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	<title>kiit &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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		<title>KIIT ने SDG &#8221;REDUCING INEQUALITUES&#8221; में विश्व स्तर पर 8 वां स्थान हासिल किया</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 03 May 2022 07:41:31 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[एजुकेशन]]></category>
		<category><![CDATA[देश दुनिया]]></category>
		<category><![CDATA[kiit]]></category>
		<category><![CDATA[Kiit--sdg-reducing-inequalitues]]></category>
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					<description><![CDATA[केआईआईटी डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी, भुवनेश्वर को 28 अप्रैल 2022 को प्रकाशित प्रतिष्ठित टाइम्स हायर एजुकेशन इम्पैक्ट रैंकिंग 2022 में &#8216;असमानताओं को कम करने&#8217; के सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) में दुनिया के विश्वविद्यालयों में 8वां स्थान दिया गया है. वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग के अलावा, टाइम्स हायर एजुकेशन हर साल विभिन्न मानकों पर संस्थानों के लिए कई अन्य रैंकिंग प्रकाशित करता है. इनमें से एक सबसे महत्वपूर्ण, असरदार श्रेणी में रखना है, जो संयुक्त राष्ट्र (यूएन) सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) में उनके योगदान पर दुनिया भर के हजारों विश्वविद्यालयों का मूल्यांकन करती है. टाइम्स हायर एजुकेशन इम्पैक्ट रैंकिंग चार व्यापक क्षेत्रों अनुसंधान, प्रबंधन, आउटरीच और शिक्षण में स्थिरता के लिए उनकी प्रतिबद्धता का आकलन करती है. इस वर्ष की रैंकिंग में, केआईआईटी को एसडीजी के ही एक महत्वपूर्ण पैरामीटर &#8211; &#8216;असमानताओं को कम करने&#8217; में इसके प्रभाव के लिए पूरी दुनिया में 8 वां सर्वश्रेष्ठ स्थान दिया गया है. अन्य एसडीजी में 101-200 के प्रभावशाली रैंक के साथ &#8211; गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, शांति, न्याय और मजबूत संस्थान और लक्ष्यों के लिए साझेदारी में केआईआईटी ने रैंकिंग में 201-300 की समग्र स्थिति हासिल की है, जिसमें 106 देशों के 1500 से अधिक विश्वविद्यालय सूचीबद्ध हैं. सूची में केवल कुछ ही भारतीय संस्थान शामिल हैं, और KIIT भारत के शीर्ष आठ विश्वविद्यालयों में से एक है. गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और अनुसंधान के साथ, केआईआईटी अपनी स्थापना के बाद से सामाजिक विकास गतिविधियों के विस्तृत श्रेणी में सक्रिय रूप से शामिल रहा है. केआईआईटी डीम्ड यूनिवर्सिटी के अकादमिक समुदाय का मानना ​​​​है “केआईआईटी&#8221; ने असमानताओं को [&#8230;]]]></description>
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<p>केआईआईटी डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी, भुवनेश्वर को 28 अप्रैल 2022 को प्रकाशित प्रतिष्ठित टाइम्स हायर एजुकेशन इम्पैक्ट रैंकिंग 2022 में &#8216;असमानताओं को कम करने&#8217; के सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) में दुनिया के विश्वविद्यालयों में 8वां स्थान दिया गया है.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="650" height="400" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/05/pnc-kiit-top-position.jpg" alt="" class="wp-image-61564" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/05/pnc-kiit-top-position.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/05/pnc-kiit-top-position-350x215.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग के अलावा, टाइम्स हायर एजुकेशन हर साल विभिन्न मानकों पर संस्थानों के लिए कई अन्य रैंकिंग प्रकाशित करता है. इनमें से एक सबसे महत्वपूर्ण, असरदार श्रेणी में रखना है, जो संयुक्त राष्ट्र (यूएन) सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) में उनके योगदान पर दुनिया भर के हजारों विश्वविद्यालयों का मूल्यांकन करती है. टाइम्स हायर एजुकेशन इम्पैक्ट रैंकिंग चार व्यापक क्षेत्रों अनुसंधान, प्रबंधन, आउटरीच और शिक्षण में स्थिरता के लिए उनकी प्रतिबद्धता का आकलन करती है.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img decoding="async" width="646" height="600" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/05/pnc-kiit-campus-odisha-ad.jpg" alt="" class="wp-image-61562" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/05/pnc-kiit-campus-odisha-ad.jpg 646w, https://www.patnanow.com/assets/2022/05/pnc-kiit-campus-odisha-ad-350x325.jpg 350w" sizes="(max-width: 646px) 100vw, 646px" /></figure>



<p>इस वर्ष की रैंकिंग में, केआईआईटी को एसडीजी के ही एक महत्वपूर्ण पैरामीटर &#8211; &#8216;असमानताओं को कम करने&#8217; में इसके प्रभाव के लिए पूरी दुनिया में 8 वां सर्वश्रेष्ठ स्थान दिया गया है. अन्य एसडीजी में 101-200 के प्रभावशाली रैंक के साथ &#8211; गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, शांति, न्याय और मजबूत संस्थान और लक्ष्यों के लिए साझेदारी में केआईआईटी ने रैंकिंग में 201-300 की समग्र स्थिति हासिल की है, जिसमें 106 देशों के 1500 से अधिक विश्वविद्यालय सूचीबद्ध हैं.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img decoding="async" width="650" height="366" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/05/pnc-kiit-in-top300.jpg" alt="" class="wp-image-61563" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/05/pnc-kiit-in-top300.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/05/pnc-kiit-in-top300-350x197.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>सूची में केवल कुछ ही भारतीय संस्थान शामिल हैं, और KIIT भारत के शीर्ष आठ विश्वविद्यालयों में से एक है. गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और अनुसंधान के साथ, केआईआईटी अपनी स्थापना के बाद से सामाजिक विकास गतिविधियों के विस्तृत श्रेणी में सक्रिय रूप से शामिल रहा है. केआईआईटी डीम्ड यूनिवर्सिटी के अकादमिक समुदाय का मानना ​​​​है “केआईआईटी&#8221; ने असमानताओं को कम करने के क्षेत्र में व्यापक काम किया है. नतीजतन, एसडीजी के इस पैरामीटर में इसे पूरी दुनिया में 8 वां स्थान मिला है&#8221;.</p>



<p>अपनी खुशी व्यक्त करते हुए KIIT University के संस्थापक डॉ अच्युता सामंत ने कहा कि &#8216;असमानताओं को कम करने&#8217; के पैरामीटर में दुनिया के सबसे प्रभावशाली विश्वविद्यालयों में केआईआईटी की स्थिति कई वर्षों से इस क्षेत्र में किए गए महत्वपूर्ण काम को दर्शाती है.<br>उन्होंने कुलाधिपति, कुलपति, प्रो. सस्मिता सामंत, केआईआईटी के संकाय कर्मचारी सदस्य और छात्रों को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी.</p>



<p><strong></strong></p>



<p></p>
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			</item>
		<item>
		<title>टॉप इंडियन यूनिवर्सिटीज में के.आई.आई.टी. का  स्थान बरकरार</title>
		<link>https://www.patnanow.com/kiit-tops-again/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 11 Jun 2021 17:52:07 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[एजुकेशन]]></category>
		<category><![CDATA[देश दुनिया]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[kiit]]></category>
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					<description><![CDATA[टाइम्स हायर एजुकेशन एशिया यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स 2021 जारी टाइम्स हायर एजुकेशन: एशिया यूनिवर्सिटी रैंकिंग, देश के सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालयों में कीट का जलवा बरकरार भुवनेश्वर : कीट विश्वविद्यालय ने द टाइम्स हायर एजुकेशन एशिया यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2021 में इस साल भी बेहतरीन प्रदर्शन किया है. हर साल की तरह इस साल भी टाइम्स हायर एजुकेशन की ओर से वर्ल्ड एशिया यूनिवर्सिटी रैंकिंग का परिणाम जारी किया गया है. इसमें उल्लेखनीय प्रदर्शन के साथ एशिया के सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालयों की सूची में 251+ श्रेणी में KIIT देश के सर्वश्रेष्ठ सरकारी और निजी विश्वविद्यालयों के बीच 30वें स्थान पर है. इसी तरह, जनरल इंजीनियरिंग की ओवरल श्रेणी में, देश के पूर्वांचल में श्रेष्ठ सरकारी और निजी विश्वविद्यालयों में कीट 15वें स्थान पर है. टाइम्स हायर एजुकेशन की ओर से शिक्षण, अनुसंधान, ज्ञान का आदान प्रदान, अंतर्राष्ट्रीय दृष्टिकोण आदि विभिन्न मानदंडों पर विश्वविद्यालयों की रैंकिंग की गई है. कीट के व्यापक कार्यक्रमों सहित 200 से अधिक पाठ्यक्रम हैं. इनपर विचार करने पर देशभर के सभी सरकारी और निजी विश्वविद्यालयों के बीच कीट ने अच्छा प्रदर्शन किया है. टाइम्स हायर एजुकेशन की ओर से पिछले 50 वर्षों में एशिया सबसे प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों को इस चयन प्रक्रिया में शामिल किया जा रहा है.गौरतलब है कि कीट 24 साल पुराना संस्थान है, लेकिन सिर्फ 17 साल में विश्वविद्यालय के रूप में कीट ने उपरोक्त सभी मानदंडों को पूरा कर 251+ रैंक, देश में 30वें और जनरल इंजीनियरिंग की ओवरल श्रेणी में 15वें स्थान पर रहकर ओडिशा का गौरव बढ़ाया है. टाइम्स हायर एजुकेशन की ओर से इस साल [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>टाइम्स हायर एजुकेशन एशिया यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स 2021 जारी</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="620" height="413" src="https://www.patnanow.com/assets/2021/06/pnc-university-ranking.jpg" alt="" class="wp-image-53243" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2021/06/pnc-university-ranking.jpg 620w, https://www.patnanow.com/assets/2021/06/pnc-university-ranking-350x233.jpg 350w" sizes="(max-width: 620px) 100vw, 620px" /></figure>



<p>टाइम्स हायर एजुकेशन: एशिया यूनिवर्सिटी रैंकिंग, देश के सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालयों में कीट का जलवा बरकरार</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="600" height="600" src="https://www.patnanow.com/assets/2021/06/pnc-kiit-rank-in-top-universities.jpg" alt="" class="wp-image-53246" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2021/06/pnc-kiit-rank-in-top-universities.jpg 600w, https://www.patnanow.com/assets/2021/06/pnc-kiit-rank-in-top-universities-350x350.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2021/06/pnc-kiit-rank-in-top-universities-250x250.jpg 250w" sizes="(max-width: 600px) 100vw, 600px" /></figure>



