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		<title>जीकेसी का विश्व के 26 देशों सहित भारत के सभी प्रान्तों में हुआ विस्तार: राजीव रंजन प्रसाद</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 04 Apr 2026 16:42:14 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[पटना।। ग्लोबल कायस्थ कॉन्फ्रेंस के राष्ट्रीय कार्यकारिणी की पटना में सम्पन्न बैठक को संबोधित करते हुए जीकेसी के ग्लोबल अध्यक्ष सह जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि जीकेसी का संगठन आज विश्व के 26 देशों सहित आज भारत के ज्यादातर प्रदेशों में बन चुका है और लगातार संगठन विस्तारीकरण के लिये देश के अलग-अलग हिस्सों में योजनाबद्ध तरीके से कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं . अपने संबोधन में बिहार के लोकप्रिय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की प्रशंसा करते हुए राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि नीतीश कुमार के द्वारा अपने कायस्थ समाज सहित समाज के सभी श्रेणी एवं वर्गों के उन्नयन एवं सुधार के लिए लगातार सफल कार्य किये जा रहे है. हमारे समाज के महान विभूति देश के प्रथम राष्ट्रपति देशरत्न डॉ राजेंद्र प्रसाद के जन्म स्थल एवं समाधी स्थल का जीर्णोधार, रख-रखाव एवं सौन्दर्यीकरण के साथ-साथ लोकनायक जयप्रकाश नारायण के जन्मस्थल एवं संपत्तियों के सौन्दर्यीकरण एवं रखरखाव का उचित प्रबंधन श्री नीतीश कुमार जी के द्वारा कराया गया है , जो प्रशंसनीय एवं सराहनीय है. इस अवसर पर जीकेसी की प्रबंध न्यासी रागिनी रंजन ने कहा कि इस संगठन के द्वारा महिला सशक्तिकरण की दिशा में अनेक कुटीर उद्योग स्थापित किये जा रहे हैं . अन्य राष्ट्रीय एवं सामाजिक दायित्वों के निर्वहन के लिए गो ग्रीन अभियान एवं जीकेसी पाठशाला भी संचालित किये जा रहे हैं .मेजर जनरल अनुज कुमार माथुर ने भारतीय स्वाधीनता संग्राम एवं देश के नव निर्माण में कायस्थ समाज की भूमिका की विस्तार से चर्चा की. बैठक को संबोधित करने [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>पटना।। ग्लोबल कायस्थ कॉन्फ्रेंस के राष्ट्रीय कार्यकारिणी की पटना में सम्पन्न बैठक को संबोधित करते हुए जीकेसी के ग्लोबल अध्यक्ष सह जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि जीकेसी का संगठन आज विश्व के 26 देशों सहित आज भारत के ज्यादातर प्रदेशों में बन चुका है और लगातार संगठन विस्तारीकरण के लिये देश के अलग-अलग हिस्सों में योजनाबद्ध तरीके से कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं .</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="1024" height="682" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/04/pnc-rajeev-ranjan-jdu-in-gkc-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-96092" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/04/pnc-rajeev-ranjan-jdu-in-gkc-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/04/pnc-rajeev-ranjan-jdu-in-gkc-650x433.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/04/pnc-rajeev-ranjan-jdu-in-gkc-1536x1023.jpg 1536w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>अपने संबोधन में बिहार के लोकप्रिय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की प्रशंसा करते हुए राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि नीतीश कुमार के द्वारा अपने कायस्थ समाज सहित समाज के सभी श्रेणी एवं वर्गों के उन्नयन एवं सुधार के लिए लगातार सफल कार्य किये जा रहे है. हमारे समाज के महान विभूति देश के प्रथम राष्ट्रपति देशरत्न डॉ राजेंद्र प्रसाद के जन्म स्थल एवं समाधी स्थल का जीर्णोधार, रख-रखाव एवं सौन्दर्यीकरण के साथ-साथ लोकनायक जयप्रकाश नारायण के जन्मस्थल एवं संपत्तियों के सौन्दर्यीकरण एवं रखरखाव का उचित प्रबंधन श्री नीतीश कुमार जी के द्वारा कराया गया है , जो प्रशंसनीय एवं सराहनीय है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="1024" height="682" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/04/pnc-gkc-meeting-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-96093" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/04/pnc-gkc-meeting-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/04/pnc-gkc-meeting-650x433.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/04/pnc-gkc-meeting-1536x1023.jpg 1536w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p> इस अवसर पर जीकेसी की प्रबंध न्यासी रागिनी रंजन ने कहा कि इस संगठन के द्वारा महिला सशक्तिकरण की दिशा में अनेक कुटीर उद्योग स्थापित किये जा रहे हैं . अन्य राष्ट्रीय एवं सामाजिक दायित्वों के निर्वहन के लिए गो ग्रीन अभियान एवं जीकेसी पाठशाला भी संचालित किये जा रहे हैं .<br>मेजर जनरल अनुज कुमार माथुर ने भारतीय स्वाधीनता संग्राम एवं देश के नव निर्माण में कायस्थ समाज की भूमिका की विस्तार से चर्चा की. बैठक को संबोधित करने वाले सर्व नवीन कुमार, डॉ आदित्य नाथ, गिरीश माथुर, सपना वर्मा, द्वीपेश भटनागर, श्वेतांक शैलकवाल, अवनीश श्रीवास्तव, दीपक अभिषेक, धनञ्जय प्रसाद, डॉ नम्रता आनन्द, राजेश कुमार डब्लू, कुमार किशोर, मुकेश महान, नवीन श्रीवास्तव, मुकेश श्रीवास्तव, शिवानी गौड़, बलिराम श्रीवास्तव, रवि सहाय, रवि शंकर प्रसाद सिन्हा, संजय कुमार सिन्हा, हरि कृपाल, शारदा श्रीवास्तव, प्रभाकर मनीष, कृष्ण कृपाल सिन्हा, मनीष कुमार, दिवाकर कुमार वर्मा, दीप दृष्टि, आलोक अभिराव, कुमार मानवेन्द्र, सुनील कुमार वर्मा , राष्ट्रीय प्रवक्ता अतुल आनन्द सन्नू थे.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="1024" height="682" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/04/pnc-gkc-rajeev-ranjan-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-96091" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/04/pnc-gkc-rajeev-ranjan-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/04/pnc-gkc-rajeev-ranjan-650x433.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/04/pnc-gkc-rajeev-ranjan-1536x1023.jpg 1536w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>बैठक की अध्यक्षता बिहार प्रदेश अध्यक्ष दीपक कुमार अभिषेक एवं धन्यवाद ज्ञापन प्रदेश महासचिव धनञ्जय प्रसाद ने किया. आशय की जानकारी देते हुए राष्ट्रीय प्रवक्ता अतुल आनन्द सन्नू ने बताया कि कल बापू सभागार देश के कला , संस्कृति, समाजसेवा एवं अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट सेवा देने वाले 26 नामी गिरामी विभूतियों को सम्मानित किया जाएगा.<br><strong><em>pncb</em></strong></p>
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		<title>कायस्थों की नाराजगी चरम पर, भाजपा के लिए मुश्किल भरी हो सकती है आगे की राह</title>
		<link>https://www.patnanow.com/naraj-hai-kayastha/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 25 Oct 2025 16:16:02 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
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					<description><![CDATA[पटना।। बिहार में कायस्थों की नाराजगी कम होती नहीं दिख रही. अब सार्वजनिक तौर पर बिहार बीजेपी से जुड़े नेताओं का विरोध भी होता नजर आ रहा है. कुम्हरार विधानसभा में अरुण कुमार सिन्हा का टिकट कटने के बाद जिस तरह किसी कायस्थ प्रत्याशी की बजाय अन्य को टिकट दिया गया उसके बाद कायस्थों की नाराजगी भाजपा के लिए मुसीबत बनती नजर आ रही है. कायस्थ अब सार्वजनिक रूप से इसका विरोध दर्ज कर रहे हैं. पटना में चित्रगुप्त पूजा के बाद मूर्ति विसर्जन के मौके पर पहुंचे भाजपा के राष्ट्रीय मंत्री ऋतुराज सिन्हा को कायस्थों की नाराजगी झेलनी पड़ी. मौके पर उपस्थित लोगों ने ऋतुराज सिन्हा से सीधा सवाल किया कि आखिर क्यों कुम्हरार विधानसभा सीट पर अरुण सिन्हा का टिकट कटने के बाद किसी कायस्थ उम्मीदवार को भाजपा ने टिकट नहीं दिया. ऋतुराज सिन्हा ने वहां मौजूद लोगों को समझाने की कोशिश की लेकिन वे लोग उनकी बातों से सहमत नहीं दिखे. वहां उपस्थित कायस्थ समाज के लोगों ने दो टूक कहा कि वह अब भाजपा को वोट नहीं देंगे. उन्होंने यहां तक कह दिया कि भाजपा के इस कदम का असर पूरे बिहार में कायस्थों के वोट बैंक पर पड़ेगा. संयोग से इस दौरान वहां जनसुराज के प्रत्याशी प्रोफेसर केसी सिन्हा भी मौजूद थे. वहां मौजूद कायस्थ जाति के लोगों ने प्रोफेसर केसी सिन्हा के समर्थन में नारे लगाए और कहा कि वह अब भाजपा की बजाय जनसुराज के उम्मीदवार प्रोफेसर केसी सिन्हा को वोट देंगे. लोगों की नाराजगी देख ऋतुराज सिन्हा को आनन-फानन में वहां से [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>पटना।। बिहार में कायस्थों की नाराजगी कम होती नहीं दिख रही. अब सार्वजनिक तौर पर बिहार बीजेपी से जुड़े नेताओं का विरोध भी होता नजर आ रहा है. कुम्हरार विधानसभा में अरुण कुमार सिन्हा का टिकट कटने के बाद जिस तरह किसी कायस्थ प्रत्याशी की बजाय अन्य को टिकट दिया गया उसके बाद कायस्थों की नाराजगी भाजपा के लिए मुसीबत बनती नजर आ रही है. कायस्थ अब सार्वजनिक रूप से इसका विरोध दर्ज कर रहे हैं.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="561" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/10/1000478390-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-92575" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/10/1000478390-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/10/1000478390-650x356.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>पटना में चित्रगुप्त पूजा के बाद मूर्ति विसर्जन के मौके पर पहुंचे भाजपा के राष्ट्रीय मंत्री ऋतुराज सिन्हा को कायस्थों की नाराजगी झेलनी पड़ी. मौके पर उपस्थित लोगों ने ऋतुराज सिन्हा से सीधा सवाल किया कि आखिर क्यों कुम्हरार विधानसभा सीट पर अरुण सिन्हा का टिकट कटने के बाद किसी कायस्थ उम्मीदवार को भाजपा ने टिकट नहीं दिया. ऋतुराज सिन्हा ने वहां मौजूद लोगों को समझाने की कोशिश की लेकिन वे लोग उनकी बातों से सहमत नहीं दिखे.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="567" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/10/1000478370-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-92574" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/10/1000478370-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/10/1000478370-650x360.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>वहां उपस्थित कायस्थ समाज के लोगों ने दो टूक कहा कि वह अब भाजपा को वोट नहीं देंगे. उन्होंने यहां तक कह दिया कि भाजपा के इस कदम का असर पूरे बिहार में कायस्थों के वोट बैंक पर पड़ेगा. संयोग से इस दौरान वहां जनसुराज के प्रत्याशी प्रोफेसर केसी सिन्हा भी मौजूद थे. वहां मौजूद कायस्थ जाति के लोगों ने प्रोफेसर केसी सिन्हा के समर्थन में नारे लगाए और कहा कि वह अब भाजपा की बजाय जनसुराज के उम्मीदवार प्रोफेसर केसी सिन्हा को वोट देंगे. लोगों की नाराजगी देख ऋतुराज सिन्हा को आनन-फानन में वहां से निकलना पड़ा.</p>



