहे हैं.लिहाजा बिहार सरस मेला अपने धरोहरों को बचाने  एवं उन्हें पुनर्जीवित करने में बड़ा प्लेटफार्म और माध्यम बना है. बिहार सरस मेला बिहार ग्रामीण जीविकोपार्जन समिति (जीविका ) द्वारा 20 सितम्बर से 27 सितम्बर 2023 तक आयोजित है. बिहार सरस मेला में बिहार समेत 22 राज्यों की स्वयं सहायता समूह से जुडी महिलायें अपने हुनर को लेकर 131 स्टॉल्स पर उपस्थित हैं. बिहार के सभी अड़तीस जिलों से स्वयं सहायता समूह से जुडी ग्रामीण महिलाएं अपने-अपने क्षेत्र की संस्कृति, लोक कला, कलाकृतियाँ एवं  देशी व्यंजनों को लेकर उपस्थित हैं.सिक्किम,झारखण्ड,उत्तरप्रदेश, आँध्रप्रदेश,हरियाणा,छत्तीसगढ़,मेघालय,उत्तराखंड,पंजाब,असम,कर्नाटक, केरल ,पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र,गुजरात, उड़िसा, मध्य प्रदेश, तेलंगाना,राजस्थान,जम्मू-कश्मीर एवं तमिलनाडु से के स्टॉल सुसज्जित हैं.जहाँ स्टॉल धारक के साथ ही आगंतुक भी एक दुसरे के शिल्प और स्वाद से परिचित हो रहे हैं.चार दिनों में लगभग 92 लाख रुपये के उत्पादों एवं व्यंजनों की खरीद – बिक्री हुई है.बिहार सरस मेला के चौथे दिन  [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p></p>



<p></p>



<p><strong>बिहार सरस मेला अपने धरोहरों को बचाने एवं उन्हें पुनर्जीवित करने में बड़ा प्लेटफार्म</strong></p>



<p><strong>22 राज्यों की स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलायें राजधानी पटना में</strong></p>



<p><strong>सूट, साड़ी , दुपट्टा, कुर्ती मैटेरियल , चादर, तकिया कवर, सोफे कवर की विशेष मांग </strong></p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="650" height="366" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/09/0ef7385d-28bd-417b-b91a-394d19058200-650x366.jpg" alt="" class="wp-image-78564" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/09/0ef7385d-28bd-417b-b91a-394d19058200-650x366.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/0ef7385d-28bd-417b-b91a-394d19058200-350x197.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/0ef7385d-28bd-417b-b91a-394d19058200-768x432.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/0ef7385d-28bd-417b-b91a-394d19058200.jpg 1280w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>रविवार का दिन बिहार सरस मेला के लिए खास रहा.अपनी संस्कृति, शिल्प, लोक कला , परंपरा एवं देशी स्वाद से रूबरू होने के लिए लोग पधारें.मेला के पांचवे दिन रविवार को तीस हजार से ज्यादा लोग आये.ग्रामीण शिल्प ,संस्कृति एवं लोक कला और देशी व्यंजनों के प्रति लोगों को आकर्षण इस बात का प्रमाण है कि लोग अपने पूरानी संस्कृति एवं परंपरा की ओर लौट रहे हैं.लिहाजा बिहार सरस मेला अपने धरोहरों को बचाने  एवं उन्हें पुनर्जीवित करने में बड़ा प्लेटफार्म और माध्यम बना है. बिहार सरस मेला बिहार ग्रामीण जीविकोपार्जन समिति (जीविका ) द्वारा 20 सितम्बर से 27 सितम्बर 2023 तक आयोजित है. बिहार सरस मेला में बिहार समेत 22 राज्यों की स्वयं सहायता समूह से जुडी महिलायें अपने हुनर को लेकर 131 स्टॉल्स पर उपस्थित हैं.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img decoding="async" width="650" height="366" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/09/4f8082b3-0382-4ec9-a3e4-1adce475014a-650x366.jpg" alt="" class="wp-image-78565" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/09/4f8082b3-0382-4ec9-a3e4-1adce475014a-650x366.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/4f8082b3-0382-4ec9-a3e4-1adce475014a-350x197.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/4f8082b3-0382-4ec9-a3e4-1adce475014a-768x432.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/4f8082b3-0382-4ec9-a3e4-1adce475014a.jpg 1280w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p></p>



