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	<title>Maha Shivratri &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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	<title>Maha Shivratri &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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		<title>किनकी भक्ति के बिना नारायण होते हैं रुष्ट</title>
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		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 19 Feb 2023 09:11:58 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ और शिव-पार्वती विवाह संपन्न &#8220;जो महादेव की भक्ति नहीं करता है, मेरे पास उसका कोई स्थान नहीं&#8221; 50 हजार से अधिक लोगों की दिखी भीड़ आरा,19 फरवरी. जीयर स्वामी महाराज के सानिध्य में बखोरापुर में हो रहे श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ का समापन शनिवार को हो गया. महाशिवरात्रि के शुभ अवसर पर शिव पार्वती विवाहोत्सव का भव्य रुप से आयोजन किया गया. काशी मथुरा बनारस जैसे कई जगहों से आए आचार्य के मंत्र से पूरा क्षेत्र गुंजायमान हो उठा. विधि-विधान एवम् मांगलिक गीतों के साथ शिव पार्वती का विवाह बड़े ही धूमधाम से संपन्न हुआ. इस यज्ञ और शिव विवाह को देखने के लिए हजारों की संख्या में जनसैलाब को देखा गया. आलम यह था कि केशोपुर से लेकर सबलपुर तक गाड़ियों की लंबी लाइन लगी थी. एक तरफ भव्य बने पंडाल में भंडारे का प्रसाद बंट रहा था एवम् दूसरी तरफ बड़े पंडाल में शिव- पार्वती विवाह उत्सव मनाया जा रहा था. 50000 से अधिक महिला तथा पुरुष ने विवाह उत्सव में हिस्सा लिया. यज्ञ के अंतिम दिन होने के चलते बिहार,झारखंड, उत्तर प्रदेश आदि जगहों से काफी संख्या में भक्तगण स्वामी जी के दर्शन करने हेतु जुटे थे. सुबह 10:00 बजे से रात्रि 10:00 बजे तक भंडारा चलता रहा जिसमें हजारों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया. महिलाओं की संख्या पुरुषों की अपेक्षा बहुत अधिक थी. इस दौरान आगन्तुकों की सेवा और व्यवस्था को बनाये रखने के लिए काफी संख्या में समिति के कार्यकर्ताओं ने लोगों की सेवा में अपना योगदान दिया. जितनी भीड़ यज्ञ [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ और शिव-पार्वती विवाह संपन्न</strong></p>



<p><strong>&#8220;जो महादेव की भक्ति नहीं करता है, मेरे पास उसका कोई स्थान नहीं&#8221;</strong></p>



<p><strong>50 हजार से अधिक लोगों की दिखी भीड़</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="650" height="293" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_Jiyar-Swami-yagya-on-Shivratri-2.jpg" alt="" class="wp-image-71655" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_Jiyar-Swami-yagya-on-Shivratri-2.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_Jiyar-Swami-yagya-on-Shivratri-2-350x158.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>आरा,19 फरवरी. जीयर स्वामी महाराज के सानिध्य में बखोरापुर में हो रहे श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ का समापन शनिवार को हो गया. महाशिवरात्रि के शुभ अवसर पर शिव पार्वती विवाहोत्सव का भव्य रुप से आयोजन किया गया. काशी मथुरा बनारस जैसे कई जगहों से आए आचार्य के मंत्र से पूरा क्षेत्र गुंजायमान हो उठा. विधि-विधान एवम् मांगलिक गीतों के साथ शिव पार्वती का विवाह बड़े ही धूमधाम से संपन्न हुआ. इस यज्ञ और शिव विवाह को देखने के लिए हजारों की संख्या में जनसैलाब को देखा गया. आलम यह था कि केशोपुर से लेकर सबलपुर तक गाड़ियों की लंबी लाइन लगी थी. एक तरफ भव्य बने पंडाल में भंडारे का प्रसाद बंट रहा था एवम् दूसरी तरफ बड़े पंडाल में शिव- पार्वती विवाह उत्सव मनाया जा रहा था.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="650" height="293" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_Jiyar-Swami-yagya-on-Shivratri.jpg" alt="" class="wp-image-71654" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_Jiyar-Swami-yagya-on-Shivratri.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_Jiyar-Swami-yagya-on-Shivratri-350x158.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>50000 से अधिक महिला तथा पुरुष ने विवाह उत्सव में हिस्सा लिया. यज्ञ के अंतिम दिन होने के चलते बिहार,झारखंड, उत्तर प्रदेश आदि जगहों से काफी संख्या में भक्तगण स्वामी जी के दर्शन करने हेतु जुटे थे. सुबह 10:00 बजे से रात्रि 10:00 बजे तक भंडारा चलता रहा जिसमें हजारों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया. महिलाओं की संख्या पुरुषों की अपेक्षा बहुत अधिक थी.</p>