<p>भुवनेश्वर : कीट विश्वविद्यालय ने द टाइम्स हायर एजुकेशन एशिया यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2021 में इस साल भी बेहतरीन प्रदर्शन किया है. हर साल की तरह इस साल भी टाइम्स हायर एजुकेशन की ओर से वर्ल्ड एशिया यूनिवर्सिटी रैंकिंग का परिणाम जारी किया गया है. इसमें उल्लेखनीय प्रदर्शन के साथ एशिया के सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालयों की सूची में 251+ श्रेणी में KIIT देश के सर्वश्रेष्ठ सरकारी और निजी विश्वविद्यालयों के बीच 30वें स्थान पर है. इसी तरह, जनरल इंजीनियरिंग की ओवरल श्रेणी में, देश के पूर्वांचल में श्रेष्ठ सरकारी और निजी विश्वविद्यालयों में कीट 15वें स्थान पर है. टाइम्स हायर एजुकेशन की ओर से शिक्षण, अनुसंधान, ज्ञान का आदान प्रदान, अंतर्राष्ट्रीय दृष्टिकोण आदि विभिन्न मानदंडों पर विश्वविद्यालयों की रैंकिंग की गई है. कीट के व्यापक कार्यक्रमों सहित 200 से अधिक पाठ्यक्रम हैं. इनपर विचार करने पर देशभर के सभी सरकारी और निजी विश्वविद्यालयों के बीच कीट ने अच्छा प्रदर्शन किया है.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="366" src="https://www.patnanow.com/assets/2021/06/pnc-kiit-ranking.jpg" alt="" class="wp-image-53241" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2021/06/pnc-kiit-ranking.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2021/06/pnc-kiit-ranking-350x197.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>टाइम्स हायर एजुकेशन की ओर से पिछले 50 वर्षों में एशिया सबसे प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों को इस चयन प्रक्रिया में शामिल किया जा रहा है.<br>गौरतलब है कि कीट 24 साल पुराना संस्थान है, लेकिन सिर्फ 17 साल में विश्वविद्यालय के रूप में कीट ने उपरोक्त सभी मानदंडों को पूरा कर 251+ रैंक, देश में 30वें और जनरल इंजीनियरिंग की ओवरल श्रेणी में 15वें स्थान पर रहकर ओडिशा का गौरव बढ़ाया है. टाइम्स हायर एजुकेशन की ओर से इस साल की एशिया यूनिवर्सिटी रैंकिंग एक विश्व स्तरीय प्रदर्शन सूची है.  इससे पहले भी अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में लगातार हर साल कीट का उत्कृष्ट प्रदर्शन रहा है.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="354" src="https://www.patnanow.com/assets/2021/06/pnc-kiit-overview.jpg" alt="" class="wp-image-53244" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2021/06/pnc-kiit-overview.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2021/06/pnc-kiit-overview-350x191.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>इस सफलता के लिए कीट और कीस के संस्थापक ने सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं, अध्यापक-अध्यापिकाओं, कर्मचारियों को उनके उत्तम दूरदृष्टि और प्रयासों के लिए धन्यवाद और शुभकामनाएं दी हैं. उन्होंने कहा कि हर साल, देश के सबसे प्रतिष्ठित सरकारी विश्वविद्यालय, जैसे कि IIT और NIT आदि सरकारी विश्वविद्यालयों व प्रतिष्ठित निजी विश्वविद्यालयों के समान कीट ने बेहतरीन प्रदर्शन जारी रखा हैं। यह ही किट की सफलता है.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>ओलम्पिक क्वालीफायर सी ए भवानी का भव्य स्वागत</title>
		<link>https://www.patnanow.com/ca-bhawani-badminton-olympic-qualifier/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 26 Mar 2021 18:29:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Sports]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[kiit]]></category>
		<category><![CDATA[PATNA NOW]]></category>
		<category><![CDATA[Pnc]]></category>
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					<description><![CDATA[भुवनेश्वर &#124; अकेले आसमान पर सितारे नहीं चमकते. कडी मेहनत और दृढ़निश्चय ने कई बार लोगों को बुलन्दियों तक ले जाने के लिए मद्द की है, जहां से वे एक प्रतीक बनकर उभरे हैं. सी.ए. भवानी देवी भी उन्हीं खेल सितारों की आकाशगंगा में से एक हैं, जिन्होंने तलवारबाजी में टोक्यो ओलंपिक 2021 में क्वालीफाई किया है. यह केवल भवानी के लिए ही गर्व का पल नहीं है, बल्कि कीट डीम्ड विश्वविद्यालय की एक छात्रा होने के नाते भवानी जैसे बच्चों की प्रतिभा को निखारने के लिए एक विश्वसनीय एवं अनुभवी परामर्शदाता की भांति कीट और कीस को दो नियमित लांच पैड बनने का गौरव प्राप्त हुआ है. सभी कहते है कि कोई भी उपरोक्त दो संस्थानों के संस्थापक डॉ अच्युत सामंत को उनके अपने गौरव का आभास नहीं करा सकता कि न केवल खेल में भवानी की लम्बी शानदार यात्रा के लिए, बल्कि उन सभी के लिए अनकही सहायता प्रदान करने के लिए, जिन्होंने पहले से ही खेल के साथ-साथ सभी क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है, चाहे वह राष्ट्रीय या अन्तराष्ट्रीय स्तर पर. उस पर क्रेडिट स्कोर रुकता नहीं है, क्योंकि वर्ष 2021 टोक्यो ओलम्पिक के लिए भवानी, तलवारबाजी में क्वालीफाई करने वाली पहली भारतीय महिला बन गई है. हम सभी के लिए वह पल कैसा होगा जब भारत की एक युवा महिला खिलाड़ी लाखों के सामने अपने प्रतिद्वन्द्वियों के खिलाफ कृपाण की तेजस्वी कला की चमक बिखेरेगी. तमिलनाडु की रहने वाली और कीट डीम्ड विश्वविद्यालय की छात्रा, भवानी 25 मार्च 2021 की सुबह इटली से सीधे भुवनेश्वर [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="494" src="https://www.patnanow.com/assets/2021/03/pnc-kiit.jpg" alt="" class="wp-image-51503" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2021/03/pnc-kiit.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2021/03/pnc-kiit-350x266.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>भुवनेश्वर | अकेले आसमान पर सितारे नहीं चमकते. कडी मेहनत और दृढ़निश्चय ने कई बार लोगों को बुलन्दियों तक ले जाने के लिए मद्द की है, जहां से वे एक प्रतीक बनकर उभरे हैं. सी.ए. भवानी देवी भी उन्हीं खेल सितारों की आकाशगंगा में से एक हैं, जिन्होंने तलवारबाजी में टोक्यो ओलंपिक 2021 में क्वालीफाई किया है.</p>



<p>यह केवल भवानी के लिए ही गर्व का पल नहीं है, बल्कि कीट डीम्ड विश्वविद्यालय की एक छात्रा होने के नाते भवानी जैसे बच्चों की प्रतिभा को निखारने के लिए एक विश्वसनीय एवं अनुभवी परामर्शदाता की भांति कीट और कीस को दो नियमित लांच पैड बनने का गौरव प्राप्त हुआ है.</p>



<p>सभी कहते है कि कोई भी उपरोक्त दो संस्थानों के संस्थापक डॉ अच्युत सामंत को उनके अपने गौरव का आभास नहीं करा सकता कि न केवल खेल में भवानी की लम्बी शानदार यात्रा के लिए, बल्कि उन सभी के लिए अनकही सहायता प्रदान करने के लिए, जिन्होंने पहले से ही खेल के साथ-साथ सभी क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है, चाहे वह राष्ट्रीय या अन्तराष्ट्रीय स्तर पर.</p>



<p>उस पर क्रेडिट स्कोर रुकता नहीं है, क्योंकि वर्ष 2021 टोक्यो ओलम्पिक के लिए भवानी, तलवारबाजी में क्वालीफाई करने वाली पहली भारतीय महिला बन गई है. हम सभी के लिए वह पल कैसा होगा जब भारत की एक युवा महिला खिलाड़ी लाखों के सामने अपने प्रतिद्वन्द्वियों के खिलाफ कृपाण की तेजस्वी कला की चमक बिखेरेगी.</p>



<p>तमिलनाडु की रहने वाली और कीट डीम्ड विश्वविद्यालय की छात्रा, भवानी 25 मार्च 2021 की सुबह इटली से सीधे भुवनेश्वर पहुंची। भुवनेश्वर के बीजू पटनायक हवाई अड्डे पर पहुंचने पर भवानी के साथ उनकी माँ और कोच का जोरदार स्वागत किया गया।</p>



<p>भवानी के लिए एक सत्कार समारोह का आयोजन कीट डीम्ड विश्वविद्यालय परिसर में किया गया, जहां पर प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों जैसे कीट और कीस के संस्थापक डॉ अच्युत सामंत, इंडियन फेन्सिंग एसोसिएशन के जनरल सेक्रटरी, बशीर ए. खान, ओडिशा फेन्सिंग एसोसिएशन के सेक्रेटरी देबेन्द्र साहू, जाने माने पर्यावरणविद ग्रीन मैन डॉ अब्दुल घनी, तेज धाविका दुती चांद, कीट डीम्ड विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर प्रो. हर्षिकेश मोहं ती, कीट डीम्ड विश्वविद्यालय की प्रो-वाइस चांसलर प्रो. सस्मिता सामंत इत्यादि की उपस्थिति में भवानी देवी को सम्मानित किया गया.</p>



<p>तमिलनाडु की रहने वाली भवानी ने कीट में अपने नामांकन के बाद टोक्यो ओलम्पिक के लिए क्वालीफाई किया. यह सभी के लिए किसी गर्व से कम नहीं है कि वह अपने सपनो के पंखो पर उड़ सकती हैं, जैसा कि वह स्वयं बताती है, ‘‘बचपन से ही मैं ओलम्पिक में भाग लेने का सपना देखती रही हूँ और उस सपने को पूरा करने के लिए मुझे बहुत सारे संघर्षों एवं प्रतिकूल परिस्थितियों का सामना करना पड़ा’’ भवानी ने अपने सम्बोधन में यह बात कही.</p>



<p>इस तरह की सफलता को साकार करने में वह अपने माता-पिता और कोच को सारा श्रेय देती है, जिन्होंने बचपन से ही उनका साथ दिया है.</p>



<p>वह दावा करती हैं कि ओलम्पिक के लिए क्वालीफाई करने के पीछे दुती चांद उनकी प्रेरणा स्रात रही है। उन्होंने यह भी कहा कि मेरे लिए ही नहीं बल्कि भारत में हजारों नवोदित एथलीटों और खिलाड़ियों के लिए दुती एक रोल मॉडल रही हैं, जिनका उदय इसी संस्थान से एक सर्वश्रेष्ठ धाविका के रुप में हुआ है.</p>



<p>मिस भवानी को बधाई देते हुए डॉ अच्युत सामंत ने कहा ‘‘शिक्षा के अलावा कीट और कीस ने खेल और खिलाड़ियों को बढ़ावा देने पर जो र दिया है. वास्तव में कीट और कीस को इस बात का गर्व है कि उनके परिसर में अत्याधुनिक खेल इन्फ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध है.’’</p>



<p>5 हजार से अधिक खिलाड़ियों को पहले से ही कीट और कीस से तैयार किया जा चुका है. डॉ सामंत ने उम्मीद जताई कि दुती और भवानी निश्चित रुप से आगामी ओलम्पिक में मेडल्स जीतेंगी.</p>



