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	<title>Land reforms &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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	<title>Land reforms &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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		<title>आदेश: &#8216;मृत रैयतों की जमाबंदी उत्तराधिकारियों के नाम करें अपडेट&#8217;</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 03 Sep 2026 14:31:08 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
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					<description><![CDATA[सभी राजस्व कर्मचारी अपने हलका के महीने में पांच जमाबंदी अपडेट करेंगे अभियान चलाकर त्रुटिपूर्ण जमाबंदी मामलों का करें त्वरित निष्पादन पटना।। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह ने मृत रैयतों की जमाबंदी को पात्र उत्तराधिकारियों के नाम शीघ्र अद्यतन करने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा कि सभी राजस्व कर्मचारी अपने-अपने हलका में प्रत्येक माह कम से कम पांच मृत जमाबंदी मामलों का निष्पादन सुनिश्चित करें. सचिव जय सिंह की अध्यक्षता में गुरुवार को राजस्व (सर्वे) प्रशिक्षण संस्थान, शास्त्रीनगर, पटना में गया, नालंदा एवं शेखपुरा जिलों के सभी अंचल अधिकारियों की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई. बैठक में राजस्व कार्यों की प्रगति तथा विभिन्न लंबित सेवाओं के निष्पादन की विस्तार से समीक्षा की गई. मृत जमाबंदी मामलों के निष्पादन में लाएं तेजी बैठक में मृत जमाबंदी के मामलों के त्वरित निष्पादन पर विशेष जोर दिया गया. सचिव ने निर्देश दिया कि अभियान चलाकर मृत रैयतों की जमाबंदी को पात्र उत्तराधिकारियों के नाम अद्यतन किया जाए. इसके लिए सभी राजस्व कर्मचारियों को प्रत्येक माह अपने हलका में कम से कम पांच मामलों का निष्पादन सुनिश्चित करने को कहा गया. त्रुटिपूर्ण जमाबंदी मामलों का त्वरित निष्पादन करें सचिव श्री सिंह ने त्रुटिपूर्ण जमाबंदी मामलों की पहचान कर अभियान चलाने तथा उनका नियमानुसार त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि राजस्व अभिलेखों को अद्यतन और त्रुटिरहित बनाना विभाग की प्राथमिकता है. मापी की निर्धारित तिथि पर हर हाल में हो कार्य राज्य में लंबित मापी मामलों के त्वरित निष्पादन को लेकर सचिव ने अधिकारियों को सख्त [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>सभी राजस्व कर्मचारी अपने हलका के महीने में पांच जमाबंदी अपडेट करेंगे</strong></p>



<p><strong>अभियान चलाकर त्रुटिपूर्ण जमाबंदी मामलों का करें त्वरित निष्पादन</strong></p>



<p>पटना।। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह ने मृत रैयतों की जमाबंदी को पात्र उत्तराधिकारियों के नाम शीघ्र अद्यतन करने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा कि सभी राजस्व कर्मचारी अपने-अपने हलका में प्रत्येक माह कम से कम पांच मृत जमाबंदी मामलों का निष्पादन सुनिश्चित करें.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="1024" height="682" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/09/pnc-revenue-department-meeting-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-99022" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/09/pnc-revenue-department-meeting-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/09/pnc-revenue-department-meeting-650x433.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/09/pnc-revenue-department-meeting-1536x1023.jpg 1536w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>सचिव जय सिंह की अध्यक्षता में गुरुवार को राजस्व (सर्वे) प्रशिक्षण संस्थान, शास्त्रीनगर, पटना में गया, नालंदा एवं शेखपुरा जिलों के सभी अंचल अधिकारियों की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई. बैठक में राजस्व कार्यों की प्रगति तथा विभिन्न लंबित सेवाओं के निष्पादन की विस्तार से समीक्षा की गई.</p>



<p><strong>मृत जमाबंदी मामलों के निष्पादन में लाएं तेजी</strong></p>



<p>बैठक में मृत जमाबंदी के मामलों के त्वरित निष्पादन पर विशेष जोर दिया गया. सचिव ने निर्देश दिया कि अभियान चलाकर मृत रैयतों की जमाबंदी को पात्र उत्तराधिकारियों के नाम अद्यतन किया जाए. इसके लिए सभी राजस्व कर्मचारियों को प्रत्येक माह अपने हलका में कम से कम पांच मामलों का निष्पादन सुनिश्चित करने को कहा गया.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="1024" height="682" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/09/pnc-ias-jay-singh-secretary-revenue-department-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-99020" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/09/pnc-ias-jay-singh-secretary-revenue-department-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/09/pnc-ias-jay-singh-secretary-revenue-department-650x433.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/09/pnc-ias-jay-singh-secretary-revenue-department-1536x1023.jpg 1536w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p><strong>त्रुटिपूर्ण जमाबंदी मामलों का त्वरित निष्पादन करें</strong></p>



<p>सचिव श्री सिंह ने त्रुटिपूर्ण जमाबंदी मामलों की पहचान कर अभियान चलाने तथा उनका नियमानुसार त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि राजस्व अभिलेखों को अद्यतन और त्रुटिरहित बनाना विभाग की प्राथमिकता है.</p>



<p><strong>मापी की निर्धारित तिथि पर हर हाल में हो कार्य</strong></p>



<p>राज्य में लंबित मापी मामलों के त्वरित निष्पादन को लेकर सचिव ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मापी की निर्धारित तिथि पर संबंधित रैयत की अनुपस्थिति किसी भी स्थिति में मापी कार्य को लंबित रखने का आधार नहीं बनेगी.<br>उन्होंने निर्देश दिया कि मापी की निर्धारित तिथि की सूचना संबंधित रैयत को व्यक्तिगत रूप से तथा उपलब्ध मोबाइल नंबर के माध्यम से दी जाए।l. साथ ही संबंधित पंचायत क्षेत्र के पंचायत भवन एवं अंचल कार्यालय के नोटिस बोर्ड पर भी सूचना चस्पा की जाए. निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद तय तिथि पर मापी का कार्य हर हाल में पूरा कराया जाए.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="1024" height="682" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/09/pnc-meeting-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-99021" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/09/pnc-meeting-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/09/pnc-meeting-650x433.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/09/pnc-meeting-1536x1023.jpg 1536w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p><strong>गलत दस्तावेज देने वालों पर होगी कार्रवाई</strong></p>



<p>म्यूटेशन के मामलों में गलत दस्तावेज अथवा गलत तथ्य प्रस्तुत करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए. दस्तावेजों की जांच को प्रभावी बनाने के लिए अमीनों को स्थल पर जाकर स्पॉट वेरिफिकेशन करने को कहा गया।l </p>



<p><strong>अतिक्रमण वादों का आरसीएमएस के माध्यम से ऑनलाइन निष्पादन</strong></p>



<p>सचिव ने सभी अंचलों में लंबित अतिक्रमण वादों का संचालन राजस्व न्यायालय प्रबंधन प्रणाली (RCMS) के माध्यम से पूर्णतः ऑनलाइन करने का निर्देश दिया। साथ ही सरकारी भूमि की गलत जमाबंदी की पहचान कर नियमानुसार तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया.<br>सचिव जय सिंह ने कहा कि राजस्व कार्यों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित किया जाए. बेहतर प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रोत्साहित किया जाएगा, जबकि कार्यों में अनावश्यक देरी अथवा लापरवाही पाए जाने पर जवाबदेही तय की जाएगी.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="501" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/pnc-revenue-and-land-reforms-department-1-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-96909" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/pnc-revenue-and-land-reforms-department-1-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/05/pnc-revenue-and-land-reforms-department-1-650x318.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>बैठक में अपर सचिव डॉ. महेंद्र पाल, संयुक्त सचिव गिरधारी लाल, उप निदेशक मोना झा, राजस्व (सर्वे) प्रशिक्षण संस्थान के प्राचार्य दिव्य राज गणेश, विशेष कार्य पदाधिकारी  नवाजिश अख्तर एवं  अनुपम प्रकाश, सहायक निदेशक-सह-जनसंपर्क पदाधिकारी जूही कुमारी, आईटी मैनेजर आनंद शंकर सहित गया, नालंदा एवं शेखपुरा जिलों के सभी अंचल अधिकारी उपस्थित थे.</p>
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			</item>
		<item>
		<title>फरमान: हर महीने चार अंचलों का निरीक्षण करेंगे डीसीएलआर</title>
		<link>https://www.patnanow.com/dclr-training-2/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 14 Aug 2026 14:40:18 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[CITY/OFFICE]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[Bhumi sudhar]]></category>
		<category><![CDATA[Dclr training]]></category>
		<category><![CDATA[Land reforms]]></category>
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					<description><![CDATA[&#8216;अंचल कार्यालयों की कार्यप्रणाली की होगी गहन समीक्षा&#8217; पटना : नवपदस्थापित 47 भूमि सुधार उप समाहर्ता के पांच दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन के मौके पर राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने अधिकारियों को राजस्व प्रशासन में पारदर्शिता, गुणवत्ता और जवाबदेही सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि सभी डीसीएलआर प्रत्येक माह कम-से-कम चार अंचलों का नियमित एवं प्रभावी निरीक्षण करेंगे. मंत्री ने कहा कि अंचल कार्यालयों का निरीक्षण केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं रहना चाहिए. डीसीएलआर निरीक्षण के दौरान कार्यालय की पूरी कार्यप्रणाली, लंबित मामलों, राजस्व कर्मचारियों, अमीन एवं डेटा एंट्री ऑपरेटरों के कार्यों की गुणवत्ता तथा रिपोर्टिंग की समीक्षा करें. गलत या कमजोर रिपोर्टिंग को गंभीरता से लेते हुए उसके कारणों की पहचान कर सुधार सुनिश्चित किया जाए. उन्होंने कहा कि राजस्व अधिकारियों की जिम्मेदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि उनके निर्णय का सीधा प्रभाव आम लोगों के जीवन और संपत्ति पर पड़ता है. इसलिए अधिकारियों को कानून के अनुरूप न्यायपूर्ण, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण निर्णय लेना होगा. किसी भी प्रकार के दबाव में आकर गलत निर्णय नहीं लिया जाना चाहिए. ‘आमजन में विभाग का विश्वास स्थापित करने की जिम्मेवारी आपकी’ विभाग के सचिव जय सिंह ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रति आमजन का विश्वास और मजबूत करने की सबसे बड़ी जिम्मेवारी फील्ड के अधिकारियों की है. उन्होंने कहा कि आम नागरिक के लिए राजस्व कार्यालय और वहां कार्यरत अधिकारी ही सरकार का प्रत्यक्ष चेहरा होते हैं. इसलिए अधिकारी का व्यवहार, निर्णय और कार्यप्रणाली ही [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>&#8216;<strong>अंचल कार्यालयों की कार्यप्रणाली की होगी गहन समीक्षा&#8217; </strong></p>



