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	<title>Land survey &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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	<title>Land survey &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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		<title>परेशान ना हों, जितने कागजात हैं उन्हीं के साथ करें स्वघोषणा</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 03 Apr 2025 17:29:00 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[भूमि सर्वे में स्वघोषणापटना।। जमीन की स्वघोषणा के साथ जमीन के सभी कागजात संलग्न करके देना जरूरी नहीं है. फिलहाल जमीन के जितने कागजात रैयत के पास उपलब्ध हैं, उतने ही संलग्न करें और और बाकी के कागजात का इंतजाम किस्तवार एवं खानापुरी के समय तक कर लें. इस प्रकार बिहार के जमीन मालिक बेहतर ढंग से भूमि सर्वे में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर सकते हैं. यह बात राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री संजय सरावगी ने गुरुवार को भूमि सर्वे की समीक्षा के दौरान कही. संजय सरावगी पुराना सचिवालय स्थित अपने कार्यालय कक्ष में सर्वे निदेशालय के अधिकारियों के साथ भूमि सर्वे की प्रगति की समीक्षा कर रहे थे. बैठक में विभाग के सचिव जय सिंह भी उपस्थित थे. बैठक में स्वघोषणा की तिथि बढ़ाने की संभावना पर भी चर्चा की गई. तिथि बढ़ाने के क्रम में आनेवाली तकनीकी और विधिक कठिनाइयों पर भी विचार किया गया. राजस्व मंत्री को सर्वे निदेशालय के अधिकारियों ने बताया कि 31 मार्च तक कुल 11500916 स्वघोषणा प्राप्त हुई है. इसमें रैयतों द्वारा शिविरों में जमा किए गए ऑफलाइन एवं रैयतों द्वारा निदेशालय की वेबसाइट पर जमा किए गए ऑनलाइन, दोनों प्रकार की स्वघोषणा शामिल है. इसमें दूसरे चरण में शुरू किए गए 36 जिलों के सभी 445 अंचलों (सर्वे शिविरों) में रैयतों द्वारा जमा की गई स्वघोषणा की संख्या को भी जोड़ा गया है. परफॉर्मेंस खराब तो नप जाएंगे समीक्षा के क्रम में कुछ जिलों में स्वघोषणा की संख्या काफी कम देखकर सरावगी ने नाराजगी जाहिर की और उपस्थित अधिकारियों को [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>भूमि सर्वे में स्वघोषणा</strong><br>पटना।। जमीन की स्वघोषणा के साथ जमीन के सभी कागजात संलग्न करके देना जरूरी नहीं है. फिलहाल जमीन के जितने कागजात रैयत के पास उपलब्ध हैं, उतने ही संलग्न करें और और बाकी के कागजात का इंतजाम किस्तवार एवं खानापुरी के समय तक कर लें. इस प्रकार बिहार के जमीन मालिक बेहतर ढंग से भूमि सर्वे में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर सकते हैं. यह बात राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री संजय सरावगी ने गुरुवार को भूमि सर्वे की समीक्षा के दौरान कही.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="1024" height="768" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/03/pnc-revenue-minister-sanjay-sarawagi-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-89496" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/03/pnc-revenue-minister-sanjay-sarawagi-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/03/pnc-revenue-minister-sanjay-sarawagi-650x488.jpg 650w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p><br>संजय सरावगी पुराना सचिवालय स्थित अपने कार्यालय कक्ष में सर्वे निदेशालय के अधिकारियों के साथ भूमि सर्वे की प्रगति की समीक्षा कर रहे थे. बैठक में विभाग के सचिव जय सिंह भी उपस्थित थे. बैठक में स्वघोषणा की तिथि बढ़ाने की संभावना पर भी चर्चा की गई. तिथि बढ़ाने के क्रम में आनेवाली तकनीकी और विधिक कठिनाइयों पर भी विचार किया गया.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="1024" height="683" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/03/pnc-sanjay-sarawagi-bjp-mantri-revenue-department-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-89520" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/03/pnc-sanjay-sarawagi-bjp-mantri-revenue-department-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/03/pnc-sanjay-sarawagi-bjp-mantri-revenue-department-650x433.jpg 650w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>राजस्व मंत्री को सर्वे निदेशालय के अधिकारियों ने बताया कि 31 मार्च तक कुल 11500916 स्वघोषणा प्राप्त हुई है. इसमें रैयतों द्वारा शिविरों में जमा किए गए ऑफलाइन एवं रैयतों द्वारा निदेशालय की वेबसाइट पर जमा किए गए ऑनलाइन, दोनों प्रकार की स्वघोषणा शामिल है. इसमें दूसरे चरण में शुरू किए गए 36 जिलों के सभी 445 अंचलों (सर्वे शिविरों) में रैयतों द्वारा जमा की गई स्वघोषणा की संख्या को भी जोड़ा गया है.</p>



