<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>Khappar Doli &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
	<atom:link href="https://www.patnanow.com/tag/khappar-doli/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://www.patnanow.com</link>
	<description>Patna News Portal - हर ख़बर पर नज़र</description>
	<lastBuildDate>Fri, 16 Aug 2024 06:15:55 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.6.1</generator>

<image>
	<url>https://www.patnanow.com/assets/2022/08/cropped-PatnaNow_Logo_2022-32x32.png</url>
	<title>Khappar Doli &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
	<link>https://www.patnanow.com</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>हजारों श्रद्धालुओं ने डाली पूजा में लिया भाग</title>
		<link>https://www.patnanow.com/dali-puja-phulwari/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[dnv md]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 16 Aug 2024 06:02:56 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[सुख समृद्धि]]></category>
		<category><![CDATA[Khappar Doli]]></category>
		<category><![CDATA[Phulwari Sharif Dali Puja]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.patnanow.com/?p=86289</guid>

					<description><![CDATA[माता के जयकरे से गूंजता रहा शहर206 वाँ माँ देवी की डाली पूजा में जन सैलाब को देख लोग अभिभूत फुलवारी शरीफ,अजीत।। राजधानी पटना के सटे सबसे पुराने स्थलों में एक फुलवारी शरीफ वर्षो पहले एक कसबे के रूप में स्थापित था. वर्षो बीत जाने के बाद और आज का क़स्बा फुलवारी शरीफ आज के शहरीकरण में ढल जाने के बाद भी अपनी पुरखों की सभ्यता संस्कृति को नहीं भुला पाया है. फुलवारी शरीफ प्रखंड कार्यालय के सामने संगत पर स्थित सन 1818 ई में स्थापित श्री श्री देवी स्थान मंदिर ( काली मंदिर ) से निकलने वाली प्रसिद्द माता की डाली (खप्पड़ ) आज संध्या साढ़े सात बजे निकली. माता की डाली यानी खप्पड़ पूजा में हजारों पारंपरिक तरीके से हथियारों से लैस श्रद्धालु जय माता दी की जयकारे लगाते हुए खप्पड़ भ्रमण में शामिल हुए और वापस मंदिर पहुंचे. मंदिर समिति के अध्यक्ष देवेंद्र प्रसाद ने बताया कि माता के डाली खप्पर पूजा में हजारों की संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और फुलवारी शरीफ शहर आसपास के इलाके के लोगों के बीमारी मुक्त होने की प्रार्थना की. काली मंदिर से पुजारी जी अपने हाथो में जलता हुआ आग खप्पड लेकर आगे आगे दौड़ लगाना शुरु किया और इस दौरान माता के जयकारे लगाते हजारों श्रद्धालु पैदल नंगे पाँव पुजारी जी के पीछे दौड़ कर परिक्रमा में शामिल हुए.अधिकाँश श्रद्धाल अपने हाथों में लाठी , भाला , त्रिशूल , तलवार आदि पारम्परिक हथियार लिए माता के जयकारे लगाते परिक्रमा दौड़ लगाते रहे.इसके बाद मंदिर में आरती एवं प्रसाद वितरण [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>माता के जयकरे से गूंजता रहा शहर<br>206 वाँ माँ देवी की डाली पूजा में जन सैलाब को देख लोग अभिभूत</strong></p>



