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	<title>lalit kala academy patna &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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	<title>lalit kala academy patna &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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		<title>बिहार ललित कला अकादमी में प्रदर्शित हुई वरिष्ठ  चित्रकार बादल की कृतियां</title>
		<link>https://www.patnanow.com/works-of-senior-painter-badal-displayed-at-bihar-lalit-kala-academy/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[pnc]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 26 Feb 2023 04:26:32 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[कला और साहित्य]]></category>
		<category><![CDATA[देश दुनिया]]></category>
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		<category><![CDATA[vandana preyasi IAS]]></category>
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					<description><![CDATA[लोककला शैली अपने अनोखेपन व सौंदर्य दृष्टि के कारण लोगों की पसंद बनी उपेन्द्र महारथी से उन्होंने वाश चित्रण सीखा ,बटेश्वर नाथ से टेम्परा, पोट्रेट राधा मोहन बाबू से परंपरागत विषयों और शैली में कला सृजन किया कला संस्कृति एवं युवा विभाग, बिहार तथा बिहार ललित कला अकादमी पटना के संयुक्त सौजन्य से तीनों कला दीर्घा, बिहार ललित कला अकादमी, बहुद्देशीय सांस्कृतिक परिसर, फ्रेजर रोड, पटना में वयोवृद्ध वरिष्ठ कलाकार आनन्दी प्रसाद बादल की कलाकृतियों की प्रदर्शनी का शुभारंभ हुआ . इस अवसर पर प्रदर्शनी के प्रथम दर्शक के रूप में बन्दना प्रेयसी, सचिव, कला, संस्कृति एवं युवा विभाग, बिहार, पटना के द्वारा अवलोकन किया गया.पृथ्वी के चित्रकार बादल को कला, संस्कृति एवं युवा विभाग, बिहार, पटना के द्वारा बुके देकर सम्मानित किया गया.प्रदर्शनी में बादल के 300 (तीन सौ समकालीन पेंटिंग एवं 09 मूर्ति सहित कलाकृतियों को प्रदर्शित किया गया है. प्रदर्शित सभी कलाकृतियों को सचिव  ने बारी-बारी से अवलोकन करते हुए कलाकृतियों की जानकारी प्राप्त की. प्रदर्शनी के लिए मुद्रित कैटलॉग का भी विमोचन किया गया. विश्वभर‌ की कला शैलियों, लोककला शैलियों ने अपने अनोखेपन व सौंदर्य दृष्टि के कारण मान्यता प्राप्त कर ली. भारतीय टेम्परा चित्रण शैली, लघुचित्रण शैली ने विश्व कला में अपनी पहचान बनाई। भारतीय कलाकारों को भी आधुनिक चित्रण शैली ने प्रभावित किया. वे भी नये रंगों, रेखाओं, तूलिका घात की तलाश में, अपने को परम्परावादी चित्रण शैली की बंधी हुई आकृतिमूलकता, निरंतर पुनरावृत्त होने वाले रंग संगति के दोष से बचने के लिए एक्सपेरिमेंटल कला सृजन करने लगे.आनंदी प्रसाद बादल को भी विदेश जाने का मौका मिला. वे कहते  हैं कि कला शिक्षा पूर्ण करते ही उन्हें जापान और [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>लोककला शैली  अपने अनोखेपन व सौंदर्य दृष्टि के कारण लोगों की पसंद बनी</strong></p>



<p><strong>उपेन्द्र महारथी से उन्होंने वाश चित्रण सीखा ,बटेश्वर नाथ से टेम्परा, पोट्रेट राधा मोहन बाबू से</strong></p>



<p><strong>परंपरागत विषयों और शैली में कला सृजन किया</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="650" height="433" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/02/IMG_0638.jpg" alt="" class="wp-image-71833" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/02/IMG_0638.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/02/IMG_0638-350x233.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /><figcaption><strong>प्रथम दर्शक के रूप में बन्दना प्रेयसी, सचिव, कला, संस्कृति एवं युवा विभाग, बिहार, पटना</strong></figcaption></figure>