<p><strong>परफॉर्मेंस खराब तो नप जाएंगे </strong><br>समीक्षा के क्रम में कुछ जिलों में स्वघोषणा की संख्या काफी कम देखकर  सरावगी ने नाराजगी जाहिर की और उपस्थित अधिकारियों को सबसे खराब परफॉर्मेंस वाले जिलों/सर्वे शिविरों को चिन्हित करने का निदेश दिया. साथ ही चेतावनी दी कि खराब परफॉर्मेंस वाले शिविरों के कर्मियों ने 15 दिनों में अपना प्रदर्शन नहीं सुधारा तो उन्हें कार्य मुक्त करने की कार्रवाई शुरू की जाएगी.<br>पश्चिम चंपारण जिले के 5 अंचलों…. बेतिया, पिपरासी, मधुबनी, ठकराहा और भितहा में स्वघोषणा की संख्या सबसे कम पाई गई. इसी प्रकार पूर्वी चंपारण जिले के 5 अंचलों…. पिपराकोठी, तुरकौलिया, बनकटवा, छौड़ादानो और रक्सौल में स्वघोषणा की संख्या काफी कम रही. चंपारण के ये 10 अंचल पूरे बिहार में स्वघोषणा प्राप्त करने में सबसे पीछे रहे. बेतिया सदर में अबतक मात्र 187 स्वघोषणा ही प्राप्त हुई है जबकि पिपरासी अंचल में प्राप्त स्वघोषणा की संख्या मात्र 524 है.<br>दूसरी तरफ अररिया सदर अंचल में रैयतों से प्राप्त स्वघोषणा की संख्या 136777 पहुंच गई है. दूसरे नंबर पर आनेवाने दरभंगा के बिरौल शिविर में कुल 114067 स्वघोषणा प्राप्त हुई है. दरभंगा का बहेड़ी, कुशेश्वर स्थान, अररिया का जौकी हाट, फारबिसगंज एवं पलासी में भी बड़ी संख्या में रैयतों ने स्वघोषणा जमा किया है. इसी प्रकार समस्तीपुर के कल्याणपुर और औरंगाबाद के नबीनगर सर्वे शिविर की स्थिति भी स्वघोषणा प्राप्त करने के मामले में संतोषप्रद है.<br>श्री सरावगी ने उपस्थित अधिकारियों को कहा कि सर्वर की खराबी से संबंधित काफी शिकायतें मिल रही हैं. इसकी वजह से भी भूमि सर्वे में अपेक्षित प्रगति नहीं हो पा रही है. निदेशालय की आईटी टीम ने बताया कि सभी 9 प्रमंडलों का डाटा अलग करने में समय लगा है, अब तेजी से डाटा आ रहा है. आईटी टीम ने उन्हें स्वघोषणा ऑनलाइन जमा करने की प्रक्रिया को डेमो करके दिखाया.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
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		<title>खराब प्रदर्शन वाले पदाधिकारियों पर कार्रवाई का आदेश</title>
		<link>https://www.patnanow.com/action-on-poor-performance/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 02 Apr 2025 16:59:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[CITY/OFFICE]]></category>
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					<description><![CDATA[राजस्व मामलों में सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले पदाधिकारियों पर होगी कार्रवाई पटना।। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री संजय सरावगी ने अपर मुख्य सचिव तथा सचिव की मौजूदगी में विभागीय समीक्षा बैठक की. बैठक में मंत्री ने अधिकारियों से राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा प्रदत ऑनलाइन सेवाओं की वास्तविक स्थिति की जानकारी ली. दाखिल- खारिज मामलों में विगत छह महीनों में सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले पदाधिकारियों पर सख्त नाराजगी जाहिर करते हुये मंत्री ने अनुशासनात्मक कार्यवाही के आदेश दिए हैं. मंत्री ने कहा कि कई छोटे-मोटे कारणों की वजह से अंचलाधिकारियों द्वारा दाखिल-खारिज के मामलों को अस्वीकृत कर दिया जाता है. जिस कारण आवेदनों को निरस्त करने का प्रतिशत काफी ज्यादा हो जाता है. प्राप्त आवेदनों को अस्वीकृत करने के आधार पर खराब प्रदर्शन करने वाले अंचलों में लखीसराय का पिपरिया अंचल पहले स्थान पर है. इस अंचल में अंचलाधिकारी द्वारा विगत वर्ष में दाखिल खारिज के कुल प्राप्त आवेदनों में से 65.12% आवेदनों को अस्वीकृत कर दिया गया है. दूसरे स्थान पर दरभंगा का जाले है जहाँ दाखिल खारिज आवेदनों को अस्वीकृत करने का प्रतिशत 62.96 है , तीसरे स्थान पर भोजपुर का अगियांव(55.21%), चौथे स्थान पर किशनगंज का ठाकुरगंज(55.15%), पांचवें स्थान पर जहानाबाद का मोदागंज(53.91%), छठे स्थान पर भोजपुर का बड़हरा(53.52%), सातवें स्थान पर अररिया का जोकीहाट(52.38%), आठवें स्थान पर मधुबनी का जयनगर(50.30%), नौवें स्थान पर खगड़िया का बेलदौर(50.09%) तथा दसवें स्थान पर दरभंगा का कुशेश्वर स्थान पूर्वी (49.62%) है. इसी आधार पर कैमूर के नुआंव अंचल का प्रदर्शन सबसे अच्छा है. यहाँ कुल [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>राजस्व मामलों में सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले पदाधिकारियों पर होगी कार्रवाई</strong> </p>



<p>पटना।। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री संजय सरावगी ने अपर मुख्य सचिव तथा सचिव की मौजूदगी में विभागीय समीक्षा बैठक की. बैठक में मंत्री ने अधिकारियों से राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा प्रदत ऑनलाइन सेवाओं की वास्तविक स्थिति की जानकारी ली. दाखिल- खारिज मामलों में विगत छह महीनों में सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले पदाधिकारियों पर सख्त नाराजगी जाहिर करते हुये मंत्री ने अनुशासनात्मक कार्यवाही के आदेश दिए हैं.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="1024" height="768" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/03/pnc-revenue-minister-sanjay-sarawagi-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-89496" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/03/pnc-revenue-minister-sanjay-sarawagi-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/03/pnc-revenue-minister-sanjay-sarawagi-650x488.jpg 650w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>मंत्री ने कहा कि कई छोटे-मोटे कारणों की वजह से अंचलाधिकारियों द्वारा दाखिल-खारिज के मामलों को अस्वीकृत कर दिया जाता है. जिस कारण आवेदनों को निरस्त करने का प्रतिशत काफी ज्यादा हो जाता है.</p>