<p>इस पूरे मामले में अब सीधा फायदा जनसुराज उम्मीदवार प्रोफेसर केसी सिन्हा को होता दिख रहा है. के सी सिन्हा बिहार की जानी मानी शख्सियत हैं. जानकारी के अनुसार कायस्थों ने उन्हें ही इस बार वोट देने का मन बना लिया है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="887" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/10/1000478480-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-92580" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/10/1000478480-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/10/1000478480-650x563.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p><strong>क्या है पूरा मामला!</strong></p>



<p>​कुम्हरार पटना ही नहीं बल्कि बिहार की हॉट सीट मानी जाती है. इस विधानसभा सीट पर लंबे समय से भाजपा का कब्जा है. इसकी वजह यह है कि ये कायस्थ-बहुल सीट है. यहां के चुनाव नतीजों पर कायस्थों का वोट निर्णायक साबित होता रहा है. निवर्तमान विधायक अरुण सिन्हा (जो 2010 से लगातार विधायक रहे और 2020 में भी जीते) का टिकट काटना और उस स्थान पर गैर-कायस्थ उम्मीदवार को लाना, राजनीतिक रूप से जोखिम भरा निर्णय माना जा रहा है. कई राजनीतिक विश्लेषक भी मानते हैं कि कुम्हरार में कायस्थ मतदाताओं की निर्णायक संख्या लगभग सवा लाख से भी अधिक है.  इसके अलावा, मोतिहारी, मुजफ्फरपुर, आरा, गया, छपरा, गोपालगंज और भागलपुर जैसे जिलों में भी यह समाज निर्णायक भूमिका में है.</p>



<p>​यह सीधा संकेत देता है कि राजनीतिक दल, संभवतः भाजपा, कायस्थ समाज को अपना &#8216;मजबूरन सपोर्टर&#8217; समझने की गलती कर रहे हैं. यदि पार्टी कायस्थों को केवल संख्यात्मक दृष्टिकोण से कमतर आंकती है, तो यह &#8216;गुणात्मक दृष्टिकोण&#8217; की अनदेखी है. यह वही गलती हो सकती है, जिसकी ओर राजनीतिक विश्लेषक&#8217;अस्तित्व विहिन&#8217; होने की चेतावनी देते हैं. </p>



<p><em><strong>OP Pandey</strong></em></p>
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		<title>ड्राई फ्रूट्स से बनी भगवान चित्रगुप्त की मूर्ति बनी आकर्षण का केंद्र</title>
		<link>https://www.patnanow.com/dryfruits-statue-of-chitragupta/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 24 Oct 2025 05:51:43 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[सुख समृद्धि]]></category>
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					<description><![CDATA[कायस्थों ने विधि-विधान से की श्री चित्रगुप्त की पूजा फुलवारी शरीफ, अजीत।। राजधानी पटना में चित्रगुप्त पूजा का उत्सव इस बार अनोखे अंदाज़ में मनाया गया. बहादुरपुर हाउसिंग कॉलोनी, भूतनाथ स्थित कायस्थ चित्रगुप्त सेना बिहार प्रदेश द्वारा इस वर्ष भगवान श्रीचित्रगुप्त की ड्राई फ्रूट्स से बनी भव्य मूर्ति स्थापित की गई, जो पूरे शहर में चर्चा का विषय बनी हुई है. पूजा के दौरान कलम-दवात, खाता-बही, नोटबुक और कागज की विधिवत पूजा की गई. बड़ी संख्या में श्रद्धालु, विभिन्न समुदायों के लोग और कई राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे और प्रसाद ग्रहण किया. कार्यक्रम के दौरान इस अनोखी ड्राई फ्रूट्स से बनी भगवान चित्रगुप्त की मूर्ति श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बनी रही. कायस्थ चित्रगुप्त सेना बिहार प्रदेश के सेनाध्यक्ष पाण्डेय अखिलेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि पूजा चंद्रा बैंक्वेट हॉल, भूतनाथ, पटना में आयोजित की गई थी. प्रतिमा निर्माण में काजू, पिस्ता, किशमिश और खीरा के बीज सहित कई प्रकार के ड्राई फ्रूट्स का प्रयोग किया गया. मूर्तिकार जितेंद्र ने इस प्रतिमा को करीब पंद्रह हजार ड्राई फ्रूट्स से तैयार किया है. भगवान चित्रगुप्त के सिर और हाथों को पिस्ते के छिलकों से बनाया गया है, जबकि पोशाक काजू की बाहरी परत से तैयार की गई है. मूर्ति के बैकग्राउंड में तेजपत्ता का उपयोग किया गया है, जो इसे और भी आकर्षक बनाता है.]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>कायस्थों ने विधि-विधान से की श्री चित्रगुप्त की पूजा</strong> </p>