<p>कला संस्कृति एवं युवा विभाग, बिहार तथा बिहार ललित कला अकादमी पटना के संयुक्त सौजन्य से तीनों कला दीर्घा, बिहार ललित कला अकादमी, बहुद्देशीय सांस्कृतिक परिसर, फ्रेजर रोड, पटना में वयोवृद्ध वरिष्ठ कलाकार आनन्दी प्रसाद बादल की कलाकृतियों की प्रदर्शनी का शुभारंभ हुआ . इस अवसर पर प्रदर्शनी के प्रथम दर्शक के रूप में बन्दना प्रेयसी, सचिव, कला, संस्कृति एवं युवा विभाग, बिहार, पटना के द्वारा अवलोकन किया गया.पृथ्वी के चित्रकार बादल को कला, संस्कृति एवं युवा विभाग, बिहार, पटना के द्वारा बुके देकर सम्मानित किया गया.प्रदर्शनी में बादल के 300 (तीन सौ समकालीन पेंटिंग एवं 09 मूर्ति सहित कलाकृतियों को प्रदर्शित किया गया है. प्रदर्शित सभी कलाकृतियों को सचिव  ने बारी-बारी से अवलोकन करते हुए कलाकृतियों की जानकारी प्राप्त की. प्रदर्शनी के लिए मुद्रित कैटलॉग का भी विमोचन किया गया.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="650" height="433" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/02/IMG_0654.jpg" alt="" class="wp-image-71834" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/02/IMG_0654.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/02/IMG_0654-350x233.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>विश्वभर‌ की कला शैलियों, लोककला शैलियों ने अपने अनोखेपन व सौंदर्य दृष्टि के कारण मान्यता प्राप्त कर ली. भारतीय टेम्परा चित्रण शैली, लघुचित्रण शैली ने विश्व कला में अपनी पहचान बनाई। भारतीय कलाकारों को भी आधुनिक चित्रण शैली ने प्रभावित किया. वे भी नये रंगों, रेखाओं, तूलिका घात की तलाश में, अपने को परम्परावादी चित्रण शैली की बंधी हुई आकृतिमूलकता, निरंतर पुनरावृत्त होने वाले रंग संगति के दोष से बचने के लिए एक्सपेरिमेंटल कला सृजन करने लगे.आनंदी प्रसाद बादल को भी विदेश जाने का मौका मिला. वे कहते  हैं कि कला शिक्षा पूर्ण करते ही उन्हें जापान और फिलिपिंस जाने का मौका मिला। जहां उन्हें आधुनिक कला को देखने और जानने का अवसर मिला। यहीं से उनकी कला ने नया मोड़ लिया और वे अमूर्त चित्रण शैली से बेहद प्रभावित हुए.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="650" height="433" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/02/IMG_0666.jpg" alt="" class="wp-image-71835" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/02/IMG_0666.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/02/IMG_0666-350x233.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>इतिहास गवाह है कि भारत भूमि आरंभ से ही कला और संस्कृति के लिए उर्वर भूमि रही है. भारतीय कलाकारों ने विश्व कला शैलियों से प्रेरणा ग्रहण की है और अपनी कला को परिष्कृत किया है. रही बात चित्रकला में आकृति मूलकता या अमूर्तन की वर्तमान समय में ये कलाकार की अपनी पसंद मानी जा रही है.बादल वरिष्ठ कलाकार हैं उन्होंने लंबे समय तक परंपरागत विषयों और शैली में कला सृजन किया है. आरंभ में वे तैल रंगों में शबीह चित्रण, टेम्परा और वाश शैली में ग्राम्य परिवेश पर चित्रण करते थे. उपेन्द्र महारथी से उन्होंने वाश चित्रण सीखा और बटेश्वर नाथ से टेम्परा। पोट्रेट में राधा मोहन बाबू थे ही। इन कला महारथियों के प्रभाव में उन्होंने बहुत सारे चित्र बनाए,</p>