<p>प्राप्त आवेदनों को अस्वीकृत करने के आधार पर खराब प्रदर्शन करने वाले अंचलों में लखीसराय का पिपरिया अंचल पहले स्थान पर है. इस अंचल में अंचलाधिकारी द्वारा विगत वर्ष में दाखिल खारिज के कुल प्राप्त आवेदनों में से 65.12% आवेदनों को अस्वीकृत कर दिया गया है. दूसरे स्थान पर दरभंगा का जाले है जहाँ दाखिल खारिज आवेदनों को अस्वीकृत करने का प्रतिशत 62.96 है , तीसरे स्थान पर भोजपुर का अगियांव(55.21%), चौथे स्थान पर किशनगंज का ठाकुरगंज(55.15%), पांचवें स्थान पर जहानाबाद का मोदागंज(53.91%), छठे स्थान पर भोजपुर का बड़हरा(53.52%), सातवें स्थान पर अररिया का जोकीहाट(52.38%), आठवें स्थान पर मधुबनी का जयनगर(50.30%), नौवें स्थान पर खगड़िया का बेलदौर(50.09%) तथा दसवें स्थान पर दरभंगा का कुशेश्वर स्थान पूर्वी (49.62%) है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="409" src="https://www.patnanow.com/assets/2021/07/pnc-revenue-and-land-reforms-department.jpg" alt="" class="wp-image-54601" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2021/07/pnc-revenue-and-land-reforms-department.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2021/07/pnc-revenue-and-land-reforms-department-350x220.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>इसी आधार पर कैमूर के नुआंव अंचल का प्रदर्शन सबसे अच्छा है. यहाँ कुल प्राप्त आवेदनों में से मात्र 6.74% आवेदनों को हीं अस्वीकृत किया गया है. दूसरे स्थान पर नालंदा का एकंगरसराय(7.44%), तीसरे स्थान पर लखीसराय का हलसी(8.93%), चौथे स्थान पर कैमूर का मोहनियां(9.24%), पांचवें स्थान पर मुजफ्फरपुर का मुरौल अंचल(9.54%), छठे स्थान पर वैशाली का पातेपुर(9.60%), सातवें स्थान पर पूर्णिया का श्रीनगर अंचल(9.71%), आठवें स्थान पर सीतामढ़ी का बाजपट्टी(10.26%), नौवें स्थान पर लखीसराय का बड़हिया(10.53%) तथा दसवें स्थान पर कैमूर का रामपुर अंचल(11.06%) है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="683" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/03/pnc-sanjay-sarawagi-bjp-mantri-revenue-department-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-89520" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/03/pnc-sanjay-sarawagi-bjp-mantri-revenue-department-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/03/pnc-sanjay-sarawagi-bjp-mantri-revenue-department-650x433.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>मंत्री ने समीक्षा बैठक के दौरान यह भी कहा कि आमजनों को दाखिल खारिज हेतु आवेदन करते समय अपना ही मोबाइल नंबर डालना चाहिये. सीएससी सेंटर या साइबर कैफे से आवेदन करते वक्त भी यह ध्यान रखें कि मोबाइल नंबर कैफे वाले का ना डालें, बल्कि आवेदक सजग होकर अपना फोन नंबर दें.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
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			</item>
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		<title>भूमि सर्वे में तेजी के आसार, तेरीज लेखन के बाद शुरू होगा किस्तवार का काम</title>
		<link>https://www.patnanow.com/revenue-department-survey-update/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 13 Feb 2025 18:14:28 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
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					<description><![CDATA[पटना।। फरवरी माह के अंत तक बिहार के सभी मौजों में तेरीज लेखन का काम पूर्ण कर लिया जाएगा. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह ने सभी प्रमंडलों के नोडल पदाधिकारियों की बैठक में भूमि सर्वे के काम की प्रगति की समीक्षा की है और उन्हें निदेशालय के निर्णय से जिलों के बंदोबस्त पदाधिकारियों को अवगत कराने का निदेश दिया है. शास्त्रीनगर स्थित सर्वे प्रशिक्षण संस्थान में हुई समीक्षा बैठक में जानकारी दी गई कि दूसरे चरण के 18 जिलों के जिन 26786 मौजों में भूमि सर्वे का काम शुरू किया गया है, उनमें से 70 फीसदी से अधिक मौजों में तेरीज लेखन का काम पूर्ण कर लिया गया है, शेष मौजों में इस माह के आखिर तक यह काम पूरा कर लिया जाएगा. विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने कहा कि फरवरी माह के अंत से किस्तवार का काम शुरू किया जाना है. किस्तवार शुरू करने से पहले हरेक अमीन को उनको आवंटित मौजों का तैरीज लेखन का काम पूर्ण किया जाना है. इसी के मद्देनजर यह कवायद की जा रही है. अरवल एवं शेखपुरा जिलों में पहले चरण में ही भूमि सर्वे का काम पूरी तरह आच्छादित है. शिवहर और लखीसराय जिलों में सौ फीसदी तेरीज लेखन का काम पूरा किया जा चुका है. बाकि पहले चरण के जिन 130 अंचलों में तेरीज लेखन का काम चल रहा है उनमें बाकि किशनगंज और नालंदा जिले में 94 फीसदी, मुंगेर में 93 फीसदी, बांका में 89 फीसदी और कटिहार में 80 फीसदी मौजों [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>पटना।। फरवरी माह के अंत तक बिहार के सभी मौजों में तेरीज लेखन का काम पूर्ण कर लिया जाएगा. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह ने सभी प्रमंडलों के नोडल पदाधिकारियों की बैठक में भूमि सर्वे के काम की प्रगति की समीक्षा की है और उन्हें निदेशालय के निर्णय से जिलों के बंदोबस्त पदाधिकारियों को अवगत कराने का निदेश दिया है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="683" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/12/pnc-revenue-department-kaithi-lipi-book-release-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-87986" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/12/pnc-revenue-department-kaithi-lipi-book-release-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2024/12/pnc-revenue-department-kaithi-lipi-book-release-650x434.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2024/12/pnc-revenue-department-kaithi-lipi-book-release-1536x1025.jpg 1536w, https://www.patnanow.com/assets/2024/12/pnc-revenue-department-kaithi-lipi-book-release-2048x1367.jpg 2048w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>शास्त्रीनगर स्थित सर्वे प्रशिक्षण संस्थान में हुई समीक्षा बैठक में जानकारी दी गई कि दूसरे चरण के 18 जिलों के जिन 26786 मौजों में भूमि सर्वे का काम शुरू किया गया है, उनमें से 70 फीसदी से अधिक मौजों में तेरीज लेखन का काम पूर्ण कर लिया गया है, शेष मौजों में इस माह के आखिर तक यह काम पूरा कर लिया जाएगा. विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने कहा कि फरवरी माह के अंत से किस्तवार का काम शुरू किया जाना है. किस्तवार शुरू करने से पहले हरेक अमीन को उनको आवंटित मौजों का तैरीज लेखन का काम पूर्ण किया जाना है. इसी के मद्देनजर यह कवायद की जा रही है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="360" height="364" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/pnc-acs-education-ias-deepak-kumar-singh.jpg" alt="" class="wp-image-72519" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/pnc-acs-education-ias-deepak-kumar-singh.jpg 360w, https://www.patnanow.com/assets/2023/03/pnc-acs-education-ias-deepak-kumar-singh-346x350.jpg 346w" sizes="auto, (max-width: 360px) 100vw, 360px" /></figure>



