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	<title>KARTIK PURNIMA &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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	<title>KARTIK PURNIMA &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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		<title>कार्तिक पूर्णिमा पर लाखों भक्तों ने लगाईं गंगा में डूबकी</title>
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		<dc:creator><![CDATA[pnc]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 27 Nov 2023 06:11:12 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[KARTIK PURNIMA]]></category>
		<category><![CDATA[PATNA]]></category>
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					<description><![CDATA[जानें महत्व और पौराणिक मान्यताएं कार्तिक पूर्णिमा की तिथि को ही भगवान विष्णु ने मत्स्य अवतार लिया था कार्तिक महीने की अमावस्या पर जहां पूरा देश दीपक जलाकर दीपावली मनाता है. वहीं, दीपावली के 15 दिन बाद कार्तिक महीने की पूर्णिमा को देवता दीपवली मनाते हैं. कार्तिक पूर्णिमा के इस पर्व को देव दिवाली के नाम से जाना जाता है. ये एक ऐसा दिन होता है, जिसमें देवी-देवताओं को आसानी से प्रसन्न किया जा सकता है. दैवीय कृपा के कार्तिक मास की पूर्णिमा ऊर्जा से परिपूर्ण होती है. हिंदू पंचांग के अनुसार, कार्तिक पूर्णिमा 26 नवंबर को दोपहर 3 बजकर 53 मिनट से लेकर 27 नवंबर यानी अगले दिन दोपहर 2 बजकर 46 मिनट तक रहेगी. इसलिए देव दिवाली का पर्व सोमवार, 27 नवंबर यानी आज मनाया जाएगा. देव दिवाली की पूजा का शुभ मुहूर्त 27 नवंबर को शाम 05:08 बजे से शाम 07:47 बजे तक है. कार्तिक पूर्णिमा के दिन पवित्र नदी के जल से स्नान करके दीपदान करना चाहिए. ये दीपदान नदी के किनारे किया जाता है. इस दीपदान का दीपावली से कोई संबंध नहीं है. वाराणसी में इस दिन गंगा किनारे बड़े स्तर पर दीपदान किया जाता है. ये वाराणसी में लोकाचार की परंपरा है. इस दीपदान को वाराणसी में देव दीपावली कहते हैं. हिंदू धर्म में पूरे कार्तिक मास में तीन दिवाली मनाई जाती हैं. कार्तिक मास की कृष्ण चतुर्दशी को छोटी दिवाली, अमावस्या को दिवाली और कार्तिक पूर्णिमा को देव दीपावली मनाने का विधान है. देव दीपावली पर हर जलाशय पर दीप जलाने की मान्यता [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><br></p>



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<p><strong>जानें महत्व और पौराणिक मान्यताएं</strong></p>



<p><strong>कार्तिक पूर्णिमा की तिथि को ही भगवान विष्णु ने मत्स्य अवतार लिया था</strong></p>



