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		<title>कश्मीर की नींव भी बिहार के सम्राट ने रखी थी !</title>
		<link>https://www.patnanow.com/bold-words-by-kshama-kaul-from-the-stage-of-rajgir/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 16 Mar 2026 05:19:03 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[राजगीर के मंच से क्षमा कौल का इतिहास और वर्तमान पर बेबाक बयान संवाद और लोकतंत्र पर बोलते हुए मंच से छलका कश्मीरी लेखिका का दर्द कश्मीर से विस्थापन का दर्द भी साझा किया, बोलीं &#8211; मातृभूमि छिन जाए तो संवाद खोखला लगता है राजगीर, 16 मार्च (ओ पी पांडेय)। राजगीर में आयोजित नालंदा अंतरराष्ट्रीय साहित्य महोत्सव के एक सत्र में कश्मीरी लेखिका क्षमा कौल ने कश्मीर के इतिहास, लोकतंत्र और विस्थापन के दर्द पर बेहद बेबाक तरीके से अपनी बात रखी। “संवाद और लोकतंत्र” विषय पर चर्चा के दौरान उन्होंने एक ऐतिहासिक तथ्य की ओर ध्यान दिलाते हुए कहा कि कश्मीर के श्रीनगर शहर की स्थापना सम्राट अशोक ने की थी, जिनकी राजधानी पाटलिपुत्र यानी आज का पटना था। उन्होंने कहा कि कश्मीर और बिहार का रिश्ता हजारों वर्ष पुराना है। सम्राट अशोक ने अपने पुत्र जालोक को कश्मीर का शासन सौंपा था, जिसने वहां शैव और बौद्ध दोनों परंपराओं को समान सम्मान दिया। उनके अनुसार यह इतिहास में धार्मिक सहिष्णुता और लोकतांत्रिक भावना का एक अद्भुत उदाहरण था, जिसे आज की पीढ़ी लगभग भूल चुकी है। लेखिका ने आदि शंकराचार्य, अभिनवगुप्त और जयंत भट्ट जैसे विद्वानों का उल्लेख करते हुए कश्मीर की गौरवशाली बौद्धिक परंपरा को भी याद किया। उन्होंने कहा कि कभी ज्ञान और दर्शन की भूमि रहा कश्मीर आज विस्थापन और पीड़ा की कहानी बन गया है। लोकतंत्र और संवाद की वर्तमान स्थिति पर बोलते हुए क्षमा कौल का दर्द साफ झलक रहा था। उन्होंने कहा कि जब किसी व्यक्ति से उसकी मातृभूमि और पहचान छिन [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>राजगीर के मंच से क्षमा कौल का इतिहास और वर्तमान पर बेबाक बयान</strong></p>



<p><strong>संवाद और लोकतंत्र पर बोलते हुए मंच से छलका कश्मीरी लेखिका का दर्द</strong></p>



<p><strong>कश्मीर से विस्थापन का दर्द भी साझा किया, बोलीं &#8211; मातृभूमि छिन जाए तो संवाद खोखला लगता है</strong></p>



<p>राजगीर, 16 मार्च <strong>(ओ पी पांडेय</strong>)। राजगीर में आयोजित नालंदा अंतरराष्ट्रीय साहित्य महोत्सव के एक सत्र में कश्मीरी लेखिका क्षमा कौल ने कश्मीर के इतिहास, लोकतंत्र और विस्थापन के दर्द पर बेहद बेबाक तरीके से अपनी बात रखी। “संवाद और लोकतंत्र” विषय पर चर्चा के दौरान उन्होंने एक ऐतिहासिक तथ्य की ओर ध्यान दिलाते हुए कहा कि कश्मीर के श्रीनगर शहर की स्थापना सम्राट अशोक ने की थी, जिनकी राजधानी पाटलिपुत्र यानी आज का पटना था।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="1020" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001110586-scaled.png" alt="" class="wp-image-95733" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001110586-scaled.png 1020w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001110586-647x650.png 647w" sizes="(max-width: 1020px) 100vw, 1020px" /></figure>



<p>उन्होंने कहा कि कश्मीर और बिहार का रिश्ता हजारों वर्ष पुराना है। सम्राट अशोक ने अपने पुत्र जालोक को कश्मीर का शासन सौंपा था, जिसने वहां शैव और बौद्ध दोनों परंपराओं को समान सम्मान दिया। उनके अनुसार यह इतिहास में धार्मिक सहिष्णुता और लोकतांत्रिक भावना का एक अद्भुत उदाहरण था, जिसे आज की पीढ़ी लगभग भूल चुकी है।</p>



