<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>Lyrics writer &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
	<atom:link href="https://www.patnanow.com/tag/lyrics-writer/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://www.patnanow.com</link>
	<description>Patna News Portal - हर ख़बर पर नज़र</description>
	<lastBuildDate>Sat, 25 May 2024 16:15:50 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.6.1</generator>

<image>
	<url>https://www.patnanow.com/assets/2022/08/cropped-PatnaNow_Logo_2022-32x32.png</url>
	<title>Lyrics writer &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
	<link>https://www.patnanow.com</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>वोट डालने के लिए मुम्बई से आरा पहुँचे एक्टर, निर्देशक व म्यूजिक डायरेक्टर</title>
		<link>https://www.patnanow.com/reach-home-from-mumbai-for-voting/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 25 May 2024 16:11:55 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[We Care]]></category>
		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[काम की ख़बर]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[#Chunavkaparv]]></category>
		<category><![CDATA[ARA]]></category>
		<category><![CDATA[Bhojpuri writer]]></category>
		<category><![CDATA[bihar]]></category>
		<category><![CDATA[Bollywood]]></category>
		<category><![CDATA[Chunav ka parv]]></category>
		<category><![CDATA[Desh ka garv]]></category>
		<category><![CDATA[director]]></category>
		<category><![CDATA[Election 2024]]></category>
		<category><![CDATA[For Voting reach at their home]]></category>
		<category><![CDATA[Journalist]]></category>
		<category><![CDATA[Journalist O P Pandey]]></category>
		<category><![CDATA[Lyrics writer]]></category>
		<category><![CDATA[MP election 2024]]></category>
		<category><![CDATA[Music Director]]></category>
		<category><![CDATA[O P Kashyap]]></category>
		<category><![CDATA[Om kashyap]]></category>
		<category><![CDATA[Pappu Srivastava]]></category>
		<category><![CDATA[PATNA NOW]]></category>
		<category><![CDATA[Satya Prakash Singh]]></category>
		<category><![CDATA[Writer]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.patnanow.com/?p=84414</guid>