<p>प्रदर्शनी देखने के लिए बड़ी संख्या में कलाकारमण, प्रबुद्ध लोग उपस्थित थे जिनमें सुषमा कुमारी, सचिव, बिहार ललित कला अकादमी पटना रविन्द्र कुमार तिवारी, सहायक बिहार ललित कला अकादमी अशोक तिवारी, शैलेन्द्र कुमार अर्चना सिन्हा, अधेश अमन, जितेन्द्र मोहन, बिरेन्द्रकुमार सिंह, अंजू वर्मा, हरिकृष्ण मुन्ना, राजकुमार लाल, रामू कुमार, अलका दास, अनिता कुमारी, नरेन्द्र कुमार, नेचर संगीता, स्मिता पराशर, सत्या सार्थ, तारकेश्वर कुमार के अलावा देवपूजन कुमार, ओमकार नाम विजय कुमार चन्दन कुमार, कुमारी शिल्पी राम मन्टू कुमार एवं सुरेंद्र राम के साथ ही कई वरिष्ठ कलाकारों एवं समीक्षक उपस्थिति रही.</p>



<p><strong>रवीन्द्र भारती</strong></p>
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		<title>75 पक्षियों पर आधारित पेन स्केचिंग प्रदर्शनी/कार्यशाला  का आयोजन</title>
		<link>https://www.patnanow.com/organizing-pen-sketching-exhibition-workshop-based-on-75-birds/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[pnc]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 30 Aug 2022 18:13:57 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[एजुकेशन]]></category>
		<category><![CDATA[कला और साहित्य]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[75 birds]]></category>
		<category><![CDATA[lalit kala academy patna]]></category>
		<category><![CDATA[shyamal das]]></category>
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					<description><![CDATA[श्यामल दास के निर्देशन में पेन स्केचिंग प्रदर्शनी/वर्कशॉप का आयोजन आयोजन का उद्देश्य छात्र/छात्राओं को कला के प्रति जागरूक करना कार्यशाला में कुल 67 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया कला संस्कृति एवं युवा विभाग, बिहार पटना के सौजन्य से बहुद्देशीय सांस्कृतिक परिसर फ्रेजर रोड स्थित कला दीर्घा में आजादी के अमृत महोत्सव के अवसर पर दिनांक-10.08.2022 से 30.08.2022 तक श्यामल दास के निर्देशन में बिहार के 75 पक्षी पर आधारित पेन स्केचिंग प्रदर्शनी/वर्कशॉप का आयोजन किया गया है. मो. तारिक इकबाल, सचिव, बिहार ललित कला अकादमी के द्वारा अतिथियों को गुलाब देकर सम्मानित किया गया. प्रतिभागी छात्र-छात्राओं को दीपक आनन्द, अपर सचिव, कला, संस्कृति एवं युवा विभाग, बिहार, पटना आनन्दी प्रसाद बादल, पूर्व अध्यक्ष तथा मिलन दास, पूर्व उपाध्यक्ष, बिहार ललित कला अकादमी, पटना के द्वारा सहभागिता प्रमाण पत्र दिया गया. आयोजन का उद्देश्य छात्र/छात्राओं को कला के प्रति जागरूक करना था. इस कार्यशाला में कुल 67 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया. सभी प्रतिभागी को कार्यशाला में कला सामग्री भी अकादमी के द्वारा प्रदान किया गया. इस कार्यशाला में राजकीय कन्या उच्च विद्यालय, बोरिंग रोड, पटना, कन्या मध्य विद्यालय, गोलघर पार्क, पटना, देवीपद चौधरी शहीद स्मारक (मिलर) उच्च माध्यमिक विद्यालय, वीरचन्द पटेल पथ, पटना, स्टूडेंट्स साइन्टिफिक उच्च विद्यालय, कदमकुआँ, लालजी टोला, पटना, मानदा समादार मध्य विद्यालय, लालजी टोला, पटना एवं बांकीपुर राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय, गोलघर, पटना-01 के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया. मंच का संचालन सुदीपा घोष, भारतीय नृत्य कला मंदिर के द्वारा किया गया. इस अवसर पर श्यामल दास, अरविन्द कुमार तिवारी, सहायक सचिव, बिहार ललित कला अकादमी, पटना, देवपूजन [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>श्यामल दास के निर्देशन में  पेन स्केचिंग प्रदर्शनी/वर्कशॉप का आयोजन</strong></p>