<p>अन्य लोगों में भवानी की माँ सी. ए. रमानी, कीट के स्पोर्ट्स डायरेक्टर गगनेन्दु दाश, रजिस्ट्रार ज्ञान रंजन मोहंती और कई वरिष्ठ पदाधिकारी इस इवसर पर उपस्थित थे.<br>(पटना नाउ की रिपोर्ट)</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>69वीं सीनियर नेशनल वॉलीबाल चैम्पियनशिप KIIT कैम्पस में शुरू</title>
		<link>https://www.patnanow.com/69th-senior-national-volleyball-championship/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Nikhil]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 07 Mar 2021 05:48:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Sports]]></category>
		<category><![CDATA[काम की ख़बर]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
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		<category><![CDATA[PATNA NOW]]></category>
		<category><![CDATA[Pnc]]></category>
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					<description><![CDATA[भुवनेश्वर &#124; शुक्रवार को बीजू पटनायक इंडोर स्टेडियम, के.आई.आई.टी. (KIIT) डीम्ड विश्वविद्यालय में 69वीं सीनियर नेशनल वॉलीबॉल (पुरुष और महिला) चैम्पियनशिप 2020-21 का उद्घाटन हुआ. बीजू पटनायक की 105वीं जयन्ती के अवसर पर दिवंगत बीजू बाबू को पुष्पाजंलि देने के उपरान्त इस समारोह का शुभारम्भ किया गया. उद्घाटन समारोह में राज्यों और संघ शासित प्रदेशों के वॉलीबॉल संघों के अध्यक्ष और महासचित भी उपस्थित थे. इस राष्ट्रीय चैम्पियनशिप में 28 राज्यों और 8 केन्द्र शासित प्रदेशों के 1200 से अधिक पुरुष और महिला वॉलीबॉल खिलाड़ी भाग ले रहे हैं. पहली बार केन्द्र शासित प्रदेश, लद्दाख की टीम, वी.एफ.आई. के प्रेसिडेन्ट की उचित अनुमति के साथ इस प्रतियोगिता में भाग ले रही हैं. कई अर्जुन अवार्डी और अंतर्राष्ट्रीय और राष्ट्रीय खिलाड़ी इस चैम्पियनशिप में भाग लेंगे. भारतीय वॉलीबॉल के इतिहास में पहली बार ओडिशा ने एक राज्य के रूप में पिछले साल 68वीं सीनियर नेशनल वॉलीबॉल (पुरुष एवं महिला) चैम्पियनशिप का सफलतापूर्वक संचालन करने के बाद लगातार सीनियर नेशनल चैम्पियनशिप की मेजबानी की. साथ ही पहली बार सभी मैच इन्डोर कोर्ट में लाइव स्ट्रीमिंग के साथ खेले जाएंगे. सभी मैच बीजू पटनायक इन्डोर स्टेडियम में ओडिशा राज्य सरकार के कोविड गाइडलाइन्स के अनुसार ही खेले जाएंगे. ओडिशा को एक राज्य के रूप में चार वॉलीबॉल नेशनल चैम्पियनशिप – 36वीं जूनियर नेशनल वॉलीबॉल चैम्पियनशिप 2009, 41वीं नेशनल सब-जूनियर वॉलीबॉल चैंपियनशिप 2019, 68वीं सीनियर नेशनल वॉलीबॉल (पुरुष एवं महिला) चैम्पियनशिप 2019-20 और अब वर्तमान 69वीं सीनियर नेशनल वॉलीबॉल (पुरुष एवं महिला) चैम्पियनशिप 2020-21 आवंटित किये गये हैं. चारों टूर्नामेंट के.आई.आई.टी. (KIIT) परिसर में [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="366" src="https://www.patnanow.com/assets/2021/03/pnc-69th-Senior-National-Volleyball-Championship.jpg" alt="" class="wp-image-51178" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2021/03/pnc-69th-Senior-National-Volleyball-Championship.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2021/03/pnc-69th-Senior-National-Volleyball-Championship-350x197.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p><strong>भुवनेश्वर</strong> | शुक्रवार को बीजू पटनायक इंडोर स्टेडियम, के.आई.आई.टी. (KIIT) डीम्ड विश्वविद्यालय में 69वीं सीनियर नेशनल वॉलीबॉल (पुरुष और महिला) चैम्पियनशिप 2020-21 का उद्घाटन हुआ.</p>



<p>बीजू पटनायक की 105वीं जयन्ती के अवसर पर दिवंगत बीजू बाबू को पुष्पाजंलि देने के उपरान्त इस समारोह का शुभारम्भ किया गया. उद्घाटन समारोह में राज्यों और संघ शासित प्रदेशों के वॉलीबॉल संघों के अध्यक्ष और महासचित भी उपस्थित थे.</p>



<p>इस राष्ट्रीय चैम्पियनशिप में 28 राज्यों और 8 केन्द्र शासित प्रदेशों के 1200 से अधिक पुरुष और महिला वॉलीबॉल खिलाड़ी भाग ले रहे हैं. पहली बार केन्द्र शासित प्रदेश, लद्दाख की टीम, वी.एफ.आई. के प्रेसिडेन्ट की उचित अनुमति के साथ इस प्रतियोगिता में भाग ले रही हैं. कई अर्जुन अवार्डी और अंतर्राष्ट्रीय और राष्ट्रीय खिलाड़ी इस चैम्पियनशिप में भाग लेंगे.</p>



<p>भारतीय वॉलीबॉल के इतिहास में पहली बार ओडिशा ने एक राज्य के रूप में पिछले साल 68वीं सीनियर नेशनल वॉलीबॉल (पुरुष एवं महिला) चैम्पियनशिप का सफलतापूर्वक संचालन करने के बाद लगातार सीनियर नेशनल चैम्पियनशिप की मेजबानी की. साथ ही पहली बार सभी मैच इन्डोर कोर्ट में लाइव स्ट्रीमिंग के साथ खेले जाएंगे. सभी मैच बीजू पटनायक इन्डोर स्टेडियम में ओडिशा राज्य सरकार के कोविड गाइडलाइन्स के अनुसार ही खेले जाएंगे.</p>



<p>ओडिशा को एक राज्य के रूप में चार वॉलीबॉल नेशनल चैम्पियनशिप – 36वीं जूनियर नेशनल वॉलीबॉल चैम्पियनशिप 2009, 41वीं नेशनल सब-जूनियर वॉलीबॉल चैंपियनशिप 2019, 68वीं सीनियर नेशनल वॉलीबॉल (पुरुष एवं महिला) चैम्पियनशिप 2019-20 और अब वर्तमान 69वीं सीनियर नेशनल वॉलीबॉल (पुरुष एवं महिला) चैम्पियनशिप 2020-21 आवंटित किये गये हैं. चारों टूर्नामेंट के.आई.आई.टी. (KIIT) परिसर में आयोजित किए गए हैं.</p>



<p>आगामी एशियाई चैंपियनशिप और अन्य अंतर्राष्ट्रीय बैठकों के लिए भारतीय वॉलीबॉल टीम का चयन इस चैम्पियनशिप के माध्यम से किया जाएगा. भारतीय वालीबॉल पुरुष टीम की चयन समिति में जी. ई. श्रीधरन, द्रोणाचार्य अवार्डी, अर्जुन अवार्डी और भारतीय वॉलीबॉल टीम के वर्तमान कोच डॉ. दलेल सिंह, अर्जुन अवार्डी और जागीर सिंह रंधावा शामिल हैं.</p>



<p>भारतीय वॉलीबॉल महिला टीम के लिए चयन समिति में स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एस.ए.आई.) के अजय जांगरा, दलजीत सिंह और भारतीय वॉलीबॉल टीम की वर्तमान कोच, सुश्री वैशाली फडतारे शामिल हैं. प्रकाश रॉय और ए. रामना राव, द्रोणाचार्य अवार्डी और अर्जुन अवार्डी दोनों चयन समितियों के समन्वयक होंगे. उद्घाटन मैच, ओडिशा और मध्य प्रदेश के बीच पुरुष वर्ग में और ओडिशा बनाम राजस्थान महिला वर्ग में आयोजित किया गया था<a href="https://thebiharnow.com/">.</a></p>



<p>69वीं सीनियर नेशनल वॉलीबॉल (पुरुष और महिला) चैम्पियनशिप 2020-21 के उद्घाटन समारोह में ओडिशा सरकार के खेल और युवा सेवाएँ एवं इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री तुषारकांति बेहरा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए. जबकि अनिल चौधरी, महासचिव, वॉलीबॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया (वी.एफ.आई.), रथिन रॉय चौधरी, सीनियर वॉइस प्रेसिडेन्ट, वी.एफ.आई. और कन्ट्रोल कमेटी के चेयरमैन; डॉ. अच्युत सामंत, सांसद, कंधमाल, प्रेसिडेन्ट, वी.एफ.आई. और संस्थापक, के.आई.आई.टी. एवं के.आई.एस.एस.; प्रो. सस्मिता सामंत, आर्गेनाइजिंग प्रेसिडेन्ट एवं प्रो-वॉइस चांसलर, के.आई.आई.टी. डीम्ड विश्वविद्यालय प्रो एच. के. मोहंती, वॉइस चांसलर, के.आई.आई.टी. डीम्ड यूनीवर्सिटी, अतिथि के रूप में शामिल हुए होकर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाया.</p>



<p>डॉ. ए. सामंता ने उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता की, जबकि डॉ. गगनेन्दु दाश, सचिव आर्गेनाइजिंग कमेटी, एसोसिएट ज्वाइन्ट सेक्रेटरी, वी.एफ.आई., आनरेरी ज्वाइन्ट सेक्रेटरी, ओडिशा वॉलीबॉल एसोसिएशन और डाइरेक्टर, स्पोर्ट्स, के.आई.आई.टी. एवं के.आई.एस.एस. ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्ताव पारित किया.<br>(<strong>पटना नाउ रिपोर्ट</strong>)</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>आई.आई.एल. सतत शिक्षा की संस्कृति को बढ़ावा देगा: न्यायमूर्ति उदय उमेश ललित, सर्वोच्च न्यायालय</title>
		<link>https://www.patnanow.com/indian-institute-of-law-bhubaneshwar/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 22 Feb 2021 01:42:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[काम की ख़बर]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[IIL]]></category>
		<category><![CDATA[kiit]]></category>
		<category><![CDATA[PATNA NOW]]></category>
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					<description><![CDATA[इंडियन इंस्टीच्यूट ऑफ लॉ (आई.आई.एल.) की नींव पट्टिका (foundation plaque) का अनावरण भारत के सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशगण, माननीय न्यायमूर्ति उदय उमेश ललित, माननीय न्यायाधीश भूषण रामकृष्ण गवई और माननीय न्यायमूर्ति श्री वी. रामासुब्रमण्यम के कर-कमलों द्वारा दिनाँक 20 फरवरी 2021 को के.आई.आई.टी. विश्वविद्यालय, भुवनेश्वर में किया गया। इस समारोह में सीनियर एडवोकेट और बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बी.सी.आई.) तथा बार काउंसिल ऑफ इंडिया ट्रस्ट ( बी.सी.आई.टी.) के चेयरमैन, मनन कुमार मिश्रा; ओडिशा के एडवोकेट जनरल, अशोक परीजा; सीनियर एडवोकेट एवं बी.सी.आई.टी. के चेयरमैन, देबी प्रसाद धल; बी.सी.आई.टी. के एसोसिएट मैनेजिंग ट्रस्टी एवं के.आई.आई.टी. व के.आई.एस.एस. के फाउंडर, प्रो. अच्युत सामंत सहित कई कानूनी दिग्गजों ने मेजबानी करते हुए भाग लिया एवं सभा को सम्बोधित किया। बार काउंसिल ऑफ इंडिया ट्रस्ट (बी.सी.आई.टी.) के समर्थन एवं के.आई.आई.टी. विश्वविद्यालय के सहयोग से इंडियन इंस्टीच्यूट ऑफ लॉ (आई.आई.एल.) की स्थापना की जा रही है, जो कानून के शिक्षकों के लिए कौशल विकास और वकीलों के अभ्यास करने के साथ-साथ, निरंतर शिक्षा और अनुसंधान को बढ़ावा देने एवं कानूनी शिक्षकों की अकादमी के लिए एक मॉडल संस्थान होगा। यह संस्थान, देश के युवा लॉ स्कूल शिक्षकों को सुविधा प्रदान करेगा और उनकी विशेषज्ञता, पेशेवर कौशल और कुशाग्रता को बढ़ाने में सहायक होगा। यह देश में अपनी तरह का पहला संस्थान होगा। फाउंडेशन समारोह में बोलते हुए, माननीय न्यायमूर्ति उदय उमेश ललित ने आई.आई.एल. की स्थापना का स्वागत किया और इस कदम के लिए बी.सी.आई.टी. और के.आई.आई.टी. डीम्ड विश्वविद्यालय की सराहना की। “जीवन में परिवर्तन एकमात्र स्थिर है। सतत शिक्षा हर पेशे में महत्वपूर्ण है [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="434" src="https://www.patnanow.com/assets/2021/02/tbn-indian-institute-of-law-bhubneshwar.jpg" alt="" class="wp-image-50923" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2021/02/tbn-indian-institute-of-law-bhubneshwar.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2021/02/tbn-indian-institute-of-law-bhubneshwar-350x234.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>इंडियन इंस्टीच्यूट ऑफ लॉ (आई.आई.एल.) की नींव पट्टिका (foundation plaque) का अनावरण भारत के सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशगण, माननीय न्यायमूर्ति उदय उमेश ललित, माननीय न्यायाधीश भूषण रामकृष्ण गवई और माननीय न्यायमूर्ति श्री वी. रामासुब्रमण्यम के कर-कमलों द्वारा दिनाँक 20 फरवरी 2021 को के.आई.आई.टी. विश्वविद्यालय, भुवनेश्वर में किया गया। इस समारोह में सीनियर एडवोकेट और बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बी.सी.आई.) तथा बार काउंसिल ऑफ इंडिया ट्रस्ट ( बी.सी.आई.टी.) के चेयरमैन, मनन कुमार मिश्रा; ओडिशा के एडवोकेट जनरल, अशोक परीजा; सीनियर एडवोकेट एवं बी.सी.आई.टी. के चेयरमैन, देबी प्रसाद धल; बी.सी.आई.टी. के एसोसिएट मैनेजिंग ट्रस्टी एवं के.आई.आई.टी. व के.आई.एस.एस. के फाउंडर, प्रो. अच्युत सामंत सहित कई कानूनी दिग्गजों ने मेजबानी करते हुए भाग लिया एवं सभा को सम्बोधित किया।</p>