<p>लेखिका ने आदि शंकराचार्य, अभिनवगुप्त और जयंत भट्ट जैसे विद्वानों का उल्लेख करते हुए कश्मीर की गौरवशाली बौद्धिक परंपरा को भी याद किया। उन्होंने कहा कि कभी ज्ञान और दर्शन की भूमि रहा कश्मीर आज विस्थापन और पीड़ा की कहानी बन गया है।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="768" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001110527-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-95734" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001110527-scaled.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001110527-488x650.jpg 488w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001110527-1152x1536.jpg 1152w" sizes="(max-width: 768px) 100vw, 768px" /></figure>



<p><br>लोकतंत्र और संवाद की वर्तमान स्थिति पर बोलते हुए क्षमा कौल का दर्द साफ झलक रहा था। उन्होंने कहा कि जब किसी व्यक्ति से उसकी मातृभूमि और पहचान छिन जाती है तो केवल कागजी संवाद से न्याय नहीं मिलता। कश्मीर में हुए नरसंहार और विस्थापन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि आज कई कश्मीरी अपने ही देश में शरणार्थी की तरह जीवन जीने को मजबूर हैं और उनके दर्द पर राष्ट्रीय स्तर पर गंभीर बहस तक नहीं हुई।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="768" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001110526-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-95735" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001110526-scaled.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001110526-488x650.jpg 488w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001110526-1152x1536.jpg 1152w" sizes="(max-width: 768px) 100vw, 768px" /></figure>



<p>इस दौरान उन्होंने बिहार की धरती को नमन करते हुए कहा कि यह भूमि ज्ञान, चिंतन और विमर्श की अनमोल धरोहर रही है। उनके अनुसार बिहारियों में बौद्धिक क्षमता और श्रम दोनों का अद्भुत संगम है।</p>



<p><br>इतिहास के संदर्भ में बताया गया कि सम्राट अशोक (268–232 ईसा पूर्व) के समय मगध साम्राज्य का केंद्र आज का बिहार था। उनकी राजधानी पाटलिपुत्र से संचालित यह विशाल साम्राज्य उत्तर में हिमालय की तराई, पूर्व में बंगाल क्षेत्र, पश्चिम में सोन नदी और दक्षिण में विंध्य पर्वतमाला तक फैला हुआ था। मौर्य काल में चंद्रगुप्त मौर्य और अशोक के शासन में मगध का विस्तार उत्तर-पश्चिम में हिंदुकुश पर्वतों तक था, जिसमें आज के अफगानिस्तान के काबुल, कंधार और हेरात जैसे क्षेत्र भी शामिल थे।</p>



<p>इतिहासकारों के अनुसार कभी इतना विशाल और प्रभावशाली रहा मगध साम्राज्य आज कई प्रशासनिक हिस्सों में बंट चुका है। समय के साथ बिहार के भूभाग से अलग होकर कई नए राज्य और क्षेत्र बने।</p>



<p><br>मंच से यह भी संदेश दिया गया कि इतिहास के वैभव को केवल खंडहरों में बदलने देना किसी भी समाज के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है। आज भी प्राचीन विश्वविद्यालयों और सभ्यताओं के अवशेष मानो अपने गौरव की कहानी सुना रहे हैं, लेकिन उनके पुनरुद्धार और संरक्षण के बजाय अक्सर उन्हें केवल राजनीतिक बहस का विषय बना दिया जाता है।</p>