<p>फुलवारी शरीफ,अजीत।। राजधानी पटना के सटे सबसे पुराने स्थलों में एक फुलवारी शरीफ वर्षो पहले एक कसबे के रूप में स्थापित था. वर्षो बीत जाने के बाद और आज का क़स्बा फुलवारी शरीफ आज के शहरीकरण में ढल जाने के बाद भी अपनी पुरखों की सभ्यता संस्कृति को नहीं भुला पाया है. फुलवारी शरीफ प्रखंड कार्यालय के सामने संगत पर स्थित सन 1818 ई में स्थापित श्री श्री देवी स्थान मंदिर ( काली मंदिर ) से निकलने वाली प्रसिद्द माता की डाली (खप्पड़ ) आज संध्या साढ़े सात बजे निकली. माता की डाली यानी खप्पड़ पूजा में हजारों पारंपरिक तरीके से हथियारों से लैस श्रद्धालु जय माता दी की जयकारे लगाते हुए खप्पड़ भ्रमण में शामिल हुए और वापस मंदिर पहुंचे.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="650" height="433" src="https://www.patnanow.com/assets/2017/08/pnc-phulwari-sharif-me-khapparlekar-pooja-me-jute-ahardhalu-5-650x433.jpg" alt="" class="wp-image-21346" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2017/08/pnc-phulwari-sharif-me-khapparlekar-pooja-me-jute-ahardhalu-5.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2017/08/pnc-phulwari-sharif-me-khapparlekar-pooja-me-jute-ahardhalu-5-225x150.jpg 225w, https://www.patnanow.com/assets/2017/08/pnc-phulwari-sharif-me-khapparlekar-pooja-me-jute-ahardhalu-5-350x233.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>मंदिर समिति के अध्यक्ष देवेंद्र प्रसाद ने बताया कि माता के डाली खप्पर पूजा में हजारों की संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और फुलवारी शरीफ शहर आसपास के इलाके के लोगों के बीमारी मुक्त होने की प्रार्थना की.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="1024" height="576" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/08/pnc-mata-ki-Dali-khappar-puja-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-86284" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/08/pnc-mata-ki-Dali-khappar-puja-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2024/08/pnc-mata-ki-Dali-khappar-puja-650x366.jpg 650w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>काली मंदिर से पुजारी जी अपने हाथो में जलता हुआ आग खप्पड लेकर आगे आगे दौड़ लगाना शुरु किया और इस दौरान माता के जयकारे लगाते हजारों श्रद्धालु पैदल नंगे पाँव पुजारी जी के पीछे दौड़ कर परिक्रमा में शामिल हुए.अधिकाँश श्रद्धाल अपने हाथों में लाठी , भाला , त्रिशूल , तलवार आदि पारम्परिक हथियार लिए माता के जयकारे लगाते परिक्रमा दौड़ लगाते रहे.इसके बाद मंदिर में आरती एवं प्रसाद वितरण किया गया. सुरक्षा शांति अवस्था बनाएँ रखने के लिए विषेष रूप से कई थानों की पुलिस बल को लगाया गया.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="1024" height="576" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/08/pnc-phulwari-mata-ki-Dali-puja-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-86283" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/08/pnc-phulwari-mata-ki-Dali-puja-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2024/08/pnc-phulwari-mata-ki-Dali-puja-650x366.jpg 650w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>माता की डाली खप्पड पूजा परिक्रमा को लेकर न्बगर परिषद प्रशासन ने इलाके में साफ-सफाई तथा जल की व्यवस्था के साथ रास्ते में लाईट लगाने की वयवस्था किया.आकस्मिक स्थिति में स्वास्थ्य पदाधिकारी स्वास्थ्य टीम के साथ एम्बुलेंस की व्यवस्था के साथ मौजूद रहे.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="576" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/08/pnc-phulwari-mata-ki-Dali-khappar-puja-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-86282" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/08/pnc-phulwari-mata-ki-Dali-khappar-puja-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2024/08/pnc-phulwari-mata-ki-Dali-khappar-puja-650x366.jpg 650w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p><br>खप्पड़ पूजा को लेकर ऐसी मान्यता है कि करीब 205 साल पहले महामारी से फुलवारी शरीफ और आस-पास के लोगों की जान बचाने के लिए पहली बार माता की डाली निकली थी.इसके बाद इलाके के सभी लोग ठीक हो गए थे और तब से आज तक हर वर्ष डाली पूजा की परंपरा चली आ रही है.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>निकली माता की अलौकिक 201वीं खप्पड़ डोली</title>