<p>पटना : नवपदस्थापित 47 भूमि सुधार उप समाहर्ता के पांच दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन के मौके पर राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने अधिकारियों को राजस्व प्रशासन में पारदर्शिता, गुणवत्ता और जवाबदेही सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि सभी डीसीएलआर प्रत्येक माह कम-से-कम चार अंचलों का नियमित एवं प्रभावी निरीक्षण करेंगे.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="682" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001075296-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-98528" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001075296-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001075296-650x433.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001075296-1536x1023.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>मंत्री ने कहा कि अंचल कार्यालयों का निरीक्षण केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं रहना चाहिए. डीसीएलआर निरीक्षण के दौरान कार्यालय की पूरी कार्यप्रणाली, लंबित मामलों, राजस्व कर्मचारियों, अमीन एवं डेटा एंट्री ऑपरेटरों के कार्यों की गुणवत्ता तथा रिपोर्टिंग की समीक्षा करें. गलत या कमजोर रिपोर्टिंग को गंभीरता से लेते हुए उसके कारणों की पहचान कर सुधार सुनिश्चित किया जाए.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="682" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001075293-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-98532" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001075293-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001075293-650x433.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001075293-1536x1023.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>उन्होंने कहा कि राजस्व अधिकारियों की जिम्मेदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि उनके निर्णय का सीधा प्रभाव आम लोगों के जीवन और संपत्ति पर पड़ता है. इसलिए अधिकारियों को कानून के अनुरूप न्यायपूर्ण, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण निर्णय लेना होगा. किसी भी प्रकार के दबाव में आकर गलत निर्णय नहीं लिया जाना चाहिए.</p>



<p>‘<strong>आमजन में विभाग का विश्वास स्थापित करने की जिम्मेवारी आपकी’</strong></p>



<p>विभाग के सचिव जय सिंह ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रति आमजन का विश्वास और मजबूत करने की सबसे बड़ी जिम्मेवारी फील्ड के अधिकारियों की है. उन्होंने कहा कि आम नागरिक के लिए राजस्व कार्यालय और वहां कार्यरत अधिकारी ही सरकार का प्रत्यक्ष चेहरा होते हैं. इसलिए अधिकारी का व्यवहार, निर्णय और कार्यप्रणाली ही विभाग की छवि तय करती है.<br>उन्होंने कहा कि एक अधिकारी का सही और पारदर्शी निर्णय विभाग के प्रति लोगों का भरोसा बढ़ा सकता है, जबकि एक गलत या लापरवाहीपूर्ण निर्णय वर्षों में अर्जित विश्वास को प्रभावित कर सकता है. इसलिए प्रत्येक अधिकारी यह सुनिश्चित करे कि आम लोगों को अपने काम के लिए अनावश्यक रूप से कार्यालयों का चक्कर न लगाना पड़े और उन्हें निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण सेवा मिले.<br>श्री जय सिंह ने कहा कि अधिकारियों को अपनी जिम्मेदारी को केवल नौकरी या पद के रूप में नहीं, बल्कि जनसेवा और न्याय सुनिश्चित करने के अवसर के रूप में देखना चाहिए.</p>



<p><strong>लंबित मामलों का समयबद्ध निष्पादन करना प्राथमिकता</strong></p>



<p>मंत्री डॉ. जायसवाल ने राजस्व न्यायालयों में लंबित मामलों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि पक्षकारों को सुनने के बाद कानून के अनुरूप स्पष्ट कारणों के साथ निर्णय दिया जाए. विशेष रूप से अंचल अधिकारियों के निर्णय में परिवर्तन करते समय उचित कानूनी आधार और स्पष्ट रीजनिंग जरूरी है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="682" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001075295-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-98534" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001075295-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001075295-650x433.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001075295-1536x1023.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>उन्होंने सभी राजस्व कार्यों की ऑनलाइन एंट्री उसी दिन सुनिश्चित करने का निर्देश देते हुए कहा कि डिजिटल माध्यम से कार्य करने से पारदर्शिता बढ़ेगी और आम लोगों का विभाग पर विश्वास मजबूत होगा.<br><strong>निरीक्षण में कर्मचारियों की कार्यप्रणाली की भी होगी समीक्षा</strong>7<br>डॉ. जायसवाल ने कहा कि डीसीएलआर निरीक्षण के दौरान राजस्व कर्मचारियों और अमीनों की रिपोर्टिंग की गुणवत्ता, कार्यभार, लंबित कार्यों तथा उनके समक्ष आ रही समस्याओं की भी समीक्षा करें. जहां कमी मिले, वहां केवल कार्रवाई ही नहीं, बल्कि आवश्यकतानुसार प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन भी दिया जाए.<br>उन्होंने कहा कि राजस्व प्रशासन एक पूरी व्यवस्था है और प्रत्येक स्तर पर जिम्मेदारी का ईमानदारी से निर्वहन जरूरी है. किसी एक स्तर की लापरवाही का असर पूरी व्यवस्था पर पड़ता है. विभाग मानव संसाधन की कमी दूर करने तथा कर्मचारियों, डेटा एंट्री ऑपरेटरों एवं अन्य स्तरों की समस्याओं के समाधान के लिए भी काम कर रहा है. मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि तकनीकी या प्रशासनिक कठिनाई होने पर विभागीय विशेषज्ञों और वरिष्ठ अधिकारियों से मार्गदर्शन लें, लेकिन कानून और प्रक्रिया के विपरीत किसी भी प्रकार का निर्णय न लें. उन्होंने कहा कि राजस्व प्रशासन में लोगों को खुश करना नहीं, बल्कि कानून और न्याय के अनुरूप निर्णय देना ही अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="682" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001075294-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-98536" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001075294-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001075294-650x433.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001075294-1536x1023.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>इस मौके पर राजस्व (सर्वे)प्रशिक्षण संस्थान, शास्त्रीनगर, पटना के प्राचार्य दिव्य राज गणेश, सहायक निदेशक सुबोध कुमार, चकबंदी निदेशालय के उप निदेशक राजेश कुमार सिंह, विजय कुमार राय, पल्लवी समेत अन्य अधिकारी उपस्थित थे.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
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			</item>
		<item>
		<title>सक्षम न्यायालय और “लंबित” की स्पष्ट परिभाषा से दाखिल-खारिज मामलों में नहीं होगा अनावश्यक विलंब</title>
		<link>https://www.patnanow.com/vijay-sinha-clarifies/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 17 Feb 2026 16:39:39 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[Politics]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[Bhumi vivad]]></category>
		<category><![CDATA[bihar news]]></category>
		<category><![CDATA[Land reforms]]></category>
		<category><![CDATA[Revenue department]]></category>
		<category><![CDATA[VIJAY SINHA]]></category>
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					<description><![CDATA[बिहार भूमि दाखिल-खारिज अधिनियम, 2011 की धारा 6(12) को लेकर विभाग ने जारी किया है स्पष्ट दिशा निर्देश, वास्तविक खरीदारों को मिलेगी राहत, सभी अंचल अधिकारियों को त्वरित निष्पादन का निर्देश पटना। बिहार विधानसभा में मंगलवार को राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग से संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्न के उत्तर में उपमुख्यमंत्री सह मंत्री, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग विजय कुमार सिन्हा ने स्पष्ट किया कि दाखिल-खारिज वादों एवं अन्य राजस्व मामलों में अनावश्यक विलंब की समस्या को दूर करने के लिए विभाग ने “सक्षम न्यायालय” एवं “लंबित” शब्द की स्पष्ट व्याख्या कर दी है. उन्होंने सदन को अवगत कराया कि बिहार भूमि दाखिल-खारिज अधिनियम, 2011 की धारा-6 (12) में प्रयुक्त शब्द “सक्षम न्यायालय में लंबित” की विभिन्न अंचलों में अलग-अलग व्याख्या किये जाने के कारण दाखिल-खारिज वादों के निष्पादन में विलंब हो रहा था. इस स्थिति को देखते हुए विभागीय स्तर पर विस्तृत समीक्षा की गई. उपमुख्यमंत्री ने बताया कि विभाग के प्रधान सचिव सीके अनिल द्वारा सभी स्तर के राजस्व अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं. पत्र के माध्यम से यह स्पष्ट किया गया है कि “सक्षम न्यायालय” से अभिप्रेत दिवानी/व्यवहार न्यायालय (Civil Court), पटना उच्च न्यायालय तथा सर्वोच्च न्यायालय हैं. साथ ही, राजस्व न्यायालय जैसे डीसीएलआर, एडीएम, डीएम, कमिशनर कोर्ट, विधि विभाग द्वारा अधिकृत न्यायालय एवं बिहार भूमि न्यायाधिकरण (BLT) भी सक्षम न्यायालय की श्रेणी में आयेंगे. “लंबित” का अभिप्राय केवल विधिवत दायर एवं प्रक्रियाधीन वाद से होगा, जिसमें न्यायालय द्वारा संज्ञान (Admission), नोटिस निर्गत, या स्थगन/अंतरिम आदेश (Stay Order, Temporary/Permanent Injunction, Status Quo) प्रभावी हो.उन्होंने [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>बिहार भूमि दाखिल-खारिज अधिनियम, 2011 की धारा 6(12) को लेकर विभाग ने जारी किया है स्पष्ट दिशा निर्देश, वास्तविक खरीदारों को मिलेगी राहत, सभी अंचल अधिकारियों को त्वरित निष्पादन का निर्देश</strong></p>



<p>पटना। बिहार विधानसभा में मंगलवार को राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग से संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्न के उत्तर में उपमुख्यमंत्री सह मंत्री, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग विजय कुमार सिन्हा ने स्पष्ट किया कि दाखिल-खारिज वादों एवं अन्य राजस्व मामलों में अनावश्यक विलंब की समस्या को दूर करने के लिए विभाग ने “सक्षम न्यायालय” एवं “लंबित” शब्द की स्पष्ट व्याख्या कर दी है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="721" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/02/pnc-assembly-vijay-sinha-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-94959" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/02/pnc-assembly-vijay-sinha-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/02/pnc-assembly-vijay-sinha-650x458.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>उन्होंने सदन को अवगत कराया कि बिहार भूमि दाखिल-खारिज अधिनियम, 2011 की धारा-6 (12) में प्रयुक्त शब्द “सक्षम न्यायालय में लंबित” की विभिन्न अंचलों में अलग-अलग व्याख्या किये जाने के कारण दाखिल-खारिज वादों के निष्पादन में विलंब हो रहा था. इस स्थिति को देखते हुए विभागीय स्तर पर विस्तृत समीक्षा की गई.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="792" height="523" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/02/pnc-vijay-sinha-in-assembly.jpg" alt="" class="wp-image-94957" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/02/pnc-vijay-sinha-in-assembly.jpg 792w, https://www.patnanow.com/assets/2026/02/pnc-vijay-sinha-in-assembly-650x429.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 792px) 100vw, 792px" /></figure>