<p>बार काउंसिल ऑफ इंडिया ट्रस्ट (बी.सी.आई.टी.) के समर्थन एवं के.आई.आई.टी. विश्वविद्यालय के सहयोग से इंडियन इंस्टीच्यूट ऑफ लॉ (आई.आई.एल.) की स्थापना की जा रही है, जो कानून के शिक्षकों के लिए कौशल विकास और वकीलों के अभ्यास करने के साथ-साथ, निरंतर शिक्षा और अनुसंधान को बढ़ावा देने एवं कानूनी शिक्षकों की अकादमी के लिए एक मॉडल संस्थान होगा। यह संस्थान, देश के युवा लॉ स्कूल शिक्षकों को सुविधा प्रदान करेगा और उनकी विशेषज्ञता, पेशेवर कौशल और कुशाग्रता को बढ़ाने में सहायक होगा। यह देश में अपनी तरह का पहला संस्थान होगा।</p>



<p>फाउंडेशन समारोह में बोलते हुए, माननीय न्यायमूर्ति उदय उमेश ललित ने आई.आई.एल. की स्थापना का स्वागत किया और इस कदम के लिए बी.सी.आई.टी. और के.आई.आई.टी. डीम्ड विश्वविद्यालय की सराहना की। “जीवन में परिवर्तन एकमात्र स्थिर है। सतत शिक्षा हर पेशे में महत्वपूर्ण है जो हर किसी के जीवन का हिस्सा है।” उन्होंने यह भी कहा कि शायद, यह एक पहला कदम है, जो संस्कृति को फिर से आत्मसात करेगा, जब हमारे पास इस तरह के अधिक से अधिक संस्थान होंगे और इस शिक्षा को जारी रखने के लिए अधिक से अधिक हर किसी के दिमाग में जड़ें जमाते रहने का विचार करेंगे।</p>



<p>माननीय न्यायमूर्ति भूषण रामकृष्ण गवई ने इस महत्वपूर्ण कदम के लिए बी.सी.आई. और के.आई.आई.टी. को बधाई दी। ‘‘बी.सी.आई. द्वारा वर्ष 1988 में स्थापित बेंगलुरु में नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी ने कानूनी शिक्षा और वकीलों की गुणवत्ता में एक विशाल परिवर्तन लाया। इसी तरह आई.आई.एल. की स्थापना भी बार काउंसिल ऑफ इंडिया के इतिहास में एक मील का पत्थर है”, उन्होंने कहा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि बी.सी.आई. और के.आई.आई.टी. डीम्ड विश्वविद्यालय के सहयोग से आई.आई.एल. उन संकायों का निर्माण करेगा जो पूरे देश में छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि उन संकायों का भी निर्माण होगा जो छात्रों के बीच संवैधानिक मूल्यों को आत्मसात करेगा।</p>



<p>इस अवसर पर बोलते हुए, माननीय न्यायमूर्ति, वी. रामासुब्रमण्यम ने कहा कि वर्तमान में देश में 1000 से अधिक लॉ कॉलेज हैं, जो हर वर्ष लगभग 2.5 लाख लॉ ग्रेजुएट पैदा करते हैं। उन्होंने कहा कि आई.आई.एल. शिक्षाविदों और पेशेवरों के बीच अन्तर स्पष्ट करने पर विचार-विमर्श करेगी।</p>



<p>मनन कुमार मिश्रा ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि वर्तमान में कानून के शिक्षकों और अधिवक्ताओं के कौशल विकास की जरूरतों को पूरा करने के लिए देश में कानून का कोई प्रशिक्षण संस्थान नहीं है। उन्होंने प्रो. अच्युत सामंत की पहल के प्रति उनके उदार समर्थन के लिए उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि के.आई.आई.टी. डीम्ड विश्वविद्यालय अपने तरह के संस्थान के लिए भूमि और बुनियादी ढाँचे के संदर्भ में सभी आवश्यक सहायता प्रदान कर रहा है। श्री मिश्रा ने कलिंगा इंस्टीच्यूट ऑफ सोसल साइंसेज (के.आई.एस.एस.), जो कि पूरी तरह से निःशुल्क और आवासीय संस्थान है और जहाँ पर 30,000 वंचित आदिवासी बच्चों को शिक्षा प्रदान किया जाता है और इस माध्यम से समाज के लिए प्रो. सामंत की निःस्वार्थ भाव से सेवा करने की प्रशंसा की।</p>



<p>प्रो. अच्युत सामंत ने कहा कि भुवनेश्वर में आई.आई.एल. जैसे राष्ट्रीय महत्व के संस्थान की स्थापना, ओडिशा राज्य के लिए एक गौरव की बात है। बी.सी.आई. का के.आई.आई.टी. डीम्ड विश्वविद्यालय के साथ भागीदारी के लिए धन्यवाद देते हुए उन्होंने कहा, “यद्यपि के.आई.आई.टी. एक युवा विश्वविद्यालय है, परन्तु इसे भारत सरकार द्वारा ‘‘इंस्टीच्यूशन ऑफ एमिनेंस” टैग से नवाजा गया है। के.आई.आई.टी., टाइम्स हायर एजुकेशन (टी.एच.ई.) द्वारा ‘वर्कप्लेस ऑफ द ईयर’ श्रेणी में ‘अवार्ड्स एशिया 2020’ का विजेता है। शिक्षाविदों और शोध के अलावा, इसने खेल और सामाजिक आउटरीच के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है।</p>



<p>इस अवसर पर अशोक परीजा ने कहा कि पिछले तीन दशकों में कानूनी शिक्षा में बहुत बदलाव आया है। “आज, इंजीनियरिंग, चिकित्सा और प्रबंधन के साथ-साथ कानून भी आकांक्षी युवाओं के लिए अध्ययन का एक पसंदीदा क्षेत्र बन गया है। आई.आई.एल. देश में कानून संकाय की गुणवत्ता में सुधार करने के लिए एक लम्बा रास्ता तय करेगा।</p>



<p>इससे पहले, आई.आई.एल. का एक संक्षिप्त परिचय प्रदान करते हुए, प्रसिद्ध कानूनी शिक्षाविद्, प्रो. एन.एल. मित्रा ने कहा कि यह संस्थान देश में कानूनी शिक्षा का व्यवसायीकरण (प्रोफेशनलाइज) करेगा। प्रो. मित्रा, जो कि के.आई.आई.टी. डीम्ड विश्वविद्यालय के पूर्व चांसलर भी रहे हैं, ने कहा, ‘‘एकता, निर्माण क्षमता और न्याय” के तहत इस संस्थान को राष्ट्रीय चरित्र के एक संस्थान के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने इस पहल के लिए बी.सी.आई. की सराहना की।</p>



<p>मानस रंजन महापात्रा, सीनियर एडवोकेट और सदस्य, विशेष समिति, ओडिशा स्टेट बार काउंसिल ने धन्यवाद प्रस्ताव दिया।</p>



<p>पटना नाउ रिपोर्ट</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>महामारी के बावजूद KIIT में रिकॉर्ड प्लेसमेंट</title>
		<link>https://www.patnanow.com/kiit-record-placement/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 12 Jan 2021 17:14:11 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[एजुकेशन]]></category>
		<category><![CDATA[देश दुनिया]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[kiit]]></category>
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					<description><![CDATA[कोविड-19 महामारी ने देश और पूरे विश्व में गतिरोध पैदा कर दिया है. यहां तक कि छात्र समुदाय सबसे अधिक प्रभावित शैक्षणिक गतिविधियोंमें से एक है, अभी तक स्कूल और कॉलेज फिर से आरम्भ नहीं हुए हैं &#8211; के.आई.आई.टी. डीम्ड विश्वविद्यालय ‘न्यू नामल’ के अनुकूल होने वाला पहला संस्थान था. यह लॉकडाउन के आरम्भ से ही 50 देशों में अपने 30,000 छात्रों के लिए ऑनलाइन कक्षाएं आरम्भ करने वाला देश का पहला विश्वविद्यालय है. ऑनलाइन अध्यापन-शिक्षण, जो सफलतापूर्वक और प्रभावी रूप से जारी है, ने विश्वविद्यालय को अपने शैक्षणिक कार्य्रकम को पूरी तरह से बनाए रखने में मदद की है. के.आई.आई.टी. ने अपनी अच्छी तकनीक और उच्च इंटरनेट बैंडविड्थ के कारण वर्चुअल मोड पर परीक्षाओं, दीक्षांत समारोहों, सेमिनारों, कार्यशालाओं आदि जैसी सभी अकादमिक प्रक्रियाओं को सुचारू रूप से संचालित किया है. वर्ष 1992 में एक प्रतिष्ठित व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्र के रूप में के.आई.आई.टी. की स्थापना प्रख्यात शिक्षावादियों और सामाजिक कार्यकर्त्ता प्रो. अच्युत सामंत ने की थी. हालांकि, इसे 1997 में उच्च शिक्षा के केंद्र के रूप में खोला गया था, जिसे आधार वर्ष माना जाता है. वर्ष 2001 में डिग्री इंजीनियरिंग के छात्रों का पहला बैच पास आउट हुआ था. के.आई.आई.टी. अपनी स्थापना के बाद से कैम्पस प्लेसमेंट में बहुत सफल ट्रैक रिकॉड के लिए जाना जाता है. इस प्रवर्र्ती (ट्रेंड) को बनाए रखते हुए, इसने 2019-20 के स्नातक बैच के लिए उत्कृष्ट कैम्पस प्लेसमेंट हासिल किया है. प्रचलित महामारी के बावजूद भी विश्वविद्यालय अपने 2020-21 के पास आउट बैच के लिए रिकॉड कैम्पस प्लेसमेंट प्राप्त करने के लिए ट्रैक [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>कोविड-19 महामारी ने देश और पूरे विश्व में गतिरोध पैदा कर दिया है. यहां तक कि छात्र समुदाय सबसे अधिक प्रभावित शैक्षणिक गतिविधियोंमें से एक है, अभी तक स्कूल और कॉलेज फिर से आरम्भ नहीं हुए हैं &#8211; के.आई.आई.टी. डीम्ड विश्वविद्यालय ‘न्यू नामल’ के अनुकूल होने वाला पहला संस्थान था. यह लॉकडाउन के आरम्भ से ही 50 देशों में अपने 30,000 छात्रों के लिए ऑनलाइन कक्षाएं आरम्भ करने वाला देश का पहला विश्वविद्यालय है. ऑनलाइन अध्यापन-शिक्षण, जो सफलतापूर्वक और प्रभावी रूप से जारी है, ने विश्वविद्यालय को अपने शैक्षणिक कार्य्रकम को पूरी तरह से बनाए रखने में मदद की है.  के.आई.आई.टी. ने अपनी अच्छी तकनीक और उच्च इंटरनेट बैंडविड्थ के कारण वर्चुअल मोड पर परीक्षाओं, दीक्षांत समारोहों, सेमिनारों, कार्यशालाओं आदि जैसी सभी अकादमिक प्रक्रियाओं को सुचारू रूप से संचालित किया है.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="354" src="https://www.patnanow.com/assets/2021/01/pnc-kiit-placement.jpg" alt="" class="wp-image-50519" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2021/01/pnc-kiit-placement.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2021/01/pnc-kiit-placement-350x191.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>वर्ष 1992 में एक प्रतिष्ठित व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्र के रूप में के.आई.आई.टी. की स्थापना प्रख्यात शिक्षावादियों और सामाजिक कार्यकर्त्ता प्रो. अच्युत सामंत ने की थी. हालांकि, इसे 1997 में उच्च शिक्षा के केंद्र के रूप में खोला गया था, जिसे आधार वर्ष माना जाता है. वर्ष 2001 में डिग्री इंजीनियरिंग के छात्रों का पहला बैच पास आउट हुआ था. के.आई.आई.टी. अपनी स्थापना के बाद से कैम्पस प्लेसमेंट में बहुत सफल ट्रैक रिकॉड के लिए जाना जाता है. इस प्रवर्र्ती (ट्रेंड) को बनाए रखते हुए, इसने 2019-20 के स्नातक बैच के लिए उत्कृष्ट कैम्पस प्लेसमेंट हासिल किया है.</p>