<p>फुलवारी शरीफ, अजीत।। राजधानी पटना में चित्रगुप्त पूजा का उत्सव इस बार अनोखे अंदाज़ में मनाया गया. बहादुरपुर हाउसिंग कॉलोनी, भूतनाथ स्थित कायस्थ चित्रगुप्त सेना बिहार प्रदेश द्वारा इस वर्ष भगवान श्रीचित्रगुप्त की ड्राई फ्रूट्स से बनी भव्य मूर्ति स्थापित की गई, जो पूरे शहर में चर्चा का विषय बनी हुई है. पूजा के दौरान कलम-दवात, खाता-बही, नोटबुक और कागज की विधिवत पूजा की गई. बड़ी संख्या में श्रद्धालु, विभिन्न समुदायों के लोग और कई राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे और प्रसाद ग्रहण किया.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="592" height="876" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/10/1000474667.jpg" alt="" class="wp-image-92552" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/10/1000474667.jpg 592w, https://www.patnanow.com/assets/2025/10/1000474667-439x650.jpg 439w" sizes="auto, (max-width: 592px) 100vw, 592px" /></figure>



<p>कार्यक्रम के दौरान इस अनोखी ड्राई फ्रूट्स से बनी भगवान चित्रगुप्त की मूर्ति श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बनी रही.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="576" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/10/1000474622-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-92553" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/10/1000474622-scaled.jpg 576w, https://www.patnanow.com/assets/2025/10/1000474622-366x650.jpg 366w" sizes="auto, (max-width: 576px) 100vw, 576px" /></figure>



<p>कायस्थ चित्रगुप्त सेना बिहार प्रदेश के सेनाध्यक्ष पाण्डेय अखिलेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि पूजा चंद्रा बैंक्वेट हॉल, भूतनाथ, पटना में आयोजित की गई थी. प्रतिमा निर्माण में काजू, पिस्ता, किशमिश और खीरा के बीज सहित कई प्रकार के ड्राई फ्रूट्स का प्रयोग किया गया. मूर्तिकार जितेंद्र ने इस प्रतिमा को करीब पंद्रह हजार ड्राई फ्रूट्स से तैयार किया है. भगवान चित्रगुप्त के सिर और हाथों को पिस्ते के छिलकों से बनाया गया है, जबकि पोशाक काजू की बाहरी परत से तैयार की गई है. मूर्ति के बैकग्राउंड में तेजपत्ता का उपयोग किया गया है, जो इसे और भी आकर्षक बनाता है.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>अशोक नगर में कायस्थ समाज ने हर्षोल्लास के साथ मनाया चित्रगुप्त पूजनोत्सव</title>
		<link>https://www.patnanow.com/chitragupta-parishad-pooja/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 27 Oct 2022 17:36:20 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[PATNA]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[सुख समृद्धि]]></category>
		<category><![CDATA[Chitragupta Parishad]]></category>
		<category><![CDATA[kayastha]]></category>
		<category><![CDATA[Pooja]]></category>
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					<description><![CDATA[चित्रगुप्त पूजा के अवसर पर आज कायस्थ समाज के लोगों ने पूरी श्रद्धा के साथ भगवान चित्रगुप्त की पूजा की. पटना के अशोकनगर चित्रगुप्त परिषद ने अपनी स्थापना के 53वें वर्ष में श्री चित्रगुप्त पूजानोत्सव का कार्यक्रम चित्रगुप्त मंदिर अशोक नगर में हर्षोल्लास के साथ मनाया. आज सुबह 11:00 बजे से मंदिर परिसर में सैकड़ों की संख्या में चित्रांश समाज के लोगों ने कलम के देवता भगवान श्रीचित्रगुप्त की पूजा अर्चना की और अपने इष्ट देवता के समक्ष साल भर के आय-व्यय का लेखा जोखा रखा. परिषद के पूजन कार्यक्रम में यजमान के रूप में अशोकनगर चित्रगुप्त परिषद के अध्यक्ष राजीव रंजन थे. इस अवसर पर सामूहिक का भी अयोजन किया गया जिसमें हजारों की संख्या में सभी वर्ग एवम् समाज के लोगों ने लजीज व्यंजन का भरपूर लुत्फ उठाया. संध्या काल में अशोकनगर चित्रगुप्त परिषद के महिला मंच द्वारा भजन कीर्तन किया गया. अशोकनगर चित्रगुप्त परिषद के समस्त कार्यक्रमों में कई गणमान्य लोगों ने शिरकत की. अशोकनगर चित्रगुप्त परिषद के अध्यक्ष राजीव रंजन ने बताया कि पूर्व केंद्रीय मंत्री सह सांसद, पटना रविशंकर प्रसाद, पूर्व केंद्रीय मंत्री सह सांसद, पाटलिपुत्र रामकृपाल यादव, पूर्व राज्यसभा सांसद आर के सिन्हा, राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी, स्थानीय विधायक अरुण कुमार सिन्हा, बीजेपी विधायक नितिन नवीन, पूर्व विधान पार्षद कुमार राकेश रंजन, प्रख्यात चिकित्सक डॉ नरेंद्र प्रसाद, डॉ गोपाल प्रसाद सिन्हा, जदयू प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और भगवान चित्रगुप्त की पूजा अर्चना की. अशोकनगर चित्रगुप्त परिषद के उपाध्यक्ष राकेश रौशन बबलू, सचिव त्रिपुरारी शरण, अमिताभ ने पूजा कार्यक्रम [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>चित्रगुप्त पूजा के अवसर पर आज कायस्थ समाज के लोगों ने पूरी श्रद्धा के साथ भगवान चित्रगुप्त की पूजा की. पटना के अशोकनगर चित्रगुप्त परिषद ने अपनी स्थापना के 53वें वर्ष में श्री चित्रगुप्त पूजानोत्सव का कार्यक्रम चित्रगुप्त मंदिर अशोक नगर में हर्षोल्लास के साथ मनाया. </p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="450" height="600" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/10/pnc-Chitragupta-bhagwan-Murti.jpg" alt="" class="wp-image-68096" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/10/pnc-Chitragupta-bhagwan-Murti.jpg 450w, https://www.patnanow.com/assets/2022/10/pnc-Chitragupta-bhagwan-Murti-263x350.jpg 263w" sizes="auto, (max-width: 450px) 100vw, 450px" /></figure>



<p>आज सुबह 11:00 बजे से मंदिर परिसर में सैकड़ों की संख्या में चित्रांश समाज के लोगों ने कलम के देवता भगवान श्रीचित्रगुप्त की पूजा अर्चना की और अपने इष्ट देवता के समक्ष साल भर के आय-व्यय का लेखा जोखा रखा. परिषद के पूजन कार्यक्रम में यजमान के रूप में अशोकनगर चित्रगुप्त परिषद के अध्यक्ष राजीव रंजन थे. इस अवसर पर सामूहिक का भी अयोजन किया गया जिसमें हजारों की संख्या में सभी वर्ग एवम् समाज के लोगों ने लजीज व्यंजन का भरपूर लुत्फ उठाया. </p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="450" height="600" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/10/pnc-samuhik-bhoj-at-Ashok-Nagar-chitragupta-Parishad.jpg" alt="" class="wp-image-68097" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/10/pnc-samuhik-bhoj-at-Ashok-Nagar-chitragupta-Parishad.jpg 450w, https://www.patnanow.com/assets/2022/10/pnc-samuhik-bhoj-at-Ashok-Nagar-chitragupta-Parishad-263x350.jpg 263w" sizes="auto, (max-width: 450px) 100vw, 450px" /></figure>