<p><br>कार्तिक महीने की अमावस्या पर जहां पूरा देश दीपक जलाकर दीपावली मनाता है. वहीं, दीपावली के 15 दिन बाद कार्तिक महीने की पूर्णिमा को देवता दीपवली मनाते हैं. कार्तिक पूर्णिमा के इस पर्व को देव दिवाली के नाम से जाना जाता है. ये एक ऐसा दिन होता है, जिसमें देवी-देवताओं को आसानी से प्रसन्न किया जा सकता है. दैवीय कृपा के कार्तिक मास की पूर्णिमा ऊर्जा से परिपूर्ण होती है. हिंदू पंचांग के अनुसार, कार्तिक पूर्णिमा 26 नवंबर को दोपहर 3 बजकर 53 मिनट से लेकर 27 नवंबर यानी अगले दिन दोपहर 2 बजकर 46 मिनट तक रहेगी. इसलिए देव दिवाली का पर्व सोमवार, 27 नवंबर यानी आज मनाया जाएगा. देव दिवाली की पूजा का शुभ मुहूर्त 27 नवंबर को शाम 05:08 बजे से शाम 07:47 बजे तक है.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="650" height="366" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/11/dbfef1e5-bfca-4286-bbe1-d1f7fb914972-650x366.jpg" alt="" class="wp-image-80485" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/11/dbfef1e5-bfca-4286-bbe1-d1f7fb914972-650x366.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/11/dbfef1e5-bfca-4286-bbe1-d1f7fb914972-350x197.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2023/11/dbfef1e5-bfca-4286-bbe1-d1f7fb914972-768x432.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2023/11/dbfef1e5-bfca-4286-bbe1-d1f7fb914972.jpg 1280w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p><br>कार्तिक पूर्णिमा के दिन पवित्र नदी के जल से स्नान करके दीपदान करना चाहिए. ये दीपदान नदी के किनारे किया जाता है. इस दीपदान का दीपावली से कोई संबंध नहीं है. वाराणसी में इस दिन गंगा किनारे बड़े स्तर पर दीपदान किया जाता है. ये वाराणसी में लोकाचार की परंपरा है. इस दीपदान को वाराणसी में देव दीपावली कहते हैं.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img decoding="async" width="650" height="366" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/11/8ba97057-b948-4108-89f5-b7e8cc89ba61-650x366.jpg" alt="" class="wp-image-80486" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/11/8ba97057-b948-4108-89f5-b7e8cc89ba61-650x366.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/11/8ba97057-b948-4108-89f5-b7e8cc89ba61-350x197.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2023/11/8ba97057-b948-4108-89f5-b7e8cc89ba61-768x432.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2023/11/8ba97057-b948-4108-89f5-b7e8cc89ba61.jpg 1280w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>हिंदू धर्म में पूरे कार्तिक मास में तीन दिवाली मनाई जाती हैं. कार्तिक मास की कृष्ण चतुर्दशी को छोटी दिवाली, अमावस्या को दिवाली और कार्तिक पूर्णिमा को देव दीपावली मनाने का विधान है. देव दीपावली पर हर जलाशय पर दीप जलाने की मान्यता है. लेकिन इस तिथि पर काशी में गंगा घाटों का नजारा देखते ही बनता है. देवभूमि काशी तो इस भव्य दीपदान की साक्षी सदियों से बनती आई है. इस दिन काशी की गंगा दीपों से जगमगा उठती है. काशी के घाटों की भव्यता मन मोह लेती है.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img decoding="async" width="650" height="366" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/11/56c024a1-5846-46fc-867d-db32208dd038-650x366.jpg" alt="" class="wp-image-80487" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/11/56c024a1-5846-46fc-867d-db32208dd038-650x366.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/11/56c024a1-5846-46fc-867d-db32208dd038-350x197.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2023/11/56c024a1-5846-46fc-867d-db32208dd038-768x432.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2023/11/56c024a1-5846-46fc-867d-db32208dd038-1536x865.jpg 1536w, https://www.patnanow.com/assets/2023/11/56c024a1-5846-46fc-867d-db32208dd038-2048x1153.jpg 2048w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>पौराणिक मान्यता के अनुसार, कार्तिक पूर्णिमा के दिन देवता पृथ्वी पर आते हैं और गंगा घाट पर दीवाली मनाते हैं. ऐसा कहा जाता है कि देव दीपावली के दिन की गई पूजा पाठ से भगवान प्रसन्न होते हैं और अपना आशीर्वाद देते हैं. मान्यता है कि इस दिन देवी-देवता स्वर्ग से गंगा नदी में स्नान के लिए आते हैं. इसलिए वाराणसी के गंगा घाट को दीयों से जगमग कर दिया जाता है.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="366" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/11/97506fbd-017f-462c-80bc-00a2678ed595-650x366.jpg" alt="" class="wp-image-80488" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/11/97506fbd-017f-462c-80bc-00a2678ed595-650x366.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/11/97506fbd-017f-462c-80bc-00a2678ed595-350x197.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2023/11/97506fbd-017f-462c-80bc-00a2678ed595-768x432.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2023/11/97506fbd-017f-462c-80bc-00a2678ed595.jpg 1024w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>कार्तिक पूर्णिमा की तिथि को ही भगवान विष्णु ने मत्स्य अवतार लिया था. भगवान कृष्ण को इसी तिथि को आत्म बोध हुआ. कार्तिक पूर्णिमा के दिन ही माता तुलसी का धरती पर प्राकट्य माना जाता है. इस दिन तुलसी के सामने दीपदान की परंपरा है. इस दिन शालिग्राम के साथ ही तुलसी की पूजा, सेवन और सेवा करने का बहुत ही ज्यादा महत्व है.</p>



<p>देव दीपावली पर दीप दान करके पितरों की कृपा भी पाई जा सकती है. घर के मुख्य द्वार पर दीपक जलाएं. घर के दरवाजे पर आम के पत्तों का तोरण लगाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है. सुख समृद्धि के लिए गोमती चक्र, काली हल्दी, एक सिक्का और कौड़ी लपेट का तिजोरी में रखना शुभ माना जाता है. भगवान कुबेर के आगे दीप जलाएं, धन संबंधी बाधाएं दूर होंगी. मां लक्ष्मी की पूजा में खीर का भोग विशेषकर लगाएं.</p>