<p>बिहार के सभी अड़तीस जिलों  से स्वयं सहायता समूह से जुडी ग्रामीण महिलाएं अपने-अपने क्षेत्र की संस्कृति, लोक कला, कलाकृतियाँ एवं  देशी व्यंजनों को लेकर उपस्थित हैं.सिक्किम,झारखण्ड,उत्तरप्रदेश, आँध्रप्रदेश,हरियाणा,छत्तीसगढ़,मेघालय,उत्तराखंड,पंजाब,असम,कर्नाटक, केरल ,पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र,गुजरात, उड़िसा, मध्य प्रदेश, तेलंगाना,राजस्थान,जम्मू-कश्मीर एवं तमिलनाडु से के स्टॉल सुसज्जित हैं.जहाँ स्टॉल धारक के साथ ही आगंतुक भी एक दुसरे के शिल्प और स्वाद से परिचित हो रहे हैं.चार दिनों में लगभग 92 लाख रुपये के उत्पादों एवं व्यंजनों की खरीद – बिक्री हुई है.बिहार सरस मेला के चौथे दिन  23  सितम्बर को साढ़े 35 लाख रुपये के उत्पादों एवं व्यंजनों की खरीद-बिक्री हुई है.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img decoding="async" width="650" height="366" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/09/94072fba-62d2-4ca4-8252-858fc2426911-650x366.jpg" alt="" class="wp-image-78568" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/09/94072fba-62d2-4ca4-8252-858fc2426911-650x366.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/94072fba-62d2-4ca4-8252-858fc2426911-350x197.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/94072fba-62d2-4ca4-8252-858fc2426911-768x432.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/94072fba-62d2-4ca4-8252-858fc2426911.jpg 1280w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="366" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/09/9be3f8bf-7f1e-47f0-80cd-9b116417a20b-650x366.jpg" alt="" class="wp-image-78566" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/09/9be3f8bf-7f1e-47f0-80cd-9b116417a20b-650x366.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/9be3f8bf-7f1e-47f0-80cd-9b116417a20b-350x197.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/9be3f8bf-7f1e-47f0-80cd-9b116417a20b-768x432.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/9be3f8bf-7f1e-47f0-80cd-9b116417a20b.jpg 1280w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>आयोजन के चौथे दिन लगभग 17 हजार 700 लोग आये. सरस मेला में सुसज्जित सभी स्टॉल पर उपलब्ध शिल्प, कलाकृतियाँ , लोक कला एवं देशी व्यंजनों की बड़े पैमाने पर खरीद-बिक्री हो रही है.कई स्टॉल ऐसे हैं जहाँ प्रतिदिन 40 से 50 हजार रुपये से ज्यादा के उत्पादों एवं व्यंजनों की खरीद-बिक्री हो रही है.शनिवार को ओड़िसा के कटक जिला अंतर्गत बक्सी बाज़ार से आई हाजी अली स्वयं सहायता समूह की सदस्य आलिया बेगम ने अपने स्टॉल से एक लाख रुपये  से ज्यादा के परिधानों की बिक्री की.उनके स्टॉल से कॉटन, सिल्क एवं चंदेरी से बनी हुई सूट, साडी, दुपट्टा, कुर्ती मैटेरियल , चादर, तकिया कवर, सोफे कवर , आदि की बिक्री हो रही है.सरस मेला में कैशलेश खरीददारी की व्यवस्था है.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="366" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/09/3d34b016-6fec-4e34-b335-7682c3bb112e-650x366.jpg" alt="" class="wp-image-78567" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/09/3d34b016-6fec-4e34-b335-7682c3bb112e-650x366.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/3d34b016-6fec-4e34-b335-7682c3bb112e-350x197.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/3d34b016-6fec-4e34-b335-7682c3bb112e-768x432.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/3d34b016-6fec-4e34-b335-7682c3bb112e.jpg 1280w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>परियोजना महुआ राय चौधरी ने बताया कि विभिन्न स्टॉल्स पर उपस्थित ग्रामीण परिवेश से बाहर निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने वाली जीविका दीदियाँ बिहार में महिला सशक्तिकरण एवं स्वावलंबन की झलक प्रदर्शित कर रही हैं.उन्ही महिलाओं में से एक हैं सावित्री देवी.सावत्री देवी मधुबनी के झंझारपुर प्रखंड से आई हैं.सावित्री भगवती जीविका महिला स्वयं सहायता समूह की सदस्य हैं.सावित्री सिक्की से बने हुए चूड़ी, झुमका, स्टिक, रोटी डब्बा, पेन स्टैंड, टिशु बाक्स , मछली, कछुआ , कॉस्टल जैसे उत्पादों को प्रदर्शनी सह बिक्री कर रही हैं.सावित्री वर्ष 2014 से ही सरस मेला में खुद के द्वारा सिक्की से बनाये गए उत्पादों को लेकर आती हैं.इसके साथ ही राष्ट्रीय स्तर पर देश के अन्य राज्यों में लगने शिल्प मेला में भी जाती हैं.सावित्री बताई हैं कि जीविका से जुड़ने के बाद उनके हुनर को बड़ा बाज़ार और पहचान मिली है.पहले उनका हुनर घर तक ही सिमित था लेकिन जीविका से जुड़ने के बाद सिक्की से बने शिल्प एवं कलाकृतियों को अंतरष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है.</p>