<p>संध्या काल में अशोकनगर चित्रगुप्त परिषद के महिला मंच द्वारा भजन कीर्तन किया गया.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="488" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/10/pnc-2022-ashok-nagar-chitragupta-Parishad.jpg" alt="" class="wp-image-68093" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/10/pnc-2022-ashok-nagar-chitragupta-Parishad.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/10/pnc-2022-ashok-nagar-chitragupta-Parishad-350x263.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>अशोकनगर चित्रगुप्त परिषद के समस्त कार्यक्रमों में कई गणमान्य लोगों ने शिरकत की. </p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="405" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/10/pnc-ravishankar-Prasad-at-Ashok-Nagar-chitragupta-Parishad.jpg" alt="" class="wp-image-68094" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/10/pnc-ravishankar-Prasad-at-Ashok-Nagar-chitragupta-Parishad.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/10/pnc-ravishankar-Prasad-at-Ashok-Nagar-chitragupta-Parishad-350x218.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>अशोकनगर चित्रगुप्त परिषद के अध्यक्ष राजीव रंजन ने बताया कि पूर्व केंद्रीय मंत्री सह सांसद, पटना रविशंकर प्रसाद, पूर्व केंद्रीय मंत्री सह सांसद, पाटलिपुत्र रामकृपाल यादव, पूर्व राज्यसभा सांसद आर के सिन्हा, राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी, स्थानीय विधायक अरुण कुमार सिन्हा, बीजेपी विधायक नितिन नवीन, पूर्व विधान पार्षद कुमार राकेश रंजन, प्रख्यात चिकित्सक डॉ नरेंद्र प्रसाद, डॉ गोपाल प्रसाद सिन्हा, जदयू प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और भगवान चित्रगुप्त की पूजा अर्चना की.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="578" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/10/pnc-Nitin-Naveen-at-Ashok-Nagar-chitragupta-Parishad.jpg" alt="" class="wp-image-68095" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/10/pnc-Nitin-Naveen-at-Ashok-Nagar-chitragupta-Parishad.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/10/pnc-Nitin-Naveen-at-Ashok-Nagar-chitragupta-Parishad-350x311.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>अशोकनगर चित्रगुप्त परिषद के उपाध्यक्ष राकेश रौशन बबलू, सचिव त्रिपुरारी शरण, अमिताभ ने पूजा कार्यक्रम संचालन किया एवम् परिषद के सदस्यगण राकेश कुमार वर्मा, सुरेंद्र कुमार, अरुण कुमार श्रीवास्तव, अनूप कुमार अनुपम, सुधीर कुमार कर्ण, राकेश कुमार, विपिन बिहारी, मनीष कुमार, रंजन कुमार श्रीवास्तव, आनंद कुमार सिन्हा, इत्यादि ने अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया. युवा मंच के अध्यक्ष आकाश कुमार, सचिव सौरव कुमार सिन्हा, सागर आनंद, सुनील कुमार सिन्हा, अभिषेक सौरव, उत्पल विशाल, नवनीत विजय, एवम् अन्य कई चित्रांशों ने अपना सक्रिय योगदान दिया.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
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			</item>
		<item>
		<title>शिक्षित राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले कायस्थ समाज की उपेक्षा क्यों : राजीव रंजन</title>
		<link>https://www.patnanow.com/puchta-hai-kayastha-gkc/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 12 Jul 2021 10:06:17 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश दुनिया]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[GKC]]></category>
		<category><![CDATA[kayastha]]></category>
		<category><![CDATA[जीकेसी]]></category>
		<category><![CDATA[पूछता है कायस्थ]]></category>
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					<description><![CDATA[ग्लोबल कायस्थ कॉन्फ्रेंस के सौजन्य से “पूछता है कायस्थ” सत्र का आयोजन पटना (नयी दिल्ली), 12 जुलाई।। कायस्थों को धीरे-धीरे राजनीति में महत्वपूर्ण भागीदारी से वंचित किए जाने के विरोध में कायस्थ समाज ने अब अपनी आवाज बुलंद करनी शुरू कर दी है. सांस्कृतिक, शैक्षणिक, सामाजिक और राजनीतिक उत्थान के लिए संकल्पित विश्वस्तरीय संगठन ग्लोबल कायस्थ कॉन्फ्रेंस (जीकेसी) इसी क्रम में “पूछता है कायस्थ” सत्र का आयोजन किया, जिसमें कायस्थों के हर क्षेत्र में विकास के अलावा राष्ट्रीय प्रांतीय स्तर पर राजनीति में कायस्थों की उपेक्षा के सवाल पर विस्तृत रूप से चर्चा की गयी. जीकेसी के सौजन्य से कायस्थ समाज के सर्वांगीण विकास को लेकर वर्चुअल सत्र “पूछता है कायस्थ” का आयोजन किया गया, जिसमें बतौर मुख्य अतिथि पूर्व रेल राज्यमंत्री और कांग्रेस वर्किंग कमिटी सदस्यभक्त चरण दास को आमंत्रित किया गया. सत्र के दौरान उन्होंने विभिन्न पहलुओं पर अपनी राय रखी, वहीं उन्होंने कायस्थ समाज से जुड़े लोगों के सवालों के जवाब दिये. वर्चुअल सत्र में मॉडरेटर के रूप में जीकेसी राजनीतिक प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष मिहिर भोले और राजस्थान जीकेसी के प्रदेश अध्यक्ष अनुराग सक्सेना मौजूद थे. सत्र का संचालन जीकेसी डिजिटल-तकनीकी के ग्लोबल अध्यक्ष आनंद सिन्हा, डिजिटल-तकनीकी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नवीन श्रीवास्तव एवं डिजिटल-तकनीकी के ग्लोबल महासचिव सौरभ श्रीवास्तव ने निभायी. उक्त अवसर पर जीकेसी के विभिन्न राज्यों एवं अनेक देशों के प्रतिनिधियों ने अपने विचार रखे. सबों ने एक स्वर में कहा कि कायस्थ समाज क्षमता, मेधा, योग्यता, संख्या बल एवं तमाम सकारात्मक गुण होने के बाद भी पिछड़ता चला जा रहा है. इसके कहीं [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><em>ग्लोबल कायस्थ कॉन्फ्रेंस के सौजन्य से “पूछता है कायस्थ” सत्र का आयोजन</em></p>



<p>पटना (नयी दिल्ली), 12 जुलाई।।</p>



<p>कायस्थों को धीरे-धीरे राजनीति में महत्वपूर्ण भागीदारी से वंचित किए जाने के विरोध में कायस्थ समाज ने अब अपनी आवाज बुलंद करनी शुरू कर दी है. सांस्कृतिक, शैक्षणिक, सामाजिक और राजनीतिक उत्थान के लिए संकल्पित विश्वस्तरीय संगठन ग्लोबल कायस्थ कॉन्फ्रेंस (जीकेसी) इसी क्रम में “पूछता है कायस्थ” सत्र का आयोजन किया, जिसमें कायस्थों के हर क्षेत्र में विकास के अलावा राष्ट्रीय प्रांतीय स्तर पर राजनीति में कायस्थों की उपेक्षा के सवाल पर विस्तृत रूप से चर्चा की गयी.</p>



<p>जीकेसी के सौजन्य से कायस्थ समाज के सर्वांगीण विकास को लेकर वर्चुअल सत्र “पूछता है कायस्थ” का आयोजन किया गया, जिसमें बतौर मुख्य अतिथि पूर्व रेल राज्यमंत्री और कांग्रेस वर्किंग कमिटी सदस्य<br>भक्त चरण दास को आमंत्रित किया गया. सत्र के दौरान उन्होंने विभिन्न पहलुओं पर अपनी राय रखी, वहीं उन्होंने कायस्थ समाज से जुड़े लोगों के सवालों के जवाब दिये. वर्चुअल सत्र में मॉडरेटर के रूप में जीकेसी राजनीतिक प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष मिहिर भोले और राजस्थान जीकेसी के प्रदेश अध्यक्ष अनुराग सक्सेना मौजूद थे.</p>