<p><strong>PNCDESK</strong></p>
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		<title>कार्तिक पूर्णिमा पर सूर्योदय की बीच लाखों लोगों ने किया स्नान</title>
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		<dc:creator><![CDATA[pnc]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 08 Nov 2022 05:04:40 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[मन में आस्था, चेहरे पर भक्ति भाव और जुबान पर हर हर गंगा का उल्लास गंगा में डुबकी लगाकर मोक्ष की कामना की गंगा घाटों पर देर शाम से ही जुटे रहे श्रद्धालु गंगा किनारे लग गया मेला कार्तिक पूर्णिमा पर पटना में मंगलवार को लाखों लोगों ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाई और भगवान भास्कर को अर्घ्य दिया इस दौरान राजधानी पटना में मेले सा माहौल रहा. इस दौरान लगभग गंगा नदी में करीब दो लाख श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई. बाहर से आने वाले श्रद्धालु तो रात से ही गंगा घाटों पर पूरे परिवार के साथ पहुंच गए थे। जहां कार्तिक पूर्णिमा पर चंद्रग्रहण होने की वजह से कई लोगों ने सोमवार को ही गंगा स्नान कर लिया, मगर अधिकतर श्रद्धालु मंगलवार सुबह डुबकी लगाई. प्रशासन की ओर से पटना में 55 गंगा घाटों पर स्नान करने की व्यवस्था की गई थी. इसके अलावे 183 जगहों पर मजिस्ट्रेट और पुलिस पदाधिकारी की तैनाती की गई. गंगा नदी में गश्ती के लिए दो पालियों में 16 दंडाधिकारी व पुलिस पदाधिकारी को प्रतिनियुक्त किया गया है. एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की 9 टीमें गंगा नदी में पेट्रोलिंग के लिए लगाई गई है . दीघा के मीनार घाट, पाटी पुल घाट, पोस्ट ऑफिस घाट, 92 नंबर घाट, कलेक्ट्रेट घाट, दरभंगा हाउस काली घाट, महेंद्रू घाट, गांधी घाट, गाय घाट, भद्र घाट, महावीर घाट, कृष्णा घाट, पटना कॉलेज घाट, रानी घाट सहित सभी घाटों पर श्रद्धालुओं की काफी भीड़ जुटी है. बच्चे बूढों और महिलाओं में स्नान को लेकर काफी उत्साह [&#8230;]]]></description>
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<p></p>



<p></p>



<p><strong>मन में आस्था, चेहरे पर भक्ति भाव और जुबान पर हर हर गंगा का उल्लास</strong></p>



<p><strong>गंगा में डुबकी लगाकर मोक्ष की कामना की</strong></p>



<p><strong>गंगा घाटों पर देर शाम से ही जुटे रहे श्रद्धालु</strong></p>



<p><strong>गंगा किनारे लग गया मेला</strong></p>



<p>कार्तिक पूर्णिमा पर पटना में मंगलवार को लाखों लोगों ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाई और भगवान भास्कर को अर्घ्य दिया इस दौरान राजधानी पटना में मेले सा माहौल रहा. इस दौरान लगभग गंगा नदी में करीब दो लाख श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई. बाहर से आने वाले श्रद्धालु तो रात से ही गंगा घाटों पर पूरे परिवार के साथ पहुंच गए थे। जहां कार्तिक पूर्णिमा पर चंद्रग्रहण होने की वजह से कई लोगों ने सोमवार को ही गंगा स्नान कर लिया, मगर अधिकतर श्रद्धालु मंगलवार सुबह डुबकी लगाई.</p>



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<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="540" data-id="68489" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/11/KARTIK-PURNIMA.jpg" alt="" class="wp-image-68489" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/11/KARTIK-PURNIMA.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/11/KARTIK-PURNIMA-350x291.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>
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<p>प्रशासन की ओर से पटना में 55 गंगा घाटों पर स्नान करने की व्यवस्था की गई थी. इसके अलावे 183 जगहों पर मजिस्ट्रेट और पुलिस पदाधिकारी की तैनाती की गई. गंगा नदी में गश्ती के लिए दो पालियों में 16 दंडाधिकारी व पुलिस पदाधिकारी को प्रतिनियुक्त किया गया है. एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की 9 टीमें गंगा नदी में पेट्रोलिंग के लिए लगाई गई है . दीघा के मीनार घाट, पाटी पुल घाट, पोस्ट ऑफिस घाट, 92 नंबर घाट, कलेक्ट्रेट घाट, दरभंगा हाउस काली घाट, महेंद्रू घाट, गांधी घाट, गाय घाट, भद्र घाट, महावीर घाट, कृष्णा घाट, पटना कॉलेज घाट, रानी घाट सहित सभी घाटों पर श्रद्धालुओं की काफी भीड़ जुटी है. बच्चे बूढों और महिलाओं में स्नान को लेकर काफी उत्साह देखा गया.</p>



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<p>PNCDESK</p>
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