<p>अरवल एवं शेखपुरा जिलों में पहले चरण में ही भूमि सर्वे का काम पूरी तरह आच्छादित है. शिवहर और लखीसराय जिलों में सौ फीसदी तेरीज लेखन का काम पूरा किया जा चुका है. बाकि पहले चरण के जिन 130 अंचलों में तेरीज लेखन का काम चल रहा है उनमें बाकि किशनगंज और नालंदा जिले में 94 फीसदी, मुंगेर में 93 फीसदी, बांका में 89 फीसदी और कटिहार में 80 फीसदी मौजों का तेरीज लेखन का काम पूरा किया जा चुका है. शेष में भी कार्य प्रगति पर है.</p>



<p>जिन जिलों में तेरीज लेखन का काम धीमी गति से चल रहा है उनमें सबसे अधिक मौजे वाले जिले गया, मधुबनी और सीवान शामिल हैं. गया में उन गांवों की संख्या 2820 है जहां भूमि सर्वे का काम चल रहा है. यह संख्या बिहार में किसी भी जिले में गांवों की सर्वाधिक है. इन जिलों में कार्य की गति तेज करने का निदेश दिया है. सभी प्रमंडलों का सर्वर अलग-अलग होने के कार्य में प्रगति होने के साथ ही तेरीज लेखन के काम में भी प्रगति अपेक्षित है. तेरीज लेखन का काम पूर्ण होने के बाद त्रि-सीमाना निर्धारण और ग्राम सीमा सत्यापन का काम किया जाएगा. त्रि-सीमाना निर्धारण में हरेक गांव का दूसरे गांवों से मिलती-जुलती सीमा का निर्धारण किया जाता है. यह काम पास के गांवों में स्थित मुस्तकिल की पहचान और उनकी माप के आधार पर किया जाता है. त्रि-सीमाना निर्धारण के बाद गांव की पूरी सीमा का निर्धारण किया जाता है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="356" height="560" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/08/PNC-bjp-adhyaksh-dilip-jaiswal.jpg" alt="" class="wp-image-85970"/></figure>



<p>राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री डॉ दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा कि तेरीज खतियान का सार होता है जो सर्वे के काम में लगे अमीनों के लिए बहुत ही उपयोगी दस्तावेज होता है. तेरीज का निर्माण भी सर्वे कार्य में लगे अमीनों के द्वारा ही किया जाता है. तेरीज लेखन पिछले सर्वे के आधार पर तैयार खतियान से किया जाता है. पिछले सर्वे का खतियान जिला अभिलेखागारों में सुरक्षित रखा गया है. इसकी ऑनलाइन प्रति भी उपलब्ध है जिसे भू अभिलेख पोर्टल पर देखा जा सकता है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="768" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/12/pnc-digitised-naksha-map-by-bhu-rajaswa-vibhag-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-88331" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/12/pnc-digitised-naksha-map-by-bhu-rajaswa-vibhag-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2024/12/pnc-digitised-naksha-map-by-bhu-rajaswa-vibhag-650x488.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह के निर्देश पर प्रपत्र-5 का विस्तार किया गया है, इसमें कई नए कॉलम जोड़े गए हैं जिनका इस्तेमाल खानापुरी और अधिकार अभिलेख बनाने के काम में किया जाएगा. खानापुरी के दौरान अमीन को उसके मोबाइल में उसके गांव के हरेक रैयत और उसके हरेक प्लॉट की संपूर्ण जानकारी उपलब्ध रहेगी. इसके आधार पर उन्हें रैयत का अधिकार अभिलेख या खतियान बनाने के काम में सहूलियत होगी.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong> </p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>जमीन सर्वे के लिए अब 180 दिन का मिला समय</title>
		<link>https://www.patnanow.com/land-survey-update/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 03 Dec 2024 17:16:08 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[CITY/OFFICE]]></category>
		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[काम की ख़बर]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[Bihar land survey]]></category>
		<category><![CDATA[Land survey]]></category>
		<category><![CDATA[Mutation]]></category>
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					<description><![CDATA[पटना।। बिहार में जमीन सर्वे में आ रही परेशानी को देखते हुए सरकार ने लोगों को राहत दी है. सरकार ने जमीन सर्वे की डेड लाइन को छह महीने और बढ़ा दिया है. इसमें रैयत का दावा करने के लिए 60 दिन और दावे के निपटारा के लिए 60 दिन का समय मिलेगा. आज पटना में हुई कैबिनेट मीटिंग में इस फैसले को मंजूरी मिली. कैबिनेट बैठक में कुल 33 एजेंडों पर मुहर लगी है. बता दें कि राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रस्ताव &#8216;बिहार विशेष सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त (संशोधन) नियमावली, 2024&#8217; में यह संशोधन बिहार विशेष सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त नियमावली- 2012 (यथा संशोधित-2019) में किया गया है. इस बारे में विभाग के सचिव जय सिंह ने बताया कि पूर्व में अधिसूचना की तिथि से 30 कार्यदिवस तक स्वघोषणा जमा करने का प्रावधान था. अब उद्घोेषणा की तिथि से 180 दिनों तक अथवा किस्तवार का काम समाप्त किए जाने के पूर्व तक, दोनो में से जो पहले हो…. रैयतों द्वारा स्वघोषणा जमा किया जा सकेगा. 20 अगस्त, 2024 तक बिहार के सभी जिलों में उदघोषणा कर दी गई थी. इसके अनुसार अब 31 मार्च, 2025 तक स्वघोषणा जमा करने की छूट दे दी गई है. उन्होंने कहा कि भूमि सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त में स्वघोेषणा के जरिए रैयत अपनी जमीन का ब्यौरा सर्वे कर्मियों के समक्ष उपलब्ध कराता है. इसमें रैयत द्वारा खरीदी गई जमीन, खतियान, वंशावली एवं बंटवारा का विवरण प्रपत्र- 2 एवं प्रपत्र 3(1) में भरकर या तो सर्वे शिविर में जमा किया जाता है या फिर भू-अभिलेख [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>पटना।। बिहार में जमीन सर्वे में आ रही परेशानी को देखते हुए सरकार ने लोगों को राहत दी है. सरकार ने जमीन सर्वे की डेड लाइन को छह महीने और बढ़ा दिया है. इसमें रैयत का दावा करने के लिए 60 दिन और दावे के निपटारा के लिए 60 दिन का समय मिलेगा. आज पटना में हुई कैबिनेट मीटिंग में इस फैसले को मंजूरी मिली. कैबिनेट बैठक में कुल 33 एजेंडों पर मुहर लगी है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="916" height="532" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/08/pnc-ias-s-Siddharth-acs-cabinet-secretariat.jpg" alt="" class="wp-image-86420" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/08/pnc-ias-s-Siddharth-acs-cabinet-secretariat.jpg 916w, https://www.patnanow.com/assets/2024/08/pnc-ias-s-Siddharth-acs-cabinet-secretariat-650x378.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 916px) 100vw, 916px" /></figure>