<p>सत्र का संचालन जीकेसी डिजिटल-तकनीकी के ग्लोबल अध्यक्ष आनंद सिन्हा, डिजिटल-तकनीकी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नवीन श्रीवास्तव एवं डिजिटल-तकनीकी के ग्लोबल महासचिव सौरभ श्रीवास्तव ने निभायी.</p>



<p>उक्त अवसर पर जीकेसी के विभिन्न राज्यों एवं अनेक देशों के प्रतिनिधियों ने अपने विचार रखे. सबों ने एक स्वर में कहा कि कायस्थ समाज क्षमता, मेधा, योग्यता, संख्या बल एवं तमाम सकारात्मक गुण होने के बाद भी पिछड़ता चला जा रहा है. इसके कहीं ना कहीं जिम्मेदार हम ही हैं. यदि कायस्थ समाज समय रहते अब नहीं चेता तो पिछड़ता चला जाएगा.</p>



<p>बिहार , मिजोरम और मणिपुर एआईसीसी प्रभारी भक्त चरण दास ने कहा कि समाज में कायस्थों का स्थान हमेशा रहा है. मंडल आयोग के बाद, धार्मिक प्रतिद्वंद्विता पैदा हुई. हमेशा कायस्थों को बांटने की कोशिश की गई और कायस्थ अब अपनी सफलता के पथ से दूर हो गए हैं. कायस्थों को भी न्याय की आवश्यकता होती है, जिसके लिए सभी कायस्थों को हाथ मिलाकर पूर्वव्यापी समीक्षा करने की आवश्यकता है. कायस्थ कोई जाति नहीं बल्कि सफलता का सूत्र है, जहां वे हमेशा चीजों को होने में विश्वास रखते हैं. मुझे विश्वास है कि कायस्थ एक नई शुरुआत कर सकते हैं और इतिहास रच सकते हैं क्योंकि वे हमेशा समाज में सबसे आगे चलने वाले रहे हैं. कायस्थों ने राष्ट्र निर्माण के साथ-साथ संविधान निर्माण में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. यह समाज के दबे कुचले वर्ग, पिछड़ी जातियाँ, अल्पसंख्यक समुदाय के साथ समाज के अन्य समुदायों के उत्थान में अपनी अग्रणी भूमिका का निर्वहन करते आया है. कायस्थ समाज को किसी भी राजनीतिक दल का पिछलग्गू बनना बंद कर देना चाहिए.</p>



<p>जीकेसी के ग्लोबल अध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि कायस्थ समाज एक प्रबुद्ध समाज है. कायस्थ समाज एक सामाजिक एवं प्रगतिशील समाज है. इस समाज ने सदैव ही समाज के हर वर्ग और समुदाय को साथ लेकर चलने, उनका उत्थान करने का काम किया है. कायस्थ समाज ने सत्ता के संचरण के साथ-साथ राष्ट्र निर्माण में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन किया है.</p>



<p>उन्होंने कहा कि महाराज ललितादित्य, महाराज प्रतापादित्य ने अपने नेतृत्व से राष्ट्र को नई दिशा देने का काम किया है. सुभाष चंद्र बोस, चितरंजन दास, सूर्यसेन समेत अनेक कायस्थ स्वतंत्रता सेनानियों ने अनेक अवसरों पर स्वतंत्रता आंदोलन में अंग्रेजों से लोहा लेने का काम किया है. फिर भी इतिहासकारों ने हमेशा से कायस्थ समाज के योगदान और भूमिका के साथ छल करने का काम किया है. कायस्थ एक वैश्विक समूह है और इस देश में ही नहीं कायस्थ यूएसए, यूके समय अनेक देशों के साथ-साथ नासा, सिलिकॉन वैली में भी महत्वपूर्ण स्थानों पर है और अपनी महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन कर रहा है.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="604" height="404" src="https://www.patnanow.com/assets/2021/07/pnc-GKC-kayastha-rajeev-ranjan.jpg" alt="" class="wp-image-54053" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2021/07/pnc-GKC-kayastha-rajeev-ranjan.jpg 604w, https://www.patnanow.com/assets/2021/07/pnc-GKC-kayastha-rajeev-ranjan-350x234.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 604px) 100vw, 604px" /></figure>



<p>राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि भारतवर्ष का स्वर्णिम इतिहास चाहे वह प्राचीन, मध्य इतिहास हो या आधुनिक इतिहास, साक्षी है कायस्थ समाज की विभूतियों के योगदान की कोई अनदेखी नहीं कर सकता है. देश के पहले राष्ट्रपति डा. राजेन्द्र प्रसाद और दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर<br>शास्त्री कायस्थ थे. बिहार के गौरवशाली निर्माण में कायस्थ की महत्वपूर्ण भूमिका रही है. हमारे गौरवशाली इतिहास में राजा महाराजा ही नही , शिक्षाविद , न्यायविद, प्रतिभाशाली पत्रकार , चिकित्सक, कलाकार,या यूं कहें कि हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन देने वाले एक से एक कुल विभूति हुये हैं. आज हमें अपनी समृद्ध जनसंख्या को एकजुटकर के इतिहास गढ़ने की क्षमता को समझना होगा. अपने कुल और पूर्वजों के गौरवमयी इतिहास से प्रेरित होते हुए राजनैतिक तौर पर भी चैतन्य होने की आवश्यकता है.</p>



<p>कार्यक्रम का प्रारम्भ अनुराग सक्सेना ने किया. उन्होंने कहा, कायस्थ समाज को विभिन्न राजनैतिक दलों की उपेक्षा ने इस तरह क्षुब्ध किया है कि समाज यह सोचने को मजबूर है कि आख़िर इसका क्या कारण है? पूछता है कायस्थ एक मंच है जहाँ सभी दलों के प्रतिनिधि नेतागण अपना विचार रखेंगे और समाज अपने सशक्तिकरण से जुड़े प्रश्न उनके समक्ष उपस्थित करेगा. कायस्थ समाज इतना विवेकशील है कि वह चयन कर सके कि क्या देश और समाज के लिए उपयुक्त है, कौन विश्वास योग्य है और किसके पक्ष में खड़ा होना समाज के हित में है. हमें लक्ष्यभेद का ज्ञान है, इसलिए अब यह अभियान नहीं रुकेगा, लक्ष्य तक पहुँचने के पूर्व कोई विश्राम नहीं होगा. सत्ता में आने पर हिस्सेदारी से लेकर, संगठन और टिकिटों की दृष्टि से कायस्थ समाज को प्रतिनिधित्व देने के लिए आवश्यक रोड मैप भी बताना चाहिए.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="556" src="https://www.patnanow.com/assets/2021/07/pnc-gkc-webinar-on-kayastha-650x556.jpg" alt="" class="wp-image-54054" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2021/07/pnc-gkc-webinar-on-kayastha-650x556.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2021/07/pnc-gkc-webinar-on-kayastha-350x299.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2021/07/pnc-gkc-webinar-on-kayastha.jpg 720w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>जीकेसी राजनीतिक प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष मिहिर भोले ने कहा कि वर्चुअल सत्र की इस बात को बड़ी गम्भीरता से महसूस किया जा रहा है कि कायस्थ भारतीय राजनीति में उपेक्षा के शिकार हो रहे हैं. स्वतंत्रता संग्राम से लेकर कुछ दशकों पहले तक भारतीय राजनीति के पटल पर हमारी उपस्थिति और पहचान दोनों क़ायम थी. कायस्थ, जिन्होंने भारतीय संविधान को बनाने से लेकर देश के सामाजिक, सांस्कृतिक, वैज्ञानिक, प्रशासनिक सभी क्षेत्रों में अपना भरपूर योगदान दिया आज राजनैतिक हाशिए पर हैं . तो क्या हम इस काबिल नहीं कि देश की मौजूदा राजनैतिक प्रक्रिया के भागीदार हों और असेम्बली, पार्लियामेंट, अन्य इलेक्टेड बॉडीज या फिर राजनैतिक पार्टियों के संगठन के पदों के लिए नामित किए जाएँ? ये पूछता है कायस्थ.</p>