		<link>https://www.patnanow.com/phulwarisharif-me-mata-ki-201vi-khappar-doli-nikali/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Nikhil]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 11 Aug 2019 15:38:31 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[We Care]]></category>
		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[वीडियो]]></category>
		<category><![CDATA[सुख समृद्धि]]></category>
		<category><![CDATA[Khappar Doli]]></category>
		<category><![CDATA[PATNA NOW]]></category>
		<category><![CDATA[phulwarisharif]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.patnanow.com/?p=40515</guid>

					<description><![CDATA[फुलवारीशरीफ में निकली माता की अलौकिक 201वीं खप्पड़ डोलीमहामारी से लोगों की जान बचाने के लिए 201 साल से निकाली जा रही माता कीडोलीआगे आगे खप्पड़ में जलता हुआ आग लेकर दौड़े पुजारी और उनके पीछे दौड़ा 61 हजार से अधिक श्रद्धालुओं का जन सैलाबतलवार, भाला त्रिशूल आदि पारंपरिक हथियार लिए लगाते रहे माता के जयकारेजय माता दी के नारों से गूंजती रही चारो दिशाएँआधे घंटे में पूरी की परिक्रमाफुलवारीशरीफ (अजीत कुमार की रिपोर्ट) &#124; रविवार को पटना के फुलवारीशरीफ में एक अभूतपूर्व एवं अनुशासन से लवरेज रोमांचित कर देने वाला अलौकिक 201वां माता की खप्पड़ डोली निकली. इस दृश्य को देखकर शहरवासी गौरवान्वित हो रहे थे. इस वर्षो पुरानी पुरखो के जमाने से चली आ रही परम्परा को निभाने में मुस्लिम भाइयो ने हिन्दू समुदाय के साथ बढ़ चढ़ कर सहयोग दिया. संध्या के साढ़े सात बजते ही माता के मंदिर के पुजारी जीतमोहन पंडित सबसे आगे-आगे हाथ में जलता हुआ खप्पर लेकर निकले. पूजारी जी के दौड़ते ही उनके पीछे हजारों श्रद्धालुओं का सैलाब हाथों में पारंपरिक हथियार, तलवार, भाला त्रिशूल लिए माता के जयकारे लगाते खप्पड़ दौड़ परिक्रमा शुरू कर देते हैं. जय माता दी के जयकारे से चारों दिशाएं गूंजने लगती हैं. करीब 61 हजार से अधिक श्रद्धालुओं का सैलाब अपने शहर के दो सौ साल पुरानी आस्था और परम्परा को आज भी जिस उत्साह से निभा रहे थे. उसका स्वरूप देख लोग आश्चर्यचकित थे. आस्था की एक अनोखी तस्वीर देखने को मिल रही थी. यह दृश्य किसी को भी एक बार रोमांचित करने के लिए [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<figure class="wp-block-image"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="366" src="https://www.patnanow.com/assets/2019/08/PNC-Phulwarisharif-Mata-Ki-Doli-5-650x366.png" alt="" class="wp-image-40518" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2019/08/PNC-Phulwarisharif-Mata-Ki-Doli-5.png 650w, https://www.patnanow.com/assets/2019/08/PNC-Phulwarisharif-Mata-Ki-Doli-5-350x197.png 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p><em><strong>फुलवारीशरीफ में </strong></em><strong><em>निकली माता की अलौकिक 201वीं खप्पड़ डोली</em></strong><em><strong><br>महामारी से लोगों की जान बचाने के लिए 201 साल से निकाली जा रही माता कीडोली<br>आगे आगे खप्पड़ में जलता हुआ आग लेकर दौड़े पुजारी और उनके पीछे दौड़ा 61 हजार से अधिक श्रद्धालुओं का जन