<p>वक्ताओं ने कहा कि जब तक साहित्य और चिंतन की परंपरा मजबूत नहीं होगी, तब तक इतिहास के गौरव को पुनर्जीवित करना कठिन है। साहित्य में समाज की सोच को बदलने और नई दिशा देने की ताकत होती है, इसलिए इतिहास और संस्कृति को पुनर्स्मरण कराने में साहित्य की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।</p>
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		<title>कश्मीर में बंधक बनाए गए बिहार 11 बच्चे, टीम जाएगी छुड़ाने</title>
		<link>https://www.patnanow.com/bihar-11-children-held-hostage-in-kashmir-team-will-go-to-rescue/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 20 Oct 2022 07:26:57 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
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					<description><![CDATA[छुड़ाने के लिए बिहार सरकार भेजेगी टीम, परिजनों से मांगे गए थे रुपये नाबालिग बच्चों को छोड़ने के लिए परिजनों से 1,20,000 रुपये की मांग वापस लाने के लिए पुलिस टीम गठित सकुशल होगी बच्चों की घर वापसी कैसे भेजे गए बच्चे सरकार करेगी जांच मंत्री सुरेंद्र राम ने कहा कि बाल श्रम अपराध है. इसकी अवहेलना करने वाले दंड के भागी हैं. ऐसा करने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि हमारी प्राथमिकता शेखपुरा जिले के अरियरी प्रखंड स्थित पानापुर ग्राम के गरीब परिवार के बच्चों को सकुशल घर वापसी कराया जाएगा.शेखपुरा के अरियारी प्रखंड स्थित पानापुर ग्राम के 11 नाबालिग बच्चों को कश्मीर में बंधक बनाया गया है. बिहार सरकार के श्रम संसाधन विभाग के मंत्री सुरेंद्र राम ने बच्चों को मुक्त कराने के लिए आदेश दिया है. सुरेंद्र राम ने कहा कि किसी भी नाबालिग से जबरन काम कराना गैर कानूनी और अनुचित है. शेखपुरा जिले के सभी 11 बच्चों को काम दिलाने के नाम पर दिल्ली के रास्ते कश्मीर ले जाया गया. यहां उन्हें बंधक बनाकर अब 9682589578 से फोन कर नाबालिग बच्चों को छोड़ने के लिए परिजनों से 1,20,000 रुपये की मांग की गई. मंत्री को इसकी जानकारी मिली. इसके बाद उन्होंने विभागीय स्तर पर त्वरित कार्रवाई करने का आदेश दिया. बुधवार को श्रम संसाधन विभाग की ओर से इस बारे में रिलीज जारी कर जानकारी दी गई है. मंत्री सुरेंद्र राम ने बताया कि सूचना मिलने के बाद उन्होंने शेखपुरा जिले के श्रम अधीक्षक, जिला अधिकारी, पुलिस अधीक्षक और विभाग के अन्य [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p></p>



<p></p>



<p><strong>छुड़ाने के लिए बिहार सरकार भेजेगी टीम, परिजनों से मांगे गए थे रुपये</strong></p>



<p><strong>नाबालिग बच्चों को छोड़ने के लिए परिजनों से 1,20,000 रुपये की मांग</strong></p>



<p><strong>वापस लाने के लिए पुलिस टीम गठित</strong></p>



<p><strong>सकुशल होगी बच्चों की घर वापसी</strong></p>



<p><strong>कैसे भेजे गए बच्चे सरकार करेगी जांच </strong></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="386" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/10/kashmir-child.jpg" alt="" class="wp-image-67825" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/10/kashmir-child.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/10/kashmir-child-350x208.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>मंत्री सुरेंद्र राम ने कहा कि बाल श्रम अपराध है. इसकी अवहेलना करने वाले दंड के भागी हैं. ऐसा करने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि हमारी प्राथमिकता शेखपुरा जिले के अरियरी प्रखंड स्थित पानापुर ग्राम के गरीब परिवार के बच्चों को सकुशल घर वापसी कराया जाएगा.शेखपुरा के अरियारी प्रखंड स्थित पानापुर ग्राम के 11 नाबालिग बच्चों को कश्मीर में बंधक बनाया गया है. बिहार सरकार के श्रम संसाधन विभाग के मंत्री सुरेंद्र राम ने बच्चों को मुक्त कराने के लिए आदेश दिया है. सुरेंद्र राम ने कहा कि किसी भी नाबालिग से जबरन काम कराना गैर कानूनी और अनुचित है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="540" height="403" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/10/kashmir-child-labour.png" alt="" class="wp-image-67826" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/10/kashmir-child-labour.png 540w, https://www.patnanow.com/assets/2022/10/kashmir-child-labour-350x261.png 350w" sizes="auto, (max-width: 540px) 100vw, 540px" /></figure>