					<description><![CDATA[आरा, 25 मई. भारत विविधताओं का देश है. यहाँ विभिन्न संस्कृतियों और धर्मों के बाद भी लोगों के जीवन के कई रंग जिस आपसी प्रेम में सराबोर रहते हैं वही इसे औरों से अलग बनाता है. इस देश में जहाँ होली, छठ, ईद, पोंगल, और लोहरी जैसे लोक-पर्वों में लोग अपने जन्म-स्थली पहुँच उस पर्व के लिए आतुर और समर्पित रहते हैं वैसा ही एक और पर्व है भारत का, जिसके लिए भारत के हर प्रदेश के लोग वैसे ही समर्पित रहते हैं क्योंकि यह वह महापर्व है जो विश्व में भारत को सबसे अलग और इकलौता बनाता है. जी हाँ हम बात कर रहे हैं लोकतंत्र के महापर्व मतदान का. इस महापर्व की चर्चा तब और खास हो जाती है जब चुनाव का मौसम आ जाता है क्योंकि भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है. ऐसे में इस महापर्व की चर्चा न हो तो बात बेमानी लगती है. लोकतंत्र के इस महा पर्व पर देश की मायानगरी मुंबई में अपने प्रदेश से जा वहां अपनी पहचान बनाने वाले अभिनेता,लेखक व निर्देशक ओम कश्यप(ओ पी कश्यप), संगीत निर्देशक पप्पू श्रीवास्तव के साथ पत्रकार व निर्देशक ओ पी पांडेय शनिवार को अपने होम टाउन आरा पहुँचे. वे लोकसभा चुनाव के अंतिम चरण में होने वाले 1 जून को अपना मतदान करेंगे. यह उनलोगों के लिए एक विशेष खबर है जो लोकतंत्र के ढाँचे वाले सर्वश्रेष्ठ देश में रहने के बाद भी अपने मत का महत्व नही समझते हैं. मतदान ही मजबूत लोकतंत्र का आधार है जितना अधिक मतदान होगा लोगों [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>आरा, 25 मई. भारत विविधताओं का देश है. यहाँ विभिन्न संस्कृतियों और धर्मों के बाद भी लोगों के जीवन के कई रंग जिस आपसी प्रेम में सराबोर रहते हैं वही इसे औरों से अलग बनाता है. इस देश में जहाँ होली, छठ, ईद, पोंगल, और लोहरी जैसे लोक-पर्वों में लोग अपने जन्म-स्थली पहुँच उस पर्व के लिए आतुर और समर्पित रहते हैं वैसा ही एक और पर्व है भारत का, जिसके लिए भारत के हर प्रदेश के लोग वैसे ही समर्पित रहते हैं क्योंकि यह वह महापर्व है जो विश्व में भारत को सबसे अलग और इकलौता बनाता है. जी हाँ हम बात कर रहे हैं लोकतंत्र के महापर्व मतदान का. इस महापर्व की चर्चा तब और खास हो जाती है जब चुनाव का मौसम आ जाता है क्योंकि भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है. ऐसे में इस महापर्व की चर्चा न हो तो बात बेमानी लगती है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="1024" height="712" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/05/1000595569-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-84417" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/05/1000595569-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2024/05/1000595569-650x452.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2024/05/1000595569-1536x1067.jpg 1536w, https://www.patnanow.com/assets/2024/05/1000595569-2048x1423.jpg 2048w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="1024" height="641" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/05/1000595568-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-84416" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/05/1000595568-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2024/05/1000595568-650x407.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2024/05/1000595568-1536x961.jpg 1536w, https://www.patnanow.com/assets/2024/05/1000595568-2048x1281.jpg 2048w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>लोकतंत्र के इस महा पर्व पर देश की मायानगरी मुंबई में अपने प्रदेश से जा वहां अपनी पहचान बनाने वाले अभिनेता,लेखक व निर्देशक ओम कश्यप(ओ पी कश्यप), संगीत निर्देशक पप्पू श्रीवास्तव के साथ पत्रकार व निर्देशक ओ पी पांडेय शनिवार को अपने होम टाउन आरा पहुँचे. वे लोकसभा चुनाव के अंतिम चरण में होने वाले 1 जून को अपना मतदान करेंगे. यह उनलोगों के लिए एक विशेष खबर है जो लोकतंत्र के ढाँचे वाले सर्वश्रेष्ठ देश में रहने के बाद भी अपने मत का महत्व नही समझते हैं. मतदान ही मजबूत लोकतंत्र का आधार है जितना अधिक मतदान होगा लोगों की व्यपकता उतनी सटीक होगी जो सरकार चुनने में उन्हें एक दृढ़ता देगी. क्योंकि कमजोर सरकार बनने के बाद सबसे ज्यादा कमजोर लोक ही होगा. इस साल चुनाव में वोट डालने के लिए न सिर्फ देश के विभिन्न हिस्सों से लोग अपने क्षेत्र में पहुँच रहे हैं बल्कि विदेशों में रहने वाले प्रवासी भारतीय भी अपना मतदान करने के लिए भारत आ रहे हैं. इन सभी का मतदान के लिए आना निश्चय तौर पर उन लोगों और नई पीढ़ी के लिए एक जागरूकता है जो चुनाव में अपने मत के महत्व को नजरअंदाज करते हैं.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="583" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/05/1000595571-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-84420" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/05/1000595571-scaled.jpg 583w, https://www.patnanow.com/assets/2024/05/1000595571-370x650.jpg 370w, https://www.patnanow.com/assets/2024/05/1000595571-874x1536.jpg 874w" sizes="(max-width: 583px) 100vw, 583px" /></figure>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="677" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/05/1000595570-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-84418" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/05/1000595570-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2024/05/1000595570-650x430.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2024/05/1000595570-1536x1016.jpg 1536w, https://www.patnanow.com/assets/2024/05/1000595570-2048x1354.jpg 2048w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>पहले लोक-पर्वों पर अमूमन बाहर कमाने वाले अपने घरों में वापस लौटते थे ताकि परिवार के साथ लोक-पारम्परिक पर्व को धूमधाम से मना सकें और आगे की पीढ़ी तक वह परम्परा जिंदा रहे लेकिन लोकतंत्र के इस महा पर्व पर भी लोग अपने घरों को लौट रहे ताकि वे वोट देकर इस महापर्व को मजबूती दे सकें और अपनी जिम्मेदारी और कर्तव्य का निर्वहन कर सकें. लोकतंत्र में लोक जबतक मजबूत नही होगा तंत्र बिखर जाएगा क्योंकि लोक ही अपने लिए सेवक तय करता है क्योंकि लोकतंत्र में लोक राजा होता है और राजा अपने कार्यों के लिए जिसे चुनता है वह उसका सेवक होता है तभी तो देश के प्रधानमंत्री भी अपने आप को प्रधान सेवक कहते हैं. लोकतंत्र को यह मजबूती अब नई पीढ़ी से मिलना शुरू हो गया है और ऐसे ही सजग लोग इसे निरन्तर मजबूती दे रहे हैं.</p>