<p><strong>आयोजन का उद्देश्य छात्र/छात्राओं को कला के प्रति जागरूक करना</strong></p>



<p><strong>कार्यशाला में कुल 67 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया</strong></p>



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<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="434" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/08/JAY_0273.jpg" alt="" class="wp-image-65942" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/08/JAY_0273.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/08/JAY_0273-350x234.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>कला संस्कृति एवं युवा विभाग, बिहार पटना के सौजन्य से बहुद्देशीय सांस्कृतिक परिसर फ्रेजर रोड स्थित कला दीर्घा में आजादी के अमृत महोत्सव के अवसर पर दिनांक-10.08.2022 से 30.08.2022 तक श्यामल दास के निर्देशन में बिहार के 75 पक्षी पर आधारित पेन स्केचिंग प्रदर्शनी/वर्कशॉप का आयोजन किया गया है. मो. तारिक इकबाल, सचिव, बिहार ललित कला अकादमी के द्वारा अतिथियों को गुलाब देकर सम्मानित किया गया.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="434" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/08/JAY_0077.jpg" alt="" class="wp-image-65938" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/08/JAY_0077.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/08/JAY_0077-350x234.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>प्रतिभागी छात्र-छात्राओं को दीपक आनन्द, अपर सचिव, कला, संस्कृति एवं युवा विभाग, बिहार, पटना आनन्दी प्रसाद बादल, पूर्व अध्यक्ष तथा मिलन दास, पूर्व उपाध्यक्ष, बिहार ललित कला अकादमी, पटना के द्वारा सहभागिता प्रमाण पत्र दिया गया. आयोजन का उद्देश्य छात्र/छात्राओं को कला के प्रति जागरूक करना था. इस कार्यशाला में कुल 67 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="434" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/08/JAY_0109.jpg" alt="" class="wp-image-65939" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/08/JAY_0109.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/08/JAY_0109-350x234.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>सभी प्रतिभागी को कार्यशाला में कला सामग्री भी अकादमी के द्वारा प्रदान किया गया. इस कार्यशाला में राजकीय कन्या उच्च विद्यालय, बोरिंग रोड, पटना, कन्या मध्य विद्यालय, गोलघर पार्क, पटना, देवीपद चौधरी शहीद स्मारक (मिलर) उच्च माध्यमिक विद्यालय, वीरचन्द पटेल पथ, पटना, स्टूडेंट्स साइन्टिफिक उच्च विद्यालय, कदमकुआँ, लालजी टोला, पटना, मानदा समादार मध्य विद्यालय, लालजी टोला, पटना एवं बांकीपुर राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय, गोलघर, पटना-01 के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="434" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/08/JAY_0185.jpg" alt="" class="wp-image-65940" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/08/JAY_0185.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/08/JAY_0185-350x234.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="434" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/08/JAY_0150.jpg" alt="" class="wp-image-65941" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/08/JAY_0150.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/08/JAY_0150-350x234.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>मंच का संचालन सुदीपा घोष, भारतीय नृत्य कला मंदिर के द्वारा किया गया. इस अवसर पर श्यामल दास, अरविन्द कुमार तिवारी, सहायक सचिव, बिहार ललित कला अकादमी, पटना, देवपूजन कुमार, ओमकार नाथ, विजय कुमार, मिथिलेष कुमार, चन्दन कुमार, मन्टु कुमार, सुरेन्द्र राम एवं छात्र छात्राओं के माता पिता तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे.</p>