<p>बता दें कि राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रस्ताव &#8216;बिहार विशेष सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त (संशोधन) नियमावली, 2024&#8217; में यह संशोधन बिहार विशेष सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त नियमावली- 2012 (यथा संशोधित-2019) में किया गया है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="704" height="440" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/12/1000222195.jpg" alt="" class="wp-image-87966" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/12/1000222195.jpg 704w, https://www.patnanow.com/assets/2024/12/1000222195-650x406.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 704px) 100vw, 704px" /></figure>



<p>इस बारे में विभाग के सचिव जय सिंह ने बताया कि पूर्व में अधिसूचना की तिथि से 30 कार्यदिवस तक स्वघोषणा जमा करने का प्रावधान था. अब उद्घोेषणा की तिथि से 180 दिनों तक अथवा किस्तवार का काम समाप्त किए जाने के पूर्व तक, दोनो में से जो पहले हो…. रैयतों द्वारा स्वघोषणा जमा किया जा सकेगा. 20 अगस्त, 2024 तक बिहार के सभी जिलों में उदघोषणा कर दी गई थी. इसके अनुसार अब 31 मार्च, 2025 तक स्वघोषणा जमा करने की छूट दे दी गई है. </p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="409" src="https://www.patnanow.com/assets/2021/07/pnc-revenue-and-land-reforms-department.jpg" alt="" class="wp-image-54601" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2021/07/pnc-revenue-and-land-reforms-department.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2021/07/pnc-revenue-and-land-reforms-department-350x220.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>उन्होंने कहा कि  भूमि सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त में स्वघोेषणा के जरिए रैयत अपनी जमीन का ब्यौरा सर्वे कर्मियों के समक्ष उपलब्ध कराता है. इसमें रैयत द्वारा खरीदी गई जमीन, खतियान, वंशावली एवं बंटवारा का विवरण प्रपत्र- 2 एवं प्रपत्र 3(1) में भरकर या तो सर्वे शिविर में जमा किया जाता है या फिर भू-अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय की वेबसाइट पर अपलोड किया जाता है. इन कागजातों से खानापुरी के समय अधिकार अभिलेख बनाने में सर्वे कर्मियों को मदद मिलती है.<br>राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री डाॅ दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा है कि भू-अभिलेखों की अनुपलब्धता की वजह से आम लोग परेशान हो रहे थे. उनके द्वारा स्वघोषणा की तिथि बढ़ाने का अनुरोध किया जा रहा था जिसके मद्देनजर यह निर्णय लिया गया है. उम्मीद है कि इस अवधि के दौरान अपने कागजात ठीक कर लेंगे और भूमि सर्वे में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे.<br>राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने बताया कि आम लोगों की सुविधा के लिए विभाग ने कई और महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं, जिनका कैबिनेट द्वारा अनुमोदन कर दिया गया है. किस्तवार का काम जिसमें गांवों का मानचित्र बनाया जाता है, को पूर्ण करने की समयावधि 30 कार्य दिवस से बढ़ाकर 90 कार्य दिवस की गई है. मौजा बड़ा होने पर यह निर्णय लेने का अधिकार बंदोबस्त पदाधिकारियों को दिया गया है.<br>इसी प्रकार प्रपत्र-8 में दावा/आपत्ति देने की समयावधि भी 15 दिन से बढ़ाकर 30 दिन कर दी गई है. खानापुरी पर्चा मिलने के बाद रैयत अपनी जमीन से संबंधित ब्यौरा से असंतुष्ट होने पर प्रपत्र-8 में सर्वे शिविर में आपत्ति दर्ज करता है.<br>सरकारी भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह तय हुआ है कि सरकारी/ लोक भूमि से संबंधित दावा/आक्षेप का निष्पादन सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी /अंचल अधिकारी/चकबंदी पदाधिकारी से अन्यून स्तर के पदाधिकारी के द्वारा नहीं किया जाएगा. साथ ही यह भी तय किया गया है कि अंतिम प्रकाशन की तिथि से 90 दिनों के भीतर कोई भी रैयत प्रपत्र-21 में एक से अधिकारियों के समक्ष आपत्ति दायर कर सकेगा और 90 दिनों की समयावधि बीतने के बावजूद विलंब क्षांत कर एक बार और सुनवाई करने का निर्णय भी लिया गया है.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>सरकारी भूमि और कोर्ट ऑर्डर से संबंधित मामले भी अब होंगे ऑनलाइन</title>