<p>उपमुख्यमंत्री ने बताया कि विभाग के प्रधान सचिव सीके अनिल द्वारा सभी स्तर के राजस्व अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं. पत्र के माध्यम से यह स्पष्ट किया गया है कि “सक्षम न्यायालय” से अभिप्रेत दिवानी/व्यवहार न्यायालय (Civil Court), पटना उच्च न्यायालय तथा सर्वोच्च न्यायालय हैं. साथ ही, राजस्व न्यायालय जैसे डीसीएलआर, एडीएम, डीएम, कमिशनर कोर्ट, विधि विभाग द्वारा अधिकृत न्यायालय एवं बिहार भूमि न्यायाधिकरण (BLT) भी सक्षम न्यायालय की श्रेणी में आयेंगे.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="740" height="260" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/01/pnc-revenue-and-land-reforms-department-Bihar.jpg" alt="" class="wp-image-94380" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/01/pnc-revenue-and-land-reforms-department-Bihar.jpg 740w, https://www.patnanow.com/assets/2026/01/pnc-revenue-and-land-reforms-department-Bihar-650x228.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 740px) 100vw, 740px" /></figure>



<p>“लंबित” का अभिप्राय केवल विधिवत दायर एवं प्रक्रियाधीन वाद से होगा, जिसमें न्यायालय द्वारा संज्ञान (Admission), नोटिस निर्गत, या स्थगन/अंतरिम आदेश (Stay Order, Temporary/Permanent Injunction, Status Quo) प्रभावी हो.<br>उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल आवेदन, आपत्ति या अभ्यावेदन का किसी न्यायालय में दायर होना “सक्षम न्यायालय में लंबित” नहीं माना जाएगा। यदि किसी सक्षम न्यायालय द्वारा स्पष्ट स्थगनादेश या अंतरिम आदेश प्रभावी नहीं है, तो राजस्व अधिकारी नियमानुसार अपनी कार्यवाही जारी रखेंगे.<br>उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यह भी निर्देशित किया गया है कि सक्षम न्यायालय में दायर वाद की अभिप्रमाणित प्रति में यदि स्पष्ट रूप से स्वीकारण (Admission) अंकित नहीं है, तो उसे “लंबित” नहीं माना जाएगा.<br>उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की मंशा है कि वास्तविक क्रेताओं (Bonafide Purchasers) को अनावश्यक परेशानी से बचाया जाए तथा दाखिल-खारिज वादों और भूमि विवादों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि अब सभी अंचल अधिकारी इन स्पष्ट दिशा-निर्देशों के आलोक में कार्य करेंगे और किसी भी वाद को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखा जाएगा.<br>उन्होंने सदन को आश्वस्त किया कि राजस्व प्रशासन में पारदर्शिता, जवाबदेही और त्वरित सेवा सुनिश्चित करना डबल इंजन की सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है.</p>



<p>pncb</p>
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			</item>
		<item>
		<title>&#8216;लंबित’ से ‘लक्षित’ कार्यसंस्कृति की ओर बढ़ रहा है राजस्व विभाग&#8217;</title>
		<link>https://www.patnanow.com/vijay-sinha-in-vidhan-parishad/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 16 Feb 2026 16:57:57 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Politics]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[Bihar Bhumi]]></category>
		<category><![CDATA[bihar news]]></category>
		<category><![CDATA[Bihar politics]]></category>
		<category><![CDATA[Land reforms]]></category>
		<category><![CDATA[Vidhan parishad]]></category>
		<category><![CDATA[Vijay sija]]></category>
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					<description><![CDATA[बजट चर्चा में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने रखी उपलब्धियों और सुधारों की विस्तृत रूपरेखा पटना : बिहार विधानपरिषद में वर्ष 2026-27 के बजट की मांग संख्या-40 पर चर्चा के दौरान राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की ओर से वक्तव्य देते हुए उपमुख्यमंत्री सह मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि विभाग अब पारंपरिक ‘लंबित’ कार्यप्रणाली से निकलकर ‘लक्षित, समयबद्ध और जवाबदेह’ कार्यसंस्कृति की ओर निर्णायक रूप से अग्रसर है. इस लक्ष्य को पाने के लिए सभी अधिकारी लगे हुए हैं. हमारा उद्देश्य प्रधानमंत्री के सबका साथ, सबका विकास के लक्ष्य को पूरा करना और मुख्यमंत्री के सबका सम्मान, जीवन आसान की उपलब्धि हासिल करना है. जन-केन्द्रित प्रशासन की नई परिकल्पना उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि विभाग की नीति का केंद्र आम नागरिक है. सरल, सुलभ, पारदर्शी और जवाबदेह राजस्व तंत्र विकसित किया जा रहा है, जिसमें बिचौलियों और भूमाफियाओं के लिए कोई स्थान नहीं होगा. ‘भूमिसुधार जनकल्याण संवाद’ बना परिवर्तन का माध्यम 12 दिसंबर से शुरू हुआ ‘भूमिसुधार जनकल्याण संवाद’ आठ प्रमंडलों तक पहुंच चुका है. दाखिल-खारिज, परिमार्जन और मापी से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए प्रमंडलवार काउंटर, लाइव प्रसारण और वरीय अधिकारियों की उपस्थिति में सुनवाई की व्यवस्था की गई. इस पहल से ऑनलाइन दाखिल-खारिज निष्पादन 75% से बढ़कर 84% हुआ, जबकि लंबित मामले 25% से घटकर 16% रह गए. परिमार्जन-प्लस और ई-मापी से समयबद्ध सेवा परिमार्जन प्लस पोर्टल पर सामान्य त्रुटि के लिए 15 दिन और जटिल मामलों के लिए अधिकतम 75 दिन की समयसीमा तय की गई. परिणामस्वरूप निष्पादन दर 10% से बढ़कर 75% हो [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>बजट चर्चा में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने रखी उपलब्धियों और सुधारों की विस्तृत रूपरेखा</strong></p>



<p>पटना : बिहार विधानपरिषद में वर्ष 2026-27 के बजट की मांग संख्या-40 पर चर्चा के दौरान राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की ओर से वक्तव्य देते हुए उपमुख्यमंत्री सह मंत्री  विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि विभाग अब पारंपरिक ‘लंबित’ कार्यप्रणाली से निकलकर ‘लक्षित, समयबद्ध और जवाबदेह’ कार्यसंस्कृति की ओर निर्णायक रूप से अग्रसर है. इस लक्ष्य को पाने के लिए सभी अधिकारी लगे हुए हैं. हमारा उद्देश्य प्रधानमंत्री के सबका साथ, सबका विकास के लक्ष्य को पूरा करना और मुख्यमंत्री के सबका सम्मान, जीवन आसान की उपलब्धि हासिल करना है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="704" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/02/1000740093-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-95042" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/02/1000740093-scaled.jpg 704w, https://www.patnanow.com/assets/2026/02/1000740093-447x650.jpg 447w, https://www.patnanow.com/assets/2026/02/1000740093-1056x1536.jpg 1056w" sizes="auto, (max-width: 704px) 100vw, 704px" /></figure>



<p><strong>जन-केन्द्रित प्रशासन की नई परिकल्पना</strong></p>



<p>उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि विभाग की नीति का केंद्र आम नागरिक है. सरल, सुलभ, पारदर्शी और जवाबदेह राजस्व तंत्र विकसित किया जा रहा है, जिसमें बिचौलियों और भूमाफियाओं के लिए कोई स्थान नहीं होगा.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="682" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/02/pnc-bhumi-sudhar-jankalyan-samwad-revenue-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-94638" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/02/pnc-bhumi-sudhar-jankalyan-samwad-revenue-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/02/pnc-bhumi-sudhar-jankalyan-samwad-revenue-650x433.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>‘<strong>भूमिसुधार जनकल्याण संवाद’ बना परिवर्तन का माध्यम</strong></p>



<p>12 दिसंबर से शुरू हुआ ‘भूमिसुधार जनकल्याण संवाद’ आठ प्रमंडलों तक पहुंच चुका है. दाखिल-खारिज, परिमार्जन और मापी से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए प्रमंडलवार काउंटर, लाइव प्रसारण और वरीय अधिकारियों की उपस्थिति में सुनवाई की व्यवस्था की गई.</p>



<p>इस पहल से ऑनलाइन दाखिल-खारिज निष्पादन 75% से बढ़कर 84% हुआ, जबकि लंबित मामले 25% से घटकर 16% रह गए.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="682" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/02/pnc-dbg-vijay-sinha-jan-sunwai-revenue-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-94636" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/02/pnc-dbg-vijay-sinha-jan-sunwai-revenue-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/02/pnc-dbg-vijay-sinha-jan-sunwai-revenue-650x433.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p><strong>परिमार्जन-प्लस और ई-मापी से समयबद्ध सेवा</strong></p>



<p>परिमार्जन प्लस पोर्टल पर सामान्य त्रुटि के लिए 15 दिन और जटिल मामलों के लिए अधिकतम 75 दिन की समयसीमा तय की गई. परिणामस्वरूप निष्पादन दर 10% से बढ़कर 75% हो गई.</p>



<p>ई-मापी व्यवस्था के तहत निर्विवाद मामलों में 7 दिन, विवादित मामलों में 11 दिन तथा रिपोर्ट अपलोड के लिए 14 दिन की समय-सीमा निर्धारित की गई है.</p>



<p>एग्रीस्टैक महाभियान को मिली रफ्तार</p>



<p>विभागीय सुधारों का सीधा लाभ Agristack को मिला। मात्र 35 दिनों में 40 लाख किसानों की फार्मर रजिस्ट्री संभव हुई.<br>दिसंबर से जनवरी के अंत तक 40 लाख लंबित आवेदनों में से 11.50 लाख मामलों का निष्पादन किया गया.</p>



<p>जाली दस्तावेजों पर सख्ती, कानून का कड़ा अनुपालन</p>



<p>भूमि विवाद के प्रमुख कारण फर्जी कागजात पर अब अनिवार्य प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश है. संबंधित मामलों में भारतीय न्याय संहिता की संगत धाराओं के तहत 7 से 10 वर्ष तक की सजा का प्रावधान है.</p>



<p>राजस्व न्याय प्रणाली में पारदर्शिता और डिजिटल पहल</p>



<p>आवेदन से आदेश तक पूरी प्रक्रिया को डिजिटल और पेपरलेस बनाया जा रहा है. अंचल स्तर पर प्रत्येक शनिवार को जनता दरबार आयोजित करने का निर्देश दिया गया है. DCLR/ADM स्तर पर निष्पादन दर 51.7% से बढ़कर 55.9% हो गई है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="768" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/08/IMG-20250816-WA0013-scaled.jpg" alt="Rajasv maha abhiyan in Danapur" class="wp-image-91648" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/08/IMG-20250816-WA0013-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/08/IMG-20250816-WA0013-650x488.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>राजस्व महाभियान : लंबित 46 लाख मामलों पर फोकस</p>



<p>राज्य में अधिकांश भूमि अभिलेख पुराने कैडेस्ट्रल सर्वे काल के हैं. इसी पृष्ठभूमि में राजस्व महाभियान चलाया जा रहा है. 46 लाख लंबित आवेदनों की पहचान कर 31 मार्च 2026 तक निष्पादन का लक्ष्य रखा गया है.<br>अब तक 34 लाख से अधिक दस्तावेजों की स्कैनिंग पूरी हो चुकी है।</p>



<p>सामाजिक न्याय के अभियान को गति</p>



<p>अभियान बसेरा-2 के तहत 70,279 सुयोग्य परिवारों को भूमि आवंटन किया गया है. शहीद सैनिकों के परिवारों को गृह जिला में कृषि हेतु एक एकड़ या आवास हेतु 5 डिसमिल भूमि देने की व्यवस्था की गई है.</p>