<p><em><strong>जितेन्द्र कुमार सिन्हा</strong></em></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>आप कितना जानते हैं इन्हें!</title>
		<link>https://www.patnanow.com/gkc-on-dr-rajendra-prasad/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 06 Jul 2021 04:14:41 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Politics]]></category>
		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[देश दुनिया]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[Dr rajendra prasad]]></category>
		<category><![CDATA[First indian president]]></category>
		<category><![CDATA[GKC]]></category>
		<category><![CDATA[kayastha]]></category>
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					<description><![CDATA[26 जनवरी, 1950 को जब भारत को संविधान के रूप में एक गणतंत्र राष्ट्र का दर्जा दिया गया उसी दिन डॉ. राजेन्द्र प्रसाद के रूप में स्वतंत्र भारत को पहला राष्ट्रपति भी प्राप्त हुआ. राजेन्द्र प्रसाद का जन्म 3 दिसंबर, 1884 को बिहार के एक छोटे से गांव जीरादेई में हुआ था.एक बड़े संयुक्त परिवार के सबसे छोटे सदस्य होने के कारण इनका बचपन बहुत प्यार और दुलार से बीता. संयुक्त परिवार होने के कारण पारिवारिक सदस्यों के आपसी संबंध बेहद मधुर और गहरे थे. इनके पिता का नाम महादेव सहाय था. डॉ राजेंद्र प्रसाद की प्रारंभिक शिक्षा उन्हीं के गांव जीरादेई में हुई. उस समय यह रिवाज था कि शिक्षा का आरंभ फारसी भाषा से ही किया जाएगा. इसीलिए राजेंद्र प्रसाद और उनके चचेरे भाइयों को पढ़ाने एक मौलवी आते थे. पढ़ाई की तरफ इनका रुझान बचपन से ही था. बाल-विवाह की परंपरा का अनुसरण करते हुए मात्र 12 वर्ष की आयु में इनका विवाह राजवंशी देवी से संपन्न हुआ. राजेंद्र प्रसाद जी ने अपने लगातार खराब रहने वाले स्वास्थ्य का असर अपनी पढ़ाई पर नहीं पड़ने दिया. आगे की पढ़ाई के लिए उन्होंने कलकत्ता विश्विद्यालय की प्रवेश परीक्षा में पहला स्थान प्राप्त किया. उन्हें 30 रूपए महीने की छात्रवृत्ति भी प्रदान की गई. जीरादेई गांव से पहली बार किसी युवक ने कलकत्ता विश्विद्यालय में प्रवेश पाने में सफलता प्राप्त की थी जो निश्चित ही राजेंद्र प्रसाद और उनके परिवार के लिए गर्व की बात थी. सन 1902 में उन्होंने कलकत्ता प्रेसिडेंसी कॉलेज में प्रवेश लिया. सन 1915 में [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>26 जनवरी, 1950 को जब भारत को संविधान के रूप में एक गणतंत्र राष्ट्र का दर्जा दिया गया उसी दिन डॉ. राजेन्द्र प्रसाद के रूप में स्वतंत्र भारत को पहला राष्ट्रपति भी प्राप्त हुआ. राजेन्द्र प्रसाद का जन्म 3 दिसंबर, 1884 को बिहार के एक छोटे से गांव जीरादेई में हुआ था.<br>एक बड़े संयुक्त परिवार के सबसे छोटे सदस्य होने के कारण इनका बचपन बहुत प्यार और दुलार से बीता. संयुक्त परिवार होने के कारण पारिवारिक सदस्यों के आपसी संबंध बेहद मधुर और गहरे थे. इनके पिता का नाम महादेव सहाय था. डॉ राजेंद्र प्रसाद की प्रारंभिक शिक्षा उन्हीं के गांव जीरादेई में हुई. उस समय यह रिवाज था कि शिक्षा का आरंभ फारसी भाषा से ही किया जाएगा. इसीलिए राजेंद्र प्रसाद और उनके चचेरे भाइयों को पढ़ाने एक मौलवी आते थे. पढ़ाई की तरफ इनका रुझान बचपन से ही था. बाल-विवाह की परंपरा का अनुसरण करते हुए मात्र 12 वर्ष की आयु में इनका विवाह राजवंशी देवी से संपन्न हुआ. राजेंद्र प्रसाद जी ने अपने लगातार खराब रहने वाले स्वास्थ्य का असर अपनी पढ़ाई पर नहीं पड़ने दिया. आगे की पढ़ाई के लिए उन्होंने कलकत्ता विश्विद्यालय की प्रवेश परीक्षा में पहला स्थान प्राप्त किया. उन्हें 30 रूपए महीने की छात्रवृत्ति भी प्रदान की गई. जीरादेई गांव से पहली बार किसी युवक ने कलकत्ता विश्विद्यालय में प्रवेश पाने में सफलता प्राप्त की थी जो निश्चित ही राजेंद्र प्रसाद और उनके परिवार के लिए गर्व की बात थी. सन 1902 में उन्होंने कलकत्ता प्रेसिडेंसी कॉलेज में प्रवेश लिया. सन 1915 में कानून में मास्टर की डिग्री में विशिष्टता पाने के लिए राजेन्द्र प्रसाद को सोने का मेडल मिला. इसके बाद उन्होंने कानून में डॉक्टरेट की उपाधि भी प्राप्त की.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="433" height="600" src="https://www.patnanow.com/assets/2021/07/pnc-dr-rajendra-prasad.jpg" alt="" class="wp-image-53777" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2021/07/pnc-dr-rajendra-prasad.jpg 433w, https://www.patnanow.com/assets/2021/07/pnc-dr-rajendra-prasad-253x350.jpg 253w" sizes="auto, (max-width: 433px) 100vw, 433px" /></figure>



<p>डॉ राजेन्द्र प्रसाद का राजनैतिक सफर स्वदेशी आंदोलन के साथ तभी शुरू हो गया था जब उन्होंने गांधी जी से प्रेरित हो विदेशी कपड़ों की आहुति दे दी थी. गोपाल कृष्ण गोखले ने 1905 में सर्वेंट्स ऑफ इण्डिया सोसायटी की शुरुआत की तब राजेंद्र प्रसाद को इसमें सदस्यता लेने के लिए बहुत प्रेरित किया. लेकिन परिवारवालों की इच्छा के विरुद्ध वह कोई भी कदम उठाना नहीं चाहते थे इसलिए उनका प्रस्ताव ठुकरा दिया. इस बीच कानून की डिग्री प्राप्त करने के बाद राजेन्द्र प्रसाद कई प्रसिद्ध वक़ीलों, विद्वानों और लेखकों से मिले. अब तक वह भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य भी बन गए थे. एक समर्पित कार्यकर्ता की छवि के चलते वह जल्द ही गांधी जी के संपर्क में आ गए थे. यही उनके राजनैतिक जीवन की एक सुनहरी शुरुआत थी. चम्पारन आंदोलन के दौरान राजेन्द्र प्रसाद गांधी जी के वफादार साथी बन गए थे. गांधी जी के प्रभाव में आने के बाद उन्होंने अपने पुराने और रूढिवादी विचारधारा का त्याग कर दिया और एक नई ऊर्जा के साथ स्वतंत्रता आंदोलन में अपनी भागीदारी सुनिश्चित की. राजेन्द्र प्रसाद राष्ट्रीय कॉग्रेस से एक से अधिक बार अध्यक्ष भी रहे. वह संविधान सभा के स्थायी अध्यक्ष थे। उन्होंने संविधान निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। भले ही 15 अगस्त, 1947 को भारत को स्वतंत्रता प्राप्त हुई लेकिन संविधान सभा का गठन उससे कुछ समय पहले ही कर लिया गया था. जिसके अध्यक्ष डॉ राजेन्द्र प्रसाद थे. 26 जनवरी, 1950 को भारत गणतंत्र बना और देश को अपना पहला राष्ट्रपति मिल गया.<br>डॉ राजेन्द्र प्रसाद भारत के एकमात्र राष्ट्रपति थे, जिन्होंने लगातार दो बार राष्ट्रपति का पद प्राप्त किया. राष्ट्रपति के पद पर रहते हुए राजेन्द्र प्रसाद ने सद्भावना के उद्देश्य से कई देशों की यात्राएं भी कीं. उन्होंने इस आण्विक युग में शांति बनाए रखने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया. सन 1962 में अपने राजनैतिक और सामाजिक योगदान के लिए उन्हें भारत के सर्वश्रेष्ठ नागरिक सम्मान “भारत रत्न” से नवाजा गया. डॉ राजेन्द्र प्रसाद का निधन राजनीति से सन्यास लेने के बाद राजेन्द्र प्रसाद ने अपना जीवन पटना के सदाकत आश्रम में बिताया जहां 28 फरवरी, 1963 को उनका निधन हो गया.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="534" height="600" src="https://www.patnanow.com/assets/2021/07/pnc-rajeev-ranjan-gkc.jpg" alt="" class="wp-image-53780" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2021/07/pnc-rajeev-ranjan-gkc.jpg 534w, https://www.patnanow.com/assets/2021/07/pnc-rajeev-ranjan-gkc-312x350.jpg 312w" sizes="auto, (max-width: 534px) 100vw, 534px" /><figcaption><strong>राजीव रंजन</strong></figcaption></figure>