		<link>https://www.patnanow.com/revenue-department-on-e-mapi/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 30 Nov 2024 10:23:46 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[CITY/OFFICE]]></category>
		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
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		<category><![CDATA[Bhumi vivad]]></category>
		<category><![CDATA[Bihar land survey]]></category>
		<category><![CDATA[E mapi]]></category>
		<category><![CDATA[Land survey]]></category>
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					<description><![CDATA[पटना।। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने ई-मापी से संबंधित महत्वपूर्ण निर्देश दिया है. दरअसल राज्य के रैयतों को मापी हेतु ऑनलाइन आवेदन देने की सुविधा दी गई है. किन्तु सरकारी भूमि, न्यायालय द्वारा पारित आदेश, विधि व्यवस्था से संबंधित मामले एवं लोक शिकायत निवारण में पारित आदेश के मामले में मापी शुरू करने के बारे में स्पष्ट दिशा निदेश का अभाव था. निदेश दिया गया कि ई-मापी पोर्टल के ड्रॉप डाउन में उक्त चारों मामलों को जोड़ा जाए. बैठक में यह निदेश भी दिया गया कि ई-मापी को भू-अभिलेख पोर्टल से अविलंब जोड़ दिया जाए. इससे रैयतों की अपनी जमीन की मापी की सत्यापित प्रति पाने में सहूलियत होगी. इसके संबंध में रैयतों को समाचार पत्रों के माध्यम से भी जानकारी देने का निदेश अपर मुख्य सचिव द्वारा दिया गया ताकि आमलोग इसका फायदा उठा सकें. कुछ महीने पहले विभाग द्वारा परिमार्जन प्लस पोर्टल के जरिए जमाबंदी में सुधार की सुविधा दी गई थी. इनमें वैसी जमाबंदियों के डिजिटाइजेशन का भी प्रावधान है जो शुरूआती दौर में छूट गई थीं. निर्णय लेने के लिए भूमि की मापी आवश्यक होती है. अपर मुख्य सचिव ने निदेश दिया कि बिना जमाबंदी के भी नापी का प्रावधान किया जा सके इसका प्रावधान किया जाए.बैठक में इस बात पर चर्चा हुई कि राज्य में प्रति अमीन प्रति दिन औसतन 3 मापी का कार्य किया जा रहा है. ये सभी रैयती भूमि से संबंधित मामले हैं. इनमें सरकारी भूमि की मापी का मामला शामिल नहीं है. इसलिए [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>पटना।। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने ई-मापी से संबंधित महत्वपूर्ण निर्देश दिया है. दरअसल राज्य के रैयतों को मापी हेतु ऑनलाइन आवेदन देने की सुविधा दी गई है. किन्तु सरकारी भूमि, न्यायालय द्वारा पारित आदेश, विधि व्यवस्था से संबंधित मामले एवं लोक शिकायत निवारण में पारित आदेश के मामले में मापी शुरू करने के बारे में स्पष्ट दिशा निदेश का अभाव था. निदेश दिया गया कि ई-मापी पोर्टल के ड्रॉप डाउन में उक्त चारों मामलों को जोड़ा जाए.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="360" height="364" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/pnc-acs-education-ias-deepak-kumar-singh.jpg" alt="" class="wp-image-72519" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/pnc-acs-education-ias-deepak-kumar-singh.jpg 360w, https://www.patnanow.com/assets/2023/03/pnc-acs-education-ias-deepak-kumar-singh-346x350.jpg 346w" sizes="auto, (max-width: 360px) 100vw, 360px" /></figure>