<p>शेखपुरा जिले के सभी 11 बच्चों को काम दिलाने के नाम पर दिल्ली के रास्ते कश्मीर ले जाया गया. यहां उन्हें बंधक बनाकर अब 9682589578 से फोन कर नाबालिग बच्चों को छोड़ने के लिए परिजनों से 1,20,000 रुपये की मांग की गई. मंत्री को इसकी जानकारी मिली. इसके बाद उन्होंने विभागीय स्तर पर त्वरित कार्रवाई करने का आदेश दिया. बुधवार को श्रम संसाधन विभाग की ओर से इस बारे में रिलीज जारी कर जानकारी दी गई है.</p>



<p>मंत्री सुरेंद्र राम ने बताया कि सूचना मिलने के बाद उन्होंने शेखपुरा जिले के श्रम अधीक्षक, जिला अधिकारी, पुलिस अधीक्षक और विभाग के अन्य अधिकारियों को इस मामले में उचित कार्रवाई करते हुए सभी 11 बच्चों को सकुशल रिहाई का निर्देश दिया है. इस संबंध में मंत्री ने संयुक्त श्रमायुक्त, बिहार भवन, नई दिल्ली और संत नगर, जम्मू-कश्मीर, सेक्टर- 26 के संबंधित अधिकारियों से भी संपर्क स्थापित कर नाबालिग बच्चों को मुक्त कराने का आग्रह किया है. इस आलोक में शेखपुरा के जिलाधिकारी ने एक पुलिस टीम का गठन किया है. टीम जम्मू-कश्मीर से सभी 11 नाबालिग बच्चों को मुक्त कराएगी.</p>