<p>इस दौरान आगन्तुकों की सेवा और व्यवस्था को बनाये रखने के लिए काफी संख्या में समिति के कार्यकर्ताओं ने लोगों की सेवा में अपना योगदान दिया. जितनी भीड़ यज्ञ में थी उतनी ही उधर जय मां काली बखोरापुर वाली मंदिर में माता रानी के दर्शन के लिए भीड़ थी</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="650" height="293" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_Jiyar-Swami-yagya-on-Shivratri-1.jpg" alt="" class="wp-image-71656" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_Jiyar-Swami-yagya-on-Shivratri-1.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_Jiyar-Swami-yagya-on-Shivratri-1-350x158.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>स्वामी जी महाराज ने प्रवचन के दौरान कहा कि इस तरह के आयोजन में हिस्सा लेने का सौभाग्य हरि कृपा से हीं मिल पाता है और महादेव के विवाह उत्सव में अगर हिस्सा लेने का मौका मिले तो समझिये ईश्वर की कृपा साक्षात आपके ऊपर है. जीयर स्वामी ने कहा कि माता पर्वती तथा महादेव के स्मरण मात्र से जन्म-जन्म के पाप मिट जाते हैं. जीवन की कितनी भी बड़ी परेशानियां हो महादेव का नाम लेते ही पल भर में समाप्त हो जाता है. यह तो कालों के काल महाकाल है इनसे तो मौत भी टल जाता है मौत को टालने का अधिकार सिर्फ महादेव के हीं पास है. स्वयं नारायण भी कहते हैं कि जो महादेव की भक्ति नहीं करता है, मेरे पास उसका कोई स्थान नहीं रह जाता है.</p>



<p>आरा से <strong>ओ पी पांडेय</strong> की रिपोर्ट</p>
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		<title>इस महाशिवरात्रि पर अपनी राशि अनुसार भगवान शिव का पूजन करें</title>
		<link>https://www.patnanow.com/shivratri-upaye/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Nikhil]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 03 Mar 2019 09:51:51 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[काम की ख़बर]]></category>
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		<category><![CDATA[महाशिवरात्रि पर विशेष]]></category>
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					<description><![CDATA[4 मार्च को शिव भक्तों का महापर्व महाशिवरात्रि है. इस महाशिवरात्रि पर अपनी राशि के अनुसार भगवान शिव का पूजन इस प्रकार करना चाहिए&#8230;&#8230;मेष &#8211; मेष का स्वामी मंगल है और मंगल का पूजन शिवलिंग रूप में ही किया जाता है. इस राशि के लोग शिवलिंग पर कच्चा दूध एवं दही अर्पित करें. साथ ही, भोलेनाथ को धतुरा भी अर्पित करें. कर्पूर जलाकर भगवान की आरती करें.वृषभ &#8211; किसी भी शिव मंदिर जाएं और भगवान शिव को गन्ने के रस से स्नान करवाएं. इसके बाद मोगरे का ईत्र शिवलिंग पर अर्पित करें. अंत में भगवान को मिठाई का भोग लगाएं एवं आरती करें.मिथुन &#8211; स्फटिक के शिवलिंग की पूजा करेंगे तो श्रेष्ठ रहेगा. यदि स्फटिक का शिवलिंग उपलब्ध न हो तो किसी अन्य शिवलिंग का पूजन किया जा सकता है. मिथुन राशि के लोग लाल गुलाल, कुमकुम, चंदन, ईत्र आदि से शिवलिंग का अभिषेक करें. आक के फूल अर्पित करें. मीठा भोग लगाकर आरती करें.कर्क &#8211; अष्टगंध एवं चंदन से शिवजी का अभिषेक करना चाहिए. बैर एवं आटे से बनी रोटी का भोग लगाकर शिवलिंग का पूजन करें. शिवलिंग पर प्रतिदिन कच्चा दूध अर्पित करें और साथ ही जल भी चढ़ाएं.सिंह &#8211; फलों के रस एवं पानी में शक्कर घोलकर शिवलिंग का अभिषेक करना चाहिए. साथ ही, शिवजी को आंकड़े के पुष्प अर्पित करें, मिठाई का भोग लगाएं. पुष्प के साथ ही बिल्व पत्र भी अर्पित करें.कन्या &#8211; महादेव को बैर, धतुरा, भांग और आंकड़े के फूल अर्पित करें. साथ ही बिल्व पत्र पर रखकर नैवेद्य अर्पित करें. अंत में [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<figure class="wp-block-image"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="365" src="https://www.patnanow.com/assets/2019/03/pnc-mahashivratri-650x365.png" alt="" class="wp-image-38716" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2019/03/pnc-mahashivratri.png 650w, https://www.patnanow.com/assets/2019/03/pnc-mahashivratri-350x197.png 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>4 मार्च को शिव भक्तों का महापर्व महाशिवरात्रि है. इस महाशिवरात्रि पर अपनी राशि के अनुसार भगवान शिव का पूजन इस प्रकार करना चाहिए&#8230;&#8230;<br><strong>मेष</strong> &#8211; मेष का स्वामी मंगल है और मंगल का पूजन शिवलिंग रूप में ही किया जाता है. इस राशि के लोग शिवलिंग पर कच्चा दूध एवं दही अर्पित करें. साथ ही, भोलेनाथ को धतुरा भी अर्पित करें. कर्पूर जलाकर भगवान की आरती करें.<br><strong>वृषभ</strong> &#8211;  किसी भी शिव मंदिर जाएं और भगवान शिव को गन्ने के रस से स्नान करवाएं. इसके बाद मोगरे का ईत्र शिवलिंग पर अर्पित करें. अंत में भगवान को मिठाई का भोग लगाएं एवं आरती करें.<br><strong>मिथुन</strong> &#8211; स्फटिक के शिवलिंग की पूजा करेंगे तो श्रेष्ठ रहेगा. यदि स्फटिक का शिवलिंग उपलब्ध न हो तो किसी अन्य शिवलिंग का पूजन किया जा सकता है. मिथुन राशि के लोग लाल गुलाल, कुमकुम, चंदन, ईत्र आदि से शिवलिंग का अभिषेक करें. आक के फूल अर्पित करें. मीठा भोग लगाकर आरती करें.<br><strong>कर्क </strong>&#8211; अष्टगंध एवं चंदन से शिवजी का अभिषेक करना चाहिए. बैर एवं आटे से बनी रोटी का भोग लगाकर शिवलिंग का पूजन करें. शिवलिंग पर प्रतिदिन कच्चा दूध अर्पित करें और साथ ही जल भी चढ़ाएं.<br><strong>सिंह</strong> &#8211; फलों के रस एवं पानी में शक्कर घोलकर शिवलिंग का अभिषेक करना चाहिए. साथ ही, शिवजी को आंकड़े के पुष्प अर्पित करें, मिठाई का भोग लगाएं. पुष्प के साथ ही बिल्व पत्र भी अर्पित करें.<br><strong>कन्या </strong>&#8211; महादेव को बैर, धतुरा, भांग और आंकड़े के फूल अर्पित करें. साथ ही बिल्व पत्र पर रखकर नैवेद्य अर्पित करें. अंत में कर्पूर मिश्रित जल से अभिषेक कराएं. शिवजी के पूजन के बाद आधी परिक्रमा अवश्य करें. ऐसा करने पर बहुत ही जल्द शुभ फल प्राप्त होते हैं.<br></p>