<p>आरा से <strong>सत्य प्रकाश सिंह</strong> की रिपोर्ट</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>किस शहर के थे &#8216;कजरा मुहब्बत वाला,अंखियों में ऐसा डाला &#8216; गीत के गीतकार</title>
		<link>https://www.patnanow.com/kajra-muhbbat-wala/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[pnc]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 25 Sep 2021 10:59:47 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[UPSC/PCS]]></category>
		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[कला और साहित्य]]></category>
		<category><![CDATA[काम की ख़बर]]></category>
		<category><![CDATA[गांव -शहर]]></category>
		<category><![CDATA[देश दुनिया]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[Ara bhojpur]]></category>
		<category><![CDATA[Kajara mohabat wala]]></category>
		<category><![CDATA[Lyrics writer]]></category>
		<category><![CDATA[Shushil hoda bihari Ara]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.patnanow.com/?p=55635</guid>

					<description><![CDATA[जरा दिमाग पर जोर डालिये याद आया .. रवीन्द्र भारती आरा: भोजपुर की धरती ने अपनी कोख से कई लालों को जन्म दिया है चाहे वो वशिष्ठ नारायण सिंह हो या फिर गीतकार शैलेन्द्र या इतिहासपुरुष बाबू वीर कुंवर सिंह सभी ने भोजपुर की धरती को गौरवान्वित किया है . इन्हीं में से एक प्रसिद्ध गीतकार शमसुल हुदा बिहारी भी हैं.जिनका जन्म सन् 1922 को आरा में हुआ था. इनकी प्रारंभिक शिक्षा आरा में तथा उच्च शिक्षा प्रेसिडेन्सी कॉलेज, कोलकाता में हुई.शिक्षा प्राप्ति के पश्चात् कलकत्ते में ही आपने एक रबर फैक्टरी में सहायक मैनेजर के रूप में कार्य करना प्रारंभ किया. शमशुल हुदा बिहारी को न सिर्फ साहित्य से लगाव था बल्कि वे फुटबॉल के एक अच्छे खिलाड़ी भी थे। प्रसिद्ध फुटबॉल क्लब मोहनबगान के सभी खिलाड़ी भी उन्हें आरा के लाल नाम से जानते थे .उनके खेलने का अंदाज भी एकदम अलग था कोलकाता में रहने के कारण उन्हें बांग्ला भाषा एवं गीत संगीत का भी अच्छा ज्ञान हो गया था . कलकत्ता में रहने के दौरान उनकी मुलाकात प्रसिद्ध संगीतकार अनिल विश्वास से हुई। विश्वास साहब ने उन्हें मुंबई बुलाया। वे 1947 में मुंबई चले गये तथा फिल्मी दुनिया की चकाचौंध में संघर्ष करने लगे। धीरे-धीरे ओ०पी० नैय्यर, मो० रफी और आशा भोंसले से उनका संपर्क बढ़ता गया और उनकी पहचान फिल्मी दुनिया में एक गीतकार के रूप में बन गई . प्रसिद्ध फिल्म &#8216;शर्त&#8217; (1953) में इनका लिखा गीत &#8211; &#8220;देखो वो चांद छुपके करता है क्या इशारे&#8221; फिर 1956 में, &#8220;ये हंसता हुआ कारवा जिंदगी [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>जरा दिमाग पर जोर डालिये याद आया ..</strong></p>



<p><strong><br>रवीन्द्र भारती</strong></p>



<p>आरा: भोजपुर की धरती ने अपनी कोख से कई लालों को जन्म दिया है चाहे वो वशिष्ठ नारायण सिंह हो या फिर गीतकार शैलेन्द्र या इतिहासपुरुष बाबू वीर कुंवर सिंह सभी ने भोजपुर की धरती को गौरवान्वित किया है .</p>