<p><strong>PNCDESK</strong></p>
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		<title>&#8216;कश्मीर में लगे राज्यपाल शासन&#8217;</title>
		<link>https://www.patnanow.com/nsui-demand/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[amitverma]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 13 Jul 2017 18:30:53 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Politics]]></category>
		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[kashmir]]></category>
		<category><![CDATA[nsui]]></category>
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					<description><![CDATA[कश्मीर के अनंतनाग में अमरनाथ श्रद्धालुओं पर कायराना पूर्वक रात के अंधेरे में आतंकवादियों द्वारा हमले के खिलाफ भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन एनएसयूआई भोजपुर जिला इकाई के द्वारा कश्मीर के बिगड़ते हालात को देखते हुए जम्मू कश्मीर में राज्यपाल शासन की मांग करते हुए आरा के शहीद भवन गोलम्बर पर केंद्र की मोदी सरकार का पुतला फूंका गया तथा जमकर बीच सड़क पर ही केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया गया. पहले एनएसयूआई कार्यकर्ताओं द्वारा शहीद भवन स्थित पार्टी कार्यालय में शहीद हुए श्रद्धालुओं को भावभीनी श्रद्धांजलि देते हुए प्रार्थना सभा की गई तथा मृत आत्मा की शांति के लिए 2 मिनट का मौन रखा गया. उसके पश्चात सभी एनएसयूआई कार्यकर्ता आक्रोश मार्च निकालकर भारत माता की जय के नारे लगाते हुए शहीद भवन गोलम्बर पहुंचकर भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का पुतला दहन किया. पुतला दहन के पूर्व सभा को संबोधित करते हुए एनएसयूआई के भोजपुर जिला अध्यक्ष मनीष सिंह दुलदुल ने कहा कि दिल्ली में बैठी केंद्र सरकार आतंकवाद तथा कश्मीर नीति पर पूरी तरह से विफल हो चुकी है. नरेंद्र मोदी की सरकार केवल जुमलों की सरकार तथा आतंकवादी हमले के बाद केवल निंदा करने वाली सरकार बनकर रह गई है. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार जम्मू कश्मीर में राज्यपाल शासन लागू करें तथा सभी भारतवासियों को आस्वस्थ करें कि इस तरह की घटना की पुनरावृति भविष्य में नहीं होगी. हम ऐसी सरकार नहीं चाहते जो भारतीयों की रक्षा नहीं कर सकती. सभा को संबोधित करते हुए एनएसयूआई नेता अभिषेक द्विवेदी ने कहा कि भारतीय [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>कश्मीर के अनंतनाग में अमरनाथ श्रद्धालुओं पर कायराना पूर्वक रात के अंधेरे में आतंकवादियों द्वारा हमले के खिलाफ भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन एनएसयूआई भोजपुर जिला इकाई के द्वारा कश्मीर के बिगड़ते हालात को देखते हुए जम्मू कश्मीर में राज्यपाल शासन की मांग करते हुए आरा के शहीद भवन गोलम्बर पर केंद्र की मोदी सरकार का पुतला फूंका गया तथा जमकर बीच सड़क पर ही केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया गया.</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-large wp-image-20375" src="http://www.patnanow.com/assets/2017/07/pnc-ara-nsui-hunkar2-650x488.jpg" alt="" width="650" height="488" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2017/07/pnc-ara-nsui-hunkar2.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2017/07/pnc-ara-nsui-hunkar2-350x263.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></p>
<p>पहले एनएसयूआई कार्यकर्ताओं द्वारा शहीद भवन स्थित पार्टी कार्यालय में शहीद हुए श्रद्धालुओं को भावभीनी श्रद्धांजलि देते हुए प्रार्थना सभा की गई तथा मृत आत्मा की शांति के लिए 2 मिनट का मौन रखा गया. उसके पश्चात सभी एनएसयूआई कार्यकर्ता आक्रोश मार्च निकालकर भारत माता की जय के नारे लगाते हुए शहीद भवन गोलम्बर पहुंचकर भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का पुतला दहन किया. पुतला दहन के पूर्व सभा को संबोधित करते हुए एनएसयूआई के भोजपुर जिला अध्यक्ष मनीष सिंह दुलदुल ने कहा कि दिल्ली में बैठी केंद्र सरकार आतंकवाद तथा कश्मीर नीति पर पूरी तरह से विफल हो चुकी है. नरेंद्र मोदी की सरकार केवल जुमलों की सरकार तथा आतंकवादी हमले के बाद केवल निंदा करने वाली सरकार बनकर रह गई है. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार जम्मू कश्मीर में राज्यपाल शासन लागू करें तथा सभी भारतवासियों को आस्वस्थ करें कि इस तरह की घटना की पुनरावृति भविष्य में नहीं होगी. हम ऐसी सरकार नहीं चाहते जो भारतीयों की रक्षा नहीं कर सकती.</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-large wp-image-20374" src="http://www.patnanow.com/assets/2017/07/pnc-ara-nsui-hunkar-650x488.jpg" alt="" width="650" height="488" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2017/07/pnc-ara-nsui-hunkar.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2017/07/pnc-ara-nsui-hunkar-350x263.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></p>
<p>सभा को संबोधित करते हुए एनएसयूआई नेता अभिषेक द्विवेदी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार कश्मीर तथा आतंकवाद के<br />
मामले पर देश को गुमराह कर रही है तथा कश्मीर मुद्दे पर सरकार की दोहरी नीति अब जनता के सामने आ रही है. जम्मू कश्मीर में पीडीपी तथा भाजपा की साझा सरकार है.एक तरफ पीडीपी गठबंधन आतंकवादी बुरहान बानी के इनकाउंटर के पश्चात एक साल बीत जाने के बाद भी आज तक सार्वजनिक मंच से आतंकवादी नही मानती दूसरी तरफ भाजपा पार्टी भारतीयों से कहती है कि हमने आतंकवादी बुरहान वानी का इनकाउंटर किया. जम्मू कश्मीर में शांति बहाली के लिए इसी बुरहान वानी के परिजन को मुआवजा के रूप में 4 लाख रुपये दे दिए गए, लेकिन फिर भी कश्मीर अशांत हैं और पत्थरबाजी की घटना रोज कश्मीर के किसी ना किसी जिले में हो रही है. आतंकवादी रोज कभी सेना कभी पुलिस तो कभी आम नागरिक को अपना शिकार बना रहे हैं। जब कश्मीर सरकार से नही संभाल रही तो भाजपा पार्टी को सत्ता का लालच क्यों है? क्यों नही ये सरकार पीडीपी से समर्थन वापस लेकर वहां राज्यपाल साशन नही लगा रही? हमारी संगठन देश के प्रधानमंत्री से यह मांग करती है कि कश्मीर में राज्यपाल साशन लगे? कब तक सरकार सर्जिकल स्ट्राइक और नोटबंदी का जश्न मनाएगी। सरकार सेना को खुली छूट देकर आतंकवादियों का सर्वनाश करें, आतंकवादी हमले के बाद निन्दा करना बंद करें.</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>आरा से ओपी पांडे</p>
<p>&nbsp;</p>
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