सैलाब<br>तलवार, भाला त्रिशूल आदि पारंपरिक हथियार लिए लगाते रहे माता के जयकारे<br>जय माता दी के नारों से गूंजती रही चारो दिशाएँ<br>आधे घंटे में पूरी की परिक्रमा</strong></em><br><strong>फुलवारीशरीफ (अजीत कुमार की रिपोर्ट)</strong> | रविवार को पटना के फुलवारीशरीफ में एक अभूतपूर्व एवं अनुशासन से लवरेज रोमांचित कर देने वाला अलौकिक 201वां माता की खप्पड़ डोली निकली. इस दृश्य को देखकर शहरवासी गौरवान्वित हो रहे थे. इस वर्षो पुरानी पुरखो के जमाने से चली आ रही परम्परा को निभाने में मुस्लिम भाइयो ने हिन्दू समुदाय के साथ बढ़ चढ़ कर सहयोग दिया. संध्या के साढ़े सात बजते ही माता के मंदिर के पुजारी जीतमोहन पंडित सबसे आगे-आगे हाथ में जलता हुआ खप्पर लेकर निकले. पूजारी जी के दौड़ते ही उनके पीछे हजारों श्रद्धालुओं का सैलाब हाथों में पारंपरिक हथियार, तलवार, भाला त्रिशूल लिए माता के जयकारे लगाते खप्पड़ दौड़ परिक्रमा शुरू कर देते हैं. जय माता दी के जयकारे से चारों दिशाएं गूंजने लगती हैं. करीब 61 हजार से अधिक श्रद्धालुओं का सैलाब अपने शहर के दो सौ साल पुरानी आस्था और  परम्परा को आज भी जिस उत्साह से निभा रहे थे. उसका स्वरूप देख लोग आश्चर्यचकित थे. आस्था की एक अनोखी तस्वीर देखने को मिल रही थी. यह दृश्य किसी को भी एक बार रोमांचित करने के लिए काफी था.<br></p>



<figure class="wp-block-image"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="366" src="https://www.patnanow.com/assets/2019/08/PNC-Phulwarisharif-Mata-Ki-Doli-1-650x366.png" alt="" class="wp-image-40519" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2019/08/PNC-Phulwarisharif-Mata-Ki-Doli-1.png 650w, https://www.patnanow.com/assets/2019/08/PNC-Phulwarisharif-Mata-Ki-Doli-1-350x197.png 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<figure class="wp-block-image"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="366" src="https://www.patnanow.com/assets/2019/08/PNC-Phulwarisharif-Mata-Ki-Doli-2-650x366.png" alt="" class="wp-image-40520" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2019/08/PNC-Phulwarisharif-Mata-Ki-Doli-2.png 650w, https://www.patnanow.com/assets/2019/08/PNC-Phulwarisharif-Mata-Ki-Doli-2-350x197.png 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>सात बजकर बीस मिनट पर आस्था की एक अनोखी तस्वीर शहर के प्रखंड मुख्यालय के सामने स्थित मां काली मंदिर से निकलते हुए जिन हजारो आँखों ने देखा वे अपने को धन्य महसूस करे रहे थे. श्री देवी स्थान माता मंदिर से शुरू हुई खप्पर परिक्रमा जहां-जहां से गुजरी माहौल भक्तिमय हो उठा. हर कोई माता के जयकारे लगाते उत्साहित हो रहे थे. क्या बच्चों क्या जवान सबका उत्साह और भक्ति देखते ही बन रहा था. इस खप्पर पूजा में हजारों की संख्या में महिलाएं भी शामिल थीं. श्रद्धालुओं का सैलाब माता के जयकारे लगाता पारंपरिक हथियार, तलवार, भाला, लाठी आदि लेकर माता काली के मंदिर से निकलकर टमटम पड़ाव, चौराहा गली, सदर बाज़ार, प्रखंड मुख्यालय मोड़ होकर वापस मंदिर पहुंचा. इस बीच पूरा इलाका जय माता दी के जयकारों से गूंजता रहा. लगभग डेढ़ किलोमीटर तक नगर भ्रमण के बाद खप्पड़ की परिक्रमा वापस मंदिर में आकर संपन्न हुई. इसके बाद ही प्रशासन ने भी थोड़ी देर के लिए रात की साँस ली. इसके बाद फिर पूजा- अर्चना के बाद आधी रात तक प्रसाद वितरण हुआ. इस अनोखे अयोजन को देखने के लिए सुबह से ही लोग संगत पर माता के मंदिर में पहुँचने लगे थे. दोपहर बाद हजारों श्रद्धलुओ के सैलाब से शहर पट गया था. सुबह से ही मंदिर में पूजन हवन चल रहा था. मंत्री श्याम रजक और सांसद राम कृपाल यादव ने माता की पुजा अर्चना की.  मंत्री ने कहा की माता सभी की मनोकामनाए पूरी करती हैं. इस प्राचीन मंदिर से उनकी आस्था जुडी हुई है. उन्होंने माता से राज्य व फुलवारीवासियों की खुशहाली की कामना की है. सांसद ने कहा माता सबकी दुख हरने वाली है. यहाँ लोगों की श्रद्धा देख अभिभूत हो जाता हूँ.<br></p>