<p>उद्योग प्रोत्साहन के लिए लैंड बैंक</p>



<p>राज्य में निवेश और उद्योग को बढ़ावा देने के लिए सभी जिलों में सरकारी भूमि की पहचान कर लैंड बैंक निर्माण की प्रक्रिया शुरू की गई है.</p>



<p>मानव संसाधन सुदृढ़ीकरण की दिशा में बड़ा कदम</p>



<p>22,342 स्वीकृत पदों के विरुद्ध 16,584 रिक्त पदों पर एक वर्ष के भीतर नियुक्ति का लक्ष्य रखा गया है. राजस्व कर्मचारी और अमीन संवर्ग को राज्य स्तरीय अराजपत्रित संवर्ग का दर्जा देते हुए नई नियमावलियां लागू की गई हैं. 3,303 नए राजस्व कर्मचारी पद सृजित किए गए हैं तथा अमीन संवर्ग में त्रिस्तरीय पद संरचना लागू की गई है.</p>



<p>“स्पष्ट भू-संपदा, सुशासन, समृद्धि से शांति सर्वदा”</p>



<p>उपमुख्यमंत्री ने कहा कि विभाग अब पारदर्शी, समयबद्ध और तकनीकी रूप से सशक्त राजस्व प्रशासन की दिशा में आगे बढ़ चुका है. अब स्पष्ट भू-संपदा, सुशासन, समृद्धि से शांति सर्वदा”के भाव को अपनाकर कारवां आगे बढ़ रहा है.<br>अंत में उन्होंने सदन से कटौती प्रस्ताव वापस लेकर विभाग की अनुदान मांग को स्वीकृति देने का आग्रह किया.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
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			</item>
		<item>
		<title>समयबद्ध सेवा और पारदर्शिता भूमिसुधार विभाग की प्राथमिकता</title>
		<link>https://www.patnanow.com/vijay-sinha-on-revenue/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 13 Feb 2026 14:22:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[CITY/OFFICE]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[Bhumi vivad]]></category>
		<category><![CDATA[Bihar bhumi sudhar]]></category>
		<category><![CDATA[Jan samvad]]></category>
		<category><![CDATA[Land reforms]]></category>
		<category><![CDATA[Revenue department]]></category>
		<category><![CDATA[VIJAY SINHA]]></category>
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					<description><![CDATA[राजस्व प्रशासन में पारदर्शिता और समयबद्धता का नया अध्याय: बिहार ने तय किया ‘पत्थर पर लकीर’ का लक्ष्य : उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा स्पष्ट भू-सम्पदा, सुशासन समृद्धि से शांति सर्वदा राजस्व-भूमिसुधार विभाग की प्राथमिकता : उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा लंबित से लक्षित कार्यसंस्कृति की ओर अग्रसर है राजस्व-भूमिसुधार विभाग : विजय कुमार सिन्हा जनसंवाद, डिजिटल व्यवस्था और सख्ती से घटे लंबित मामले, बढ़ी सेवा की रफ्तार पटना : “मक्खन पर लकीर तो सब खींचते हैं, खींचनी है तो पत्थर पर लकीर खींचो” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इसी सूत्र को ध्येय बनाकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में 24 नवंबर से दायित्व संभालने के बाद राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने आमजन से जुड़े प्रशासन को सरल, सुलभ, पारदर्शी, जवाबदेह और समयबद्ध बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं. बिहार विधानसभा में 2026-2027 के बजट भाषण में उपमुख्यमंत्री सह मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने विभागीय पहलों और उपलब्धियों का विस्तृत खाका प्रस्तुत किया. उन्होंने कहा कि भूमि से जुड़ी प्रक्रियाएँ कानून की जटिलता, प्रक्रियात्मक अपेक्षाओं और समाज के भावनात्मक जुड़ाव से प्रभावित होती हैं. इसलिए वरीय पदाधिकारियों के साथ शुरुआती बैठकों में ही स्पष्ट कर दिया गया कि राजस्व प्रशासन को जनकेंद्रित और विश्वसनीय बनाना सर्वोच्च प्राथमिकता होगी. बिचौलियों और भूमाफियाओं के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति लागू की गई है. साथ ही डिजिटल और फिजिकल तकनीक से व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा रहा है. ‘भूमिसुधार जनकल्याण संवाद’ से जमीनी समाधान 12 दिसंबर से प्रमंडलवार शुरू हुआ ‘भूमिसुधार जनकल्याण संवाद’ जिलावार भी आयोजित किया जाएगा. कार्यक्रम को सोशल मीडिया पर लाइव [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>राजस्व प्रशासन में पारदर्शिता और समयबद्धता का नया अध्याय: बिहार ने तय किया ‘पत्थर पर लकीर’ का लक्ष्य : उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा</p>



<p>स्पष्ट भू-सम्पदा, सुशासन समृद्धि से शांति सर्वदा राजस्व-भूमिसुधार विभाग की प्राथमिकता : उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा</p>



<p>लंबित से लक्षित कार्यसंस्कृति की ओर अग्रसर है राजस्व-भूमिसुधार विभाग : विजय कुमार सिन्हा</p>



<p>जनसंवाद, डिजिटल व्यवस्था और सख्ती से घटे लंबित मामले, बढ़ी सेवा की रफ्तार</p>



<p>पटना : “मक्खन पर लकीर तो सब खींचते हैं, खींचनी है तो पत्थर पर लकीर खींचो” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इसी सूत्र को ध्येय बनाकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में 24 नवंबर से दायित्व संभालने के बाद राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने आमजन से जुड़े प्रशासन को सरल, सुलभ, पारदर्शी, जवाबदेह और समयबद्ध बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं. बिहार विधानसभा में 2026-2027 के बजट भाषण में उपमुख्यमंत्री सह मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने विभागीय पहलों और उपलब्धियों का विस्तृत खाका प्रस्तुत किया.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="792" height="523" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/02/pnc-vijay-sinha-in-assembly.jpg" alt="" class="wp-image-94957" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/02/pnc-vijay-sinha-in-assembly.jpg 792w, https://www.patnanow.com/assets/2026/02/pnc-vijay-sinha-in-assembly-650x429.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 792px) 100vw, 792px" /></figure>



<p>उन्होंने कहा कि भूमि से जुड़ी प्रक्रियाएँ कानून की जटिलता, प्रक्रियात्मक अपेक्षाओं और समाज के भावनात्मक जुड़ाव से प्रभावित होती हैं. इसलिए वरीय पदाधिकारियों के साथ शुरुआती बैठकों में ही स्पष्ट कर दिया गया कि राजस्व प्रशासन को जनकेंद्रित और विश्वसनीय बनाना सर्वोच्च प्राथमिकता होगी. बिचौलियों और भूमाफियाओं के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति लागू की गई है. साथ ही डिजिटल और फिजिकल तकनीक से व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा रहा है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="719" height="498" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/02/pnc-mantri-vijay-sinha-revenue-department.jpg" alt="" class="wp-image-94958" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/02/pnc-mantri-vijay-sinha-revenue-department.jpg 719w, https://www.patnanow.com/assets/2026/02/pnc-mantri-vijay-sinha-revenue-department-650x450.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 719px) 100vw, 719px" /></figure>



<p>‘<strong>भूमिसुधार जनकल्याण संवाद’ से जमीनी समाधान</strong></p>



<p>12 दिसंबर से प्रमंडलवार शुरू हुआ ‘भूमिसुधार जनकल्याण संवाद’ जिलावार भी आयोजित किया जाएगा. कार्यक्रम को सोशल मीडिया पर लाइव कर पारदर्शिता सुनिश्चित की जा रही है. इसमें तीन मूल समस्याओं दाखिल-खारिज, परिमार्जन और जमीन मापी को लक्षित कर मौके पर समाधान कराया जा रहा है और समान प्रकृति की समस्याओं के लिए गाइडलाइन तय की जा रही है.</p>



<p>इस पहल का असर आँकड़ों में दिखा:</p>



<p>ऑनलाइन दाखिल-खारिज निष्पादन 75% से बढ़कर 84% हो गया है. लंबित मामलों का अनुपात 25% से घटकर 16% पर आ गया है.<br>‘परिमार्जन प्लस’ निष्पादन 10% से बढ़कर 75% पर पहुंच गया है.<br>विवाद-रहित दाखिल-खारिज के लिए 14 दिन की समय-सीमा निर्धारित कर कार्यों में तेजी लाई जा रही है.</p>



<p><strong>ई-मापी और समयबद्ध सेवा</strong></p>



<p>भूमि मापी के लिए ई मापी व्यवस्था लागू की गई है। निर्विवाद मापी 7 दिन में, विवादित मापी 11 दिन में और रिपोर्ट अपलोड करने की सीमा 14 दिन तय की गई है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="740" height="260" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/01/pnc-revenue-and-land-reforms-department-Bihar.jpg" alt="" class="wp-image-94380" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/01/pnc-revenue-and-land-reforms-department-Bihar.jpg 740w, https://www.patnanow.com/assets/2026/01/pnc-revenue-and-land-reforms-department-Bihar-650x228.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 740px) 100vw, 740px" /></figure>



<p><strong>एग्रीस्टैक और फार्मर रजिस्ट्री को गति</strong></p>



<p>इन सुधारों से राज्य में चल रहे एग्रीस्टैक महाभियान को भी गति मिली. मात्र 35 दिनों में 40 लाख किसानों की फार्मर रजिस्ट्री संभव हुई. दिसंबर से जनवरी अंत तक दाखिल-खारिज और परिमार्जन के 40 लाख लंबित आवेदनों में से 11.50 लाख का निष्पादन किया गया.</p>



<p><strong>जाली दस्तावेजों पर सख्ती, शहरी वंशावली की नई व्यवस्था</strong></p>



<p>भूमि विवाद का बड़ा कारण जाली दस्तावेजों पर अब अनिवार्य प्राथमिकी का निर्देश दिया गया है. शहरी क्षेत्रों में वंशावली निर्गत करने की जिम्मेदारी अंचलाधिकारियों को सौंपी गई है.</p>



<p><strong>पुराने अभिलेखों से आधुनिक सर्वे की ओर</strong></p>



<p>अधिकांश भूमि अभिलेख 1890–1920 के कैडेस्ट्रल सर्वे काल के हैं। 1958 में शुरू रीविजनल सर्वे 1975 में रुक गया था. अब सटीक, सहज और समयबद्ध भूमि सर्वे की दिशा में राजस्व महाभियान को गति दी गई है. 31 मार्च 2026 तक 46 लाख लंबित आवेदनों के निष्पादन का लक्ष्य है। अब तक 34 लाख से अधिक दस्तावेज स्कैन किए जा चुके हैं. </p>



<p><strong>डिजिटल, पेपरलेस और AI-सक्षम राजस्व न्याय</strong></p>



<p>आवेदन से आदेश तक पूरी प्रक्रिया को डिजिटल और पेपरलेस बनाया गया है, जिसमें AI तकनीक का उपयोग भी शामिल है. इससे न्याय देने की गति बढ़ी है. नियमित सुनवाई, समय पर अपील और आधुनिक प्रणाली से राजस्व न्याय व्यवस्था में सुधार हुआ है. DCLR/ADM स्तर पर निष्पादन दर 51.7% से बढ़कर 55.9% हुई है। इसको लगातार बढ़ाना उद्देश्य है.</p>