<p><strong><em>साभार राजीव रंजन, GKC</em></strong></p>
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		<title>नहीं रहे रविनंदन सहाय, सीएम ने जताया शोक</title>
		<link>https://www.patnanow.com/kayastha-ravinandan-sahay-dies/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 24 Feb 2021 18:12:32 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[PATNA]]></category>
		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[kayastha]]></category>
		<category><![CDATA[Ravi nandan sahay]]></category>
		<category><![CDATA[रविनंदन सहाय]]></category>
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					<description><![CDATA[अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के अध्यक्ष एवं जाने-माने समाजसेवी थे रविनंदन सहाय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के अध्यक्ष एवं जाने-माने समाजसेवी रविनंदन सहाय के निधन पर गहरी शोक-संवेदना व्यक्त की है. अपने शोक-संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि स्व रविनंदन सहाय प्रसिद्ध समाजसेवी एवं कुशल संगठनकर्ता थे. वे देश एवं विदेश की कई संस्थाओं से भी सक्रिय तौर पर जुड़े रहे थे. अखिल भारतीय कायस्थ महासभा को संगठित करने में भी उनकी भूमिका काफी महत्वपूर्ण रही. उनके निधन से सामाजिक, शैक्षणिक एवं सांगठनिक क्षेत्र में अपूरणीय क्षति हुयी है. मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की चिर शान्ति तथा उनके परिजनों को दुःख की इस घड़ी में धैर्य धारण करने की शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की है. बिहार के उप मुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद ने भी रवि नंदन सहाय के निधन पर गहरी शोक संवेदना प्रकट की है. उप मुख्यमंत्री ने स्वर्गीय रविनंदन सहाय के आवास पहुंचकर पार्थिव शरीर पर श्रद्धांजलि अर्पित की तथा उनकी आत्मा की चिर शांति एवं दु:ख की इस घड़ी में उनके समस्त परिजनों को संबल प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की है. बता दें कि बाघी स्टेट के वारिस, तिरहुत शारीरिक शिक्षण महाविद्यालय, श्याम नंदन सहाय महाविद्यालय, के एन सहाय इंस्टीट्यूट ऑफ इनवायरमेंट एंड अर्बन डेवलपमेंट, अखिल भारतीय कायस्थ महासभा, एसोसिएट पिगमेंट लिमिटेड, सहाय प्रोपर्टीज एवं इन्वेस्टमेंट के अध्यक्ष रविनंदन सहाय ने बुधवार को पटना के पारस अस्पताल में 11.34 बजे अंतिम सांस ली. रवि नंदन सहाय के निधन पर पूर्व उपमुख्यमंत्री व सांसद सुशील कुमार मोदी ने उनके आवास [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के अध्यक्ष एवं जाने-माने समाजसेवी थे रविनंदन सहाय </p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="249" height="328" src="https://www.patnanow.com/assets/2021/02/pnc-kayastha-late-ravinandan-sahay.jpg" alt="" class="wp-image-50978"/></figure>



<p>मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के अध्यक्ष एवं जाने-माने समाजसेवी रविनंदन सहाय के निधन पर गहरी शोक-संवेदना व्यक्त की है. अपने शोक-संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि स्व रविनंदन सहाय प्रसिद्ध समाजसेवी एवं कुशल संगठनकर्ता थे. वे देश एवं विदेश की कई संस्थाओं से भी सक्रिय तौर पर जुड़े रहे थे. अखिल भारतीय कायस्थ महासभा को संगठित करने में भी उनकी भूमिका काफी महत्वपूर्ण रही. उनके निधन से सामाजिक, शैक्षणिक एवं सांगठनिक क्षेत्र में अपूरणीय क्षति हुयी है. मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की चिर शान्ति तथा उनके परिजनों को दुःख की इस घड़ी में धैर्य धारण करने की शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की है.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="485" src="https://www.patnanow.com/assets/2021/02/pnc-sushil-modi-pays-tribute-to-ravinandan-sahay.jpg" alt="" class="wp-image-50987" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2021/02/pnc-sushil-modi-pays-tribute-to-ravinandan-sahay.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2021/02/pnc-sushil-modi-pays-tribute-to-ravinandan-sahay-350x261.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p><br>बिहार के उप मुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद ने भी रवि नंदन सहाय के निधन पर गहरी शोक संवेदना प्रकट की है. उप मुख्यमंत्री ने स्वर्गीय रविनंदन सहाय के आवास पहुंचकर पार्थिव शरीर पर श्रद्धांजलि अर्पित की तथा उनकी आत्मा की चिर शांति एवं दु:ख की इस घड़ी में उनके समस्त परिजनों को संबल प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की है. </p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="450" height="600" src="https://www.patnanow.com/assets/2021/02/pnc-ravinandan-sahay.jpg" alt="" class="wp-image-50977" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2021/02/pnc-ravinandan-sahay.jpg 450w, https://www.patnanow.com/assets/2021/02/pnc-ravinandan-sahay-263x350.jpg 263w" sizes="auto, (max-width: 450px) 100vw, 450px" /></figure>



<p>बता दें कि बाघी स्टेट के वारिस, तिरहुत शारीरिक शिक्षण महाविद्यालय, श्याम नंदन सहाय महाविद्यालय, के एन सहाय इंस्टीट्यूट ऑफ इनवायरमेंट एंड अर्बन डेवलपमेंट, अखिल भारतीय कायस्थ महासभा, एसोसिएट पिगमेंट लिमिटेड, सहाय प्रोपर्टीज एवं इन्वेस्टमेंट के अध्यक्ष रविनंदन सहाय ने बुधवार को पटना के पारस अस्पताल में 11.34 बजे अंतिम सांस ली.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="485" src="https://www.patnanow.com/assets/2021/02/pnc-ravinandan-sahay-no-more.jpg" alt="" class="wp-image-50988" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2021/02/pnc-ravinandan-sahay-no-more.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2021/02/pnc-ravinandan-sahay-no-more-350x261.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<hr class="wp-block-separator"/>



<p>रवि नंदन सहाय के निधन पर पूर्व उपमुख्यमंत्री व सांसद सुशील कुमार मोदी ने उनके आवास पर जाकर अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए गहरा शोक व्यक्त किया है. मोदी ने कहा है कि वे एक जाने-माने समाजसेवी थे. कायस्थ समाज को संगठित करने में उनकी भूमिका काफी महत्वपूर्ण रही. रवि नंदन सहाय के दादा श्याम नंदन सहाय संविधान सभा और राज्यसभा के सदस्य थे. पिता कृष्ण नंदन सहाय कई बार पटना के मेयर बने.</p>