<p>बैठक में यह निदेश भी दिया गया कि ई-मापी को भू-अभिलेख पोर्टल से अविलंब जोड़ दिया जाए. इससे रैयतों की अपनी जमीन की मापी की सत्यापित प्रति पाने में सहूलियत होगी. इसके संबंध में रैयतों को समाचार पत्रों के माध्यम से भी जानकारी देने का निदेश अपर मुख्य सचिव द्वारा दिया गया ताकि आमलोग इसका फायदा उठा सकें. </p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="946" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/06/PNC-parimarjan-Bihar-bhumi-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-84648" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/06/PNC-parimarjan-Bihar-bhumi-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2024/06/PNC-parimarjan-Bihar-bhumi-650x601.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>कुछ महीने पहले विभाग द्वारा परिमार्जन प्लस पोर्टल के जरिए जमाबंदी में सुधार की सुविधा दी गई थी. इनमें वैसी जमाबंदियों के डिजिटाइजेशन का भी प्रावधान है जो शुरूआती दौर में छूट गई थीं. निर्णय लेने के लिए भूमि की मापी आवश्यक होती है. अपर मुख्य सचिव ने निदेश दिया कि बिना जमाबंदी के भी नापी का प्रावधान किया जा सके इसका प्रावधान किया जाए.<br>बैठक में इस बात पर चर्चा हुई कि राज्य में प्रति अमीन प्रति दिन औसतन 3 मापी का कार्य किया जा रहा है. ये सभी रैयती भूमि से संबंधित मामले हैं. इनमें सरकारी भूमि की मापी का मामला शामिल नहीं है. इसलिए सरकारी भूमि की मापी का अभिलेख ऑनलाइन किए जाने की आवश्यकता है. बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि ससमय मापी फीस का भुगतान नहीं करने पर आवेदन को निरस्त कर दिया जाए. इसके लिए 60 दिनों का समय निर्धारित किया गया है. लोगों को इसकी जानकारी हो इसके लिए विज्ञापन देने का निर्णय लिया गया है.<br>बैठक में यह भी निदेश दिया गया कि ऐसी व्यवस्था की जाए कि आमलोग मापी का आवदेन रेवेन्यू कोर्ट मैनेजमेंट के जरिए भी ऑनलाइन कर सकें और ऑनलाइन ही ई-मापी की रिपोर्ट हासिल कर सकें.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>सच साबित हो रही है PK की चिंता, टल सकता है सर्वे</title>
		<link>https://www.patnanow.com/sach-sabit-ho-rehi-pk-ki-bhavishyavani/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 11 Sep 2024 12:39:46 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[Politics]]></category>
		<category><![CDATA[We Care]]></category>
		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
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		<category><![CDATA[Journalist O P Pandey]]></category>
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		<category><![CDATA[PATNA]]></category>
		<category><![CDATA[PATNA NOW]]></category>
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		<category><![CDATA[Prashant Kishore]]></category>
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					<description><![CDATA[प्रशांत किशोर ने जमीन सर्वे को लेकर समाज में असंतोष पैदा होने की पहले ही जताई थी आशंका अब बिहार सरकार जमीन सर्वे को टालने पर कर रही विचार पटना,10 जुलाई. बिहार के न्यायालयों में सबसे ज्यादा भूमि विवाद सम्बंधी केस लंबित पड़े हैं. ऐसे कुल केसों में 70 फीसदी सिर्फ भूमि विवाद से जुड़े केस हैं. सरकार ने भले ही इसे सुलझाने के लिए विधान सभा चुनाव के पहले सर्वे का निर्णय लिया हो लेकिन इस बारे में पहले से ही मांगे उठती आयी हैं. जमीन के मुद्दे पर PK पहले से ही बोलते आये हैं. लेकिन सरकार द्वारा देर से इसपर निर्णय लेना कहीं उसे ही भारी न पड़ जाए ऐसा प्रतीत हो रहा है. जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर की जमीन सर्वे पर की गयी भविष्यवाणी सच होती दिखाई दे रही हैं. जमीन सर्वे को लेकर बिहार के लोगों में व्यापक तौर पर गुस्सा दिखाई दे रहा है. इसी ज़मीनी हकीकत को देखते हुए यह अनुमान लगाया जा रहा है कि बिहार सरकार जल्द ही जमीनों के सर्वे को टाल सकती है. मीडिया में इसको लेकर चर्चा चल रही है. प्रशांत किशोर ने शुरुआत से ही बिहार सरकार द्वारा शुरू किये गए ज़मीन सर्वे के तरीके पर सवाल उठाया है. उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा है कि जिस तरह से इसको लागू किया जा रहा है उससे अगले 6 महीने में हर घर, हर गांव- पंचायत में जमीन के मालिकाना हक के लिए झगड़े होंगे. इस सर्वेक्षण को बिना किसी तरह की तैयारी और संसाधन की [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>प्रशांत किशोर ने जमीन सर्वे को लेकर समाज में असंतोष पैदा होने की पहले ही जताई थी आशंका</strong></p>



<p><strong>अब बिहार सरकार जमीन सर्वे को टालने पर कर रही विचार</strong></p>



<p>पटना,10 जुलाई. बिहार के न्यायालयों में सबसे ज्यादा भूमि विवाद सम्बंधी केस लंबित पड़े हैं. ऐसे कुल केसों में 70 फीसदी सिर्फ भूमि विवाद से जुड़े केस हैं. सरकार ने भले ही इसे सुलझाने के लिए विधान सभा चुनाव के पहले सर्वे का निर्णय लिया हो लेकिन इस बारे में पहले से ही मांगे उठती आयी हैं. जमीन के मुद्दे पर PK पहले से ही बोलते आये हैं. लेकिन सरकार द्वारा देर से इसपर निर्णय लेना कहीं उसे ही भारी न पड़ जाए ऐसा प्रतीत हो रहा है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="464" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/08/PNC_PK-1.jpg" alt="" class="wp-image-65627" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/08/PNC_PK-1.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/08/PNC_PK-1-350x250.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर की जमीन सर्वे पर की गयी भविष्यवाणी सच होती दिखाई दे रही हैं. जमीन सर्वे को लेकर बिहार के लोगों में व्यापक तौर पर गुस्सा दिखाई दे रहा है. इसी ज़मीनी हकीकत को देखते हुए यह अनुमान लगाया जा रहा है कि बिहार सरकार जल्द ही जमीनों के सर्वे को टाल सकती है. मीडिया में इसको लेकर चर्चा चल रही है.</p>



<p>प्रशांत किशोर ने शुरुआत से ही बिहार सरकार द्वारा शुरू किये गए ज़मीन सर्वे के तरीके पर सवाल उठाया है. उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा है कि जिस तरह से इसको लागू किया जा रहा है उससे अगले 6 महीने में हर घर, हर गांव- पंचायत में जमीन के मालिकाना हक के लिए झगड़े होंगे. इस सर्वेक्षण को बिना किसी तरह की तैयारी और संसाधन की व्यवस्था किए शुरू किया गया है.</p>