<p><strong>मानव संसाधन सुदृढ़ीकरण : नए पद, नई नियमावली</strong></p>



<p>राज्य में राजस्व कर्मचारी के 3303 नए पद सृजित किए गए हैं। पहले स्वीकृत 8472 पदों की तुलना में अब कुल पदों की संख्या बढ़कर 11,775 हो गई है. वर्तमान में लगभग 3767 कर्मी कार्यरत हैं. रिक्तियों को भरने के लिए वर्ष 2023 में 3559 पदों पर बहाली हेतु अधियाचना बिहार कर्मचारी चयन आयोग को भेजी गई.<br>शेष रिक्त पदों के रोस्टर क्लियरेंस के बाद वर्ष 2025 में 4492 पदों के लिए प्रस्ताव सामान्य प्रशासन विभाग को प्रेषित की गई है.<br>इससे अंचल स्तर पर लंबित मामलों के निष्पादन, अभिलेख संधारण और जनसेवा की गति में प्रत्यक्ष सुधार की अपेक्षा है.</p>



<p><strong>अमीन संवर्ग: नई नियमावली, तीन-स्तरीय पद सोपान</strong></p>



<p>भूमि मापी व्यवस्था को समयबद्ध और तकनीक-संपुष्ट बनाने के लिए अमीन संवर्ग को भी राज्य स्तरीय दर्जा दिया गया है. इसके तहत बिहार अमीन संवर्ग नियमावली, 2025 लागू की गई है. अब अमीन संवर्ग में तीन-स्तरीय पद सोपान निर्धारित है, अमीन, अमीन ग्रेड-1 और प्रधान अमीन.<br>राज्य में अमीन के कुल 2502 स्वीकृत पद हैं, जिनमें लगभग 1199 कार्यरत हैं। शेष रिक्तियों के रोस्टर क्लियरेंस के बाद 765 पदों पर नियमित नियुक्ति हेतु प्रस्ताव सामान्य प्रशासन विभाग को भेजा गया है.<br>आगे उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व अभिलेखों को अब ऑनलाइन उपलब्ध कराया जा रहा है. एक जनवरी से चिरकुट से दस्तावेज निकालने की व्यवस्था बंद कर दी गई है. लोगों को इसमें परेशानी न हो इसके लिए प्रत्येक अंचल में अंचल अभिलेखागार भवन स्थापित किये गए हैं.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="721" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/02/pnc-assembly-vijay-sinha-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-94959" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/02/pnc-assembly-vijay-sinha-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/02/pnc-assembly-vijay-sinha-650x458.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>बजट भाषण में उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि विभाग “लंबित” से “लक्षित” कार्यसंस्कृति की ओर तेज़ी से बढ़ रहा है, जहाँ जनविश्वास, पारदर्शिता और समयबद्ध सेवा ही राजस्व प्रशासन की पहचान बनेगी. इसलिए विभाग ने अपना ध्येय वाक्य स्पष्ट भू-सम्पदा, सुशासन, समृद्धि से शांति सर्वदा को बनाया है.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>थानों की मनमानी पर लगाम: भूमि विवाद में पुलिस की भूमिका आज से सीमित, कानून के दायरे में ही होगा हस्तक्षेप</title>
		<link>https://www.patnanow.com/thana-ki-manmani-per-lagam/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 01 Feb 2026 05:54:56 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[CITY/OFFICE]]></category>
		<category><![CDATA[Crime]]></category>
		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
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		<category><![CDATA[bihar news]]></category>
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		<category><![CDATA[VIJAY SINHA]]></category>
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					<description><![CDATA[पटना : 1 फरवरी 2026 से राज्यभर में भूमि विवाद से जुड़े मामलों में पुलिस की भूमिका को लेकर जारी नए दिशा-निर्देश प्रभावी हो गए हैं. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा जारी इन स्पष्ट प्रावधानों का उद्देश्य भूमि विवादों के समाधान को पूरी तरह राजस्व एवं न्यायिक प्रक्रिया के दायरे में सुनिश्चित करना है, ताकि आमजन को अनावश्यक पुलिस हस्तक्षेप, दबाव या भ्रम की स्थिति का सामना न करना पड़े. उपमुख्यमंत्री सह मंत्री, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि आज से भूमि विवाद राजस्व और न्यायिक प्रक्रिया का विषय है. पुलिस का दायित्व केवल शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखना है. बिना सक्षम प्राधिकार के आदेश के किसी भी स्तर पर दखल-कब्जा दिलाने, चहारदीवारी कराने या निर्माण कराने की शिकायत मिली, तो संबंधित पुलिस पदाधिकारी पर कड़ी कार्रवाई तय है. नई व्यवस्था के मुख्य बिंदु भूमि विवाद की सूचना मिलते ही थाना में स्टेशन डायरी में अलग एवं विस्तृत प्रविष्टि अनिवार्य होगी. दोनों पक्षों का नाम-पता, विवाद का स्वरूप (राजस्व/सिविल/आपसी), भूमि का पूरा विवरण (थाना, खाता, खेसरा, रकबा, किस्म) दर्ज करना होगा. यह भी उल्लेख करना होगा कि मामला प्रथम दृष्टया किस राजस्व न्यायालय के क्षेत्राधिकार में आता है. प्रत्येक मामले की लिखित सूचना संबंधित अंचलाधिकारी को देना अनिवार्य होगा सूचना ई-मेल/पोर्टल के माध्यम से भी दी जा सकती है. भूमि विवाद के त्वरित समाधान के लिए अब प्रत्येक शनिवार को अंचलाधिकारी और थाना प्रभारी की संयुक्त बैठक होगी, जिसमें मामलों की समीक्षा कर प्रगति विभागीय पोर्टल पर अपलोड की जाएगी. धारा 107/116 दंप्रसं (BNSS [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>पटना : 1 फरवरी 2026 से राज्यभर में भूमि विवाद से जुड़े मामलों में पुलिस की भूमिका को लेकर जारी नए दिशा-निर्देश प्रभावी हो गए हैं. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा जारी इन स्पष्ट प्रावधानों का उद्देश्य भूमि विवादों के समाधान को पूरी तरह राजस्व एवं न्यायिक प्रक्रिया के दायरे में सुनिश्चित करना है, ताकि आमजन को अनावश्यक पुलिस हस्तक्षेप, दबाव या भ्रम की स्थिति का सामना न करना पड़े.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="682" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/02/pnc-dbg-vijay-sinha-jan-sunwai-revenue-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-94636" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/02/pnc-dbg-vijay-sinha-jan-sunwai-revenue-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/02/pnc-dbg-vijay-sinha-jan-sunwai-revenue-650x433.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>उपमुख्यमंत्री सह मंत्री, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि आज से भूमि विवाद राजस्व और न्यायिक प्रक्रिया का विषय है. पुलिस का दायित्व केवल शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखना है. बिना सक्षम प्राधिकार के आदेश के किसी भी स्तर पर दखल-कब्जा दिलाने, चहारदीवारी कराने या निर्माण कराने की शिकायत मिली, तो संबंधित पुलिस पदाधिकारी पर कड़ी कार्रवाई तय है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="740" height="260" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/01/pnc-revenue-and-land-reforms-department-Bihar.jpg" alt="" class="wp-image-94380" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/01/pnc-revenue-and-land-reforms-department-Bihar.jpg 740w, https://www.patnanow.com/assets/2026/01/pnc-revenue-and-land-reforms-department-Bihar-650x228.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 740px) 100vw, 740px" /></figure>



<p><strong>नई व्यवस्था के मुख्य बिंदु</strong></p>



<p>भूमि विवाद की सूचना मिलते ही थाना में स्टेशन डायरी में अलग एवं विस्तृत प्रविष्टि अनिवार्य होगी.</p>



<p>दोनों पक्षों का नाम-पता, विवाद का स्वरूप (राजस्व/सिविल/आपसी), भूमि का पूरा विवरण (थाना, खाता, खेसरा, रकबा, किस्म) दर्ज करना होगा.</p>



<p>यह भी उल्लेख करना होगा कि मामला प्रथम दृष्टया किस राजस्व न्यायालय के क्षेत्राधिकार में आता है.</p>



<p>प्रत्येक मामले की लिखित सूचना संबंधित अंचलाधिकारी को देना अनिवार्य होगा सूचना ई-मेल/पोर्टल के माध्यम से भी दी जा सकती है.</p>



<p>भूमि विवाद के त्वरित समाधान के लिए अब प्रत्येक शनिवार को अंचलाधिकारी और थाना प्रभारी की संयुक्त बैठक होगी, जिसमें मामलों की समीक्षा कर प्रगति विभागीय पोर्टल पर अपलोड की जाएगी.</p>



<p>धारा 107/116 दंप्रसं (BNSS समकक्ष प्रावधान) के तहत पुलिस की भूमिका यथावत रहेगी, लेकिन इसका उपयोग केवल शांति व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित होगा.</p>



<p><strong>‘सबका सम्मान, जीवन आसान’ की दिशा में बड़ा कदम</strong></p>



<p>पत्र में उल्लेख है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सात निश्चय-3 (2025-2030) के अंतर्गत “सबका सम्मान, जीवन आसान (Ease of Living)” के लक्ष्य को धरातल पर उतारने के लिए यह व्यवस्था लागू की गई है. राज्य के लगभग 4.5 करोड़ जमाबंदी धारकों को भूमि विवादों में पारदर्शी, निष्पक्ष और समयबद्ध समाधान मिल सके, यही इस नई प्रणाली का उद्देश्य है.<br>यह व्यवस्था स्पष्ट करती है कि अब भूमि विवाद में न तो थानों की मनमानी चलेगी और न ही पुलिस हस्तक्षेप की आड़ में किसी को डराया-धमकाया जा सकेगा. हर विवाद का समाधान अब कानून के दायरे में, राजस्व न्यायालयों की प्रक्रिया के अनुसार ही सुनिश्चित किया जाएगा.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>राजस्व महा–अभियान में मिले 46 लाख आवेदनों के निपटारे को 26 जनवरी से अभियान</title>
		<link>https://www.patnanow.com/abhiyan-from-26-january/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 23 Jan 2026 13:49:52 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[CITY/OFFICE]]></category>
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		<category><![CDATA[Rajasv maha abhiyan]]></category>
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					<description><![CDATA[31 मार्च 2026 तक सभी प्राप्त आवेदनों का कर दिया जाएगा निपटारा विवादित मामलों के निपटारे को 26 जनवरी से पंचायत स्तर पर लगेंगे शिविर, किया जाएगा ऑन स्पॉट निष्पादन अविवादित मामलों का जिला मुख्यालय में होगा त्वरित निष्पादन जमीन की मापी के लिए भी चलता रहेगा अभियान, दोनों में सामंजस्य की सीओ की जिम्मेवारी मुख्यमंत्री एवं उपमुख्यमंत्री ने समृद्धि यात्रा के दौरान बंटवारा नामांतरण पर दिया है जोर, इसके उपरांत लिया गया निर्णय पटना।। राजस्व महा–अभियान 2025 के दौरान प्राप्त परिमार्जन प्लस एवं दाखिल-खारिज से संबंधित लगभग 46 लाख लंबित आवेदनों के निष्पादन को लेकर राज्य सरकार ने कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं.राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव सी. के. अनिल ने सभी प्रमंडलीय आयुक्तों, समाहर्ताओं, अपर समाहर्ताओं, भूमि सुधार उप समाहर्ताओं और अंचल अधिकारियों को 26 जनवरी से 31 मार्च 2026 के बीच सभी आवेदनों का निष्पादन सुनिश्चित करने का आदेश दिया है. जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि राजस्व महा–अभियान का आयोजन पंचायतों में शिविर लगाकर 16 अगस्त से 20 सितंबर 2025 के बीच किया गया था. इस दौरान डिजिटल जमाबंदी में त्रुटियों के सुधार, छूटी हुई जमाबंदियों को ऑनलाइन करने, उत्तराधिकार नामांतरण और बंटवारा नामांतरण को आसानी से करने के उद्देश्य से किया गया था. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एवं उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने समृद्धि यात्रा के क्रम में बंटवारा नामांतरण को लेकर अभियान चलाने का निर्देश दिया है. इसी उद्देश्य से राजस्व महा–अभियान के दौरान मिले आवेदनों के निपटारे का निर्णय लिया गया है. पत्र में प्रधान सचिव अनिल ने निर्देश [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>31 मार्च 2026 तक सभी प्राप्त आवेदनों का कर दिया जाएगा निपटारा</strong></p>