<p><strong>PNCDESK</strong></p>
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		<title>चित्रकार राकेश दिवाकर के निधन से ललित कला अकादमी में भी छाया शोक</title>
		<link>https://www.patnanow.com/lalait-kala-academy-me-bhi-chhayi-mayushi/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 19 May 2022 02:37:52 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[PATNA]]></category>
		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[कला और साहित्य]]></category>
		<category><![CDATA[दुर्घटना]]></category>
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		<category><![CDATA[Lalit kala Academy]]></category>
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					<description><![CDATA[पटना, 19 मई. चित्रकार राकेश कुमार दिवाकर के निधन से कला के क्षेत्र में मायूसी छा गई है. उनके निधन से न सिर्फ भोजपुर जिला बल्कि शाहाबाद और प्रदेश के लोग भी सदमे में हैं. बिहार राज्य के लब्ध प्रतिष्ठित कलाकार तथा कला शिक्षक राकेश कुमार दिवाकर के अकस्मिक निधन से बिहार का कला जगत विचलित है. बुधवार को सुबह उनके निधन की खबर से जहां सोशल मीडिया पर दिनभर हलचल रहा वही बिहार ललित कला अकादमी में भी एक शोक सभा आयोजित की गयी. अकादमी के सभी कर्मियों ने इनके निधन पर गहरा दुःख प्रकट करते हुए कहा बिहार ने अपने लाल को खो दिया है,जिसकी भरपाई कर पाना मुश्किल है. कला के विभिन्न विद्याओं पर उनकी काफी पकड़ थी. दिवंगत आत्मा की शान्ति के लिए उपस्थित सभी कर्मियों ने दो मिनट का मौन रखा. इस अवसर पर दीपक कुमार, सूरज कुमार, देवपूजन कुमार, ओमकार नाथ, विजय कुमार, मिथिलेश कुमार, चन्दन कुमार कुमारी शिल्पी रानी, मन्दु कुमार, सुरेन्द्र राम के साथ बड़ी संख्या में कलाकार एवं कला प्रेमी उपस्थित थे. PNCB]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="450" height="600" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/05/FB_IMG_1652876318988.jpg" alt="" class="wp-image-62462" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/05/FB_IMG_1652876318988.jpg 450w, https://www.patnanow.com/assets/2022/05/FB_IMG_1652876318988-263x350.jpg 263w" sizes="(max-width: 450px) 100vw, 450px" /><figcaption>राकेश कुमार दिवाकर ( फाइल फोटो)</figcaption></figure>



<p>पटना, 19 मई. चित्रकार राकेश कुमार दिवाकर के निधन से कला के क्षेत्र में मायूसी छा गई है. उनके निधन से न सिर्फ भोजपुर जिला बल्कि शाहाबाद और प्रदेश के लोग भी सदमे में हैं. बिहार राज्य के लब्ध प्रतिष्ठित कलाकार तथा कला शिक्षक राकेश कुमार दिवाकर के अकस्मिक निधन से बिहार का कला जगत विचलित है. बुधवार को सुबह उनके निधन की खबर से जहां सोशल मीडिया पर दिनभर हलचल रहा वही बिहार ललित कला अकादमी में भी एक शोक सभा आयोजित की गयी. अकादमी के सभी कर्मियों ने इनके निधन पर गहरा दुःख प्रकट करते हुए कहा बिहार ने अपने लाल को खो दिया है,जिसकी भरपाई कर पाना मुश्किल है. कला के विभिन्न विद्याओं पर उनकी काफी पकड़ थी.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="488" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/05/IMG-20220518-WA0024.jpg" alt="" class="wp-image-62460" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/05/IMG-20220518-WA0024.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/05/IMG-20220518-WA0024-350x263.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /><figcaption>मौन रहकर शांति की प्रार्थना करते ललित कला अकादमी के सदस्य</figcaption></figure>



<p> दिवंगत आत्मा की शान्ति के लिए उपस्थित सभी कर्मियों ने दो मिनट का मौन रखा. इस अवसर पर दीपक कुमार, सूरज कुमार, देवपूजन कुमार, ओमकार नाथ, विजय कुमार, मिथिलेश कुमार, चन्दन कुमार कुमारी शिल्पी रानी, मन्दु कुमार, सुरेन्द्र राम के साथ बड़ी संख्या में कलाकार एवं कला प्रेमी उपस्थित थे.</p>