<p>अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के राष्ट्रीय महामंत्री सुजीत कुमार वर्मा ने बताया कि रविनंदन सहाय आंत्रेपेनियोर के साथ-साथ समाजसेवी भी रहे. वे दी हंगर प्रोजेक्ट न्यूयॉर्क के बिहार परिषद के पूर्व अध्यक्ष, अंतरराष्ट्रीय सहयोग परिषद बिहार के महासचिव, इंडिया-चाइना सोसायटी बिहार के उपाध्यक्ष, एग्रीकल्चर सेल बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स के पूर्व अध्यक्ष,ओइसका इंडिया (जापान) बिहार के कोषाध्यक्ष, मानवाधिकार संघ बिहार के सदस्य, बिहार उधोग संघ के पूर्व कार्यपालक सदस्य,भारत पूनर्वास केन्द्र दिल्ली के सदस्य, बांकीपुर एवं पटना गोल्फ क्लब के सदस्य के रूप में सुशोभित किया. अशोक नगर चित्रगुप्त परिषद के अमिताभ सिन्हा ने बताया कि अंतिम संस्कार सोनपुर के पहलेजा घाट पर होगा. 25 फरवरी को सुबह 7:30 बजे शव वाहन से गांधी सेतु होते हुए बागी मुजफ्फरपुर जाएगी वहां से श्यामनंदन सहाय कॉलेज, तिरहुत शारीरिक शिक्षण केन्द्र से छाता चौक सहाय सदन मुजफ्फरपुर जाएगी. फिर वहां से पहलेजा घाट सोनपुर लगभग 1 से 2 बजे तक पहुंचेगी.</p>



<p><br><strong><em>pncb</em></strong></p>
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		<title>कैबिनेट विस्तार में मिलेगा कायस्थों को मौका!</title>
		<link>https://www.patnanow.com/kayastha-ka-pratinidhi-dene-ki-mang/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[amitverma]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 30 Jul 2017 19:06:35 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[Politics]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[bihar government]]></category>
		<category><![CDATA[kayastha]]></category>
		<category><![CDATA[NITISH]]></category>
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					<description><![CDATA[बिहार मंत्रिमंडल में अभी भी 7 मंत्रियों के लिए जगह खाली है. जानकारी के मुताबिक बहुत जल्द ही ये सात मंत्री पद भी भर लिए जाएंगे. इसमें 5 जदयू से जबकि 2 NDA से भरे जाएंगे. बता दें कि फिलहाल सीएम और डिप्टी सीएम को मिलाकर कुल 29 मंत्री हैं बिहार सरकार में. इसमें 15 जदयू से और 14 NDA से हैं. शपथग्रहण के बाद बीजेपी और जदयू में कई स्तर पर असंतोष देखने को भी मिला है. खासकर बीजेपी में कायस्थों को प्रतिनिधित्व नहीं मिलने से काफी बेचैनी है. &#160; बीजेपी में जहां राज्यसभा सांसद आर के सिन्हा ने खुलकर ये सवाल उठाया है और इस बारे में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को पत्र भी लिखा है. वहीं इसे लेकर आर के सिन्हा जल्द ही अमित शाह से मिलने वाले भी हैं. बता दें कि बीजेपी में कायस्थ नेता अरुण सिन्हा लगातार चार बार कुम्हरार विधानसभा से विधायक चुने गए हैं. कुम्हरार में कायस्थों का बड़ा वोट बैंक है. वही बांकीपुर विधानसभा से नितिन नवीन भी कायस्थ समाज से हैं और लगातार 4 बार विधायक चुने गए हैं. इसके अलावा जदयू प्रवक्ता राजीव रंजन भी कायस्थों का प्रतिनिधित्व करते हैं. इसके अलावा जदयू MLC रणवीर नंदन भी इसी समाज से हैं. लेकिन जदयू और बीजेपी दोेनों ने इस बड़े वोट बैंक को सत्ता में भागेदारी से दूर रखा है जिसे लेकर इस बार खासा विरोध देखने को मिल रहा है. इसके अलावा 29 सदस्यों के मंत्रिमंडल में महज एक महिला मंत्री को लेकर भी सवाल उठ रहे [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>बिहार मंत्रिमंडल में अभी भी 7 मंत्रियों के लिए जगह खाली है. जानकारी के मुताबिक बहुत जल्द ही ये सात मंत्री पद भी भर लिए जाएंगे. इसमें 5 जदयू से जबकि 2 NDA से भरे जाएंगे.</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="size-full wp-image-21060 alignleft" src="http://www.patnanow.com/assets/2017/07/PNC-NITISH-MODI-1.jpg" alt="" width="448" height="297" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2017/07/PNC-NITISH-MODI-1.jpg 448w, https://www.patnanow.com/assets/2017/07/PNC-NITISH-MODI-1-225x150.jpg 225w, https://www.patnanow.com/assets/2017/07/PNC-NITISH-MODI-1-350x232.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 448px) 100vw, 448px" /></p>
<p>बता दें कि फिलहाल सीएम और डिप्टी सीएम को मिलाकर कुल 29 मंत्री हैं बिहार सरकार में. इसमें 15 जदयू से और 14 NDA से हैं. शपथग्रहण के बाद बीजेपी और जदयू में कई स्तर पर असंतोष देखने को भी मिला है. खासकर बीजेपी में कायस्थों को प्रतिनिधित्व नहीं मिलने से काफी बेचैनी है.</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>बीजेपी में जहां राज्यसभा सांसद आर के सिन्हा ने खुलकर ये सवाल उठाया है और इस बारे में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को पत्र भी लिखा है. वहीं इसे लेकर आर के सिन्हा जल्द ही अमित शाह से मिलने वाले भी हैं.</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-large wp-image-21075" src="http://www.patnanow.com/assets/2017/07/pnc-rk-sinha-bjp-mp-650x378.jpg" alt="" width="650" height="378" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2017/07/pnc-rk-sinha-bjp-mp.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2017/07/pnc-rk-sinha-bjp-mp-350x204.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></p>
<p>बता दें कि बीजेपी में कायस्थ नेता अरुण सिन्हा लगातार चार बार कुम्हरार विधानसभा से विधायक चुने गए हैं. कुम्हरार में कायस्थों का बड़ा वोट बैंक है. वही बांकीपुर विधानसभा से नितिन नवीन भी कायस्थ समाज से हैं और लगातार 4 बार विधायक चुने गए हैं.</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone  wp-image-21076" src="http://www.patnanow.com/assets/2017/07/pnc-nitin-naveen-bjp-mla-bankipur.jpg" alt="" width="171" height="252" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2017/07/pnc-nitin-naveen-bjp-mla-bankipur.jpg 306w, https://www.patnanow.com/assets/2017/07/pnc-nitin-naveen-bjp-mla-bankipur-237x350.jpg 237w" sizes="auto, (max-width: 171px) 100vw, 171px" /><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone  wp-image-10030" src="http://www.patnanow.com/assets/2016/12/pnc-ARUN-SINHA-BJP-MLA-604x650.jpg" alt="" width="233" height="250" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2016/12/pnc-ARUN-SINHA-BJP-MLA.jpg 604w, https://www.patnanow.com/assets/2016/12/pnc-ARUN-SINHA-BJP-MLA-325x350.jpg 325w" sizes="auto, (max-width: 233px) 100vw, 233px" /></p>
<p>इसके अलावा जदयू प्रवक्ता राजीव रंजन भी कायस्थों का प्रतिनिधित्व करते हैं. इसके अलावा जदयू MLC रणवीर नंदन भी इसी समाज से हैं. लेकिन जदयू और बीजेपी दोेनों ने इस बड़े वोट बैंक को सत्ता में भागेदारी से दूर रखा है जिसे लेकर इस बार खासा विरोध देखने को मिल रहा है.</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-21077" src="http://www.patnanow.com/assets/2017/07/pnc-rajeev-ranjan-jdu.jpg" alt="" width="591" height="400" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2017/07/pnc-rajeev-ranjan-jdu.jpg 591w, https://www.patnanow.com/assets/2017/07/pnc-rajeev-ranjan-jdu-350x237.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 591px) 100vw, 591px" /></p>
<p>इसके अलावा 29 सदस्यों के मंत्रिमंडल में महज एक महिला मंत्री को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं. मंजू वर्मा जदयू कोटे से मंत्री बनी हैं. जबकि बीजेपी ने किसी भी महिला को मंत्रिमंडल में जगह नहीं दी है.</p>
<p>ऐसे में माना जा रहा है कि दोनों दल अगले कैबिनेट विस्तार में इन कमियों को दूर करेंगे ताकि बिना किसी विवाद के सरकार चलती रहे.</p>
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