<p><strong>विवादित मामलों के निपटारे को 26 जनवरी से पंचायत स्तर पर लगेंगे शिविर, किया जाएगा ऑन स्पॉट निष्पादन</strong></p>



<p><strong>अविवादित मामलों का जिला मुख्यालय में होगा त्वरित निष्पादन</strong></p>



<p><strong>जमीन की मापी के लिए भी चलता रहेगा अभियान, दोनों में सामंजस्य की सीओ की जिम्मेवारी</strong></p>



<p><strong>मुख्यमंत्री एवं उपमुख्यमंत्री ने समृद्धि यात्रा के दौरान बंटवारा नामांतरण पर दिया है जोर, इसके उपरांत लिया गया निर्णय</strong></p>



<p>पटना।। राजस्व महा–अभियान 2025 के दौरान प्राप्त परिमार्जन प्लस एवं दाखिल-खारिज से संबंधित लगभग 46 लाख लंबित आवेदनों के निष्पादन को लेकर राज्य सरकार ने कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं.राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव सी. के. अनिल ने सभी प्रमंडलीय आयुक्तों, समाहर्ताओं, अपर समाहर्ताओं, भूमि सुधार उप समाहर्ताओं और अंचल अधिकारियों को 26 जनवरी से 31 मार्च 2026 के बीच सभी आवेदनों का निष्पादन सुनिश्चित करने का आदेश दिया है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="567" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/01/1000686688-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-94480" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/01/1000686688-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/01/1000686688-650x360.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि राजस्व महा–अभियान का आयोजन पंचायतों में शिविर लगाकर 16 अगस्त से 20 सितंबर 2025 के बीच किया गया था. इस दौरान डिजिटल जमाबंदी में त्रुटियों के सुधार, छूटी हुई जमाबंदियों को ऑनलाइन करने, उत्तराधिकार नामांतरण और बंटवारा नामांतरण को आसानी से करने के उद्देश्य से किया गया था. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एवं उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने समृद्धि यात्रा के क्रम में बंटवारा नामांतरण को लेकर अभियान चलाने का निर्देश दिया है. इसी उद्देश्य से राजस्व महा–अभियान के दौरान मिले आवेदनों के निपटारे का निर्णय लिया गया है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="768" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/09/pnc-rajasv-maha-abhiyan-bihar-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-91814" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/09/pnc-rajasv-maha-abhiyan-bihar-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/09/pnc-rajasv-maha-abhiyan-bihar-650x488.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2025/09/pnc-rajasv-maha-abhiyan-bihar-1536x1152.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>पत्र में प्रधान सचिव अनिल ने निर्देश दिया है कि अभियान के दौरान प्राप्त सभी आवेदनों की जिलावार, अंचलवार एवं हल्कावार ऑनलाइन प्रविष्टि अनिवार्य होगी. परिमार्जन से जुड़े लगभग 40 लाख मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निष्पादित किया जाएगा. आवेदनों को अविवादित एवं विवादित श्रेणियों में विभाजित किया गया है. अविवादित मामलों का निष्पादन जिला मुख्यालय स्तर पर किया जाएगा, जबकि विवादित मामलों के लिए पंचायत भवनों में राजस्व सेवा शिविर आयोजित किए जाएंगे.<br>शिविरों में मौके पर ही सुनवाई, अभिलेखों का सत्यापन और आदेश पारित करने की व्यवस्था रहेगी. इसके लिए सरकारी लैपटॉप के उपयोग के साथ दक्ष कंप्यूटर सहायक एवं डाटा एंट्री ऑपरेटरों की तैनाती की जाएगी. एक ही परिवार या खाताधारी से संबंधित मामलों का समेकित निष्पादन करने का भी निर्देश दिया गया है, ताकि समान परिस्थितियों में समान आदेश का सिद्धांत लागू हो सके.<br>यह भी स्पष्ट किया है कि भूमि मापी अभियान समानांतर रूप से चलेगा, जिसके लिए अमीनों की सेवाएं ली जाएंगी. अंचल अधिकारी शिविर आयोजन और अमीनों के कार्यों में समन्वय स्थापित करेंगे.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="740" height="260" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/01/pnc-revenue-and-land-reforms-department-Bihar.jpg" alt="" class="wp-image-94380" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/01/pnc-revenue-and-land-reforms-department-Bihar.jpg 740w, https://www.patnanow.com/assets/2026/01/pnc-revenue-and-land-reforms-department-Bihar-650x228.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 740px) 100vw, 740px" /></figure>



<p><strong>कमिश्नर और DM की होगी बड़ी भूमिका </strong></p>



<p>समय-सारणी के अनुसार, नोटिस निर्गत करने से लेकर सुनवाई, अभिलेख प्रस्तुतीकरण और सकारण आदेश पारित करने की पूरी प्रक्रिया अधिकतम 45 दिनों में पूर्ण की जाएगी. शिविर संचालन हेतु आवश्यक राशि मुख्यालय से उपलब्ध कराई जाएगी. पत्र में यह भी कहा गया है कि <strong>पूरे अभियान के मुख्य सूत्रधार समाहर्ता होंगे,</strong> जिनके नेतृत्व में हल्कावार सूक्ष्म कार्ययोजना तैयार कर अभियान को सफल बनाया जाएगा. वहीं, <strong>प्रमंडलीय आयुक्त पूरे अभियान की निगरानी और निरीक्षण में सक्रिय भूमिका निभाएंगे</strong>. यह विशेष अभियान 26 जनवरी 2026 से 31 मार्च 2026 तक संचालित कर सभी आवेदनों का निपटारा किया जाएगा.</p>



<blockquote class="wp-block-quote is-layout-flow wp-block-quote-is-layout-flow">
<p>उपमुख्यमंत्री सह मंत्री, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि राज्य में पिछले वर्ष अगस्त–सितंबर में राजस्व महा–अभियान के दौरान शिविर लगाकर लिए गए किसानों के आवेदनों का निष्पादन करना जरूरी है. इन शिविरों में प्राप्त कुल 46 लाख आवेदनों में 40 लाख आवेदन परिमार्जन से संबंधित हैं. इन आवेदनों के निष्पादन से रैयतों का अभिलेख अपडेट होगा और उन्हें सरकारी सुविधाएं मिलने के साथ ही विभाग को भूमि सर्वेक्षण में भी आसानी होगी. इसी उद्देश्य से इसको लेकर अभियान चलाने का निर्णय लिया गया है. इसके साथ–साथ मापी अभियान भी चलता रहेगा.</p>



<p>pncb</p>
</blockquote>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>कैथी लिपि अब नहीं बनेगी परेशानी, राजस्व विभाग दे रहा ट्रेनिंग</title>
		<link>https://www.patnanow.com/kaithi-training/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 21 Jan 2026 01:30:19 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[CITY/OFFICE]]></category>
		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[Bihar bhumi sudhar]]></category>
		<category><![CDATA[bihar news]]></category>
		<category><![CDATA[Kaithi lipi]]></category>
		<category><![CDATA[Kaithi Training]]></category>
		<category><![CDATA[Land reforms]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.patnanow.com/?p=94432</guid>

					<description><![CDATA[भूमि सर्वेक्षण में आ रही व्यावहारिक कठिनाइयों के समाधान की दिशा में राजस्व विभाग की पहल कैथी लिपि विशेषज्ञों के लिए पांच दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण का शुभारंभ पटना : राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के तत्वावधान में कैथी लिपि विशेषज्ञों के लिए आयोजित पांच दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत मंगलवार को राजस्व (सर्वे) प्रशिक्षण संस्थान, शास्त्रीनगर, पटना में हुई. इस प्रशिक्षण का उद्देश्य राज्य में भूमि सर्वेक्षण एवं अन्य राजस्व कार्यों में कैथी लिपि से संबंधित आ रही समस्याओं का समाधान करना है. कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए संस्थान के प्राचार्य दिव्य राज गणेश ने कहा कि बिहार में अधिकांश पुराने खतियान कैथी लिपि में उपलब्ध हैं, जिसके कारण आम रैयतों के साथ-साथ विभागीय कार्यों में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. विशेष रूप से राज्य में चल रहे भूमि सर्वेक्षण कार्य में कैथी लिपि के कारण कई व्यावहारिक समस्याएं सामने आ रहीं हैं. इन्हीं समस्याओं के समाधान के उद्देश्य से विभाग द्वारा कैथी लिपि के जानकार विशेषज्ञों का चयन कर उन्हें आवासीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है. उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा कुल 31 कैथी लिपि जानने वाले विशेषज्ञों का चयन किया गया है, जो राज्य के विभिन्न जिलों से आए हैं. इन विशेषज्ञों के लिए कैथी लिपि से अनुवाद कार्य की दर भी निर्धारित कर दी गई है. विभाग ने प्रति पृष्ठ 220 रुपये की दर तय की है, जो सरकारी एवं निजी दोनों प्रकार के कार्यों के लिए मान्य होगी. विशेष कार्य पदाधिकारी अनुपम प्रकाश ने प्रशिक्षणार्थियों को राजस्व एवं भूमि सुधार [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>भूमि सर्वेक्षण में आ रही व्यावहारिक कठिनाइयों के समाधान की दिशा में राजस्व विभाग की पहल</strong></p>



<p><strong>कैथी लिपि विशेषज्ञों के लिए पांच दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण का शुभारंभ</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="740" height="260" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/01/pnc-revenue-and-land-reforms-department-Bihar.jpg" alt="" class="wp-image-94380" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/01/pnc-revenue-and-land-reforms-department-Bihar.jpg 740w, https://www.patnanow.com/assets/2026/01/pnc-revenue-and-land-reforms-department-Bihar-650x228.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 740px) 100vw, 740px" /></figure>