<p>प्रचलित महामारी के बावजूद भी विश्वविद्यालय अपने 2020-21 के पास आउट बैच के लिए रिकॉड कैम्पस प्लेसमेंट प्राप्त करने के लिए ट्रैक पर है. यह प्रक्रिया, जो 1 जुलाई से ऑनलाइन आरम्भ हुई थी, पहले से ही के.आई.आई.टी. डीम्ड विश्वविद्यालय के स्कूल्स ऑफ़ टेकनोलोजी (एस.ओ.टी.) के लगभग 80 प्रतिशत योग्य छात्रों के परिणामस्वरूप हुई है.</p>



<p>कोविड-19 की निराशा को झकझोरते हुए, वर्ष 2021 पासिंग आउट बैच के लिए कैम्पस प्लेसमेंट हेतु 90 कम्पनियों ने ऑनलाइन दौरा किया है और 3500 जाॅब ऑफर दिए हैं. 2500 एस.ओ.टी. छात्रों को पहले से ही विभिन्न राष्ट्रीय और बहुराष्ट्रीय कंपनियों में रखा गया है. 1000 से अधिक छात्रों के हाथों में कई प्रस्ताव हैं. छात्रों को 30 लाख रुपये, 24 लाख रुपये और 19 लाख रुपये के उच्च वेतन पैकेज के साथ नौकरी के ऑफर मिले हैं, जबकि औसत वेतन 6 लाख रुपये है. कम्पनियों से प्रतिबद्धताओं के आधार पर, के.आई.आई.टी. अप्रैल 2021 तक 700 और छात्रों की नियुक्ति हेतु प्लेसमेन्ट हासिल करने के लिए तैयार है.</p>



<p>भले ही कैंपस प्लेसमेंट ऑनलाइन आयोजित किए जा रहे हों, लेकिन पिछले शैक्षणिक सत्र की तुलना में के.आई.आई.टी. ने अपने रिकॉड को बेहतर बनाया है. के.आई.टी. स्कूल ऑफ मैनेजमेंट और के.आई.आई.टी. स्कूल ऑफ लॉ में कैंपस प्लेसमेंट अभी आरम्भ हुआ है और आशा है कि ये दोनों स्कूल हर वर्ष की भाँति शत-प्रतिशत सफलता प्राप्त करेंगे.</p>



<p>के.आई.आई.टी. में प्लेसमेंट की उपलब्धियां पर माता-पिता और छात्र बहुत प्रसन्न हैं. कोविड-19 महामारी के फैलने के बाद, छात्रों के माता-पिता और अभिभावक अपने बच्चों के भविष्य के बारे में निराश हो गए थे, खासकर कैंपस प्लेसमेंट के मामले में. लम्बे समय तक लाॅकडाॅउन के कारण पूरे कॉर्पोरेट जगत को कम कर्मचारियों और यहां तक कि बड़े पैमाने पर छंटनी का सहारा लेने के साथ नौकरी का परिदृश्य बहुत धूमिल लग रहा था. हालांकि, सभी बाधाओं के विरुद्ध, के.आई.आई.टी. अपने 2020-21 स्नातक बैच के लिए बहुत अच्छे कैंपस प्लेसमेंट को सुनिश्चित कर रहा है. यह अपने संस्थापक प्रो. अच्युत सामंत के नेतृत्व के कारण संभव हुआ है, जिन्होंने कॉर्पोरेट जगत में के.आई.आई.टी. की एक मजबूत ब्रांडिंग और एक असाधारण सक्रिय प्रशिक्षण और प्लेसमेंट प्रकोष्ठ (सेल) सुनिक्षित किया है.</p>



<p>के.आई.आई.टी. ने 195 अंतराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों के साथ शैक्षणिक टाई-अप किया है, जो छात्रों को विदेश में उच्च शिक्षा प्राप्त करने का एक उत्कृष्ट अवसर प्रदान करता है. के.आई.आई.टी. उच्च अध्ययन के लिए प्रतिष्ठित राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय संस्थानों में हर वर्ष लगभग 500 छात्रों के शैक्षणिक प्लेसमेंट की सुविधा देता है. प्रसिद्ध शिक्षावादियों, उद्योग के नेताओं और प्रमुख हस्ितयाँ, जीवन के हर पहलू से के.आई.आई.टी. का दौरा करते हैं और छात्रों के साथ बातचीत करके अपार निवेश प्राप्त करते हैं. अभ्िानव मंच नोबेल लेक्चर सीरीज के तहत 22 नोबेल पुरस्कार विजेताओं ने के.आई.आई.टी. में दवा (मेडिसिन), रसायन विज्ञान, भौतिक विज्ञान, जैव-प्रौद्योगिकी से लेकर अर्थशास्त्र तक के विषयों पर व्याख्यान दिये हैं.</p>



<p>संकाय और छात्रों की शोध उपलब्धियां, उत्कृष्ट शिक्षावादियों, अनुसंधान और नवाचार पर के.आई.आई.टी. के फोकस के सकारात्मक प्रभाव को प्रदर्शित करती हैं. वर्तमान में लगभग 100 अनुसंधान और परामर्श परियोजनाएँ विभिन्न राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय फंडिंग एजेंसियों द्वारा वित्त- पोषित हैं. विश्वविद्यालय के संकाय सदस्यों और अनुसंधान विद्वानों ने लगभग 12,000 शोधपत्र विभिन्न राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पत्रिकाओं में प्रकाशित किए हैं. 4500 से अधिक शोध-पत्रों को अंतर्राष्ट्रीय डेटाबेस में स्कोपस जैसे उच्च प्रशासित पत्र सूचकांक के साथ अनुक्रमित किया गया है.</p>



<p>वास्तव में विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे के अतिरिक्त, उत्कृष्ट शिक्षावादियों और अनुसंधान पर के.आई.आई.टी. का ध्यान विभिन्न राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मान्यता निकायों द्वारा उच्च ग्रेड में इसकी मान्यता में परिलक्षनित होता है. इसे भारत सरकार द्वारा एक ‘इंस्टीट्यूशन ऑफ एमिनेंस’ के रूप में मान्यता दी गई है. यह एन.ए.ए.सी. द्वारा ‘ए’ ग्रेड में और एन.बी.ए. द्वारा इंजीनियरिंग स्ट्रीम्स के लिए टीयर 1 (वॉशिंगटन एकॉड) में मान्यता प्राप्त है. इसके बी. टेक. प्रोग्राम्स को प्रतिष्ठित इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियरिंग एण्ड टेक्नोलॉजी (आई.ई.टी.), यू.के. द्वारा मान्यता मिली हुई है.</p>



<p>के.आई.आई.टी. को भारत सरकार के अटल रैंकिंग ऑफ़ इंस्टीच्यूशन्स ऑन इनोवेशन अचीवमेंट्स (ए.आर.आई.आई.ए.) 2020 में भारत के स्व-वित्तपोषण संस्थाओं में प्रथम स्थान दिया गया है. यह टाइम्स हायर एजुकेशन (टी.एच.ई.) द्वारा ‘वर्क प्लेस ऑफ द ईयर’ श्रेणी में ‘अवार्ड एशिया 2020’ का विजेता है. कई प्रशंसाओं के बीच, इसे ए.आई.सी.टी.ई. द्वारा 13वें क्वालिटी काउंसिल ऑफ़ इण्डिया &#8211; डी.एल. शाह क्वालिटी सिल्वर अवार्ड और विश्वकमा अवार्ड से सम्मानित किया गया है. के.आई.आई.टी. के पास एन.आई.आर.एफ., टाइम्स हायर एजुकेशन (टी.एच.ई.), क्वाकरेल्ली सायमोंड्स (क्यू.एस.) और कई अन्य जैसे राष्ट्रीय और वैश्विक रैंकिंग में प्रभावशाली स्थान हैं.</p>



<p>देश में स्पोर्ट्स और खेलों को एक विश्वविद्यालय के रूप में बढ़ावा देने के लिए के.आई.आई.टी. का सबसे अधिक योगदान है. यह एक शैक्षणिक संस्थान में सम्बंधित सबसे विस्तृत और व्यापक खेल बुनियादी ढांचा है. के.आई.आई.टी. ने सैकड़ों प्रतिभाशाली खिलाडियों का उत्पादन किया है, जो विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ओलंपिक, विश्व विश्वविद्यालय खेलों, राष्ट्रमण्डल खेलों और ऐशियाओं खेलों की तरह भारत के लिए गौरव प्राप्त कर चुके हैं.</p>