<p><strong>रवीन्द्र भारती,पटना </strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>सरस मेला में महज दो दिनों में लगभग 33 लाख की खरीद -बिक्री</title>
		<link>https://www.patnanow.com/buying-and-selling-of-about-rs-33-lakh-in-just-two-days-in-saras-mela/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[pnc]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 23 Sep 2023 01:50:11 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[PATNA]]></category>
		<category><![CDATA[एंटरटेनमेंट]]></category>
		<category><![CDATA[कला और साहित्य]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[gyan bhavan patna]]></category>
		<category><![CDATA[Jivika]]></category>
		<category><![CDATA[mahua roy chawdhry]]></category>
		<category><![CDATA[roshan kumar]]></category>
		<category><![CDATA[saras mela 2023]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.patnanow.com/?p=78519</guid>

					<description><![CDATA[शिल्प,&#160;परिधान एवं स्वाद के अनुरूप व्यंजनों की खरीदारी जमकर हो रही पटना:राजधानी के ज्ञान भवन,&#160;पटना में सरस मेला लगा हुआ है .बिहार ग्रामीण जीविकोपार्जन प्रोत्साहन&#160;समिति&#160;,जीविका के तत्वाधान में बिहार सरस मेला चल रहा है .सरस मेला में घर के सजावट से लेकर देशी व्यंजन और देशी परिधान हर उम्र और हर&#160;तबके के लिए उपलब्ध है .लिहाजा यहाँ आकर अपने पसंद के शिल्प,&#160;परिधान एवं स्वाद के अनुरूप व्यंजनों की खरीददारी कर रहे हैं .बिहार सरस मेला में&#160;बिहार समेत&#160;22&#160;राज्यों की स्वयं सहायता समूह से जुडी ग्रामीण महिला शिल्पकार अपने- अपने क्षेत्र के शिल्प,&#160;संस्कृति,&#160;स्वाद और परंपरा को लेकर&#160;उपस्थित हैं .131&#160;स्टॉल पर हमारे देश का हुनर,&#160;शिल्प,&#160;स्वाद,&#160;संस्कृति और परंपरा परिलक्षित है .बिहार के सभी जिलों से जीविका दीदियों का ग्रामीण&#160;शिल्प और हुनर विभिन्न स्टॉल पर प्रदर्शनी सह बिक्री के लिए सुसज्जित हैं .इन स्टॉल्स से उत्पादों एवं व्यंजनों की खरीद –बिक्री बड़े पैमाने पर हो रही है. महज दो दिनों में लगभग&#160;33&#160;लाख के उत्पादों एवं व्यंजनों की खरीद &#8211; बिक्री हुई है .बिहार सरस मेला के दुसरेदिन&#160;21&#160;सितम्बर को साढ़े&#160;उन्नीस लाख के उत्पादों एवं व्यंजनों की खरीद-बिक्री हुई है .आयोजन के दुसरे दिन लगभग&#160;9&#160;हजार&#160;600&#160;लोग आये .बिहार सरस मेला के दुसरे दिन&#160;बिहार के बांका जिला के अमरपुर स्थित बभनगावा की बानो खातून ने&#160;90&#160;हजार से ज्यादा के परिधानों की बिक्री की हैं .बानो खातून नसीब जीविका&#160;महिला स्वयं सहायता समूह की सदस्य हैं .उनके द्वारा उत्पादित परिधानों में हैण्डलूम&#160;,&#160;प्योर सिल्क की साडी,&#160;दुपट्टा,&#160;सूट आदि हैं .बानो खातून पिछले&#160;7&#160;सालों से सरस मेला में अपने स्टॉल से परिधानों की बिक्री सह प्रदर्शनी करती आ रही हैं. बारिश के बीच सरस मेला से [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p></p>