<figure class="wp-block-image"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="366" src="https://www.patnanow.com/assets/2019/08/PNC-Phulwarisharif-Mata-Ki-Doli-3-650x366.png" alt="" class="wp-image-40521" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2019/08/PNC-Phulwarisharif-Mata-Ki-Doli-3.png 650w, https://www.patnanow.com/assets/2019/08/PNC-Phulwarisharif-Mata-Ki-Doli-3-350x197.png 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>आयोजन में राम धनी प्रसाद &#8211; अध्यक्ष , देवेन्द्र प्रसाद &#8211; सचिव स्थानीय विधायक सह मंत्री श्याम रजक, नप चेयरमैंन आफ़ताब आलम पटना सदर एसडीओ, बीडीओ जफरुद्दीन, सीओ कुमार कुंदन लाल, फुलवारी डीएसपी संजय पाण्डेय व फुलवारी थानेदार रफिकुर्रहमान समेत कई थानों की पुलिस और भारी संख्या में पुलिस फ़ोर्स मुस्तैद रही. इसके अलावा मंदिर समिति महेन्द्र पासवान  गणेष चौधरी, दीपक कुमार, मुंशी प्रसाद, जितेन्द्र कुमार (छोटु), राजेश महतो, संजय कुमार,  संतोष पाण्डेय, पुजारी, राकेश कुमार, राबिन्स  राज, उपेन्द्र पासवान, प्रेम चौधरी, बिक्की गुप्ता, रॉकी गुप्ता  व संजय कुमार ने श्रद्धालुओ का पूजन सम्पन्न कराने में अपनी महत्वपूर्ण योगदान दिया.<br>खप्पड़ पूजा को लेकर चप्पे-चप्पे पर कई थानों पुलिस की तैनाती की गई थी. अलग से महिला पुलिस बल के साथ ही सादे वर्दी में सैंकड़ो पुलिस जवानो ने आस्था की परिक्रमा पूरी कराने में घंटो पसीने बहाए.  फुलवारी से सटे सभी थानों से जवानों को बुलाया गया था. परिक्रमा शुरू होने से एक घंटा पहले ही पटना को जाने और आने वाली सभी छोटे बड़े वाहनों  को दो किलोमीटर से पहले ही रोक लगा दी गई.<br></p>



<figure class="wp-block-image"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="366" src="https://www.patnanow.com/assets/2019/08/PNC-Phulwarisharif-Mata-Ki-Doli-4-650x366.png" alt="" class="wp-image-40522" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2019/08/PNC-Phulwarisharif-Mata-Ki-Doli-4.png 650w, https://www.patnanow.com/assets/2019/08/PNC-Phulwarisharif-Mata-Ki-Doli-4-350x197.png 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p><strong>क्यों मनाते हैं यह पूजा</strong><br>इस पूजा के बारे में प्राचीन कथा है कि सन् 1818 ई0 पूर्व फुलवारीशरीफ में महामारी फैली थी जिसमें सैकड़ों लोगों की मृत्यु हो गई थी. फुलवारी में हाहाकार मच गया था. तब मंदिर के पुजारी झमेली बाबा को देवी माता सपना दिए की माँ देवी की पूजा तथा खप्पर निकालों, खप्पर से निकाली हुई सुग्ध जहाँ तक जाएगी वहाँ तक महामारी बिमारी से मुक्ति मिल जाएगी. उस वक्त बिमारी से छुटकारा पाने के लिए हर गाँव के देवी माता के मंदिर से खप्पर निकालकर गाँव की परिक्रमा कर दूसरे गाँव में रख दिया जाता था. इस पर दूसरे गाँव में खप्पर रखने से आपस में विवाद होने लगा तब फुलवारी संगत में एक ऐसी देवी माँ की मंदिर का स्थापना हुई जिसमें सातों देवीयों की प्रतिमाएँ (पिण्डी) तथा एक और देवी माँ की पिण्डी रखी गई है. वहीँ अलग एक भैरव बाबा और एक गौरैया बाबा तथा एक विधीन माता की स्थापना भी हुई, तभी से बिमारी दूर करने के लिए खप्पर पूजा निकालने की परम्परा शुरू हुई जो आज तक चल रही है.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