<p>पटना : राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के तत्वावधान में कैथी लिपि विशेषज्ञों के लिए आयोजित पांच दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत मंगलवार को राजस्व (सर्वे) प्रशिक्षण संस्थान, शास्त्रीनगर, पटना में हुई. इस प्रशिक्षण का उद्देश्य राज्य में भूमि सर्वेक्षण एवं अन्य राजस्व कार्यों में कैथी लिपि से संबंधित आ रही समस्याओं का समाधान करना है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="683" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/01/1000679969-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-94443" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/01/1000679969-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/01/1000679969-650x434.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए संस्थान के प्राचार्य दिव्य राज गणेश ने कहा कि बिहार में अधिकांश पुराने खतियान कैथी लिपि में उपलब्ध हैं, जिसके कारण आम रैयतों के साथ-साथ विभागीय कार्यों में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. विशेष रूप से राज्य में चल रहे भूमि सर्वेक्षण कार्य में कैथी लिपि के कारण कई व्यावहारिक समस्याएं सामने आ रहीं हैं. इन्हीं समस्याओं के समाधान के उद्देश्य से विभाग द्वारा कैथी लिपि के जानकार विशेषज्ञों का चयन कर उन्हें आवासीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="796" height="768" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/11/pnc-revenue-and-land-reforms-department.jpg" alt="" class="wp-image-93213" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/11/pnc-revenue-and-land-reforms-department.jpg 796w, https://www.patnanow.com/assets/2025/11/pnc-revenue-and-land-reforms-department-650x627.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 796px) 100vw, 796px" /></figure>



<p>उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा कुल 31 कैथी लिपि जानने वाले विशेषज्ञों का चयन किया गया है, जो राज्य के विभिन्न जिलों से आए हैं. इन विशेषज्ञों के लिए कैथी लिपि से अनुवाद कार्य की दर भी निर्धारित कर दी गई है. विभाग ने प्रति पृष्ठ 220 रुपये की दर तय की है, जो सरकारी एवं निजी दोनों प्रकार के कार्यों के लिए मान्य होगी.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="683" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/01/1000679968-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-94445" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/01/1000679968-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/01/1000679968-650x434.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>विशेष कार्य पदाधिकारी अनुपम प्रकाश ने प्रशिक्षणार्थियों को राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की संरचना, कार्यप्रणाली तथा विभिन्न स्तर के अधिकारियों की जिम्मेदारियों की विस्तृत जानकारी दी। वहीं, दूसरे सत्र में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के शोध छात्र प्रीतम कुमार तथा छपरा निवासी कैथी लिपि विशेषज्ञ वकार अहमद ने कैथी लिपि से संबंधित विस्तृत जानकारी साझा की. इस दौरान प्रशिक्षार्थियों द्वारा पूछे गए प्रश्नों का उत्तर देकर उनके संशयों का समाधान भी किया गया.<br>यह प्रशिक्षण कार्यक्रम कैथी लिपि से जुड़े विशेषज्ञों को सुदृढ़ करने के साथ-साथ भूमि सर्वेक्षण एवं राजस्व कार्यों को अधिक सुगम, सटीक और समयबद्ध बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.</p>



<p><strong>क्या बोले उपमुख्यमंत्री सह राजस्व विभाग मंत्री </strong></p>



<p>उपमुख्यमंत्री सह मंत्री, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग<br>विजय कुमार सिन्हा ने कहा है कि राज्य में बड़ी संख्या में रैयत ऐसे हैं जिनके भूमि संबंधी पुराने दस्तावेज कैथी लिपि में होने के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. उनकी इस समस्या के समाधान के लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा कैथी लिपि विशेषज्ञों का पैनल तैयार किया जा रहा है. इन विशेषज्ञों को विधिवत प्रशिक्षण देकर कम दर पर अनुवाद की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि आम जनता को राहत मिले और भूमि सर्वेक्षण सहित राजस्व से संबंधित अन्य कार्य अधिक सरल, पारदर्शी और समयबद्ध हो सकें.</p>



<p><strong>pncb</strong></p>
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		<item>
		<title>सरकारी भूमि के दाखिल-खारिज में घोर लापरवाही,  सख्त निर्देश जारी</title>
		<link>https://www.patnanow.com/revenue-strict-order-on-sarkari-bhumi/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 18 Jan 2026 15:12:32 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
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		<category><![CDATA[bihar news]]></category>
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		<category><![CDATA[Revenue department]]></category>
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					<description><![CDATA[सरकारी भूमि का औसत निष्पादन मात्र 22.86%, कई अंचलों में एक भी मामला नहीं निपटाया गया पटना : राज्य में सरकारी भूमि के दाखिल-खारिज एवं जमाबंदी सृजन की प्रक्रिया में गंभीर शिथिलता सामने आ रही है. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह ने इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए सभी जिला समाहर्ताओं को सरकारी भूमि से संबंधित वादों के त्वरित निष्पादन का स्पष्ट निर्देश देते हुए पत्र जारी किया है. सचिव द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि विभिन्न प्रक्रियाओं से अंतरित, अर्जित एवं अधिसूचित सरकारी भूमि की जमाबंदी सृजन के लिए विभाग द्वारा पूर्व में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए जा चुके हैं तथा इसके लिए “सरकारी भूमि दाखिल-खारिज पोर्टल” भी विकसित किया गया है. इसके बावजूद राज्य स्तर पर सरकारी भूमि के दाखिल-खारिज वादों का औसत निष्पादन मात्र 22.86 प्रतिशत पाया गया है. यह अत्यंत चिंताजनक है.पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि राज्य के कई अंचलों में सरकारी भूमि के दाखिल-खारिज का एक भी मामला निष्पादित नहीं किया गया है. इससे यह स्पष्ट होता है कि अंचल स्तर पर इस कार्य के प्रति अपेक्षित गंभीरता एवं अभिरुचि नहीं ली जा रही है.सचिव ने स्पष्ट किया है कि सरकारी भूमि का समयबद्ध दाखिल-खारिज सरकारी हितों की सुरक्षा, राजस्व संरक्षण और अभिलेखों की शुद्धता के लिए अत्यंत आवश्यक है. लंबित मामलों का जिलावार एवं अंचलवार विवरण पत्र के साथ संलग्न किया गया है, ताकि संबंधित अधिकारी वास्तविक स्थिति से अवगत हो सकें.उन्होंने सभी समाहर्ताओं से अनुरोध किया है कि वे संबंधित अंचल अधिकारियों को [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>सरकारी भूमि का औसत निष्पादन मात्र 22.86%, कई अंचलों में एक भी मामला नहीं निपटाया गया </strong></p>



<p>पटना : राज्य में सरकारी भूमि के दाखिल-खारिज एवं जमाबंदी सृजन की प्रक्रिया में गंभीर शिथिलता सामने आ रही है. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह ने इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए सभी जिला समाहर्ताओं को सरकारी भूमि से संबंधित वादों के त्वरित निष्पादन का स्पष्ट निर्देश देते हुए पत्र जारी किया है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="850" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/06/PNC-revenue-and-land-reforms-Bihar-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-84650" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/06/PNC-revenue-and-land-reforms-Bihar-scaled.jpg 850w, https://www.patnanow.com/assets/2024/06/PNC-revenue-and-land-reforms-Bihar-540x650.jpg 540w" sizes="auto, (max-width: 850px) 100vw, 850px" /></figure>



<p><br>सचिव द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि विभिन्न प्रक्रियाओं से अंतरित, अर्जित एवं अधिसूचित सरकारी भूमि की जमाबंदी सृजन के लिए विभाग द्वारा पूर्व में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए जा चुके हैं तथा इसके लिए “सरकारी भूमि दाखिल-खारिज पोर्टल” भी विकसित किया गया है. इसके बावजूद राज्य स्तर पर सरकारी भूमि के दाखिल-खारिज वादों का औसत निष्पादन मात्र 22.86 प्रतिशत पाया गया है. यह अत्यंत चिंताजनक है.<br>पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि राज्य के कई अंचलों में सरकारी भूमि के दाखिल-खारिज का एक भी मामला निष्पादित नहीं किया गया है. इससे यह स्पष्ट होता है कि अंचल स्तर पर इस कार्य के प्रति अपेक्षित गंभीरता एवं अभिरुचि नहीं ली जा रही है.<br>सचिव ने स्पष्ट किया है कि सरकारी भूमि का समयबद्ध दाखिल-खारिज सरकारी हितों की सुरक्षा, राजस्व संरक्षण और अभिलेखों की शुद्धता के लिए अत्यंत आवश्यक है. लंबित मामलों का जिलावार एवं अंचलवार विवरण पत्र के साथ संलग्न किया गया है, ताकि संबंधित अधिकारी वास्तविक स्थिति से अवगत हो सकें.<br>उन्होंने सभी समाहर्ताओं से अनुरोध किया है कि वे संबंधित अंचल अधिकारियों को निर्देशित करें कि सरकारी भूमि के दाखिल-खारिज से जुड़े सभी लंबित वादों का त्वरित एवं प्राथमिकता के आधार पर निष्पादन सुनिश्चित किया जाए.<br>यह निर्देश सभी अपर समाहर्ताओं, अनुमंडल पदाधिकारियों, भूमि सुधार उप समाहर्ताओं एवं अंचल अधिकारियों को भी सूचनार्थ प्रेषित किया गया है, ताकि विभागीय स्तर पर समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित हो सके.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1008" height="704" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/01/pnc-vijay-sinha-revenue-minister-with-ck-anil.jpg" alt="" class="wp-image-94052" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/01/pnc-vijay-sinha-revenue-minister-with-ck-anil.jpg 1008w, https://www.patnanow.com/assets/2026/01/pnc-vijay-sinha-revenue-minister-with-ck-anil-650x454.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1008px) 100vw, 1008px" /></figure>