<p><strong><em>PNCB</em></strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>सात महिलाओं के समूह ‘विस्तार  2’ चित्रकला प्रदर्शनी में दिखा दर्द और खुशियां</title>
		<link>https://www.patnanow.com/vistar2-painting-exhibition-from-sataya-sarth/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[pnc]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 08 Mar 2022 17:29:19 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[PATNA]]></category>
		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[कला और साहित्य]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[aakar2 painting exhibition from sataya sarth]]></category>
		<category><![CDATA[lalit kala academy patna]]></category>
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					<description><![CDATA[प्रदर्शनी में एक से बढ़ कर एक पेंटिंग अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर हुआ कार्यक्रम का आयोजन सरकार करेगी कलाकारों की मदद &#8211;अंजनी कुमार सिंह अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर सात महिलाओं के समूह विस्तार -2 की ओर से चित्रकला प्रदर्शनी का आयोजन ललित कला अकादमी कला दीर्घा में किया गया. इस प्रदर्शनी का उद्घाटन बिहार संग्रहालय के महानिदेशक अंजनी कुमार सिंह तथा सेन्ट्रल ऑफ़ जियोग्राफिकल स्टडीज की निदेशक पूर्णिमा शेखर ने किया. इस मौके पर अंजनी कुमार सिंह ने कहा कि कोरोना काल में सबसे प्रभावित कलाकार रहें है. यह प्रदर्शनी काफी अंतराल के बाद आयोजित हो पाई है. पिछले दो सालों से समय अनुकूल नहीं चल रहा था. परन्तु कलाकार निरंतर कला साधना में जुटे थे. सरकार भी कलाकारों के अंदर के भूख को समझती है आने वाले दिनों में बड़े पैमाने पर कार्यक्रमों का होना पूर्व निर्धारित है जिससे कलाकारों को भी लाभ मिलेगा. पूर्णिमा शेखर ने कहा कि ऐसे मौके न जाने कहां गुम हो गए थे लेकिन अभावों से जूझती महिलाओं ने अपना कला क्रम जारी रखा और महिला दिवस के मौके पर प्रस्तुत किया जो सराहनीय प्रयास है. &#160; इस प्रदर्शनी में देश की ख्याति प्राप्त कलाकारों की चित्र प्रदर्शनी लगाई गई है जिसमें महिला सशक्तिकरण के साथ प्रदेश की खुशहाली को प्रस्तुत किया गया है. कार्यक्रम की संयोजिका सत्या सार्थ ने कहा कि इस प्रदर्शनी में लगे चित्र कलाप्रेमियों को जरूर कुछ सोचने पर विवश करेगा. हम सभी महिला चित्रकारों का अपने नजरिये से समाज के देखना और महसूस करना और रंग रेखाओं [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>प्रदर्शनी में एक से बढ़ कर एक पेंटिंग</strong></p>



<p><strong>अंतर्राष्ट्रीय</strong> <strong>महिला दिवस पर हुआ कार्यक्रम का आयोजन</strong></p>



<p><strong>सरकार करेगी कलाकारों  की  मदद </strong>&#8211;<strong>अंजनी कुमार सिंह </strong></p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="488" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/03/स३.jpg" alt="" class="wp-image-59457" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/03/स३.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/03/स३-350x263.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p><br><strong>अंतर्राष्ट्रीय</strong> महिला दिवस के अवसर पर सात महिलाओं के समूह विस्तार -2 की ओर से चित्रकला प्रदर्शनी का आयोजन ललित कला अकादमी कला दीर्घा में किया गया. इस प्रदर्शनी का उद्घाटन बिहार संग्रहालय के महानिदेशक अंजनी कुमार सिंह तथा सेन्ट्रल ऑफ़ जियोग्राफिकल स्टडीज की निदेशक पूर्णिमा शेखर ने किया. इस मौके पर अंजनी कुमार सिंह ने कहा कि कोरोना काल में सबसे प्रभावित कलाकार रहें है. यह प्रदर्शनी काफी अंतराल के बाद आयोजित हो पाई है. पिछले दो सालों से समय अनुकूल नहीं चल रहा था. परन्तु कलाकार निरंतर कला साधना में जुटे थे. सरकार भी कलाकारों के अंदर के भूख को समझती है आने वाले दिनों में बड़े पैमाने पर कार्यक्रमों का होना पूर्व निर्धारित है जिससे कलाकारों को भी लाभ मिलेगा. पूर्णिमा शेखर ने कहा कि ऐसे मौके न जाने कहां गुम हो गए थे लेकिन अभावों से जूझती महिलाओं ने अपना कला क्रम जारी रखा और महिला दिवस के मौके पर प्रस्तुत किया जो सराहनीय प्रयास है. &nbsp;</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="525" height="600" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/03/anita.jpg" alt="" class="wp-image-59458" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/03/anita.jpg 525w, https://www.patnanow.com/assets/2022/03/anita-306x350.jpg 306w" sizes="(max-width: 525px) 100vw, 525px" /></figure>