<figure class="wp-block-image"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="392" src="https://www.patnanow.com/assets/2018/02/pnc-mahashivratri-650x392.jpg" alt="" class="wp-image-30178" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2018/02/pnc-mahashivratri.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2018/02/pnc-mahashivratri-350x211.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p><strong>तुला</strong> &#8211; जल में तरह- तरह फूल डालकर उस जल से शिवजी का अभिषेक करें. इसके बाद बिल्व पत्र, मोगरा, गुलाब, चावल, चंदन आदि भोलेनाथ को अर्पित करें. अंत में आरती करें.<br><strong>वृश्चिक</strong> &#8211; शुद्ध जल से शिवलिंग का अभिषेक करना चाहिए. शहद, घी से स्नान कराने पश्चात पुन: जल से स्नान कराएं एवं पूजन कर आरती करें. लाल रंग के पुष्प अर्पित करें. पूजन के बाद मसूर की दाल का दान करें..<br><strong>धनु</strong> &#8211; भात यानी चावल से शिवलिंग का श्रृंगार करें. पहले चावल को पका लें, इसके बाद पके हुए चावल को ठंडा करके शिवलिंग का श्रृंगार करें. सुखे मेवे का भोग लगाएं. बिल्व पत्र, गुलाब आदि अर्पित करके आरती करें.<br><strong>मकर</strong> &#8211; शिवलिंग को ढंककर, विधिवत पूजन करें. पूजन- आरती पूर्ण होने के बाद गेंहू का दान जरूरत मंद लोगों को कर दें. इस उपाय से आपकी सभी समस्याएं समाप्त हो सकती हैं.<br><strong>कुंभ</strong> &#8211; सफेद-काले तिल को मिलाकर किसी ऐसे शिवलिंग पर चढाएं जो एकांत स्थान में स्थित हो. जल में तिल डालकर शिवलिंग को अच्छे से स्नान कराएं. इसके बाद काले-सफेद तिल अर्पित करें, पूजन के आद आरती करें.<br><strong>मीन</strong> &#8211; रात में पीपल के नीचे बैठकर शिवलिंग का पूजन करना चाहिए. इस समय &#8220;ॐ नम: शिवाय&#8221; का पैंतीस (35) बार उच्चारण कर बिल्व पत्र चढ़ाएं तथा आरती करें. शिवलिंग पर चने की दाल चढ़ाएं और पूजन के बाद इसका दान करें.</p>
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