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			</item>
		<item>
		<title>कलिंग इंस्टीच्यूट ऑफ इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी (के.आई.आई.टी.) ने वर्ष 2020 का ‘दी अवार्ड्स एशिया’ जीता</title>
		<link>https://www.patnanow.com/kiit-wins-awards-asia/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 20 Nov 2020 09:34:53 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[एजुकेशन]]></category>
		<category><![CDATA[देश दुनिया]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[Awards asia]]></category>
		<category><![CDATA[kiit]]></category>
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					<description><![CDATA[कलिंग इंस्टीट्यूट ऑफ इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी (के.आई.आई.टी.) डीम्ड विश्वविद्यालय ने 17 नवंबर 2020 को टाइम्स हायर एजुकेशन (टी.एच.ई.) द्वारा घोषित ‘द अवार्ड्स एशिया’ जीता है. के.आई.आई.टी., को ‘वर्कप्लेस ऑफ द ईयर’ (वर्ष का कार्यस्थल) वर्ग में विजेता घोषित किया गया है, इस तरह का मान्यता प्राप्त करने वाला यह भारत का एकमात्र संस्थान है. अपने कर्मचारी और छात्रों के लिए, विशेष रूप से शुरुआती प्रगति या तरक्की एवं अपनी उदारतापूर्ण वचनबद्धता के लिए इसे यह पहचान मिली है. के.आई.आई.टी. को अपने विकेंद्रीकृत शासन के लिए जाना जाता है, जिसमें प्रमुख कर्मचारियों को पर्याप्त स्वायत्तता प्रदान की जाती है और उनके कार्यों को पूरा करने की शक्ति प्रदान की जाती है. यह एकमात्र स्व-वित्तपोषित विश्वविद्यालय है जो परिवारवाद के वर्चस्व से ऊपर है. सभी वरिष्ठ अधिकारी सुप्रसिद्ध शिक्षाविद हैं और उन्हें चुने जाने की प्रक्रिया पारदर्शितापूर्ण है. कर्मचारी-वर्ग एवं फैकल्टी के सभी सदस्यों ने इसका सारा श्रेय अपने संस्थापक, डॉ अच्युता सामंता को दी है. डॉ. सामंता ने वित्तीय और प्रशासनिक दोनों पहलुओं में स्वतंत्रता के साथ बेझिझक काम करने पर बहुत महत्व दिया है. उन्होंने एक माहौल और कार्यसुधारक-प्रणाली बनाई है जहां फैकल्टी और कर्मचारी उन्मुक्त मन से अपना कार्य कर सकते हैं. परिणामस्वरूप, के.आई.आई.टी. अपनी स्थापना के समय से ही छात्रों, माता-पिता, कर्मचारीवर्ग एवं पर्यावरण के अनुकूल परिसर रहा है. यह निर्णायकमण्डल कई अनुभवी व्यक्तित्च को लेकर बनाया गया है, जिन्होंने देश के सैकड़ों संस्थानों का मूल्यांकन किया और छात्रों, शिक्षकों, शोधकर्ताओं और स्थानीय समुदायों के बीच गहन सर्वेक्षण करने के उपरांत ही के.आई.आई.टी. को विजेता घोषित किया. pncb]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="612" height="200" src="https://www.patnanow.com/assets/2020/11/pnc-ranking-kiit.jpg" alt="" class="wp-image-50429" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2020/11/pnc-ranking-kiit.jpg 612w, https://www.patnanow.com/assets/2020/11/pnc-ranking-kiit-350x114.jpg 350w" sizes="(max-width: 612px) 100vw, 612px" /></figure>



<p>कलिंग इंस्टीट्यूट ऑफ इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी (के.आई.आई.टी.) डीम्ड विश्वविद्यालय ने 17 नवंबर 2020 को टाइम्स हायर एजुकेशन (टी.एच.ई.) द्वारा घोषित ‘द अवार्ड्स एशिया’ जीता है. के.आई.आई.टी., को ‘वर्कप्लेस ऑफ द ईयर’ (वर्ष का कार्यस्थल) वर्ग में विजेता घोषित किया गया है, इस तरह का मान्यता प्राप्त करने वाला यह भारत का एकमात्र संस्थान है. अपने कर्मचारी और छात्रों के लिए, विशेष रूप से शुरुआती प्रगति या तरक्की एवं अपनी उदारतापूर्ण वचनबद्धता के लिए इसे यह पहचान मिली है.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="354" src="https://www.patnanow.com/assets/2020/11/pnc-kiit-wins-awards-asia.jpg" alt="" class="wp-image-50428" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2020/11/pnc-kiit-wins-awards-asia.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2020/11/pnc-kiit-wins-awards-asia-350x191.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>के.आई.आई.टी. को अपने विकेंद्रीकृत शासन के लिए जाना जाता है, जिसमें प्रमुख कर्मचारियों को पर्याप्त स्वायत्तता प्रदान की जाती है और उनके कार्यों को पूरा करने की शक्ति प्रदान की जाती है. यह एकमात्र स्व-वित्तपोषित विश्वविद्यालय है जो परिवारवाद के वर्चस्व से ऊपर है. सभी वरिष्ठ अधिकारी सुप्रसिद्ध शिक्षाविद हैं और उन्हें चुने जाने की प्रक्रिया पारदर्शितापूर्ण है.</p>



<p>कर्मचारी-वर्ग एवं फैकल्टी के सभी सदस्यों ने इसका सारा श्रेय अपने संस्थापक, डॉ अच्युता सामंता को दी है. डॉ. सामंता ने वित्तीय और प्रशासनिक दोनों पहलुओं में स्वतंत्रता के साथ बेझिझक काम करने पर बहुत महत्व दिया है. उन्होंने एक माहौल और कार्यसुधारक-प्रणाली बनाई है जहां फैकल्टी और कर्मचारी उन्मुक्त मन से अपना कार्य कर सकते हैं. परिणामस्वरूप, के.आई.आई.टी. अपनी स्थापना के समय से ही छात्रों, माता-पिता, कर्मचारीवर्ग एवं पर्यावरण के अनुकूल परिसर रहा है.</p>



<p>यह निर्णायकमण्डल कई अनुभवी व्यक्तित्च को लेकर बनाया गया है, जिन्होंने देश के सैकड़ों संस्थानों का मूल्यांकन किया और छात्रों, शिक्षकों, शोधकर्ताओं और स्थानीय समुदायों के बीच गहन सर्वेक्षण करने के उपरांत ही के.आई.आई.टी. को विजेता घोषित किया.</p>



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		<title>प्रो. अच्युता सामंता को वॉलीबॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया का अध्यक्ष चुना गया</title>
		<link>https://www.patnanow.com/indian-volleyball-fed-president/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 15 Nov 2020 05:22:42 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[BANK/RAILWAY/SSC]]></category>
		<category><![CDATA[देश दुनिया]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[dr achyut samant]]></category>
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		<category><![CDATA[Volleyball federation]]></category>
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					<description><![CDATA[कंधमाल संसदीय क्षेत्र के सांसद और के.आई.आई.टी. के संस्थापक प्रो. अच्युता सामंता, भारतीय वॉलीबॉल संघ {वॉलीबॉल फैडेरेशन ऑफ़ इण्डिया (वी.एफ.आई.)} के अध्यक्ष के रूप में निर्विरोध चुने गए. वह वॉलीबॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया के इस सर्वोच्च प्रतिष्ठित पद के लिए चुने जाने वाले ओडिशा के पहले व्यक्ति हैं. अब प्रो. सामंता को ओलंपिक एसोसिएशन ऑफ इंडिया का सदस्य होने का अधिकार मिला है. यह न केवल ओडिशा वॉलीबॉल एसोसिएशन के लिए एक महान सम्मान है, अपितु ओडिशा के लिए भी गौरव की बात है. ओडिशा वॉलीबॉल एसोसिएशन ने प्रो. सामंता को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी है और भविष्य में किये जाने वाले प्रयासों के लिए शुभकामनाएं व्यक्त की है. प्रो. सामंता के अतिरिक्त, पंजाब के राज कुमार को कार्यकारी उपाध्यक्ष के रूप में चुना गया है, जबकि 9 अन्य को वी.एफ.आई. (वॉलीबॉल फैडेरेशन ऑफ़ इण्डिया) के उपाध्यक्ष के रूप में चुना गया है. राजस्थान के अनिल चौधरी वी.एफ.आई. के महासचिव के रूप में निर्विरोध चुने गए हैं. नवनिर्वाचित निकाय का कार्यकाल 2020 से 2024 तक है. प्रो. सामंता ने उन्हें अध्यक्ष चुने जाने के लिए वी.एफ.आई. (वॉलीबॉल फैडेरेशन ऑफ़ इण्डिया) को धन्यवाद दिया. प्रो समांता ने कहा कि वह महासंघ को एक नई बुलंदियों तक पहुंचाने की पूरी कोशिश करेंगे. pncb]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>कंधमाल संसदीय क्षेत्र के सांसद और के.आई.आई.टी. के संस्थापक प्रो. अच्युता सामंता, भारतीय वॉलीबॉल संघ {वॉलीबॉल फैडेरेशन ऑफ़ इण्डिया (वी.एफ.आई.)} के अध्यक्ष के रूप में निर्विरोध चुने गए. वह वॉलीबॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया के इस सर्वोच्च प्रतिष्ठित पद के लिए चुने जाने वाले ओडिशा के पहले व्यक्ति हैं. अब प्रो. सामंता को ओलंपिक एसोसिएशन ऑफ इंडिया का सदस्य होने का अधिकार मिला है. यह न केवल ओडिशा वॉलीबॉल एसोसिएशन के लिए एक महान सम्मान है, अपितु ओडिशा के लिए भी गौरव की बात है. ओडिशा वॉलीबॉल एसोसिएशन ने प्रो. सामंता को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी है और भविष्य में किये जाने वाले प्रयासों के लिए शुभकामनाएं व्यक्त की है.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="434" src="https://www.patnanow.com/assets/2020/11/pnc-kiit-chairman-achyuta.jpg" alt="" class="wp-image-50422" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2020/11/pnc-kiit-chairman-achyuta.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2020/11/pnc-kiit-chairman-achyuta-350x234.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>प्रो. सामंता के अतिरिक्त, पंजाब के राज कुमार को कार्यकारी उपाध्यक्ष के रूप में चुना गया है, जबकि 9 अन्य को वी.एफ.आई. (वॉलीबॉल फैडेरेशन ऑफ़ इण्डिया) के उपाध्यक्ष के रूप में चुना गया है. राजस्थान के अनिल चौधरी वी.एफ.आई. के महासचिव के रूप में निर्विरोध चुने गए हैं. नवनिर्वाचित निकाय का कार्यकाल 2020 से 2024 तक है. प्रो. सामंता ने उन्हें अध्यक्ष चुने जाने के लिए वी.एफ.आई. (वॉलीबॉल फैडेरेशन ऑफ़ इण्डिया) को धन्यवाद दिया. प्रो समांता ने कहा कि वह महासंघ को एक नई बुलंदियों तक पहुंचाने की पूरी कोशिश करेंगे.</p>