<p></p>



<p><strong>शिल्प,&nbsp;परिधान एवं स्वाद के अनुरूप व्यंजनों की खरीदारी जमकर हो रही</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="366" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/09/9752ce4a-224f-488b-99ef-d0a3ce941988-650x366.jpg" alt="" class="wp-image-78520" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/09/9752ce4a-224f-488b-99ef-d0a3ce941988-650x366.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/9752ce4a-224f-488b-99ef-d0a3ce941988-350x197.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/9752ce4a-224f-488b-99ef-d0a3ce941988-768x432.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/9752ce4a-224f-488b-99ef-d0a3ce941988-1536x864.jpg 1536w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/9752ce4a-224f-488b-99ef-d0a3ce941988.jpg 1600w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>पटना:राजधानी के ज्ञान भवन,&nbsp;पटना में सरस मेला लगा हुआ है .बिहार ग्रामीण जीविकोपार्जन प्रोत्साहन&nbsp;समिति&nbsp;,जीविका के तत्वाधान में बिहार सरस मेला चल रहा है .सरस मेला में घर के सजावट से लेकर देशी व्यंजन और देशी परिधान हर उम्र और हर&nbsp;तबके के लिए उपलब्ध है .लिहाजा यहाँ आकर अपने पसंद के शिल्प,&nbsp;परिधान एवं स्वाद के अनुरूप व्यंजनों की खरीददारी कर रहे हैं .बिहार सरस मेला में&nbsp;बिहार समेत&nbsp;22&nbsp;राज्यों की स्वयं सहायता समूह से जुडी ग्रामीण महिला शिल्पकार अपने- अपने क्षेत्र के शिल्प,&nbsp;संस्कृति,&nbsp;स्वाद और परंपरा को लेकर&nbsp;उपस्थित हैं .131&nbsp;स्टॉल पर हमारे देश का हुनर,&nbsp;शिल्प,&nbsp;स्वाद,&nbsp;संस्कृति और परंपरा परिलक्षित है .बिहार के सभी जिलों से जीविका दीदियों का ग्रामीण&nbsp;शिल्प और हुनर विभिन्न स्टॉल पर प्रदर्शनी सह बिक्री के लिए सुसज्जित हैं .इन स्टॉल्स से उत्पादों एवं व्यंजनों की खरीद –बिक्री बड़े पैमाने पर हो रही है.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="366" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/09/3130135b-1ff9-44ea-894c-74e9231fbc2b-650x366.jpg" alt="" class="wp-image-78521" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/09/3130135b-1ff9-44ea-894c-74e9231fbc2b-650x366.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/3130135b-1ff9-44ea-894c-74e9231fbc2b-350x197.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/3130135b-1ff9-44ea-894c-74e9231fbc2b-768x432.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/3130135b-1ff9-44ea-894c-74e9231fbc2b-1536x864.jpg 1536w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/3130135b-1ff9-44ea-894c-74e9231fbc2b.jpg 1600w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>महज दो दिनों में लगभग&nbsp;33&nbsp;लाख के उत्पादों एवं व्यंजनों की खरीद &#8211; बिक्री हुई है .बिहार सरस मेला के दुसरेदिन&nbsp;21&nbsp;सितम्बर को साढ़े&nbsp;उन्नीस लाख के उत्पादों एवं व्यंजनों की खरीद-बिक्री हुई है .आयोजन के दुसरे दिन लगभग&nbsp;9&nbsp;हजार&nbsp;600&nbsp;लोग आये .बिहार सरस मेला के दुसरे दिन&nbsp;बिहार के बांका जिला के अमरपुर स्थित बभनगावा की बानो खातून ने&nbsp;90&nbsp;हजार से ज्यादा के परिधानों की बिक्री की हैं .बानो खातून नसीब जीविका&nbsp;महिला स्वयं सहायता समूह की सदस्य हैं .उनके द्वारा उत्पादित परिधानों में हैण्डलूम&nbsp;,&nbsp;प्योर सिल्क की साडी,&nbsp;दुपट्टा,&nbsp;सूट आदि हैं .बानो खातून पिछले&nbsp;7&nbsp;सालों से सरस मेला में अपने स्टॉल से परिधानों की बिक्री सह प्रदर्शनी करती आ रही हैं.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="366" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/09/c84340bc-3490-4ed1-8fb2-85c831ea506b-650x366.jpg" alt="" class="wp-image-78522" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/09/c84340bc-3490-4ed1-8fb2-85c831ea506b-650x366.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/c84340bc-3490-4ed1-8fb2-85c831ea506b-350x197.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/c84340bc-3490-4ed1-8fb2-85c831ea506b-768x432.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/c84340bc-3490-4ed1-8fb2-85c831ea506b-1536x864.jpg 1536w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/c84340bc-3490-4ed1-8fb2-85c831ea506b.jpg 1600w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>बारिश के बीच सरस मेला से मनपसंद हस्त शिल्प,&nbsp;हस्तकला एवं देशी व्यंजनों की खरीददारी आगंतुक खूब कर रहे हैं .खादी,&nbsp;सिल्क,&nbsp;मटका,&nbsp;कॉटन,&nbsp;कोशा आदि से बनी साड़ियाँ,&nbsp;सलवार,&nbsp;सूट&nbsp;,&nbsp;नाइटी जैसे परिधानों की खरीददारी बड़े पैमाने पर हो रही है .वहीँ घर सजाने के लिए हस्तशिल्प,कालीन,&nbsp;रग्स,&nbsp;आराम कुर्सी,&nbsp;लैम्प,&nbsp;झूमर,&nbsp;तोरण&nbsp;,&nbsp;कृत्रिम फूल और गमले की भी खरी-बिक्री हो रही है .बच्चों के खिलौने लट्टू,&nbsp;घिरनी,&nbsp;डमरू,&nbsp;किट-किट,&nbsp;योयो&nbsp;,डुगडुगी चकरी और नेम प्लेट बड़ी संख्या में बिक रहे हैं .कश्मीर से आये गर्म कपडे,&nbsp;शाल,&nbsp;शूट और स्टॉल भी आकर्षण के केंद्र हैं . देशी व्यंजनों में दीदी&nbsp;की रसोई के स्टॉल पर आगंतुक देशी व्यंजनों का स्वाद तो चख ही रहे हैं घर के लिए भी विभिन्न प्रकार के अचार,&nbsp;पापड़,&nbsp;दनौरी,&nbsp;अद्वरी,&nbsp;सत्तू जैसे देशी&nbsp;व्यंजन ले जा रहे हैं .जीविका दीदियों द्वारा संचालित शिल्पग्राम से बिहार राज्य के शिल्प की खरीद-बिक्री हो रही है वहीँ जीविका मधुग्राम से मध की भी&nbsp;बिक्री जारी है.</p>