<p>यह ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि कुछ दिन पहले बिहार में ज़मीन रिकॉर्ड का डिज़िटाइज़ेशन किया गया, जो बिना किसी तैयारी के बाहरी एजेंसी के द्वारा करा दिया गया था, जिसमें यह तय हुआ कि जो ज्यादा डिज़िटाइज़ेशन करेगा, उसे उतना ही ज्यादा पैसा मिलेगा. इसी के चलते हड़बड़ी में किसी की ज़मीन किसी के भाई के नाम और भाई की ज़मीन भतीजे के नाम पर कर दी गयी, जिससे गाँवो के स्तर पर कोहराम मच गया. इसलिए फिर से हड़बड़ी में बिना किसी तैयारी के ज़मीन सर्वे लाया गया जो की आने वाले समय में ज़मीन से संबंधित झगड़ो का सबसे बड़ा कारण बनने वाला है.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>फील्ड में रहकर सर्वे कार्य की समीक्षा करेंगे बंदोबस्त पदाधिकारी</title>
		<link>https://www.patnanow.com/survey-me-field-duty-jaruri/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 30 Aug 2024 16:49:31 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[CITY/OFFICE]]></category>
		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[गांव -शहर]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[Bihar Bhumi]]></category>
		<category><![CDATA[Land survey]]></category>
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					<description><![CDATA[बंदोबस्त पदाधिकारियों की मासिक बैठक में मिला टास्क]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>बंदोबस्त पदाधिकारियों की मासिक बैठक</strong> <strong>में मिला टास्क</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="562" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/08/1000049072-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-86605" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/08/1000049072-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2024/08/1000049072-650x357.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2024/08/1000049072-1536x842.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<pre class="wp-block-code"><code>पटना।। बंदोबस्त पदाधिकारियों को अपने-अपने जिलों में भूमि सर्वे के काम की बेहतर समीक्षा के लिए निरंतर क्षेत्रीय भ्रमण करना चाहिए. फिल्ड विजिट से न केवल काम के प्रगति की जानकारी हासिल होगी बल्कि काम की रफ्तार भी तेज होगी.सभी बंदोबस्त पदाधिकारी दूसरे चरण के सर्वे की तैयारी जल्द से जल्द से पूरी कर लें.सारे सर्वे शिविरों को व्यक्तिगत रूप से जाकर देख लें.राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने बंदोबस्त पदाधिकारियों को ये निर्देश दिए हैं.
उन्होंने कहा कि सर्वे शिविर वैसी जगह पर नहीं होने चाहिए जहां लोगों को आने-जाने में परेशानी होती हो. शिविर का गठन अंचल या अंचल कार्यालय के आसपास ही किया जाना चाहिए. इससे शिविर का प्रचार-प्रसार अच्छे से होगा. अंचल कार्यालय परिसर के आधुनिक अभिलेखागारों में शिविर गठन होने से उसमें उपलब्ध कंप्यूटर/प्रिंटर जैसे उपस्करों का इस्तेमाल सर्वे के कार्य में किया जा सकेगा.अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह बंदोबस्त पदाधिकारियों के मासिक बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे.

बैठक का आयोजन शास्त्रीनगर स्थित सर्वे प्रशिक्षण संस्थान में किया गया था. बैठक में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव और भू अभिलेख एवं परिमाप निदेशक जय सिंह एवं विभाग के विशेष कार्य पदाधिकारी लक्ष्मण तिवारी भी उपस्थित थे.बैठक में  जय सिंह ने सूबे के सभी मौजों में भूमि सर्वे के कार्य की प्रगति की समीक्षा की. इसमें 2611 मौजों को सर्वे में शामिल नहीं किया गया है जो शहरी क्षेत्रों,असर्वेक्षित, टोपोलैंड या फिर किसी कारण से विवादित हैं. इस प्रकार 43138 गांवों में भूमि सर्वे का काम प्रारंभ किया गया है.इन सभी मौजों में प्रपत्र-1 में उद्घोषणा कर दी गई है और सभी को भू सर्वेक्षण साफ्टवेयर में अपलोड भी कर दिया गया है.  
 भूमि सर्वे में शुरूआती काम ग्राम सभा होती है जिसमें गांव के सभी व्यस्कों एवं जन प्रतिनिधियों को गांव के किसी सार्वजनिक स्थल पर बुलाकर उन्हें भूमि सर्वे की उपयोगिता एवं उसमें उनकी सक्रिय भागीदारी के बारे में बताया जाता है. यह सभा भी 35454 ग्रामों में आयोजित कर ली गई है. बाकि मौजों में भी ग्राम सभा का आयोजन अगले एक सप्ताह में कर लेने का निदेश सचिव सह निदेशक द्वारा दिया गया.
 उन्होेंने कहा कि जिन मौजों में ग्राम सभा का आयोजन कर लिया गया है उनके अमीन को खतियान का सार यानि तेरीज लेखन का काम करना है.आज की समीक्षा में ज्ञात हुआ कि 13626 मौजों में तेरीज लेखन का काम शुरू किया गया था जिसमें 8014 मौजों में इसे पूर्ण कर लिया गया है.अगले एक माह में इस काम को भी पूरा किया जाना है.
 समीक्षा में पाया गया कि स्वघोषणा यानि प्रपत्र-2 में अपनी भूमि का ब्यौरा सौंपने के काम में रैयतों द्वारा सुस्ती बरती जा रही है. रोहतास जिले में लगभग 10 हजार रैयतों द्वारा स्वघोषणा अपलोड की गई है,बाकि जिलों में यह काम धीमी गति से हो रहा है.
 स्वघोषणा निदेशालय के वेबसाइट पर अपलोड किया जा सकता है या शिविर में जाकर हाथों हाथ दिया जा सकता है. सचिव ने कहा कि रैयतों को यह सुविधा सीमित अवधि के लिए ही दी गई है इसलिए उन्हें यह काम प्राथमिकता के आधार पर कर लेना चाहिए.

बैठक में उपस्थित बंदोबस्त पदाधिकारियों को यह भी निदेश दिया गया कि वो अपने जिलों के अंचलों में बने शिविरों का स्थान, शिविर प्रभारी का नाम एवं मोबाइल नंबर स्थानीय अखबारों में प्रकाशित करवा दें ताकि आमलोगों को उन्हें ढूंढने में कोई परेशानी नहीं हो.बैठक में सभी जिलों के बंदोबस्त पदाधिकारी, प्रभारी पदाधिकारी एवं सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी (मुख्यालय) उपस्थित थे.
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