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		<item>
		<title>मुश्किल वक्त में ओडिशा का KIIT मोर्चे पर सबसे आगे</title>
		<link>https://www.patnanow.com/kiit-and-kiss-helping-the-needy-in-covid-times/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 22 Oct 2020 16:38:33 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[We Care]]></category>
		<category><![CDATA[देश दुनिया]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[covid19]]></category>
		<category><![CDATA[kiit]]></category>
		<category><![CDATA[kiss]]></category>
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					<description><![CDATA[कोरोना के विरुद्ध जंग में किट विश्वविद्यालय मोर्चे पर सबसे आगे प्राकृतिक आपदाओं से उत्पन्न जन समुदाय की पीड़ा को दूर करने या उस पर काबू पाने के लिए कलिंगा इंस्टिट्यूट ऑफ़ इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी, (केआईआईटी) भुवनेश्वर और उसकी सहयोगी संस्थान कलिंगा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज ने अपने संस्थापक प्रोफेसर अच्युता सामंत के अथक प्रयास के बदौलत इस बार भी कोविड-19 महामारी के प्रकोप से बुरी तरह प्रभावित लोगों तक पहुंचने और सही उपचार का हर संभव प्रयास किया जा रहा है साथ ही उस पर अनवरत काम भी चल रहा है.यह जगजाहिर है कि किट डीम्ड विश्वविद्यालय एक प्रख्यात संस्थान है और यह भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त भी है. इसमें देश के कई राज्य साथ ही 50 के आसपास देशों से लगभग 30000 छात्र और छात्राएं यहां अध्ययन करते हैं. आपको जानकर हैरानी होगी कि किट के ही भी सहयोगी संस्थान किश जो देश का पहला और एकलौता आदिवासी विश्वविद्यालय में तीस हजार के आसपास असहाय और विशेषकर आदिवासी बच्चे पढ़ते हैं. यह सारे बच्चे केवल ओडिशा के ही नहीं बल्कि पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़, झारखंड और नॉर्थ ईस्ट के बच्चे हैं. किश की खासियत या है कि यहां पर बच्चे निशुल्क पढ़ते हैं और यह आवासीय विश्वविद्यालय है. कोरोना के चलते जैसे ही संपूर्ण लॉक डाउन की भनक संस्थान की संस्थापक को लगी उन्होंने सभी बच्चों को सुरक्षित अपने-अपने घरों पर वापस भेज दिया था. पूरे लॉकडाउन के दौरान इन सारे बच्चों को किसी भी तरह का शैक्षणिक नुकसान का सामना नहीं करना पड़ा, क्योंकि किट देश का पहला [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>कोरोना के विरुद्ध जंग में किट विश्वविद्यालय मोर्चे पर सबसे आगे</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="294" src="https://www.patnanow.com/assets/2020/10/pnc-kiit-helping-the-needy-in-covid-era3.jpg" alt="" class="wp-image-50257" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2020/10/pnc-kiit-helping-the-needy-in-covid-era3.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2020/10/pnc-kiit-helping-the-needy-in-covid-era3-350x158.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>प्राकृतिक आपदाओं से उत्पन्न जन समुदाय की पीड़ा को दूर करने या उस पर काबू पाने के लिए कलिंगा इंस्टिट्यूट ऑफ़ इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी, (केआईआईटी) भुवनेश्वर और उसकी सहयोगी संस्थान कलिंगा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज ने अपने संस्थापक प्रोफेसर अच्युता सामंत के अथक प्रयास के बदौलत इस बार भी कोविड-19 महामारी के प्रकोप से बुरी तरह प्रभावित लोगों तक पहुंचने और सही उपचार का हर संभव प्रयास किया जा रहा है साथ ही उस पर अनवरत काम भी चल रहा है.<br>यह जगजाहिर है कि किट डीम्ड विश्वविद्यालय एक प्रख्यात संस्थान है और यह भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त भी है. इसमें देश के कई राज्य साथ ही 50 के आसपास देशों से लगभग 30000 छात्र और छात्राएं यहां अध्ययन करते हैं. आपको जानकर हैरानी होगी कि किट के ही भी सहयोगी संस्थान किश जो देश का पहला और एकलौता आदिवासी विश्वविद्यालय में तीस हजार के आसपास असहाय और विशेषकर आदिवासी बच्चे पढ़ते हैं. यह सारे बच्चे केवल ओडिशा के ही नहीं बल्कि पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़, झारखंड और नॉर्थ ईस्ट के बच्चे हैं. किश की खासियत या है कि यहां पर बच्चे निशुल्क पढ़ते हैं और यह आवासीय विश्वविद्यालय है. कोरोना के चलते जैसे ही संपूर्ण लॉक डाउन की भनक संस्थान की संस्थापक को लगी उन्होंने सभी बच्चों को सुरक्षित अपने-अपने घरों पर वापस भेज दिया था. पूरे लॉकडाउन के दौरान इन सारे बच्चों को किसी भी तरह का शैक्षणिक नुकसान का सामना नहीं करना पड़ा, क्योंकि किट देश का पहला ऐसा संस्थान है जो अपने सारे बच्चों को ऑनलाइन के जरिए ही बच्चों को घर बैठे ही पढ़ाना शुरू किया और अब तक बिना रुके चल रहा है. कुछ इसी तरह ही किश के सारे बच्चों को भी कलिंग टेलीविजन के माध्यम से ई-लर्निंग की क्लास हर रोज संचालित की जा रही है, साथ ही बचे व्हाट्सएप के माध्यम से भी शिक्षकों के साथ निरंतर संपर्क में है.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="435" src="https://www.patnanow.com/assets/2020/10/pnc-kiit-helping-the-needy-in-covid-era4.jpg" alt="" class="wp-image-50258" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2020/10/pnc-kiit-helping-the-needy-in-covid-era4.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2020/10/pnc-kiit-helping-the-needy-in-covid-era4-350x234.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>इन दिनों किश, अपने &#8216;प्रोजेक्ट उदय&#8217; के तहत ओडिशा के 6 सबसे पिछड़े जिले से रायगड़ा, मलकानगिरी, कंधमाल, बलान्ग्गिर, कोरापुट और गजपति जिलों के लोगों में कोरोना महामारी से निजात पाने के उपाय जैसे 2 गज की दूरी बनाए रखना, मास्क का हमेशा उपयोग करना, हमेशा हाथ धोना और अपने आसपास हर हमेशा स्वच्छता बनाए रखने को लेकर बड़े पैमाने पर एक जागरूकता अभियान का शुभारंभ किया है. इस परियोजना में 500 से अधिक स्वयंसेवक इन सभी जिलों के 220 गांव में स्वच्छता अभियान चला रहे हैं.</p>



<p>ओडिशा की अगर बात की जाए तो कोविड-19 के विरुद्ध इस मुहिम की अगुवाई किट के ही एक महत्वपूर्ण सहयोगी संस्थान किम्स &#8216;कलिंगा इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस&#8217; जो एक मेडिकल कॉलेज है, ने ओडिशा सरकार के सहयोग से कोरोना मरीजों के लिए 50 &#8216;क्रिटिकल केयर बेड्स&#8217; सहित 500 बिस्तर वाला भारत का पहला अत्याधुनिक स्वचालित सुविधा केंद्र स्थापित किया है. इसके अतिरिक्त किट विश्वविद्यालय ने ओडिशा के कंधमाल, बलांगगिर और मयूरभंज जिलों में 200 बिस्तर विशिष्ट तीन और अस्पताल स्थापित किए. कोरोना महामारी के इस विषम परिस्थिति के बावजूद इतने कम समय में समर्पित अस्पतालों के निर्माण से इन्हें राज्य और केंद्र सरकार द्वारा काफी प्रशंसा भी मिली है. भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों समेत भारत के अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ किट स्कूल ऑफ़ बायोटेक्नोलॉजी के अंतर्गत कीट के और एक घटक किट टेक्नोलॉजी बिजनेस इनक्यूबेटर (KIIT-TBI) को कोविड-19 संकट के साथ युद्ध विस्तार केंद्र (CAWACH) &#8216;कवच&#8217; के रूप में मान्यता दी गई है. पूर्व और पूर्वोत्तर में इस कार्यक्रम के लागू करने के लिए &#8216;के आईआई टी- टी बी आई&#8217; (KIIT-TBI) स्वयं उत्तरदायी है.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="621" height="362" src="https://www.patnanow.com/assets/2020/10/pnc-kiit-helping-the-needy-in-covid-era1.jpg" alt="" class="wp-image-50256" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2020/10/pnc-kiit-helping-the-needy-in-covid-era1.jpg 621w, https://www.patnanow.com/assets/2020/10/pnc-kiit-helping-the-needy-in-covid-era1-350x204.jpg 350w" sizes="(max-width: 621px) 100vw, 621px" /></figure>



<p>कोविड-19 महामारी न केवल एक वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल है अपितु लंबे समय तक लॉकडाउन और लाखों लोगों की आजीविका के कारण यह एक गंभीर मानवीय संकट का जन्मदाता भी है. मानवता की दृष्टि से किट द्वारा इस कोरोना काल में कोरोना से मृत्यु हो चुके परिजनों के बच्चों को किट और किश में मुफ्त शिक्षा दी जाएगी. यह सुविधा दो शैक्षणिक वर्षो 2020 &#8211; 2021 एवं 2021 &#8211; 22 के लिए उपलब्ध होगी.</p>



<p>एक सहायता की ओर हाथ बढ़ाते हुए इन दिनों की विश्वविद्यालय उन लोगों के पास पहुंच रही है जो बार-बार लॉकडाउन बढ़ाए जाने के कारण मुश्किल दौर से गुजर रहे थे. कोरोना महामारी के कारण झुग्गी झोपड़ियों में रहने वाले वंचित लोगों, फंसे हुए प्रवासी मजदूरों एवं कंटेनमेंट जोन में रहने वाले लगभग तीन लाख से ज्यादा लोगों को खाद्य सामग्री और आवश्यक वस्तुओं का वितरण करने के साथ-साथ उन्हें अस्थाई आश्रय भी प्रदान कराया गया है. लॉकडाउन के दौरान अपने मेहनत और तत्परता के कारण किट विश्वविद्यालय राजधानी भुवनेश्वर, पूरी और कटक जिले में ड्यूटी में तैनात पुलिसकर्मियों को पका हुआ भोजन पहुंचाने की भी पहल की. ओडिशा और आसपास के राज्यों में फंसे हुए सैकड़ों मजदूरों और कर्मियों की निकासी में किश विश्वविद्यालय ने अमेरिकी दूतावास के साथ मिलकर अत्यंत सराहनीय कार्य किया है.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="433" src="https://www.patnanow.com/assets/2020/10/pnc-kiit-helping-the-needy-in-covid-era.jpg" alt="" class="wp-image-50253" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2020/10/pnc-kiit-helping-the-needy-in-covid-era.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2020/10/pnc-kiit-helping-the-needy-in-covid-era-350x233.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>अन्य सामुदायिक गतिविधियों के तहत ओडिशा के चंद्रगिरी इलाके में तिब्बती आबादी और जिरांग में पद्यसंभव मठ में 1 महीने की खाद्य आपूर्ति की गई थी, साथ ही चंद्रगिरी में दो वृद्धाश्रम को गोद लिए जाने का प्रावधान किया गया है. इन दिनों किश विश्वविद्यालय जिरांग में एक अस्पताल को सहयोग कर रहा है और स्वास्थ्य कर्मियों को पि पि इ किट उपलब्ध करा रहा है. इसके अतिरिक्त किट और किश विश्व विद्यालय कंधमाल जिले के 40 से अधिक अनाथालय, वृद्ध आश्रम और कुष्ठ सेवा आश्रम को खर्च के लिए नगदी एवं किराने का सामान मुहैया करा रहा है.</p>



<p>राजधानी भुवनेश्वर के दूरदराज इलाकों में कीट और किस विश्वविद्यालय ने जरूरतमंदों के लिए सहायता का हाथ बढ़ाया है, उन्हें किराने के सामान के अलावा अन्य जरूरी चीजें मुहैया कराया गया है. किट और किस विश्वविद्यालय साथ ही देश के जाने माने उद्योगपति अजीम प्रेमजी के सहायता से ओडिशा के भुवनेश्वर और रायगढ़ा जिलों में किन्नर समुदाय के लिए राशन और आवश्यक सामानों का वितरण करने के लिए आगे आए.</p>



<p>किट और किश विश्वविद्यालय परिसर के आसपास के इलाकों में बंदरों, मवेशियों और कुत्तों जैसे जानवरों को बिस्किट, फल, सब्जी और अन्य खाद्य सामग्री बांटने के लिए एक टीम का भी गठन किया गया था, जो हर रोज इन जानवरों को खाना खिलाता था. यह टीम परिसर के आस पास के जंगल झाड़ियों में बसने वाले 140 के आसपास मोर पक्षियों की भी देखभाल कर रहे हैं. और तो और पूरी, भुवनेश्वर और कटक जिले के 10 गौशालाओं में आर्थिक सहायता प्रदान कर रहे हैं.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="294" src="https://www.patnanow.com/assets/2020/10/pnc-kiit-helping-the-needy-in-covid-era3.jpg" alt="" class="wp-image-50257" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2020/10/pnc-kiit-helping-the-needy-in-covid-era3.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2020/10/pnc-kiit-helping-the-needy-in-covid-era3-350x158.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>कोविड-19 महामारी वर्तमान पीढ़ी में समय का सबसे गंभीर विश्वस्तरीय स्वास्थ्य संकट है, और यह कठिन चुनौतियों से भरा हुआ है. महामारी ने अर्थव्यवस्था को बड़ा झटका देते हुए विश्व के लगभग सभी देशों में आर्थिक संकट पैदा कर दिया है. महामारी एक प्रकार से मानव कर (Human Toll) वसूल कर रहा है. किट और किश के संस्थापक डॉ अच्युता सामंत का कहना है &#8216;कोरोना काल में हमारा यह छोटा सा प्रयास अथाह सागर की एक बूंद के समान है जबकि हमारा लक्ष्य और उद्देश्य उन सभी के चेहरों पर मुस्कान लाना है जहां तक हम पहुंच सकते हैं. मुझे पूरा विश्वास है कि हम एकजुट होकर इस गंभीर महामारी संकट को दूर कर सकेंगे.&#8217;</p>