<p><strong>परियोजना समन्वयक महुआ राय चौधरी ने कहा कि अपने हुनर को व्यवसाय में तब्दील करती और उसे बड़ा आकार देती हुई भोजपुर जिला अंतर्गत कोइलवर प्रखंड के मानसिक अस्पताल में&nbsp;संचालित जानकी जीविका महिला सिलाई सह उत्पादक कंपनी लिमिटेड का भी स्टॉल सुसज्जित है .इस स्टॉल से भी जीविका दीदियों द्वारा सिले गए सूट&nbsp;,नाईटी&nbsp;,&nbsp;सलवार,&nbsp;पेतोकोट,&nbsp;झोला,&nbsp;आदि की बिक्री हो रही है .</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="366" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/09/cc5679bb-5eb6-4bd6-ba90-76d98f4c3d12-650x366.jpg" alt="" class="wp-image-78523" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/09/cc5679bb-5eb6-4bd6-ba90-76d98f4c3d12-650x366.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/cc5679bb-5eb6-4bd6-ba90-76d98f4c3d12-350x197.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/cc5679bb-5eb6-4bd6-ba90-76d98f4c3d12-768x432.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/cc5679bb-5eb6-4bd6-ba90-76d98f4c3d12-1536x864.jpg 1536w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/cc5679bb-5eb6-4bd6-ba90-76d98f4c3d12.jpg 1600w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>जानकी जीविका महिला सिलाई सह उत्पादक कंपनी लिमिटेड द्वारा राज्य के अस्पतालों में&nbsp;संचालित दीदी की रसोई के लिए मांग के अनुरूप जीविका दीदियों का ड्रेस,&nbsp;स्कुल ड्रेस एवं अन्य संस्थानों के लिए परिधानों की आपूर्ति की जा रही है .बिहार&nbsp;के इकलौते मानसिक अस्पताल में में इलाजरत मरोजों के लिए जानकी जीविका महिला सिलाई सह उत्पादक कंपनी लिमिटेड द्वारा साढ़े चार लाख रुपये की&nbsp;ड्रेस की आपूर्ति की गई है .इस कंपनी में  दीदियों को रोजगार और उनके हुनर को प्रोत्साहन मिला है.</p>



<p><strong>PNCDESK</strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