<p><br>इन्हीं में से एक प्रसिद्ध गीतकार शमसुल हुदा बिहारी भी हैं.जिनका जन्म सन् 1922 को आरा में हुआ था. इनकी प्रारंभिक शिक्षा आरा में तथा उच्च शिक्षा प्रेसिडेन्सी कॉलेज, कोलकाता में हुई.शिक्षा प्राप्ति के पश्चात् कलकत्ते में ही आपने एक रबर फैक्टरी में सहायक मैनेजर के रूप में कार्य करना प्रारंभ किया. शमशुल हुदा बिहारी को न सिर्फ साहित्य से लगाव था बल्कि वे फुटबॉल के एक अच्छे खिलाड़ी भी थे। प्रसिद्ध फुटबॉल क्लब मोहनबगान के सभी खिलाड़ी भी उन्हें आरा के लाल नाम से जानते थे .उनके खेलने का अंदाज भी एकदम अलग था कोलकाता में रहने के कारण उन्हें बांग्ला भाषा एवं गीत संगीत का भी अच्छा ज्ञान हो गया था .</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="404" height="600" src="https://www.patnanow.com/assets/2021/09/shasul-hoda-bihari-geetkar-pnc.jpg" alt="" class="wp-image-55636" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2021/09/shasul-hoda-bihari-geetkar-pnc.jpg 404w, https://www.patnanow.com/assets/2021/09/shasul-hoda-bihari-geetkar-pnc-236x350.jpg 236w" sizes="(max-width: 404px) 100vw, 404px" /><figcaption><strong>गीतकार शमशुल होदा बिहारी </strong></figcaption></figure>



<p>कलकत्ता में रहने के दौरान उनकी मुलाकात प्रसिद्ध संगीतकार अनिल विश्वास से हुई। विश्वास साहब ने उन्हें मुंबई बुलाया। वे 1947 में मुंबई चले गये तथा फिल्मी दुनिया की चकाचौंध में संघर्ष करने लगे। धीरे-धीरे ओ०पी० नैय्यर, मो० रफी और आशा भोंसले से उनका संपर्क बढ़ता गया और उनकी पहचान फिल्मी दुनिया में एक गीतकार के रूप में बन गई . प्रसिद्ध फिल्म &#8216;शर्त&#8217; (1953) में इनका लिखा गीत &#8211; &#8220;देखो वो चांद छुपके करता है क्या इशारे&#8221; फिर 1956 में, &#8220;ये हंसता हुआ कारवा जिंदगी का&#8221; 1966 में &#8216;ये रात फिर न आयेगी&#8217; का &#8220;यही वो जगह है, वही वो फिजां है&#8221;, 1966 में &#8216;सावन की घटा&#8217; का &#8220;जरा होले होले चलो&#8221;, 1968 में &#8216;किस्मत&#8217; का &#8220;कजरा मोहब्बत वाला अखियों में ऐसा डाला&#8217; आदि यादगार गीत काफी लोकप्रिय हुए।</p>



<p>शमसुल हुदा बिहारी ने लगभग 50-60 फिल्मों के लिए यादगार गीत लिखे. वे पहले बिहारी गीतकार थे जिन्होंने फिल्मी दुनिया में अपनी तथा अपनी मूल माटी आरा (बिहार) की अविस्मरणीय पहचान बनाई। इस महान गीतकार का निधन 25 फरवरी 1987 को मुंबई में हो गया था. बिहार और भोजपुर के लोग भले ही आज उन्हें भूल गए हो लेकिन एक पीढ़ी जो आज भी उनके गीतों को पसंद करती है गुनगुनाती है. ऐसे महान गीतकार को हम आधुनिकता की चकाचौंध में भूल चुके हैं .आइए उनके लिखे गीतों को आप भी सुनें और गुनगुनाएं<br>  </p>



<p>देखो वो चांद छुपके करता है क्या इशारे<br> </p>



<p>यही वो जगह है, वही वो फिजां है&#8221;<br><br>कजरा मुहब्बत वाला अखियों में ऐसा डाला</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