<p> <strong><em>pncb</em></strong></p>
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		<title>कोरोना महामारी में असहायों की सेवा में कीट और किस</title>
		<link>https://www.patnanow.com/odisha-kiit-and-kiss-helping-hand/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 09 Oct 2020 05:38:22 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[We Care]]></category>
		<category><![CDATA[देश दुनिया]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[Corona mahamari]]></category>
		<category><![CDATA[kiit]]></category>
		<category><![CDATA[kiss]]></category>
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					<description><![CDATA[कोविड-19 सर्वव्यापी महामारी ने संपूर्ण विश्व के व्यक्तियों का सामान्य जीवन एवं रोजी-रोटी में व्यवधान उत्पन्न कर उनका जीवन तहस-नहस कर दिया है. ओडिशा भी इस सर्वव्यापी महामारी से बुरी तरह से प्रभावित हुआ है. इस आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए सरकार के सहायक बनने में बहुत से संगठनों एवं व्यक्तियों ने पहल की है. कलिंगा इंस्टिट्यूट ऑफ़ इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी, भुवनेश्वर एवं सहयोगी संस्थान कलिंगा इंस्टिट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज, इन संस्थाओं ने संस्थापक प्रोफेसर अच्युत सामंथा के नेतृत्व में इस महामारी के प्रकोप से बचाव हेतु सिलसिलेवार पहल की है एवं कोरोना वायरस के विरुद्ध ओडिशा इस संग्राम में आगे आया है. केआईआईटी एवं केआईएसएस ने राज्य की स्वास्थ्य सतर्कता में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, तथा वंचित एवं उपेक्षित जीवन जी रहे व्यक्तियों की पीड़ा में अत्यधिक कमी लाए हैं. कोविड-19 के विरुद्ध ओडिशा में महत्वपूर्ण आयामों में से एक,केआईआईटी डीम्ड विश्वविद्यालय के एक संगठन कलिंगा इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंसेज ओडिशा ने तीन जनजाति बाहुल्य जिलों एवं भुवनेश्वर में स्थित, ओडिशा सरकार की सहायता से, 4 अत्याधुनिक कोविड चिकित्सा की स्थापना की है. इन चिकित्सालयों में 12 सौ मरीजों के उपचार की संयुक्त क्षमता है. केआईएसएस कोविड चिकित्सालय, भुवनेश्वर में जो भारत में प्रथम कोविड चिकित्सालय है, इसमें अत्याधुनिक सुविधाओं सहित 500 बेड हैं साथ ही 500 संकटकालीन देखभाल बेड है. कोविड चिकित्सालयों द्वारा तुरंत देखभाल से हजारों जीवन बच गए हैं. कोविड-19 सर्वव्यापी महामारी ना केवल एक वैश्विक स्वास्थ्य आपातकालीन संकट है वरन लंबे लॉकडाउन एवं रोजी-रोटी के नुकसान के कारण इसने गंभीर मानवीय संकट पैदा कर दिए हैं. [&#8230;]]]></description>
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<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="433" src="https://www.patnanow.com/assets/2020/10/pnc-odisha-Kiit-and-Kiss-helping-hand.jpg" alt="" class="wp-image-50085" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2020/10/pnc-odisha-Kiit-and-Kiss-helping-hand.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2020/10/pnc-odisha-Kiit-and-Kiss-helping-hand-350x233.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>कोविड-19 सर्वव्यापी महामारी ने संपूर्ण विश्व के व्यक्तियों का सामान्य जीवन एवं रोजी-रोटी में व्यवधान उत्पन्न कर उनका जीवन तहस-नहस कर दिया है. ओडिशा भी इस सर्वव्यापी महामारी से बुरी तरह से प्रभावित हुआ है. इस आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए सरकार के सहायक बनने में बहुत से संगठनों एवं व्यक्तियों ने पहल की है. कलिंगा इंस्टिट्यूट ऑफ़ इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी, भुवनेश्वर एवं सहयोगी संस्थान कलिंगा इंस्टिट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज, इन संस्थाओं ने संस्थापक प्रोफेसर अच्युत सामंथा के नेतृत्व में इस महामारी के प्रकोप से बचाव हेतु सिलसिलेवार पहल की है एवं कोरोना वायरस के विरुद्ध ओडिशा इस संग्राम में आगे आया है. केआईआईटी एवं केआईएसएस ने राज्य की स्वास्थ्य सतर्कता में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, तथा वंचित एवं उपेक्षित जीवन जी रहे व्यक्तियों की पीड़ा में अत्यधिक कमी लाए हैं.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="488" src="https://www.patnanow.com/assets/2020/10/pnc-odisha-Kiit-and-Kiss-helping-hand-in-covid19.jpg" alt="" class="wp-image-50086" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2020/10/pnc-odisha-Kiit-and-Kiss-helping-hand-in-covid19.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2020/10/pnc-odisha-Kiit-and-Kiss-helping-hand-in-covid19-350x263.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>कोविड-19 के विरुद्ध ओडिशा में महत्वपूर्ण आयामों में से एक,केआईआईटी डीम्ड विश्वविद्यालय के एक संगठन कलिंगा इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंसेज ओडिशा ने तीन जनजाति बाहुल्य जिलों एवं भुवनेश्वर में स्थित, ओडिशा सरकार की सहायता से, 4 अत्याधुनिक कोविड चिकित्सा की स्थापना की है. इन चिकित्सालयों में 12 सौ मरीजों के उपचार की संयुक्त क्षमता है. केआईएसएस कोविड चिकित्सालय, भुवनेश्वर में जो भारत में प्रथम कोविड चिकित्सालय है, इसमें अत्याधुनिक सुविधाओं सहित 500 बेड हैं साथ ही 500 संकटकालीन देखभाल बेड है. कोविड चिकित्सालयों द्वारा तुरंत देखभाल से हजारों जीवन बच गए हैं.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="603" height="450" src="https://www.patnanow.com/assets/2020/10/pnc-poor-children.jpg" alt="" class="wp-image-50087" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2020/10/pnc-poor-children.jpg 603w, https://www.patnanow.com/assets/2020/10/pnc-poor-children-350x261.jpg 350w" sizes="(max-width: 603px) 100vw, 603px" /></figure>



<p>कोविड-19 सर्वव्यापी महामारी ना केवल एक वैश्विक स्वास्थ्य आपातकालीन संकट है वरन लंबे लॉकडाउन एवं रोजी-रोटी के नुकसान के कारण इसने गंभीर मानवीय संकट पैदा कर दिए हैं. इस भयंकर संकट के समय केआईआईटी एवं केआईएसएस ने बढ़ाए गए लॉकडाउन से जूझते हुए विभिन्न समूहों तक पहुंच बनाई है. जिसमें इस महामारी से पीड़ित 300000 व्यक्तियों से अधिक लोगों को खाद्य सामग्रियों एवं अन्य आवश्यकताओं के वितरण शामिल हैं. इसने मलिन बस्तियों में रहने वाले प्रवासी मजदूरों को अस्थाई पनाह प्रदान किया है.</p>



<p>केआईआईटी एवं केआईएसएस ने सर्वाधिक पीड़ित एवं सर्वहारा वर्ग के व्यक्तियों- विषम लिंगी, स्पोर्ट्स पर्सन, शारीरिक विकलांग, सेक्स वर्कर आदि तक पहुंच बनाई है. इन्हें भत्ते प्रदान कर लॉकडाउन के दौरान सहायता की है. भुवनेश्वर, कटक, पूरी एवं पास के शहरों में अनेक अध्यात्मिक केंद्रों के अन्य कर्मचारियों एवं पुजारियों को 3 माह हेतु खाद्य सामग्रियों एवं अन्य खर्चों हेतु नकदी भी प्रदान की है. इन 2 संस्थानों ने कंधमाल जिले में 40 अनाथालयों, वृद्ध आश्रमों एवं कुष्ठ केंद्रों में फुटकर खर्चों हेतु किराना एवं नगद राशि उपलब्ध कराई है. कोविड-19 सर्वव्यापी महामारी से सर्वाधिक त्रस्त छात्रों के समुदाय को जिनमें प्राथमिक स्तर से पीजी/पीएचडी स्तर तक के छात्रों को उनके अध्ययन में मदद करना शामिल है. इन्होंने ओडिशा के विभिन्न जिलों से आए छात्रों को उनके घरों तक पहुंचाने में न केवल मदद कि वरन अप्रैल से ही अध्ययन सामग्रियों, कपड़े एवं ड्राई फ्रूट भी उपलब्ध कराएं. किशोरियों को सेनेटरी नैपकिन भी उपलब्ध कराएं जोकि केआईएसएस के पुनः खुलने तक जारी रहेगा. प्रोफेसर सामंथा ने नवीन अकादमिक वर्ष तक इन समस्त सुविधाओं को जारी रखने का निर्णय लिया है, जो कि छात्रों की मदद को सर्वोपरि मानते हैं.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="509" src="https://www.patnanow.com/assets/2020/05/pnc-corona-ad-by-health-1.jpg" alt="" class="wp-image-46170" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2020/05/pnc-corona-ad-by-health-1.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2020/05/pnc-corona-ad-by-health-1-350x274.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>प्रधानमंत्री के आमंत्रण &#8216;आत्मनिर्भर भारत&#8217; से प्रेरित केआईएसएस में कोविड-19 सर्वव्यापी महामारी के दौरान वोकेशनल स्किल सेंटर का विवेचन किया है जो कि एक मध्यम आकार के उद्योग के स्तर समान है. इसमें व्यवसाय की 25 प्रकार के विभिन्न उत्पाद बनाए जा रहे हैं. इन उत्पादों को केआईआईटी की इनहाउस आवश्यकताओं को पूर्ण करने के साथ ही डिस्ट्रीब्यूटर चैनल द्वारा भी विपणन किया जा रहा है. केंद्र से बिक्री के बढ़ने के साथ ही आने वाले वर्षों में केआईआईटी एवं केआईएसएस के आत्मनिर्भर होने की आशा की जा सकती है. एक अद्वितीय मानवीय पहल के अंतर्गत डीम्ड विश्वविद्यालय केआईआईटी ने ओडिशा में कोविड मृतकों के बच्चों को निशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराए जाने का निर्णय किया है. यह सुविधा अकादमिक सत्र 2020-21 एवं 2021-22 दो वर्षों हेतु उपलब्ध कराई जाएगी.</p>



<p>सर्वव्यापी महामारी के चलते प्रथम 6 माहो में बहुत से बच्चे अनाथ हो गए हैं. गरीब वर्ग के बच्चे यौन शोषण एवं देह व्यापार के शिकार हो सकते हैं. केआईआईटी एवं केआईएसएस लगभग 100 ऐसे अनाथ को गोद लेकर इनकी देखभाल कर रहा है एवं परिवार के आकार अनुसार प्रति माह ₹5000 से ₹20000 तक भत्ता उपलब्ध करा रहा है. जब भी अकादमिक संस्थान पुनः खुलेगा इन्हें निशुल्क शिक्षा एवं तदन्तर उच्च अध्ययन पूर्ण करने की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी.</p>



<p>कोविड के मृतकों के बच्चों को एवं अनाथों को सहायता प्रदान करने का कारण इस संस्थान के संस्थापक प्रोफेसर सामंथा के स्वयं के बचपन के अनुभव से प्रेरित है, जिन्होंने 4 वर्ष की छोटी आयु में पिता को खो दिया था और भूख एवं गरीबी में बचपन बिताया था. इनका सदैव यह प्रयास रहता है कि ऐसा कोई भी बच्चा माता-पिता की असमय मौत या गरीबी के कारण गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से वंचित ना रह जाए.</p>
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