<p><br>इस प्रदर्शनी में देश की ख्याति प्राप्त कलाकारों की चित्र प्रदर्शनी लगाई गई है जिसमें महिला सशक्तिकरण के साथ प्रदेश की खुशहाली को प्रस्तुत किया गया है. कार्यक्रम की संयोजिका सत्या सार्थ ने कहा कि इस प्रदर्शनी में लगे चित्र कलाप्रेमियों को जरूर कुछ सोचने पर विवश करेगा. हम सभी महिला चित्रकारों का अपने नजरिये से समाज के देखना और महसूस करना और रंग रेखाओं से कलाकृतियां बना कर लोगों के समक्ष इस प्रदर्शनी के माध्यम से पेश करना ही हमारा मकसद है.इस चित्रकला प्रदर्शनी में आधुनिक जीवन में पारम्परिक प्रयोग भी दिखते हैं</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="468" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/03/अंजनी.jpg" alt="" class="wp-image-59460" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/03/अंजनी.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/03/अंजनी-350x252.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>इस कला प्रदर्शनी में भाग लेने वाले कलाकार संगीता ने ग्रामीण जीवन का प्राकृतिक व मानवीय संवेदनाओं की सार्थकता को पेश किया है. कर्नाटक की मीनाक्षी सद्गले ने समाज का झूठ और फरेब से बाहर नहीं निकलने की असमर्थता के आगे नतमस्तक समाज को अपने चित्रों के जरिये व्यक्त किया है. अनीता की कृतियों में समाज को गढ़ने और बहने की चाहत लिए आशावादी दृष्टिकोण से ओत प्रोत हैं. नम्रता ने सांस्कृतिक विरासत को छिन्न भिन्न करने वाले हाथों को रोकने की कोशिश करती नजर आती है.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="450" height="600" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/03/c7a7f012-69c3-4e43-925d-2fc57a4e31ed.jpg" alt="" class="wp-image-59471" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/03/c7a7f012-69c3-4e43-925d-2fc57a4e31ed.jpg 450w, https://www.patnanow.com/assets/2022/03/c7a7f012-69c3-4e43-925d-2fc57a4e31ed-263x350.jpg 263w" sizes="(max-width: 450px) 100vw, 450px" /></figure>



<p>राज्य की प्रतिष्ठित कलाकार सत्या सार्थ ने ‘मुखौटे’  के जरिये समाज में जिस प्रकार में जीने की विवशता एक आदमी बन कर है उसे बखूबी रेखांकित करता है  तो अर्चना की पेंटिंग में सामाजिक सरोकार तथा समसामयिक जिज्ञासा है. हेमा की पेंटिंग समाज को दर्पण दिखाने का काम कर रहे हैं. यह चित्र प्रदर्शनी 11 मार्च तक चलेगी. प्रतिदिन सुबह दस से 6 बजे तक आम लोग भी इस प्रदर्शनी को देख सकेंगे. इस आयोजन में ललित कला एकेडमी के चित्रकार बादल ,अशोक सिन्हा ,अवधेश अमन रश्मि सिंह ,मनोज बच्चन ,वीरेंद्र सिंह ,रामू राज कुमार सिंह,विभा लाल ,निशि सिंह सुनील कुमार ,रंजीता और मुकेश कुमार,संजीव सिन्हा  समेत राज्य के प्रमुख चित्रकार मौजूद थे.</p>



<p><strong>PNC DESK </strong></p>
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