<p><strong>किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं</strong></p>



<p>उपमुख्यमंत्री सह मंत्री, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग विजय कुमार सिन्हा ने कहा है कि सरकारी भूमि का समयबद्ध दाखिल-खारिज अत्यंत आवश्यक है, ताकि किसी भी स्थिति में सरकारी भूमि का निजी नाम पर दर्ज होना रोका जा सके. इस दिशा में उठाए गए सख्त कदम सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा और पारदर्शी राजस्व व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए हैं.<br>उन्होंने कहा कि सरकारी भूमि अभिलेखों की शुद्धता राज्य के औद्योगिकरण और विकास से सीधे जुड़ी है. समय पर दाखिल-खारिज होने से औद्योगिक परियोजनाओं को गति मिलेगी, निवेश बढ़ेगा और राज्य का तेज एवं सतत विकास संभव होगा. उपमुख्यमंत्री ने सभी जिम्मेदार अधिकारियों को निर्देश दिया कि सरकारी भूमि के दाखिल-खारिज से जुड़े लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करें. इस कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>भूमि मापी की नई व्यवस्था, 26 जनवरी से 31 मार्च तक चलेगा मापी महाअभियान</title>
		<link>https://www.patnanow.com/jamin-mapi-new/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 16 Jan 2026 04:07:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[CITY/OFFICE]]></category>
		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
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		<category><![CDATA[VIJAY SINHA]]></category>
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					<description><![CDATA[अविवादित जमीन की मापी 7 दिन में, विवादित की मापी 11 दिन में पूरी होगी 14 दिन में पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य, पहले 30 दिन में मापी की थी व्यवस्था पटना।। उपमुख्यमंत्री सह मंत्री, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग श्री विजय कुमार सिन्हा के निर्देश पर भूमि मापी की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और नागरिक अनुकूल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है. राज्य सरकार के सात निश्चय-3 (2025–30) के तहत “Ease of Living” के लक्ष्य को साकार करने के लिए माननीय उपमुख्यमंत्री ने भूमि मापी की नई व्यवस्था लागू करने का निर्देश दिया था. उनके निर्देश के आलोक में विभाग ने पूरी तरह ऑनलाइन और समयबद्ध व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है. यह व्यवस्था 26 जनवरी 2026 से पूरे राज्य में प्रभावी होगी. इसे मापी महाअभियान के रूप में 31 मार्च तक चलाया जाएगा. यह व्यवस्था बिहार काश्तकारी नियमावली, 1885 के नियम 23 (2)(ì)के तहत की गई है. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव सी. के. अनिल द्वारा जारी निर्देश के अनुसार अब भूमि मापी के लिए आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन किए जाएंगे. आवेदन के समय आवेदक को यह स्पष्ट करना होगा कि भूमि अविवादित है या विवादित. यदि भूमि विवादित पाई जाती है तो अंचलाधिकारी द्वारा विवाद की प्रकृति को परिभाषित किया जाएगा.नई व्यवस्था के तहत अविवादित मामलों में आवेदन के साथ ही मापी शुल्क का भुगतान करना होगा. ग्रामीण क्षेत्र में यह शुल्क 500 रुपये प्रति खेसरा और शहरी क्षेत्र में 1000 रुपये प्रति खेसरा निर्धारित किया गया है. तत्काल मापी [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>अविवादित जमीन की मापी 7 दिन में, विवादित की मापी 11 दिन में पूरी होगी</strong></p>



<p><strong>14 दिन में पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य, पहले 30 दिन में मापी की थी व्यवस्था</strong></p>



<p>पटना।। उपमुख्यमंत्री सह मंत्री, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग श्री विजय कुमार सिन्हा के निर्देश पर भूमि मापी की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और नागरिक अनुकूल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है. राज्य सरकार के सात निश्चय-3 (2025–30) के तहत “Ease of Living” के लक्ष्य को साकार करने के लिए माननीय उपमुख्यमंत्री ने भूमि मापी की नई व्यवस्था लागू करने का निर्देश दिया था. उनके निर्देश के आलोक में विभाग ने पूरी तरह ऑनलाइन और समयबद्ध व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है. यह व्यवस्था 26 जनवरी 2026 से पूरे राज्य में प्रभावी होगी. इसे मापी महाअभियान के रूप में 31 मार्च तक चलाया जाएगा. यह व्यवस्था बिहार काश्तकारी नियमावली, 1885 के नियम 23 (2)(ì)के तहत की गई है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1008" height="704" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/01/pnc-vijay-sinha-revenue-minister-with-ck-anil.jpg" alt="" class="wp-image-94052" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/01/pnc-vijay-sinha-revenue-minister-with-ck-anil.jpg 1008w, https://www.patnanow.com/assets/2026/01/pnc-vijay-sinha-revenue-minister-with-ck-anil-650x454.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1008px) 100vw, 1008px" /></figure>



<p>राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव सी. के. अनिल द्वारा जारी निर्देश के अनुसार अब भूमि मापी के लिए आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन किए जाएंगे. आवेदन के समय आवेदक को यह स्पष्ट करना होगा कि भूमि अविवादित है या विवादित. यदि भूमि विवादित पाई जाती है तो अंचलाधिकारी द्वारा विवाद की प्रकृति को परिभाषित किया जाएगा.<br>नई व्यवस्था के तहत अविवादित मामलों में आवेदन के साथ ही मापी शुल्क का भुगतान करना होगा. ग्रामीण क्षेत्र में यह शुल्क 500 रुपये प्रति खेसरा और शहरी क्षेत्र में 1000 रुपये प्रति खेसरा निर्धारित किया गया है. तत्काल मापी के मामलों में यह राशि दोगुनी होगी. अविवादित मामलों में उपलब्ध चौहद्दीदारों को स्वतः नोटिस निर्गत कर सात दिनों के भीतर मापी पूरी की जाएगी.<br>विवादित मामलों में अंचलाधिकारी आवेदन प्राप्त होने के तीन दिनों के भीतर मापी की तिथि और अमीन का निर्धारण करेंगे। यह तिथि सात दिनों के भीतर की होगी तथा सभी चौहद्दीदारों को सिस्टम के माध्यम से नोटिस भेजा जाएगा. विवादित भूमि की मापी अधिकतम 11 दिनों में पूरी की जाएगी.<br>दोनों ही प्रकार के मामलों में मापी के उपरांत अमीन द्वारा प्रतिवेदन ऑनलाइन अपलोड करना अनिवार्य होगा, जो आवेदन की तिथि से 14वें दिन तक पोर्टल पर उपलब्ध कराना होगा.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="830" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/08/pnc-jamin-land-bhumi-sudhar-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-91497" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/08/pnc-jamin-land-bhumi-sudhar-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/08/pnc-jamin-land-bhumi-sudhar-650x527.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>नोटिस की तामिला व्यवस्था भी स्पष्ट की गई है. विवादित मामलों में चौकीदार द्वारा, जबकि अविवादित मामलों में कार्यालय परिचारी द्वारा नोटिस तामिला कराई जाएगी. इसके अतिरिक्त पंजीकृत डाक के माध्यम से भी सूचना भेजी जा सकेगी. आवेदन के साथ दर्ज सभी मोबाइल नंबरों पर सिस्टम द्वारा स्वतः एसएमएस के जरिए सूचना दी जाएगी.<br>लंबित मापी मामलों के शीघ्र निपटारे के लिए विभाग ने मापी महाअभियान चलाने का निर्णय लिया है. यह अभियान 26 जनवरी 2026 से 31 मार्च 2026 तक सभी जिलों में संचालित होगा. इसके अंतर्गत 31 दिसंबर 2025 तक प्राप्त सभी लंबित मापी आवेदनों का निष्पादन करने का लक्ष्य रखा गया है.<br>इस अभियान को प्रभावी बनाने के लिए विशेष सर्वेक्षण अमीनों की प्रतिनियुक्ति भी की जाएगी. समाहर्ता आवश्यकता के अनुसार प्रति हल्का एक अमीन के मानक पर विशेष सर्वेक्षण अमीनों की अधियाचना कर सकेंगे. पूरे मापी अभियान के नियंत्री पदाधिकारी संबंधित जिले के समाहर्ता होंगे.<br>नई व्यवस्था से भूमि सीमांकन से जुड़े विवादों में कमी आने, रैयतों को समय पर न्याय मिलने और राजस्व प्रशासन में पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है.</p>



<p><strong>मापी प्रतिवेदन भी स्पष्ट एवं वैज्ञानिक</strong></p>



<p>अब जमीन मापी कर जैसे–तैसे प्रतिवेदन नहीं जमा किया जा सकेगा। इसके लिए विभाग द्वारा भू मापी प्रतिवेदन का मानक प्रारूप भी सभी को उपलब्ध करा दिया गया है. इसमें आवेदक का पूर्ण विवरण, मापी गई भूमि का पूर्ण विवरण, मापी के लिए आवश्यक महत्वपूर्ण चेकलिस्ट, मापी का विवरण व नजरी नक्शा, साक्षियों/चौहद्दीदरों की विवरणी समेत अमीन का मंतव्य एवं हस्ताक्षर के कॉलम भी दिए गए हैं.</p>



<figure class="wp-block-embed is-type-rich is-provider-twitter wp-block-embed-twitter"><div class="wp-block-embed__wrapper">
<blockquote class="twitter-tweet" data-width="550" data-dnt="true"><p lang="hi" dir="ltr">माननीय उपमुख्यमंत्री सह मंत्री,<a href="https://twitter.com/BiharRevenue?ref_src=twsrc%5Etfw">@BiharRevenue</a> श्री<a href="https://twitter.com/VijayKrSinhaBih?ref_src=twsrc%5Etfw">@VijayKrSinhaBih</a> ने कहा कि राज्य सरकार के <a href="https://twitter.com/hashtag/%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%A4_%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%B6%E0%A5%8D%E0%A4%9A%E0%A4%AF_3?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#सात_निश्चय_3</a> के <a href="https://twitter.com/hashtag/Ease_of_Living?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#Ease_of_Living</a> के लक्ष्य को साकार करने के लिए राज्य में जमीन की मापी के लिए 26 जनवरी से 31 मार्च तक चलेगा अभियान।<a href="https://twitter.com/NitishKumar?ref_src=twsrc%5Etfw">@NitishKumar</a> <a href="https://twitter.com/IPRDBihar?ref_src=twsrc%5Etfw">@IPRDBihar</a> <a href="https://twitter.com/hashtag/DeputyCM?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#DeputyCM</a><a href="https://twitter.com/hashtag/SaatNishchay3?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#SaatNishchay3</a> <a href="https://t.co/YXqQYloIEV">pic.twitter.com/YXqQYloIEV</a></p>&mdash; Revenue and Land Reforms Department (@BiharRevenue) <a href="https://twitter.com/BiharRevenue/status/2011824075933696345?ref_src=twsrc%5Etfw">January 15, 2026</a></blockquote><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script>
</div></figure>



<p><strong>क्या बोले उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा </strong></p>



<p>उपमुख्यमंत्री सह मंत्री, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि भूमि मापी की नई व्यवस्था राज्य सरकार के सात निश्चय-3 के तहत नागरिकों को त्वरित, पारदर्शी और भरोसेमंद सेवाएं देने की दिशा में एक ठोस कदम है. अब लोगों को महीनों इंतजार नहीं करना पड़ेगा. अविवादित भूमि की मापी सात दिन और विवादित मामलों की मापी 11 दिन की तय समय-सीमा में पूरी होगी. पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होने से पारदर्शिता बढ़ेगी और अनावश्यक विवादों पर प्रभावी नियंत्रण लगेगा. इससे राज्य में भूमि विवाद के मामलों में उत्तरोत्तर कमी दर्ज हो सकेगी.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="877" height="591" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/01/pnc-vijay-sinha-on-jamin-mapi.jpg" alt="" class="wp-image-94281" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/01/pnc-vijay-sinha-on-jamin-mapi.jpg 877w, https://www.patnanow.com/assets/2026/01/pnc-vijay-sinha-on-jamin-mapi-650x438.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 877px) 100vw, 877px" /></figure>



<p>उन्होंने आगे कहा कि मापी महाअभियान के माध्यम से लंबित मामलों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि रैयतों को न्याय समय पर मिले और राजस्व प्रशासन में जनता का विश्वास और मजबूत हो.</p>



<p>pncb</p>
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